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GK क्विजभारतीय अर्थव्यवस्था

भारतीय अर्थव्यवस्था क्विज: श्रम संहिताएं और सामाजिक सुरक्षा

  • 12 प्रश्न
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इस क्विज के बारे में

भारतीय अर्थव्यवस्था के अंतर्गत "श्रम संहिताएं और सामाजिक सुरक्षा" विषय पर यह क्विज़ 12 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

12 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

भारत की चार श्रम संहिताओं में कितने केंद्रीय श्रम कानून समाहित किए गए हैं?

  1. A.बारह
  2. B.उनतीस
  3. C.चौवालीस
  4. D.बावन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. उनतीस

व्याख्या

सही उत्तर B, उनतीस है। चार संहिताओं में उनतीस केंद्रीय श्रम अधिनियम समाहित हैं: मजदूरी संहिता में चार, औद्योगिक संबंध संहिता में तीन, सामाजिक सुरक्षा संहिता में नौ और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य दशा संहिता में तेरह। विकल्प A गलत है क्योंकि बारह इस संख्या से बहुत कम है और किसी चरण से मेल नहीं खाता। विकल्प C आकर्षक अंक होने पर भी गलत है, क्योंकि सुधार से पहले विधि पुस्तक पर विद्यमान केंद्रीय श्रम कानूनों की संख्या अक्सर चौवालीस बताई जाती थी, संहिताओं में समाहित कानूनों की नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि बावन किसी भी आँकड़े से मेल नहीं खाता। याद रखने का सरल सूत्र चार, तीन, नौ और तेरह का क्रम है, जो जोड़कर उनतीस बनता है और प्रत्येक संहिता का आकार भी बता देता है।

Q2.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

श्रमिक संघ अधिनियम 1926, औद्योगिक नियोजन (स्थायी आदेश) अधिनियम 1946 तथा औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 किस संहिता में समाहित किए गए हैं?

  1. A.मजदूरी संहिता, 2019
  2. B.औद्योगिक संबंध संहिता, 2020
  3. C.सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020
  4. D.व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य दशा संहिता, 2020
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. औद्योगिक संबंध संहिता, 2020

व्याख्या

सही उत्तर B, औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 है। ये तीनों अधिनियम संघों के पंजीकरण, स्थायी आदेश के रूप में प्रकाशित सेवा शर्तों तथा विवाद, छंटनी, कर्मचारी कटौती और बंदी की व्यवस्था से संबंधित थे, और अब ये तीनों विषय एक ही संहिता में हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि मजदूरी संहिता में मजदूरी संदाय, न्यूनतम मजदूरी, बोनस संदाय और समान प्रतिफल अधिनियम आते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि सामाजिक सुरक्षा संहिता में भविष्य निधि, राज्य बीमा, प्रसूति प्रसुविधा, उपदान और प्रतिकर के कानून आते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि सुरक्षा संहिता में कारखाना अधिनियम, खान अधिनियम, ठेका श्रम अधिनियम और अंतर्राज्यिक प्रवासी कर्मकार अधिनियम आदि आते हैं। प्रत्येक संहिता के तीन बड़े अधिनियम याद रखना ऐसे प्रश्नों का सबसे तेज हल है। इन तीनों अधिनियमों के वर्ष 1926, 1946 और 1947 भी परीक्षा में अलग-अलग पूछे जाते हैं, इसलिए संहिता के साथ उनके वर्ष भी स्मरण रखें।

Q3.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 के अंतर्गत छंटनी, कर्मचारी कटौती या बंदी के लिए नियोजक को समुचित सरकार की पूर्व अनुमति कब लेनी होती है?

  1. A.पचास श्रमिक होने पर
  2. B.सौ श्रमिक होने पर
  3. C.दो सौ श्रमिक होने पर
  4. D.तीन सौ श्रमिक होने पर
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. तीन सौ श्रमिक होने पर

व्याख्या

सही उत्तर D, तीन सौ श्रमिक होने पर है। संहिता ने यह सीमा पहले की संख्या से बढ़ाई है और तीन सौ को ही वह बिंदु भी बनाया है जहाँ से प्रमाणित स्थायी आदेश अनिवार्य हो जाते हैं, इसलिए एक ही संख्या दो प्रावधानों में काम आती है। विकल्प A गलत है क्योंकि पचास सुरक्षा संहिता के ठेका श्रम प्रावधानों की सीमा है, जो भिन्न विषय है। विकल्प B गलत है क्योंकि सौ औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 के अध्याय पाँच-ख की सीमा थी, जिसे संहिता ने प्रतिस्थापित किया; पुरानी सामग्री से पढ़ने वाले यही चुनते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि दो सौ किसी संहिता में नहीं आता। दोनों पक्षों के तर्क भी जानने चाहिए: नियोजक इसे भर्ती और समायोजन की लचीलता कहते हैं, श्रमिक संघ इसे कटौती से संरक्षण का क्षरण कहते हैं।

Q4.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

गिग श्रमिक, प्लेटफॉर्म श्रमिक और एग्रीगेटर की परिभाषा केंद्रीय कानून में पहली बार किस संहिता ने दी?

  1. A.सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020
  2. B.मजदूरी संहिता, 2019
  3. C.औद्योगिक संबंध संहिता, 2020
  4. D.व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य दशा संहिता, 2020
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020

व्याख्या

सही उत्तर A, सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 है। यह गिग श्रमिक को उस व्यक्ति के रूप में परिभाषित करती है जो परंपरागत नियोजक-कर्मचारी संबंध से बाहर कार्य करता है, प्लेटफॉर्म श्रमिक को उस व्यक्ति के रूप में जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से काम पाता है, और एग्रीगेटर को उस डिजिटल मध्यस्थ के रूप में जो क्रेता और विक्रेता को जोड़ता है, तथा ऐसे श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा निधि का उपबंध करती है। विकल्प B गलत है क्योंकि मजदूरी संहिता न्यूनतम मजदूरी, बोनस और मजदूरी संदाय से संबंधित है, यद्यपि सभी कर्मचारियों पर लागू होने से उसका लाभ अनौपचारिक श्रमिकों को भी मिलता है। विकल्प C गलत है क्योंकि औद्योगिक संबंध संहिता संघ, स्थायी आदेश और विवाद देखती है। विकल्प D गलत है क्योंकि सुरक्षा संहिता पंजीकरण, सुरक्षा, घंटे और कल्याण सुविधाओं से संबंधित है।

Q5.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

मजदूरी संहिता, 2019 के अंतर्गत निचली मजदूरी अर्थात फ्लोर वेज कौन तय करता है?

  1. A.प्रत्येक राज्य सरकार अपने क्षेत्र के लिए
  2. B.केंद्र सरकार
  3. C.भारतीय रिजर्व बैंक
  4. D.पंद्रहवां वित्त आयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केंद्र सरकार

व्याख्या

सही उत्तर B, केंद्र सरकार है। वह श्रमिक के न्यूनतम जीवन स्तर को ध्यान में रखकर निचली मजदूरी तय करती है और विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों के लिए भिन्न निचली मजदूरी रख सकती है; इसके बाद कोई राज्य उससे कम न्यूनतम मजदूरी नहीं रख सकता। विकल्प A गलत है क्योंकि राज्य न्यूनतम मजदूरी तय करते हैं, निचली मजदूरी नहीं, और राष्ट्रीय स्तर रखने का उद्देश्य ही राज्यों के बीच मजदूरी घटाने की होड़ रोकना है। विकल्प C गलत है क्योंकि रिजर्व बैंक का कार्य मौद्रिक नीति, मुद्रा और बैंकिंग विनियमन है, मजदूरी निर्धारण नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि वित्त आयोग संघ और राज्यों के बीच पाँच वर्ष के लिए करों तथा अनुदानों के बंटवारे की सिफारिश करता है। न्यूनतम मजदूरी की समीक्षा पाँच वर्ष से अधिक के अंतराल पर नहीं होती।

Q6.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

संविधान की सातवीं अनुसूची में श्रम, श्रमिक संघ और सामाजिक सुरक्षा किस सूची में आते हैं?

  1. A.संघ सूची
  2. B.राज्य सूची
  3. C.समवर्ती सूची
  4. D.संसद की अवशिष्ट शक्तियां
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. समवर्ती सूची

व्याख्या

सही उत्तर C, समवर्ती सूची है। प्रविष्टि 22 में श्रमिक संघ तथा औद्योगिक और श्रम विवाद, प्रविष्टि 23 में रोजगार तथा बेरोजगारी सहित सामाजिक सुरक्षा और सामाजिक बीमा, और प्रविष्टि 24 में कार्य दशाओं तथा भविष्य निधि सहित श्रम कल्याण आता है, इसलिए संसद और राज्य विधानमंडल दोनों कानून बना सकते हैं और प्रत्येक राज्य संहिताओं के अंतर्गत अपने नियम अधिसूचित करता है। विकल्प A गलत है क्योंकि संघ सूची में प्रतिरक्षा, विदेश मामले, रेल और बैंकिंग जैसे विषय हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि राज्य सूची में लोक व्यवस्था, पुलिस, भूमि, कृषि और लोक स्वास्थ्य आते हैं, यद्यपि श्रम कल्याण को भ्रमवश वहाँ रख दिया जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 248 की अवशिष्ट शक्तियां केवल उन विषयों पर लागू होती हैं जो तीनों सूचियों में नहीं हैं।

Q7.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के अंतर्गत प्रसूति प्रसुविधा कितनी अवधि के लिए उपलब्ध है?

  1. A.बारह सप्ताह
  2. B.सोलह सप्ताह
  3. C.छब्बीस सप्ताह
  4. D.बावन सप्ताह
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. छब्बीस सप्ताह

व्याख्या

सही उत्तर C, छब्बीस सप्ताह है। प्रसूति प्रसुविधा अधिनियम, 1961 में मूलतः बारह सप्ताह का उपबंध था; 2017 के संशोधन ने पहले दो बच्चों के लिए इसे छब्बीस सप्ताह किया और सामाजिक सुरक्षा संहिता उसी प्रावधान को आगे ले जाती है, बड़े प्रतिष्ठानों में शिशु गृह की सुविधा के साथ। विकल्प A गलत है क्योंकि बारह सप्ताह पुराना हक है और अब केवल कानून में बताई सीमित स्थितियों में लागू होता है, जैसे दो या अधिक जीवित संतान वाली महिला के मामले में। विकल्प B गलत है क्योंकि सोलह सप्ताह किसी भारतीय प्रावधान से मेल नहीं खाता। विकल्प D गलत है क्योंकि बावन सप्ताह अर्थात पूरा वर्ष कुछ अन्य देशों की आंशिक अवैतनिक व्यवस्था है, भारत का आँकड़ा कभी नहीं रहा। यह लाभ औसत दैनिक मजदूरी की दर से मिलता है।

Q8.भारतीय अर्थव्यवस्थाकठिन

व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य दशा संहिता, 2020 के अंतर्गत कोई प्रतिष्ठान कारखाना कब माना जाता है?

  1. A.शक्ति सहित दस और शक्ति रहित बीस श्रमिक
  2. B.शक्ति सहित बीस और शक्ति रहित चालीस श्रमिक
  3. C.शक्ति सहित तीस और शक्ति रहित साठ श्रमिक
  4. D.पचास श्रमिक, शक्ति के प्रयोग से निरपेक्ष
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. शक्ति सहित बीस और शक्ति रहित चालीस श्रमिक

व्याख्या

सही उत्तर B, शक्ति सहित बीस और शक्ति रहित चालीस श्रमिक है। संहिता ने कारखाना अधिनियम, 1948 की सीमाएं दुगुनी कर दी हैं; तर्क यह दिया गया कि छोटी इकाइयों पर बड़ी इकाइयों के अनुपालन का बोझ था, जबकि आलोचना यह है कि अनेक श्रमिक अब कारखाना प्रावधानों से बाहर हो गए। विकल्प A गलत है क्योंकि दस और बीस कारखाना अधिनियम, 1948 के आँकड़े थे, और यही इस प्रश्न का जाल है। विकल्प C गलत है क्योंकि तीस और साठ संहिता में कहीं नहीं हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि कारखाना की परिभाषा आज भी इस पर निर्भर है कि विनिर्माण प्रक्रिया में शक्ति का प्रयोग होता है या नहीं; पचास की संख्या ठेका श्रम प्रावधानों की सीमा है। यही संहिता प्रत्येक श्रमिक के लिए नियुक्ति पत्र भी अनिवार्य करती है।

Q9.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 के अंतर्गत हड़ताल या तालाबंदी से पूर्व कितने दिन की सूचना देना आवश्यक है?

  1. A.सात दिन
  2. B.चौदह दिन
  3. C.तीस दिन
  4. D.साठ दिन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. चौदह दिन

व्याख्या

सही उत्तर B, चौदह दिन है। पहले जो आवश्यकता केवल लोक उपयोगी सेवाओं तक सीमित थी, उसे संहिता सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर लागू करती है: चौदह दिन की सूचना के बिना कोई व्यक्ति हड़ताल पर नहीं जाएगा और कोई नियोजक तालाबंदी घोषित नहीं करेगा, तथा हड़ताल उस सूचना के साठ दिन के भीतर आरंभ होनी चाहिए। सुलह कार्यवाही लंबित रहते तथा अधिकरण की कार्यवाही के बाद एक अवधि तक हड़ताल वर्जित है। विकल्प A गलत है क्योंकि सात दिन सुलह कार्यवाही की समाप्ति के बाद की अवधि से संबंधित है, सूचना से नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि तीस दिन अन्य श्रम प्रावधानों, जैसे कर्मचारी कटौती की सूचना, से जुड़ा है। विकल्प D गलत है क्योंकि साठ दिन वह बाहरी सीमा है जिसके भीतर हड़ताल आरंभ होनी चाहिए।

Q10.भारतीय अर्थव्यवस्थाकठिन

औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 के अंतर्गत छंटनी किए गए श्रमिक के लिए श्रमिक पुनः कौशल निधि में नियोजक का अंशदान कितना है?

  1. A.श्रमिक की अंतिम आहरित पंद्रह दिन की मजदूरी
  2. B.श्रमिक की अंतिम आहरित एक माह की मजदूरी
  3. C.श्रमिक की अंतिम आहरित तीन माह की मजदूरी
  4. D.केंद्र सरकार द्वारा प्रति वर्ष तय एक निश्चित राशि
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. श्रमिक की अंतिम आहरित पंद्रह दिन की मजदूरी

व्याख्या

सही उत्तर A, अंतिम आहरित पंद्रह दिन की मजदूरी है। संहिता श्रमिक पुनः कौशल निधि बनाती है, जिसमें नियोजक प्रत्येक छंटनी किए गए श्रमिक के लिए पंद्रह दिन की मजदूरी देता है, और यह राशि छंटनी के पैंतालीस दिन के भीतर उस श्रमिक के खाते में जमा होनी चाहिए जिससे नया काम खोजते समय वह उपयोग में आ सके। विकल्प B गलत है क्योंकि एक माह की मजदूरी वह सूचना के बदले वेतन है जो कर्मचारी कटौती पर देय हो सकता है, जो अलग भुगतान है। विकल्प C गलत है क्योंकि तीन माह की मजदूरी संहिता के किसी प्रावधान से मेल नहीं खाती। विकल्प D गलत है क्योंकि अंशदान श्रमिक की अपनी अंतिम मजदूरी से मापा जाता है, राष्ट्रीय स्तर पर तय निश्चित राशि से नहीं। यह प्रावधान नया है; औद्योगिक विवाद अधिनियम में कोई पुनः कौशल निधि नहीं थी।

Q11.भारतीय अर्थव्यवस्थाकठिन

उद्यमों के प्रबंध में श्रमिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश देने वाला अनुच्छेद 43क किस संशोधन से जोड़ा गया?

  1. A.24वां संशोधन, 1971
  2. B.42वां संशोधन, 1976
  3. C.44वां संशोधन, 1978
  4. D.86वां संशोधन, 2002
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 42वां संशोधन, 1976

व्याख्या

सही उत्तर B, 42वां संशोधन, 1976 है। इसने कई नीति निदेशक तत्व जोड़े, जिनमें औद्योगिक उद्यमों के प्रबंध में श्रमिकों की भागीदारी वाला अनुच्छेद 43क, समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता वाला अनुच्छेद 39क तथा पर्यावरण संरक्षण वाला अनुच्छेद 48क सम्मिलित हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि 1971 के 24वें संशोधन ने संविधान के किसी भी भाग में संशोधन की संसद की शक्ति की पुष्टि की। विकल्प C गलत है क्योंकि 1978 के 44वें संशोधन ने आपातकाल के अनेक परिवर्तन हटाए और संपत्ति के अधिकार को मूल अधिकारों से बाहर किया। विकल्प D गलत है क्योंकि 2002 के 86वें संशोधन ने शिक्षा के अधिकार का अनुच्छेद 21क जोड़ा। काम के अधिकार, मानवीय दशाओं और निर्वाह मजदूरी वाले अनुच्छेद 41, 42 और 43 आरंभ से संविधान में थे।

Q12.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के अंतर्गत पात्र असंगठित श्रमिक को साठ वर्ष की आयु के बाद कितनी मासिक पेंशन मिलती है?

  1. A.एक हजार रुपये
  2. B.दो हजार रुपये
  3. C.तीन हजार रुपये
  4. D.पाँच हजार रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. तीन हजार रुपये

व्याख्या

सही उत्तर C, तीन हजार रुपये है। 2019 में आरंभ यह योजना अठारह से चालीस वर्ष की आयु तथा पंद्रह हजार रुपये मासिक तक आय वाले असंगठित श्रमिक के लिए है और साठ वर्ष के बाद तीन हजार रुपये मासिक की निश्चित पेंशन देती है, जिसमें श्रमिक और सरकार समान अंशदान करते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि एक हजार रुपये अटल पेंशन योजना का सबसे निचला स्तर है, जो भिन्न योजना है। विकल्प B गलत है क्योंकि दो हजार रुपये भी अटल पेंशन योजना का ही एक स्तर है। विकल्प D गलत है क्योंकि पाँच हजार रुपये अटल पेंशन योजना का सर्वोच्च स्तर है, जो दोनों योजनाओं को साथ पढ़ने वाले परीक्षार्थियों को भ्रमित करता है। दोनों योजनाएं पेंशन निधि नियामक की व्यवस्था से संचालित होती हैं।

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