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भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज: सेट 22

  • 20 प्रश्न
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इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज़ (सेट 22) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 20 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: बौद्ध और जैन धर्म, प्राचीन भारतीय राजवंश और उनके संस्थापक, मौर्य साम्राज्य और अन्य। इनमें से 19 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CPO · 23 November 2020, Shift 1मध्यम

'अष्ट महास्थान' बुद्ध के जीवन से जुड़े आठ महत्वपूर्ण स्थानों को कहते हैं। निम्नलिखित में से कौन-सा उनमें शामिल नहीं है?

  1. A.सारनाथ
  2. B.रायगढ़
  3. C.लुंबिनी
  4. D.बोधगया
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. रायगढ़

व्याख्या

सही उत्तर है B, रायगढ़। रायगढ़ महाराष्ट्र का वह पहाड़ी दुर्ग है जिसे छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपनी राजधानी बनाया था, और उसका बुद्ध से कोई संबंध नहीं है। अष्ट महास्थान वे आठ स्थान हैं जो बुद्ध के जीवन की प्रमुख घटनाओं से जुड़े हैं: लुंबिनी जहाँ उनका जन्म हुआ, बोधगया जहाँ उन्हें ज्ञान मिला, सारनाथ जहाँ उन्होंने पहला उपदेश दिया, कुशीनगर जहाँ उनका महापरिनिर्वाण हुआ, तथा श्रावस्ती, राजगीर, संकिसा और वैशाली, जिनमें से हर एक किसी चमत्कार या उपदेश काल की महत्वपूर्ण घटना से जुड़ा है। A गलत है क्योंकि वाराणसी के पास सारनाथ में ही धर्मचक्र प्रवर्तन हुआ था। C गलत है क्योंकि नेपाल स्थित लुंबिनी उनका जन्मस्थान है। D गलत है क्योंकि बिहार के बोधगया में वे बोधि वृक्ष के नीचे बैठे थे। परीक्षा टिप: पहले चार मुख्य स्थान याद रखें, फिर शेष चार।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 01 Jul, 2024, Shift 4मध्यम

निम्नलिखित में से कौन ‘विक्रमशिला विश्वविद्यालय’ का संस्थापक था?

  1. A.रामपाल
  2. B.गोविंदपाल
  3. C.महिपाल प्रथम
  4. D.धर्मपाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. धर्मपाल

व्याख्या

सही उत्तर है D, धर्मपाल। बंगाल और बिहार के पाल वंश के दूसरे और सबसे प्रतापी शासक धर्मपाल ने आठवीं शताब्दी के अंत में विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना की, जो आज के बिहार के भागलपुर जिले में था। उन्होंने ओदंतपुरी का विहार भी बनवाया और पालों के समय ये नालंदा के बाद बौद्ध शिक्षा के सबसे बड़े केंद्र बने। विक्रमशिला तांत्रिक बौद्ध धर्म के अध्ययन के लिए प्रसिद्ध था और इसके सबसे जाने-माने आचार्य अतीश दीपंकर श्रीज्ञान थे, जो बौद्ध धर्म को तिब्बत ले गए। लगभग 1193 में बख्तियार खिलजी के आक्रमणों में यह विश्वविद्यालय नष्ट हो गया। धर्मपाल ने कन्नौज के लिए त्रिपक्षीय संघर्ष में भाग लिया और चक्रायुध को वहाँ गद्दी पर बैठाया। विकल्प C गलत है, क्योंकि महिपाल प्रथम ने केवल पाल शक्ति फिर जगाई और विहारों की मरम्मत कराई। विकल्प A गलत है, क्योंकि रामपाल बहुत बाद के पाल शासक थे, जिन पर संध्याकर नंदी ने रामचरितम् लिखा। विकल्प B गलत है, क्योंकि गोविंदपाल इस वंश के अंतिम शासक थे। परीक्षा टिप: नालंदा कुमारगुप्त प्रथम से और ओदंतपुरी तथा विक्रमशिला धर्मपाल से जुड़े हैं।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 15 Feb 2019, Shift 2आसान

मौर्य साम्राज्य की राजधानी कौन थी?

  1. A.पाटलिपुत्र
  2. B.वैशाली
  3. C.इंद्रप्रस्थ
  4. D.कुशीनगर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. पाटलिपुत्र

व्याख्या

सही उत्तर है A, पाटलिपुत्र। पाटलिपुत्र, आज का पटना, वहाँ बसा था जहाँ सोन नदी गंगा से मिलती है, और यही चंद्रगुप्त मौर्य द्वारा लगभग 322 ईसा पूर्व चाणक्य की सहायता से स्थापित मौर्य साम्राज्य की राजधानी थी। सेल्यूकस द्वारा चंद्रगुप्त के दरबार में भेजे गए राजदूत मेगस्थनीज ने अपनी पुस्तक इंडिका में इसे लकड़ी की प्राचीर से घिरा लंबा नगर बताया, जिसमें चौंसठ द्वार और पाँच सौ सत्तर बुर्ज थे। अशोक ने लगभग 250 ईसा पूर्व यहीं तीसरी बौद्ध संगीति कराई। विकल्प B गलत है, क्योंकि वैशाली लिच्छवि गणराज्य की राजधानी थी और दूसरी बौद्ध संगीति का स्थान थी। विकल्प C गलत है, क्योंकि इंद्रप्रस्थ महाभारत में दिल्ली क्षेत्र का प्राचीन नाम है, मौर्य राजधानी नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि कुशीनगर वह स्थान है जहाँ बुद्ध ने महापरिनिर्वाण प्राप्त किया। परीक्षा टिप: पाटलिपुत्र हर्यक, नंद, मौर्य और बाद में गुप्त वंश की भी राजधानी रहा।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 02 Aug, 2023, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से किस आंग्ल-मराठा युद्ध के परिणामस्वरूप पेशवा के क्षेत्र बंबई प्रेसीडेंसी में मिला दिए गए थे?

  1. A.चौथा
  2. B.तीसरा
  3. C.दूसरा
  4. D.पहला
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. तीसरा

व्याख्या

सही उत्तर है B, तीसरा। तीसरा आंग्ल-मराठा युद्ध 1817-18 में लॉर्ड हेस्टिंग्स के समय लड़ा गया और इसी से मराठा शक्ति समाप्त हुई। पेशवा बाजीराव द्वितीय खड़की, कोरेगाँव और अष्टी में पराजित हुआ, पेशवा का पद ही समाप्त कर दिया गया और पूना के आसपास के उसके क्षेत्र लेकर बंबई प्रेसीडेंसी में मिला दिए गए। बाजीराव द्वितीय को पेंशन देकर कानपुर के पास बिठूर भेज दिया गया और शिवाजी के वंशज के लिए सतारा में एक छोटा राज्य बना दिया गया। इसके बाद ईस्ट इंडिया कंपनी भारत की सर्वोपरि शक्ति बन गई। विकल्प A गलत है, क्योंकि चौथा आंग्ल-मराठा युद्ध हुआ ही नहीं; मराठों ने तीन युद्ध लड़े। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1803-05 का दूसरा युद्ध बसीन की संधि के बाद हुआ और उसमें मराठों ने ओडिशा, दिल्ली तथा आगरा खोए, पर पेशवा अपने पद पर बना रहा। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1775-82 का पहला युद्ध सालबाई की संधि से समाप्त हुआ, जिसने युद्ध से पहले की स्थिति बहाल कर दी। परीक्षा टिप: सालबाई 1782, बसीन 1802, पेशवा पद समाप्त 1818।

Q5.भारतीय इतिहासमध्यम

निम्नलिखित में से कौन गुप्तकाल में बना नागर शैली का प्रारंभिक पाषाण मंदिर है?

  1. A.एलोरा का कैलाश मंदिर
  2. B.देवगढ़ का दशावतार मंदिर
  3. C.तंजावुर का बृहदेश्वर मंदिर
  4. D.कोणार्क का सूर्य मंदिर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. देवगढ़ का दशावतार मंदिर

व्याख्या

सही उत्तर B, देवगढ़ का दशावतार मंदिर है, जो उत्तर प्रदेश में है। छठी शताब्दी के आरंभ में बना यह उन पहले पाषाण मंदिरों में है जिनके गर्भगृह पर शिखर है, और यही विशेषता नागर शैली की पहचान है। शेषशायी विष्णु और नर-नारायण के इसके फलक गुप्तकालीन मूर्तिकला के मानक उदाहरण हैं। इसके साथ प्रायः भीतरगाँव का ईंट मंदिर और साँची का मंदिर संख्या 17 भी गिनाए जाते हैं।

विकल्प A, एलोरा का कैलाश मंदिर, आठवीं शताब्दी में राष्ट्रकूट राजा कृष्ण प्रथम के समय चट्टान काटकर बनाया गया। विकल्प C, तंजावुर का बृहदेश्वर मंदिर, चोल शासक राजराज प्रथम का द्रविड़ शैली का मंदिर है, जो 1010 ईस्वी में पूरा हुआ। विकल्प D, कोणार्क का सूर्य मंदिर, तेरहवीं शताब्दी में पूर्वी गंग शासक नरसिंहदेव प्रथम ने बनवाया।

Q6.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 02 Jul, 2024, Shift 4कठिन

बिजोलिया शिलालेख में निम्नलिखित में से किस वंश की वंशावली मिली है?

  1. A.चाहमान
  2. B.चंदेल
  3. C.परमार
  4. D.गहड़वाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. चाहमान

व्याख्या

सही उत्तर है A, चाहमान। बिजोलिया शिलालेख राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के बिजोलिया में है और 1170 ईस्वी का माना जाता है, यानी सोमेश्वर के शासनकाल का। इसमें शाकंभरी के चौहानों यानी चाहमान वंश की वंशावली दी गई है। संस्कृत में लिखा यह लेख जैन व्यापारी लोलाक ने पार्श्वनाथ मंदिर के पास उत्कीर्ण कराया था और इसमें सामंतराज से लेकर पृथ्वीराज चौहान के पिता सोमेश्वर तक के शासकों के नाम हैं। इतिहासकार इसे इसलिए महत्वपूर्ण मानते हैं कि इसमें चाहमानों को वत्स गोत्र का ब्राह्मण कहा गया है और अजमेर के लिए अजयमेरु जैसे पुराने स्थान-नाम मिलते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि खजुराहो बनवाने वाले बुंदेलखंड के चंदेलों की जानकारी खजुराहो तथा मऊ अभिलेखों से मिलती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि मालवा के परमारों का वर्णन उदयपुर प्रशस्ति में है। विकल्प D गलत है, क्योंकि कन्नौज के गहड़वालों की जानकारी चंद्रावती आदि ताम्रपत्रों से मिलती है। परीक्षा टिप: बिजोलिया - चाहमान; खजुराहो - चंदेल; उदयपुर प्रशस्ति - परमार।

Q7.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 02 Dec 2022, Shift 2मध्यम

हर्षवर्धन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है?

  1. A.हर्षवर्धन ने लगभग 1400 वर्ष पूर्व शासन किया था
  2. B.ह्वेनसांग ने हर्ष के दरबार में बहुत समय बिताया
  3. C.हर्षवर्धन का दरबारी कवि हरिषेण था
  4. D.हर्षचरित हर्षवर्धन पर लिखी गई जीवनी है
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. हर्षवर्धन का दरबारी कवि हरिषेण था

व्याख्या

सही उत्तर C है, क्योंकि हर्षवर्धन का दरबारी कवि बाणभट्ट था, हरिषेण नहीं। हरिषेण तो कहीं पहले की शताब्दी का है: वह समुद्रगुप्त का दरबारी कवि था और उसने प्रयाग प्रशस्ति अर्थात इलाहाबाद स्तंभ अभिलेख की रचना की थी। इसलिए यही कथन गलत है, और प्रश्न गलत कथन ही पूछ रहा है।

विकल्प A सही कथन है, क्योंकि हर्ष ने 606 ईस्वी से लगभग 647 ईस्वी तक शासन किया, जो आज से लगभग चौदह सौ वर्ष पूर्व का काल है। विकल्प B भी सही है, क्योंकि चीनी यात्री ह्वेनसांग 629 से 645 ईस्वी के बीच भारत में रहा और कई वर्ष हर्ष के दरबार में बिताए, जिसका विवरण उसकी पुस्तक सी-यू-की में है। विकल्प D भी सही है, क्योंकि हर्षचरित बाणभट्ट द्वारा लिखी गई हर्ष की जीवनी है और इसे संस्कृत का पहला ऐतिहासिक जीवनचरित माना जाता है।

Q8.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 13 Oct 2020, Shift 1आसान

अहमद शाह अब्दाली ने किस युद्ध में मराठों को हराया था?

  1. A.पानीपत का तृतीय युद्ध
  2. B.खानवा का युद्ध
  3. C.बक्सर का युद्ध
  4. D.तराइन का प्रथम युद्ध
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. पानीपत का तृतीय युद्ध

व्याख्या

सही उत्तर है A, पानीपत का तृतीय युद्ध। अहमद शाह अब्दाली, जिन्हें अहमद शाह दुर्रानी भी कहा जाता है, ने 14 जनवरी 1761 को पानीपत के तृतीय युद्ध में मराठों को हराया। मराठा सेना का नेतृत्व सदाशिवराव भाऊ कर रहे थे और उनके साथ युवा विश्वासराव थे, जबकि अब्दाली के साथ रुहेलों के नजीब-उद-दौला और अवध के शुजा-उद-दौला थे। इस युद्ध में मराठों की पूरी एक पीढ़ी के सेनापति मारे गए और उत्तर भारत में उनके प्रभुत्व की दौड़ रुक गई, जिससे अंग्रेजों के लिए रास्ता खुल गया। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1527 का खानवा का युद्ध बाबर और मेवाड़ के राणा सांगा के बीच हुआ था। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1764 के बक्सर के युद्ध में हेक्टर मुनरो के नेतृत्व में अंग्रेजों ने मीर कासिम, शुजा-उद-दौला और शाह आलम द्वितीय की संयुक्त सेना को हराया। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1191 का तराइन का प्रथम युद्ध पृथ्वीराज चौहान ने मुहम्मद गोरी के विरुद्ध जीता था। परीक्षा टिप: पानीपत 1526 में बाबर-इब्राहिम लोदी, 1556 में अकबर-हेमू और 1761 में अब्दाली-मराठा।

Q9.भारतीय इतिहासपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC General Studies 2017 Official Papeमध्यम

दिल्ली सल्तनत के किस वंश ने सबसे कम समय तक शासन किया?

  1. A.खिलजी
  2. B.तुगलक
  3. C.सैयद
  4. D.लोदी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. खिलजी

व्याख्या

सही उत्तर A, खिलजी है। खिलजी वंश ने दिल्ली की गद्दी 1290 में, जब जलालुद्दीन खिलजी ने सत्ता ली, से लेकर 1320 तक, जब गाजी मलिक ने खुसरो खान को हटाया, अपने पास रखी। यह लगभग तीस वर्ष होते हैं, जो दिल्ली सल्तनत के पाँच वंशों में सबसे कम अवधि है, भले ही इसी वंश ने अलाउद्दीन खिलजी जैसा सबसे शक्तिशाली शासक दिया। विकल्प B गलत है क्योंकि तुगलक वंश ने 1320 से 1414 तक, लगभग चौरानवे वर्ष शासन किया, जो पाँचों में सबसे लंबी अवधि है। विकल्प C गलत है क्योंकि 1414 में खिज्र खान द्वारा स्थापित सैयद वंश 1451 तक चला, अर्थात लगभग सैंतीस वर्ष, जो खिलजी काल से अधिक है। विकल्प D गलत है क्योंकि लोदी वंश 1451 से 1526 तक, लगभग पचहत्तर वर्ष रहा और पानीपत में इब्राहीम लोदी की पराजय के साथ समाप्त हुआ। तुलना के लिए, गुलाम वंश 1206 से 1290 तक लगभग चौरासी वर्ष चला।

Q10.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 11 March 2019, Shift 3आसान

1965 में पाकिस्तान के साथ युद्ध के समय भारत का नेतृत्व करने वाले प्रधानमंत्री कौन थे?

  1. A.मोरारजी देसाई
  2. B.इंदिरा गांधी
  3. C.लाल बहादुर शास्त्री
  4. D.जवाहरलाल नेहरू
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. लाल बहादुर शास्त्री

व्याख्या

सही उत्तर है C, लाल बहादुर शास्त्री। लाल बहादुर शास्त्री 1964 से 1966 तक प्रधानमंत्री रहे और 1965 के भारत-पाक युद्ध में उन्होंने देश का नेतृत्व किया। उन्होंने जय जवान जय किसान का नारा दिया, जिसने सीमा पर खड़े सैनिक को खेत में काम करने वाले किसान से जोड़ा, और उनके कार्यकाल में हरित क्रांति की शुरुआत हुई तथा भारतीय खाद्य निगम की स्थापना हुई। युद्ध ताशकंद समझौते से समाप्त हुआ, जिस पर 10 जनवरी 1966 को अयूब खान के साथ हस्ताक्षर हुए; उसी रात ताशकंद में शास्त्री जी का निधन हो गया। उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न दिया गया, और 2 अक्टूबर उनकी जयंती तथा गांधी जयंती दोनों के रूप में याद किया जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि मोरारजी देसाई 1977 में प्रधानमंत्री बने। विकल्प B गलत है, क्योंकि इंदिरा गांधी 1966 में पद पर आईं और उन्होंने 1971 के युद्ध में नेतृत्व किया। विकल्प D गलत है, क्योंकि जवाहरलाल नेहरू का निधन मई 1964 में, इस युद्ध से पहले हो गया था। परीक्षा टिप: 1962 चीन के साथ नेहरू, 1965 पाकिस्तान के साथ शास्त्री, 1971 बांग्लादेश युद्ध इंदिरा गांधी के समय।

Q11.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CPO · 11 Nov 2022, Shift 1कठिन

किस बहमनी शासक ने महमूद गवाँ को 'मलिक-उत-तुज्जार' अर्थात 'व्यापारियों का प्रमुख' की उपाधि दी थी?

  1. A.हुमायूँ शाह
  2. B.अलाउद्दीन हसन बहमन शाह
  3. C.मुहम्मद शाह
  4. D.फ़िरोज़ शाह
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. हुमायूँ शाह

व्याख्या

सही उत्तर है A, हुमायूँ शाह। महमूद गवाँ फ़ारस का व्यापारी और विद्वान था, जो 1453 में बहमनी दरबार पहुँचा। सुल्तान हुमायूँ शाह ने, जिसका शासन 1458 से 1461 तक रहा, उसे 'मलिक-उत-तुज्जार' अर्थात व्यापारियों का प्रमुख की उपाधि दी। आगे चलकर गवाँ वज़ीर बना और लगभग बीस वर्ष तक राज्य चलाया। उसने सूबेदारों की शक्ति घटाने के लिए राज्य को आठ प्रांतों में बाँटा, भू-राजस्व की पैमाइश सुधारी और बीदर में प्रसिद्ध मदरसा बनवाया। उसके सुधारों से नाराज़ सरदारों ने झूठा पत्र गढ़कर उस पर आरोप लगाया और 1481 में उसे मृत्युदंड दे दिया गया। B गलत है क्योंकि अलाउद्दीन हसन बहमन शाह ने 1347 में राज्य की स्थापना की थी। C गलत है क्योंकि मुहम्मद शाह तृतीय के समय वह वज़ीर था। D गलत है क्योंकि फ़िरोज़ शाह का शासन 1397 से 1422 तक था। परीक्षा टिप: गवाँ, बीदर मदरसा, 1481।

Q12.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 02 Aug, 2023, Shift 3आसान

मुगलों के प्रशासन में मनसबदारी व्यवस्था किसने आरंभ की?

  1. A.अकबर
  2. B.शाहजहाँ
  3. C.औरंगजेब
  4. D.जहाँगीर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अकबर

व्याख्या

सही उत्तर है A, अकबर। अकबर ने सोलहवीं शताब्दी के अंतिम वर्षों में साम्राज्य के हर अधिकारी का श्रेणीकरण करने के लिए मनसबदारी व्यवस्था शुरू की। मनसब का अर्थ पद या श्रेणी है, और हर मनसबदार के दो अंक होते थे: जात, जो उसका व्यक्तिगत दर्जा और वेतन तय करता था, और सवार, यानी उसे कितने सशस्त्र घुड़सवार तैयार रखने थे। श्रेणियाँ दस से पाँच हजार तक थीं और इससे ऊँची श्रेणियाँ शाही परिवार के राजकुमारों के लिए रखी गई थीं। अकबर ने घोड़ों पर सरकारी छाप लगाने की दाग प्रथा और हर सिपाही का हुलिया लिखने की चेहरा प्रथा भी चलाई, जिससे अधिकारी गिनती के समय उधार के सिपाही न दिखा सकें। विकल्प D गलत है, क्योंकि जहाँगीर ने केवल दु-अस्पा सिह-अस्पा व्यवस्था जोड़ी, जिससे जात बढ़ाए बिना घुड़सवार बढ़ जाते थे। विकल्प B गलत है, क्योंकि शाहजहाँ ने वेतन ठीक करने के लिए माहवार (महाना) पैमाना चलाया। विकल्प C गलत है, क्योंकि औरंगजेब ने इसे जैसा पाया वैसा ही चलने दिया। परीक्षा टिप: अकबर से मनसबदारी श्रेणियाँ और टोडरमल की दहसाला बंदोबस्त व्यवस्था जुड़ी है।

Q13.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 15 Feb 2019, Shift 2मध्यम

आगरा की मोती मस्जिद किस मुगल शासक से संबंधित है?

  1. A.औरंगजेब
  2. B.अकबर
  3. C.हुमायूँ
  4. D.शाहजहाँ
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. शाहजहाँ

व्याख्या

सही उत्तर है D, शाहजहाँ। आगरा के किले के भीतर स्थित मोती मस्जिद शाहजहाँ ने 1648 से 1654 के बीच सफेद संगमरमर से बनवाई थी, और पत्थर की मोती जैसी चमक के कारण इसका यह नाम पड़ा। शाहजहाँ ने लाल बलुआ पत्थर के आगरा किले का बड़ा हिस्सा संगमरमर में फिर से बनवाया और दीवान-ए-खास, खास महल तथा शीश महल जोड़े। 1628 से 1658 तक का उनका शासन मुगल स्थापत्य का स्वर्ण काल कहा जाता है, जिसमें ताजमहल, दिल्ली का लाल किला और जामा मस्जिद बने। विकल्प A गलत है, क्योंकि औरंगजेब ने दिल्ली के लाल किले के भीतर छोटी मोती मस्जिद और औरंगाबाद में बीबी का मकबरा बनवाया। विकल्प B गलत है, क्योंकि अकबर ने आगरा का मूल किला लाल बलुआ पत्थर से बनवाया और फतेहपुर सीकरी की स्थापना की। विकल्प C गलत है, क्योंकि हुमायूँ ने दिल्ली में दीनपनाह बसाया और उनका मकबरा उनकी मृत्यु के बाद बना। परीक्षा टिप: आगरा किले की मोती मस्जिद शाहजहाँ की, दिल्ली के लाल किले की मोती मस्जिद औरंगजेब की।

Q14.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 18 Jul 2023, Shift 1मध्यम

ब्रिटिश भारत में वर्नाक्युलर प्रेस अधिनियम किस वर्ष में लागू किया गया था?

  1. A.1876
  2. B.1874
  3. C.1872
  4. D.1878
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 1878

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1878। वर्नाक्युलर प्रेस अधिनियम 1878 में पारित हुआ था, जब लॉर्ड लिटन भारत के वायसराय थे।

यह अधिनियम भारतीय भाषाओं के समाचार पत्रों के विरुद्ध लाया गया था, जो 1876-78 के अकाल के बाद ब्रिटिश शासन की तीखी आलोचना करने लगे थे। इसके तहत मजिस्ट्रेट मुद्रक या प्रकाशक से बंधपत्र मांग सकता था और राजद्रोही सामग्री छपने पर प्रेस जब्त कर सकता था। अंग्रेजी अखबारों को इससे बाहर रखा गया, इसलिए इसे 'मुख बंद करने वाला कानून' कहा गया। सुरेंद्रनाथ बनर्जी सहित कई नेताओं ने इसका विरोध किया और अमृत बाजार पत्रिका रातोंरात बंगला से अंग्रेजी में छपने लगी। लॉर्ड रिपन ने 1882 में इसे रद्द कर दिया।

A गलत है: 1876 में रॉयल टाइटल्स अधिनियम आया, जिससे महारानी विक्टोरिया भारत की सम्राज्ञी बनीं। B गलत है: 1874 में कोई प्रेस कानून नहीं बना। C गलत है: 1872 में पहली अखिल भारतीय जनगणना हुई थी।

परीक्षा टिप: वर्नाक्युलर प्रेस अधिनियम - 1878 में लिटन ने लागू किया, 1882 में रिपन ने रद्द किया।

Q15.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB JE · 01 Sep 2019, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से कौन दसवें सिख गुरु थे?

  1. A.गुरु नानक
  2. B.गुरु अर्जन देव
  3. C.गुरु राम दास
  4. D.गुरु गोबिंद सिंह
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. गुरु गोबिंद सिंह

व्याख्या

सही उत्तर है D, गुरु गोबिंद सिंह। 1666 में पटना में जन्मे गुरु गोबिंद सिंह सिखों के दसवें और अंतिम देहधारी गुरु थे। 1699 में आनंदपुर साहिब में उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना की, सिखों को पाँच ककार (पंज कक्के) दिए और नामों के साथ सिंह तथा कौर जोड़ा। 1708 में नांदेड़ में अपने अंतिम समय से पहले उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब को सदा के लिए गुरु घोषित करते हुए देहधारी गुरुओं की परंपरा समाप्त कर दी। A गलत है क्योंकि 1469 में जन्मे गुरु नानक पहले गुरु और सिख धर्म के संस्थापक थे। B गलत है क्योंकि गुरु अर्जन देव पाँचवें गुरु थे, जिन्होंने आदि ग्रंथ का संकलन किया और अमृतसर में हरमंदिर साहिब बनवाया। C गलत है क्योंकि गुरु राम दास चौथे गुरु थे और उन्होंने अमृतसर नगर की स्थापना की। परीक्षा टिप: पहले नानक, चौथे राम दास, पाँचवें अर्जन देव, नौवें तेग बहादुर और दसवें गोबिंद सिंह।

Q16.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · BPSC 68th CCE Pre, 12 Feb 2023आसान

1947 में भारत और पाकिस्तान के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा तय करने के लिए बनाए गए दोनों सीमा आयोगों की अध्यक्षता निम्नलिखित में से किसने की थी?

  1. A.सिरिल रैडक्लिफ
  2. B.ए. पी. मून
  3. C.ए. वी. एलेक्ज़ेंडर
  4. D.उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सिरिल रैडक्लिफ

व्याख्या

सही उत्तर है A, सिरिल रैडक्लिफ। ब्रिटिश वकील सर सिरिल रैडक्लिफ 1947 में पंजाब और बंगाल, दोनों सीमा आयोगों के अध्यक्ष थे। हर आयोग में चार न्यायाधीश थे, दो कांग्रेस के और दो मुस्लिम लीग के नामित, और जब वे सहमत नहीं हुए तो अंतिम फैसला रैडक्लिफ पर आ गया। वे पहले कभी भारत नहीं आए थे और उन्हें यह काम लगभग पाँच सप्ताह में पूरा करना था। उनका फैसला आज़ादी के दो दिन बाद, 17 अगस्त 1947 को सार्वजनिक हुआ, और उनकी खींची रेखा आज भी पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगी सीमा पर रैडक्लिफ रेखा कहलाती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मून पंजाब में तैनात एक ब्रिटिश अधिकारी थे, जिन्होंने बाद में विभाजन पर लिखा; वे आयोगों के अध्यक्ष नहीं थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि ए. वी. एलेक्ज़ेंडर 1946 में कैबिनेट मिशन के सदस्य के रूप में भारत आए थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि दोनों आयोगों के अध्यक्ष एक ही व्यक्ति, रैडक्लिफ थे। परीक्षा टिप: कैबिनेट मिशन 1946 में पेथिक-लॉरेंस, क्रिप्स और एलेक्ज़ेंडर; 1947 की सीमा रैडक्लिफ की।

Q17.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 6 Aug 2021, Shift 1मध्यम

स्वाली के युद्ध (1612) में अंग्रेजों ने ______ के विरुद्ध लड़ाई लड़ी थी।

  1. A.डेनिश
  2. B.पुर्तगाली
  3. C.डच
  4. D.फ्रांसीसी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पुर्तगाली

व्याख्या

सही उत्तर है B, पुर्तगाली। स्वाली का युद्ध नवंबर 1612 में गुजरात तट पर सूरत के पास बसे सुवाली गाँव के सामने समुद्र में लड़ा गया। कैप्टन थॉमस बेस्ट के नेतृत्व में अंग्रेजों के छोटे बेड़े ने पुर्तगालियों के बड़े बेड़े को हरा दिया। इस जीत से यह धारणा टूट गई कि भारतीय समुद्र में पुर्तगालियों को हराया नहीं जा सकता। जहाँगीर के अधिकारियों ने यह लड़ाई किनारे से देखी थी और इसके बाद अंग्रेजों को सूरत में कारखाना खोलने की अनुमति शाही फरमान से मिल गई, जो पश्चिमी तट पर उनका पहला मजबूत ठिकाना बना। 1615 में सर थॉमस रो का दूतावास इसी शुरुआत पर आगे बढ़ा। A गलत है क्योंकि डेनिश लोग बाद में आए और 1620 में ट्रांक्वेबार में बसे। C गलत है क्योंकि डच से अंग्रेजों की भिड़ंत बाद में हुई, सबसे तीखी 1623 में अंबोयना में। D गलत है क्योंकि फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी 1664 में बनी थी। परीक्षा टिप: स्वाली 1612 – थॉमस बेस्ट ने पुर्तगालियों को हराया, इसके बाद सूरत की फैक्ट्री।

Q18.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 19 March 2020, Shift 1मध्यम

शुजा-उद-दौला और शाह आलम ने रॉबर्ट क्लाइव के साथ इलाहाबाद में संधियाँ कब की थीं?

  1. A.1764
  2. B.1767
  3. C.1766
  4. D.1765
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 1765

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1765। बक्सर के युद्ध में जीत के अगले वर्ष, अगस्त 1765 में रॉबर्ट क्लाइव ने इलाहाबाद की दो संधियाँ कीं। पहली संधि से अवध के शुजा-उद-दौला को कड़ा और इलाहाबाद छोड़कर उसका इलाका वापस मिल गया, उसे युद्ध के खर्च के रूप में पचास लाख रुपये देने पड़े और वह अंग्रेजों का आश्रित सहयोगी बन गया, जिसे अपने राज्य में तैनात अंग्रेजी सेना का खर्च भी उठाना था। दूसरी संधि से मुगल बादशाह शाह आलम द्वितीय को कड़ा और इलाहाबाद तथा छब्बीस लाख रुपये की सालाना पेंशन मिली, और बदले में उसने कंपनी को बंगाल, बिहार और ओडिशा की दीवानी, यानी राजस्व वसूली का अधिकार दे दिया। इसी से बंगाल में द्वैध शासन शुरू हुआ, जिसमें पैसा कंपनी के हाथ में था और प्रशासन की जिम्मेदारी नवाब पर। A गलत है क्योंकि 1764 बक्सर के युद्ध का वर्ष है। B और C गलत हैं क्योंकि 1767 या 1766 में ऐसी कोई संधि नहीं हुई। परीक्षा टिप: प्लासी 1757, बक्सर 1764, इलाहाबाद की संधि और दीवानी अधिकार 1765।

Q19.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 21 Oct 2020, Shift 2मध्यम

1857 में अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह में निम्नलिखित में से कौन इलाहाबाद (अब प्रयागराज) का नेता था?

  1. A.मौलवी लियाकत अली
  2. B.तात्या टोपे
  3. C.खान बहादुर खान
  4. D.रानी लक्ष्मीबाई
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मौलवी लियाकत अली

व्याख्या

सही उत्तर है A, मौलवी लियाकत अली। महगाँव गाँव के मौलवी लियाकत अली ने 1857 के विद्रोह में इलाहाबाद, यानी आज के प्रयागराज, का नेतृत्व किया था। विद्रोहियों ने उन्हें शहर का सूबेदार घोषित किया और उन्होंने खुसरो बाग को अपना मुख्यालय बनाया। जून 1857 में लगभग दो सप्ताह तक शहर उनके नियंत्रण में रहा, फिर कलकत्ता से आई सेना के साथ कर्नल नील ने इलाहाबाद पर दोबारा कब्जा कर लिया। मौलवी लियाकत अली वहाँ से बच निकले, चौदह साल भूमिगत रहे, 1871 में बंबई में पकड़े गए और उन्हें आजीवन कालेपानी की सजा देकर अंडमान भेज दिया गया। B गलत है क्योंकि तात्या टोपे ने कानपुर में नाना साहेब के साथ और बाद में ग्वालियर में रानी के साथ लड़ाई लड़ी। C गलत है क्योंकि खान बहादुर खान ने बरेली में विद्रोह का नेतृत्व किया। D गलत है क्योंकि रानी लक्ष्मीबाई झाँसी की नेता थीं और जून 1858 में ग्वालियर के पास वीरगति को प्राप्त हुईं। परीक्षा टिप: इलाहाबाद – लियाकत अली, कानपुर – नाना साहेब, लखनऊ – बेगम हजरत महल, बरेली – खान बहादुर खान, झाँसी – रानी लक्ष्मीबाई।

Q20.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CPO · 11 Nov 2022, Shift 2मध्यम

अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष ____ थे।

  1. A.सी राजगोपालाचारी
  2. B.लाला लाजपत राय
  3. C.चंद्रशेखर आज़ाद
  4. D.मोतीलाल नेहरू
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. लाला लाजपत राय

व्याख्या

सही उत्तर है B, लाला लाजपत राय। अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस की स्थापना अक्टूबर 1920 में बंबई में हुई थी और लाला लाजपत राय इसके पहले अध्यक्ष चुने गए, जबकि दीवान चमनलाल पहले महासचिव बने। यह संगठन एक हद तक इसलिए बनाया गया ताकि भारत 1919 में बने अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन में मज़दूर प्रतिनिधि भेज सके, और यह देश का पहला केंद्रीय मज़दूर संगठन बना। लाल-बाल-पाल त्रयी के लाजपत राय ने मज़दूरों के सवाल को राष्ट्रीय आंदोलन से जोड़ा और 1928 में साइमन कमीशन के विरोध के दौरान हुए लाठीचार्ज के बाद उनका निधन हुआ। A गलत है क्योंकि सी राजगोपालाचारी बहुत बाद में इसके अध्यक्ष बने, स्थापना के समय नहीं। C गलत है क्योंकि चंद्रशेखर आज़ाद क्रांतिकारी थे। D गलत है क्योंकि मोतीलाल नेहरू स्वराज पार्टी के नेता थे। परीक्षा टिप: एटक 1920, लाजपत राय।

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