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GK24
भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

गिग श्रमिक, प्लेटफॉर्म श्रमिक और एग्रीगेटर की परिभाषा केंद्रीय कानून में पहली बार किस संहिता ने दी?

  1. A.सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020
  2. B.मजदूरी संहिता, 2019
  3. C.औद्योगिक संबंध संहिता, 2020
  4. D.व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य दशा संहिता, 2020

सही उत्तर

A. सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020

व्याख्या

सही उत्तर A, सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 है। यह गिग श्रमिक को उस व्यक्ति के रूप में परिभाषित करती है जो परंपरागत नियोजक-कर्मचारी संबंध से बाहर कार्य करता है, प्लेटफॉर्म श्रमिक को उस व्यक्ति के रूप में जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से काम पाता है, और एग्रीगेटर को उस डिजिटल मध्यस्थ के रूप में जो क्रेता और विक्रेता को जोड़ता है, तथा ऐसे श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा निधि का उपबंध करती है। विकल्प B गलत है क्योंकि मजदूरी संहिता न्यूनतम मजदूरी, बोनस और मजदूरी संदाय से संबंधित है, यद्यपि सभी कर्मचारियों पर लागू होने से उसका लाभ अनौपचारिक श्रमिकों को भी मिलता है। विकल्प C गलत है क्योंकि औद्योगिक संबंध संहिता संघ, स्थायी आदेश और विवाद देखती है। विकल्प D गलत है क्योंकि सुरक्षा संहिता पंजीकरण, सुरक्षा, घंटे और कल्याण सुविधाओं से संबंधित है।

पूरा लेख पढ़ें: श्रम संहिताएं और सामाजिक सुरक्षा: मुख्य प्रावधान

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Q1.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

भारत की चार श्रम संहिताओं में कितने केंद्रीय श्रम कानून समाहित किए गए हैं?

  1. A.बारह
  2. B.उनतीस
  3. C.चौवालीस
  4. D.बावन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. उनतीस

व्याख्या

सही उत्तर B, उनतीस है। चार संहिताओं में उनतीस केंद्रीय श्रम अधिनियम समाहित हैं: मजदूरी संहिता में चार, औद्योगिक संबंध संहिता में तीन, सामाजिक सुरक्षा संहिता में नौ और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य दशा संहिता में तेरह। विकल्प A गलत है क्योंकि बारह इस संख्या से बहुत कम है और किसी चरण से मेल नहीं खाता। विकल्प C आकर्षक अंक होने पर भी गलत है, क्योंकि सुधार से पहले विधि पुस्तक पर विद्यमान केंद्रीय श्रम कानूनों की संख्या अक्सर चौवालीस बताई जाती थी, संहिताओं में समाहित कानूनों की नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि बावन किसी भी आँकड़े से मेल नहीं खाता। याद रखने का सरल सूत्र चार, तीन, नौ और तेरह का क्रम है, जो जोड़कर उनतीस बनता है और प्रत्येक संहिता का आकार भी बता देता है।

Q2.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

श्रमिक संघ अधिनियम 1926, औद्योगिक नियोजन (स्थायी आदेश) अधिनियम 1946 तथा औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 किस संहिता में समाहित किए गए हैं?

  1. A.मजदूरी संहिता, 2019
  2. B.औद्योगिक संबंध संहिता, 2020
  3. C.सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020
  4. D.व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य दशा संहिता, 2020
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. औद्योगिक संबंध संहिता, 2020

व्याख्या

सही उत्तर B, औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 है। ये तीनों अधिनियम संघों के पंजीकरण, स्थायी आदेश के रूप में प्रकाशित सेवा शर्तों तथा विवाद, छंटनी, कर्मचारी कटौती और बंदी की व्यवस्था से संबंधित थे, और अब ये तीनों विषय एक ही संहिता में हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि मजदूरी संहिता में मजदूरी संदाय, न्यूनतम मजदूरी, बोनस संदाय और समान प्रतिफल अधिनियम आते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि सामाजिक सुरक्षा संहिता में भविष्य निधि, राज्य बीमा, प्रसूति प्रसुविधा, उपदान और प्रतिकर के कानून आते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि सुरक्षा संहिता में कारखाना अधिनियम, खान अधिनियम, ठेका श्रम अधिनियम और अंतर्राज्यिक प्रवासी कर्मकार अधिनियम आदि आते हैं। प्रत्येक संहिता के तीन बड़े अधिनियम याद रखना ऐसे प्रश्नों का सबसे तेज हल है। इन तीनों अधिनियमों के वर्ष 1926, 1946 और 1947 भी परीक्षा में अलग-अलग पूछे जाते हैं, इसलिए संहिता के साथ उनके वर्ष भी स्मरण रखें।

Q3.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 के अंतर्गत छंटनी, कर्मचारी कटौती या बंदी के लिए नियोजक को समुचित सरकार की पूर्व अनुमति कब लेनी होती है?

  1. A.पचास श्रमिक होने पर
  2. B.सौ श्रमिक होने पर
  3. C.दो सौ श्रमिक होने पर
  4. D.तीन सौ श्रमिक होने पर
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. तीन सौ श्रमिक होने पर

व्याख्या

सही उत्तर D, तीन सौ श्रमिक होने पर है। संहिता ने यह सीमा पहले की संख्या से बढ़ाई है और तीन सौ को ही वह बिंदु भी बनाया है जहाँ से प्रमाणित स्थायी आदेश अनिवार्य हो जाते हैं, इसलिए एक ही संख्या दो प्रावधानों में काम आती है। विकल्प A गलत है क्योंकि पचास सुरक्षा संहिता के ठेका श्रम प्रावधानों की सीमा है, जो भिन्न विषय है। विकल्प B गलत है क्योंकि सौ औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 के अध्याय पाँच-ख की सीमा थी, जिसे संहिता ने प्रतिस्थापित किया; पुरानी सामग्री से पढ़ने वाले यही चुनते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि दो सौ किसी संहिता में नहीं आता। दोनों पक्षों के तर्क भी जानने चाहिए: नियोजक इसे भर्ती और समायोजन की लचीलता कहते हैं, श्रमिक संघ इसे कटौती से संरक्षण का क्षरण कहते हैं।

Q4.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

मजदूरी संहिता, 2019 के अंतर्गत निचली मजदूरी अर्थात फ्लोर वेज कौन तय करता है?

  1. A.प्रत्येक राज्य सरकार अपने क्षेत्र के लिए
  2. B.केंद्र सरकार
  3. C.भारतीय रिजर्व बैंक
  4. D.पंद्रहवां वित्त आयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केंद्र सरकार

व्याख्या

सही उत्तर B, केंद्र सरकार है। वह श्रमिक के न्यूनतम जीवन स्तर को ध्यान में रखकर निचली मजदूरी तय करती है और विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों के लिए भिन्न निचली मजदूरी रख सकती है; इसके बाद कोई राज्य उससे कम न्यूनतम मजदूरी नहीं रख सकता। विकल्प A गलत है क्योंकि राज्य न्यूनतम मजदूरी तय करते हैं, निचली मजदूरी नहीं, और राष्ट्रीय स्तर रखने का उद्देश्य ही राज्यों के बीच मजदूरी घटाने की होड़ रोकना है। विकल्प C गलत है क्योंकि रिजर्व बैंक का कार्य मौद्रिक नीति, मुद्रा और बैंकिंग विनियमन है, मजदूरी निर्धारण नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि वित्त आयोग संघ और राज्यों के बीच पाँच वर्ष के लिए करों तथा अनुदानों के बंटवारे की सिफारिश करता है। न्यूनतम मजदूरी की समीक्षा पाँच वर्ष से अधिक के अंतराल पर नहीं होती।

Q5.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

संविधान की सातवीं अनुसूची में श्रम, श्रमिक संघ और सामाजिक सुरक्षा किस सूची में आते हैं?

  1. A.संघ सूची
  2. B.राज्य सूची
  3. C.समवर्ती सूची
  4. D.संसद की अवशिष्ट शक्तियां
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. समवर्ती सूची

व्याख्या

सही उत्तर C, समवर्ती सूची है। प्रविष्टि 22 में श्रमिक संघ तथा औद्योगिक और श्रम विवाद, प्रविष्टि 23 में रोजगार तथा बेरोजगारी सहित सामाजिक सुरक्षा और सामाजिक बीमा, और प्रविष्टि 24 में कार्य दशाओं तथा भविष्य निधि सहित श्रम कल्याण आता है, इसलिए संसद और राज्य विधानमंडल दोनों कानून बना सकते हैं और प्रत्येक राज्य संहिताओं के अंतर्गत अपने नियम अधिसूचित करता है। विकल्प A गलत है क्योंकि संघ सूची में प्रतिरक्षा, विदेश मामले, रेल और बैंकिंग जैसे विषय हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि राज्य सूची में लोक व्यवस्था, पुलिस, भूमि, कृषि और लोक स्वास्थ्य आते हैं, यद्यपि श्रम कल्याण को भ्रमवश वहाँ रख दिया जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 248 की अवशिष्ट शक्तियां केवल उन विषयों पर लागू होती हैं जो तीनों सूचियों में नहीं हैं।