आयुष्मान भारत के बारे में प्रधानमंत्री ने आठवीं वर्षगांठ पर निम्न में से कौन सी बात कही?
- A.यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है
- B.इसे बंद कर एक नई योजना में मिलाया जा रहा है
- C.यह केवल सरकारी कर्मचारियों को मिलती है
- D.इसमें केवल बाह्य रोगी परामर्श का खर्च मिलता है
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर यह है कि यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वार्षिक बीमा अब साठ करोड़ से अधिक लाभार्थियों तक पहुंच रहा है और इसी आधार पर उन्होंने इसे अपनी तरह की सबसे बड़ी योजना बताया। दूसरा विकल्प गलत है, क्योंकि संदेश में योजना को बंद करने या किसी और योजना में मिलाने की कोई बात नहीं है, बल्कि पूरा संदेश विस्तार और इलाज के खर्च में हुई रिकॉर्ड बचत की ओर इशारा करता है। तीसरा विकल्प गलत है, क्योंकि संदेश में निर्धन और मध्यम वर्ग को लाभ पाने वाला बताया गया है, सरकारी कर्मचारियों की कोई सीमित श्रेणी नहीं। चौथा विकल्प गलत है, क्योंकि जिस बीमा की बात है वह वार्षिक स्वास्थ्य बीमा है, और प्राथमिक इलाज की चर्चा अलग से आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के संदर्भ में की गई है।
पूरा लेख पढ़ें: आयुष्मान भारत के आठ वर्ष पूरे, 60 करोड़ से अधिक लाभार्थी
अभ्यास प्रश्न
आयुष्मान भारत की आठवीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री के अनुसार लाभार्थी को कितने का वार्षिक स्वास्थ्य बीमा मिलता है?
- A.1 लाख रुपये
- B.3 लाख रुपये
- C.5 लाख रुपये
- D.10 लाख रुपये
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प्रधानमंत्री ने वर्षगांठ के संदेश में कहा कि साठ करोड़ से अधिक लाभार्थियों को इतनी राशि का वार्षिक स्वास्थ्य बीमा मिल रहा है और इसी पहुंच के कारण यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना बनती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्रधानमंत्री के संदेश के अनुसार आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर कितनी बार लोगों की आवाजाही दर्ज हुई है?
- A.100 करोड़ से अधिक
- B.300 करोड़ से अधिक
- C.500 करोड़ से अधिक
- D.700 करोड़ से अधिक
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प्रधानमंत्री ने इसी आंकड़े के आधार पर कहा कि स्वास्थ्य सेवा हर घर के नजदीक पहुंच रही है, क्योंकि आयुष्मान आरोग्य मंदिर नाम के ये केंद्र दूर के अस्पतालों के बजाय मोहल्लों और गांवों में ही प्राथमिक इलाज देते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 के तहत सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम) पर पंजीकृत ई-कचरा रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों की संख्या 38 से बढ़कर कितनी हो गई?
- A.75 से अधिक
- B.100 से अधिक
- C.200 से अधिक
- D.500 से अधिक
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पिछले अभियान में शुरू हुए ई-कचरे पर ध्यान को आगे बढ़ाते हुए विशेष अभियान 6 में डीएआरपीजी ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और रिसाइक्लिंग उद्योग के साथ मिलकर सरकारी दफ्तरों को अधिकृत रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों से जोड़ा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 के दौरान कबाड़ बेचकर सबसे अधिक आय किस मंत्रालय ने अर्जित की?
- A.कोयला मंत्रालय
- B.रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड)
- C.रक्षा मंत्रालय (सैन्य मामलों का विभाग)
- D.पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
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इसके बाद सैन्य मामलों का विभाग 88.96 करोड़ रुपये, कोयला मंत्रालय 61.41 करोड़ रुपये और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय 34.81 करोड़ रुपये के साथ रहे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 में ई-कचरे सहित कबाड़ के निपटान से कुल कितनी आय हुई?
- A.618.06 करोड़ रुपये
- B.770.50 करोड़ रुपये
- C.970.33 करोड़ रुपये
- D.1,120.40 करोड़ रुपये
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विशेष अभियान 6 पोर्टल के संकलित आंकड़ों के अनुसार सभी मंत्रालयों और विभागों ने ई-कचरे सहित कबाड़ बेचकर 970.33 करोड़ रुपये जुटाए, जो विशेष अभियान 5.0 से लगभग 16 प्रतिशत अधिक है।
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