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GK24
बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताकठिन

1957 से अपनाई गई न्यूनतम प्रारक्षित निधि प्रणाली के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को कम से कम कितनी परिसंपत्तियाँ रखनी होती हैं?

  1. A.दो सौ करोड़ रुपये, जिनमें स्वर्ण कम से कम एक सौ पंद्रह करोड़ का हो
  2. B.एक सौ करोड़ रुपये, जिनमें स्वर्ण कम से कम पचास करोड़ का हो
  3. C.पाँच सौ करोड़ रुपये, जिनमें स्वर्ण कम से कम दो सौ करोड़ का हो
  4. D.दो सौ करोड़ रुपये, पूर्णतः स्वर्ण में

सही उत्तर

A. दो सौ करोड़ रुपये, जिनमें स्वर्ण कम से कम एक सौ पंद्रह करोड़ का हो

व्याख्या

सही उत्तर A है। 1957 से भारत में नोट निर्गम की न्यूनतम प्रारक्षित निधि प्रणाली चल रही है, जिसके अंतर्गत रिज़र्व बैंक को प्रचलन में मौजूद नोटों के विरुद्ध कम से कम दो सौ करोड़ रुपये की परिसंपत्तियाँ रखनी होती हैं, जिनमें स्वर्ण कम से कम एक सौ पंद्रह करोड़ रुपये का हो और शेष विदेशी प्रतिभूतियों में रखा जा सके। इस प्रणाली ने पहले की आनुपातिक प्रारक्षित प्रणाली का स्थान लिया और नोट निर्गम को सोने के एक निश्चित अनुपात से बँधे रहने के बजाय बढ़ती अर्थव्यवस्था की आवश्यकता के साथ बढ़ने देती है।

विकल्प B दोनों अंक कम बताता है। विकल्प C दोनों अंक अधिक बताता है। विकल्प D इसलिए गलत है कि यह प्रारक्षित निधि पूरी तरह स्वर्ण में नहीं रखी जाती; केवल छोटा स्वर्ण अंश निश्चित है और शेष अनुमोदित विदेशी प्रतिभूतियों में रखा जा सकता है। प्रश्नपत्र इसी अंक युग्म को परखते हैं, इसलिए दोनों संख्याएँ साथ याद कीजिए।

पूरा लेख पढ़ें: आरबीआई के कार्य: मौद्रिक नीति और साख नियंत्रण

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Q1.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: दिल्ली · 3 Dec 2020, Shift 1आसान

भारतीय रिज़र्व बैंक का राष्ट्रीयकरण किस वर्ष हुआ था?

  1. A.1971
  2. B.1956
  3. C.1949
  4. D.1935
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1949

व्याख्या

सही उत्तर C, 1949 है। भारतीय रिज़र्व बैंक आरंभ में शेयरधारकों का बैंक था और इसे रिज़र्व बैंक (सार्वजनिक स्वामित्व में अंतरण) अधिनियम 1948 के अंतर्गत 1 जनवरी 1949 को सार्वजनिक स्वामित्व में ले लिया गया। तब से इसकी संपूर्ण पूँजी भारत सरकार के पास है, यद्यपि बैंक का संचालन उसके अपने 1934 के अधिनियम के अंतर्गत बने केंद्रीय बोर्ड द्वारा ही होता है।

विकल्प A, 1971, 1969 के बैंक राष्ट्रीयकरण के निकट है, इसलिए भ्रम के लिए रखा गया है। विकल्प B, 1956, वह वर्ष है जब इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया को भारतीय स्टेट बैंक के रूप में पुनर्गठित करने की प्रक्रिया चल रही थी, और परीक्षार्थी इसे इस घटना से मिला देते हैं। विकल्प D, 1935, वह वर्ष है जब रिज़र्व बैंक ने 1934 के अधिनियम के अंतर्गत 1 अप्रैल को कार्य आरंभ किया, और यही चारों में सबसे आम गलत उत्तर है।

Q2.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: SSC CHSL · 10 Aug 2021, Shift 2मध्यम

विदेशी मुद्रा भंडार के प्रबंधन से संबंधित विधिक प्रावधान भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, ______ में दिए गए हैं।

  1. A.1947
  2. B.1934
  3. C.1923
  4. D.1971
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1934

व्याख्या

सही उत्तर B, 1934 है। भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम 1934 वही विधि है जिसने बैंक की स्थापना की और इसी में देश के विदेशी मुद्रा भंडार की अभिरक्षा तथा उसके नियोजन संबंधी प्रावधान हैं, जिस भंडार को बैंक रखता और निवेश करता है। निवासियों के विदेशी मुद्रा संबंधी दैनिक लेनदेन अलग से विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम 1999 से नियंत्रित होते हैं, जिसने 1973 के पुराने विनियमन अधिनियम का स्थान लिया, परंतु बैंक की अपनी भंडार प्रबंधन शक्तियाँ उसके स्थापक अधिनियम से आती हैं।

विकल्प A, 1947, स्वतंत्रता का वर्ष और पहले के विदेशी मुद्रा विनियमन कानून का वर्ष है, इसलिए आकर्षक लगता है। विकल्प C, 1923, बहुत पहले का है, क्योंकि बैंक की संस्तुति देने वाले हिल्टन यंग आयोग ने 1926 में ही रिपोर्ट दी थी। विकल्प D, 1971, रिज़र्व बैंक की किसी संबंधित विधि से मेल नहीं खाता।

Q3.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: SSC CGL · 3 March 2020, Shift 1आसान

भारत में रेपो दर और रिवर्स रेपो दर इनमें से कौन सी संस्था निर्धारित करती है?

  1. A.वित्त मंत्रालय
  2. B.भारतीय स्टेट बैंक
  3. C.भारत का नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक
  4. D.भारतीय रिज़र्व बैंक
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. भारतीय रिज़र्व बैंक

व्याख्या

सही उत्तर D, भारतीय रिज़र्व बैंक है। नीतिगत दरों की घोषणा रिज़र्व बैंक करता है, और 2016 से यह निर्णय गवर्नर की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति लेती है। रेपो दर वह दर है जिस पर बैंक सरकारी प्रतिभूतियों के विरुद्ध बैंक से अल्पकालिक धन उधार लेते हैं, और रिवर्स रेपो वह दर है जिस पर बैंक उनकी अतिरिक्त राशि अपने पास लेता है, अतः दोनों केंद्रीय बैंक के उपकरण हैं, किसी अन्य निकाय के नहीं।

विकल्प A, वित्त मंत्रालय, बैंक के परामर्श से मुद्रास्फीति लक्ष्य तय करता है और समिति के तीन सदस्य नियुक्त करता है, परंतु दरें नहीं तय करता। विकल्प B, भारतीय स्टेट बैंक, एक वाणिज्यिक बैंक है जो इन्हीं दरों पर उधार लेता है। विकल्प C, नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक, सरकारी लेखाओं की लेखापरीक्षा करता है और मौद्रिक नीति में उसकी कोई भूमिका नहीं है।

Q4.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताआसान

भारतीय रिज़र्व बैंक ने अपना कार्य कब आरंभ किया?

  1. A.1 अप्रैल 1935
  2. B.1 जुलाई 1955
  3. C.1 जनवरी 1949
  4. D.1 अप्रैल 1934
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 1 अप्रैल 1935

व्याख्या

सही उत्तर A, 1 अप्रैल 1935 है। भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम 1934 में पारित हुआ और बैंक ने अगले वर्ष अप्रैल की पहली तारीख को कलकत्ता स्थित अपने केंद्रीय कार्यालय से कार्य आरंभ किया। इसकी स्थापना हिल्टन यंग आयोग की संस्तुति पर शेयरधारकों के बैंक के रूप में हुई, और इसके पहले गवर्नर सर ओसबोर्न स्मिथ थे।

विकल्प B, 1 जुलाई 1955, वह दिन है जब इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया का पुनर्गठन भारतीय स्टेट बैंक के रूप में हुआ। विकल्प C, 1 जनवरी 1949, रिज़र्व बैंक के राष्ट्रीयकरण का दिन है, जो एक भिन्न पड़ाव है। विकल्प D, 1 अप्रैल 1934, कार्य आरंभ की तिथि को अधिनियम के वर्ष से मिला देता है और यही वह जाल है जो उन परीक्षार्थियों को पकड़ता है जिन्हें अंक तो याद हैं पर यह नहीं कि कौन सा किससे जुड़ा है।

Q5.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना की संस्तुति किस आयोग ने की थी?

  1. A.हिल्टन यंग आयोग
  2. B.नरसिंहम समिति
  3. C.फजल अली आयोग
  4. D.सरकारिया आयोग
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. हिल्टन यंग आयोग

व्याख्या

सही उत्तर A, हिल्टन यंग आयोग है। औपचारिक रूप से यह भारतीय मुद्रा एवं वित्त संबंधी रॉयल कमीशन था, जिसने 1926 में रिपोर्ट दी और संस्तुति की कि उस समय सरकार तथा इंपीरियल बैंक के बीच बँटे मुद्रा और साख संबंधी कार्य एक ही केंद्रीय बैंक को सौंपे जाएँ। इसी संस्तुति से भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम 1934 बना और 1935 में बैंक खुला।

विकल्प B, नरसिंहम समिति, ने 1991 और 1998 में बैंकिंग सुधार, विवेकपूर्ण मानकों और समेकन पर रिपोर्ट दी, जो बैंक के अस्तित्व में आने के बहुत बाद की बात है। विकल्प C, फजल अली आयोग, 1955 का राज्य पुनर्गठन आयोग था और राजव्यवस्था से संबंधित है, बैंकिंग से नहीं। विकल्प D, सरकारिया आयोग, ने अस्सी के दशक में केंद्र राज्य संबंधों की जाँच की। इनमें केवल पहला ही मुद्रा और वित्त संबंधी निकाय है।