मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24
GK क्विजभारतीय इतिहास

भारतीय इतिहास क्विज: प्राचीन भारत में विज्ञान और गणित

  • 12 प्रश्न
  • 12 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
क्विज शुरू करें

इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास के अंतर्गत "प्राचीन भारत में विज्ञान और गणित" विषय पर यह क्विज़ 12 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

12 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासमध्यम

499 ईस्वी में रचित आर्यभटीय किन चार भागों में विभाजित है?

  1. A.गीतिकापाद, गणितपाद, कालक्रियापाद और गोलपाद
  2. B.लीलावती, बीजगणित, ग्रहगणित और गोलाध्याय
  3. C.गीतिकापाद, बीजगणित, गोलपाद और निदान
  4. D.गणितपाद, रसायनपाद, कालपाद और जातकपाद
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. गीतिकापाद, गणितपाद, कालक्रियापाद और गोलपाद

476 ईस्वी में जन्मे आर्यभट ने 499 ईस्वी में आर्यभटीय की रचना चार खंडों में की: काल की इकाइयों तथा बड़े खगोलीय चक्रों पर गीतिकापाद, गणित पर गणितपाद, काल गणना और ग्रहों की स्थिति पर कालक्रियापाद, तथा खगोलीय गोल पर गोलपाद।

Q2.भारतीय इतिहासआसान

शून्य तथा ऋणात्मक संख्याओं के साथ गणना के नियम देने वाला पहला ग्रंथ ब्रह्मस्फुटसिद्धांत 628 ईस्वी में किसने लिखा?

  1. A.आर्यभट
  2. B.ब्रह्मगुप्त
  3. C.वराहमिहिर
  4. D.भास्कर द्वितीय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ब्रह्मगुप्त

ब्रह्मगुप्त ने 628 ईस्वी में ब्रह्मस्फुटसिद्धांत की रचना की, जिसमें उन्होंने शून्य को केवल रिक्त स्थान नहीं, बल्कि संख्या माना और धनात्मक तथा ऋणात्मक राशियों के जोड़, घटाव और गुणा के नियम दिए, जिन्हें वे धन और ऋण कहते थे; उन्होंने खंडखाद्यक भी लिखा और कहा कि वस्तुएं इसलिए गिरती…

Q3.भारतीय इतिहासआसान

अंकगणित की प्रसिद्ध कृति लीलावती किस ग्रंथ का भाग है और उसके रचयिता कौन हैं?

  1. A.आर्यभट का आर्यभटीय
  2. B.महावीराचार्य का गणितसारसंग्रह
  3. C.भास्कर द्वितीय का सिद्धांत शिरोमणि
  4. D.वराहमिहिर की बृहत् संहिता
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. भास्कर द्वितीय का सिद्धांत शिरोमणि

भास्कर द्वितीय, यानी भास्कराचार्य, ने 1150 ईस्वी में सिद्धांत शिरोमणि चार भागों में लिखा, जिसमें लीलावती अंकगणित, क्षेत्रमिति और व्यावहारिक गणना की समस्याओं से, बीजगणित बीजगणित से, तथा ग्रहगणित और गोलाध्याय खगोल से संबंधित हैं।

Q4.भारतीय इतिहासआसान

सुश्रुत संहिता प्राचीन भारत के किस विषय का आधारभूत ग्रंथ है?

  1. A.खगोल विज्ञान
  2. B.शल्य चिकित्सा
  3. C.धातुकर्म
  4. D.व्याकरण
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. शल्य चिकित्सा

सुश्रुत संहिता शल्य चिकित्सा की शास्त्रीय पुस्तिका है, जिसमें शल्य उपकरणों, मोतियाबिंद निकालने, अस्थिभंग जोड़ने, घाव सिलने और कटी नाक के पुनर्निर्माण का वर्णन है, इसी कारण सुश्रुत को शल्य चिकित्सा तथा प्लास्टिक सर्जरी का जनक कहा जाता है।

Q5.भारतीय इतिहासमध्यम

भारत की प्राचीनतम ज्यामिति वाले शुल्बसूत्र किस वर्ग के ग्रंथों के परिशिष्ट हैं?

  1. A.उपनिषद
  2. B.श्रौतसूत्र
  3. C.पुराण
  4. D.जातक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. श्रौतसूत्र

शुल्बसूत्र श्रौतसूत्रों के परिशिष्ट हैं और वैदिक यज्ञ की ईंटों वाली वेदियां बनाने के ज्यामितीय नियम देते हैं, जिनमें दिए हुए क्षेत्रफल के वर्ग तथा आयत बनाना और यह कथन शामिल है कि विकर्ण पर बना वर्ग भुजाओं पर बने वर्गों के योग के बराबर होता है; बौधायन, आपस्तंब, कात्यायन…

Q6.भारतीय इतिहासमध्यम

पंचसिद्धांतिका और बृहत् संहिता की रचना किस प्राचीन भारतीय विद्वान ने की?

  1. A.वराहमिहिर
  2. B.नीलकंठ सोमयाजि
  3. C.चरक
  4. D.कणाद
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. वराहमिहिर

छठी शताब्दी में रहे वराहमिहिर ने पंचसिद्धांतिका में पांच पूर्ववर्ती खगोलीय सिद्धांतों का सार दिया, विश्वकोशीय बृहत् संहिता लिखी जिसमें खगोल, शकुन, वास्तु, रत्न और भूजल की खोज तक विषय हैं, तथा जातक पर बृहत् जातक की रचना की।

Q7.भारतीय इतिहासकठिन

अंकगणित और बीजगणित पर नौवीं शताब्दी की कृति गणितसारसंग्रह किस गणितज्ञ ने लिखी?

  1. A.श्रीधर
  2. B.महावीराचार्य
  3. C.भास्कर प्रथम
  4. D.संगमग्राम के माधव
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. महावीराचार्य

महावीराचार्य नौवीं शताब्दी के जैन गणितज्ञ थे और राष्ट्रकूट दरबार से जुड़े थे; उनका गणितसारसंग्रह अंकगणितीय संक्रियाओं, भिन्नों, श्रेणियों तथा आकृतियों के क्षेत्रफल और आयतन का क्रमबद्ध विवेचन है और दक्षिण भारत में व्यापक रूप से प्रयुक्त हुआ।

Q8.भारतीय इतिहासमध्यम

वैशेषिक दर्शन के प्रवर्तक किस प्राचीन भारतीय विचारक ने यह मत दिया कि पदार्थ परमाणु नामक अविभाज्य कणों से बना है?

  1. A.कपिल
  2. B.कणाद
  3. C.गौतम
  4. D.जैमिनि
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कणाद

कणाद ने वैशेषिक दर्शन की नींव रखी, जिसने सत्ता की कोटियों का वर्गीकरण किया और माना कि भौतिक वस्तुएं परमाणुओं से बनी हैं, जो युग्मों तथा बड़े समूहों में मिलकर दृश्य पदार्थ बनाते हैं; यह सिद्धांत विभाजन के तर्क से निकला था, प्रयोग से नहीं।

Q9.भारतीय इतिहासमध्यम

जंग न लगने के लिए प्रसिद्ध दिल्ली के महरौली के लौह स्तंभ पर चंद्र नामक राजा का अभिलेख है, जिन्हें सामान्यतः किस शासक से पहचाना जाता है?

  1. A.चंद्रगुप्त मौर्य
  2. B.चंद्रगुप्त प्रथम
  3. C.चंद्रगुप्त द्वितीय
  4. D.परवर्ती गुप्तों का चंद्र गुप्त
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. चंद्रगुप्त द्वितीय

महरौली स्तंभ का संस्कृत अभिलेख चंद्र नामक राजा की प्रशंसा करता है, जिन्हें इतिहासकार गुप्त शासक चंद्रगुप्त द्वितीय विक्रमादित्य मानते हैं, और स्तंभ का पिटवां लोहा फॉस्फोरस की मात्रा तथा उस पर बनी रक्षक परत के कारण लगभग सोलह शताब्दियों से जंग से बचा है, जो प्राचीन भारतीय धातुकर्म का…

Q10.भारतीय इतिहासकठिन

पाई तथा ज्या और कोज्या के लिए अनंत श्रेणियां निकालने वाले संगमग्राम के माधव किस गणित और खगोल संप्रदाय से जुड़े हैं?

  1. A.उज्जैन संप्रदाय
  2. B.केरल संप्रदाय
  3. C.नालंदा संप्रदाय
  4. D.कश्मीर संप्रदाय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केरल संप्रदाय

चौदहवीं-पंद्रहवीं शताब्दी में रहे संगमग्राम के माधव ने खगोल और गणित के केरल संप्रदाय की नींव रखी, जिसके विद्वानों ने पाई तथा ज्या और कोज्या के लिए अनंत श्रेणी प्रसार निकाले और यूरोप से बहुत पहले वे परिणाम पा लिए; उसी संप्रदाय के नीलकंठ सोमयाजि ने 1501 में तंत्रसंग्रह लिखा।

Q11.भारतीय इतिहासकठिन

आयुर्वेद के तीन महान ग्रंथों की बृहत्त्रयी में चरक संहिता और सुश्रुत संहिता के साथ तीसरा ग्रंथ कौन है?

  1. A.माधव निदान
  2. B.भावप्रकाश
  3. C.अष्टांग हृदय
  4. D.शार्ङ्गधर संहिता
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अष्टांग हृदय

आयुर्वेद की बृहत्त्रयी में काय चिकित्सा की चरक संहिता, शल्य की सुश्रुत संहिता तथा वाग्भट का अष्टांग हृदय आते हैं; वाग्भट ने अष्टांग संग्रह भी लिखा।

Q12.भारतीय इतिहासआसान

1975 में छोड़ा गया भारत का पहला उपग्रह किस प्राचीन भारतीय खगोलशास्त्री और गणितज्ञ के नाम पर रखा गया था?

  1. A.आर्यभट
  2. B.ब्रह्मगुप्त
  3. C.भास्कर
  4. D.वराहमिहिर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. आर्यभट

1975 में छोड़े गए भारत के पहले उपग्रह का नाम आर्यभट रखा गया, उन खगोलशास्त्री के नाम पर जिन्होंने 499 ईस्वी में आर्यभटीय लिखा, दिन-रात का कारण पृथ्वी का अपनी धुरी पर घूमना बताया और पाई का मान 3.1416 के तुल्य दिया।

सभी क्विज देखें