अपच के उपचार के लिए निम्नलिखित में से किस प्रकार की औषधि का उपयोग किया जाता है?
- A.पीड़ाहारी (एनाल्जेसिक)
- B.प्रतिरोधी (एंटीसेप्टिक)
- C.प्रतिजैविक (एंटीबायोटिक)
- D.प्रति-अम्ल (एंटासिड)
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, प्रति-अम्ल (एंटासिड)। अपच और सीने की जलन प्रायः पेट में अम्ल अधिक बनने से होती है, और एंटासिड एक हल्का क्षार है जो इस अतिरिक्त हाइड्रोक्लोरिक अम्ल को उदासीन कर देता है। आमाशय प्रोटीन के पाचन में मदद के लिए हाइड्रोक्लोरिक अम्ल बनाता है, पर जब यह अधिक मात्रा में बनता है तो जलन, दर्द और बेचैनी होती है। सामान्य एंटासिड हैं मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड (मिल्क ऑफ मैग्नीशिया), एल्युमिनियम हाइड्रॉक्साइड और सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट (खाने का सोडा)। अम्ल के साथ इनकी अभिक्रिया साधारण उदासीनीकरण है, जिससे लवण और पानी बनते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि पैरासिटामोल या एस्पिरिन जैसे पीड़ाहारी दर्द से राहत देते हैं, अम्लता का कारण दूर नहीं करते। विकल्प B गलत है, क्योंकि डेटॉल या टिंचर आयोडीन जैसे प्रतिरोधी घाव और त्वचा पर लगाए जाते हैं ताकि सूक्ष्मजीव न बढ़ें। विकल्प C गलत है, क्योंकि पेनिसिलिन जैसे प्रतिजैविक संक्रमण फैलाने वाले जीवाणुओं को मारते हैं और पेट के अम्ल को उदासीन नहीं करते। Exam tip: एंटासिड = अम्ल उदासीन; एनाल्जेसिक = दर्द; एंटीपायरेटिक = बुखार; एंटीसेप्टिक = जीवित ऊतक पर।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंसमान ताप और दाब की परिस्थितियों में सभी गैसों के समान आयतन में अणुओं की संख्या समान होती है। यह कथन किस नियम के रूप में जाना जाता है?
- A.आवोगाद्रो का नियम
- B.बॉयल का नियम
- C.चार्ल्स का नियम
- D.डाल्टन का आंशिक दाब नियम
उत्तर देखें
इसी से प्रत्येक गैस का एक मोल मानक ताप और दाब पर वही 22.4 लीटर घेरता है, और इसी से रसायनज्ञ हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन जैसी गैसों के सूत्र दो परमाणु वाले तय कर सके।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कार्बन दो ऑक्साइड बनाता है, कार्बन मोनोऑक्साइड और कार्बन डाइऑक्साइड, जिनमें बारह ग्राम कार्बन क्रमशः सोलह और बत्तीस ग्राम ऑक्सीजन से संयोग करता है। यह किस नियम का उदाहरण है?
- A.द्रव्यमान संरक्षण का नियम
- B.स्थिर अनुपात का नियम
- C.गुणित अनुपात का नियम
- D.आवोगाद्रो का नियम
उत्तर देखें
जब दो तत्व एक से अधिक यौगिक बनाते हैं, तो एक तत्व के निश्चित द्रव्यमान से संयोग करने वाले दूसरे तत्व के द्रव्यमान सरल पूर्ण संख्या अनुपात में होते हैं, और यहाँ उसी बारह ग्राम कार्बन के लिए सोलह तथा बत्तीस ग्राम ऑक्सीजन का अनुपात एक और दो है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →36 ग्राम जल में कितने मोल उपस्थित हैं?
- A.एक मोल
- B.दो मोल
- C.तीन मोल
- D.आधा मोल
उत्तर देखें
जल का आण्विक द्रव्यमान अठारह एकीकृत परमाणु द्रव्यमान इकाई है, अर्थात 1 u के दो हाइड्रोजन परमाणु और 16 u का एक ऑक्सीजन परमाणु, इसलिए एक मोल जल का भार अठारह ग्राम होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक एकीकृत परमाणु द्रव्यमान इकाई, जिसे u लिखा जाता है, किसे कहते हैं?
- A.एक हाइड्रोजन परमाणु का द्रव्यमान
- B.कार्बन बारह के एक परमाणु के द्रव्यमान का बारहवाँ भाग
- C.एक ऑक्सीजन परमाणु के द्रव्यमान का सोलहवाँ भाग
- D.एक इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान
उत्तर देखें
यह मानक इसलिए अपनाया गया कि सभी तत्वों के परमाणु द्रव्यमान एक ही सापेक्ष पैमाने पर तुले जा सकें, और उसी पर हाइड्रोजन लगभग 1 u, ऑक्सीजन 16 u तथा क्लोरीन 35.5 u का आता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मानक ताप और दाब पर किसी भी गैस का एक मोल कितना आयतन घेरता है?
- A.11.2 लीटर
- B.22.4 लीटर
- C.24.4 लीटर
- D.1 लीटर
उत्तर देखें
यह आवोगाद्रो के नियम से निकलता है: चूँकि समान ताप और दाब पर सभी गैसों के समान आयतन में अणुओं की संख्या समान होती है, इसलिए हाइड्रोजन, ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का एक एक मोल मानक ताप और दाब पर समान स्थान घेरता है, भले ही उनके द्रव्यमान दो, बत्तीस…
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