2 कूलॉम (C) आवेश को बिंदु A से बिंदु B तक ले जाने में किया गया कार्य 24 J है। A और B के बीच विभवांतर कितना है?
- A.48 V
- B.6 V
- C.12 V
- D.0.08 V
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, 12 V। विभवांतर प्रति इकाई आवेश पर किया गया कार्य है, इसलिए V = W/Q = 24 J ÷ 2 C = 12 V।
दो बिंदुओं के बीच विभवांतर वह कार्य है जो एक कूलॉम आवेश को एक बिंदु से दूसरे तक ले जाने में करना पड़ता है। इसकी SI इकाई वोल्ट है, जिसका नाम अलेस्सांद्रो वोल्टा के नाम पर रखा गया, और 1 वोल्ट 1 जूल प्रति कूलॉम के बराबर है। यहाँ 24 जूल कार्य से 2 कूलॉम आवेश ले जाया गया, यानी हर कूलॉम पर 12 जूल, जो 12 वोल्ट है। यही संबंध, W = VQ, बताता है कि परिपथ में आवेश बहने पर बैटरी कितनी ऊर्जा देती है। विभवांतर को वोल्टमीटर से मापा जाता है, जिसे समानांतर क्रम में जोड़ते हैं।
A गलत है, क्योंकि 48 V कार्य और आवेश को भाग देने के बजाय गुणा करने से आता है। B गलत है, क्योंकि 6 V का अर्थ होगा कि 2 C के लिए केवल 12 J कार्य हुआ। D गलत है, क्योंकि 0.08 V आवेश को कार्य से भाग देने पर आता है, जो सूत्र को उलट देना है।
Exam tip: V = W/Q; 1 वोल्ट = 1 जूल प्रति कूलॉम; वोल्टमीटर समानांतर में, एमीटर श्रेणी में जोड़ा जाता है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंधावकों (स्प्रिंटर्स) की मांसपेशियों में निम्नलिखित में से किसके जमा होने से ऐंठन होती है?
- A.लैक्टिक अम्ल
- B.एथेनॉल
- C.पाइरुविक अम्ल
- D.ग्लूकोज
उत्तर देखें
तेज दौड़ के दौरान मांसपेशियों को ऊर्जा की जरूरत इतनी तेजी से होती है कि रक्त पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुँचा पाता, इसलिए वे अवायवीय श्वसन करने लगती हैं और लैक्टिक अम्ल जमा हो जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस तत्व का पता "लैसेन परीक्षण" से नहीं लगाया जा सकता?
- A.I
- B.Cl
- C.S
- D.F
उत्तर देखें
लैसेन परीक्षण से फ्लोरीन का पता नहीं लगता, क्योंकि सिल्वर फ्लोराइड पानी में घुलनशील है और कोई अवक्षेप नहीं देता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पक्षियों और चमगादड़ों के पंखों को समवृत्ति (एनालॉगस) संरचनाएँ माना जाता है, क्योंकि उनमें होता है
- A.समान उत्पत्ति और समान कार्य
- B.भिन्न उत्पत्ति और समान कार्य
- C.समान उत्पत्ति और भिन्न कार्य
- D.भिन्न उत्पत्ति और भिन्न कार्य
उत्तर देखें
समवृत्ति संरचनाएँ एक जैसा काम करती हैं पर उनका विकास अलग-अलग हुआ होता है, और पक्षियों तथा चमगादड़ों के पंख इसका मानक उदाहरण हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा एक मुक्तजीवी (स्वतंत्र रूप से रहने वाला) जंतु है?
- A.लिवर फ्लूक
- B.वुचेरेरिया
- C.प्लाज्मोडियम
- D.प्लेनेरिया
उत्तर देखें
प्लेनेरिया एक मुक्तजीवी चपटा कृमि है, जबकि बाकी तीनों परजीवी हैं जो किसी पोषक के भीतर रहते हैं। प्लेनेरिया संघ प्लेटीहेल्मिन्थीज़ का सदस्य है और मीठे पानी के तालाबों और धाराओं में पत्थरों के नीचे सरकते हुए छोटे जीवों को खाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किसी कण का रैखिक संवेग संरक्षित रहता है यदि:
- A.उस पर कुल बल अधिकतम हो।
- B.उस पर कुल बल शून्य हो।
- C.उस पर कुल बल-आघूर्ण शून्य हो।
- D.उस पर किया गया कुल कार्य अधिकतम हो।
उत्तर देखें
रैखिक संवेग तभी स्थिर रहता है जब कोई कुल बाहरी बल न लगे। रैखिक संवेग द्रव्यमान और वेग का गुणनफल है, p = mv।
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