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GK क्विजभारतीय अर्थव्यवस्था

भारतीय अर्थव्यवस्था मिश्रित क्विज: सेट 44

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

भारतीय अर्थव्यवस्था मिश्रित क्विज़ (सेट 44) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 8 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: बीमा और पेंशन क्षेत्र: आईआरडीएआई और पीएफआरडीए, भारत के मुक्त व्यापार समझौते, मुद्रा बाज़ार और वित्तीय साधन और अन्य। इनमें से 5 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

कौन सा संगठन 1995 की कर्मचारी पेंशन योजना संचालित करता है और पेंशन नियामक के अधीन नहीं है?

  1. A.कर्मचारी भविष्य निधि संगठन
  2. B.भारतीय जीवन बीमा निगम
  3. C.राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली न्यास
  4. D.भारतीय सामान्य बीमा निगम
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन

व्याख्या

सही उत्तर A, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन है। वह श्रम और रोजगार मंत्रालय के अधीन कार्य करता है और 1952 के कर्मचारी भविष्य निधि तथा प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम के अंतर्गत तीन योजनाएं संचालित करता है: 1952 की कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 1995 की कर्मचारी पेंशन योजना और 1976 की कर्मचारी निक्षेप संबद्ध बीमा योजना। चूंकि ये अपने ही अधिनियम से शासित हैं, वे पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण के दायरे से बाहर पड़ती हैं, जो राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली तथा उन पेंशन योजनाओं का नियमन करता है जो किसी अन्य कानून के अंतर्गत नहीं हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि भारतीय जीवन बीमा निगम एक बीमाकर्ता है जो बीमा प्राधिकरण के अधीन है। विकल्प C गलत है क्योंकि राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली न्यास उस प्रणाली की परिसंपत्तियां धारण करता है और पेंशन नियामक के अधीन है। विकल्प D गलत है क्योंकि भारतीय सामान्य बीमा निगम राष्ट्रीय पुनर्बीमाकर्ता है।

Q2.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

टीईपीए के नाम से जाना जाने वाला भारत का व्यापार एवं आर्थिक भागीदारी समझौता किस समूह के साथ हस्ताक्षरित हुआ है?

  1. A.यूरोपीय संघ
  2. B.यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ
  3. C.खाड़ी सहयोग परिषद
  4. D.दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों का संगठन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ

व्याख्या

सही उत्तर B, यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ है। टीईपीए पर 10 मार्च 2024 को नई दिल्ली में ईएफटीए के चार देशों, आइसलैंड, लिकटेंस्टाइन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड के साथ हस्ताक्षर हुए और यह 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी हुआ। विकल्प A गलत है क्योंकि यूरोपीय संघ एक अलग समूह है जिसका ईएफटीए के ये चार देश सदस्य नहीं हैं; यूरोपीय संघ के साथ भारत की वार्ता पूर्णतः भिन्न है और यही इस प्रश्न का सबसे आम जाल है। विकल्प C गलत है क्योंकि खाड़ी सहयोग परिषद के साथ भारत का समूह स्तर पर कोई समझौता नहीं है; खाड़ी में उसका समझौता केवल संयुक्त अरब अमीरात के साथ द्विपक्षीय सीईपीए है। विकल्प D गलत है क्योंकि आसियान के साथ समझौता भारत-आसियान वस्तु व्यापार समझौता है, जो 2010 में प्रभावी हुआ।

Q3.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: दिल्ली · 9 Oct 2021, Shift 2मध्यम

वाणिज्यिक पत्र के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है? I. यह वचन पत्र के रूप में जारी अप्रतिभूत मुद्रा बाज़ार साधन है। II. इसे भारत में 1990 में आरंभ किया गया था। III. इन्हें भारतीय रिज़र्व बैंक जारी करता है।

  1. A.केवल I
  2. B.I, II और III
  3. C.I और II
  4. D.केवल III
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. I और II

व्याख्या

सही उत्तर C, I और II है। कथन I सही है: वाणिज्यिक पत्र वचन पत्र के रूप में जारी अप्रतिभूत मुद्रा बाज़ार साधन है, अर्थात उसके पीछे कोई प्रतिभूति नहीं, केवल निर्गमकर्ता की साख होती है। कथन II भी सही है: वाणिज्यिक पत्र भारतीय मुद्रा बाज़ार में 1990 में आरंभ हुआ, जिससे उच्च श्रेणी की कंपनियाँ बैंक ऋण के स्थान पर सीधे बाज़ार से कार्यशील पूंजी जुटा सकें। कथन III गलत है, और इसी कारण B तथा D अनुचित हैं: वाणिज्यिक पत्र कंपनियाँ, प्राथमिक व्यापारी और अखिल भारतीय वित्तीय संस्थाएँ जारी करती हैं, जबकि रिज़र्व बैंक केवल उसके निर्गम के नियम बनाता है और नियामक की भूमिका निभाता है। रिज़र्व बैंक ट्रेजरी बिल जारी करता है, परंतु वह भी भारत सरकार की ओर से। A अपूर्ण है क्योंकि वह 1990 वाले सही कथन को छोड़ देता है।

Q4.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 8th December 2021, Shift 2मध्यम

'निर्गम मूल्य' (इश्यू प्राइस) क्या है?

  1. A.यह बाजार मूल्य के बराबर ही होता है।
  2. B.यह बाजार मूल्य से कम कीमत होती है।
  3. C.यह किसान द्वारा तय की गई कीमत होती है।
  4. D.यह बाजार मूल्य से अधिक कीमत होती है।
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. यह बाजार मूल्य से कम कीमत होती है।

व्याख्या

सही उत्तर है B, यह बाजार मूल्य से कम कीमत होती है। निर्गम मूल्य वह रियायती दर है जिस पर सरकार के बफर स्टॉक का अनाज राशन दुकानों के जरिए बेचा जाता है, और इसे जानबूझकर बाजार मूल्य से नीचे रखा जाता है।

भारत की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था तीन चरणों में चलती है। भारतीय खाद्य निगम किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अनाज खरीदता है, उसे बफर स्टॉक में रखता है, और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उचित मूल्य की दुकानों तक पहुँचाता है। उन दुकानों पर जो दर ली जाती है, वही निर्गम मूल्य है, और सरकार जो चुकाती है तथा जो वसूलती है, उनका अंतर खाद्य सब्सिडी है। निर्गम मूल्य को नीचे रखना ही वह उपाय है जिससे गरीब परिवारों के लिए अनाज सस्ता बना रहता है।

A गलत है: यदि यह बाजार मूल्य के बराबर होता तो न सब्सिडी बचती और न राशन दुकानों की कोई जरूरत रहती। C गलत है: निर्गम मूल्य सरकार तय करती है, किसान नहीं। D गलत है: बाजार से ऊँची कीमत होने पर खरीदार राशन दुकानों से दूर ही हो जाते।

परीक्षा टिप: किसान को MSP मिलता है, राशन दुकान निर्गम मूल्य लेती है, और दोनों का अंतर खाद्य सब्सिडी है।

Q5.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम किस वर्ष बनाया गया?

  1. A.2005
  2. B.2009
  3. C.2013
  4. D.2016
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2013

व्याख्या

सही उत्तर C, 2013 है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, जिसे प्रायः भोजन का अधिकार अधिनियम कहा जाता है, संसद ने 2013 में पारित किया और इसने लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के सस्ते अनाज को योजना का लाभ नहीं, कानूनी हकदारी बना दिया, जो जिला शिकायत निवारण अधिकारी तथा राज्य खाद्य आयोग के माध्यम से लागू कराई जा सकती है। A, 2005, गलत है, हालांकि उस वर्ष दो और ऐतिहासिक कानून आए, सूचना का अधिकार अधिनियम और राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, इसी कारण यह विकल्प आकर्षक लगता है। B, 2009, गलत है क्योंकि वह वर्ष निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम का है। D, 2016, गलत है; उस वर्ष का कोई केंद्रीय खाद्य सुरक्षा कानून नहीं है, उस वर्ष दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता आई। यह भी ध्यान रखें कि अधिनियम जुलाई 2013 से प्रभावी किया गया, इसीलिए कुछ पुस्तकें वर्ष के साथ वही माह देती हैं।

Q6.भारतीय अर्थव्यवस्थाकठिन

केंद्रीय क्षेत्र की सार्वजनिक-निजी भागीदारी परियोजनाओं का मूल्यांकन कौन निकाय करता है, जिसका अध्यक्ष आर्थिक कार्य विभाग का सचिव होता है?

  1. A.सार्वजनिक निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति
  2. B.आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति
  3. C.नीति आयोग का शासी परिषद
  4. D.भारत का वित्त आयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. सार्वजनिक निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति

व्याख्या

सही उत्तर A, सार्वजनिक निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति है, जिसे पीपीपीएसी लिखा जाता है। यह स्थायी अंतर-मंत्रालयी समिति केंद्रीय क्षेत्र के पीपीपी प्रस्ताव की रियायत संधि, जोखिम बंटवारे और वित्तीय ढांचे की जांच मंजूरी से पहले करती है, और इसका अध्यक्ष आर्थिक कार्य विभाग का सचिव होता है, जिसमें व्यय, विधि कार्य, नीति आयोग तथा प्रायोजक मंत्रालय के सचिव सदस्य होते हैं। B यानी आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति बड़ी परियोजनाओं पर अंतिम राजनीतिक निर्णय लेती है, तकनीकी मूल्यांकन नहीं करती। C मुख्यमंत्रियों का वह निकाय है जो नीति आयोग का मार्गदर्शन करता है और परियोजना मंजूरी से उसका संबंध नहीं है। D अनुच्छेद 280 के अंतर्गत सांविधिक निकाय है जो संघ और राज्यों के बीच करों के बंटवारे की सिफारिश करता है। याद रखें कि तकनीकी मूल्यांकन पीपीपीएसी करती है और अंतिम मंजूरी मंत्रिमंडलीय समिति देती है।

Q7.भारतीय अर्थव्यवस्थाकठिन

भारत-ईएफटीए व्यापार एवं आर्थिक भागीदारी समझौते के अंतर्गत ईएफटीए देशों ने भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश कितना और कितनी अवधि में बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है?

  1. A.10 वर्षों में 50 अरब अमेरिकी डॉलर
  2. B.15 वर्षों में 100 अरब अमेरिकी डॉलर
  3. C.25 वर्षों में 100 अरब अमेरिकी डॉलर
  4. D.20 वर्षों में 200 अरब अमेरिकी डॉलर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 15 वर्षों में 100 अरब अमेरिकी डॉलर

व्याख्या

सही उत्तर B, 15 वर्षों में 100 अरब अमेरिकी डॉलर है। टीईपीए का अनुच्छेद 7.1 ईएफटीए देशों को पहले दस वर्षों में भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 50 अरब अमेरिकी डॉलर और उसके बाद के पांच वर्षों में अतिरिक्त 50 अरब डॉलर बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध करता है, अर्थात पंद्रह वर्षों में कुल 100 अरब डॉलर, जिसका घोषित लक्ष्य भारत में दस लाख प्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न करना है। यह पहली बार है जब भारत द्वारा हस्ताक्षरित किसी मुक्त व्यापार समझौते में बाध्यकारी निवेश प्रतिबद्धता रखी गई है। विकल्प A गलत है क्योंकि 50 अरब इस प्रतिज्ञा की केवल पहली किस्त है, पूरी राशि नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि अवधि पंद्रह वर्ष है, पच्चीस नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि 200 अरब का आंकड़ा समझौते में कहीं नहीं आता।

Q8.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

भारत में दिवाला पेशेवरों और सूचना उपयोगिताओं का नियमन कौन-सी संस्था करती है?

  1. A.भारतीय रिजर्व बैंक
  2. B.भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड
  3. C.भारतीय दिवाला एवं शोधन अक्षमता बोर्ड
  4. D.वित्त मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. भारतीय दिवाला एवं शोधन अक्षमता बोर्ड

व्याख्या

सही उत्तर C, भारतीय दिवाला एवं शोधन अक्षमता बोर्ड है। 2016 की संहिता के अंतर्गत बना यह बोर्ड दिवाला पेशेवरों, दिवाला पेशेवर एजेंसियों और सूचना उपयोगिताओं का पंजीकरण तथा पर्यवेक्षण करता है और वे विनियम बनाता है जिनके अंतर्गत समाधान प्रक्रिया चलती है, इसलिए यह नियामक और नियम-निर्माता दोनों है। विकल्प A गलत है क्योंकि रिजर्व बैंक बैंकों का नियमन करता है और उन्हें खाते दिवाला के लिए भेजने का निर्देश दे सकता है, परंतु वह दिवाला पेशेवरों का नियमन नहीं करता। विकल्प B गलत है क्योंकि भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड प्रतिभूति बाजार का नियामक है। विकल्प D गलत है क्योंकि इस संहिता का प्रशासन वित्त मंत्रालय के स्थान पर कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय करता है, और किसी भी स्थिति में मंत्रालय यहां सांविधिक नियामक नहीं है।

Q9.भारतीय अर्थव्यवस्थाकठिन

2021 के बीमा संशोधन अधिनियम ने किसी भारतीय बीमा कंपनी में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा कितनी कर दी?

  1. A.26 प्रतिशत
  2. B.49 प्रतिशत
  3. C.74 प्रतिशत
  4. D.100 प्रतिशत
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 74 प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर C, 74 प्रतिशत है। 2021 के बीमा संशोधन अधिनियम ने 1938 के बीमा अधिनियम में संशोधन करके किसी भारतीय बीमा कंपनी में अनुमेय प्रत्यक्ष विदेशी निवेश चौहत्तर प्रतिशत कर दिया, और इसके साथ ऐसी शर्तें रखीं जो प्रबंधन तथा नियंत्रण भारतीय हाथों में रखें। विकल्प A गलत है क्योंकि छब्बीस प्रतिशत वह मूल सीमा थी जो 1999 के अधिनियम के अंतर्गत क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोलते समय तय हुई थी। विकल्प B गलत है क्योंकि उनचास प्रतिशत 2015 के बीमा विधि संशोधन अधिनियम द्वारा तय मध्यवर्ती सीमा थी, और उसी अधिनियम ने नियामक का नाम भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण किया। विकल्प D इस अधिनियम के विवरण के रूप में गलत है, क्योंकि 2021 का अधिनियम चौहत्तर प्रतिशत पर रुका। इस सीढ़ी को क्रम के रूप में याद रखें: 1999 में 26, 2015 में 49 और 2021 में 74।

Q10.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत शिशु श्रेणी में कितनी राशि तक के ऋण आते हैं?

  1. A.पच्चीस हजार रुपये
  2. B.पचास हजार रुपये
  3. C.एक लाख रुपये
  4. D.पाँच लाख रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पचास हजार रुपये

व्याख्या

सही उत्तर B, पचास हजार रुपये है। गैर-कृषि सूक्ष्म उद्यमों को दिए जाने वाले मुद्रा ऋण तीन नामित श्रेणियों में बँटे हैं: शिशु पचास हजार रुपये तक, किशोर पचास हजार से अधिक और पाँच लाख तक, तथा तरुण पाँच लाख से अधिक और दस लाख तक, और पहले का ऋण चुका चुके ऋणियों के लिए बाद में ऊपर की श्रेणी जोड़ी गई। विकल्प A गलत है क्योंकि पच्चीस हजार मुद्रा की कोई सीमा नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि एक लाख किशोर श्रेणी के भीतर आता है और किसी श्रेणी की सीमा नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि पाँच लाख किशोर की ऊपरी और तरुण की निचली सीमा है, और परीक्षक इसी जोड़ी से भटकाते हैं। सभी मुद्रा ऋण बिना जमानत होते हैं।

Q11.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: दिल्ली · 23 March 2022, shift 2मध्यम

रिज़र्व बैंक मुद्रा आपूर्ति के चार वैकल्पिक माप प्रकाशित करता है। एम3 के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?

  1. A.जनता के पास करेंसी + मांग जमा
  2. B.एम1 + डाकघर बचत बैंकों की बचत जमा
  3. C.एम1 + वाणिज्यिक बैंकों की निवल सावधि जमा
  4. D.एम1 + डाकघर बचत संगठनों की कुल जमा
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. एम1 + वाणिज्यिक बैंकों की निवल सावधि जमा

व्याख्या

सही उत्तर C, एम1 + वाणिज्यिक बैंकों की निवल सावधि जमा है। एम3 को व्यापक मुद्रा अथवा समग्र मौद्रिक संसाधन कहते हैं और रिज़र्व बैंक इसी पर सर्वाधिक ध्यान देता है; इसमें संकीर्ण मुद्रा के साथ बैंकिंग तंत्र की सावधि जमाएँ जोड़ी जाती हैं। A गलत है क्योंकि जनता के पास करेंसी और मांग जमा मिलकर एम1 का ही एक भाग बनाते हैं; एम1 में रिज़र्व बैंक के पास की अन्य जमाएँ भी सम्मिलित होती हैं, अतः दिया गया व्यंजक अपूर्ण है और किसी भी स्थिति में एम1 का वर्णन करता है, एम3 का नहीं। B गलत है क्योंकि एम1 में डाकघर बचत बैंकों की बचत जमा जोड़ने पर एम2 बनता है। D गलत है क्योंकि एम4, एम1 नहीं बल्कि एम3 में राष्ट्रीय बचत पत्र को छोड़कर डाकघर की कुल जमाएँ जोड़ने पर बनता है। तरलता का क्रम याद रखें: एम1 सर्वाधिक तरल और एम4 न्यूनतम।

Q12.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: मध्य प्रदेश · 1 Jun 2025मध्यम

भारत में प्रतिस्पर्धा नीति का संचालन मुख्य रूप से कौन-सा अधिनियम करता है?

  1. A.कंपनी अधिनियम, 2013
  2. B.एकाधिकार एवं प्रतिबंधात्मक व्यापार व्यवहार अधिनियम, 1969
  3. C.प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002
  4. D.उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002

व्याख्या

सही उत्तर है C, प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002। भारत में प्रतिस्पर्धा नीति का आधार प्रतिस्पर्धा अधिनियम 2002 है, जो उदारीकरण के बाद राघवन समिति की सिफ़ारिश पर बनाया गया और जिसने एकाधिकार से जुड़े पुराने कानून की जगह ली। यह अधिनियम प्रतिस्पर्धा को नुकसान पहुँचाने वाले समझौतों, जैसे कीमत तय करने या बाज़ार बाँटने वाले गुटों पर रोक लगाता है, प्रभावी स्थिति के दुरुपयोग को मना करता है, और बड़े विलय तथा अधिग्रहण के लिए पहले से मंज़ूरी लेना अनिवार्य करता है। इसे लागू करने वाली संस्था भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग है, जिसका गठन 2003 में हुआ और जिसने 2009 से मामलों की सुनवाई शुरू की; अपील राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय अधिकरण में होती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि कंपनी अधिनियम 2013 कंपनियों के गठन और संचालन से जुड़ा है। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1969 का एमआरटीपी अधिनियम इस कानून के लागू होने पर निरस्त कर दिया गया। विकल्प D गलत है, क्योंकि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 उपभोक्ताओं की रक्षा करता है। परीक्षा टिप: एमआरटीपी 1969 की जगह प्रतिस्पर्धा अधिनियम 2002, नियामक सीसीआई।

Q13.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत प्राथमिकता परिवार को कितना खाद्यान्न मिलता है?

  1. A.प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलोग्राम
  2. B.प्रति परिवार प्रति माह 35 किलोग्राम
  3. C.प्रति व्यक्ति प्रति माह 10 किलोग्राम
  4. D.प्रति परिवार प्रति माह 25 किलोग्राम
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलोग्राम

व्याख्या

सही उत्तर A, प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलोग्राम है। अधिनियम दो श्रेणियों के लाभार्थी बनाता है। प्राथमिकता परिवार को उसके प्रत्येक सदस्य के लिए प्रति माह पांच किलोग्राम खाद्यान्न मिलता है, इसलिए पांच सदस्यों का परिवार पच्चीस किलोग्राम उठाता है। B, प्रति परिवार प्रति माह 35 किलोग्राम, स्थायी जाल है: वह अंत्योदय अन्न योजना के परिवार की मात्रा है, जो परिवार की हकदारी है और सदस्यों की संख्या से नहीं बदलती। C, प्रति व्यक्ति प्रति माह 10 किलोग्राम, गलत है क्योंकि अधिनियम की किसी श्रेणी में यह पैमाना नहीं है, हालांकि 1997 में लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली का मूल कोटा प्रति परिवार दस किलोग्राम था। D, प्रति परिवार प्रति माह 25 किलोग्राम, गलत है, हालांकि 2000 में योजना के आरंभ पर अंत्योदय कोटा यही था, जो 2002 में पैंतीस किलोग्राम हुआ।

Q14.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

1 जनवरी 1995 को स्थापित विश्व व्यापार संगठन ने किस संस्था का स्थान लिया था?

  1. A.अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष
  2. B.प्रशुल्क एवं व्यापार सामान्य समझौता (गैट)
  3. C.संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास सम्मेलन
  4. D.विश्व बैंक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. प्रशुल्क एवं व्यापार सामान्य समझौता (गैट)

व्याख्या

सही उत्तर B, प्रशुल्क एवं व्यापार सामान्य समझौता है। गैट पर 1947 में प्रशुल्क कटौती के अस्थायी समझौते के रूप में हस्ताक्षर हुए थे और उरुग्वे दौर के बाद 1 जनवरी 1995 को उसका स्थान विश्व व्यापार संगठन ने ले लिया, जो जेनेवा मुख्यालय वाला स्थायी निकाय है और जिसके पास बाध्यकारी विवाद निपटान व्यवस्था है। भारत इसका संस्थापक सदस्य है। विकल्प A गलत है क्योंकि 1944 में ब्रेटन वुड्स में बना अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष विनिमय दरों और भुगतान संतुलन सहायता से जुड़ा है और आज भी विद्यमान है। विकल्प C गलत है क्योंकि 1964 में स्थापित अंकटाड संयुक्त राष्ट्र का निकाय है जो व्यापार और विकास पर विकासशील देशों का पक्ष रखता है और उसका स्थान किसी ने नहीं लिया। विकल्प D गलत है क्योंकि विश्व बैंक विकास परियोजनाओं के लिए ऋण देता है और अलग संस्था है। याद रखने योग्य समझौते हैं ट्रिप्स, ट्रिम्स, गैट्स और कृषि समझौता।

Q15.भारतीय अर्थव्यवस्थाकठिन

मुक्त व्यापार समझौते में मूल नियमों का मुख्य उद्देश्य है

  1. A.सभी सदस्यों के लिए साझा बाह्य शुल्क तय करना
  2. B.यह सुनिश्चित करना कि रियायतें केवल साझेदार देश में वास्तव में उत्पादित वस्तुओं को मिलें
  3. C.यह तय करना कि व्यापार का भुगतान किस मुद्रा में होगा
  4. D.सेवाओं के व्यापार के मूल्य पर उच्चतम सीमा तय करना
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. यह सुनिश्चित करना कि रियायतें केवल साझेदार देश में वास्तव में उत्पादित वस्तुओं को मिलें

व्याख्या

सही उत्तर B, यह सुनिश्चित करना कि रियायतें केवल साझेदार देश में वास्तव में उत्पादित वस्तुओं को मिलें है। मूल नियम जांचते हैं कि कोई उत्पाद वास्तव में साझेदार देश का है या नहीं, सामान्यतः वहां उसके शुल्क वर्गीकरण में परिवर्तन तथा वहीं जुड़े मूल्य के न्यूनतम अंश की शर्त लगाकर। इनके बिना कोई गैर-सदस्य देश अपना माल साझेदार के रास्ते भेजकर वे रियायतें ले सकता है जिनकी उसने कभी वार्ता नहीं की, जिसे व्यापार विचलन कहते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि साझा बाह्य शुल्क सीमा शुल्क संघ की विशेषता है और मूल परीक्षा से उसका कोई संबंध नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि भुगतान की मुद्रा भुगतान व्यवस्थाओं का विषय है, मूल नियमों का नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि मूल नियम वस्तुओं से जुड़े हैं और कोई समझौता सेवाओं के मूल्य पर इस प्रकार सीमा नहीं लगाता।

Q16.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: राजस्थान · RSMSSB Sanganak (Computor) 2018आसान

मुद्रा आपूर्ति के निम्नलिखित में से किस माप को 'व्यापक मुद्रा' कहा जाता है?

  1. A.M1
  2. B.M2
  3. C.M3
  4. D.M4
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. M3

व्याख्या

सही उत्तर है C, M3। भारतीय रिज़र्व बैंक मुद्रा आपूर्ति के चार माप प्रकाशित करता है, और इनमें M3 को ही व्यापक मुद्रा कहा जाता है, जिसे कुल मौद्रिक संसाधन भी कहते हैं। इसमें जनता के पास मौजूद मुद्रा, बैंकों में जमा माँग जमा, रिज़र्व बैंक के पास अन्य जमा और सबसे बढ़कर बैंकों में रखी सावधि जमा शामिल होती हैं। सावधि जमा जुड़ जाने से बैंकिंग व्यवस्था द्वारा बनाई गई लगभग पूरी मुद्रा इसमें आ जाती है, इसीलिए नीति बनाते समय M3 पर ही सबसे अधिक ध्यान दिया जाता है। A गलत है क्योंकि M1, यानी जनता के पास मुद्रा तथा माँग जमा और रिज़र्व बैंक के पास अन्य जमा, संकीर्ण मुद्रा है और सबसे अधिक तरल माप है। B गलत है क्योंकि M2, M1 में डाकघर बचत बैंक की बचत जमा जोड़कर बनता है और यह भी संकीर्ण माप ही है। D गलत है क्योंकि M4, M3 में कुल डाकघर जमा जोड़कर बनने वाला सबसे चौड़ा माप है, पर व्यापक मुद्रा नाम M3 का है। परीक्षा टिप: M1 और M2 संकीर्ण, M3 तथा M4 व्यापक, और मानक M3।

Q17.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ फसल के लिए किसान बीमित राशि का कितना अंश प्रीमियम के रूप में देता है?

  1. A.1.5 प्रतिशत
  2. B.2 प्रतिशत
  3. C.5 प्रतिशत
  4. D.10 प्रतिशत
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 2 प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर B, 2 प्रतिशत है। 2016 में आरंभ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ के खाद्य तथा तिलहन फसलों के लिए किसान का प्रीमियम अंश बीमित राशि का दो प्रतिशत तय करती है, और शेष बीमांकिक प्रीमियम केंद्र तथा राज्य सरकारें मिलकर वहन करती हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि डेढ़ प्रतिशत रबी फसलों के लिए किसान का अंश है, और यही आंकड़ा खरीफ की दर से सर्वाधिक बदला जाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि पांच प्रतिशत वार्षिक वाणिज्यिक तथा बागवानी फसलों पर लागू होता है, जिनमें जोखिम अधिक रहता है। विकल्प D गलत है क्योंकि दस प्रतिशत इस योजना में कोई दर ही नहीं है। तीनों दरें, अर्थात खरीफ के लिए दो, रबी के लिए डेढ़ और वाणिज्यिक तथा बागवानी फसलों के लिए पांच, एक मानक एक अंक का प्रश्न हैं।

Q18.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

मुद्रा बाज़ार में कितनी अवधि तक की परिपक्वता वाली वित्तीय परिसंपत्तियों का लेन-देन होता है?

  1. A.तीन मास
  2. B.छह मास
  3. C.एक वर्ष
  4. D.तीन वर्ष
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. एक वर्ष

व्याख्या

सही उत्तर C, एक वर्ष है। परिभाषा के अनुसार मुद्रा बाज़ार अल्पकालिक कोषों का बाज़ार है, और भारत सहित सर्वत्र विभाजक रेखा एक वर्ष की परिपक्वता मानी जाती है; इससे अधिक अवधि का साधन पूंजी बाज़ार का होता है। A गलत है क्योंकि तीन मास केवल 91 दिन के ट्रेजरी बिल की अवधि है, जो अनेक साधनों में से एक है, और बाज़ार में 182 तथा 364 दिन के बिल भी चलते हैं। B इसी कारण गलत है: छह मास लगभग 182 दिन के बिल से मेल खाता है, बाज़ार की सीमा से नहीं। D गलत है क्योंकि तीन वर्ष का साधन पूंजी बाज़ार की प्रतिभूति है; इस अवधि की दिनांकित सरकारी प्रतिभूतियाँ, ऋणपत्र और बॉन्ड सेबी के नियमन में जारी होते हैं। एक वर्ष की यह रेखा स्मरण रखने से वाणिज्यिक पत्र और जमा प्रमाणपत्र की अधिकतम अवधि वाले प्रश्न भी हल हो जाते हैं।

Q19.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 जनसंख्या के कितने भाग को शामिल करना चाहता है?

  1. A.ग्रामीण जनसंख्या का 50 प्रतिशत और नगरीय का 25 प्रतिशत
  2. B.ग्रामीण जनसंख्या का 75 प्रतिशत तक और नगरीय का 50 प्रतिशत तक
  3. C.केवल गरीबी रेखा से नीचे के सभी परिवार
  4. D.बिना किसी अपवर्जन के पूरी जनसंख्या
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ग्रामीण जनसंख्या का 75 प्रतिशत तक और नगरीय का 50 प्रतिशत तक

व्याख्या

सही उत्तर B, ग्रामीण जनसंख्या का 75 प्रतिशत तक और नगरीय का 50 प्रतिशत तक है। ये दोनों सीमाएं मिलकर देश की लगभग दो-तिहाई जनसंख्या बैठती हैं, और इनके भीतर राज्यवार दायरा केंद्र सरकार तय करती है, जबकि परिवारों की पहचान राज्य करते हैं। A गलत है क्योंकि उसमें आंकड़े उलटे और घटे हुए हैं; अधिनियम के किसी प्रावधान में पचास और पच्चीस प्रतिशत नहीं है। C गलत है क्योंकि अधिनियम ने जानबूझकर गरीबी रेखा को मापदंड से हटाया: प्राथमिकता श्रेणी पुरानी बीपीएल सूची से व्यापक है और पहचान गरीबी के अनुमान से नहीं, राज्य के मानदंडों से होती है। D गलत है क्योंकि अधिनियम सार्वभौम नहीं है; वह जनसंख्या के एक भाग को बाहर रखता है, और सार्वभौम वितरण प्रणाली भारत में 1997 के लक्ष्यीकरण से पहले थी। यह भी ध्यान रखें कि दायरे की ये दोनों सीमाएं अधिकतम हैं, इसलिए प्रश्न में तक शब्द पर ध्यान दें।

Q20.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

दक्षिण एशियाई मुक्त व्यापार क्षेत्र, साफ्टा, किस तिथि से प्रभावी हुआ?

  1. A.1 जनवरी 2004
  2. B.1 जनवरी 2006
  3. C.1 जनवरी 2010
  4. D.1 जनवरी 2016
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1 जनवरी 2006

व्याख्या

सही उत्तर B, 1 जनवरी 2006 है। साफ्टा पर जनवरी 2004 में इस्लामाबाद में हुए बारहवें सार्क शिखर सम्मेलन में हस्ताक्षर हुए और यह 1 जनवरी 2006 से प्रभावी हुआ, जिसने 1995 की कहीं अधिक कमजोर दक्षिण एशियाई अधिमान्य व्यापार व्यवस्था का स्थान लिया। विकल्प A गलत है क्योंकि 2004 इस्लामाबाद में हस्ताक्षर का वर्ष है, प्रभावी होने का नहीं, और हस्ताक्षर तथा क्रियान्वयन के बीच यही अंतर जाल है। विकल्प C गलत है क्योंकि 1 जनवरी 2010 वह तिथि है जब भारत-आसियान वस्तु व्यापार समझौता तथा भारत-दक्षिण कोरिया व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता प्रभावी हुए। विकल्प D गलत है क्योंकि 2016 में ऐसा कुछ नहीं हुआ; उस वर्ष इस्लामाबाद में प्रस्तावित सार्क शिखर सम्मेलन वास्तव में रद्द हो गया था। यह ध्यान रखना चाहिए कि साफ्टा के अंतर्गत अल्प विकसित सदस्य देशों को शुल्क घटाने के लिए अधिक समय दिया गया, और संवेदनशील सूची के कारण क्षेत्र का वास्तविक व्यापार अपेक्षा से कम रहा।

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