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GK क्विजभारतीय अर्थव्यवस्था

भारतीय अर्थव्यवस्था मिश्रित क्विज: सेट 19

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
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इस क्विज के बारे में

भारतीय अर्थव्यवस्था मिश्रित क्विज़ (सेट 19) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 10 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: भुगतान संतुलन और विदेश व्यापार, आईएमएफ, विश्व बैंक और विश्व व्यापार संगठन, विदेशी मुद्रा और विनिमय दर और अन्य। इनमें से 13 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 23 Feb, 2024, Shift 1मध्यम

अंतर्मुखी व्यापार रणनीति में घरेलू उद्योगों को विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाने के लिए प्रयुक्त संरक्षण के दो मुख्य रूप कौन-से हैं?

  1. A.प्रशुल्क और सब्सिडी
  2. B.कोटा और सब्सिडी
  3. C.प्रशुल्क और मूल्य नियंत्रण
  4. D.प्रशुल्क और कोटा
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. प्रशुल्क और कोटा

व्याख्या

सही उत्तर D, प्रशुल्क और कोटा है। अंतर्मुखी व्यापार रणनीति, जिसे आयात प्रतिस्थापन कहा जाता है, वही नीति थी जिसे भारत ने दूसरी पंचवर्षीय योजना से 1991 तक अपनाया, और वह दो उपकरणों पर टिकी थी। प्रशुल्क आयात पर लगने वाला कर है, जो विदेशी वस्तु को महँगा कर देता है, और कोटा वह सीमा है कि कुल कितनी मात्रा आयात की जा सकती है। विकल्प A गलत है क्योंकि सब्सिडी निर्यातकों या घरेलू उत्पादकों की सहायता करती है, पर पाठ्यपुस्तक की संरक्षण परिभाषा में नामित जोड़ी वह नहीं है। विकल्प B इसी कारण गलत है और इसमें प्रशुल्क छूट गया है, जो प्राथमिक उपकरण है। विकल्प C गलत है क्योंकि मूल्य नियंत्रण उपभोक्ताओं और आवश्यक वस्तुओं के लिए घरेलू उपाय है; वह सीमा पर काम नहीं करता। जोड़ी याद रखें: संरक्षण अर्थात प्रशुल्क और कोटा।

Q2.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: हरियाणा · 10 Jan 2021, Shift 2आसान

अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक (IBRD) को किस अन्य नाम से भी जाना जाता है?

  1. A.विश्व बैंक
  2. B.अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष
  3. C.विश्व व्यापार संगठन
  4. D.इनमें से कोई नहीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. विश्व बैंक

व्याख्या

सही उत्तर है A, विश्व बैंक। अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक (IBRD) विश्व बैंक समूह की सबसे पुरानी संस्था है और आम बोलचाल में 'विश्व बैंक' कहने पर इसी का अर्थ होता है। इसकी स्थापना 1944 के ब्रेटन वुड्स सम्मेलन में IMF के साथ तय हुई और इसने 1946 में काम शुरू किया — पहले दूसरे विश्वयुद्ध के बाद यूरोप के पुनर्निर्माण के लिए, बाद में विकास कार्यों को ऋण देने के लिए। इसका मुख्यालय वाशिंगटन डी.सी. में है और यह मध्यम आय वाले तथा साख योग्य निम्न आय वाले देशों को ऋण देता है। विश्व बैंक समूह में IDA भी है, जो सबसे गरीब देशों को ब्याजमुक्त सहायता देता है, तथा IFC, MIGA और ICSID शामिल हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि IMF ब्रेटन वुड्स की दूसरी संस्था है और विनिमय स्थिरता तथा भुगतान संतुलन सहायता देखता है, परियोजना ऋण नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि WTO ने 1995 में GATT की जगह ली और व्यापार नियम बनाता है; इसका मुख्यालय जेनेवा है। विकल्प D गलत है, क्योंकि विकल्प A सही है। परीक्षा टिप: विश्व बैंक = IBRD + IDA; समूह में IFC, MIGA, ICSID भी।

Q3.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 09 Sept, 2024, Shift 1आसान

भारत में विदेशी निवेश को प्रायः किस चुनौती का सामना करना पड़ता है?

  1. A.अत्यधिक विदेशी प्रतिस्पर्धा
  2. B.अस्थिर नियामकीय वातावरण
  3. C.कुशल श्रमिकों का अभाव
  4. D.उपभोक्ता आधार का अभाव
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अस्थिर नियामकीय वातावरण

व्याख्या

सही उत्तर B, अस्थिर नियामकीय वातावरण है। विदेशी निवेशक देश में विदेशी मुद्रा लाते हैं और उन्हें पूर्वानुमेय नियम चाहिए; भारत के संदर्भ में सबसे अधिक गिनाई जाने वाली कठिनाई नियामकीय अनिश्चितता ही है, अर्थात बदलते नियम, अनेक विभागों और राज्यों में बँटी मंजूरियाँ तथा लंबे चलने वाले विवाद। विकल्प A गलत है क्योंकि अन्य विदेशी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा किसी भी खुले बाजार की सामान्य विशेषता है और वह निवेश रोकने वाली बाधा नहीं; निवेशक प्रतिस्पर्धा के लिए ही आते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि भारत में इंजीनियरों, प्रबंधकों और कम लागत वाले श्रमिकों का बड़ा भंडार है और श्रम आपूर्ति को प्रायः देश की ताकत बताया जाता है, भले ही कुछ विशेष कौशलों की कमी हो। विकल्प D गलत है क्योंकि बहुत बड़ा घरेलू उपभोक्ता बाजार भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को खींचने वाले मुख्य आकर्षणों में है, चुनौती नहीं। याद रखिए कि स्थिर और सरल नियम निवेश प्रवाह का सबसे बड़ा आकर्षण माने जाते हैं।

Q4.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 16 March, 2023, Shift 4मध्यम

अर्थव्यवस्था में सरकारी प्रतिभूतियों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है? I. यह केंद्र सरकार या राज्य सरकारों द्वारा जारी किया गया व्यापार योग्य लिखत है। II. इन्हें जोखिम रहित गिल्ट-एज्ड लिखत कहा जाता है।

  1. A.न तो I और न ही II
  2. B.केवल I
  3. C.केवल II
  4. D.I और II दोनों
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. I और II दोनों

व्याख्या

सही उत्तर है D, I और II दोनों। कथन I सही है, क्योंकि सरकारी प्रतिभूति यानी जी-सेक केंद्र सरकार या राज्य सरकार द्वारा जारी किया गया ऋण लिखत है और इसे परिपक्वता से पहले द्वितीयक बाजार में खरीदा-बेचा जा सकता है। कथन II भी सही है, क्योंकि इसका भुगतान सरकार खुद करने का वचन देती है, इसलिए इनमें चूक का खतरा लगभग नहीं होता और इन्हें जोखिम रहित गिल्ट-एज्ड लिखत कहा जाता है। केंद्र सरकार की अल्पावधि उधारी खजाना बिलों के रूप में होती है, जो 91, 182 और 364 दिन के होते हैं तथा बट्टे पर बेचे जाकर अंकित मूल्य पर चुकाए जाते हैं। लंबी अवधि के लिए दिनांकित प्रतिभूतियाँ जारी होती हैं, जिन पर हर छह महीने में तय ब्याज मिलता है, जबकि राज्यों की उधारी को राज्य विकास ऋण कहते हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक सरकार की ओर से यह उधारी और नीलामी संभालता है। A गलत है क्योंकि यह दोनों सही कथनों को नकारता है। B गलत है क्योंकि इसमें गिल्ट-एज्ड पहलू छूट जाता है। C गलत है क्योंकि यह व्यापार योग्य होने से इनकार करता है। परीक्षा टिप: जी-सेक–व्यापार योग्य और गिल्ट-एज्ड।

Q5.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 02 Aug, 2023, Shift 2मध्यम

नाबार्ड ने 2004-05 में छोटे, सीमांत और बटाईदार किसानों की ऋण जरूरतें पूरी करने के लिए _______ नामक विशेष प्रायोगिक परियोजना शुरू की थी।

  1. A.संयुक्त देयता समूह (JLG)
  2. B.एमईडीपी (MEDP)
  3. C.एसजीएसवाई (SGSY)
  4. D.बीएलपी कार्यक्रम
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. संयुक्त देयता समूह (JLG)

व्याख्या

सही उत्तर है A, संयुक्त देयता समूह (JLG)। नाबार्ड ने 2004-05 में संयुक्त देयता समूह पर प्रायोगिक परियोजना शुरू की थी, ताकि छोटे, सीमांत और बटाईदार किसान बैंक से कर्ज ले सकें। ऐसे किसान अकसर उस जमीन पर खेती करते हैं जो उनके नाम नहीं होती, इसलिए बैंक जो कागज माँगता है, वे दे नहीं पाते। संयुक्त देयता समूह एक ही गाँव के करीब चार से दस किसानों का अनौपचारिक समूह होता है, जो मिलकर बैंक से कर्ज लेता है और एक-दूसरे की गारंटी देता है। इस तरह समूह का आपसी भरोसा ही जमानत का काम करता है। यह परियोजना कुछ राज्यों के चुने हुए बैंकों में चली, सफल रही और बाद में कृषि ऋण का नियमित माध्यम बन गई। B गलत है क्योंकि एमईडीपी परिपक्व स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों के लिए नाबार्ड का कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम है। C गलत है क्योंकि एसजीएसवाई ग्रामीण विकास मंत्रालय की स्वरोजगार योजना थी। D गलत है क्योंकि एसएचजी बैंक लिंकेज कार्यक्रम 1992 में शुरू हुआ था। परीक्षा टिप: जेएलजी पायलट–2004-05, बिना जमानत सामूहिक गारंटी।

Q6.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 04 Jul, 2024, Shift 3आसान

भारत सरकार ने 'आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना' किस वर्ष शुरू की थी?

  1. A.2010
  2. B.2015
  3. C.2020
  4. D.2022
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 2020

व्याख्या

सही उत्तर है C, 2020। आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना की घोषणा अक्टूबर 2020 में आत्मनिर्भर भारत पैकेज के हिस्से के रूप में हुई थी, ताकि कोविड-19 के लॉकडाउन में गई नौकरियाँ वापस लौट सकें। इस योजना में केंद्र सरकार ने ईपीएफओ में पंजीकृत प्रतिष्ठानों द्वारा रखे गए नए कर्मचारियों का भविष्य निधि अंशदान खुद दिया। जिन इकाइयों में एक हजार तक कर्मचारी थे, वहाँ सरकार ने कर्मचारी का बारह प्रतिशत और नियोक्ता का बारह प्रतिशत, दोनों दिए, जबकि इससे बड़ी इकाइयों में केवल कर्मचारी का हिस्सा दिया गया, और यह लाभ जुड़ने की तारीख से दो साल तक मिला। इसका फायदा उन कर्मचारियों को मिला जिनका मासिक वेतन पंद्रह हजार रुपये से कम था और जो नए रखे गए थे या उसी वर्ष नौकरी गँवा चुके थे। A गलत है क्योंकि 2010 पुरानी योजनाओं का दौर है। B गलत है क्योंकि 2015 में अटल पेंशन योजना आई थी। D गलत है क्योंकि 2022 तक इसमें नया पंजीकरण बंद हो चुका था। परीक्षा टिप: एबीआरवाई–2020, ईपीएफओ से जुड़ी वेतन सहायता।

Q7.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: RRB ग्रुप D · 28 Sept 2022, Shift 3मध्यम

अप्रैल 2022 तक, रेल अवसंरचना परियोजनाओं के निर्माण, संचालन और अनुरक्षण में स्वचालित मार्ग से रेलवे में कितने प्रतिशत एफडीआई की अनुमति है?

  1. A.49%
  2. B.74%
  3. C.100%
  4. D.80%
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 100%

व्याख्या

सही उत्तर है C, 100%। भारत में रेल अवसंरचना परियोजनाओं के निर्माण, संचालन और अनुरक्षण में स्वचालित मार्ग से 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति है।

यह छूट 2014 में दी गई थी और इसमें सार्वजनिक निजी भागीदारी से बनने वाले उपनगरीय कॉरिडोर, हाई स्पीड रेल परियोजनाएँ, समर्पित माल ढुलाई लाइनें, रेल डिब्बे बनाने के कारखाने, रेलवे विद्युतीकरण, सिग्नल प्रणाली, माल टर्मिनल और यात्री टर्मिनल शामिल हैं। स्वचालित मार्ग का अर्थ है कि निवेशक को सरकार या भारतीय रिज़र्व बैंक से पहले अनुमति नहीं लेनी पड़ती, वह निवेश आने के बाद केवल आवश्यक सूचना देता है। रेलगाड़ियों का संचालन भारतीय रेल के पास ही रहता है, इसलिए निवेश परिसंपत्तियाँ बनाने और उनके रखरखाव में लगता है।

विकल्प A गलत है क्योंकि रेल अवसंरचना पर 49 प्रतिशत की कोई सीमा नहीं है। विकल्प B गलत है क्योंकि 74 प्रतिशत की सीमा कुछ अन्य क्षेत्रों में लगती है, यहाँ नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि 80 प्रतिशत भारत की एफडीआई नीति में कहीं सीमा नहीं है।

परीक्षा टिप: रेल अवसंरचना में 100 प्रतिशत एफडीआई स्वचालित मार्ग से, पर रेल संचालन भारतीय रेल के पास।

Q8.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 06 Dec 2022, Shift 3आसान

किसी अर्थव्यवस्था का भुगतान संतुलन खाता ________ से संबंधित होता है।

  1. A.कृषि क्षेत्र
  2. B.बाह्य क्षेत्र
  3. C.सरकारी क्षेत्र
  4. D.निजी क्षेत्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बाह्य क्षेत्र

व्याख्या

सही उत्तर B, बाह्य क्षेत्र है। भुगतान संतुलन वह विवरण है जिसमें किसी अवधि में देश के निवासियों और शेष विश्व के बीच हुए सभी आर्थिक लेन-देन दर्ज होते हैं, और अर्थव्यवस्था के बाह्य क्षेत्र का अर्थ ठीक यही है; इसमें वस्तु व्यापार, सेवाएँ, आय, हस्तांतरण और पूँजी प्रवाह आते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि कृषि घरेलू अर्थव्यवस्था का उत्पादक क्षेत्र है और उसे उत्पादन तथा राष्ट्रीय आय लेखों से मापा जाता है, भुगतान संतुलन से नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि सरकारी क्षेत्र का हिसाब बजट और राजकोषीय घाटे से रखा जाता है, जो आंतरिक लेखे हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि निजी क्षेत्र भी घरेलू वर्गीकरण है, जिसमें परिवार और फर्म आते हैं और जो बचत तथा निवेश के आँकड़ों में दिखता है। शेष तीनों आंतरिक अर्थव्यवस्था के भाग हैं, केवल बाह्य क्षेत्र बाहर की ओर देखता है।

Q9.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CPO · 10 Nov 2022, Shift 1मध्यम

आत्मनिर्भरता का सूचक क्या है?

  1. A.उन वस्तुओं के आयात में वृद्धि जिनका उत्पादन देश में हो सकता है।
  2. B.उन वस्तुओं के आयात से बचना जिनका उत्पादन देश में हो सकता है।
  3. C.उन वस्तुओं के निर्यात में वृद्धि जिनका उत्पादन देश में नहीं हो सकता।
  4. D.उन वस्तुओं के निर्यात से बचना जिनका उत्पादन देश में हो सकता है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. उन वस्तुओं के आयात से बचना जिनका उत्पादन देश में हो सकता है।

व्याख्या

सही उत्तर B है। आत्मनिर्भरता, जो भारत की आरंभिक योजनाओं का लक्ष्य थी, का अर्थ है देश के भीतर वह उत्पादन क्षमता खड़ी करना जिसके अभाव में वस्तुएँ विदेश से खरीदनी पड़तीं, इसलिए उसका वास्तविक सूचक यही है कि ऐसी वस्तुओं के आयात से बचा जाए। यह निर्भरता घटाने का कथन है, व्यापार समाप्त करने का नहीं। विकल्प A गलत है क्योंकि जिन वस्तुओं को देश स्वयं बना सकता है उनके आयात का बढ़ना आत्मनिर्भरता के विपरीत है और बढ़ती निर्भरता दिखाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि जो वस्तु देश बनाता ही नहीं उसका बड़ी मात्रा में निर्यात संभव नहीं है, और निर्यात वैसे भी प्रतिस्पर्धात्मकता का संकेत है, आत्मनिर्भरता का नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि घरेलू रूप से उत्पादित वस्तुओं के निर्यात से बचना कमाई की क्षमता नष्ट करता है; आत्मनिर्भरता का अर्थ विदेशी बाजार छोड़ना कभी नहीं था। इसी विचार से आयात प्रतिस्थापन की नीति निकली।

Q10.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CPO · 03 Oct, 2023, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सी सूक्ष्म वित्त संस्था भारत में स्वतंत्रता के समय स्थापित थी?

  1. A.संयुक्त देयता समूह
  2. B.ग्रामीण सहकारी समितियाँ
  3. C.स्वयं सहायता समूह
  4. D.ग्रामीण मॉडल बैंक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ग्रामीण सहकारी समितियाँ

व्याख्या

सही उत्तर है B, ग्रामीण सहकारी समितियाँ। स्वतंत्रता के समय भारत में सूक्ष्म वित्त का जो ढाँचा पहले से मौजूद था, वह ग्रामीण सहकारी ऋण समितियों का था। इनकी शुरुआत 1904 के सहकारी ऋण समिति अधिनियम से हुई, जो गाँव के कर्ज़दारों को साहूकारों से मुक्त कराने के लिए लाया गया था। 1947 तक प्राथमिक समितियों, ज़िला केंद्रीय सहकारी बैंकों और राज्य सहकारी बैंकों का त्रिस्तरीय ढाँचा पूरे देश में काम कर रहा था। सूक्ष्म वित्त के बाकी रूप बहुत बाद में आए। A गलत है क्योंकि संयुक्त देयता समूह नाबार्ड ने 2004-05 में उन छोटे बटाईदार किसानों के लिए शुरू किए जिनके पास भूमि के कागज़ नहीं होते। C गलत है क्योंकि स्वयं सहायता समूह आंदोलन अस्सी के दशक से बढ़ा और एसएचजी-बैंक लिंकेज कार्यक्रम 1992 में प्रायोगिक रूप से शुरू हुआ। D गलत है क्योंकि ग्रामीण मॉडल बांग्लादेश का है। परीक्षा टिप: सहकारिता 1904।

Q11.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम अर्थात फेमा ने निम्नलिखित में से किस कानून की जगह ली?

  1. A.विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम, 1973
  2. B.बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949
  3. C.एकाधिकार तथा प्रतिबंधात्मक व्यापार व्यवहार अधिनियम, 1969
  4. D.भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम, 1973

व्याख्या

सही उत्तर A, 1973 का विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम है। फेरा विदेशी मुद्रा को दुर्लभ संसाधन मानता था, अनुमति के बिना अधिकांश लेनदेन वर्जित करता था और उल्लंघन को आपराधिक अपराध बनाता था। यह बंद अर्थव्यवस्था के अनुकूल था और 1991 के बाद अव्यावहारिक हो गया, इसलिए संसद ने 1999 में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम पारित किया, जो 2000 में लागू हुआ, लेनदेन को तब तक अनुमत मानता है जब तक प्रतिबंधित न हो और उल्लंघन को दीवानी मामला मानता है। विकल्प B गलत है क्योंकि 1949 का बैंककारी विनियमन अधिनियम बैंकों के लाइसेंस और पर्यवेक्षण से संबंधित है। विकल्प C गलत है क्योंकि 1969 का एमआरटीपी अधिनियम एकाधिकार और प्रतिबंधात्मक व्यापार व्यवहार से जुड़ा था और स्वयं 2002 के प्रतिस्पर्धा अधिनियम से बदला गया। विकल्प D गलत है क्योंकि 1992 के सेबी अधिनियम ने प्रतिभूति बाजार नियामक को वैधानिक शक्तियाँ दीं। फेरा 1973 और फेमा 1999 की जोड़ी तथा यह तथ्य कि फेमा रिजर्व बैंक चलाता है, साथ याद रखिए।

Q12.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · 28 Oct, 2023, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन सा भारतीय श्रम कानून एवं सामाजिक सुरक्षा उपाय काम के अधिकार की गारंटी देने के लिए है?

  1. A.भारतीय प्रबंध संस्थान अधिनियम
  2. B.महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम
  3. C.मजदूरी भुगतान (संशोधन) अधिनियम, 2017
  4. D.नागरिकता अधिनियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम

व्याख्या

सही उत्तर है B, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम। यह कानून काम के अधिकार को कानूनी गारंटी बनाता है: जिस भी ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने को तैयार हों, उसे एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिन का मजदूरी रोजगार पाने का हक है। यह अधिनियम 2005 में नरेगा के नाम से पारित हुआ, 2 फरवरी 2006 से 200 जिलों में लागू हुआ, 2008 तक पूरे देश में फैला और 2009 में इसका नाम महात्मा गांधी के नाम पर रखा गया। पंद्रह दिन में काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता मिलता है और एक तिहाई दिन महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि आईआईएम अधिनियम 2017 केवल डिग्री देने का अधिकार देता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि मजदूरी भुगतान संशोधन ने चेक या बैंक से वेतन देने की छूट दी थी। विकल्प D गलत है, क्योंकि नागरिकता अधिनियम नागरिकता से जुड़ा है। परीक्षा टिप: नरेगा 2005, लागू 2 फरवरी 2006, 100 दिन का रोजगार।

Q13.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

किसी देश के व्यापार संतुलन में निम्नलिखित में से क्या सम्मिलित होता है?

  1. A.केवल वस्तुओं का निर्यात और आयात
  2. B.वस्तुओं तथा सेवाओं का निर्यात और आयात
  3. C.चालू और पूँजी खाते के सभी लेन-देन
  4. D.केवल विदेशी निवेश का प्रवाह
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. केवल वस्तुओं का निर्यात और आयात

व्याख्या

सही उत्तर A, केवल वस्तुओं का निर्यात और आयात है। व्यापार संतुलन, जिसे वस्तु या दृश्य संतुलन भी कहते हैं, निर्यात की गई वस्तुओं और आयात की गई वस्तुओं के मूल्य का अंतर है; इसमें और कुछ नहीं आता। विकल्प B गलत है क्योंकि सेवाएँ जोड़ते ही वह आँकड़ा वस्तु एवं सेवा संतुलन बन जाता है, जो चालू खाते की ओर एक कदम है पर व्यापार संतुलन नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि चालू और पूँजी खाते मिलकर पूरा भुगतान संतुलन बनाते हैं, जिसका व्यापार संतुलन केवल एक अंग है। विकल्प D गलत है क्योंकि विदेशी निवेश, चाहे प्रत्यक्ष हो या पोर्टफोलियो, पूँजी खाते में आता है और व्यापार संतुलन में कभी नहीं। यही इस अध्याय की सबसे आम भ्रांति है, इसलिए सीढ़ी क्रम से याद रखें: व्यापार संतुलन, फिर चालू खाता, फिर भुगतान संतुलन।

Q14.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 6 Oct 2021, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी नहीं है?

  1. A.यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी
  2. B.द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड
  3. C.एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस
  4. D.जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस

व्याख्या

सही उत्तर है C, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस। यह निजी क्षेत्र का संयुक्त उपक्रम है, सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी नहीं।

एसबीआई लाइफ की स्थापना 2001 में भारतीय स्टेट बैंक और फ्रांस की बीएनपी पारिबा कार्डिफ की साझेदारी से हुई थी। स्टेट बैंक की हिस्सेदारी बड़ी होने पर भी यह कंपनी निजी जीवन बीमा कंपनी के रूप में पंजीकृत है और इसके शेयर शेयर बाजार में सूचीबद्ध हैं। भारत में सार्वजनिक क्षेत्र की एकमात्र जीवन बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम है, जो 1956 में बना।

विकल्प A चेन्नई की यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस और विकल्प B मुंबई की न्यू इंडिया एश्योरेंस, सरकारी स्वामित्व वाली चार साधारण बीमा कंपनियों में से हैं; अन्य दो नेशनल इंश्योरेंस और ओरिएंटल इंश्योरेंस हैं। विकल्प D जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया सरकारी पुनर्बीमा कंपनी है। ये सभी 1972 के साधारण बीमा राष्ट्रीयकरण से निकलीं।

परीक्षा टिप: सार्वजनिक - एलआईसी, चार साधारण बीमा कंपनियाँ और जीआईसी री; निजी - एसबीआई लाइफ, एचडीएफसी लाइफ, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल।

Q15.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

भारत ने आईएमएफ के अनुच्छेद आठ की शर्तें किस वर्ष स्वीकार कीं, जिससे रुपया चालू खाते पर पूर्ण परिवर्तनीय हो गया?

  1. A.1991
  2. B.1993
  3. C.1994
  4. D.1999
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1994

व्याख्या

सही उत्तर C, 1994 है। भारत ने अगस्त 1994 में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुच्छेद आठ की शर्तें स्वीकार कीं, जिसका अर्थ है कि वस्तु और सेवा व्यापार, यात्रा, शिक्षा, प्रेषण तथा ब्याज भुगतान के लिए रुपये को स्वतंत्र रूप से बदला जा सकता है। विकल्प A गलत है क्योंकि 1991 भुगतान संतुलन संकट और जुलाई में रुपये के दो चरणों वाले अवमूल्यन का वर्ष है, जो सुधार का आरंभ था, पूर्णता नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि मार्च 1993 में उदारीकृत विनिमय दर प्रबंध प्रणाली की दोहरी दर को एकल बाजार आधारित दर में मिलाया गया, जो परिवर्तनीयता से एक कदम पहले था। विकल्प D गलत है क्योंकि 1999 में फेमा पारित हुआ। पूँजी खाता आज भी केवल आंशिक परिवर्तनीय है, और यही भेद इन तिथियों के साथ परीक्षाओं में पूछा जाता है।

Q16.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 03 Aug, 2023, Shift 1मध्यम

भारत में स्वयं सहायता समूहों के सभी सदस्यों के डिजिटलीकरण के लिए 'ई-शक्ति' परियोजना किस संस्था ने शुरू की थी?

  1. A.सिडबी (SIDBI)
  2. B.सेबी (SEBI)
  3. C.आईएफसीआई (IFCI)
  4. D.नाबार्ड (NABARD)
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. नाबार्ड (NABARD)

व्याख्या

सही उत्तर है D, नाबार्ड। ई-शक्ति परियोजना नाबार्ड ने 2015 में शुरू की थी, ताकि स्वयं सहायता समूहों के खाते और रिकॉर्ड डिजिटल मंच पर आ जाएँ। इससे पहले समूह अपनी बचत, कर्ज, उपस्थिति और किस्तों का हिसाब हाथ से लिखे रजिस्टरों में रखते थे, जिन्हें बैंक जल्दी जाँच नहीं पाता था। इस वजह से समूह की ग्रेडिंग और कर्ज मंजूर होने में लंबा समय लगता था। ई-शक्ति में यही रिकॉर्ड ऑनलाइन रहते हैं और कर्ज देने वाली शाखा उन्हें सीधे देख सकती है, जिससे अच्छा भुगतान करने वाले समूह को जल्दी वित्त मिल जाता है। इसकी शुरुआत झारखंड के रामगढ़ और महाराष्ट्र के धुले में प्रायोगिक रूप से हुई थी। A गलत है क्योंकि सिडबी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों का शीर्ष बैंक है। B गलत है क्योंकि सेबी प्रतिभूति बाजार का नियामक है। C गलत है क्योंकि आईएफसीआई उद्योगों के लिए बना भारत का पहला विकास वित्त संस्थान है। परीक्षा टिप: नाबार्ड–एसएचजी बैंक लिंकेज 1992, जेएलजी पायलट 2004-05, ई-शक्ति 2015।

Q17.भारतीय अर्थव्यवस्थाकठिन

भारत ने रुपये की चालू खाते पर पूर्ण परिवर्तनीयता किस वर्ष अपनाई थी?

  1. A.1991
  2. B.1994
  3. C.1997
  4. D.2000
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1994

व्याख्या

सही उत्तर B, 1994 है। अगस्त 1994 में भारत ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुच्छेद आठ के दायित्व स्वीकार किए और रुपये को चालू खाते पर पूर्ण रूप से परिवर्तनीय बना दिया, जिससे व्यापार, यात्रा, शिक्षा और प्रेषण के लिए विदेशी मुद्रा बाजार दर पर स्वतंत्र रूप से मिलने लगी। विकल्प A गलत है क्योंकि 1991 भुगतान संतुलन संकट और दो चरणों वाले अवमूल्यन का वर्ष है, परिवर्तनीयता का नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि 1997 पहली तारापोर समिति का वर्ष है, जिसने पूँजी खाता परिवर्तनीयता का खाका बनाया; वह परिवर्तनीयता आज भी केवल आंशिक है। विकल्प D गलत है क्योंकि 2000 में ऐसा कुछ नहीं हुआ। क्रम याद रखें: 1991 में संकट और अवमूल्यन, 1992 में दोहरी विनिमय दर, 1993 में एकीकरण और 1994 में चालू खाता परिवर्तनीयता।

Q18.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

निम्नलिखित में से कौन भारत के विदेशी मुद्रा भंडार का घटक नहीं है?

  1. A.विदेशी मुद्रा आस्तियाँ
  2. B.स्वर्ण
  3. C.विशेष आहरण अधिकार
  4. D.सरकार द्वारा एकत्र लघु बचत
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सरकार द्वारा एकत्र लघु बचत

व्याख्या

सही उत्तर D, सरकार द्वारा एकत्र लघु बचत है। डाकघर योजनाओं में जमा जैसी लघु बचत सरकार की घरेलू रुपया देनदारी है और देश की बाह्य आस्तियों से उसका कोई संबंध नहीं। रिजर्व बैंक द्वारा रखे और प्रबंधित भारत के विदेशी मुद्रा भंडार के ठीक चार घटक हैं। विकल्प A उत्तर के रूप में गलत है क्योंकि परिवर्तनीय मुद्राओं में रखी प्रतिभूतियाँ और जमाएँ, अर्थात विदेशी मुद्रा आस्तियाँ, इनमें सबसे बड़ा भाग हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि रिजर्व बैंक के पास रखा स्वर्ण मान्यता प्राप्त आरक्षित आस्ति है और लंबे समय से ऐसा ही माना जाता रहा है। विकल्प C गलत है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष द्वारा बनाई गई और प्रमुख मुद्राओं की टोकरी से मूल्यांकित आस्ति, विशेष आहरण अधिकार, एक अन्य घटक है। चौथा भाग, जो रिक्त स्थान के रूप में पूछा जाता है, आईएमएफ में रिजर्व ट्रांच स्थिति है।

Q19.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

1 जनवरी 1995 को स्थापित विश्व व्यापार संगठन ने किस संस्था का स्थान लिया था?

  1. A.अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष
  2. B.प्रशुल्क एवं व्यापार सामान्य समझौता (गैट)
  3. C.संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास सम्मेलन
  4. D.विश्व बैंक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. प्रशुल्क एवं व्यापार सामान्य समझौता (गैट)

व्याख्या

सही उत्तर B, प्रशुल्क एवं व्यापार सामान्य समझौता है। गैट पर 1947 में प्रशुल्क कटौती के अस्थायी समझौते के रूप में हस्ताक्षर हुए थे और उरुग्वे दौर के बाद 1 जनवरी 1995 को उसका स्थान विश्व व्यापार संगठन ने ले लिया, जो जेनेवा मुख्यालय वाला स्थायी निकाय है और जिसके पास बाध्यकारी विवाद निपटान व्यवस्था है। भारत इसका संस्थापक सदस्य है। विकल्प A गलत है क्योंकि 1944 में ब्रेटन वुड्स में बना अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष विनिमय दरों और भुगतान संतुलन सहायता से जुड़ा है और आज भी विद्यमान है। विकल्प C गलत है क्योंकि 1964 में स्थापित अंकटाड संयुक्त राष्ट्र का निकाय है जो व्यापार और विकास पर विकासशील देशों का पक्ष रखता है और उसका स्थान किसी ने नहीं लिया। विकल्प D गलत है क्योंकि विश्व बैंक विकास परियोजनाओं के लिए ऋण देता है और अलग संस्था है। याद रखने योग्य समझौते हैं ट्रिप्स, ट्रिम्स, गैट्स और कृषि समझौता।

Q20.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

भारत में इस समय अपनाई जा रही विनिमय दर प्रणाली को सबसे ठीक क्या कहा जाएगा?

  1. A.अमेरिकी डॉलर से नियत खूँटा
  2. B.प्रबंधित प्लवन
  3. C.करेंसी बोर्ड व्यवस्था
  4. D.स्वर्ण मानक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. प्रबंधित प्लवन

व्याख्या

सही उत्तर B, प्रबंधित प्लवन है। मार्च 1993 में विनिमय दर के एकीकरण के बाद रुपये का मूल्य विदेशी मुद्रा बाजार की माँग और पूर्ति से तय होता है, जबकि रिजर्व बैंक डॉलर खरीदकर या बेचकर तीव्र अस्थिरता रोकने के लिए हस्तक्षेप करता है, किसी निश्चित स्तर की रक्षा के लिए नहीं। विकल्प A गलत है क्योंकि भारत ने 1991 के बाद चरणों में नियत दर छोड़ दी और अब डॉलर के साथ कोई समता घोषित नहीं करता। विकल्प C गलत है क्योंकि करेंसी बोर्ड में घरेलू मुद्रा केवल विदेशी भंडार के बदले नियत दर पर जारी होती है, ऐसी व्यवस्था भारत ने कभी नहीं अपनाई। विकल्प D गलत है क्योंकि स्वर्ण मानक, जिसमें मुद्राएँ स्वर्ण की निश्चित मात्रा में बदली जाती थीं, पिछली शताब्दी में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समाप्त हो चुका है। इसी प्रबंधित व्यवस्था के लिए कभी-कभी गंदा प्लवन शब्द भी प्रयुक्त होता है, उसे वैकल्पिक नाम मानिए।

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