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GK क्विजभारतीय अर्थव्यवस्था

भारतीय अर्थव्यवस्था मिश्रित क्विज: सेट 6

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

भारतीय अर्थव्यवस्था मिश्रित क्विज़ (सेट 6) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 13 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: जीडीपी और राष्ट्रीय आय, औद्योगिक नीति और एमएसएमई, भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्र और अन्य। इनमें से 16 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: दिल्ली · Delhi Police Const., 22 Nov 2023, S1मध्यम

बाज़ार मूल्य पर GNP को किस प्रकार मापा जाता है?

  1. A.बाज़ार मूल्य पर GDP − मूल्यह्रास
  2. B.बाज़ार मूल्य पर GNP + सब्सिडी
  3. C.बाज़ार मूल्य पर GDP + विदेश से शुद्ध कारक आय
  4. D.कारक लागत पर NDP + विदेश से शुद्ध कारक आय
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. बाज़ार मूल्य पर GDP + विदेश से शुद्ध कारक आय

व्याख्या

सही उत्तर है C, बाज़ार मूल्य पर GDP + विदेश से शुद्ध कारक आय। GDP देश की सीमा के भीतर हुए सारे उत्पादन को गिनता है, चाहे उत्पादन कोई भी करे। GNP देश के सामान्य निवासियों द्वारा किए गए उत्पादन को गिनता है, वे जहाँ भी काम करें। इसलिए GDP से GNP पर जाने के लिए हम अपने निवासियों की विदेश में कमाई जोड़ते हैं और भारत में विदेशियों की कमाई घटाते हैं; इस शुद्ध राशि को विदेश से शुद्ध कारक आय (NFIA) कहते हैं। अगर NFIA ऋणात्मक हो, तो GNP, GDP से छोटा होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि बाज़ार मूल्य पर GDP में से मूल्यह्रास घटाने पर बाज़ार मूल्य पर NDP मिलता है, GNP नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें GNP को उसी से परिभाषित किया गया है, और सब्सिडी जोड़ना बाज़ार मूल्य से कारक लागत पर जाने का कदम है, GNP निकालने का नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि कारक लागत पर NDP में NFIA जोड़ने से कारक लागत पर NNP मिलता है, जो राष्ट्रीय आय है। परीक्षा टिप: घरेलू से राष्ट्रीय के लिए NFIA जोड़ें, सकल से शुद्ध के लिए मूल्यह्रास घटाएँ, बाज़ार मूल्य से कारक लागत के लिए अप्रत्यक्ष कर घटाएँ और सब्सिडी जोड़ें।

Q2.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 6 Nov 2022, Shift 2आसान

‘महारत्न’, ‘नवरत्न’ और ‘लघुरत्न (मिनीरत्न)’ भारत में किसका वर्गीकरण है?

  1. A.विशेष आर्थिक क्षेत्र
  2. B.नागरिक सम्मान
  3. C.सरकारी क्षेत्र एकक
  4. D.खनिज समृद्ध क्षेत्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सरकारी क्षेत्र एकक

व्याख्या

सही उत्तर है C, सरकारी क्षेत्र एकक। महारत्न, नवरत्न और मिनीरत्न वे दर्जे हैं, जो भारत सरकार केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) को उनके आकार, मुनाफ़े और प्रदर्शन के आधार पर देती है। नवरत्न और मिनीरत्न योजनाएँ 1997 में शुरू हुईं, और बाद में सबसे बड़ी तथा सबसे अधिक मुनाफ़ा कमाने वाली कंपनियों के लिए सबसे ऊँचा दर्जा महारत्न जोड़ा गया। दर्जा जितना ऊँचा, वित्तीय आज़ादी उतनी ज़्यादा: महारत्न कंपनी का बोर्ड हर परियोजना के लिए सरकार के पास गए बिना बहुत बड़े निवेश को खुद मंज़ूरी दे सकता है। इसका उद्देश्य है कि मज़बूत सरकारी कंपनियाँ निजी कंपनियों की तरह प्रतिस्पर्धा करें और देश-विदेश में विस्तार करें। विकल्प A गलत है, क्योंकि विशेष आर्थिक क्षेत्र खास व्यापार और कर नियमों वाले इलाके हैं, कंपनियों की श्रेणी नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि भारत के नागरिक सम्मान भारत रत्न और पद्म पुरस्कार हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि खनिज समृद्ध क्षेत्रों को ऐसे दर्जे नहीं दिए जाते। परीक्षा टिप: ऊपर से क्रम है महारत्न, नवरत्न, मिनीरत्न; तीनों केंद्रीय पीएसयू की श्रेणियाँ हैं।

Q3.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

खनन अर्थव्यवस्था के किस क्षेत्र में आता है?

  1. A.प्राथमिक क्षेत्र
  2. B.द्वितीयक क्षेत्र
  3. C.तृतीयक क्षेत्र
  4. D.चतुर्थक क्षेत्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. प्राथमिक क्षेत्र

व्याख्या

सही उत्तर A, प्राथमिक क्षेत्र है। खनन प्रकृति से सीधे उत्पाद निकालता है और उसका रूप नहीं बदलता, ठीक वैसे ही जैसे खेती, मत्स्य पालन और वानिकी करते हैं, और इसी प्रकार की हर गतिविधि प्राथमिक क्षेत्र में रखी जाती है।

विकल्प B, द्वितीयक क्षेत्र तभी सही होता जब अयस्क का प्रसंस्करण हो जाए: लौह अयस्क से इस्पात बनाना विनिर्माण है और इसलिए द्वितीयक है। विकल्प C, तृतीयक क्षेत्र में परिवहन, व्यापार और बैंकिंग जैसी सेवाएँ आती हैं जो स्वयं कोई वस्तु नहीं बनातीं। विकल्प D, चतुर्थक क्षेत्र अनुसंधान और सॉफ्टवेयर जैसी ज्ञान सेवाओं के लिए आधुनिक विस्तार है और परीक्षाओं के तीन क्षेत्रों वाले वर्गीकरण में नहीं आता। भारी काम होने के कारण अभ्यर्थी खनन को द्वितीयक मान बैठते हैं, इसलिए कसौटी याद रखिए: जो सीधे प्रकृति से मिले वह प्राथमिक है।

Q4.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 5 Nov 2022, Shift 2आसान

सामान्यतया निम्नलिखित में से किसे भूमंडलीकरण का परिणाम नहीं माना जाता है?

  1. A.प्रत्यक्ष विदेशी निवेश
  2. B.बहुपक्षीय व्यापार समझौते
  3. C.आउटसोर्सिंग
  4. D.शुल्क अवरोध
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. शुल्क अवरोध

व्याख्या

सही उत्तर है D, शुल्क अवरोध। भूमंडलीकरण का अर्थ है व्यापार, निवेश, तकनीक और लोगों की आवाजाही के ज़रिए देशों का आपस में जुड़ते जाना, और यह व्यापार की रुकावटें घटाकर होता है, बढ़ाकर नहीं। शुल्क अवरोध यानी टैरिफ़ आयात पर लगाया गया कर है, जो देश के उत्पादकों को विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाने के लिए होता है, इसलिए यह व्यापार को खोलने के बजाय रोकता है। भारत में 1991 के सुधारों, जिन्हें एलपीजी यानी उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण कहा जाता है, ने आयात शुल्क बहुत घटाए और अर्थव्यवस्था को विदेशी कंपनियों के लिए खोला। विकल्प A गलत है, क्योंकि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, जिसमें कोई कंपनी दूसरे देश में कारोबार लगाती या खरीदती है, देशों के खुलने के साथ बढ़ता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि विश्व व्यापार संगठन के तहत होने वाले बहुपक्षीय व्यापार समझौते भूमंडलीकरण का मुख्य साधन हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि विदेशी कंपनियों के लिए भारत में होने वाला आईटी और कॉल-सेंटर का काम, यानी आउटसोर्सिंग, सीधे भूमंडलीकरण और सस्ते संचार से बढ़ा। परीक्षा टिप: भूमंडलीकरण से टैरिफ़ और कोटा घटते हैं तथा एफडीआई, व्यापार और आउटसोर्सिंग बढ़ते हैं; डब्ल्यूटीओ ने 1 जनवरी 1995 को गैट की जगह ली।

Q5.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

भारत में योजना आयोग की स्थापना किस वर्ष हुई थी?

  1. A.1947
  2. B.1950
  3. C.1952
  4. D.1956
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1950

व्याख्या

सही उत्तर B, 1950 है। योजना आयोग का गठन 15 मार्च 1950 को केंद्रीय मंत्रिमंडल के एक प्रस्ताव द्वारा हुआ, जिसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते थे, और इसी संस्था ने 2015 में अपने स्थान पर नीति आयोग आने तक सभी पंचवर्षीय योजनाएँ तैयार कीं।

विकल्प A, 1947 स्वतंत्रता और विभाजन का वर्ष है, इस संस्था का नहीं। विकल्प C, 1952 वह वर्ष है जब राज्यों को नियोजन से जोड़ने के लिए राष्ट्रीय विकास परिषद बनी, और यही इस प्रश्न का सबसे सामान्य भ्रम है। विकल्प D, 1956 औद्योगिक नीति प्रस्ताव तथा द्वितीय पंचवर्षीय योजना के आरंभ का वर्ष है। यह भी ध्यान रखें कि आयोग कार्यपालिका के प्रस्ताव से बना था, संविधान या किसी अधिनियम से नहीं, और यह बात अलग कथन के रूप में पूछी जाती है।

Q6.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: RRB ALP · CBT-1, 29 Aug 2018, Shift 2आसान

स्वच्छ राष्ट्र के भारत के सबसे बड़े सपने को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन किस तिथि को शुरू किया?

  1. A.2 अक्टूबर 2014
  2. B.14 नवंबर 2015
  3. C.14 नवंबर 2014
  4. D.2 अक्टूबर 2015
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 2 अक्टूबर 2014

व्याख्या

सही उत्तर है A, 2 अक्टूबर 2014। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी की 145वीं जयंती, 2 अक्टूबर 2014, को नई दिल्ली के राजपथ से स्वच्छ भारत मिशन शुरू किया। इसका लक्ष्य गांधीजी की 150वीं जयंती, 2 अक्टूबर 2019, तक भारत को स्वच्छ और खुले में शौच से मुक्त (ODF) बनाना था, मुख्य रूप से घरेलू व सामुदायिक शौचालय बनवाकर और कचरा प्रबंधन सुधारकर। मिशन के दो हिस्से हैं: गाँवों के लिए स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और कस्बों व शहरों के लिए स्वच्छ भारत मिशन (शहरी)। इसका प्रतीक चिह्न गांधीजी का गोल चश्मा है, जिस पर "स्वच्छ भारत" लिखा है। B गलत है क्योंकि 14 नवंबर जवाहरलाल नेहरू का जन्मदिन यानी बाल दिवस है और 2015 वर्ष भी गलत है। C गलत है क्योंकि 14 नवंबर 2014 बाल दिवस था, मिशन की शुरुआत की तिथि नहीं। D गलत है क्योंकि 2 अक्टूबर 2015 तक तो मिशन का पहला वर्ष पूरा हो चुका था। परीक्षा टिप: स्वच्छ भारत = 2 अक्टूबर 2014, लक्ष्य 2 अक्टूबर 2019 तक ODF भारत, प्रतीक = गांधीजी का चश्मा; स्वच्छ सर्वेक्षण शहरों की सफ़ाई की रैंकिंग करता है।

Q7.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 12 Sep 2021आसान

वाणिज्यिक बैंकों की कुल जमाओं और आरक्षित निधियों का एक अनुपात केंद्रीय बैंक (आरबीआई) के पास रखना होता है। निम्नलिखित में से कौन-सा इस अनुपात को दर्शाता है?

  1. A.सांविधिक तरलता अनुपात
  2. B.नकद आरक्षित अनुपात
  3. C.न्यूनतम आरक्षित प्रणाली
  4. D.रिवर्स रेपो दर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. नकद आरक्षित अनुपात

व्याख्या

सही उत्तर है B, नकद आरक्षित अनुपात। नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) बैंक की जमाओं का वह हिस्सा है, जिसे उसे भारतीय रिज़र्व बैंक के पास नकद के रूप में रखना पड़ता है, और इस पैसे पर बैंक को कोई ब्याज नहीं मिलता। आरबीआई अधिनियम, 1934 की धारा 42 के तहत रिज़र्व बैंक सीआरआर तय करता है और इससे मुद्रा आपूर्ति नियंत्रित करता है: सीआरआर बढ़ाने पर बैंकों के पास कर्ज़ देने के लिए कम पैसा बचता है, जबकि इसे घटाने पर अर्थव्यवस्था में पैसा आता है। यह अनुपात बैंक की शुद्ध माँग और सावधि देयताओं, यानी मुख्य रूप से उसकी जमाओं पर गिना जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि सांविधिक तरलता अनुपात बैंक खुद अपने पास नकद, सोने या स्वीकृत सरकारी प्रतिभूतियों के रूप में रखता है, आरबीआई के पास जमा नहीं करता। विकल्प C गलत है, क्योंकि न्यूनतम आरक्षित प्रणाली वह नियम है, जिसके तहत आरबीआई अपनी जारी की गई मुद्रा के बदले सोने और विदेशी मुद्रा का न्यूनतम भंडार रखता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि रिवर्स रेपो दर वह दर है, जिस पर आरबीआई बैंकों से पैसा उधार लेता है। परीक्षा टिप: सीआरआर आरबीआई के पास रहता है; एसएलआर बैंक अपने पास रखता है।

Q8.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 27 Oct 2021मध्यम

औद्योगिक उत्पादन निर्देशांक, जो कि भारतीय अर्थव्यवस्था में औद्योगिक क्रियाओं का मापक है, इसमें क्या सम्मिलित नहीं किया जाता है?

  1. A.खनन
  2. B.विद्युत
  3. C.विनिर्माण
  4. D.गैस एवं जलापूर्ति
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. गैस एवं जलापूर्ति

व्याख्या

सही उत्तर है D, गैस एवं जलापूर्ति। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में केवल तीन क्षेत्र शामिल हैं: खनन, विनिर्माण और विद्युत। यह एक मासिक सूचकांक है, जिसे सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय जारी करता है, और यह बताता है कि आधार वर्ष की तुलना में औद्योगिक उत्पादन की मात्रा कितनी तेज़ी से बढ़ या घट रही है। इस सूचकांक में विनिर्माण का भार सबसे अधिक है, इसलिए कारखानों में सुस्ती आते ही IIP तेज़ी से नीचे आ जाता है। राष्ट्रीय आय के व्यापक उद्योग क्षेत्र में बिजली के साथ गैस और जलापूर्ति भी गिनी जाती हैं, पर वे IIP की टोकरी में नहीं हैं, और यही इस प्रश्न का जाल है। विकल्प A गलत है, क्योंकि खनन IIP के तीन क्षेत्रों में से एक है। विकल्प B गलत है, क्योंकि विद्युत भी IIP का क्षेत्र है। विकल्प C गलत है, क्योंकि विनिर्माण तो सूचकांक का सबसे बड़ा हिस्सा है। परीक्षा टिप: IIP = खनन + विनिर्माण + विद्युत; आठ कोर उद्योगों का सूचकांक एक अलग, छोटा सूचकांक है।

Q9.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 7 June 2019, Shift 3मध्यम

अखिल भारतीय औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) की गणना का आधार वित्तीय वर्ष है:

  1. A.2004-2005
  2. B.2011-2012
  3. C.2005-2006
  4. D.2010-2011
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 2011-2012

व्याख्या

सही उत्तर है B, 2011-2012। अखिल भारतीय औद्योगिक उत्पादन सूचकांक की गणना 2011-12 को आधार वर्ष मानकर होती है। यह बदलाव 2017 में घोषित हुआ था और इसने पुराने 2004-05 आधार को हटाया। आईआईपी राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी मासिक मात्रा सूचकांक है, जो तीन क्षेत्रों — खनन, निर्माण और विद्युत — के उत्पादन में बदलाव मापता है। 2011-12 श्रृंखला में निर्माण क्षेत्र का भार सबसे अधिक, लगभग 77.6 प्रतिशत है, खनन का करीब 14.4 प्रतिशत और विद्युत का करीब 8 प्रतिशत। सूचकांक संबंधित महीने के करीब छह सप्ताह बाद जारी होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 2004-05 उस पुरानी श्रृंखला का आधार था, जिसे वर्तमान श्रृंखला ने हटाया। विकल्प C गलत है, क्योंकि 2005-06 कभी आईआईपी का आधार वर्ष नहीं रहा। विकल्प D गलत है, क्योंकि 2010-11 भी आईआईपी का आधार नहीं है। परीक्षा टिप: आईआईपी, थोक मूल्य सूचकांक और भारत के राष्ट्रीय लेखे, तीनों का आधार वर्ष 2011-12 है, जबकि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 2012 को आधार मानता है।

Q10.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 15 Dec 2019मध्यम

जीवन की भौतिक गुणवत्ता सूचकांक (पी.क्यू.एल.आई.) किसके द्वारा विकसित किया गया है?

  1. A.मोरिस डी. मोरिस
  2. B.यू.एन.डी.पी.
  3. C.महबूब-उल-हक
  4. D.उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मोरिस डी. मोरिस

व्याख्या

सही उत्तर है A, मोरिस डी. मोरिस। अमेरिकी आर्थिक इतिहासकार मोरिस डेविड मोरिस ने 1970 के दशक में ओवरसीज़ डेवलपमेंट काउंसिल के लिए भौतिक जीवन गुणवत्ता सूचकांक (PQLI) बनाया और 1979 में दुनिया के गरीबों की स्थिति मापने पर अपनी पुस्तक में इसे प्रस्तुत किया। वे कल्याण का ऐसा सरल पैमाना चाहते थे जो केवल आय पर निर्भर न हो। PQLI तीन संकेतकों पर आधारित है, जिनमें से हर एक को 0 से 100 तक अंक और बराबर भार दिया जाता है: बुनियादी साक्षरता, शिशु मृत्यु दर और एक वर्ष की आयु पर जीवन प्रत्याशा। इनका औसत देश को 100 में से अंक देता है। केरल को अक्सर ऐसे उदाहरण के रूप में दिया जाता था जहाँ कम आय के बावजूद PQLI ऊँचा था। विकल्प B गलत है, क्योंकि यू.एन.डी.पी. मानव विकास सूचकांक (HDI) प्रकाशित करता है, जो बाद में 1990 में आया। विकल्प C गलत है, क्योंकि महबूब-उल-हक ने HDI बनाया था, PQLI नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि इस सूचकांक के निर्माता ज्ञात हैं, मोरिस डी. मोरिस। परीक्षा टिप: PQLI – मोरिस डी. मोरिस, 1979, तीन संकेतक; HDI – महबूब-उल-हक और UNDP, 1990।

Q11.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: RRB NTPC · 16 June 2022, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा 'पूंजीगत प्राप्तियाँ' शब्द की सही व्याख्या है?

  1. A.वे प्राप्तियाँ जो सरकार पर कोई दावा उत्पन्न नहीं करतीं
  2. B.सरकार की वे प्राप्तियाँ जो देयता उत्पन्न करती हैं या वित्तीय परिसंपत्तियों को घटाती हैं
  3. C.राज्य सरकारों तथा अन्य पक्षों को दिए गए अनुदानों की प्राप्तियाँ
  4. D.सरकार की वे प्राप्तियाँ जिनसे वित्तीय देयताओं में कमी आती है
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सरकार की वे प्राप्तियाँ जो देयता उत्पन्न करती हैं या वित्तीय परिसंपत्तियों को घटाती हैं

व्याख्या

सही उत्तर है B, सरकार की वे प्राप्तियाँ जो देयता उत्पन्न करती हैं या वित्तीय परिसंपत्तियों को घटाती हैं। केंद्रीय बजट में सरकार के पास आने वाला धन राजस्व प्राप्तियों और पूंजीगत प्राप्तियों में बाँटा जाता है, और यही इसकी कसौटी है। बाजार से लिया गया ऋण, रिजर्व बैंक या विदेशों से लिया गया कर्ज तथा लघु बचत और भविष्य निधि की राशि देयता उत्पन्न करती है, क्योंकि यह धन लौटाना पड़ता है। दूसरी ओर पहले दिए गए ऋणों की वसूली और सार्वजनिक उपक्रमों के शेयरों का विनिवेश सरकार की वित्तीय परिसंपत्तियों को घटाते हैं। ये दोनों ही पूंजीगत प्राप्तियाँ हैं और पूंजी खाते में दिखाई जाती हैं। A गलत है क्योंकि जिन प्राप्तियों से सरकार पर कोई दावा नहीं बनता, वे राजस्व प्राप्तियाँ होती हैं, जैसे कर, शुल्क, जुर्माना और लाभांश। C गलत है क्योंकि राज्यों को दिया गया अनुदान केंद्र के लिए व्यय है, प्राप्ति नहीं। D गलत है क्योंकि यह नियम को उलट देता है; पूंजीगत प्राप्तियाँ देयता बढ़ाती हैं, घटाती नहीं। परीक्षा टिप: पूंजीगत प्राप्तियाँ = उधार + ऋणों की वसूली + विनिवेश।

Q12.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 08 Jul 2024, Shift 4आसान

मूल्य नियंत्रण और राशनिंग __________ को रोकने के प्रत्यक्ष नियंत्रण उपाय हैं।

  1. A.रिफ्लेशन (reflation)
  2. B.डिसइन्फ्लेशन (disinflation)
  3. C.अपस्फीति (deflation)
  4. D.मुद्रास्फीति (inflation)
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. मुद्रास्फीति (inflation)

व्याख्या

सही उत्तर है D, मुद्रास्फीति (inflation)। मुद्रास्फीति सामान्य कीमत स्तर में लगातार वृद्धि है, जिसे भारत में राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय का सीपीआई और आर्थिक सलाहकार कार्यालय का डब्ल्यूपीआई मापते हैं। इससे तीन तरह से लड़ा जाता है: आरबीआई के मौद्रिक उपाय जैसे रेपो दर या सीआरआर बढ़ाना, राजकोषीय उपाय जैसे ज़्यादा कर और कम सरकारी खर्च, और प्रत्यक्ष या प्रशासनिक उपाय। मूल्य नियंत्रण, सार्वजनिक वितरण प्रणाली से राशनिंग और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत स्टॉक सीमा प्रत्यक्ष उपाय हैं: ये तय करते हैं कि विक्रेता कितना दाम ले सकता है और हर परिवार कितना खरीद सकता है, ताकि कम उपलब्ध चीज़ें बँटें और जमाखोरी रुके। विकल्प A गलत है क्योंकि रिफ्लेशन मंदी के बाद कीमतों और माँग को जानबूझकर बढ़ाने की कोशिश है, यानी उल्टा लक्ष्य। विकल्प B गलत है क्योंकि डिसइन्फ्लेशन सिर्फ मुद्रास्फीति की दर का धीमा होना है, कोई ऐसी समस्या नहीं जिसके लिए राशनिंग चाहिए। विकल्प C गलत है क्योंकि अपस्फीति में सामान्य कीमत स्तर गिरता है, तब सरकारें कीमतें नियंत्रित करने के बजाय खर्च बढ़ाती हैं। परीक्षा टिप: मुद्रास्फीति = कीमतें बढ़ें, अपस्फीति = कीमतें गिरें, डिसइन्फ्लेशन = कीमतें धीमी बढ़ें, रिफ्लेशन = कीमतें फिर ऊपर धकेलना।

Q13.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: RRB NTPC · 9 May 2022, Shift 1मध्यम

भारत का सर्वप्रथम औद्योगिक नीति संकल्प (इंडस्ट्रियल पॉलिसी रेजोल्यूशन) किस वर्ष घोषित किया गया था?

  1. A.1952
  2. B.1955
  3. C.1948
  4. D.1960
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1948

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1948। भारत का पहला औद्योगिक नीति संकल्प 6 अप्रैल 1948 को पहले उद्योग मंत्री श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने घोषित किया था। इस संकल्प ने नए राष्ट्र के लिए मिश्रित अर्थव्यवस्था को स्वीकार किया और उद्योगों को चार वर्गों में बाँटा: पहला, जो पूरी तरह राज्य के अधिकार में रहे जैसे अस्त्र-शस्त्र, परमाणु ऊर्जा और रेलवे; दूसरा, जिनमें नई इकाइयाँ केवल राज्य लगाएगा; तीसरा, जो राज्य के नियमन में चलेंगे; और चौथा, जो निजी क्षेत्र के लिए खुला रहेगा। A गलत है क्योंकि 1952 को देश के पहले आम चुनाव के लिए याद किया जाता है, किसी औद्योगिक नीति के लिए नहीं। B गलत है क्योंकि दूसरा औद्योगिक नीति संकल्प 1956 में आया था, 1955 में नहीं। D गलत है क्योंकि 1960 में कोई संकल्प जारी नहीं हुआ; इसके बाद की बड़ी घोषणाएँ 1977, 1980 और 1991 में हुईं। परीक्षा टिप: पहला संकल्प 1948, 1956 का संकल्प भारत का आर्थिक संविधान कहलाता है, और 1991 की नीति ने अर्थव्यवस्था को खोला।

Q14.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: RRB ALP · CBT-1, 9 Aug 2018, Shift 2मध्यम

अपनी कर प्रणाली में GST लागू करने वाला पहला देश कौन-सा था?

  1. A.कनाडा
  2. B.फ्रांस
  3. C.ऑस्ट्रेलिया
  4. D.जर्मनी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. फ्रांस

व्याख्या

सही उत्तर है B, फ्रांस। फ्रांस 1954 में GST लागू करने वाला पहला देश था। यह विचार फ्रांस के कर अधिकारी मॉरिस लॉरे का था, जिन्होंने ऐसा कर बनाया जो उत्पादन और बिक्री के हर चरण पर लगता है, पर केवल उस चरण में जोड़े गए मूल्य पर। इससे पुराने बिक्री करों का "कर पर कर" वाला व्यापक (कैस्केडिंग) प्रभाव खत्म होता है। मूल्य वर्धित कर (VAT) का यह मॉडल बाद में यूरोप और पूरी दुनिया में फैला। भारत ने 101वें संविधान संशोधन के ज़रिए 1 जुलाई 2017 से दोहरा GST अपनाया: राज्य के भीतर बिक्री पर CGST और SGST, तथा राज्यों के बीच बिक्री पर IGST। A गलत है क्योंकि कनाडा ने अपना GST 1991 में लागू किया। C गलत है क्योंकि ऑस्ट्रेलिया ने GST 2000 में लागू किया। D गलत है क्योंकि जर्मनी ने अपनी VAT प्रणाली 1968 में अपनाई, यानी फ्रांस के बहुत बाद। परीक्षा टिप: पहला GST = फ्रांस, 1954 (मॉरिस लॉरे); भारत में GST 1 जुलाई 2017 से, 101वाँ संशोधन; 1 जुलाई को GST दिवस मनाया जाता है।

Q15.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: RRB NTPC · 10 May 2022, Shift 1मध्यम

शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद की गणना _________ में से मूल्यह्रास घटाकर की जा सकती है।

  1. A.प्रत्यक्ष कर
  2. B.सकल घरेलू उत्पाद
  3. C.सकल राष्ट्रीय उत्पाद
  4. D.राष्ट्रीय आय
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सकल राष्ट्रीय उत्पाद

व्याख्या

सही उत्तर है C, सकल राष्ट्रीय उत्पाद। शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद सकल राष्ट्रीय उत्पाद में से मूल्यह्रास घटाकर निकाला जाता है, अर्थात NNP = GNP − मूल्यह्रास। मूल्यह्रास, जिसे स्थिर पूँजी का उपभोग भी कहते हैं, वर्ष भर में मशीनों, भवनों और अन्य पूँजीगत वस्तुओं के घिसने-टूटने का मूल्य है; इसे घटाने पर पता चलता है कि राष्ट्र के पास वास्तव में कितना उत्पादन शेष रहा। सकल राष्ट्रीय उत्पाद स्वयं सकल घरेलू उत्पाद में विदेशों से प्राप्त शुद्ध साधन आय जोड़कर बनता है, इसलिए इसमें देश के निवासियों की कमाई चाहे वे कहीं भी काम करें, शामिल रहती है। जब शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद साधन लागत पर मापा जाता है, तब वही राष्ट्रीय आय कहलाता है। A गलत है क्योंकि प्रत्यक्ष कर सरकार की आय का रूप है, उत्पादन का समुच्चय नहीं। B गलत है क्योंकि सकल घरेलू उत्पाद में से मूल्यह्रास घटाने पर शुद्ध घरेलू उत्पाद मिलता है। D गलत है क्योंकि राष्ट्रीय आय इस गणना का परिणाम है, आरंभ बिंदु नहीं। परीक्षा टिप: GDP + विदेशों से शुद्ध साधन आय = GNP; GNP − मूल्यह्रास = NNP; साधन लागत पर NNP = राष्ट्रीय आय।

Q16.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: बिहार · BPSC CDPO Pre 2018मध्यम

'राष्ट्रीय बचत पत्र' की बिक्री से मिलने वाला पैसा भारत सरकार के किस खाते में जाता है?

  1. A.भारत की संचित निधि
  2. B.प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष
  3. C.भारत का लोक लेखा
  4. D.भारत की आकस्मिकता निधि
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. भारत का लोक लेखा

व्याख्या

सही उत्तर है C, भारत का लोक लेखा। राष्ट्रीय बचत पत्र का पैसा बचत करने वालों का होता है, सरकार का नहीं, इसलिए अनुच्छेद 266(2) के तहत यह लोक लेखे में जमा होता है। लोक लेखे में वह पैसा रहता है जिसे सरकार बैंकर या न्यासी (ट्रस्टी) की तरह रखती है, जैसे लघु बचत, भविष्य निधि, जमा राशियाँ और प्रेषण। चूँकि यह पैसा उसके मालिकों को लौटाना होता है, इसलिए इसका भुगतान संसद की मंज़ूरी के बिना कार्यपालिका के आदेश से हो सकता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 266(1) वाली संचित निधि में सरकार का अपना राजस्व, लिए गए कर्ज़ और कर्ज़ों की वसूली आती है, और इससे संसद की मंज़ूरी के बिना कुछ भी खर्च नहीं हो सकता। विकल्प B गलत है, क्योंकि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष जनता के दान से बना अलग कोष है, जो 1948 में विभाजन से विस्थापित लोगों की मदद के लिए बना था। विकल्प D गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 267 वाली आकस्मिकता निधि अचानक आए खर्चों के लिए राष्ट्रपति के अधिकार में रहती है। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 266(1) संचित निधि, 266(2) लोक लेखा, 267 आकस्मिकता निधि।

Q17.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

अर्थव्यवस्था के किस क्षेत्र को सेवा क्षेत्र भी कहा जाता है?

  1. A.प्राथमिक क्षेत्र
  2. B.द्वितीयक क्षेत्र
  3. C.तृतीयक क्षेत्र
  4. D.सार्वजनिक क्षेत्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. तृतीयक क्षेत्र

व्याख्या

सही उत्तर C, तृतीयक क्षेत्र है। यह कोई वस्तु नहीं बनाता; यह परिवहन, भंडारण, संचार, व्यापार, बैंकिंग, बीमा, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा प्रशासन जैसी सेवाएँ देता है, इसीलिए इसे सामान्यतः सेवा क्षेत्र कहा जाता है।

विकल्प A, प्राथमिक क्षेत्र को कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र भी कहते हैं, और विकल्प B, द्वितीयक क्षेत्र को औद्योगिक क्षेत्र, अर्थात तीनों के दो-दो नाम हैं और प्रश्नपत्र इसी भ्रम का लाभ उठाते हैं। विकल्प D, सार्वजनिक क्षेत्र बिल्कुल दूसरे वर्गीकरण का है, जो स्वामित्व पर आधारित है, गतिविधि की प्रकृति पर नहीं; कोई सार्वजनिक उद्यम तीनों में से किसी भी क्षेत्र में हो सकता है, जैसे सरकारी कोयला खान, इस्पात संयंत्र या बैंक। तीनों वर्गीकरणों को अलग रखना ही इस अध्याय का मुख्य कौशल है, और इसी कारण प्रश्न में दिए शब्दों को ध्यान से पढ़िए कि बात गतिविधि की हो रही है, रोजगार की शर्तों की या स्वामित्व की।

Q18.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

नीति आयोग किस तिथि को अस्तित्व में आया?

  1. A.1 जनवरी 2015
  2. B.15 मार्च 2014
  3. C.1 अप्रैल 2016
  4. D.26 जनवरी 2015
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 1 जनवरी 2015

व्याख्या

सही उत्तर A, 1 जनवरी 2015 है। इसी तिथि को मंत्रिमंडल के प्रस्ताव से योजना आयोग के स्थान पर नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया बना, जिसमें प्रधानमंत्री तो अध्यक्ष बने रहे पर संस्था का काम धन आवंटन से बदलकर परामर्श देना हो गया।

विकल्प B में 15 मार्च तिथि तो ठीक है पर वह 1950 में योजना आयोग की स्थापना की थी, अर्थात सही दिन गलत संस्था के साथ जोड़ा गया है। विकल्प C, 1 अप्रैल 2016 केवल एक वित्तीय वर्ष की तिथि है, इस गठन से उसका कोई संबंध नहीं। विकल्प D, 26 जनवरी 2015 गणतंत्र दिवस है और केवल भ्रम के लिए दिया गया है। याद रखने योग्य जोड़ा है योजना आयोग के लिए 1950 और नीति आयोग के लिए 2015, तथा बीच में राष्ट्रीय विकास परिषद के लिए 1952।

Q19.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 16 Feb 2025आसान

मौद्रिक नीति का मुख्य उद्देश्य क्या है?

  1. A.सरकारी खर्च बढ़ाना
  2. B.मूल्य स्थिरता बनाए रखना और आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करना
  3. C.राजकोषीय घाटा कम करना
  4. D.विदेशी मुद्रा भण्डार को नियंत्रित करना
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मूल्य स्थिरता बनाए रखना और आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करना

व्याख्या

सही उत्तर है B, मूल्य स्थिरता बनाए रखना और आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करना। मौद्रिक नीति केंद्रीय बैंक, यानी भारतीय रिज़र्व बैंक, चलाता है, जो अर्थव्यवस्था में मुद्रा की आपूर्ति और उसकी लागत को नियंत्रित करता है। 2016 में संशोधित आरबीआई अधिनियम, 1934 के अनुसार इसका मुख्य लक्ष्य वृद्धि के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए कीमतों को स्थिर रखना है। 2016 में भारत ने लचीला मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण अपनाया, जिसमें 2 से 6 प्रतिशत के दायरे के साथ 4 प्रतिशत CPI मुद्रास्फीति का लक्ष्य रखा गया, और छह सदस्यों वाली मौद्रिक नीति समिति मुख्य नीतिगत दर, यानी रेपो दर, तय करती है। रेपो दर, नकद आरक्षित अनुपात और खुले बाज़ार की क्रियाएँ जैसे साधन आरबीआई को कर्ज़ सस्ता या महँगा करने देते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि सरकारी खर्च बढ़ाना राजकोषीय नीति का कदम है, जो बजट से तय होता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि राजकोषीय घाटा घटाना भी सरकार की राजकोषीय नीति का लक्ष्य है। विकल्प D गलत है, क्योंकि विदेशी मुद्रा भंडार का प्रबंधन आरबीआई का सहायक काम है, मौद्रिक नीति का मुख्य उद्देश्य नहीं। परीक्षा टिप: मौद्रिक नीति यानी आरबीआई और रेपो दर; राजकोषीय नीति यानी सरकार, कर और खर्च।

Q20.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 01 Dec 2022, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन राष्ट्रीय आय के आकलन की विधियों में से एक नहीं है?

  1. A.बैंकिंग विधि
  2. B.व्यय विधि
  3. C.उत्पाद विधि
  4. D.आय विधि
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बैंकिंग विधि

व्याख्या

सही उत्तर है A, बैंकिंग विधि। राष्ट्रीय आय का आकलन तीन मान्य विधियों से होता है — उत्पाद या मूल्य-वर्धित विधि, आय विधि और व्यय विधि। बैंकिंग विधि नाम की कोई विधि नहीं होती। उत्पाद विधि में हर उत्पादक इकाई द्वारा जोड़ा गया मूल्य जोड़ा जाता है, जिससे मध्यवर्ती वस्तुओं की दोहरी गिनती नहीं होती। आय विधि में उत्पादन के साधनों को मिलने वाले वेतन, किराया, ब्याज और लाभ जोड़े जाते हैं। व्यय विधि में निजी उपभोग, निवेश, सरकारी खर्च और शुद्ध निर्यात जोड़े जाते हैं। भारत में राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय तीनों विधियों का प्रयोग करता है और आँकड़ों की आपसी जाँच करता है, क्योंकि सिद्धांत रूप में तीनों से एक ही योग निकलना चाहिए। विकल्प B गलत है, क्योंकि व्यय विधि मान्य विधि है। विकल्प C गलत है, क्योंकि कृषि और उद्योग के अनुमान उत्पाद विधि पर ही टिके हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि सेवा क्षेत्र के लिए मुख्यतः आय विधि अपनाई जाती है। परीक्षा टिप: याद रखें — उत्पाद = आय = व्यय।

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