मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24
GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान क्विज: कार्य, ऊर्जा और शक्ति

  • 12 प्रश्न
  • 12 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
क्विज शुरू करेंRead in English

इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान के अंतर्गत "कार्य, ऊर्जा और शक्ति" विषय पर यह क्विज़ 12 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

12 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानआसान

कार्य का एसआई मात्रक क्या है?

  1. A.न्यूटन
  2. B.जूल
  3. C.वाट
  4. D.पास्कल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जूल

व्याख्या

सही उत्तर B, जूल है। कार्य बल और विस्थापन का गुणनफल है, इसलिए उसका मात्रक न्यूटन मीटर होता है, जिसे जूल नाम दिया गया है; एक जूल कार्य तब होता है जब एक न्यूटन का बल किसी वस्तु को अपनी दिशा में एक मीटर खिसका दे। ऊर्जा भी इसी मात्रक में मापी जाती है, क्योंकि किया गया कार्य वास्तव में स्थानांतरित ऊर्जा ही है।

विकल्प A, न्यूटन केवल बल का एसआई मात्रक है। विकल्प C, वाट शक्ति का मात्रक है, अर्थात कार्य करने की दर का, और वह एक जूल प्रति सेकंड के बराबर होता है। विकल्प D, पास्कल दाब का मात्रक है और एक न्यूटन प्रति वर्ग मीटर के बराबर है। जो विद्यार्थी जूल और वाट में भ्रम करते हैं वे प्रश्नपत्र के अगले ही प्रश्न में अंक गँवा देते हैं, इसलिए जोड़ी इस तरह याद रखें: कार्य जूल में और शक्ति वाट में।

Q2.सामान्य विज्ञानमध्यम

बल और विस्थापन के बीच कोण कितना होने पर किया गया कार्य शून्य होता है?

  1. A.0 अंश
  2. B.45 अंश
  3. C.90 अंश
  4. D.180 अंश
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 90 अंश

व्याख्या

सही उत्तर C, 90 अंश है। कार्य बल गुणा विस्थापन गुणा दोनों के बीच के कोण की कोज्या होता है, और नब्बे अंश की कोज्या शून्य है, इसलिए गति के लंबवत लगने वाला बल कोई कार्य नहीं करता। यही कारण है कि वृत्तीय गति में अभिकेंद्र बल कार्य नहीं करता और सिर पर बोझ लेकर समतल पर चलने वाला व्यक्ति गुरुत्व के विरुद्ध कार्य नहीं करता।

विकल्प A, शून्य अंश पर कार्य अधिकतम धनात्मक होता है, क्योंकि शून्य की कोज्या एक है और बल तथा विस्थापन एक ही दिशा में हैं। विकल्प B, पैंतालीस अंश पर आंशिक धनात्मक कार्य होता है, क्योंकि कोज्या लगभग 0.707 है। विकल्प D, 180 अंश पर कार्य अधिकतम ऋणात्मक होता है, जैसे गति का विरोध करता घर्षण। कोज्या के ये चार मान, एक, 0.707, शून्य और ऋण एक, याद कर लें तो इस वर्ग के सभी प्रश्न सध जाते हैं।

Q3.सामान्य विज्ञानआसान

द्रव्यमान m की वस्तु जो v चाल से चल रही है, उसकी गतिज ऊर्जा का सूत्र क्या है?

  1. A.द्रव्यमान गुणा गुरुत्वीय त्वरण गुणा ऊँचाई
  2. B.द्रव्यमान और चाल के वर्ग के गुणनफल की आधी
  3. C.द्रव्यमान गुणा चाल
  4. D.द्रव्यमान गुणा चाल का वर्ग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. द्रव्यमान और चाल के वर्ग के गुणनफल की आधी

व्याख्या

सही उत्तर B, द्रव्यमान और चाल के वर्ग के गुणनफल की आधी है। गतिज ऊर्जा वह ऊर्जा है जो वस्तु को उसकी गति के कारण प्राप्त होती है, और वह चाल के वर्ग के साथ बढ़ती है, इसलिए दोगुनी चाल से चलती वस्तु के पास चार गुनी गतिज ऊर्जा होती है।

विकल्प A पृथ्वी की सतह के पास गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा का व्यंजक है, अर्थात द्रव्यमान गुणा गुरुत्वीय त्वरण गुणा ऊँचाई, जो गति पर नहीं स्थिति पर निर्भर करता है। विकल्प C, द्रव्यमान गुणा चाल वस्तु का रैखिक संवेग है, जो सदिश राशि है और किलोग्राम मीटर प्रति सेकंड में मापी जाती है, ऊर्जा नहीं। विकल्प D में आधे का गुणक छूट गया है और यही इस प्रश्न की सामान्य असावधानी है। यह भी याद रखें कि गतिज ऊर्जा को संवेग के वर्ग बटा दो गुना द्रव्यमान के रूप में भी लिखा जा सकता है।

Q4.सामान्य विज्ञानआसान

शक्ति का एसआई मात्रक क्या है?

  1. A.जूल
  2. B.वाट
  3. C.न्यूटन सेकंड
  4. D.किलोवाट घंटा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. वाट

व्याख्या

सही उत्तर B, वाट है। शक्ति कार्य करने की दर है, अर्थात कार्य को लगे समय से भाग देने पर मिलने वाली राशि, इसलिए उसका मात्रक जूल प्रति सेकंड है, जिसे जेम्स वाट के नाम पर वाट कहा जाता है। एक किलोवाट की मशीन प्रत्येक सेकंड में एक हजार जूल कार्य करती है।

विकल्प A, जूल कार्य या ऊर्जा मापता है, यह नहीं कि वह कितनी तेजी से दी जा रही है। विकल्प C, न्यूटन सेकंड आवेग तथा संवेग का मात्रक है। विकल्प D, किलोवाट घंटा नाम में वाट होने के बावजूद ऊर्जा का मात्रक है, क्योंकि वह शक्ति और समय का गुणनफल है; यही बिजली का व्यापारिक मात्रक है और 36 लाख जूल के बराबर होता है। कई प्रश्नपत्रों में वाट और किलोवाट घंटा जानबूझकर साथ रखे जाते हैं, इसलिए दर और मात्रा का अंतर स्पष्ट रखें।

Q5.सामान्य विज्ञानमध्यम

एक अश्वशक्ति लगभग कितने वाट के बराबर होती है?

  1. A.100 वाट
  2. B.500 वाट
  3. C.746 वाट
  4. D.1000 वाट
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 746 वाट

व्याख्या

सही उत्तर C, 746 वाट है। अश्वशक्ति शक्ति का पुराना मात्रक है, जो आज भी मोटरों और वाहनों की क्षमता बताने में चलता है, और एक अश्वशक्ति को लगभग 746 वाट अर्थात लगभग पौन किलोवाट माना जाता है।

विकल्प A, 100 वाट पुराने तंतु बल्ब की क्षमता के आसपास है और अश्वशक्ति से उसका कोई संबंध नहीं। विकल्प B, 500 वाट केवल आधा किलोवाट है और गोल अंक होने के कारण भ्रम के लिए रखा गया है। विकल्प D, 1000 वाट एक किलोवाट है; सामान्य भूल यह है कि अश्वशक्ति और किलोवाट को बराबर मान लिया जाए, जबकि एक किलोवाट लगभग 1.34 अश्वशक्ति के बराबर होता है। 746 का अंक ठीक ठीक याद रखें, क्योंकि प्रश्न उल्टा भी पूछा जाता है कि इतनी अश्वशक्ति की मोटर कितने वाट खर्च करेगी।

Q6.सामान्य विज्ञानमध्यम

विद्युत ऊर्जा का व्यापारिक मात्रक कौन सा है?

  1. A.जूल
  2. B.वाट
  3. C.किलोवाट घंटा
  4. D.अर्ग
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. किलोवाट घंटा

व्याख्या

सही उत्तर C, किलोवाट घंटा है। घरेलू बिजली का बिल इन्हीं मात्रकों में बनता है, और एक किलोवाट घंटा, जिसे बोलचाल में एक यूनिट कहते हैं, वह ऊर्जा है जो एक किलोवाट का उपकरण एक घंटे चलने पर खर्च करता है; एसआई में वह 36 लाख जूल के बराबर है।

विकल्प A, जूल ऊर्जा का एसआई मात्रक तो है पर बिल बनाने के लिए बहुत छोटा है, क्योंकि एक पंखा भी एक शाम में लाखों जूल खर्च कर देता है। विकल्प B, वाट शक्ति मापता है, ऊर्जा नहीं, इसलिए उसका बिल बन ही नहीं सकता। विकल्प D, अर्ग कार्य का सीजीएस मात्रक है और उससे भी छोटा है, क्योंकि एक जूल में एक करोड़ अर्ग होते हैं। प्रश्न प्रायः यह भी पूछा जाता है कि एक किलोवाट घंटा कितने जूल के बराबर है, इसलिए नाम के साथ 36 लाख का अंक भी याद रखें।

Q7.सामान्य विज्ञानमध्यम

यदि किसी गतिशील वस्तु की चाल दोगुनी कर दी जाए तो उसकी गतिज ऊर्जा कितनी हो जाएगी?

  1. A.दोगुनी
  2. B.चार गुनी
  3. C.आधी
  4. D.अपरिवर्तित
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. चार गुनी

व्याख्या

सही उत्तर B, चार गुनी है। गतिज ऊर्जा द्रव्यमान और चाल के वर्ग के गुणनफल की आधी होती है, इसलिए चाल को दो से गुणा करने पर ऊर्जा दो के वर्ग अर्थात चार से गुणा हो जाती है। यदि चाल तिगुनी कर दी जाए तो ऊर्जा नौ गुनी हो जाएगी।

विकल्प A, दोगुनी तब सही होता जब ऊर्जा चाल के सीधे अनुपात में बढ़ती, जो संवेग के साथ होता है, गतिज ऊर्जा के साथ नहीं। विकल्प C, आधी इस स्थिति में किसी राशि पर लागू नहीं होती और केवल ध्यान भटकाने के लिए है। विकल्प D, अपरिवर्तित तभी सही होता जब चाल बदली ही न हो, जैसे एकसमान वृत्तीय गति में। यही संबंध बताता है कि वाहन की रोक दूरी चाल बढ़ने पर तेजी से क्यों बढ़ती है, और सड़क सुरक्षा वाले प्रश्न भी इसी बिंदु का उपयोग करते हैं।

Q8.सामान्य विज्ञानआसान

डायनेमो में ऊर्जा का रूपांतरण किस रूप में होता है?

  1. A.विद्युत ऊर्जा से यांत्रिक ऊर्जा में
  2. B.यांत्रिक ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा में
  3. C.रासायनिक ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा में
  4. D.प्रकाश ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा में
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. यांत्रिक ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा में

व्याख्या

सही उत्तर B, यांत्रिक ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा में है। डायनेमो अर्थात जनित्र को गिरते जल, भाप या साइकिल के पहिये जैसे किसी यांत्रिक साधन से घुमाया जाता है, और चुंबकीय क्षेत्र में कुंडली के घूमने से विद्युत चुंबकीय प्रेरण द्वारा धारा उत्पन्न होती है।

विकल्प A विद्युत मोटर का वर्णन है, जो डायनेमो के ठीक उल्टा काम करती है और पंखे, पंप तथा मिक्सर चलाती है। विकल्प C सेल या बैटरी का वर्णन है, जिसमें रासायनिक अभिक्रिया परिपथ में धारा बहाती है। विकल्प D सौर सेल का वर्णन है, जो सूर्य के प्रकाश को सीधे विद्युत में बदल देता है। उपकरण और रूपांतरण की जोड़ियाँ हर वर्ष पूछी जाती हैं, इसलिए माइक्रोफोन को ध्वनि से विद्युत और लाउडस्पीकर को विद्युत से ध्वनि के रूप में भी याद रखें।

Q9.सामान्य विज्ञानमध्यम

कार्य ऊर्जा प्रमेय के अनुसार परिणामी बल द्वारा किया गया कार्य किसके परिवर्तन के बराबर होता है?

  1. A.संवेग
  2. B.गतिज ऊर्जा
  3. C.स्थितिज ऊर्जा
  4. D.शक्ति
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. गतिज ऊर्जा

व्याख्या

सही उत्तर B, गतिज ऊर्जा है। कार्य ऊर्जा प्रमेय कहती है कि किसी वस्तु पर किया गया कुल कार्य उसकी अंतिम और आरंभिक गतिज ऊर्जाओं के अंतर के बराबर होता है, इसीलिए वस्तु को तेज करने वाला धक्का धनात्मक कार्य करता है जबकि उसे धीमा करने वाला घर्षण ऋणात्मक कार्य करता है।

विकल्प A, संवेग आवेग से बदलता है, अर्थात बल और उसके लगने के समय के गुणनफल से, जो एक भिन्न संबंध है। विकल्प C, स्थितिज ऊर्जा गुरुत्व जैसे संरक्षी बल के विरुद्ध किए गए कार्य से बदलती है, और यह प्रमेय उन शब्दों में नहीं कही जाती। विकल्प D, शक्ति एक दर है और उसे कार्य जैसी मात्रा के बराबर नहीं रखा जा सकता। एक उपयोगी जाँच यह है कि जो बल कार्य नहीं करता, जैसे अभिकेंद्र बल, वह चाल और इसलिए गतिज ऊर्जा भी नहीं बदलता।

Q10.सामान्य विज्ञानमध्यम

एक कुली सिर पर बोझ रखकर समतल प्लेटफार्म पर चलता है। गुरुत्व के विरुद्ध उसके द्वारा किया गया कार्य कितना होगा?

  1. A.शून्य
  2. B.अधिकतम
  3. C.बोझ के भार के बराबर
  4. D.ऋणात्मक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. शून्य

व्याख्या

सही उत्तर A, शून्य है। बोझ को थामने के लिए वह जो बल लगाता है वह ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर है, जबकि प्लेटफार्म पर उसका विस्थापन क्षैतिज है, इसलिए बल और विस्थापन के बीच का कोण नब्बे अंश है और गुरुत्व के विरुद्ध किया गया कार्य शून्य है, भले ही वह कितना ही थक जाए।

विकल्प B, अधिकतम तब होता जब बल और विस्थापन एक ही दिशा में होते, जैसे बोझ लेकर सीढ़ियाँ चढ़ने पर। विकल्प C में बल और कार्य का भ्रम है; बोझ का भार न्यूटन में मापा जाने वाला बल है, जबकि कार्य उस बल और ऊर्ध्वाधर विस्थापन का गुणनफल होगा। विकल्प D, ऋणात्मक तब होता है जब बल गति का विरोध करे, जैसे घर्षण करता है। कार्य शब्द के सामान्य और वैज्ञानिक अर्थ का अंतर समझाने वाला यही सबसे प्रसिद्ध उदाहरण है।

Q11.सामान्य विज्ञानआसान

किसी मीनार की चोटी पर थामे गए पत्थर की ऊर्जा पूर्णतः किस रूप में होती है?

  1. A.गतिज ऊर्जा
  2. B.स्थितिज ऊर्जा
  3. C.आधी गतिज और आधी स्थितिज
  4. D.ऊष्मा ऊर्जा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. स्थितिज ऊर्जा

व्याख्या

सही उत्तर B, स्थितिज ऊर्जा है। ऊँचाई पर विरामावस्था में रखे पत्थर में कोई गति नहीं है, इसलिए गतिज ऊर्जा शून्य है, पर उसमें गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा होती है, जो उसके द्रव्यमान, गुरुत्वीय त्वरण और मीनार की ऊँचाई के गुणनफल के बराबर होती है।

विकल्प A, गतिज ऊर्जा वही रूप है जिसमें गिरते समय यह स्थितिज ऊर्जा बदलती जाती है, और वह भूमि से टकराने के क्षण अधिकतम होती है। विकल्प C, दोनों का बराबर बँटवारा केवल उस बिंदु पर होता है जहाँ पत्थर आधी ऊँचाई गिर चुका हो, वायु प्रतिरोध को छोड़कर। विकल्प D, ऊष्मा ऊर्जा टकराव के बाद प्रकट होती है, जब यांत्रिक ऊर्जा बिखर जाती है। पूरे पतन में दोनों यांत्रिक रूपों का योग स्थिर रहता है, और यही ऊर्जा संरक्षण नियम का सरलतम उदाहरण है।

Q12.सामान्य विज्ञानकठिन

एक जूल कितने अर्ग के बराबर होता है?

  1. A.दस हजार
  2. B.एक लाख
  3. C.एक करोड़
  4. D.दस करोड़
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एक करोड़

व्याख्या

सही उत्तर C, एक करोड़ है। अर्ग सीजीएस पद्धति में कार्य का मात्रक है, अर्थात एक डाइन बल का एक सेंटीमीटर तक कार्य, और चूँकि एक न्यूटन एक लाख डाइन के बराबर है तथा एक मीटर सौ सेंटीमीटर के, इसलिए एक जूल एक करोड़ अर्ग अर्थात 10 की घात सात अर्ग के बराबर निकलता है।

विकल्प A, दस हजार और विकल्प B, एक लाख वे अधूरे गुणनफल हैं जो केवल बल या केवल दूरी बदलने पर मिलते हैं, और प्रश्न बनाने वाला यही चूक अपेक्षित रखता है। विकल्प D, दस करोड़ में दस गुना अधिक हो गया है। सुरक्षित तरीका यह है कि दोनों राशियाँ बदलकर गुणा करें: एक लाख डाइन गुणा सौ सेंटीमीटर। इसे अध्याय के अन्य रूपांतरणों के साथ रखें, जैसे एक कैलोरी लगभग 4.2 जूल और एक किलोवाट घंटा 36 लाख जूल।

सभी क्विज देखें