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GK24
भारतीय इतिहासकठिनपूछा गया: UPSC CAPF · 8 Aug 2021

निम्नलिखित में से किसने हैदराबाद को अपना केंद्र बनाकर निजाम-उल-मुल्क आसफ जाह की उपाधि के साथ स्वयं को स्वतंत्र शासक के रूप में स्थापित किया?

  1. A.आसफ जाह द्वितीय
  2. B.बहादुर शाह
  3. C.अलीवर्दी खान
  4. D.चिन किलिच खान

सही उत्तर

D. चिन किलिच खान

व्याख्या

सही उत्तर है D, चिन किलिच खान। चिन किलिच खान, जो अपनी उपाधि निजाम-उल-मुल्क आसफ जाह से अधिक याद किए जाते हैं, एक मुगल अमीर थे जिन्हें मुहम्मद शाह ने दक्कन का सूबेदार नियुक्त किया। दिल्ली दरबार की साजिशों से ऊबकर वे दक्षिण लौटे, 1724 में शकर खेड़ा में अपने प्रतिद्वंद्वी मुबारिज खान को हराया और इसके बाद नाम भर के अतिरिक्त हर अर्थ में स्वतंत्र शासक की तरह दक्कन पर राज किया; उन्होंने हैदराबाद के आसफ जाही या निजाम वंश की नींव रखी, जो 1948 तक चला। उन्होंने मुगल निष्ठा का रूप बनाए रखा और बादशाह के नाम से सिक्के ढाले, पर अधिकारी स्वयं नियुक्त किए तथा युद्ध और संधि अपने निर्णय से की। विकल्प A गलत है, क्योंकि आसफ जाह द्वितीय यानी निजाम अली खान इसी वंश के बाद के शासक थे, संस्थापक नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि बहादुर शाह 1707 से 1712 तक शासन करने वाला मुगल बादशाह था। विकल्प C गलत है, क्योंकि अलीवर्दी खान ने बंगाल में स्वतंत्रता कायम की थी, हैदराबाद में नहीं। परीक्षा टिप: हैदराबाद 1724 चिन किलिच खान, अवध 1722 सआदत खान, बंगाल मुर्शिद कुली खान।

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Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 16 April 2021, Shift 1आसान

दिसंबर 1916 का लखनऊ समझौता भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और ______ के बीच हुई सहमति थी।

  1. A.स्वतंत्र पार्टी
  2. B.कम्युनिस्ट पार्टी
  3. C.हिंदू महासभा
  4. D.मुस्लिम लीग
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. मुस्लिम लीग

व्याख्या

सही उत्तर है D, मुस्लिम लीग। दिसंबर 1916 का लखनऊ समझौता भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और अखिल भारतीय मुस्लिम लीग के बीच हुआ था, जिसमें कांग्रेस ने मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचक मंडल स्वीकार किया और दोनों संगठनों ने ब्रिटिश सरकार के सामने स्वशासन की संयुक्त माँग रखी। इसी लखनऊ अधिवेशन में नरम दल और गरम दल फिर एक कांग्रेस में आ गए, जिससे बाल गंगाधर तिलक की वापसी हुई; तिलक और मुहम्मद अली जिन्ना इस समझौते के मुख्य शिल्पी थे और एनी बेसेंट ने दोनों पक्षों को साथ लाने में मदद की। इससे बनी एकता ने होमरूल आंदोलन को बल दिया, पर 1920 के दशक की राजनीति ने दोनों को फिर अलग कर दिया। A गलत है क्योंकि स्वतंत्र पार्टी की स्थापना 1959 में सी. राजगोपालाचारी ने की थी। B गलत है क्योंकि भारत की कम्युनिस्ट पार्टी 1920 के दशक में बनी, यानी समझौते के बाद। C गलत है क्योंकि 1915 में बनी हिंदू महासभा इस समझौते में पक्ष नहीं थी। परीक्षा टिप: लखनऊ 1916 - कांग्रेस और मुस्लिम लीग साथ, तथा नरम दल और गरम दल एक।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 17 March 2020, Shift 3आसान

मुस्लिम लीग की स्थापना कब हुई थी?

  1. A.1906
  2. B.1901
  3. C.1905
  4. D.1903
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 1906

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1906। अखिल भारतीय मुस्लिम लीग की स्थापना दिसंबर 1906 में ढाका में हुई; ढाका के नवाब सलीमुल्लाह ने इसमें अग्रणी भूमिका निभाई और नवाब मोहसिन-उल-मुल्क तथा नवाब विकार-उल-मुल्क इसके संस्थापकों में थे, जबकि आगा खान तृतीय इसके पहले अध्यक्ष बने। इसकी पृष्ठभूमि 1906 का शिमला शिष्टमंडल था, जिसने वायसराय लॉर्ड मिंटो से पृथक निर्वाचक मंडल की माँग की, और 1909 के मार्ले-मिंटो सुधारों ने यह माँग स्वीकार कर ली। लीग ने 1916 में कांग्रेस के साथ लखनऊ समझौता किया और 1940 से मुहम्मद अली जिन्ना के नेतृत्व में लाहौर प्रस्ताव के तहत पाकिस्तान की माँग उठाई। B गलत है क्योंकि 1901 का लीग की स्थापना से कोई संबंध नहीं है। C गलत है क्योंकि 1905 बंगाल विभाजन का वर्ष है, जिसने उस राजनीति को आकार दिया जिसमें लीग पनपी। D गलत है क्योंकि 1903 में ऐसी कोई संस्था नहीं बनी। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें - बंगाल विभाजन 1905, शिमला शिष्टमंडल और मुस्लिम लीग 1906, पृथक निर्वाचक मंडल 1909।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 09 March, 2023, Shift 1आसान

महात्मा गांधी ने गुजरात के खेड़ा जिले में किसानों के समर्थन में सत्याग्रह किस वर्ष आयोजित किया?

  1. A.1916
  2. B.1920
  3. C.1919
  4. D.1918
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 1918

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1918। गांधीजी ने 1918 में खेड़ा सत्याग्रह का नेतृत्व किया और गुजरात के इस जिले में फसल खराब होने पर भू-राजस्व में छूट की माँग की। नियमों के अनुसार उपज सामान्य फसल के एक चौथाई से कम होने पर छूट मिलनी चाहिए थी, पर अधिकारियों ने इससे मना कर दिया; तब गांधीजी और सरदार वल्लभभाई पटेल ने किसानों से राजस्व रोकने का आह्वान किया और सरकार ने अंत में गरीब किसानों से वसूली स्थगित कर दी। इसी वर्ष अहमदाबाद मिल हड़ताल हुई, जहाँ गांधीजी ने भारत में पहली बार भूख हड़ताल का प्रयोग किया; इससे पहले 1917 में चंपारण सत्याग्रह हुआ था। A गलत है क्योंकि 1916 लखनऊ समझौते और गांधीजी के बनारस हिंदू विश्वविद्यालय वाले भाषण का वर्ष है। B गलत है क्योंकि असहयोग आंदोलन 1920 में आरंभ हुआ। C गलत है क्योंकि 1919 में रौलट सत्याग्रह और जलियाँवाला बाग हत्याकांड हुए। परीक्षा टिप: शुरुआती आंदोलनों का क्रम याद रखें - चंपारण 1917, फिर अहमदाबाद और खेड़ा 1918।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 5 Aug 2021, Shift 2मध्यम

प्राचीन भारत में युद्ध में बड़े पैमाने पर हाथियों का प्रयोग करने वाला पहला साम्राज्य कौन-सा था?

  1. A.कुषाण
  2. B.चोल
  3. C.मगध
  4. D.शुंग
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. मगध

व्याख्या

सही उत्तर है C, मगध। प्राचीन भारत में युद्ध में बड़े पैमाने पर हाथियों का उपयोग करने वाली पहली शक्ति मगध थी, जिसे पूर्वी भारत के घने जंगलों से हाथी मिलते थे। बिंबिसार, अजातशत्रु, महापद्म नंद और बाद में मौर्य शासकों के अधीन मगध एक महाजनपद से साम्राज्य बन गया। उसकी ताकत गंगा के उपजाऊ मैदान, राजगीर के पास की लोहे की खानों और इन युद्धक हाथियों पर टिकी थी। उसकी प्रारंभिक राजधानी राजगृह यानी आज का राजगीर थी, जो बाद में पाटलिपुत्र स्थानांतरित हुई और गंगा के जलमार्गों पर नियंत्रण रखती थी। यूनानी विवरणों में नंद तथा मौर्य सेनाओं में हजारों हाथी बताए गए हैं, और चंद्रगुप्त मौर्य ने सेल्यूकस से हुई संधि में 500 हाथी भेंट किए। A गलत है क्योंकि कुषाण अपनी घुड़सवार सेना और स्वर्ण सिक्कों के लिए जाने जाते हैं। B गलत है क्योंकि दक्षिण के चोल अपनी नौसेना और मंदिर निर्माण के लिए प्रसिद्ध हैं। D गलत है क्योंकि शुंग मौर्यों के बाद आए और उनका राज्य बहुत छोटा था। परीक्षा टिप: मगध की चार ताकतें याद रखें - लोहा, उपजाऊ भूमि, नदियाँ और युद्धक हाथी।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 18 Jul 2023, Shift 2आसान

मुहम्मद बिन तुगलक ने चाँदी और सोने के सिक्कों के स्थान पर _______ के सिक्कों से सांकेतिक मुद्रा प्रणाली शुरू की।

  1. A.रूपक
  2. B.रुपया
  3. C.काँसा/ताँबा
  4. D.टंका
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. काँसा/ताँबा

व्याख्या

सही उत्तर है C, काँसा/ताँबा। मुहम्मद बिन तुगलक ने 1329-30 में काँसे और ताँबे के सांकेतिक सिक्के चलाए, जो चाँदी के टंका के मूल्य पर चलने थे। विचार स्वयं अच्छा था और चीन तथा फारस में सफल रहा था, पर सुल्तान ने इन सिक्कों की ढलाई राज्य के हाथ में नहीं रखी। साम्राज्य भर के सुनारों ने घरों में ही नकली सिक्के ढाल लिए, खजाना जाली सिक्कों से भर गया और व्यापारियों ने उन्हें लेना बंद कर दिया। सुल्तान को यह मुद्रा वापस लेनी पड़ी और सांकेतिक सिक्कों के बदले चाँदी देनी पड़ी, जिससे खजाना खाली हो गया। A गलत है क्योंकि रूपक प्राचीन काल के सिक्के का नाम था, इस प्रयोग का नहीं। B गलत है क्योंकि रुपया बहुत बाद में शेरशाह सूरी ने चाँदी के सिक्के के रूप में चलाया। D गलत है क्योंकि टंका चाँदी का मानक सिक्का था, जिसका मूल्य सांकेतिक सिक्कों को देना था। परीक्षा टिप: जोड़ी याद रखें - मुहम्मद बिन तुगलक और 1329 की असफल काँसे की सांकेतिक मुद्रा।