दलहनी पौधों की जड़ ग्रंथिकाओं में नाइट्रोजन स्थिरीकरण कौन करता है?
- A.राइजोबियम
- B.नाइट्रोबैक्टर
- C.स्यूडोमोनास
- D.सैकरोमाइसीज
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर A, राइजोबियम है। यह चना, मटर, मूंगफली तथा अन्य दलहनों की जड़ों की ग्रंथिकाओं में सहजीवी रूप में रहता है और वायुमंडलीय नाइट्रोजन को उन यौगिकों में बदलता है जिन्हें पौधा अवशोषित कर सकता है, और बदले में पौधे से भोजन लेता है। विकल्प B गलत है क्योंकि नाइट्रोबैक्टर नाइट्रोजन स्थिरीकरण नहीं करता, वह नाइट्रीकरण का दूसरा चरण करता है और नाइट्राइट का ऑक्सीकरण कर नाइट्रेट बनाता है, जबकि नाइट्रोसोमोनास पहले अमोनिया से नाइट्राइट बनाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि स्यूडोमोनास विनाइट्रीकरण करता है और मिट्टी की नाइट्रोजन वायुमंडल में लौटाता है, जो स्थिरीकरण का उलटा है। विकल्प D गलत है क्योंकि सैकरोमाइसीज बेकिंग और मदिरा निर्माण में प्रयुक्त यीस्ट है। एजोटोबैक्टर मिट्टी में स्वतंत्र रहकर तथा नॉस्टॉक और एनाबीना जल में स्थिरीकरण करते हैं।
पूरा लेख पढ़ें: सूक्ष्मजीव: जीवाणु, विषाणु, कवक और रोग
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंदूध को दही में जमाने के लिए कौन सा सूक्ष्मजीव उत्तरदायी है?
- A.लैक्टोबैसिलस
- B.राइजोबियम
- C.पेनिसिलियम
- D.प्लाज्मोडियम
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व्याख्या
सही उत्तर A, लैक्टोबैसिलस है। यह जीवाणु दूध की लैक्टोज शर्करा का किण्वन कर लैक्टिक अम्ल बनाता है, और यह अम्ल दूध के प्रोटीन को स्कंदित कर देता है, इसीलिए गुनगुने दूध में पुराने दही का एक चम्मच डालने से पूरा बर्तन जम जाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि राइजोबियम दलहनी पौधों की जड़ ग्रंथिकाओं में रहकर वायुमंडलीय नाइट्रोजन स्थिरीकरण करता है, दूध से उसका कोई संबंध नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि पेनिसिलियम वह कवक है जिससे पेनिसिलिन मिला और जो कुछ पनीरों को पकाता है, परंतु दही नहीं जमाता। विकल्प D गलत है क्योंकि प्लाज्मोडियम मलेरिया का प्रोटोजोआ परजीवी है, जिसे मादा एनोफिलीज मच्छर फैलाता है। इसके साथ याद रखने योग्य दूसरा उदाहरण एसिटोबैक्टर है, जो एल्कोहॉल को सिरका बनाता है। परीक्षा में दही, सिरका, रोटी और पनीर जैसे उत्पादों के साथ उनके सूक्ष्मजीव जोड़कर पूछे जाते हैं, इसलिए इन जोड़ों को एक साथ याद रखना लाभकारी है।
पहला प्रतिजैविक पेनिसिलिन 1928 में किसने खोजा?
- A.लुई पाश्चर
- B.रॉबर्ट कोख
- C.अलेक्जेंडर फ्लेमिंग
- D.एडवर्ड जेनर
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व्याख्या
सही उत्तर C, अलेक्जेंडर फ्लेमिंग है। उन्होंने देखा कि संवर्धन प्लेट पर संयोगवश उगे पेनिसिलियम वंश के कवक ने अपने चारों ओर स्टैफिलोकोकस की वृद्धि रोक दी है, और आगे हावर्ड फ्लोरी तथा अर्नस्ट चेन ने उस प्रेक्षण को उपयोगी औषधि में बदला; तीनों को नोबेल पुरस्कार मिला। विकल्प A गलत है क्योंकि लुई पाश्चर ने रोग का जीवाणु सिद्धांत स्थापित किया, स्वतः जनन का खंडन किया तथा पाश्चुरीकरण और रेबीज का टीका दिया। विकल्प B गलत है क्योंकि रॉबर्ट कोख ने एंथ्रेक्स और क्षय रोग के जीवाणु पहचाने तथा रोग का कारण सिद्ध करने के नियम बनाए। विकल्प D गलत है क्योंकि एडवर्ड जेनर ने 1796 में गोशीतला से चेचक का टीकाकरण आरंभ किया, जो प्रतिजैविकों से बहुत पहले की बात है। इसके बाद प्रसिद्ध प्रतिजैविक स्ट्रेप्टोमाइसिन स्ट्रेप्टोमाइसीज ग्रिसियस से मिला, और फ्लेमिंग के साथ पेनिसिलियम तथा स्ट्रेप्टोमाइसिन के साथ स्ट्रेप्टोमाइसीज का जोड़ा याद रखने से प्रतिजैविकों के अधिकांश प्रश्न हल हो जाते हैं।
मलेरिया किस जीव से होता है और उसका वाहक कौन है?
- A.विषाणु से, वाहक एडीज एजिप्टाई मच्छर
- B.प्रोटोजोआ प्लाज्मोडियम से, वाहक मादा एनोफिलीज मच्छर
- C.जीवाणु से, वाहक चूहे का पिस्सू
- D.कवक से, प्रसार दूषित जल से
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व्याख्या
सही उत्तर B है। मलेरिया प्रोटोजोआ परजीवी प्लाज्मोडियम से होता है, जिसकी कई जातियां मनुष्य को संक्रमित करती हैं, और यह संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है; नर मच्छर पौधों का रस पीता है। विकल्प A गलत है क्योंकि एडीज एजिप्टाई डेंगू, चिकनगुनिया, पीत ज्वर और जीका जैसे विषाणु रोग फैलाता है, और यही जोड़ा इस अध्याय में सर्वाधिक भ्रम पैदा करता है। विकल्प C गलत है क्योंकि चूहे का पिस्सू प्लेग फैलाता है, जिसका कारक जीवाणु यर्सीनिया पेस्टिस है। विकल्प D गलत है क्योंकि कोई कवक मलेरिया नहीं करता; दूषित जल से फैलने वाले रोग हैजा, टाइफाइड और अमीबीय अतिसार हैं। भारत में कार्यरत रोनाल्ड रॉस ने मलेरिया के प्रसार में मच्छर की भूमिका सिद्ध की थी। रोकथाम का आधार मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करना, मच्छरदानी का प्रयोग और रोगी का समय पर उपचार है, क्योंकि परजीवी अपना जीवन चक्र आंशिक रूप से मच्छर में और आंशिक रूप से मनुष्य के यकृत तथा लाल रक्त कणिकाओं में पूरा करता है।
जीवाणु की कोशिका भित्ति मुख्यतः किससे बनी होती है?
- A.सेल्यूलोज
- B.काइटिन
- C.पेप्टिडोग्लाइकन
- D.लिग्निन
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व्याख्या
सही उत्तर C, पेप्टिडोग्लाइकन है, जिसे म्यूरिन भी कहते हैं; यह शर्करा श्रृंखलाओं का वह जाल है जिसे छोटे पेप्टाइड आपस में जोड़ते हैं। यही पेनिसिलिन का लक्ष्य है, जो इसके निर्माण को रोकता है, और भित्ति में इसकी मात्रा ही तय करती है कि जीवाणु ग्राम धनात्मक या ग्राम ऋणात्मक अभिरंजित होगा। विकल्प A गलत है क्योंकि सेल्यूलोज पादप कोशिकाओं तथा कुछ शैवालों की भित्ति का पदार्थ है। विकल्प B गलत है क्योंकि काइटिन कवक की भित्ति तथा कीटों और अन्य संधिपादों का बाह्य कंकाल बनाता है, और परीक्षा में यही जोड़ा सबसे अधिक बदला जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि लिग्निन काष्ठीय पादप ऊतक की भित्ति को दृढ़ करता है और सूक्ष्मजीव भित्ति का पदार्थ नहीं है। विषाणु में भित्ति होती ही नहीं, क्योंकि वह कोशिका नहीं है।
निम्नलिखित में से कौन सा रोग विषाणु से होता है?
- A.क्षय रोग
- B.खसरा
- C.टाइफाइड
- D.हैजा
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व्याख्या
सही उत्तर B, खसरा है, जो बूंदों से फैलने वाला विषाणु रोग है, इसीलिए इसकी रोकथाम टीकाकरण से होती है और प्रतिजैविकों से नहीं। विकल्प A गलत है क्योंकि क्षय रोग का कारण जीवाणु माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस है, जिसे रॉबर्ट कोख ने पहचाना, और इसका उपचार प्रतिजैविकों के लंबे कोर्स से होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि टाइफाइड का कारण जीवाणु सालमोनेला टाइफी है और यह दूषित भोजन तथा जल से फैलता है। विकल्प D गलत है क्योंकि हैजे का कारण जीवाणु विब्रियो कॉलेरी है और वह भी दूषित जल से फैलता है। साथ याद रखने योग्य अन्य विषाणु रोग हैं इन्फ्लुएंजा, सामान्य जुकाम, कनफेड़, छोटी माता, चेचक, पोलियो, रेबीज, हेपेटाइटिस, डेंगू तथा उपार्जित प्रतिरक्षा अभाव सिंड्रोम। ऐसे प्रश्न में सरल परीक्षण यह है कि उपचार टीका है या प्रतिजैविक: टीका विषाणु की ओर संकेत करता है और प्रतिजैविकों का कोर्स जीवाणु की ओर।