9 सितंबर 2026 को तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के लिए मंजूर पांच रेल मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं की कुल लागत कितनी है?
- A.10,021 करोड़ रुपये
- B.10,783 करोड़ रुपये
- C.12,540 करोड़ रुपये
- D.9,656 करोड़ रुपये
सही उत्तर
A. 10,021 करोड़ रुपये
व्याख्या
सही उत्तर 10,021 करोड़ रुपये है। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने रेल मंत्रालय की पांच परियोजनाओं को इसी लागत पर मंजूरी दी, जो तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के 17 जिलों में फैली हैं और नेटवर्क में लगभग 540 किलोमीटर जोड़ेंगी। विकल्प B यानी 10,783 करोड़ रुपये उसी दिन लिए गए दूसरे निर्णय की लागत है, जिसमें पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की तीन परियोजनाएं शामिल थीं। जो छात्र दोनों समूहों को मिला देते हैं, वे यही विकल्प चुनते हैं। विकल्प C यानी 12,540 करोड़ रुपये किसी भी निर्णय की लागत नहीं है और इसमें केवल 540 का अंक जोड़ा गया है, जो दक्षिणी समूह की लंबाई है। विकल्प D यानी 9,656 करोड़ रुपये में 656 का अंक जोड़ा गया है, जो पूर्वी समूह की लंबाई है। याद रखने का आसान तरीका यह है कि परियोजनाएं जितनी ज्यादा, लागत उतनी कम: पांच परियोजनाएं 10,021 करोड़ रुपये और तीन परियोजनाएं 10,783 करोड़ रुपये।
पूरा लेख पढ़ें: मंत्रिमंडल ने रेलवे की आठ मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी
अभ्यास प्रश्न
पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की तीन मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं से प्रति वर्ष कितनी अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता बनेगी?
- A.47 एमटीपीए
- B.27 एमटीपीए
- C.56 एमटीपीए
- D.14 एमटीपीए
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 27 एमटीपीए
व्याख्या
सही उत्तर 27 एमटीपीए यानी 27 मिलियन टन प्रति वर्ष है। पूर्वी और मध्य भारत की तीन परियोजनाएं खड़गपुर से झारसुगुड़ा चौथी लाइन, कटनी से पेंड्रा रोड चौथी लाइन और बिलासपुर से पेंड्रा रोड तीसरी लाइन हैं। ये कोयला, सीमेंट, लोहा और इस्पात के परिवहन के आवश्यक मार्ग हैं और इनसे बनने वाली अतिरिक्त क्षमता 27 एमटीपीए बताई गई है। विकल्प A यानी 47 एमटीपीए उसी दिन मंजूर दूसरे समूह, यानी दक्षिणी राज्यों की पांच परियोजनाओं की क्षमता है, इसलिए यही सबसे बड़ा भ्रम पैदा करता है। विकल्प C में 56 का अंक है, जो पूर्वी परियोजनाओं से जुड़ने वाले गांवों की 56 लाख आबादी से लिया गया है, माल ढुलाई से इसका कोई संबंध नहीं है। विकल्प D में 14 का अंक है, जो पूर्वी समूह के जिलों की संख्या है। इसलिए पांच परियोजनाओं के साथ 47 एमटीपीए और तीन परियोजनाओं के साथ 27 एमटीपीए जोड़कर याद रखें।
9 सितंबर 2026 को मंजूर आठ रेल मल्टीट्रैकिंग परियोजनाएं किस ढांचे के अंतर्गत तैयार की गई हैं?
- A.भारतमाला परियोजना
- B.सागरमाला कार्यक्रम
- C.प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान
- D.अमृत भारत स्टेशन योजना
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान
व्याख्या
सही उत्तर प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान है। दोनों मंत्रिमंडलीय निर्णयों में कहा गया है कि परियोजनाएं इसी मास्टर प्लान के अंतर्गत बनाई गई हैं, जिसका उद्देश्य एकीकृत योजना और हितधारकों के परामर्श से बहु-मार्गीय संपर्क तथा लॉजिस्टिक दक्षता बढ़ाना है। विकल्प A यानी भारतमाला परियोजना सड़क परिवहन मंत्रालय का राजमार्ग कार्यक्रम है, इसलिए रेल लाइन की क्षमता वृद्धि इसके दायरे में नहीं आती, भले ही उसका लक्ष्य भी बेहतर संपर्क हो। विकल्प B यानी सागरमाला कार्यक्रम बंदरगाहों और तटीय जहाजरानी से जुड़ा है और पोत परिवहन मंत्रालय चलाता है, इसलिए रेल निर्णय के लिए यह गलत है। विकल्प D यानी अमृत भारत स्टेशन योजना रेलवे की ही योजना है, पर वह स्टेशनों के पुनर्विकास से संबंधित है, न कि दो स्टेशनों के बीच तीसरी और चौथी लाइन बिछाने से। परीक्षा के लिए नई रेल लाइनों के हर मंत्रिमंडलीय निर्णय को गति शक्ति से जोड़कर याद रखें।
भारत में खरीफ फसलों की बुआई सामान्यतः कब होती है?
- A.दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के साथ
- B.दिसंबर की शीतकालीन वर्षा के बाद
- C.केवल रबी कटाई के बाद गर्मी के महीनों में
- D.केवल सिंचित कमान क्षेत्रों में फरवरी में
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के साथ
व्याख्या
सही उत्तर यह है कि खरीफ फसलों की बुआई दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के साथ होती है। इसी कारण कृषि मंत्रालय मानसून के महीनों में हर सप्ताह बुआई की प्रगति रिपोर्ट जारी करता है, और 4 सितंबर 2026 तक की स्थिति, जब कुल रकबा 1086.31 लाख हेक्टेयर था, वर्ष की खाद्यान्न आपूर्ति का महत्वपूर्ण संकेत मानी जाती है। विकल्प B रबी सत्र का वर्णन करता है, जिसमें गेहूं और सरसों जैसी फसलें ठंड के महीनों में बोई जाती हैं और वसंत में काटी जाती हैं; यह रिपोर्ट रबी की नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि खरीफ की बुआई वर्षा के साथ होती है और इसका बड़ा हिस्सा वर्षा आधारित है। विकल्प D भी गलत है, क्योंकि खरीफ की बुआई वर्षा आधारित तथा सिंचित दोनों क्षेत्रों में होती है।
8 सितंबर 2026 की खरीफ रिपोर्ट में किन दो फसल समूहों का रकबा पिछले वर्ष की इसी अवधि से अधिक रहा?
- A.धान और कपास
- B.तिलहन और गन्ना
- C.दलहन तथा जूट एवं मेस्ता
- D.मोटे अनाज और कपास
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. दलहन तथा जूट एवं मेस्ता
व्याख्या
सही उत्तर दलहन तथा जूट एवं मेस्ता है। दलहन की बुआई 117.13 लाख हेक्टेयर में हुई, जबकि पिछले वर्ष 115.30 लाख हेक्टेयर थी, और जूट एवं मेस्ता 6.34 लाख हेक्टेयर में, जबकि पिछले वर्ष 6.24 लाख हेक्टेयर था; रिपोर्ट में केवल यही दो समूह पिछले वर्ष से ऊपर हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि धान इस सत्र में सबसे अधिक घटा है और उसका रकबा 438.19 लाख हेक्टेयर से घटकर 421.82 लाख हेक्टेयर रह गया, कपास भी नीचे है। विकल्प B गलत है, क्योंकि तिलहन 191.99 लाख हेक्टेयर और गन्ना 58.47 लाख हेक्टेयर पर आ गया। विकल्प D दोनों दृष्टि से गलत है, क्योंकि श्री अन्न एवं मोटे अनाज 181.39 लाख हेक्टेयर और कपास 109.17 लाख हेक्टेयर पर रहे। दलहन में वृद्धि उत्तर प्रदेश, झारखंड और तेलंगाना से आई।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार 4 सितंबर 2026 तक देश में खरीफ बुआई का कुल रकबा कितना रहा?
- A.986.31 लाख हेक्टेयर
- B.1086.31 लाख हेक्टेयर
- C.1186.31 लाख हेक्टेयर
- D.1286.31 लाख हेक्टेयर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1086.31 लाख हेक्टेयर
व्याख्या
सही उत्तर 1086.31 लाख हेक्टेयर है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की साप्ताहिक बुआई प्रगति रिपोर्ट, जो 8 सितंबर 2026 को जारी हुई, 4 सितंबर 2026 तक की स्थिति के लिए यही कुल रकबा बताती है। पिछले सत्र के इसी सप्ताह की तुलना में बुआई 17.69 लाख हेक्टेयर कम है, और यह सत्र उस सामान्य रकबे से भी नीचे है जिससे मंत्रालय हर साप्ताहिक रिपोर्ट की तुलना करता है। विकल्प A, C और D केवल शुरुआती अंक बदलकर बनाए गए आंकड़े हैं, और प्रश्नपत्र बनाने वाला इसी तरह जांचता है कि अभ्यर्थी ने संख्या याद की है या केवल उसका स्वरूप पहचानता है। रिपोर्ट में इनमें से कोई आंकड़ा नहीं है। दोहराते समय कुल रकबा और उसकी तिथि साथ याद रखें, क्योंकि यह रिपोर्ट हर सप्ताह बदलती है।