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GK क्विजभारतीय अर्थव्यवस्था

भारतीय अर्थव्यवस्था क्विज: मुद्रा बाज़ार और वित्तीय साधन

  • 12 प्रश्न
  • 12 मिनट
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इस क्विज के बारे में

भारतीय अर्थव्यवस्था के अंतर्गत "मुद्रा बाज़ार और वित्तीय साधन" विषय पर यह क्विज़ 12 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं, जिनमें 2 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे गए हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

12 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: दिल्ली · 9 Oct 2021, Shift 2मध्यम

वाणिज्यिक पत्र के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है? I. यह वचन पत्र के रूप में जारी अप्रतिभूत मुद्रा बाज़ार साधन है। II. इसे भारत में 1990 में आरंभ किया गया था। III. इन्हें भारतीय रिज़र्व बैंक जारी करता है।

  1. A.केवल I
  2. B.I, II और III
  3. C.I और II
  4. D.केवल III
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. I और II

व्याख्या

सही उत्तर C, I और II है। कथन I सही है: वाणिज्यिक पत्र वचन पत्र के रूप में जारी अप्रतिभूत मुद्रा बाज़ार साधन है, अर्थात उसके पीछे कोई प्रतिभूति नहीं, केवल निर्गमकर्ता की साख होती है। कथन II भी सही है: वाणिज्यिक पत्र भारतीय मुद्रा बाज़ार में 1990 में आरंभ हुआ, जिससे उच्च श्रेणी की कंपनियाँ बैंक ऋण के स्थान पर सीधे बाज़ार से कार्यशील पूंजी जुटा सकें। कथन III गलत है, और इसी कारण B तथा D अनुचित हैं: वाणिज्यिक पत्र कंपनियाँ, प्राथमिक व्यापारी और अखिल भारतीय वित्तीय संस्थाएँ जारी करती हैं, जबकि रिज़र्व बैंक केवल उसके निर्गम के नियम बनाता है और नियामक की भूमिका निभाता है। रिज़र्व बैंक ट्रेजरी बिल जारी करता है, परंतु वह भी भारत सरकार की ओर से। A अपूर्ण है क्योंकि वह 1990 वाले सही कथन को छोड़ देता है।

Q2.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: दिल्ली · 23 March 2022, shift 2मध्यम

रिज़र्व बैंक मुद्रा आपूर्ति के चार वैकल्पिक माप प्रकाशित करता है। एम3 के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?

  1. A.जनता के पास करेंसी + मांग जमा
  2. B.एम1 + डाकघर बचत बैंकों की बचत जमा
  3. C.एम1 + वाणिज्यिक बैंकों की निवल सावधि जमा
  4. D.एम1 + डाकघर बचत संगठनों की कुल जमा
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. एम1 + वाणिज्यिक बैंकों की निवल सावधि जमा

व्याख्या

सही उत्तर C, एम1 + वाणिज्यिक बैंकों की निवल सावधि जमा है। एम3 को व्यापक मुद्रा अथवा समग्र मौद्रिक संसाधन कहते हैं और रिज़र्व बैंक इसी पर सर्वाधिक ध्यान देता है; इसमें संकीर्ण मुद्रा के साथ बैंकिंग तंत्र की सावधि जमाएँ जोड़ी जाती हैं। A गलत है क्योंकि जनता के पास करेंसी और मांग जमा मिलकर एम1 का ही एक भाग बनाते हैं; एम1 में रिज़र्व बैंक के पास की अन्य जमाएँ भी सम्मिलित होती हैं, अतः दिया गया व्यंजक अपूर्ण है और किसी भी स्थिति में एम1 का वर्णन करता है, एम3 का नहीं। B गलत है क्योंकि एम1 में डाकघर बचत बैंकों की बचत जमा जोड़ने पर एम2 बनता है। D गलत है क्योंकि एम4, एम1 नहीं बल्कि एम3 में राष्ट्रीय बचत पत्र को छोड़कर डाकघर की कुल जमाएँ जोड़ने पर बनता है। तरलता का क्रम याद रखें: एम1 सर्वाधिक तरल और एम4 न्यूनतम।

Q3.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

मुद्रा बाज़ार में कितनी अवधि तक की परिपक्वता वाली वित्तीय परिसंपत्तियों का लेन-देन होता है?

  1. A.तीन मास
  2. B.छह मास
  3. C.एक वर्ष
  4. D.तीन वर्ष
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. एक वर्ष

व्याख्या

सही उत्तर C, एक वर्ष है। परिभाषा के अनुसार मुद्रा बाज़ार अल्पकालिक कोषों का बाज़ार है, और भारत सहित सर्वत्र विभाजक रेखा एक वर्ष की परिपक्वता मानी जाती है; इससे अधिक अवधि का साधन पूंजी बाज़ार का होता है। A गलत है क्योंकि तीन मास केवल 91 दिन के ट्रेजरी बिल की अवधि है, जो अनेक साधनों में से एक है, और बाज़ार में 182 तथा 364 दिन के बिल भी चलते हैं। B इसी कारण गलत है: छह मास लगभग 182 दिन के बिल से मेल खाता है, बाज़ार की सीमा से नहीं। D गलत है क्योंकि तीन वर्ष का साधन पूंजी बाज़ार की प्रतिभूति है; इस अवधि की दिनांकित सरकारी प्रतिभूतियाँ, ऋणपत्र और बॉन्ड सेबी के नियमन में जारी होते हैं। एक वर्ष की यह रेखा स्मरण रखने से वाणिज्यिक पत्र और जमा प्रमाणपत्र की अधिकतम अवधि वाले प्रश्न भी हल हो जाते हैं।

Q4.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

भारत में ट्रेजरी बिल जारी किए जाते हैं

  1. A.भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड द्वारा
  2. B.भारत सरकार की ओर से भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा
  3. C.भारतीय स्टेट बैंक द्वारा
  4. D.कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय द्वारा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भारत सरकार की ओर से भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा

व्याख्या

सही उत्तर B है। ट्रेजरी बिल सरकार के अल्पकालिक ऋण का साधन है, और सरकार का बैंकर तथा ऋण प्रबंधक होने के नाते भारतीय रिज़र्व बैंक उसे सरकार की ओर से नीलामी द्वारा जारी करता है। A गलत है क्योंकि सेबी प्रतिभूति बाज़ार का नियमन करता है और अंश तथा ऋणपत्र के निवेशकों की रक्षा करता है; वह कोई सरकारी पत्र जारी नहीं करता। C गलत है क्योंकि भारतीय स्टेट बैंक अन्य बैंकों और प्राथमिक व्यापारियों की तरह केवल नीलामी का सहभागी है और अपने विनिधान के लिए ट्रेजरी बिल खरीदता है। D गलत है क्योंकि कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय कंपनी विधि का प्रशासन करता है और सरकारी ऋण से उसका कोई संबंध नहीं। साथ में यह भी याद रखें कि ट्रेजरी बिल पर कूपन नहीं होता: वह बट्टे पर बेचा और अंकित मूल्य पर शोधित होता है।

Q5.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

भारत में ट्रेजरी बिल वर्तमान में निम्नलिखित में से किन अवधियों के लिए जारी किए जाते हैं?

  1. A.14, 91 और 182 दिन
  2. B.91, 182 और 364 दिन
  3. C.30, 60 और 90 दिन
  4. D.182, 364 और 730 दिन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 91, 182 और 364 दिन

व्याख्या

सही उत्तर B, 91, 182 और 364 दिन है। रिज़र्व बैंक इन तीन अवधियों के ट्रेजरी बिल नीलाम करता है, जिनमें 91 दिन का बिल सर्वाधिक बार नीलाम होता है। A गलत है क्योंकि 14 दिन का ट्रेजरी बिल बंद कर दिया गया है और वह नियमित नीलामी कैलेंडर का भाग नहीं है; वह केवल पुरानी अध्ययन सामग्री में मिलता है। C गलत है क्योंकि 30, 60 और 90 दिन व्यापारिक बिलों तथा कुछ जमा प्रमाणपत्रों की सामान्य अवधियाँ हैं, ट्रेजरी बिल की नहीं। D गलत है क्योंकि 730 दिन का साधन दो वर्ष चलता है और इसलिए वह पूंजी बाज़ार की दिनांकित सरकारी प्रतिभूति है, जो मुद्रा बाज़ार की एक वर्ष की सीमा से बाहर है। 91 दिन से कम अवधि के लिए सरकार नकदी प्रबंध बिल का प्रयोग करती है, जो 2010 में आरंभ हुए।

Q6.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

बैंकों के बीच एक दिन की अवधि के लिए दिया और लिया गया उधार कहलाता है

  1. A.अवधि मुद्रा
  2. B.सूचना मुद्रा
  3. C.मांग मुद्रा
  4. D.सेतु वित्त
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. मांग मुद्रा

व्याख्या

सही उत्तर C, मांग मुद्रा है। मांग मुद्रा बैंकों और प्राथमिक व्यापारियों के बीच एक रात का अप्रतिभूत उधार है, जिससे बैंक दिन के अंत में अपनी नकद आरक्षित स्थिति संतुलित करता है; इस पर का ब्याज मांग मुद्रा दर है, जो तंत्र की सर्वाधिक संवेदनशील ब्याज दर मानी जाती है। A गलत है क्योंकि अवधि मुद्रा 15 दिन से एक वर्ष की अंतर-बैंक जमा है। B गलत है क्योंकि सूचना मुद्रा 2 से 14 दिन के लिए होती है और उसकी वापसी अल्प सूचना देने पर होती है, और मांग तथा सूचना मुद्रा का यही भेद परीक्षक जाँचते हैं। D गलत है क्योंकि सेतु वित्त किसी कंपनी या परियोजना को दीर्घकालिक ऋण अथवा प्रतिभूति निर्गम पूरा होने तक दिया जाने वाला अल्पकालिक ऋण है, और वह अंतर-बैंक मुद्रा बाज़ार साधन नहीं है।

Q7.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

भारतीय मुद्रा बाज़ार में जमा प्रमाणपत्र किस वर्ष आरंभ किए गए?

  1. A.1985
  2. B.1989
  3. C.1991
  4. D.1997
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1989

व्याख्या

सही उत्तर B, 1989 है। मुद्रा बाज़ार पर वाघुल समिति की सिफारिशों के बाद रिज़र्व बैंक ने 1989 में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों को परक्राम्य जमा प्रमाणपत्र जारी करने की अनुमति दी, और एक वर्ष बाद 1990 में वाणिज्यिक पत्र आया। A गलत है क्योंकि 1985 मौद्रिक प्रणाली की कार्यप्रणाली पर सुखमय चक्रवर्ती समिति से जुड़ा वर्ष है, जिसकी रिपोर्ट से ये सुधार हुए, परंतु साधन उसी वर्ष नहीं आया। C गलत है क्योंकि 1991 आर्थिक सुधारों और वित्तीय प्रणाली पर नरसिंहम समिति का वर्ष है, जमा प्रमाणपत्र का नहीं। D गलत है क्योंकि 1997 में मुद्रा बाज़ार के अन्य परिवर्तन हुए, जैसे तदर्थ ट्रेजरी बिलों की समाप्ति और नीलामी व्यवस्था की ओर बढ़ना। स्मरण रखने योग्य जोड़ी है: जमा प्रमाणपत्र 1989 और वाणिज्यिक पत्र 1990।

Q8.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

निम्नलिखित में से कौन मुद्रा बाज़ार का साधन नहीं है?

  1. A.जमा प्रमाणपत्र
  2. B.ट्रेजरी बिल
  3. C.समता अंश
  4. D.वाणिज्यिक पत्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. समता अंश

व्याख्या

सही उत्तर C, समता अंश है। समता अंश की कोई परिपक्वता तिथि नहीं होती; वह कंपनी के अस्तित्व तक उसके स्वामित्व का प्रतिनिधित्व करता है, अतः वह पूंजी बाज़ार का प्रतिनिधि साधन है, जो प्राथमिक बाज़ार में जारी होता है और सेबी के नियमन में शेयर बाज़ारों पर खरीदा-बेचा जाता है। A उत्तर के रूप में गलत है क्योंकि जमा प्रमाणपत्र बैंक द्वारा सात दिन से एक वर्ष के लिए जारी मुद्रा बाज़ार साधन है। B गलत है क्योंकि ट्रेजरी बिल सरकार का 91, 182 अथवा 364 दिन का अल्पकालिक पत्र और मुद्रा बाज़ार का सुरक्षित साधन है। D गलत है क्योंकि वाणिज्यिक पत्र कंपनी का सात दिन से एक वर्ष की अवधि वाला अप्रतिभूत वचन पत्र है। ऐसे प्रश्नों में कसौटी सरल है: जिस साधन की अवधि एक वर्ष से अधिक हो सकती है, वह मुद्रा बाज़ार का नहीं है।

Q9.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

भारतीय रिज़र्व बैंक के साथ पुनर्खरीद अनुबंध अर्थात रेपो में वाणिज्यिक बैंक

  1. A.सरकारी प्रतिभूतियाँ रिज़र्व बैंक को बेचता है और बाद में उन्हें पुनः खरीदने का वचन देता है
  2. B.रिज़र्व बैंक से सरकारी प्रतिभूतियाँ खरीदता है और बाद में उन्हें पुनः बेचने का वचन देता है
  3. C.अपनी अतिरिक्त नकदी बिना किसी प्रतिभूति पर रिज़र्व बैंक के पास जमा करता है
  4. D.रिज़र्व बैंक को वाणिज्यिक पत्र जारी करता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. सरकारी प्रतिभूतियाँ रिज़र्व बैंक को बेचता है और बाद में उन्हें पुनः खरीदने का वचन देता है

व्याख्या

सही उत्तर A है। रेपो में कोष की आवश्यकता वाला बैंक सरकारी प्रतिभूतियाँ रिज़र्व बैंक को बेचता है और साथ ही एक दिन या कुछ दिन बाद उन्हें कुछ अधिक मूल्य पर पुनः खरीदने का अनुबंध करता है; यह अंतर ब्याज है और ली जाने वाली दर रेपो दर कहलाती है, जो देश की नीतिगत दर है। B प्रतिवर्ती रेपो का वर्णन करता है, जिसमें रिज़र्व बैंक बैंकों को प्रतिभूतियाँ बेचकर तंत्र से अतिरिक्त कोष अवशोषित करता है। C गलत है क्योंकि रिज़र्व बैंक के पास अप्रतिभूत जमा रेपो नहीं है; रेपो का मूल लक्षण यही है कि उधारी सरकारी प्रतिभूतियों से संपार्श्विक होती है। D गलत है क्योंकि बैंक वाणिज्यिक पत्र जारी करके रिज़र्व बैंक से धन नहीं जुटा सकता; वाणिज्यिक पत्र कंपनियाँ और वित्तीय संस्थाएँ बाज़ार के निवेशकों को जारी करती हैं।

Q10.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

भारत में संकीर्ण मुद्रा अर्थात एम1 में सम्मिलित है

  1. A.जनता के पास करेंसी तथा बैंकों की निवल सावधि जमा
  2. B.जनता के पास करेंसी, बैंकों की मांग जमा तथा रिज़र्व बैंक के पास अन्य जमा
  3. C.जनता के पास करेंसी तथा डाकघर की कुल जमा
  4. D.केवल बैंकों की मांग जमा तथा सावधि जमा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. जनता के पास करेंसी, बैंकों की मांग जमा तथा रिज़र्व बैंक के पास अन्य जमा

व्याख्या

सही उत्तर B है। एम1 अर्थात संकीर्ण मुद्रा सर्वाधिक तरल समुच्चय है: जनता के पास की करेंसी अर्थात नोट और सिक्के, बैंकों की मांग जमा जो कभी भी निकाली जा सकती है, तथा रिज़र्व बैंक के पास की अन्य जमाएँ, जो एक छोटी शेष मद है। A गलत है क्योंकि करेंसी और मांग जमा में बैंकों की निवल सावधि जमा जोड़ने पर एम3 अर्थात व्यापक मुद्रा बनती है, एम1 नहीं। C गलत है क्योंकि डाकघर की जमाएँ समुच्चयों में अलग से आती हैं: डाकघर बचत बैंकों की बचत जमा एम1 में जोड़ने पर एम2 बनता है, और राष्ट्रीय बचत पत्र को छोड़कर डाकघर की कुल जमाएँ एम3 में जोड़ने पर एम4। D दो कारणों से गलत है: वह जनता के पास की करेंसी छोड़ देता है, जो नकदी-प्रधान अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा घटक है, और सावधि जमा को संकीर्ण मुद्रा में सम्मिलित कर लेता है।

Q11.भारतीय अर्थव्यवस्थाकठिन

भारत में 2010 में आरंभ किए गए नकदी प्रबंध बिलों की परिपक्वता अवधि होती है

  1. A.91 दिन से कम
  2. B.ठीक 91 दिन
  3. C.182 से 364 दिन
  4. D.एक वर्ष से अधिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 91 दिन से कम

व्याख्या

सही उत्तर A, 91 दिन से कम है। नकदी प्रबंध बिल भारत सरकार और रिज़र्व बैंक ने 2010 में सरकार के नकदी प्रवाह की अस्थायी असंगति पूरी करने के लिए आरंभ किए, और वे 91 दिन से कम अवधि के लिए, कभी-कभी केवल कुछ सप्ताह के लिए जारी होते हैं। शेष सभी बातों में वे ट्रेजरी बिल जैसे हैं: नीलामी से बट्टे पर जारी और अंकित मूल्य पर शोधित। B गलत है क्योंकि ठीक 91 दिन की अवधि सबसे छोटे नियमित ट्रेजरी बिल की है, जो पहले से विद्यमान था। C गलत है क्योंकि 182 और 364 दिन ट्रेजरी बिल की अन्य दो अवधियाँ हैं, और नकदी प्रबंध बिल जान-बूझकर इन सबसे छोटा रखा गया है। D गलत है क्योंकि एक वर्ष से अधिक का साधन मुद्रा बाज़ार का नहीं होता और वह दिनांकित सरकारी प्रतिभूति कहलाएगा।

Q12.भारतीय अर्थव्यवस्थाकठिन

भारत में मुद्रा बाज़ार के विकास के लिए 1988 में स्थापित संस्था थी

  1. A.भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड
  2. B.भारतीय बट्टा एवं वित्त गृह
  3. C.राष्ट्रीय आवास बैंक
  4. D.भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भारतीय बट्टा एवं वित्त गृह

व्याख्या

सही उत्तर B, भारतीय बट्टा एवं वित्त गृह है। इसकी स्थापना 1988 में वाघुल कार्य समूह की सिफारिश पर हुई, जिससे ट्रेजरी बिल और वाणिज्यिक बिल जैसे अल्पकालिक साधनों में लेन-देन कर मुद्रा बाज़ार को गहराई और तरलता मिले; बाद में यह प्राथमिक व्यापारी बन गई। A गलत है क्योंकि भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड की स्थापना 1988 में गैर-सांविधिक निकाय के रूप में हुई, परंतु वह पूंजी बाज़ार के लिए बना और 1992 में सांविधिक हुआ। C गलत है क्योंकि राष्ट्रीय आवास बैंक भी 1988 में बना, परंतु वह आवास वित्त की शीर्ष संस्था है, जो दीर्घकालिक कारोबार है। D गलत है क्योंकि भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक 1990 में लघु उद्योगों के वित्तपोषण और विकास के लिए स्थापित हुआ, मुद्रा बाज़ार के लिए नहीं।

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