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GK24
भारतीय इतिहासमध्यमपूछा गया: बिहार · 30 Sept, 2023

1854 के वुड डिस्पैच के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. इसने उच्च शिक्षा के लिए अंग्रेजी को शिक्षा का माध्यम बनाने की सिफारिश की। 2. इसने स्त्री शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण पर बल दिया। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न 1 न 2

सही उत्तर

C. 1 और 2 दोनों

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1 और 2 दोनों। बोर्ड ऑफ कंट्रोल के अध्यक्ष चार्ल्स वुड द्वारा भेजे गए 1854 के वुड डिस्पैच को भारत में अंग्रेजी शिक्षा का मैग्नाकार्टा कहा जाता है, और दोनों कथन इसका सही वर्णन करते हैं। इसने उच्च शिक्षा के लिए अंग्रेजी को शिक्षा का माध्यम निर्धारित किया, जबकि प्राथमिक स्तर पर देशी भाषाओं को बनाए रखा, और सरकार से विशेष रूप से कहा कि वह स्त्री शिक्षा को बढ़ावा दे तथा व्यावसायिक एवं तकनीकी प्रकार के विद्यालय खोले। इसने हर प्रांत में लोक शिक्षा विभाग बनाने को कहा, लंदन विश्वविद्यालय के ढाँचे पर विश्वविद्यालयों की सिफारिश की, और निजी विद्यालयों को सहायता अनुदान देने का समर्थन किया। इसी पर अमल करते हुए 1857 में कलकत्ता, बंबई और मद्रास विश्वविद्यालयों की स्थापना हुई। विकल्प A गलत है, क्योंकि यह स्त्री तथा व्यावसायिक शिक्षा के लिए दिए गए स्पष्ट समर्थन को छोड़ देता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि यह उच्च शिक्षा में अंग्रेजी माध्यम की सिफारिश को नकारता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि दोनों कथन सही हैं। परीक्षा टिप: वुड डिस्पैच 1854 से ही 1857 के तीन विश्वविद्यालय बने।

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Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 18 Jul 2023, Shift 2आसान

मुहम्मद बिन तुगलक ने चाँदी और सोने के सिक्कों के स्थान पर _______ के सिक्कों से सांकेतिक मुद्रा प्रणाली शुरू की।

  1. A.रूपक
  2. B.रुपया
  3. C.काँसा/ताँबा
  4. D.टंका
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. काँसा/ताँबा

व्याख्या

सही उत्तर है C, काँसा/ताँबा। मुहम्मद बिन तुगलक ने 1329-30 में काँसे और ताँबे के सांकेतिक सिक्के चलाए, जो चाँदी के टंका के मूल्य पर चलने थे। विचार स्वयं अच्छा था और चीन तथा फारस में सफल रहा था, पर सुल्तान ने इन सिक्कों की ढलाई राज्य के हाथ में नहीं रखी। साम्राज्य भर के सुनारों ने घरों में ही नकली सिक्के ढाल लिए, खजाना जाली सिक्कों से भर गया और व्यापारियों ने उन्हें लेना बंद कर दिया। सुल्तान को यह मुद्रा वापस लेनी पड़ी और सांकेतिक सिक्कों के बदले चाँदी देनी पड़ी, जिससे खजाना खाली हो गया। A गलत है क्योंकि रूपक प्राचीन काल के सिक्के का नाम था, इस प्रयोग का नहीं। B गलत है क्योंकि रुपया बहुत बाद में शेरशाह सूरी ने चाँदी के सिक्के के रूप में चलाया। D गलत है क्योंकि टंका चाँदी का मानक सिक्का था, जिसका मूल्य सांकेतिक सिक्कों को देना था। परीक्षा टिप: जोड़ी याद रखें - मुहम्मद बिन तुगलक और 1329 की असफल काँसे की सांकेतिक मुद्रा।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 2 March 2023आसान

वह अधिनियम जिसे मॉर्ले-मिंटो सुधार के नाम से भी जाना जाता है:

  1. A.भारत शासन अधिनियम, 1935
  2. B.भारतीय परिषद अधिनियम, 1909
  3. C.रौलट अधिनियम, 1919
  4. D.भारत शासन अधिनियम, 1912
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भारतीय परिषद अधिनियम, 1909

व्याख्या

सही उत्तर है B, भारतीय परिषद अधिनियम, 1909। इसे भारत के राज्य सचिव लॉर्ड मॉर्ले और तत्कालीन वायसराय लॉर्ड मिंटो के नाम पर मॉर्ले-मिंटो सुधार कहा जाता है। इस अधिनियम ने केंद्र और प्रांतों की विधान परिषदों का आकार बढ़ाया और पहली बार भारतीयों को कार्यकारी परिषदों में नियुक्त करने की अनुमति दी, जिसमें सत्येंद्र प्रसाद सिन्हा वायसराय की कार्यकारी परिषद के पहले भारतीय सदस्य बने। इसका सबसे स्थायी प्रभाव मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचन मंडल था, इसीलिए मिंटो को सांप्रदायिक निर्वाचन का जनक कहा जाता है। A गलत है क्योंकि 1935 के अधिनियम ने प्रांतीय स्वायत्तता और संघीय योजना दी। C गलत है क्योंकि 1919 के रौलट अधिनियम ने बिना मुकदमे नजरबंदी की छूट दी, जिससे जलियाँवाला बाग से पहले का आंदोलन हुआ। D गलत है क्योंकि 1912 में कोई भारत शासन अधिनियम नहीं था। परीक्षा टिप: नाम जोड़कर याद रखें - मॉर्ले-मिंटो अर्थात 1909 और पृथक निर्वाचन, मांटेग्यू-चेम्सफोर्ड अर्थात 1919 और द्वैध शासन।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 20 Aug 2021, Shift 1आसान

दिल्ली सल्तनत की पहली और अंतिम महिला शासक कौन थी?

  1. A.सुल्ताना चाँद बीबी
  2. B.नूरजहाँ
  3. C.रजिया सुल्ताना
  4. D.रानी दुर्गावती
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. रजिया सुल्ताना

व्याख्या

सही उत्तर है C, रजिया सुल्ताना। रजिया दिल्ली की गद्दी पर बैठने वाली एकमात्र महिला थी, इसलिए वह सल्तनत की पहली और अंतिम महिला शासक दोनों थी। वह इल्तुतमिश की पुत्री थी, जिसने अपने पुत्रों के स्थान पर उसे चुना, और उसने 1236 से 1240 तक शासन किया। वह बिना पर्दा दरबार करती थी, हाथी पर सवारी करती थी और उसने जलालतुद्दीन रजिया की उपाधि ली। चालीसा के तुर्क सरदारों को एक महिला का शासन सहन नहीं हुआ और 1240 में उसे अपदस्थ करके मार डाला गया। A गलत है क्योंकि चाँद बीबी सोलहवीं शताब्दी में दक्कन के अहमदनगर और बीजापुर की संरक्षिका थी, दिल्ली की सुल्तान नहीं। B गलत है क्योंकि नूरजहाँ मुगल बादशाह जहाँगीर की पत्नी थी और उसके माध्यम से प्रभाव रखती थी, पर उसने स्वयं संप्रभु शासक के रूप में शासन नहीं किया। D गलत है क्योंकि रानी दुर्गावती गोंडवाना की शासिका थी और उसने 1564 में अकबर के सेनापति आसफ खान से युद्ध किया। परीक्षा टिप: जोड़ी याद रखें - इल्तुतमिश ने अपनी पुत्री रजिया को उत्तराधिकारी बनाया, जिसने 1236 से 1240 तक दिल्ली पर शासन किया।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 6 June 2019, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन मुहम्मद गोरी का दास था, जो अपने स्वामी की मृत्यु के बाद शासक बना और जिसने दास वंश की स्थापना की?

  1. A.कुतुबुद्दीन ऐबक
  2. B.इल्तुतमिश
  3. C.गयासुद्दीन बलबन
  4. D.नासिरुद्दीन महमूद
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. कुतुबुद्दीन ऐबक

व्याख्या

सही उत्तर है A, कुतुबुद्दीन ऐबक। ऐबक मुहम्मद गोरी का तुर्क दास था और 1206 में गोरी की मृत्यु के बाद उसने भारतीय क्षेत्रों की सत्ता संभाली तथा दिल्ली सल्तनत के दास या मामलूक वंश की स्थापना की। उसने पहले लाहौर और फिर दिल्ली को अपनी सत्ता का केंद्र बनाया और सूफी संत कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी के सम्मान में कुतुब मीनार का निर्माण शुरू कराया। वह अपनी दानशीलता के लिए प्रसिद्ध था और उसे लाख बख्श अर्थात लाखों का दानी कहा जाता था। 1210 में चौगान खेलते समय घोड़े से गिरकर उसकी मृत्यु हुई। B गलत है क्योंकि इल्तुतमिश स्वयं ऐबक का दास और दामाद था, जिसने 1211 से उसके बाद शासन किया। C गलत है क्योंकि बलबन बाद का मामलूक सुल्तान था, जिसने 1266 से शासन किया और जो कभी चालीसा दल का सदस्य था। D गलत है क्योंकि नासिरुद्दीन महमूद का शासन 1240 और 1250 के दशक में था, वंश की स्थापना के बहुत बाद। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें - 1206 में ऐबक, 1211 में इल्तुतमिश, 1236 में रजिया, 1266 में बलबन।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 13 April 2022, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से किसने हर्षवर्धन को उस समय पराजित किया जब उसने दक्कन के चालुक्य राज्य पर आक्रमण किया?

  1. A.मंगलेश
  2. B.विक्रमादित्य प्रथम
  3. C.कीर्तिवर्मन प्रथम
  4. D.पुलकेशिन द्वितीय
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. पुलकेशिन द्वितीय

व्याख्या

सही उत्तर है D, पुलकेशिन द्वितीय। चालुक्य शासक पुलकेशिन द्वितीय ने नर्मदा के तट पर हर्षवर्धन को रोक दिया और उसे दक्कन में घुसने नहीं दिया। पुलकेशिन द्वितीय ने लगभग 609 से 642 ईसवी तक वातापि अर्थात बादामी से शासन किया और वह बादामी के चालुक्यों में सबसे महान था। उसके दरबारी कवि रविकीर्ति द्वारा रचित ऐहोल अभिलेख में हर्ष पर इस विजय का उल्लेख है। उसने खुसरो द्वितीय के फारसी दूतमंडल का भी स्वागत किया, परंतु बाद में पल्लव राजा नरसिंहवर्मन प्रथम ने उसे पराजित कर मार डाला। A गलत है क्योंकि मंगलेश उसका चाचा और पूर्ववर्ती था, जिसे पुलकेशिन द्वितीय ने गद्दी से हटाया था। B गलत है क्योंकि विक्रमादित्य प्रथम उसका पुत्र था, जिसने उसके बाद शासन किया और पल्लवों से बादामी वापस जीता। C गलत है क्योंकि कीर्तिवर्मन प्रथम का शासन हर्ष के सत्ता में आने से बहुत पहले था। परीक्षा टिप: नामों को जोड़कर याद रखें - रविकीर्ति का ऐहोल अभिलेख बताता है कि पुलकेशिन द्वितीय ने हर्ष को नर्मदा पर रोका।