1930 में महात्मा गांधी के नेतृत्व में हुआ दांडी मार्च किस ब्रिटिश नीति के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण विरोध था?
- A.नील की खेती
- B.वस्त्र व्यापार संबंधी नियम
- C.भू-राजस्व
- D.नमक कर
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. नमक कर
व्याख्या
सही उत्तर है D, नमक कर। 1930 का दांडी मार्च नमक पर ब्रिटिश एकाधिकार और उस पर लगे कर के विरुद्ध था, जिसके चलते कोई भी भारतीय स्वतंत्र रूप से नमक नहीं बना या बेच सकता था।
गांधीजी 12 मार्च 1930 को अहमदाबाद के पास साबरमती आश्रम से 78 साथियों के साथ निकले और गुजरात के समुद्रतटीय गाँव दांडी तक लगभग 385 किलोमीटर पैदल चले, जहाँ वे 5 अप्रैल को पहुँचे। 6 अप्रैल की सुबह उन्होंने समुद्र तट से प्राकृतिक नमक की एक मुट्ठी उठाकर नमक कानून तोड़ा, और इसी से सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू हुआ। नमक को इसलिए चुना गया कि यह कर अमीर और गरीब, दोनों पर समान रूप से पड़ता था, इसलिए यह विरोध पूरे देश को एक साथ जोड़ सकता था।
A गलत है: नील की खेती 1917 के चंपारण सत्याग्रह का कारण थी। B गलत है: वस्त्र व्यापार के नियम इस मार्च का विषय कभी नहीं थे। C गलत है: भू-राजस्व 1928 के बारदोली सत्याग्रह का मुद्दा था, जिसका नेतृत्व वल्लभभाई पटेल ने किया।
परीक्षा टिप: दांडी मार्च — 12 मार्च 1930 को आरंभ, लगभग 385 किलोमीटर पैदल, और 6 अप्रैल 1930 को नमक कानून भंग।