खातोली का युद्ध 1517 में राणा सांगा के नेतृत्व वाले मेवाड़ राज्य और ________ के बीच लड़ा गया था।
- A.सिकंदर लोदी
- B.बाबर
- C.इब्राहीम लोदी
- D.महमूद लोदी
सही उत्तर
C. इब्राहीम लोदी
व्याख्या
सही उत्तर है C, इब्राहीम लोदी। वर्तमान राजस्थान में बूंदी के निकट 1517 में लड़ा गया खातोली का युद्ध मेवाड़ के राणा सांगा और दिल्ली की गद्दी पर नव-आसीन इब्राहीम लोदी के बीच पहला संघर्ष था, जिसमें राजपूत विजयी रहे। राणा सांगा अर्थात राणा संग्राम सिंह ने 1509 से 1528 तक मेवाड़ पर शासन किया और उसे अपने समय की सबसे प्रबल राजपूत शक्ति बनाया; उन्होंने 1518 में धौलपुर में लोदियों को तथा 1519 में गागरोन में मालवा की सेना को हराया। उनका सैन्य जीवन 1527 के खानवा युद्ध में समाप्त हुआ, जहां बाबर की तोपों ने उन्हें पराजित किया। A गलत है क्योंकि सिकंदर लोदी की मृत्यु इस युद्ध से पहले 1517 में हो गई थी। B गलत है क्योंकि बाबर भारत 1526 में आया। D गलत है क्योंकि इब्राहीम का भाई महमूद लोदी बाद में 1529 के घाघरा युद्ध में लड़ा। परीक्षा टिप: राणा सांगा का क्रम - खातोली 1517, धौलपुर 1518, गागरोन 1519, खानवा 1527।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंसी. राजगोपालाचारी के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?
- A.वे भारत के गवर्नर जनरल बनने वाले पहले भारतीय थे
- B.वे स्वतंत्र पार्टी के संस्थापक थे
- C.वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे
- D.वे पद्म श्री पुरस्कार के प्रथम प्राप्तकर्ता थे
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. वे पद्म श्री पुरस्कार के प्रथम प्राप्तकर्ता थे
व्याख्या
सही उत्तर है D, वे पद्म श्री पुरस्कार के प्रथम प्राप्तकर्ता थे। सी. राजगोपालाचारी को 1954 में सी. वी. रमन तथा एस. राधाकृष्णन के साथ पहले भारत रत्न प्राप्तकर्ताओं में शामिल किया गया था, पद्म श्री में नहीं, इसलिए यह कथन सत्य नहीं है। राजाजी के नाम से प्रसिद्ध वे लॉर्ड माउंटबेटन के जाने के बाद 1948 में भारत के अंतिम गवर्नर जनरल बने और इस पद पर पहुंचने वाले एकमात्र भारतीय रहे। इससे पहले वे मद्रास प्रेसीडेंसी के प्रधान, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल, केंद्रीय गृह मंत्री तथा मद्रास राज्य के मुख्यमंत्री रहे। A सत्य है क्योंकि कोई अन्य भारतीय इस पद पर नहीं रहा। B सत्य है क्योंकि उन्होंने नेहरू की राज्य नियंत्रण तथा भूमि सीमा नीति के विरोध में 1959 में स्वतंत्र पार्टी बनाई। C सत्य है क्योंकि वे गांधीजी के निकट सहयोगी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे। परीक्षा टिप: पहला भारत रत्न 1954 में राजाजी, रमन और राधाकृष्णन को मिला।
तारीख-ए-मुबारकशाही के लेखक याहया सरहिंदी का दावा है कि दिल्ली सल्तनत के ________ वंश का संस्थापक पैगंबर मुहम्मद का वंशज था।
- A.सैयद
- B.मामलूक
- C.लोदी
- D.खल्जी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. सैयद
व्याख्या
सही उत्तर है A, सैयद। याहया बिन अहमद सरहिंदी ने मुबारक शाह के शासनकाल में तारीख-ए-मुबारकशाही लिखी और दावा किया कि 1414 में इस वंश की स्थापना करने वाला खिज्र खां पैगंबर का वंशज था, इसी कारण इस वंश को सैयद कहा गया। सैयद शब्द का अर्थ ही है पैगंबर की पुत्री फातिमा के माध्यम से आया वंशज। तैमूर के आक्रमण के बाद खिज्र खां ने दिल्ली पर अधिकार किया और सुल्तान के स्थान पर प्रतिनिधि के रूप में शासन किया, सिक्के और खुतबा तैमूर वंश के नाम से जारी रखे। यह वंश 1451 तक चला, जब बहलोल लोदी ने इसे हटा दिया। B गलत है क्योंकि मामलूक या गुलाम वंश की स्थापना 1206 में कुतुबुद्दीन ऐबक ने की। C गलत है क्योंकि लोदी वंश 1451 में बहलोल लोदी से शुरू हुआ। D गलत है क्योंकि खल्जी वंश की नींव 1290 में जलालुद्दीन खल्जी ने रखी। परीक्षा टिप: सल्तनत के पांच वंश - गुलाम, खल्जी, तुगलक, सैयद, लोदी।
सशस्त्र मार्ग से ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंकने के लिए 1925 में काकोरी ट्रेन कांड की योजना ______ के सदस्यों ने बनाई थी।
- A.गदर पार्टी
- B.हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन
- C.आजाद हिंद फौज
- D.भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन
व्याख्या
सही उत्तर है B, हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन। 9 अगस्त 1925 को इस संगठन के सदस्यों ने उत्तर प्रदेश में काकोरी के निकट 8 डाउन ट्रेन रोककर सरकारी खजाने की थैलियां लूट लीं, जिससे वे सशस्त्र संघर्ष के लिए हथियार खरीदना चाहते थे। इस कांड में राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खान, रोशन सिंह और राजेंद्र लाहिड़ी को दिसंबर 1927 में फांसी दी गई, जबकि चंद्रशेखर आजाद पकड़ में नहीं आए। इस संगठन की स्थापना 1924 में बिस्मिल, सचींद्र नाथ सान्याल और जोगेश चंद्र चटर्जी ने की थी, और 1928 में इसका नाम हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन कर दिया गया। A गलत है क्योंकि गदर पार्टी 1913 में अमेरिका में बनी थी। C गलत है क्योंकि आजाद हिंद फौज 1942 में बनी और 1943 से सुभाष चंद्र बोस ने उसका नेतृत्व किया। D गलत है क्योंकि कांग्रेस संवैधानिक तथा अहिंसक मार्ग पर चलती थी। परीक्षा टिप: काकोरी 1925 और लाहौर षड्यंत्र केस 1929 दोनों इसी क्रांतिकारी धारा के हैं।
हैदराबाद की रियासत को भारतीय संघ के अधीन वर्ष ______ में लाया गया।
- A.1948
- B.1950
- C.1952
- D.1963
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 1948
व्याख्या
सही उत्तर है A, 1948। हैदराबाद के निजाम मीर उस्मान अली खान ने विलय पत्र पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया और 1947 में केवल यथास्थिति समझौता किया, इसलिए सितंबर 1948 में भारत सरकार ने ऑपरेशन पोलो नाम की पुलिस कार्रवाई के तहत सेना भेजी और यह रियासत भारतीय संघ में मिल गई। यह कार्रवाई लगभग पांच दिन चली और इसका कारण रजाकार मिलिशिया की जनता पर हिंसा थी। गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल तथा वी. पी. मेनन ने रियासतों के विलय का कार्य संभाला, जिनमें हैदराबाद, जूनागढ़ और कश्मीर कठिन मामले थे। B, C और D गलत हैं क्योंकि उन वर्षों तक हैदराबाद भारत का हिस्सा बन चुका था; 1956 के राज्य पुनर्गठन अधिनियम से इसके तेलुगु क्षेत्र आंध्र प्रदेश में गए। परीक्षा टिप: जूनागढ़ और हैदराबाद दोनों 1948 में मिले, जूनागढ़ जनमत संग्रह से और हैदराबाद ऑपरेशन पोलो से।
मुगल काल में लड़े गए निम्नलिखित युद्धों को सही कालानुक्रम में व्यवस्थित करें। a. खानवा का युद्ध b. पानीपत का प्रथम युद्ध c. घाघरा का युद्ध d. चौसा का युद्ध
- A.a, c, b, d
- B.d, a, b, c
- C.c, a, d, b
- D.b, a, c, d
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. b, a, c, d
व्याख्या
सही उत्तर है D, b, a, c, d। सही क्रम है पानीपत का प्रथम युद्ध 1526, खानवा 1527, घाघरा 1529 और चौसा 1539। पानीपत में बाबर ने अंतिम लोदी सुल्तान इब्राहीम लोदी को हराकर मुगल साम्राज्य की नींव रखी, जिसमें तोपों और तुलुगमा व्यूह ने निर्णायक भूमिका निभाई। खानवा में उसने मेवाड़ के राणा सांगा को पराजित कर राजपूत प्रतिरोध तोड़ा, और घाघरा में बिहार तथा बंगाल के अफगान सरदारों को हराया, जो 1530 में उसकी मृत्यु से पहले उसका अंतिम बड़ा युद्ध था। चौसा उसके पुत्र के शासन में हुआ, जब शेरशाह सूरी ने हुमायूं को हराकर उसे निर्वासन की ओर धकेल दिया। A, B और C गलत हैं क्योंकि प्रत्येक में बाद का युद्ध पहले रख दिया गया है। परीक्षा टिप: बाबर के तीन युद्ध 1526, 1527 और 1529 तथा हुमायूं की पराजय चौसा 1539 और कन्नौज 1540 में।