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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 68

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 68) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 20 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: गति, बल और गति के नियम, औद्योगिक रसायन: कांच, सीमेंट, उर्वरक और विस्फोटक, ऊष्मा और ऊष्मागतिकी और अन्य। इनमें से 18 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2020, Paper Iमध्यम

न्यूटन के गति के तीसरे नियम के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.प्रकृति में बल कभी अकेला नहीं होता
  2. B.जब पृथ्वी गुरुत्व के कारण किसी पत्थर को नीचे खींचती है, तो पत्थर भी पृथ्वी पर बल लगाता है
  3. C.तीसरे नियम में कारण-प्रभाव संबंध निहित है
  4. D.तीसरे नियम में कोई कारण-प्रभाव संबंध निहित नहीं है
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. तीसरे नियम में कारण-प्रभाव संबंध निहित है

व्याख्या

सही उत्तर है C। तीसरा नियम एक बल को कारण और दूसरे को प्रभाव नहीं बनाता; क्रिया और प्रतिक्रिया एक ही क्षण में साथ-साथ पैदा होती हैं।

न्यूटन का तीसरा नियम कहता है कि हर क्रिया की बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है। ये दोनों बल दो अलग-अलग वस्तुओं पर लगते हैं, परिमाण में बराबर, दिशा में विपरीत और एक साथ होते हैं। चूँकि कोई भी पहले नहीं आता, इसलिए क्रिया और प्रतिक्रिया केवल नाम हैं; किसी भी बल को क्रिया कहा जा सकता है। इसी कारण प्रकृति में बल सदा जोड़े में मिलते हैं।

A सही कथन है, इसलिए उत्तर नहीं: बल हमेशा दो वस्तुओं की पारस्परिक क्रिया है, वह अकेला नहीं होता।

B सही कथन है, इसलिए उत्तर नहीं: पत्थर भी पृथ्वी को उतने ही बल से ऊपर खींचता है; पृथ्वी का द्रव्यमान बहुत अधिक होने से वह लगभग नहीं हिलती।

D सही कथन है, इसलिए उत्तर नहीं: नियम का यही सही अर्थ है कि दोनों बल एक साथ होते हैं, उनमें कारण-प्रभाव नहीं।

परीक्षा टिप: क्रिया-प्रतिक्रिया बराबर, विपरीत, एक साथ और अलग वस्तुओं पर, इसलिए एक-दूसरे को निरस्त नहीं करतीं।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 04 Oct 2017, Shift 2आसान

सीमेंट, रोड़ी, मोटी बालू और पानी के मिश्रण को _______ कहा जाता है।

  1. A.मोर्टार
  2. B.कंक्रीट
  3. C.स्लरी
  4. D.मॉडरेटर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कंक्रीट

व्याख्या

सही उत्तर है B, कंक्रीट। कंक्रीट वह निर्माण सामग्री है जो सीमेंट के साथ रोड़ी जैसे मोटे गिट्टी पदार्थ, बालू जैसे महीन पदार्थ और पानी मिलाकर बनाई जाती है।

सीमेंट और पानी के बीच जलयोजन नामक अभिक्रिया होती है, जिससे मिश्रण जमकर कठोर हो जाता है और गिट्टी को बाँध लेता है। साधारण काम के लिए एक भाग सीमेंट, दो भाग बालू और चार भाग रोड़ी का अनुपात आम है, जिसे 1:2:4 लिखा जाता है। कंक्रीट संपीडन में मजबूत पर तनाव में कमजोर होती है, इसलिए इसमें लोहे की छड़ें डालकर प्रबलित सीमेंट कंक्रीट बनाई जाती है, जिससे आज की इमारतें, पुल और बाँध बनते हैं।

विकल्प A, मोर्टार, में केवल सीमेंट या चूना, बालू और पानी होता है, रोड़ी नहीं, और इससे ईंटें जोड़ी जाती हैं। विकल्प C, स्लरी, किसी ठोस का पतला बहने वाला मिश्रण है। विकल्प D, मॉडरेटर, नाभिकीय रिएक्टर में न्यूट्रॉन की गति धीमी करने वाला पदार्थ है।

परीक्षा सुझाव: मोर्टार में रोड़ी नहीं, कंक्रीट में रोड़ी, और लोहे की छड़ मिलाने पर आरसीसी।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2018, Paper Iआसान

किसी द्रव पर वायुमंडलीय दाब कम करने से

  1. A.द्रव का क्वथनांक बढ़ जाता है
  2. B.द्रव का क्वथनांक घट जाता है
  3. C.द्रव के क्वथनांक पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता
  4. D.उसे उबलने में लगने वाला समय बढ़ जाता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. द्रव का क्वथनांक घट जाता है

व्याख्या

सही उत्तर है B, द्रव का क्वथनांक घट जाता है। द्रव तब उबलता है जब उसका वाष्प दाब ऊपर के दाब के बराबर हो जाए, इसलिए बाहरी दाब कम होने पर वह कम ताप पर ही उबलने लगता है।

द्रव को गर्म करने पर उसका वाष्प दाब बढ़ता है। जिस ताप पर यह वाष्प दाब बाहरी दाब के बराबर हो जाता है, वहीं उबलना शुरू होता है। समुद्र तल पर लगभग 101.3 kPa दाब में पानी 100 °C पर उबलता है। ऊँचे पहाड़ों पर वायुदाब कम होने से पानी लगभग 70 से 90 °C पर ही उबल जाता है, जिससे दाल-चावल जल्दी नहीं पकते। प्रेशर कुकर इसका उल्टा करता है: दाब को लगभग दोगुना कर देता है, जिससे पानी करीब 120 °C पर उबलता है और खाना जल्दी पकता है।

A गलत है: क्वथनांक दाब बढ़ाने से बढ़ता है, घटाने से नहीं।

C गलत है: क्वथनांक सीधे बाहरी दाब पर निर्भर है।

D गलत है: क्वथनांक घटने से द्रव जल्दी उबलता है, देर से नहीं।

परीक्षा टिप: कम दाब, कम क्वथनांक (पहाड़); अधिक दाब, अधिक क्वथनांक (प्रेशर कुकर)।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · 18 Sep 2021, Agriculture Supervisorआसान

कैप्रा हिरकस किसका वैज्ञानिक नाम है?

  1. A.बकरी
  2. B.गाय
  3. C.भेड़
  4. D.भैंस
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बकरी

व्याख्या

सही उत्तर है A, बकरी। कैप्रा हिरकस पालतू बकरी का वैज्ञानिक नाम है, जिसमें कैप्रा वंश और हिरकस प्रजाति है, और यह उसी दो-नाम पद्धति में लिखा गया है जो कार्ल लीनियस ने जीव विज्ञान को दी थी। बकरी बोविडी कुल का रोमंथक पशु है और इसे गरीब की गाय कहा जाता है क्योंकि यह कम चारे में दूध तथा मांस देती है और शुष्क क्षेत्रों में भी पल जाती है; बकरियों की संख्या में राजस्थान राज्यों में सबसे आगे है और सिरोही, मारवाड़ी, जखराना तथा बरबरी इसकी प्रसिद्ध नस्लों में हैं। B गलत है क्योंकि गाय का नाम बॉस इंडिकस है, जो कूबड़ वाली भारतीय गाय है, या बॉस टॉरस। C गलत है क्योंकि भेड़ का वैज्ञानिक नाम ओविस एरीज है। D गलत है क्योंकि भारतीय भैंस बुबेलस बुबेलिस है, जो देश का सबसे अधिक दूध देती है। परीक्षा टिप: चारों नाम साथ याद रखें, बकरी कैप्रा हिरकस, भेड़ ओविस एरीज, गाय बॉस इंडिकस और भैंस बुबेलस बुबेलिस।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2018, Paper Iआसान

प्रकाशीय तंतु (ऑप्टिकल फाइबर) में प्रकाश संकेत के संचरण के लिए कौन-सी प्रकाशीय घटना उत्तरदायी है?

  1. A.व्यतिकरण
  2. B.प्रकीर्णन
  3. C.पूर्ण आंतरिक परावर्तन
  4. D.अपवर्तन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. पूर्ण आंतरिक परावर्तन

व्याख्या

सही उत्तर है C, पूर्ण आंतरिक परावर्तन। तंतु के भीतर प्रकाश सीमा पर क्रांतिक कोण से बड़े कोण पर पड़ता है, इसलिए बाहर निकलने के बजाय बार-बार भीतर ही परावर्तित होता रहता है।

ऑप्टिकल फाइबर में काँच का एक कोर होता है जिसके चारों ओर थोड़े कम अपवर्तनांक वाली परत (क्लैडिंग) होती है। पूर्ण आंतरिक परावर्तन तब होता है जब प्रकाश सघन से विरल माध्यम में जा रहा हो और आपतन कोण क्रांतिक कोण से अधिक हो। हर बार सीमा पर संकेत पूरा लौट आता है, इसलिए वह बहुत कम हानि के साथ लंबी दूरी तय करता है। इसी कारण फाइबर से इंटरनेट और टेलीफोन डेटा भेजा जाता है और एंडोस्कोप बनाए जाते हैं।

A गलत है: व्यतिकरण में तरंगें मिलकर चमकीली और काली पट्टियाँ बनाती हैं।

B गलत है: प्रकीर्णन से प्रकाश फैलता है, जैसे आकाश का नीला रंग; फाइबर में यह हानि का कारण है।

D गलत है: अपवर्तन से प्रकाश कोर से बाहर निकल जाता, जबकि फाइबर इसी को रोककर काम करता है।

परीक्षा टिप: पूर्ण आंतरिक परावर्तन की दो शर्तें हैं, सघन से विरल माध्यम और क्रांतिक कोण से बड़ा कोण; उदाहरण: फाइबर, हीरे की चमक, मरीचिका।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 23 Jan 2019, Shift 2कठिन

किसी घिरनी तंत्र की दक्षता 60% है। रस्सी को 12 m खींचने पर भार 3 m ऊपर उठता है। तंत्र का यांत्रिक लाभ ज्ञात करें।

  1. A.4.8
  2. B.3.6
  3. C.1.2
  4. D.2.4
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 2.4

व्याख्या

सही उत्तर है D, 2.4। घिरनी तंत्र का वेग अनुपात आयास द्वारा तय दूरी भाग भार द्वारा तय दूरी होता है, अर्थात 12 भाग 3, जो 4 है। दक्षता यांत्रिक लाभ भाग वेग अनुपात होती है, इसलिए यांत्रिक लाभ 0.6 गुणा 4 है, जो 2.4 देता है। यह ध्यान रखें कि वेग अनुपात केवल मशीन की बनावट पर निर्भर करता है, जबकि यांत्रिक लाभ घर्षण तथा घिरनियों और रस्सी के भार से घटता भी है; इसी कारण कोई वास्तविक मशीन सौ प्रतिशत दक्षता नहीं पाती और यांत्रिक लाभ सदा वेग अनुपात से कम रहता है। A गलत है क्योंकि 4.8 में वेग अनुपात को 0.6 के स्थान पर 1.2 से गुणा कर दिया गया है। B गलत है क्योंकि 3.6 में 4 के बजाय 6 का 60 प्रतिशत लिया गया है। C गलत है क्योंकि 1.2 में वेग अनुपात 2 मान लिया गया है। परीक्षा टिप: दक्षता बराबर यांत्रिक लाभ भाग वेग अनुपात।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2020, Paper Iआसान

पुलिस द्वारा तेज़ गति से चलने वाले वाहनों की जाँच के लिए प्रयुक्त रडार किस सिद्धांत पर कार्य करता है?

  1. A.रमन प्रभाव
  2. B.प्रेरण प्रभाव
  3. C.डॉप्लर प्रभाव
  4. D.कूलॉम प्रभाव
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. डॉप्लर प्रभाव

व्याख्या

सही उत्तर है C, डॉप्लर प्रभाव। स्पीड रडार यह मापता है कि लौटकर आई तरंग की आवृत्ति कितनी बदली, और यह बदलाव वाहन की चाल पर निर्भर करता है।

क्रिश्चियन डॉप्लर ने 1842 में बताया था कि जब स्रोत और प्रेक्षक एक-दूसरे के सापेक्ष चलते हैं तो तरंग की आवृत्ति बदली हुई प्रतीत होती है। पुलिस की स्पीड गन एक निश्चित आवृत्ति की रेडियो तरंगें भेजती है। पास आती कार इन्हें अधिक आवृत्ति पर और दूर जाती कार कम आवृत्ति पर लौटाती है। यंत्र इसी अंतर से वाहन की चाल निकाल लेता है। पास से गुज़रती रेलगाड़ी के हॉर्न की बदलती आवाज़ और दूर की आकाशगंगाओं का रेड शिफ्ट भी इसी प्रभाव से समझे जाते हैं।

A गलत है: रमन प्रभाव अणुओं द्वारा प्रकाश के प्रकीर्णन में तरंगदैर्ध्य बदलने से जुड़ा है, जिसे सी. वी. रमन ने 1928 में खोजा।

B गलत है: प्रेरण बदलते चुंबकीय क्षेत्र से धारा उत्पन्न होने की घटना है।

D गलत है: कूलॉम का नियम आवेशों के बीच बल बताता है।

परीक्षा टिप: स्पीड गन, गुज़रता हॉर्न और आकाशगंगाओं का रेड शिफ्ट, तीनों डॉप्लर प्रभाव हैं।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 25 May 2019, Shift 3आसान

मानव शरीर में संतुलन बनाए रखने में कौन-सा अंग सहायता करता है?

  1. A.हृदय
  2. B.यकृत
  3. C.कान
  4. D.जीभ
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. कान

व्याख्या

सही उत्तर है C, कान। शरीर का संतुलन अंतःकर्ण यानी भीतरी कान से नियंत्रित होता है, जिसमें सुनने के अंग के साथ-साथ वेस्टिब्यूलर तंत्र भी रहता है। यह तंत्र एक-दूसरे से समकोण पर रखी तीन अर्धवृत्ताकार नलिकाओं तथा दो छोटी थैलियों, यूट्रिकल और सैक्यूल, से बना होता है। नलिकाएँ द्रव से भरी रहती हैं; सिर घूमने पर यह द्रव पीछे रह जाता है और भीतर लगे सूक्ष्म रोम कोशिकाओं को मोड़ देता है, जो मस्तिष्क को गति की दिशा और गति की तेजी का संकेत भेजती हैं। यूट्रिकल और सैक्यूल गुरुत्व के खिंचाव तथा सीधी रेखा में होने वाली गति की सूचना देते हैं। इसी कारण भीतरी कान के संक्रमण में या तेजी से गोल-गोल घूमने पर व्यक्ति को चक्कर आने लगते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि हृदय केवल शरीर में रक्त पंप करता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि यकृत पित्त बनाता है, विषों को नष्ट करता है और ग्लाइकोजन संचित रखता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि जीभ में स्वाद कलिकाएँ होती हैं और वह बोलने तथा निगलने में सहायक है। परीक्षा टिप: भीतरी कान का कॉक्लिया सुनने के लिए और तीन अर्धवृत्ताकार नलिकाएँ संतुलन के लिए होती हैं।

Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2018, Paper Iकठिन

4d कक्षक के लिए कोणीय और त्रिज्य नोडों की संख्या क्रमशः है

  1. A.2 और 1
  2. B.1 और 2
  3. C.3 और 1
  4. D.4 और 0
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 2 और 1

व्याख्या

सही उत्तर है A, 2 और 1। 4d कक्षक के लिए n = 4 और l = 2 है, इसलिए कोणीय नोड l = 2 और त्रिज्य नोड n − l − 1 = 1 होते हैं।

नोड वह क्षेत्र है जहाँ इलेक्ट्रॉन मिलने की प्रायिकता शून्य होती है। कोणीय नोड नाभिक से होकर जाने वाले तल या शंकु होते हैं और इनकी संख्या दिगंशी क्वांटम संख्या l के बराबर होती है। त्रिज्य नोड गोलीय कोश होते हैं और इनकी संख्या n − l − 1 होती है। कुल नोड हमेशा n − 1 होते हैं। 4d के लिए: हर d कक्षक में l = 2, अतः 2 कोणीय नोड; त्रिज्य नोड = 4 − 2 − 1 = 1; कुल = 3, जो n − 1 के बराबर है। इसी तरह 3d में 2 कोणीय और 0 त्रिज्य नोड, तथा 2s में 0 कोणीय और 1 त्रिज्य नोड होता है।

B गलत है: इसमें दोनों मान उलट दिए गए हैं।

C गलत है: 3 कोणीय नोड f कक्षक (l = 3) के होते हैं, d के नहीं।

D गलत है: 4 कोणीय नोड के लिए l = 4 (g कक्षक) चाहिए, और कुल 4 नोड n − 1 = 3 से अधिक हैं।

परीक्षा टिप: कोणीय नोड = l, त्रिज्य नोड = n − l − 1, कुल नोड = n − 1।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 12 April 2022, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन फूल का भाग नहीं है?

  1. A.पर्णवृंत
  2. B.स्त्रीकेसर
  3. C.पुंकेसर
  4. D.बाह्यदल
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. पर्णवृंत

व्याख्या

सही उत्तर है A, पर्णवृंत। पर्णवृंत यानी पेटिओल वह डंठल है जो पत्ती के फलक को तने से जोड़ता है; यह पत्ती का भाग है, फूल का नहीं, और जिस पत्ती में यह न हो उसे अवृंत कहा जाता है। एक प्रारूपिक फूल पुष्पासन पर टिके चार चक्रों से बनता है। सबसे बाहर बाह्यदलपुंज होता है, जो बाह्यदलों से बना है और कली की रक्षा करता है। उसके भीतर दलपुंज होता है, जिसकी पंखुड़ियाँ परागणकों को आकर्षित करती हैं। इसके बाद पुमंग यानी नर चक्र आता है, जिसकी इकाई पुंकेसर है और हर पुंकेसर में तंतु पर परागकोश लगा रहता है। केंद्र में जायांग यानी मादा चक्र होता है, जिसकी इकाई स्त्रीकेसर है और वह वर्तिकाग्र, वर्तिका तथा अंडाशय से बनी होती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि स्त्रीकेसर फूल का मादा भाग है। विकल्प C गलत है, क्योंकि पुंकेसर उसका नर भाग है। विकल्प D गलत है, क्योंकि बाह्यदल मिलकर फूल का सबसे बाहरी चक्र बाह्यदलपुंज बनाते हैं। परीक्षा टिप: फूल के चार चक्र हैं बाह्यदलपुंज, दलपुंज, पुमंग और जायांग; पर्णवृंत पत्ती का भाग है।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2020, Paper Iआसान

मैग्नीशियम का उपयोग किसमें किया जाता है?

  1. A.आतिशबाज़ी में चमकीला सफ़ेद प्रकाश उत्पन्न करने के लिए
  2. B.आभूषणों में रत्नों के रूप में
  3. C.रोगी की आहार नाल की जाँच में
  4. D.जल के शोधन में
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. आतिशबाज़ी में चमकीला सफ़ेद प्रकाश उत्पन्न करने के लिए

व्याख्या

सही उत्तर है A, आतिशबाज़ी में चमकीला सफ़ेद प्रकाश उत्पन्न करने के लिए। मैग्नीशियम हवा में चकाचौंध करने वाली सफ़ेद लौ के साथ जलता है, इसलिए इसे आतिशबाज़ी, फुलझड़ी और फ्लेयर में डाला जाता है।

मैग्नीशियम का फीता गर्म करने पर ऑक्सीजन से क्रिया करके सफ़ेद मैग्नीशियम ऑक्साइड बनाता है (2Mg + O2 → 2MgO) और तेज़ ऊष्मा तथा चमकीला सफ़ेद प्रकाश देता है। पटाखा बनाने वाले रंगों को चमकीला करने और सफ़ेद चिंगारियाँ पाने के लिए मैग्नीशियम या मैग्नीशियम-एल्युमिनियम मिश्रधातु का चूर्ण मिलाते हैं; पुराने फोटो-फ्लैश में भी यही गुण काम आता था। मैग्नीशियम पर्णहरित (क्लोरोफिल) का केंद्रीय परमाणु भी है और विमान व वाहनों की हल्की मिश्रधातुओं में प्रयुक्त होता है।

B गलत है: रत्न कोरंडम, बेरिल या हीरे जैसे खनिज होते हैं, मैग्नीशियम धातु नहीं।

C गलत है: आहार नाल की जाँच बेरियम मील, यानी बेरियम सल्फेट से होती है, जो एक्स-रे में दिखता है।

D गलत है: जल शोधन क्लोरीन, ब्लीचिंग पाउडर, फिटकरी या ओज़ोन से होता है।

परीक्षा टिप: मैग्नीशियम = सफ़ेद लौ और क्लोरोफिल का केंद्र; बेरियम = हरी लौ और बेरियम मील; स्ट्रॉन्शियम = लाल लौ।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · 29th Jan 2017मध्यम

सड़क पर चलती कार के पहिये के बारे में कौन-सा विकल्प सही है?

  1. A.लोटनिक घर्षण > स्थैतिक घर्षण > गतिज घर्षण
  2. B.स्थैतिक घर्षण > गतिज घर्षण > लोटनिक घर्षण
  3. C.स्थैतिक घर्षण > लोटनिक घर्षण > गतिज घर्षण
  4. D.लोटनिक घर्षण > गतिज घर्षण > स्थैतिक घर्षण
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. स्थैतिक घर्षण > गतिज घर्षण > लोटनिक घर्षण

व्याख्या

सही उत्तर है B, स्थैतिक घर्षण > गतिज घर्षण > लोटनिक घर्षण। एक ही सतहों के जोड़े के लिए घर्षण का क्रम हमेशा स्थैतिक, फिर गतिज और फिर लोटनिक रहता है। स्थैतिक घर्षण सबसे अधिक होता है क्योंकि विराम की अवस्था में सतहों की खुरदरी उभार एक-दूसरे में फँसे रहते हैं और गति शुरू करने के लिए इस जकड़न को तोड़ना पड़ता है। सरकना शुरू होने पर संपर्क बार-बार टूटता और बनता रहता है, इसलिए गतिज घर्षण कम होता है। लोटनिक घर्षण तीनों में सबसे कम है, क्योंकि लुढ़कता पहिया सड़क पर सरकता नहीं, केवल संपर्क बिंदु पर उसे थोड़ा दबाता और विकृत करता है। इसी कारण भारी बोझ खिसकाने के लिए पहिये, रोलर और बॉल बेयरिंग काम में लिए जाते हैं। A और D गलत हैं क्योंकि ये लोटनिक घर्षण को सबसे ऊपर रखते हैं, जबकि वह तीनों में सबसे कम है। C गलत है क्योंकि यह लोटनिक घर्षण को गतिज घर्षण से बड़ा बताता है, जो सही क्रम के उलट है। परीक्षा टिप: स्थैतिक > गतिज > लोटनिक; इनमें सबसे कम वाले ने ही हमें पहिया दिया।

Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2021, Paper Iआसान

निम्नलिखित में से कौन-सा कोशिकांग जंतु कोशिकाओं में नहीं पाया जाता?

  1. A.कोशिका झिल्ली
  2. B.अंतःप्रद्रव्यी जालिका
  3. C.कोशिका भित्ति
  4. D.लाइसोसोम
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. कोशिका भित्ति

व्याख्या

सही उत्तर है C, कोशिका भित्ति। जंतु कोशिका केवल लचीली कोशिका झिल्ली से घिरी होती है; कठोर कोशिका भित्ति पौधों, कवकों और जीवाणुओं में मिलती है।

पादप कोशिका में कोशिका भित्ति कोशिका झिल्ली के बाहर होती है और मुख्यतः सेल्युलोज़ से बनी होती है। यह कोशिका को आकार, मज़बूती और पानी भरने पर फटने से सुरक्षा देती है। कवकों की भित्ति काइटिन की और जीवाणुओं की पेप्टिडोग्लाइकन की होती है। जंतु कोशिका में भित्ति न होने से वह आकार बदल सकती है, चल सकती है और मांसपेशी जैसे ऊतक बना सकती है। जंतु कोशिकाओं में सामान्यतः हरितलवक और बड़ी केंद्रीय रिक्तिका भी नहीं होती, जबकि तारककाय (सेंट्रियोल) उनकी पहचान हैं।

A गलत है: कोशिका झिल्ली हर जीवित कोशिका को घेरती है।

B गलत है: प्रोटीन और लिपिड बनाने वाली अंतःप्रद्रव्यी जालिका जंतु कोशिकाओं में होती है।

D गलत है: लाइसोसोम, जिन्हें कोशिका की आत्मघाती थैली कहते हैं, जंतु कोशिकाओं की विशेषता हैं।

परीक्षा टिप: पादप कोशिका = कोशिका भित्ति, हरितलवक, बड़ी रिक्तिका; जंतु कोशिका = तारककाय और लाइसोसोम, भित्ति नहीं।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 3 March 2023आसान

वर्ष 1787 में किस नियम का अध्ययन किया गया, जिसमें कहा गया कि गैस का आयतन उसके परम ताप के बढ़ने पर बढ़ता है और परम ताप घटने पर उसका आयतन घट जाता है?

  1. A.बॉयल का नियम
  2. B.डाल्टन का नियम
  3. C.आवोगाद्रो का नियम
  4. D.चार्ल्स का नियम
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. चार्ल्स का नियम

व्याख्या

सही उत्तर है D, चार्ल्स का नियम। चार्ल्स का नियम कहता है कि स्थिर दाब पर किसी निश्चित द्रव्यमान की गैस का आयतन उसके परम ताप के अनुक्रमानुपाती होता है, अर्थात V बटा T स्थिर रहता है। जैक्स चार्ल्स ने 1787 में इसका अध्ययन किया और जोसेफ गे-लुसाक ने 1802 में इसका संख्यात्मक रूप प्रकाशित किया। अनुपात रूप में यह V1 बटा T1 बराबर V2 बटा T2 देता है, जिसमें ताप सदा केल्विन में लिया जाता है। आयतन-ताप ग्राफ को पीछे शून्य आयतन तक बढ़ाने पर परम शून्य मिलता है, अर्थात ऋण 273.15 डिग्री सेल्सियस, और इसी से केल्विन मापक्रम तय हुआ। A गलत है क्योंकि बॉयल का नियम स्थिर ताप पर दाब और आयतन को जोड़ता है, जिसमें PV स्थिर रहता है। B गलत है क्योंकि डाल्टन का आंशिक दाब नियम मिश्रण की गैसों के दाब जोड़ता है। C गलत है क्योंकि आवोगाद्रो का नियम गैसों के समान आयतन को अणुओं की समान संख्या से जोड़ता है। परीक्षा टिप: तीनों अलग रखें - बॉयल में P और V, चार्ल्स में V और T, गे-लुसाक में P और T।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2018, GS Paper Iआसान

रेगिस्तानी क्षेत्रों में जल-ह्रास को रोकने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा/से पत्ती रूपांतरण पाया/पाए जाता/जाते है/हैं?

1. कठोर और मोमी पत्तियाँ

2. छोटी पत्तियाँ

3. पत्तियों के स्थान पर काँटे

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. A.केवल 2 और 3
  2. B.केवल 2
  3. C.केवल 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 1, 2 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1, 2 और 3। ये तीनों मरुस्थलीय पौधों (मरुद्भिद) के अनुकूलन हैं, जो वाष्पोत्सर्जन से होने वाले जल-ह्रास को घटाते हैं।

पौधे अधिकतर पानी पत्तियों से खोते हैं, इसलिए मरुस्थलीय पौधे पानी बचाने के लिए अपनी पत्तियाँ बदल लेते हैं। मोटी मोमी उपत्वचा पत्ती की सतह को कठोर और जलरोधी बनाती है, जैसे कनेर और कई गूदेदार पौधों में। छोटी पत्तियाँ गर्म, शुष्क हवा के संपर्क में कम सतह लाती हैं, जैसे बबूल और झाऊ में। नागफनी और कुछ यूफोर्बिया में पत्तियाँ काँटों में बदल जाती हैं और हरा, गूदेदार तना प्रकाश-संश्लेषण करता है तथा पानी जमा करता है। धँसे हुए और कम संख्या में रंध्र भी ऐसे ही लक्षण हैं।

A गलत है, क्योंकि इसमें कठोर और मोमी पत्तियाँ छूट गई हैं।

B गलत है, क्योंकि छोटी पत्तियाँ तीन अनुकूलनों में से केवल एक हैं।

C गलत है, क्योंकि काँटे ही मरुस्थलीय पौधों का एकमात्र बदलाव नहीं हैं।

परीक्षा टिप: नागफनी = पत्तियाँ काँटों में बदलीं, तना प्रकाश-संश्लेषण करता है; मरुद्भिद = मोमी उपत्वचा, छोटी पत्तियाँ, धँसे रंध्र।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · 29 Feb 2020, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन पौधों को प्रभावित करने वाला जीवाणु जनित रोग है?

  1. A.क्राउन गॉल
  2. B.मोज़ेक
  3. C.कंडुआ (स्मट)
  4. D.ब्लिस्टर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. क्राउन गॉल

व्याख्या

सही उत्तर है A, क्राउन गॉल। क्राउन गॉल रोग एग्रोबैक्टीरियम ट्यूमिफेशिएंस नामक जीवाणु से होता है, जो तने के आधार यानी क्राउन के पास किसी घाव से भीतर पहुँचता है और वहाँ गाँठ जैसी खुरदरी सूजन बना देता है। यह जीवाणु अपने Ti प्लाज्मिड का एक टुकड़ा पौधे की कोशिकाओं में डालकर उन्हें लगातार विभाजित होने पर मजबूर करता है, और इसी प्राकृतिक गुण के कारण प्रयोगशालाओं में इसे पौधों में नए जीन पहुँचाने वाले वाहक के रूप में उपयोग किया जाता है। अंगूर, सेब, गुलाब, अखरोट और गुठलीदार फलों में यह रोग सबसे अधिक होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मोज़ेक रोग, जैसे तंबाकू मोज़ेक, विषाणु से होते हैं और पत्तियों पर हल्के-गहरे धब्बे बनाते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि गेहूँ, बाजरा और गन्ने का कंडुआ कवक जनित रोग है, जो बालियों को काले चूर्ण जैसे बीजाणुओं से भर देता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सरसों जैसी फसलों का सफेद ब्लिस्टर या सफेद रस्ट भी कवक जनित है और पत्तियों व तनों पर सफेद फफोले बनाता है। परीक्षा टिप: जीवाणु — क्राउन गॉल, सिट्रस कैंकर, धान का जीवाणु झुलसा; विषाणु — मोज़ेक; कवक — कंडुआ, रस्ट।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2021, Paper Iमध्यम

एक वस्तु को किसी लेंस के सामने 10 cm की दूरी पर रखा गया है। बना प्रतिबिंब वास्तविक, उल्टा और वस्तु के बराबर आकार का है। लेंस की फोकस दूरी और प्रकृति क्या है?

  1. A.5 cm, अभिसारी
  2. B.10 cm, अपसारी
  3. C.20 cm, अभिसारी
  4. D.20 cm, अपसारी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 5 cm, अभिसारी

व्याख्या

सही उत्तर है A, 5 cm, अभिसारी। बराबर आकार का वास्तविक और उल्टा प्रतिबिंब तभी बनता है जब वस्तु उत्तल लेंस की फोकस दूरी के दोगुने पर हो, इसलिए 2f = 10 cm और f = 5 cm।

उत्तल (अभिसारी) लेंस में 2F पर रखी वस्तु का प्रतिबिंब दूसरी ओर 2F पर बनता है, जो वास्तविक, उल्टा और समान आकार का होता है। लेंस सूत्र 1/v − 1/u = 1/f से जाँचें: u = −10 cm और v = +10 cm लेने पर 1/f = 1/10 + 1/10 = 1/5, अर्थात f = +5 cm। धनात्मक फोकस दूरी बताती है कि लेंस अभिसारी है। आवर्धन m = v/u = −1 है, यानी प्रतिबिंब बराबर और उल्टा।

B गलत है: अपसारी (अवतल) लेंस हमेशा आभासी, सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है।

C गलत है: f = 20 cm होने पर 10 cm पर रखी वस्तु फोकस के भीतर होगी और प्रतिबिंब आभासी व बड़ा बनेगा।

D गलत है: अवतल लेंस किसी भी फोकस दूरी पर वास्तविक प्रतिबिंब नहीं बनाता।

परीक्षा टिप: उत्तल लेंस, वस्तु 2F पर तो प्रतिबिंब 2F पर, वास्तविक, उल्टा, समान आकार; u = v = 2f।

Q18.सामान्य विज्ञानमध्यम

बैकेलाइट फॉर्मेल्डिहाइड का किसके साथ संघनन बहुलक है?

  1. A.फीनॉल
  2. B.मेलैमीन
  3. C.यूरिया
  4. D.ऐनिलीन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. फीनॉल

व्याख्या

सही उत्तर A, फीनॉल है। बैकेलाइट फीनॉल-फॉर्मेल्डिहाइड रेजिन है, जो फीनॉल के फॉर्मेल्डिहाइड से संघनन पर बनता है; पकने पर श्रृंखलाएं तिर्यक बंधों से एक दृढ़ जाल बन जाती हैं और कठोर, ताप सहने वाला तथा विद्युतरोधी ठोस मिलता है, जो स्विच, प्लग, कड़ाही के हत्थों और डिस्ट्रीब्यूटर कैप में लगता है। यही पहला पूर्णतः संश्लेषित प्लास्टिक था। B, मेलैमीन, गलत है क्योंकि मेलैमीन और फॉर्मेल्डिहाइड से मेलैमीन-फॉर्मेल्डिहाइड रेजिन बनता है, जो न टूटने वाले बरतनों का पदार्थ है। C, यूरिया, गलत है क्योंकि यूरिया और फॉर्मेल्डिहाइड से यूरिया-फॉर्मेल्डिहाइड रेजिन बनता है, जो चिपकाने वाले पदार्थों, लैमिनेट और झाग विद्युतरोधन में लगता है। ये तीनों फॉर्मेल्डिहाइड के तापदृढ़ रेजिन हैं, इसीलिए परीक्षक इन्हें एक साथ रखते हैं, इसलिए प्रत्येक की जोड़ी याद रखें। D, ऐनिलीन, गलत है; वह रंजक और औषधि बनाने में काम आती है, बैकेलाइट में नहीं।

Q19.सामान्य विज्ञानआसान

वर्गिकी का जनक किसे कहा जाता है?

  1. A.चार्ल्स डार्विन
  2. B.कैरोलस लीनियस
  3. C.अर्नस्ट हेकल
  4. D.रॉबर्ट हुक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कैरोलस लीनियस

व्याख्या

सही उत्तर B, कैरोलस लीनियस है। स्वीडिश प्रकृतिवैज्ञानिक कार्ल वॉन लिने, जो लैटिन में कैरोलस लीनियस कहे जाते हैं, ने पादपों तथा जंतुओं को श्रेणियों के पदानुक्रम में व्यवस्थित किया और अपनी कृतियों सिस्टेमा नेचुरे तथा स्पीशीज प्लांटेरम में जीव विज्ञान को दो शब्दों वाले वैज्ञानिक नामों की पद्धति दी, इसीलिए उन्हें वर्गिकी का जनक कहा जाता है। A गलत है, क्योंकि चार्ल्स डार्विन ने ऑन द ओरिजिन ऑफ स्पीशीज में प्राकृतिक चयन से जातियों के बदलने की व्याख्या की, जो नामकरण और श्रेणीकरण के बजाय विकासवादी जीव विज्ञान की नींव है। C गलत है, क्योंकि अर्नस्ट हेकल ने एककोशिकीय जीवों के लिए प्रोटिस्टा जगत जोड़ा, जो महत्वपूर्ण कदम था पर नामकरण पद्धति तय होने के बहुत बाद का। D गलत है, क्योंकि रॉबर्ट हुक ने कॉर्क की पतली काट में पहली बार कोशिकाएं देखीं और नाम दिया, जो कोशिका विज्ञान के इतिहास का भाग है।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iआसान

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  1. A.जीवाणुओं में कोशिकाद्रव्य होता है, परंतु विषाणुओं में नहीं
  2. B.जीवाणुओं में माइटोकॉन्ड्रिया होते हैं, परंतु विषाणुओं में नहीं
  3. C.विषाणुओं में माइटोकॉन्ड्रिया होते हैं, परंतु जीवाणुओं में नहीं
  4. D.विषाणुओं में कोशिका झिल्ली होती है, परंतु जीवाणुओं में नहीं
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. जीवाणुओं में कोशिकाद्रव्य होता है, परंतु विषाणुओं में नहीं

व्याख्या

सही उत्तर है A, जीवाणुओं में कोशिकाद्रव्य होता है, परंतु विषाणुओं में नहीं। जीवाणु कोशिकाद्रव्य से भरी एक जीवित कोशिका है, जबकि विषाणु केवल प्रोटीन के आवरण में बंद आनुवंशिक पदार्थ है।

जीवाणु प्रोकैरियोटिक कोशिकाएँ हैं: इनमें कोशिका भित्ति, कोशिका झिल्ली, राइबोसोम युक्त कोशिकाद्रव्य और वृत्ताकार DNA होता है, पर झिल्ली से घिरा केंद्रक और झिल्लीयुक्त कोशिकांग नहीं होते। विषाणु कोशिका ही नहीं हैं। विषाणु कण DNA या RNA होता है जो प्रोटीन के कैप्सिड में लिपटा होता है, कभी-कभी परपोषी से लिया गया बाहरी आवरण भी होता है। इनमें न कोशिकाद्रव्य होता है, न राइबोसोम, न अपना उपापचय, इसलिए ये केवल जीवित कोशिका के भीतर ही गुणन करते हैं। इसी कारण एंटीबायोटिक जीवाणुओं पर असर करती हैं, विषाणुओं पर नहीं।

B गलत है: प्रोकैरियोट होने के कारण जीवाणुओं में माइटोकॉन्ड्रिया नहीं होते।

C गलत है: विषाणुओं में कोई कोशिकांग नहीं होता।

D गलत है: जीवाणुओं में कोशिका झिल्ली होती है, विषाणुओं में नहीं।

परीक्षा टिप: जीवाणु = प्रोकैरियोटिक कोशिका, माइटोकॉन्ड्रिया नहीं; विषाणु = न्यूक्लिक अम्ल + प्रोटीन आवरण, कोशिका नहीं।

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