अजंता चित्रों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. चट्टान की सतह पर धान की भूसी और गोंद मिली मिट्टी का लेप किया जाता था और उसके ऊपर चूने की परत लगाई जाती थी। 2. चूने की परत पर पहले रेखांकन किया जाता था और बाद में रंग भरे जाते थे। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1 और न ही 2
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, 1 और 2 दोनों। दोनों कथन सही बताते हैं कि अजंता के भित्तिचित्र कैसे तैयार और चित्रित किए गए थे।
महाराष्ट्र की अजंता गुफाएँ लगभग दूसरी सदी ईसा पूर्व से पाँचवीं सदी ईस्वी के बीच काटी गईं और इनमें प्राचीन भारत के सबसे उत्कृष्ट बौद्ध भित्तिचित्र बचे हैं। चित्रकार पहले खुरदरी चट्टान पर धान की भूसी, वनस्पति रेशे और गोंद मिली मिट्टी का लेप करते थे, फिर उस पर चूने के पलस्तर की पतली परत चढ़ाते थे। इस चिकनी सतह पर पहले आमतौर पर लाल रंग से रेखाएँ खींची जाती थीं, फिर मुख्यतः खनिजों से बने रंग भरे जाते थे और अंत में रेखाओं को दोबारा उभारा जाता था। विषय मुख्य रूप से जातक कथाएँ और बुद्ध का जीवन हैं।
A गलत है, क्योंकि कथन 2 भी सही है। B गलत है, क्योंकि मिट्टी, भूसी और चूने की परत वाला कथन 1 भी सही है। D गलत है, क्योंकि कोई भी कथन असत्य नहीं है।
Exam tip: अजंता चित्रण का क्रम: चट्टान, भूसी-गोंद मिली मिट्टी, चूने का पलस्तर, रेखांकन, फिर रंग।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंएलिफेंटा द्वीप के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.इसका नाम अंग्रेज़ों ने वहाँ स्थित हाथी की एक विशाल आकृति के कारण रखा था।
- B.इसमें केवल एक बड़ी गुफा है।
- C.यह विष्णुधर्मोत्तर पुराण में वर्णित विष्णु की एक भव्य नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है।
- D.यह पाशुपत संप्रदाय से जुड़ा है।
उत्तर देखें
एलिफेंटा की गुफाएँ शैव शैलकृत मंदिर हैं और विद्वान इनकी मूर्तिकला को शिव के उपासक पाशुपत संप्रदाय से जोड़ते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →'इनवैल्यूएबल ट्रेज़र्स ऑफ इनक्रेडिबल इंडिया' टैगलाइन किसके लोगो से संबंधित है?
- A.भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण
- B.भारत पर्यटन विकास निगम
- C.भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण
- D.भारत के भौगोलिक संकेतक (GI)
उत्तर देखें
नवंबर 2018 में वाणिज्य मंत्रालय के औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग ने GI टैग वाले उत्पादों के लिए एक साझा लोगो जारी किया, जिसकी टैगलाइन थी "इनवैल्यूएबल ट्रेज़र्स ऑफ इनक्रेडिबल इंडिया"।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में बौद्ध स्तूपों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.अशोक ने स्तूप पूजा को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- B.ये बुद्ध और अन्य भिक्षुओं के अवशेषों के भंडार थे।
- C.ये ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित थे।
- D.ये व्यापार मार्गों के निकट स्थित थे।
उत्तर देखें
स्तूप प्रायः नगरों के पास और व्यापार मार्गों पर बनाए गए, जहाँ व्यापारी और नगरवासी आकर उन्हें दान दे सकते थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नालायिर दिव्य प्रबंधम के 10वीं शताब्दी के रचयिता कौन था/थे?
- A.आलवार
- B.नयनार
- C.अप्पार
- D.संबंदर
उत्तर देखें
तमिल वैष्णव परंपरा के 4,000 पवित्र पदों का संग्रह नालायिर दिव्य प्रबंधम बारह आलवारों की रचना है, जिसे 10वीं शताब्दी में एक संग्रह के रूप में संकलित किया गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित पर विचार कीजिए : 1. तुगलकाबाद किला 2. लोधी गार्डन में बड़ा गुंबद 3. कुतुब मीनार 4. फतेहपुर सीकरी उपर्युक्त स्मारकों के निर्माण का सही कालानुक्रम निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.3, 1, 4, 2
- B.3, 1, 2, 4
- C.1, 3, 2, 4
- D.1, 3, 4, 2
उत्तर देखें
सबसे पहले कुतुब मीनार बनी, फिर तुगलकाबाद किला, फिर लोदी काल का बड़ा गुंबद और अंत में मुगल नगर फतेहपुर सीकरी।
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