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GK क्विजभारतीय अर्थव्यवस्था

भारतीय अर्थव्यवस्था मिश्रित क्विज: सेट 50

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

भारतीय अर्थव्यवस्था मिश्रित क्विज़ (सेट 50) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 20 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: भारत में नियोजन और नीति आयोग, विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईज़ेड) और निर्यात संवर्धन, मुद्रास्फीति और मूल्य सूचकांक और अन्य। इनमें से 16 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: NDA · NDA-I 2020, GATआसान

पंचवर्षीय योजना सबसे पहले कहां शुरू की गई थी?

  1. A.चीन
  2. B.सोवियत संघ (USSR)
  3. C.भारत
  4. D.भूटान
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सोवियत संघ (USSR)

व्याख्या

सही उत्तर है B, सोवियत संघ (USSR)। जोसेफ स्टालिन के नेतृत्व में सोवियत संघ ने 1928 में विश्व की पहली पंचवर्षीय योजना शुरू की।

1928 से 1932 तक की पहली सोवियत योजना में तेज औद्योगिक विकास और सामूहिक खेती के लक्ष्य रखे गए, और क्या उत्पादन हो यह राज्य तय करता था। भारी उद्योग खड़े करने में इसकी सफलता ने भारतीय नेताओं समेत कई देशों को प्रभावित किया। भारत ने स्वतंत्रता के बाद पंचवर्षीय योजनाएं अपनाईं: पहली योजना 1951 से 1956 तक चली, हैरोड-डोमर मॉडल पर आधारित थी और कृषि पर केंद्रित थी। 1950 में बना योजना आयोग 2015 में नीति आयोग से बदल दिया गया, और बारहवीं योजना (2012–17) अंतिम थी।

A गलत है: चीन ने सोवियत मॉडल अपनाकर अपनी पहली पंचवर्षीय योजना 1953 में शुरू की।

C गलत है: भारत ने 1951 में योजना शुरू की, सोवियत संघ के बीस से अधिक वर्ष बाद।

D गलत है: भूटान ने भारत की सहायता से अपनी पहली योजना 1961 में शुरू की।

परीक्षा टिप: पंचवर्षीय योजना का विचार सोवियत संघ (1928) से आया; भारत की पहली योजना 1951–56, अंतिम (बारहवीं) 2012–17, नीति आयोग 1 जनवरी 2015 से।

Q2.भारतीय अर्थव्यवस्थाकठिन

1 जनवरी 2021 से भारत से वस्तु निर्यात योजना के स्थान पर कौन-सी योजना लागू हुई?

  1. A.आरओएससीटीएल
  2. B.आरओडीटीईपी
  3. C.ईपीसीजी
  4. D.एसईआईएस
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आरओडीटीईपी

व्याख्या

सही उत्तर B, आरओडीटीईपी है, अर्थात निर्यातित उत्पादों पर शुल्क तथा करों की प्रतिपूर्ति। पहली वस्तु निर्यात योजना विश्व व्यापार नियमों से असंगत पाई गई, क्योंकि वह निर्यात पर सीधा प्रोत्साहन देती थी, इसलिए उसके स्थान पर वह योजना आई जो केवल निर्यातित उत्पाद में अंतर्निहित उन शुल्कों तथा करों को लौटाती है, जिन्हें कोई अन्य योजना नहीं लौटाती। A गलत है, क्योंकि राज्य और केंद्रीय करों की छूट वाली आरओएससीटीएल परिधान तथा मेडअप वस्त्रों तक सीमित है और 2019 में पहले आई थी। C गलत है, क्योंकि निर्यात संवर्धन पूंजीगत माल योजना निर्यात दायित्व के बदले मशीनरी के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति देती है और वह पूर्णतः भिन्न साधन है। D गलत है, क्योंकि सेवा निर्यात योजना सेवाओं के निर्यात पर लागू थी, वस्तुओं के नहीं, और उसने वस्तु योजना का स्थान नहीं लिया।

Q3.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2021, GS Paper Iमध्यम

भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में, मांग-जनित (डिमांड-पुल) मुद्रास्फीति निम्नलिखित में से किसके कारण उत्पन्न हो सकती है/बढ़ सकती है? 1. विस्तारवादी नीतियाँ 2. राजकोषीय प्रोत्साहन 3. मुद्रास्फीति-सूचकांकित मज़दूरी 4. उच्च क्रय-शक्ति 5. बढ़ती ब्याज दरें नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. A.केवल 1, 2 और 4
  2. B.केवल 3, 4 और 5
  3. C.केवल 1, 2, 3 और 5
  4. D.1, 2, 3, 4 और 5
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. केवल 1, 2 और 4

व्याख्या

सही उत्तर है A, केवल 1, 2 और 4। विस्तारवादी नीतियाँ, राजकोषीय प्रोत्साहन और उच्च क्रय-शक्ति, तीनों कुल मांग बढ़ाते हैं, और यही मांग-जनित मुद्रास्फीति का कारण है।

मांग-जनित मुद्रास्फीति तब होती है जब वस्तुओं और सेवाओं की कुल मांग अर्थव्यवस्था की आपूर्ति क्षमता से आगे निकल जाती है, यानी कम वस्तुओं के पीछे अधिक पैसा। विस्तारवादी मौद्रिक नीति (सस्ता और आसान ऋण) और राजकोषीय प्रोत्साहन (कर में कटौती, अधिक सरकारी खर्च) लोगों के हाथ में अधिक पैसा देते हैं। बढ़ती आय या आसान ऋण से आई उच्च क्रय-शक्ति का भी यही असर होता है। इसके विपरीत लागत-जनित मुद्रास्फीति आपूर्ति पक्ष से शुरू होती है, जब मज़दूरी, कच्चा माल या ईंधन जैसी उत्पादन लागतें बढ़ती हैं।

मज़दूरी को मुद्रास्फीति से जोड़ना (3) उत्पादन लागत बढ़ाता है और मज़दूरी-कीमत चक्र चलाता है, इसलिए इसे लागत-जनित कारक माना जाता है। बढ़ती ब्याज दरें (5) उधार महँगा कर मांग घटाती हैं, इसलिए वे मुद्रास्फीति कम करती हैं।

इसलिए B, C और D गलत हैं, क्योंकि हर एक में कथन 3 या 5 या दोनों शामिल हैं।

परीक्षा टिप: मांग-जनित = अधिक खर्च करने की शक्ति; लागत-जनित = महँगी इनपुट लागत; ब्याज दर बढ़ाना मांग रोकने का आरबीआई का उपाय है।

Q4.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

जिस समिति की 1991 की रिपोर्ट ने भारत में बैंकिंग क्षेत्र सुधारों की रूपरेखा दी, उसके अध्यक्ष कौन थे?

  1. A.एम. नरसिम्हम
  2. B.रघुराम राजन
  3. C.बिमल जालान
  4. D.उर्जित पटेल
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. एम. नरसिम्हम

व्याख्या

सही उत्तर A, एम. नरसिम्हम है। उनकी अध्यक्षता वाली 1991 की वित्तीय प्रणाली समिति और 1998 की बैंकिंग क्षेत्र सुधार समिति ने आय निर्धारण तथा प्रावधान के विवेकपूर्ण मानदंड, जोखिम-भारित परिसंपत्तियों पर न्यूनतम पूंजी अनुपात, सांविधिक चलनिधि अनुपात तथा नकद आरक्षित अनुपात में कमी, नए निजी बैंकों के प्रवेश और बैंक बोर्डों को अधिक स्वायत्तता की सिफारिश की, और यही सुधार का आधार बने। विकल्प B गलत है क्योंकि रघुराम राजन ने 2008 की वित्तीय क्षेत्र सुधार समिति की अध्यक्षता की और बाद में गवर्नर के रूप में 2015 की परिसंपत्ति गुणवत्ता समीक्षा कराई। विकल्प C गलत है क्योंकि बिमल जालान रिजर्व बैंक के गवर्नर रहे और बाद में उसके आर्थिक पूंजी ढांचे पर समिति के अध्यक्ष बने। विकल्प D गलत है क्योंकि उर्जित पटेल मौद्रिक नीति ढांचे पर समिति के अध्यक्ष थे। ध्यान दें कि 1991 की समिति को वित्तीय प्रणाली समिति और 1998 की समिति को बैंकिंग क्षेत्र सुधार समिति कहा जाता है, और प्रश्न में दोनों में से कोई भी वर्ष दिया जा सकता है।

Q5.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2016, GS Paper Iमध्यम

भारत सरकार के पूँजीगत बजट में निम्नलिखित में से क्या शामिल है/हैं? 1. सड़कें, भवन, मशीनरी आदि जैसी परिसंपत्तियों के अर्जन पर व्यय 2. विदेशी सरकारों से प्राप्त ऋण 3. राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दिए गए ऋण और अग्रिम नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 1, 2 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1, 2 और 3। पूँजीगत बजट में पूँजीगत प्राप्तियाँ और पूँजीगत व्यय दर्ज होते हैं, और तीनों मदें इसी में आती हैं।

केंद्रीय बजट के दो भाग हैं। राजस्व बजट में राजस्व प्राप्तियाँ, जैसे कर और लाभांश, और राजस्व व्यय, जैसे वेतन, ब्याज और सब्सिडी, आते हैं। पूँजीगत बजट में वे मदें आती हैं जो परिसंपत्ति बनाती हैं या देनदारी बनाती या घटाती हैं। प्राप्ति पक्ष में बाज़ार उधार, विदेशी सरकारों और संस्थाओं से मिले ऋण, ऋणों की वसूली और विनिवेश की आय शामिल हैं। व्यय पक्ष में सड़क, भवन और मशीनरी जैसी परिसंपत्तियों पर खर्च, और राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों तथा सार्वजनिक उपक्रमों को दिए गए ऋण और अग्रिम शामिल हैं।

A गलत है: इसमें विदेशी ऋण और राज्यों को दिए गए ऋण छूट जाते हैं, जो दोनों पूँजीगत मदें हैं।

B गलत है: इसमें परिसंपत्ति अर्जन पर व्यय छूट जाता है, जो पूँजीगत व्यय का मुख्य रूप है।

C गलत है: इसमें विदेशी सरकारों से मिले ऋण छूट जाते हैं, जो पूँजीगत प्राप्तियाँ हैं।

परीक्षा टिप: पूँजीगत बजट = परिसंपत्ति बनाने या देनदारी बदलने वाली मदें; लिया गया ऋण और दिया गया ऋण दोनों यहीं आते हैं।

Q6.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

अटल पेंशन योजना किस आयु वर्ग के अभिदाताओं के लिए खुली है?

  1. A.18 से 40 वर्ष
  2. B.18 से 50 वर्ष
  3. C.21 से 55 वर्ष
  4. D.25 से 60 वर्ष
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 18 से 40 वर्ष

व्याख्या

सही उत्तर A, 18 से 40 वर्ष है। 2015 में आरंभ और पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण द्वारा संचालित अटल पेंशन योजना में अठारह से चालीस वर्ष आयु के अभिदाता जुड़ सकते हैं, जिससे प्रत्येक अभिदाता साठ वर्ष पर पेंशन आरंभ होने से पहले कम से कम बीस वर्ष अंशदान करे। चुने गए अंशदान के अनुसार गारंटीशुदा पेंशन एक हजार से पाँच हजार रुपये मासिक तक होती है। विकल्प B गलत है क्योंकि अठारह से पचास जीवन ज्योति बीमा योजना की आयु सीमा है। विकल्प C गलत है क्योंकि इक्कीस इन योजनाओं में प्रवेश की आयु नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि पच्चीस से साठ की सीमा में अंशदान अवधि इतनी कम रह जाएगी कि गारंटी संभव न हो, और योजना में ऐसी सीमा नहीं है।

Q7.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2022, GS Paper Iकठिन

भारत के संदर्भ में हाल में मीडिया में प्रायः चर्चित "अप्रत्यक्ष हस्तांतरण" (Indirect Transfers) को निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति सबसे अच्छी तरह दर्शाती है?

  1. A.एक भारतीय कंपनी किसी विदेशी उद्यम में निवेश करती है और उस निवेश से हुए लाभ पर उस विदेशी देश को कर चुकाती है
  2. B.एक विदेशी कंपनी भारत में निवेश करती है और उस निवेश से हुए लाभ पर अपने मूल देश को कर चुकाती है
  3. C.एक भारतीय कंपनी किसी विदेशी देश में मूर्त परिसंपत्तियाँ खरीदती है, उनका मूल्य बढ़ने पर उन्हें बेचती है और आय भारत भेजती है
  4. D.एक विदेशी कंपनी शेयरों का हस्तांतरण करती है और उन शेयरों का अधिकांश मूल्य भारत में स्थित परिसंपत्तियों से आता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. एक विदेशी कंपनी शेयरों का हस्तांतरण करती है और उन शेयरों का अधिकांश मूल्य भारत में स्थित परिसंपत्तियों से आता है

व्याख्या

सही उत्तर है D, एक विदेशी कंपनी शेयरों का हस्तांतरण करती है और उन शेयरों का अधिकांश मूल्य भारत में स्थित परिसंपत्तियों से आता है। भारतीय कर कानून में अप्रत्यक्ष हस्तांतरण का यही अर्थ है।

अप्रत्यक्ष हस्तांतरण में कोई भारतीय परिसंपत्ति सीधे नहीं बिकती। विदेश में किसी विदेशी कंपनी के शेयर बेचे जाते हैं, पर उन शेयरों का मूल्य मुख्यतः इसलिए है कि कंपनी के पास भारत में परिसंपत्तियाँ हैं। यह मुद्दा वोडाफोन मामले से चर्चित हुआ, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय ने 2012 में कहा कि ऐसी बिक्री पर भारत में कर नहीं लगता। उसी वर्ष संसद ने आयकर अधिनियम में पूर्वव्यापी संशोधन कर इस पर कर लगाया, और कराधान कानून (संशोधन) अधिनियम, 2021 ने 28 मई 2012 से पहले के हस्तांतरणों पर यह पूर्वव्यापी माँग वापस ले ली।

A गलत है: यह भारतीय कंपनी के विदेशी लाभ पर सामान्य कराधान का वर्णन है।

B गलत है: यह बताता है कि विदेशी निवेशक कर कहाँ चुकाता है, शेयरों का हस्तांतरण नहीं।

C गलत है: विदेश में मूर्त परिसंपत्ति खरीदना-बेचना सीधा लेन-देन है, अप्रत्यक्ष हस्तांतरण नहीं।

परीक्षा टिप: अप्रत्यक्ष हस्तांतरण = विदेश में शेयरों की बिक्री जिनका मूल्य भारतीय परिसंपत्तियों से आता है; वोडाफोन (2012) और 2021 में पूर्वव्यापी कर की वापसी याद रखें।

Q8.भारतीय अर्थव्यवस्थाकठिन

अवसंरचना के सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर पुनर्विचार और पुनरुद्धार की रिपोर्ट 2015 में किस समिति ने दी?

  1. A.विजय केलकर की अध्यक्षता वाली समिति
  2. B.सी. रंगराजन की अध्यक्षता वाली समिति
  3. C.बिमल जालान की अध्यक्षता वाली समिति
  4. D.एम. नरसिंहम की अध्यक्षता वाली समिति
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. विजय केलकर की अध्यक्षता वाली समिति

व्याख्या

सही उत्तर A, विजय केलकर की अध्यक्षता वाली समिति है। एक दशक में रुकी सड़क और बिजली रियायतों के खराब ऋण बन जाने के बाद वित्त मंत्रालय ने यह समिति बनाई, और केलकर समिति ने 2015 में कहा कि जोखिम उस पक्ष पर नहीं डाला गया जो उसे सबसे अच्छी तरह संभाल सके, बल्कि जो स्वीकार कर ले उस पर थोप दिया गया। उसने स्वतंत्र क्षेत्रीय नियामकों, वर्षों के मुकदमों के बजाय विशेषीकृत विवाद निपटान तंत्र, बोली से पहले परियोजनाओं की बेहतर तैयारी, और छोटे कामों में पीपीपी के प्रयोग को बंद करने की मांग की। B ने गरीबी आकलन तथा बारहवीं योजना के दृष्टिकोण पर समितियों का नेतृत्व किया। C ने रिजर्व बैंक की आर्थिक पूंजी रूपरेखा पर समूह की अध्यक्षता की। D 1991 और 1998 की दो बैंकिंग सुधार समितियों के लिए याद किए जाते हैं।

Q9.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2018, GS Paper Iकठिन

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (FRBM) समीक्षा समिति की रिपोर्ट ने 2023 तक सामान्य (संयुक्त) सरकार के लिए ऋण-GDP अनुपात 60% रखने की सिफ़ारिश की है, जिसमें केंद्र सरकार का 40% और राज्य सरकारों का 20% हो। 2. केंद्र सरकार की घरेलू देनदारियाँ GDP का 21% हैं, जबकि राज्य सरकारों की GDP का 49% हैं। 3. भारत के संविधान के अनुसार, यदि किसी राज्य पर केंद्र सरकार की कोई देनदारी बकाया है, तो कोई भी ऋण लेने के लिए उस राज्य को केंद्र सरकार की सहमति लेना अनिवार्य है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. केवल 1 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है C, केवल 1 और 3। कथन 1 FRBM समीक्षा समिति के लक्ष्य को सही बताता है और कथन 3 अनुच्छेद 293(3) है, जबकि कथन 2 में आँकड़े उलट दिए गए हैं।

एन. के. सिंह की अध्यक्षता वाली FRBM समीक्षा समिति ने 2017 में रिपोर्ट दी। उसने सार्वजनिक ऋण को राजकोषीय नीति का मुख्य आधार बनाया और 2023 तक सामान्य सरकार का ऋण GDP का 60% रखने की सिफ़ारिश की, जिसमें केंद्र का 40% और राज्यों का 20% हो। संविधान का अनुच्छेद 293(3) कहता है कि जिस राज्य पर भारत सरकार के दिए ऋण का कोई भाग बकाया है, वह केंद्र की सहमति के बिना नया ऋण नहीं ले सकता।

कथन 2 गलत है: इसमें हिस्से उलट दिए गए हैं। केंद्र की देनदारियाँ GDP के लगभग आधे के बराबर थीं, जो सभी राज्यों की कुल देनदारियों से कहीं अधिक थीं।

इसलिए A सही कथन 3 को छोड़ देता है, B गलत कथन 2 को जोड़कर कथन 1 छोड़ देता है, और D में भी कथन 2 शामिल है।

परीक्षा टिप: FRBM अधिनियम 2003; एन. के. सिंह समीक्षा समिति 2017 ने 60:40:20 ऋण लक्ष्य सुझाया; राज्यों के उधार अनुच्छेद 293 के तहत आते हैं।

Q10.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 13 Sept, 2024, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा सार्वजनिक क्षेत्र का उद्योग है?

  1. A.बीएचईएल
  2. B.रिलायंस
  3. C.टाटा
  4. D.अदानी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बीएचईएल

व्याख्या

सही उत्तर है A, बीएचईएल। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है, अर्थात उसके अधिकांश शेयर सरकार के पास हैं और प्रबंधन पर सरकार का नियंत्रण है। वर्ष 1964 में स्थापित और नई दिल्ली में मुख्यालय वाली यह कंपनी देश में बिजलीघरों के उपकरण, जैसे बॉयलर, टर्बाइन और जनरेटर बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी है, और इसे महारत्न का दर्जा प्राप्त है, जो किसी केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम को मिलने वाला सर्वोच्च दर्जा है। सार्वजनिक उपक्रम केवल लाभ के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और संतुलित क्षेत्रीय विकास के लिए काम करते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि रिलायंस इंडस्ट्रीज अंबानी परिवार द्वारा प्रवर्तित निजी कंपनी है। विकल्प C गलत है, क्योंकि जमशेदजी टाटा द्वारा स्थापित टाटा समूह निजी स्वामित्व वाला समूह है, चाहे उसकी कई कंपनियाँ देश के लिए महत्वपूर्ण हों। विकल्प D गलत है, क्योंकि अदानी समूह भी निजी व्यावसायिक घराना है। परीक्षा टिप: सार्वजनिक उपक्रम सरकारी होते हैं, और बीएचईएल, सेल, ओएनजीसी, गेल, एनटीपीसी तथा आईओसी महारत्न कंपनियाँ हैं।

Q11.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: CDS · CDS-I 2021, GKआसान

रोज़गार रिक्तियों के क्षेत्रीय या व्यावसायिक स्वरूप और श्रमिकों की उपलब्धता के स्वरूप के बीच असंतुलन का परिणाम होता है

  1. A.संरचनात्मक बेरोज़गारी
  2. B.प्रच्छन्न बेरोज़गारी
  3. C.परिवर्तित बेरोज़गारी
  4. D.चक्रीय बेरोज़गारी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. संरचनात्मक बेरोज़गारी

व्याख्या

सही उत्तर है A, संरचनात्मक बेरोज़गारी। जब उपलब्ध नौकरियों के लिए ऐसे कौशल चाहिए या वे ऐसी जगहों पर हैं जो उपलब्ध श्रमिकों से मेल नहीं खातीं, तो रिक्तियाँ होने के बावजूद लोग बेरोज़गार रहते हैं।

संरचनात्मक बेरोज़गारी अर्थव्यवस्था में दीर्घकालीन बदलावों से पैदा होती है: नई तकनीक, पुराने उद्योगों का पतन, या माँग का एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में खिसकना। पावरलूम के कारण काम खोने वाला हथकरघा बुनकर, या एक राज्य में रहने वाला श्रमिक जबकि नौकरियाँ दूसरे राज्य में हों, मौजूद रिक्तियों को आसानी से नहीं भर सकता। यह प्रायः दूसरी बेरोज़गारियों से अधिक समय तक रहती है और कौशल प्रशिक्षण, शिक्षा तथा काम वाली जगह तक जाने में मदद से घटती है। भारत का स्किल इंडिया कार्यक्रम इसी प्रकार की बेरोज़गारी को लक्ष्य करता है।

B गलत है: प्रच्छन्न बेरोज़गारी में किसी काम पर ज़रूरत से अधिक लोग लगे होते हैं, जैसे छोटे पारिवारिक खेतों पर, जहाँ कुछ को हटाने से उत्पादन नहीं घटता।

C गलत है: "परिवर्तित बेरोज़गारी" बेरोज़गारी का कोई मान्य प्रकार नहीं है।

D गलत है: चक्रीय बेरोज़गारी व्यापार चक्र के साथ, यानी मंदी या सुस्ती के दौरान, घटती-बढ़ती है।

परीक्षा टिप: कौशल या स्थान का असंतुलन = संरचनात्मक; मंदी = चक्रीय; खेत पर अतिरिक्त लोग = प्रच्छन्न; नौकरी बदलने के बीच = घर्षणात्मक।

Q12.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 5 July 2022, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से 1947 का कौन-सा अधिनियम ट्रेड यूनियनों तथा व्यक्तिगत श्रमिकों से संबंधित भारतीय श्रम कानून को नियंत्रित करता है?

  1. A.भारतीय परिषद अधिनियम
  2. B.चार्टर अधिनियम
  3. C.रॉलेट अधिनियम
  4. D.औद्योगिक विवाद अधिनियम
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. औद्योगिक विवाद अधिनियम

व्याख्या

सही उत्तर है D, औद्योगिक विवाद अधिनियम। औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 में बना और यह तय करता है कि नियोक्ताओं तथा श्रमिकों के बीच के विवाद, जिनमें ट्रेड यूनियनों से जुड़े मामले और व्यक्तिगत श्रमिक के मामले दोनों आते हैं, कैसे उठाए और निपटाए जाएँगे। इसके तहत कार्य समितियाँ, सुलह अधिकारी, जाँच न्यायालय, श्रम न्यायालय, औद्योगिक अधिकरण और राष्ट्रीय अधिकरण बनाए जाते हैं; यह बताता है कि हड़ताल या तालाबंदी कब वैध है, और बड़े प्रतिष्ठानों के लिए छँटनी, ले-ऑफ या बंदी से पहले सरकार की अनुमति जरूरी करता है। इसके प्रावधान अब औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 में समाहित कर दिए गए हैं। A गलत है क्योंकि 1861, 1892 और 1909 के भारतीय परिषद अधिनियम विधान परिषदों से जुड़े थे, श्रम से नहीं। B गलत है क्योंकि चार्टर अधिनियम, जिनमें अंतिम 1853 का था, ईस्ट इंडिया कंपनी के चार्टर का नवीकरण करते थे। C गलत है क्योंकि 1919 का रॉलेट अधिनियम बिना मुकदमे नजरबंदी की छूट देता था और जलियाँवाला बाग के विरोध का कारण बना। परीक्षा टिप: औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947, अब औद्योगिक संबंध संहिता 2020 का हिस्सा।

Q13.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: CDS · CDS-I 2024, GKमध्यम

सुगम्य भारत अभियान के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह कार्यक्रम सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा शुरू किया गया है। 2. इसका उद्देश्य दिव्यांगजनों के लिए समावेशी समाज का विकास करना है। 3. इसमें दिव्यांगजनों के लिए पेंशन के प्रावधान हैं। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.1, 2 और 3
  2. B.केवल 1 और 2
  3. C.केवल 2 और 3
  4. D.केवल 1
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केवल 1 और 2

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल 1 और 2। सुगम्य भारत अभियान स्थानों, परिवहन और सूचना को सुलभ बनाने का अभियान है; इसे दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग चलाता है और इसमें पेंशन का कोई प्रावधान नहीं है।

इसे एक्सेसिबल इंडिया कैंपेन भी कहते हैं, और यह 3 दिसंबर 2015 को अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर शुरू हुआ। यह तीन क्षेत्रों में काम करता है: निर्मित वातावरण (सरकारी भवनों, हवाई अड्डों और स्टेशनों को रैंप, लिफ़्ट और सुलभ शौचालयों से बाधा-मुक्त बनाना), परिवहन प्रणाली, और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (सुलभ वेबसाइटें, टीवी पर सांकेतिक भाषा)। इसका लक्ष्य समान अवसर और ऐसा समावेशी समाज है जिसमें दिव्यांगजन स्वतंत्र रूप से जी सकें।

A गलत है: कथन 3 गलत है, क्योंकि दिव्यांग पेंशन दूसरी योजनाओं के तहत मिलती है, इस अभियान के तहत नहीं।

C गलत है: इसमें गलत कथन 3 शामिल है और सही कथन 1 छूट गया है।

D गलत है: कथन 2 भी सही है, क्योंकि समावेशी समाज बनाना ही अभियान का उद्देश्य है।

परीक्षा टिप: सुगम्य भारत अभियान, 3 दिसंबर 2015, DEPwD; तीन स्तंभ: भवन, परिवहन, ICT।

Q14.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 18 Oct 2021, Shift 1आसान

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा के लिए प्रत्येक परिवार को ____ दिनों का मजदूरी रोजगार उपलब्ध कराना है।

  1. A.45
  2. B.365
  3. C.250
  4. D.100
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 100

व्याख्या

सही उत्तर है D, 100। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 हर ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिन के अकुशल शारीरिक श्रम का रोजगार देने की गारंटी देता है। यह योजना फरवरी 2006 में 200 जिलों से शुरू हुई, 2008 तक पूरे देश में लागू हो गई और 2009 में इसका नाम महात्मा गांधी के नाम पर रखा गया। ग्रामीण परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य काम की मांग कर सकता है; मांग के पंद्रह दिन के भीतर और गाँव से पाँच किलोमीटर के दायरे में काम देना होता है, और न देने पर राज्य को बेरोजगारी भत्ता देना पड़ता है। कम से कम एक तिहाई श्रमिक महिलाएँ होनी चाहिए, मजदूरी बैंक या डाकघर खाते में जाती है और काम मुख्यतः जल संरक्षण, तालाब, सड़क और भूमि विकास के होते हैं। A गलत है क्योंकि 45 दिन की गारंटी नहीं है। B गलत है क्योंकि 365 दिन का मतलब पूरे साल काम होता, जो कानून में नहीं है। C गलत है क्योंकि 250 दिन का आँकड़ा कानून में नहीं आता। परीक्षा टिप: मनरेगा 2005, साल में 100 दिन, 15 दिन में काम वरना बेरोजगारी भत्ता।

Q15.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2020, GS Paper Iआसान

"गोल्ड ट्रांश" (रिज़र्व ट्रांश) से क्या तात्पर्य है?

  1. A.विश्व बैंक की एक ऋण प्रणाली
  2. B.किसी केंद्रीय बैंक के कार्यों में से एक
  3. C.विश्व व्यापार संगठन द्वारा अपने सदस्यों को दी जाने वाली एक साख प्रणाली
  4. D.अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष द्वारा अपने सदस्यों को दी जाने वाली एक साख प्रणाली
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष द्वारा अपने सदस्यों को दी जाने वाली एक साख प्रणाली

व्याख्या

सही उत्तर है D, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष द्वारा अपने सदस्यों को दी जाने वाली एक साख प्रणाली। रिज़र्व ट्रांश सदस्य देश के IMF कोटे का वह भाग है जिसे वह कभी भी, बिना किसी शर्त के निकाल सकता है।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का हर सदस्य कोटा अंशदान देता है। पहले इसका एक-चौथाई भाग सोने में चुकाना होता था, इसलिए इसे गोल्ड ट्रांश कहा गया। आज यह भाग SDR या प्रमुख मुद्राओं जैसी आरक्षित परिसंपत्तियों में दिया जाता है और इसे रिज़र्व ट्रांश कहते हैं। इसे निकालना उधार नहीं माना जाता: न ब्याज लगता है, न लौटाने की बाध्यता है, न कोई नीतिगत शर्त, इसलिए देश इसे अपने विदेशी मुद्रा भंडार में गिनते हैं। आरबीआई भी इसे भंडार के घटकों में दिखाता है।

A गलत है: विश्व बैंक विकास परियोजनाओं के लिए ऋण देता है, उसमें रिज़र्व ट्रांश नहीं होता।

B गलत है: यह केंद्रीय बैंक का कोई कार्य नहीं है, हालाँकि केंद्रीय बैंक इसे भंडार के रूप में रखते हैं।

C गलत है: विश्व व्यापार संगठन व्यापार नियमों को देखता है, साख नहीं देता।

परीक्षा टिप: भारत का विदेशी मुद्रा भंडार = विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियाँ + सोना + SDR + IMF में रिज़र्व ट्रांश स्थिति।

Q16.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 1st December 2021, Shift 2आसान

अमूल दूध और दुग्ध उत्पादों में सहकारिता की एक सफल कहानी है, जो _______ से शुरू हुई और जिसने देश में श्वेत क्रांति लाई।

  1. A.दिल्ली
  2. B.कर्नाटक
  3. C.उत्तर प्रदेश
  4. D.गुजरात
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. गुजरात

व्याख्या

सही उत्तर है D, गुजरात। अमूल की शुरुआत खेड़ा जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ से हुई, जो 1946 में गुजरात के आनंद में बना, जब खेड़ा जिले के किसानों ने बिचौलियों द्वारा दिए जाने वाले कम दामों के विरुद्ध संगठित होकर अपना संघ खड़ा किया। त्रिभुवनदास पटेल ने किसानों का नेतृत्व किया और वर्गीज कुरियन ने इस डेयरी को आधुनिक उद्यम का रूप दिया, जिससे लाखों छोटे उत्पादकों का दूध इकट्ठा कर, ठंडा कर, संसाधित कर एक ही ब्रांड के नाम से बेचा जा सका। 1970 से ऑपरेशन फ्लड के जरिए आनंद का यही ढाँचा पूरे देश में फैलाया गया, जिसने भारत को विश्व का सबसे बड़ा दूध उत्पादक बनाया। कुरियन को श्वेत क्रांति के जनक के रूप में याद किया जाता है। A गलत है क्योंकि दिल्ली दूध का बाजार है, इस सहकारी संस्था का उद्गम नहीं। B गलत है क्योंकि कर्नाटक का सहकारी ब्रांड नंदिनी है। C गलत है क्योंकि उत्तर प्रदेश में दूध बहुत होता है, पर अमूल वहाँ से शुरू नहीं हुआ। परीक्षा टिप: अमूल — आनंद, गुजरात, 1946; ऑपरेशन फ्लड 1970, वर्गीज कुरियन।

Q17.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2017, GS Paper Iआसान

निम्नलिखित में से कौन विश्व के देशों को 'वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक' रैंकिंग देता है?

  1. A.विश्व आर्थिक मंच
  2. B.संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद
  3. C.संयुक्त राष्ट्र महिला
  4. D.विश्व स्वास्थ्य संगठन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. विश्व आर्थिक मंच

व्याख्या

सही उत्तर है A, विश्व आर्थिक मंच। वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक हर वर्ष विश्व आर्थिक मंच अपनी ग्लोबल जेंडर गैप रिपोर्ट में प्रकाशित करता है।

जिनेवा, स्विट्ज़रलैंड स्थित गैर-लाभकारी संस्था विश्व आर्थिक मंच, जो दावोस की वार्षिक बैठक के लिए प्रसिद्ध है, ने यह सूचकांक पहली बार 2006 में जारी किया। यह चार क्षेत्रों में स्त्री और पुरुष के बीच अंतर मापता है: आर्थिक भागीदारी और अवसर, शैक्षिक उपलब्धि, स्वास्थ्य और उत्तरजीविता, तथा राजनीतिक सशक्तीकरण। अंक 0 से 1 तक होते हैं, जहाँ 1 का अर्थ पूर्ण समानता है, इसलिए यह विकास के कुल स्तर के बजाय अंतर का आकार मापता है। WEF ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस रिपोर्ट और ग्लोबल रिस्क्स रिपोर्ट भी प्रकाशित करता है।

B गलत है: संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद सार्वभौमिक आवधिक समीक्षा के जरिए मानवाधिकार की समीक्षा करती है, यह सूचकांक नहीं देती।

C गलत है: संयुक्त राष्ट्र महिला लैंगिक समानता के लिए काम करती है, पर यह रैंकिंग प्रकाशित नहीं करती।

D गलत है: WHO स्वास्थ्य से जुड़ा है और लैंगिक अंतराल की रैंकिंग नहीं देता।

परीक्षा टिप: जेंडर गैप इंडेक्स = WEF (चार स्तंभ, 2006 से); जेंडर इनइक्वैलिटी इंडेक्स = UNDP, मानव विकास रिपोर्ट में।

Q18.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2025, Paper Iमध्यम

माँग की कीमत लोच और फर्म के प्रकार के संबंध के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. पूर्णतः लोचदार माँग एक प्रतिस्पर्धी फर्म से जुड़ी है। 2. पूर्णतः बेलोचदार माँग एकाधिकारात्मक प्रतिस्पर्धा वाली फर्म से जुड़ी है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए।

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. केवल 1

व्याख्या

सही उत्तर है A, केवल 1। पूर्ण प्रतियोगिता वाली फर्म के सामने पूर्णतः लोचदार माँग वक्र होता है, पर एकाधिकारात्मक प्रतिस्पर्धा वाली फर्म का माँग वक्र नीचे की ओर झुका और काफी लोचदार होता है, पूर्णतः बेलोचदार नहीं।

पूर्ण प्रतियोगिता में एक जैसी वस्तु के बहुत से विक्रेता होते हैं, इसलिए हर फर्म कीमत स्वीकार करने वाली होती है: बाजार कीमत पर वह कितनी भी मात्रा बेच सकती है, पर अधिक कीमत पर कुछ नहीं। इसलिए उसका माँग वक्र क्षैतिज रेखा है। एकाधिकारात्मक प्रतिस्पर्धा में, जैसे साबुन या रेस्तराँ, वस्तुएँ थोड़ी अलग होती हैं, इसलिए फर्म कीमत थोड़ी बढ़ाकर केवल कुछ ग्राहक खोती है। निकट विकल्प होने से उसका वक्र नीचे झुका और लोचदार रहता है।

B गलत है: कथन 2 असत्य है; पूर्णतः बेलोचदार माँग ऊर्ध्वाधर रेखा होगी, जो ऐसी फर्म के सामने नहीं होती।

C गलत है: केवल कथन 1 सही है।

D गलत है: कथन 1 सही है।

परीक्षा टिप: पूर्ण प्रतियोगिता = क्षैतिज माँग वक्र; एकाधिकारात्मक प्रतिस्पर्धा = नीचे झुका, लोचदार वक्र।

Q19.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: CDS · CDS-I 2021, GKमध्यम

कर्जदार द्वारा लौटाई गई राशि, उधार ली गई राशि से जितने प्रतिशत अधिक होती है, उसे क्या कहा जाता है?

  1. A.बैंक दर
  2. B.नाममात्र ब्याज दर
  3. C.वास्तविक ब्याज दर
  4. D.ऋण की शर्तें
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. नाममात्र ब्याज दर

व्याख्या

सही उत्तर है B, नाममात्र ब्याज दर। नाममात्र ब्याज दर वह प्रतिशत है जितनी लौटाई गई राशि उधार ली गई राशि से अधिक होती है, इसमें महँगाई का समायोजन नहीं किया जाता।

यदि आप ₹100 उधार लेकर एक साल बाद ₹110 लौटाते हैं, तो नाममात्र ब्याज दर 10% है। यही दर ऋण समझौते में लिखी होती है। यह नहीं बताती कि ऋणदाता की क्रय शक्ति वास्तव में कितनी बढ़ी, क्योंकि उस साल कीमतें भी बढ़ सकती हैं। इसे जानने के लिए अर्थशास्त्री वास्तविक ब्याज दर का उपयोग करते हैं, जो लगभग नाममात्र दर में से महँगाई दर घटाने पर मिलती है। 10% नाममात्र ब्याज और 6% महँगाई पर वास्तविक ब्याज दर लगभग 4% होगी।

A गलत है: बैंक दर वह दर है जिस पर भारतीय रिज़र्व बैंक वाणिज्यिक बैंकों को दीर्घकालिक धन उधार देता है।

C गलत है: वास्तविक ब्याज दर महँगाई के अनुसार समायोजित दर है, केवल लौटाई गई अतिरिक्त राशि का प्रतिशत नहीं।

D गलत है: ऋण की शर्तें पूरे ऋण का पैकेज हैं: ब्याज दर, समानुषंगिक, कागज़ात और भुगतान का तरीका।

परीक्षा टिप: वास्तविक ब्याज दर ≈ नाममात्र ब्याज दर − महँगाई दर।

Q20.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2022, GS Paper Iकठिन

भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में "मुद्रास्फीति-सूचकांकित बॉण्ड (IIBs)" के क्या लाभ हैं?

1. सरकार IIBs के माध्यम से अपने उधार पर कूपन दरें कम कर सकती है।

2. IIBs निवेशकों को मुद्रास्फीति से जुड़ी अनिश्चितता से सुरक्षा प्रदान करते हैं।

3. IIBs पर प्राप्त ब्याज और पूँजीगत लाभ, दोनों कर-योग्य नहीं हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. केवल 1 और 2

व्याख्या

सही उत्तर है A, केवल 1 और 2। IIBs निवेशकों को मुद्रास्फीति से बचाते हैं और इसी सुरक्षा के कारण सरकार कम कूपन दर पर उधार ले सकती है; इन पर कोई विशेष कर छूट नहीं है।

मुद्रास्फीति-सूचकांकित बॉण्ड में मूलधन, और इसलिए उस पर मिलने वाला ब्याज, किसी मूल्य सूचकांक से जुड़ा होता है। इससे महँगाई कितनी भी रहे, निवेशक का वास्तविक प्रतिफल सुरक्षित रहता है (कथन 2)। जब निवेशक को कूपन में महँगाई का अतिरिक्त प्रीमियम नहीं चाहिए, तो सरकार साधारण बॉण्ड की तुलना में कम कूपन दर दे सकती है (कथन 1)। RBI ने 2013 में थोक मूल्य सूचकांक से जुड़े IIBs और उसी वर्ष बाद में खुदरा निवेशकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से जुड़े बॉण्ड जारी किए थे।

B गलत है: इसमें कथन 3 शामिल है, जबकि IIBs का ब्याज और पूँजीगत लाभ सामान्य आयकर नियमों के तहत कर-योग्य हैं।

C गलत है: इसमें IIBs का मुख्य उद्देश्य बताने वाला कथन 2 छूट गया है और गलत कथन 3 जुड़ा है।

D गलत है: कथन 3 गलत है, इसलिए तीनों सही नहीं हो सकते।

परीक्षा टिप: IIB = महँगाई से जुड़ा मूलधन, सरकार के लिए कम कूपन, निवेशक के लिए वास्तविक प्रतिफल की सुरक्षा, पर कोई कर छूट नहीं।

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