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GK क्विजभारतीय अर्थव्यवस्था

भारतीय अर्थव्यवस्था मिश्रित क्विज: सेट 47

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

भारतीय अर्थव्यवस्था मिश्रित क्विज़ (सेट 47) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 10 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: मुद्रा बाज़ार और वित्तीय साधन, विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईज़ेड) और निर्यात संवर्धन, खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली और अन्य। इनमें से 2 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय अर्थव्यवस्थाकठिन

भारत में 2010 में आरंभ किए गए नकदी प्रबंध बिलों की परिपक्वता अवधि होती है

  1. A.91 दिन से कम
  2. B.ठीक 91 दिन
  3. C.182 से 364 दिन
  4. D.एक वर्ष से अधिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 91 दिन से कम

व्याख्या

सही उत्तर A, 91 दिन से कम है। नकदी प्रबंध बिल भारत सरकार और रिज़र्व बैंक ने 2010 में सरकार के नकदी प्रवाह की अस्थायी असंगति पूरी करने के लिए आरंभ किए, और वे 91 दिन से कम अवधि के लिए, कभी-कभी केवल कुछ सप्ताह के लिए जारी होते हैं। शेष सभी बातों में वे ट्रेजरी बिल जैसे हैं: नीलामी से बट्टे पर जारी और अंकित मूल्य पर शोधित। B गलत है क्योंकि ठीक 91 दिन की अवधि सबसे छोटे नियमित ट्रेजरी बिल की है, जो पहले से विद्यमान था। C गलत है क्योंकि 182 और 364 दिन ट्रेजरी बिल की अन्य दो अवधियाँ हैं, और नकदी प्रबंध बिल जान-बूझकर इन सबसे छोटा रखा गया है। D गलत है क्योंकि एक वर्ष से अधिक का साधन मुद्रा बाज़ार का नहीं होता और वह दिनांकित सरकारी प्रतिभूति कहलाएगा।

Q2.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

एशिया का पहला निर्यात प्रसंस्करण क्षेत्र 1965 में कहां स्थापित किया गया था?

  1. A.सांताक्रूज, मुंबई
  2. B.कांडला, गुजरात
  3. C.नोएडा, उत्तर प्रदेश
  4. D.फाल्टा, पश्चिम बंगाल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कांडला, गुजरात

व्याख्या

सही उत्तर B, गुजरात का कांडला है। कांडला बंदरगाह के पास 1965 में बना कांडला निर्यात प्रसंस्करण क्षेत्र एशिया का पहला ऐसा क्षेत्र था और बाद में 2005 के अधिनियम के अधीन उसे विशेष आर्थिक क्षेत्र में बदल दिया गया। A गलत है, क्योंकि मुंबई के निकट सांताक्रूज इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात प्रसंस्करण क्षेत्र आठ वर्ष बाद, 1973 में बना और देश का दूसरा क्षेत्र था, जो आरंभ में इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए आरक्षित था। C गलत है, क्योंकि उत्तर प्रदेश का नोएडा क्षेत्र 1980 के दशक में बने क्षेत्रों में से एक था, पहले दोनों से बहुत बाद का। D गलत है, क्योंकि पश्चिम बंगाल का फाल्टा क्षेत्र भी उसी बाद वाले समूह का है और वह कभी पहला नहीं था; परीक्षक यहां सामान्यतः सांताक्रूज को जाल के रूप में रखते हैं।

Q3.भारतीय अर्थव्यवस्थाकठिन

2015 में भारतीय खाद्य निगम के पुनर्गठन की सिफारिश करने वाली उच्च स्तरीय समिति के अध्यक्ष कौन थे?

  1. A.शांता कुमार
  2. B.बिमल जालान
  3. C.एम. एस. स्वामीनाथन
  4. D.रघुराम राजन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. शांता कुमार

व्याख्या

सही उत्तर A, शांता कुमार है। भारतीय खाद्य निगम के पुनर्गठन पर शांता कुमार की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति ने 2015 में रिपोर्ट दी। उसने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का दायरा घटाने, जहां लाभार्थी चाहें वहां अनाज के स्थान पर नकद अंतरण देने, विकेंद्रीकृत योजना के अंतर्गत खरीद राज्यों को सौंपने, और निगम के भंडारण तथा परिवहन में सुधार के सुझाव दिए। B गलत है क्योंकि बिमल जालान रिजर्व बैंक के आर्थिक पूंजी ढांचे और व्यय प्रबंधन से जुड़ी समितियों से संबंधित हैं। C गलत है क्योंकि एम. एस. स्वामीनाथन ने राष्ट्रीय किसान आयोग की अध्यक्षता की, जिसकी उत्पादन लागत से पचास प्रतिशत अधिक समर्थन मूल्य की सिफारिश अलग विषय है और प्रायः इससे मिला दी जाती है। D गलत है क्योंकि रघुराम राजन ने राज्यों के पिछड़ेपन के मापन के सूचकांक पर समिति की अध्यक्षता की।

Q4.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

चालू केंद्रीय संपत्तियों को निजी संचालकों को पट्टे पर देने की सूची वाली राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन किस संगठन ने जारी की?

  1. A.भारतीय रिजर्व बैंक
  2. B.नीति आयोग
  3. C.भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड
  4. D.सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. नीति आयोग

व्याख्या

सही उत्तर B, नीति आयोग है। राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन अगस्त 2021 में दो खंडों में जारी हुई, जिसका दूसरा खंड मंत्रालयवार संपत्तियां सूचीबद्ध करता है, और चार वर्षों में सड़क, विद्युत पारेषण, रेलवे, पाइपलाइन, गोदाम, स्टेडियम तथा हवाई अड्डों से लगभग छह लाख करोड़ रुपये की कुल मुद्रीकरण क्षमता आंकी गई। मुद्रीकरण का अर्थ पूर्ण संपत्ति के संचालन अधिकार को एक अवधि के लिए पट्टे पर देना है; स्वामित्व सरकार के पास रहता है और अंत में संपत्ति लौट आती है। A यानी रिजर्व बैंक मौद्रिक प्राधिकरण है और इसमें उसकी भूमिका नहीं है। C प्रतिभूति बाजार का नियामक है और इनविट सूचीबद्ध होने पर ही जुड़ता है। D उन मंत्रालयों में एक है जिनकी संपत्तियां पाइपलाइन में हैं, इसे बनाने वाला निकाय नहीं। इसलिए राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन को सदैव नीति आयोग के साथ जोड़कर याद रखें।

Q5.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

भारत में आज विदेशी मुद्रा लेनदेन और विदेशी निवेश को कौन अधिनियम नियंत्रित करता है?

  1. A.फेरा, 1973
  2. B.फेमा, 1999
  3. C.कंपनी अधिनियम, 2013
  4. D.सेबी अधिनियम, 1992
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. फेमा, 1999

व्याख्या

सही उत्तर B, विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 है, जो सन 2000 में प्रवृत्त हुआ और विदेशी मुद्रा के सभी लेनदेन, जिनमें भीतर आने और बाहर जाने वाला निवेश सम्मिलित है, नियंत्रित करता है। विकल्प A गलत है क्योंकि 1973 का विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम पहले का कहीं अधिक कठोर कानून था जिसका स्थान फेमा ने लिया; वह विदेशी मुद्रा को दुर्लभ संसाधन मानता था और उल्लंघन को आपराधिक अपराध, जबकि फेमा दीवानी शास्ति से काम लेता है। विकल्प C गलत है क्योंकि कंपनी अधिनियम, 2013 कंपनियों के निगमन और संचालन को देखता है, निवेश के विनिमय पक्ष को नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि सेबी अधिनियम, 1992 ने प्रतिभूति बाजार का नियामक बनाया, जो पोर्टफोलियो निवेशकों को पंजीकृत करता है किंतु विदेशी मुद्रा को शासित नहीं करता।

Q6.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

भारत-संयुक्त अरब अमीरात व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता किस वर्ष प्रभावी हुआ?

  1. A.2019
  2. B.2020
  3. C.2022
  4. D.2024
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2022

व्याख्या

सही उत्तर C, 2022 है। भारत-संयुक्त अरब अमीरात व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते पर 18 फरवरी 2022 को हस्ताक्षर हुए और यह 1 मई 2022 से प्रभावी हो गया, अर्थात मात्र दस सप्ताह का अंतर, जो इसे भारत द्वारा सबसे तेजी से लागू किए गए समझौतों में रखता है। विकल्प A गलत है क्योंकि 2019 वह वर्ष है जब भारत ने बैंकॉक में घोषणा की कि वह क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी में शामिल नहीं होगा, जो पूर्णतः भिन्न घटना है। विकल्प B गलत है क्योंकि 2020 में भारत का कोई प्रमुख व्यापार समझौता प्रभावी नहीं हुआ; तब तक अमीरात के साथ वार्ता औपचारिक रूप से शुरू भी नहीं हुई थी। विकल्प D गलत है क्योंकि 2024 में ईएफटीए देशों के साथ टीईपीए पर 10 मार्च को हस्ताक्षर हुए और वह समझौता 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी हुआ।

Q7.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

भारत में विशेष आर्थिक क्षेत्र अधिनियम किस वर्ष पारित हुआ था?

  1. A.2000
  2. B.2003
  3. C.2005
  4. D.2008
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2005

व्याख्या

सही उत्तर C, 2005 है। विशेष आर्थिक क्षेत्र अधिनियम संसद ने 2005 में पारित किया और वह फरवरी 2006 में विशेष आर्थिक क्षेत्र नियमों के साथ प्रवृत्त हुआ, जिससे व्यापार नीति के एक अध्याय के स्थान पर इन क्षेत्रों को अपना एक कानून मिला। A गलत है, क्योंकि अप्रैल 2000 आयात-निर्यात नीति के भाग के रूप में की गई नीति घोषणा की तिथि है, अधिनियम की नहीं, और यही इस प्रश्न का सबसे सामान्य भ्रम है। B गलत है, क्योंकि 2003 में इन क्षेत्रों के लिए सीमा शुल्क तथा अन्य कानूनों में संशोधन हुए, पर कोई पृथक एसईज़ेड अधिनियम नहीं आया। D गलत है, क्योंकि 2008 अधिनियम तथा नियम दोनों से बाद का है और तब तक नए कानून के अधीन क्षेत्र अधिसूचित होने लगे थे।

Q8.भारतीय अर्थव्यवस्थाकठिन

आठ प्रमुख उद्योगों का सूचकांक कौन तैयार करके जारी करता है?

  1. A.राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय
  2. B.आर्थिक सलाहकार कार्यालय, उद्योग तथा आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग
  3. C.विद्युत मंत्रालय
  4. D.कोयला मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आर्थिक सलाहकार कार्यालय, उद्योग तथा आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग

व्याख्या

सही उत्तर B है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन उद्योग तथा आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग में बैठने वाला आर्थिक सलाहकार कार्यालय आठ प्रमुख उद्योगों का सूचकांक तथा थोक मूल्य सूचकांक भी तैयार करता है, और वह हर माह कोर सेक्टर का आँकड़ा प्रकाशित करता है। विकल्प A, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, व्यापक औद्योगिक उत्पादन सूचकांक तथा उपभोक्ता मूल्य सूचकांक तैयार करता है, और इस प्रश्न में परीक्षक का पूरा उद्देश्य यही देखना है कि अभ्यर्थी दोनों कार्यालयों को अलग रख पाता है या नहीं। विकल्प C और D, विद्युत मंत्रालय तथा कोयला मंत्रालय, वे स्रोत संस्थाएँ हैं जो क्रमशः बिजली और कोयले के उत्पादन आँकड़े देती हैं, किंतु इनमें से कोई आठों श्रेणियों को जोड़कर सूचकांक नहीं बनाता। वह काम केवल एक कार्यालय करता है, और वह आईआईपी बनाने वाला कार्यालय नहीं है।

Q9.भारतीय अर्थव्यवस्थाकठिन

भारत में मुद्रा बाज़ार के विकास के लिए 1988 में स्थापित संस्था थी

  1. A.भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड
  2. B.भारतीय बट्टा एवं वित्त गृह
  3. C.राष्ट्रीय आवास बैंक
  4. D.भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भारतीय बट्टा एवं वित्त गृह

व्याख्या

सही उत्तर B, भारतीय बट्टा एवं वित्त गृह है। इसकी स्थापना 1988 में वाघुल कार्य समूह की सिफारिश पर हुई, जिससे ट्रेजरी बिल और वाणिज्यिक बिल जैसे अल्पकालिक साधनों में लेन-देन कर मुद्रा बाज़ार को गहराई और तरलता मिले; बाद में यह प्राथमिक व्यापारी बन गई। A गलत है क्योंकि भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड की स्थापना 1988 में गैर-सांविधिक निकाय के रूप में हुई, परंतु वह पूंजी बाज़ार के लिए बना और 1992 में सांविधिक हुआ। C गलत है क्योंकि राष्ट्रीय आवास बैंक भी 1988 में बना, परंतु वह आवास वित्त की शीर्ष संस्था है, जो दीर्घकालिक कारोबार है। D गलत है क्योंकि भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक 1990 में लघु उद्योगों के वित्तपोषण और विकास के लिए स्थापित हुआ, मुद्रा बाज़ार के लिए नहीं।

Q10.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: मध्य प्रदेश · Assistant Professor 2022, Commerceमध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा अर्थशास्त्री अर्थशास्त्र की धन संबंधी परिभाषा से जुड़ा नहीं है?

  1. A.एडम स्मिथ
  2. B.जे.बी. से
  3. C.वॉकर
  4. D.पीगू
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. पीगू

व्याख्या

सही उत्तर है D, पीगू। ए.सी. पीगू परिभाषाओं के कल्याण समूह में आते हैं, धन समूह में नहीं। अपनी पुस्तक 'द इकोनॉमिक्स ऑफ वेलफेयर' में उन्होंने अर्थशास्त्र को सामाजिक कल्याण के उस भाग का अध्ययन माना, जिसे मुद्रा से जोड़कर नापा जा सकता है; इस तरह उन्होंने अल्फ्रेड मार्शल की उस धारा को आगे बढ़ाया, जिसने अर्थशास्त्र को साधारण जीवन-व्यापार में लगे मनुष्यों का अध्ययन कहा था। धन संबंधी परिभाषाएँ इससे पहले की हैं। A गलत है क्योंकि एडम स्मिथ ने अपनी पुस्तक 'वेल्थ ऑफ नेशंस' में अर्थशास्त्र को धन का विज्ञान कहा और वे धन संबंधी परिभाषा के जनक माने जाते हैं। B गलत है क्योंकि जे.बी. से ने अर्थशास्त्र को वह विज्ञान बताया जो धन से संबंध रखता है। C गलत है क्योंकि फ्रांसिस वॉकर के अनुसार अर्थशास्त्र ज्ञान की वह शाखा है जो धन से संबंधित है। बाद में लियोनेल रॉबिंस ने दुर्लभता संबंधी परिभाषा दी और अर्थशास्त्र को साध्यों तथा सीमित साधनों के बीच मानव व्यवहार का अध्ययन कहा। परीक्षा टिप: धन – स्मिथ, से, वॉकर; कल्याण – मार्शल, पीगू; दुर्लभता – रॉबिंस।

Q11.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत गर्भवती महिला को दिया जाने वाला मातृत्व लाभ कितना है?

  1. A.तीन हजार रुपये से कम नहीं
  2. B.पांच हजार रुपये से कम नहीं
  3. C.छह हजार रुपये से कम नहीं
  4. D.दस हजार रुपये से कम नहीं
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. छह हजार रुपये से कम नहीं

व्याख्या

सही उत्तर C, छह हजार रुपये से कम नहीं है। गर्भावस्था में तथा प्रसव के छह माह बाद तक स्थानीय आंगनवाड़ी से निःशुल्क भोजन के अतिरिक्त अधिनियम प्रत्येक गर्भवती महिला और धात्री माता को छह हजार रुपये से कम नहीं, इतने मातृत्व लाभ का अधिकार देता है, जो किस्तों में दिया जाता है; जो महिलाएं सरकारी कर्मचारी के रूप में ऐसा लाभ पहले से पा रही हैं, वे इससे बाहर हैं। A, तीन हजार रुपये, गलत है, हालांकि अभ्यर्थी इसे प्रायः याद कर लेते हैं क्योंकि राशि किस्तों में दी जाती है और पहली किस्तें छोटी होती हैं। B, पांच हजार रुपये, गलत है और यह केवल अनुमान लगवाने के लिए रखा गया सही लगने वाला गोल आंकड़ा है। D, दस हजार रुपये, गलत है क्योंकि अधिनियम के किसी प्रावधान में यह राशि नहीं है; अधिनियम में लिखी न्यूनतम राशि छह हजार रुपये है।

Q12.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

अर्थव्यवस्था के किस क्षेत्र को सेवा क्षेत्र भी कहा जाता है?

  1. A.प्राथमिक क्षेत्र
  2. B.द्वितीयक क्षेत्र
  3. C.तृतीयक क्षेत्र
  4. D.सार्वजनिक क्षेत्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. तृतीयक क्षेत्र

व्याख्या

सही उत्तर C, तृतीयक क्षेत्र है। यह कोई वस्तु नहीं बनाता; यह परिवहन, भंडारण, संचार, व्यापार, बैंकिंग, बीमा, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा प्रशासन जैसी सेवाएँ देता है, इसीलिए इसे सामान्यतः सेवा क्षेत्र कहा जाता है।

विकल्प A, प्राथमिक क्षेत्र को कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र भी कहते हैं, और विकल्प B, द्वितीयक क्षेत्र को औद्योगिक क्षेत्र, अर्थात तीनों के दो-दो नाम हैं और प्रश्नपत्र इसी भ्रम का लाभ उठाते हैं। विकल्प D, सार्वजनिक क्षेत्र बिल्कुल दूसरे वर्गीकरण का है, जो स्वामित्व पर आधारित है, गतिविधि की प्रकृति पर नहीं; कोई सार्वजनिक उद्यम तीनों में से किसी भी क्षेत्र में हो सकता है, जैसे सरकारी कोयला खान, इस्पात संयंत्र या बैंक। तीनों वर्गीकरणों को अलग रखना ही इस अध्याय का मुख्य कौशल है, और इसी कारण प्रश्न में दिए शब्दों को ध्यान से पढ़िए कि बात गतिविधि की हो रही है, रोजगार की शर्तों की या स्वामित्व की।

Q13.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

भारत की समेकित एफडीआई नीति कौन जारी करता है?

  1. A.भारतीय रिजर्व बैंक
  2. B.भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड
  3. C.उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग
  4. D.वित्त मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग

व्याख्या

सही उत्तर C, उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग है, जो वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय का विभाग है और 2019 में नाम बदलने तक औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग कहलाता था। विकल्प A गलत है क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक फेमा के अंतर्गत विनिमय पक्ष संभालता है और प्रवाह की रिपोर्टिंग लेता है, किंतु क्षेत्रवार नीति नहीं बनाता। विकल्प B गलत है क्योंकि भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड पोर्टफोलियो निवेशकों तथा प्रतिभूति बाजार का नियमन करता है। विकल्प D गलत है क्योंकि वित्त मंत्रालय कराधान, बजट और वित्तीय क्षेत्र के कानून देखता है, जबकि प्रत्यक्ष निवेश की क्षेत्रवार सीमाएँ और मार्ग वाणिज्य मंत्रालय के इस विभाग से आते हैं। यह परिपत्र समय-समय पर प्रत्येक क्षेत्र की सीमा और मार्ग के साथ फिर जारी किया जाता है, इसलिए अभ्यर्थी को प्रतिशत की पुरानी सारणी के बजाय नवीनतम परिपत्र पढ़ना चाहिए।

Q14.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

भारत की विदेश व्यापार नीति का प्रशासन कौन करता है और आयातक-निर्यातक कोड कौन जारी करता है?

  1. A.भारतीय रिजर्व बैंक
  2. B.विदेश व्यापार महानिदेशालय
  3. C.भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड
  4. D.नीति आयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. विदेश व्यापार महानिदेशालय

व्याख्या

सही उत्तर B, विदेश व्यापार महानिदेशालय है। यह महानिदेशालय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन काम करता है और 1992 के विदेश व्यापार विकास एवं विनियमन अधिनियम के अंतर्गत विदेश व्यापार नीति बनाता तथा लागू करता है, आयातक-निर्यातक कोड जारी करता है जिसके बिना कोई सीमा पार व्यापार नहीं कर सकता, और निर्यात संवर्धन योजनाएँ चलाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि रिजर्व बैंक फेमा के अंतर्गत व्यापार का विदेशी मुद्रा पक्ष सँभालता है और भंडार रखता है, पर व्यापार नीति नहीं लिखता। विकल्प C गलत है क्योंकि सेबी प्रतिभूति बाजार का नियामक है और उसका आयात-निर्यात से कोई संबंध नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि नीति आयोग सरकार को परामर्श देने वाला थिंक टैंक है, जिसके पास नियामक शक्ति नहीं है। साथ में 1982 के एक्ज़िम बैंक और निर्यात ऋण गारंटी निगम भी याद रखें।

Q15.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

व्यापार संचालन, शुल्क तथा प्रशुल्क के प्रयोजनों के लिए विशेष आर्थिक क्षेत्र को क्या माना जाता है?

  1. A.घरेलू प्रशुल्क क्षेत्र का भाग
  2. B.विदेशी भूभाग
  3. C.एक संघ राज्यक्षेत्र
  4. D.राज्य सरकार का बंधित भांडागार
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. विदेशी भूभाग

व्याख्या

सही उत्तर B, विदेशी भूभाग है। विधि विशेष आर्थिक क्षेत्र को व्यापार संचालन, शुल्क तथा प्रशुल्क के लिए भारत के सीमा शुल्क क्षेत्र से बाहर मानती है, इसीलिए देश के शेष भाग से क्षेत्र में की गई आपूर्ति निर्यात है और क्षेत्र से शेष देश में की गई बिक्री आयात है, जिस पर सीमा शुल्क लगता है। A गलत है, क्योंकि घरेलू प्रशुल्क क्षेत्र की परिभाषा ही क्षेत्रों के बाहर का भारत है, इसलिए क्षेत्र ठीक वही है जो घरेलू प्रशुल्क क्षेत्र नहीं है। C गलत है, क्योंकि संघ राज्यक्षेत्र राजनीतिक मानचित्र की इकाई है, जिसका प्रशासन संघ करता है, और क्षेत्र को ऐसी कोई संवैधानिक स्थिति नहीं है। D गलत है, क्योंकि बंधित भांडागार केवल उस माल का भंडारण करता है जिस पर शुल्क स्थगित है और वह सीमा शुल्क विधि के अधीन अनुज्ञप्त होता है, विदेशी भूभाग नहीं माना जाता।

Q16.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

भारत में ऋण वसूली अधिकरण किस वर्ष के अधिनियम के अंतर्गत स्थापित किए गए?

  1. A.1985
  2. B.1993
  3. C.2002
  4. D.2013
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1993

व्याख्या

सही उत्तर B, 1993 है। बैंकों और वित्तीय संस्थाओं को शोध्य ऋण वसूली अधिनियम 1993 ने ऋण वसूली अधिकरण बनाए और उनके ऊपर ऋण वसूली अपीलीय अधिकरण रखे, जिससे बैंकों के वसूली वाद सामान्य दीवानी न्यायालयों से हटाए जा सकें, जहां वे वर्षों लंबित रहते थे। विकल्प A गलत है क्योंकि 1985 बीमार औद्योगिक कंपनी अधिनियम का वर्ष है, जिसके औद्योगिक एवं वित्तीय पुनर्निर्माण बोर्ड का स्थान बाद में दिवाला संहिता ने लिया। विकल्प C गलत है क्योंकि 2002 सरफेसी अधिनियम का वर्ष है। विकल्प D गलत है क्योंकि 2013 कंपनी अधिनियम का वर्ष है। दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता के अंतर्गत यही ऋण वसूली अधिकरण व्यक्तियों और भागीदारी फर्मों के दिवाला का निर्णायक प्राधिकारी भी है। इसलिए क्रम याद रखें: 1985 बीमार कंपनी अधिनियम, 1993 ऋण वसूली अधिकरण, 2002 सरफेसी और 2016 दिवाला संहिता, क्योंकि प्रश्न इन्हीं चार वर्षों को आपस में बदलते हैं।

Q17.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2021, GS Paper Iमध्यम

भारतीय सरकारी बॉन्ड प्रतिफल निम्नलिखित में से किससे/किनसे प्रभावित होते हैं?

1. संयुक्त राज्य अमेरिका के फेडरल रिज़र्व की कार्रवाइयाँ

2. भारतीय रिज़र्व बैंक की कार्रवाइयाँ

3. मुद्रास्फीति और अल्पकालिक ब्याज दरें

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2
  3. C.केवल 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 1, 2 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1, 2 और 3। भारतीय बॉन्ड प्रतिफल RBI की नीति, घरेलू मुद्रास्फीति और अल्पकालिक दरों से तथा वैश्विक पूँजी प्रवाह के ज़रिए अमेरिकी फेडरल रिज़र्व से भी प्रभावित होते हैं।

बॉन्ड प्रतिफल वह रिटर्न है जो निवेशक को उस पर मिलता है, और यह बॉन्ड की कीमत के उलटी दिशा में चलता है। जब RBI रेपो दर घटाता है या खुले बाज़ार परिचालन से सरकारी प्रतिभूतियाँ खरीदता है, तो प्रतिफल घटते हैं; सख़्ती करने पर बढ़ते हैं। अधिक मुद्रास्फीति होने पर निवेशक अधिक रिटर्न माँगते हैं, और अल्पकालिक दरें वह आधार बनाती हैं जिस पर लंबी अवधि के प्रतिफल तय होते हैं। जब अमेरिकी फेडरल रिज़र्व दरें बढ़ाता है, तो विदेशी निवेशक सुरक्षित अमेरिकी परिसंपत्तियों के लिए भारतीय बॉन्ड से पैसा निकाल सकते हैं, जिससे भारत में बॉन्ड की कीमत घटती है और प्रतिफल बढ़ता है।

A गलत है, क्योंकि मुद्रास्फीति और अल्पकालिक दरें भी असर डालती हैं।

B गलत है, क्योंकि RBI कई प्रभावों में से केवल एक है।

C गलत है, क्योंकि दोनों केंद्रीय बैंक भी प्रतिफल बदलते हैं।

परीक्षा टिप: बॉन्ड की कीमत और प्रतिफल उलटी दिशा में चलते हैं; मुद्रास्फीति बढ़े तो प्रतिफल बढ़े।

Q18.भारतीय अर्थव्यवस्थाकठिन

विदेशी निवेश प्रस्तावों को स्वीकृत करने वाला विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड किस वर्ष समाप्त किया गया?

  1. A.2014
  2. B.2015
  3. C.2017
  4. D.2019
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2017

व्याख्या

सही उत्तर C, 2017 है। विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड समाप्त कर दिया गया और उसका कार्य संबंधित प्रशासनिक मंत्रालयों को दे दिया गया, जो अब विदेशी निवेश सुविधा पोर्टल से आवेदन लेते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि 2014 वह वर्ष है जब भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड ने विदेशी संस्थागत निवेशकों, उनके उप-खातों तथा अर्हक विदेशी निवेशकों को मिलाकर विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक का एक ही वर्ग बनाया। विकल्प B गलत है क्योंकि 2015 इस अध्याय में मेक इन इंडिया अभियान के जोर पकड़ने के लिए याद किया जाता है, बोर्ड के लिए नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि 2019 में औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग का नाम बदलकर उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग हुआ, और नाम का यह परिवर्तन प्रायः इसी प्रश्न समूह में आता है।

Q19.भारतीय अर्थव्यवस्थाकठिन

1 जनवरी 2021 से भारत से वस्तु निर्यात योजना के स्थान पर कौन-सी योजना लागू हुई?

  1. A.आरओएससीटीएल
  2. B.आरओडीटीईपी
  3. C.ईपीसीजी
  4. D.एसईआईएस
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आरओडीटीईपी

व्याख्या

सही उत्तर B, आरओडीटीईपी है, अर्थात निर्यातित उत्पादों पर शुल्क तथा करों की प्रतिपूर्ति। पहली वस्तु निर्यात योजना विश्व व्यापार नियमों से असंगत पाई गई, क्योंकि वह निर्यात पर सीधा प्रोत्साहन देती थी, इसलिए उसके स्थान पर वह योजना आई जो केवल निर्यातित उत्पाद में अंतर्निहित उन शुल्कों तथा करों को लौटाती है, जिन्हें कोई अन्य योजना नहीं लौटाती। A गलत है, क्योंकि राज्य और केंद्रीय करों की छूट वाली आरओएससीटीएल परिधान तथा मेडअप वस्त्रों तक सीमित है और 2019 में पहले आई थी। C गलत है, क्योंकि निर्यात संवर्धन पूंजीगत माल योजना निर्यात दायित्व के बदले मशीनरी के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति देती है और वह पूर्णतः भिन्न साधन है। D गलत है, क्योंकि सेवा निर्यात योजना सेवाओं के निर्यात पर लागू थी, वस्तुओं के नहीं, और उसने वस्तु योजना का स्थान नहीं लिया।

Q20.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

एफडीआई के स्वतः मार्ग में

  1. A.भारतीय रिजर्व बैंक की पूर्व अनुमति आवश्यक है
  2. B.प्रशासनिक मंत्रालय की पूर्व अनुमति आवश्यक है
  3. C.सरकार या रिजर्व बैंक की पूर्व अनुमति आवश्यक नहीं है
  4. D.प्रत्येक क्षेत्र में निवेश छब्बीस प्रतिशत तक सीमित है
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. सरकार या रिजर्व बैंक की पूर्व अनुमति आवश्यक नहीं है

व्याख्या

सही उत्तर C है। स्वतः मार्ग में विदेशी निवेशक को सरकार या भारतीय रिजर्व बैंक से कोई पूर्व अनुमति नहीं चाहिए; भारतीय कंपनी निर्धारित समय में प्रवाह और शेयर निर्गम की सूचना रिजर्व बैंक को दे देती है। विकल्प A और B गलत हैं क्योंकि पूर्व अनुमति दूसरे मार्ग की विशेषता है, अर्थात सरकारी या अनुमोदन मार्ग की, जिसमें आवेदन विदेशी निवेश सुविधा पोर्टल से संबंधित प्रशासनिक मंत्रालय को जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि स्वतः मार्ग में कोई एक सीमा नहीं होती: सीमा क्षेत्र पर निर्भर करती है, और बहुत से क्षेत्रों में इस मार्ग से पूरी इक्विटी खुली है, जबकि कुछ क्षेत्रों में सीमा कम है या उससे आगे अनुमोदन चाहिए। इसी कारण अधिकांश विदेशी निवेश स्वतः मार्ग से आता है और सरकारी मार्ग केवल कुछ संवेदनशील क्षेत्रों तथा थल-सीमा वाले देशों के निवेश तक सीमित रह गया है।

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