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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 61

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 61) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 10 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: तरल: उत्प्लावन, श्यानता और पृष्ठ तनाव, प्रत्यास्थता: प्रतिबल, विकृति और हुक का नियम, मानव नेत्र, लेंस और प्रकाश का विक्षेपण और अन्य। इनमें से 9 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानआसान

पास्कल का नियम निम्नलिखित में से किस उपकरण का सिद्धांत है?

  1. A.द्रवचालित ब्रेक
  2. B.बैरोमीटर
  3. C.हाइड्रोमीटर
  4. D.साइफन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. द्रवचालित ब्रेक

व्याख्या

सही उत्तर A, द्रवचालित ब्रेक है। पास्कल का नियम कहता है कि बंद तरल पर लगाया गया दाब तरल के प्रत्येक भाग तथा पात्र की दीवारों तक बिना घटे पहुंचता है, इसलिए ब्रेक पैडल पर लगा साधारण दबाव ब्रेक द्रव में ऐसा दाब बनाता है जो प्रत्येक पहिए के चौड़े पिस्टन तक पहुंचकर बड़ा बल बन जाता है। द्रवचालित उत्थापक और द्रवचालित प्रेस भी इसी प्रकार कार्य करते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि बैरोमीटर वायुमंडलीय दाब को पारे के स्तंभ से संतुलित करके मापता है। विकल्प C गलत है क्योंकि हाइड्रोमीटर द्रव में तैरकर आपेक्षिक घनत्व मापता है, जो प्लवन के नियम पर आधारित है। विकल्प D गलत है क्योंकि साइफन दो द्रव तलों की ऊंचाई के अंतर से उत्पन्न दाब अंतर पर कार्य करता है।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · BPSC AE Paper 5 (Civil Engineering) 2012मध्यम

निम्नलिखित में से सही कथन चुनें: 1. हुक का नियम समानुपातिकता सीमा तक मान्य है। 2. हुक का नियम प्रत्यास्थता सीमा तक मान्य है। 3. समानुपातिकता सीमा सदैव प्रत्यास्थता सीमा से कम होती है। 4. समानुपातिकता सीमा प्रत्यास्थता सीमा के बराबर या उससे कम होती है। सही उत्तर है

  1. A.1 और 4
  2. B.2 और 4
  3. C.1 और 3
  4. D.2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 1 और 4

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1 और 4। हुक का नियम केवल समानुपातिकता सीमा तक लागू होता है, और यह सीमा प्रत्यास्थता सीमा के बराबर या उससे कम होती है, इसलिए कथन 1 और 4 ही सही जोड़ी बनाते हैं। हुक के नियम के अनुसार प्रतिबल विकृति के समानुपाती होता है, और यही प्रतिबल-विकृति ग्राफ का सीधा भाग है; जहाँ वक्र सीधी रेखा छोड़ देता है, वही बिंदु समानुपातिकता सीमा है। उससे कुछ आगे तक भी पदार्थ बल हटाने पर अपने मूल रूप में लौट आता है, और जहाँ तक ऐसा होता है वह अंतिम बिंदु प्रत्यास्थता सीमा कहलाता है। अधिकांश धातुओं में ये दोनों बिंदु बहुत पास होते हैं और आदर्श पदार्थ में एक ही हो जाते हैं। B गलत है क्योंकि कथन 2 नियम को ग्राफ के सीधे भाग से आगे तक खींच देता है, जहाँ समानुपात नहीं रहता। C और D गलत हैं क्योंकि कथन 3 सदैव कम कहता है, जबकि दोनों सीमाएँ बराबर भी हो सकती हैं। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें - समानुपातिकता सीमा, प्रत्यास्थता सीमा, पराभव बिंदु, परम प्रतिबल।

Q3.सामान्य विज्ञानआसान

लेंस की क्षमता का मात्रक है

  1. A.न्यूटन
  2. B.डाइऑप्टर
  3. C.ल्यूमेन
  4. D.कैंडेला
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. डाइऑप्टर

व्याख्या

सही उत्तर B, डाइऑप्टर है। लेंस की क्षमता बताती है कि वह प्रकाश को कितनी प्रबलता से अभिसरित या अपसरित करता है, और इसे मीटर में व्यक्त फोकस दूरी के व्युत्क्रम के रूप में परिभाषित किया जाता है। फोकस दूरी मीटर में होने के कारण क्षमता का मात्रक प्रति मीटर होता है, जिसे डाइऑप्टर नाम और संकेत D दिया गया है। विकल्प A गलत है क्योंकि न्यूटन बल का मात्रक है और लेंस की फोकस सामर्थ्य से उसका कोई संबंध नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि ल्यूमेन ज्योति फ्लक्स मापता है, अर्थात किसी स्रोत से निकलने वाला कुल दृश्य प्रकाश। विकल्प D गलत है क्योंकि कैंडेला ज्योति तीव्रता का मूल मात्रक है, अर्थात किसी स्रोत से एक विशेष दिशा में निकलने वाला प्रकाश। इनमें केवल डाइऑप्टर लेंस का गुण है, प्रकाश का नहीं।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · RRB ALP CBT I Official Mock Test 2024आसान

पिसीकल्चर शब्द किससे संबंधित है?

  1. A.मधुमक्खी पालन
  2. B.रेशम कीट पालन
  3. C.मछली पालन
  4. D.पक्षी पालन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. मछली पालन

व्याख्या

सही उत्तर है C, मछली पालन। पिसीकल्चर का अर्थ तालाबों, जलकुंडों तथा अन्य प्रबंधित जलाशयों में मछली पालना है; लैटिन शब्द पिसिस का अर्थ ही मछली है। यह जलकृषि की एक शाखा है और भारत विश्व के सबसे बड़े मछली उत्पादकों में एक है। मछली उत्पादन की योजनाबद्ध वृद्धि को नीली क्रांति कहा जाता है, और रोहू, कतला तथा मृगल भारतीय तालाबों में पाली जाने वाली प्रमुख कार्प मछलियाँ हैं। A गलत है क्योंकि मधुमक्खी पालन एपीकल्चर कहलाता है, जिससे शहद और मोम मिलता है। B गलत है क्योंकि रेशम कीट पालन सेरीकल्चर है, जिसमें शहतूत खाने वाला बॉम्बिक्स मोराई कीट संसार का अधिकांश रेशम देता है। D गलत है क्योंकि पक्षी पालन एवीकल्चर कहलाता है और अंडे तथा मांस के लिए मुर्गी पालना कुक्कुट पालन है। परीक्षा टिप: सभी शब्द साथ याद रखें - पिसीकल्चर मछली, एपीकल्चर मधुमक्खी, सेरीकल्चर रेशम कीट, एवीकल्चर पक्षी, हॉर्टीकल्चर फल-सब्जी, फ्लोरीकल्चर फूल।

Q5.सामान्य विज्ञानमध्यम

निम्नलिखित में से कौन श्यानता गुणांक का एसआई मात्रक है?

  1. A.पॉइज
  2. B.पास्कल सेकंड
  3. C.स्टोक
  4. D.न्यूटन प्रति मीटर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पास्कल सेकंड

व्याख्या

सही उत्तर B, पास्कल सेकंड है, जो न्यूटन सेकंड प्रति वर्ग मीटर के बराबर है और न्यूटन के श्यानता नियम से निकलता है, जिसमें पास्कल में अपरूपण प्रतिबल को प्रति सेकंड में वेग प्रवणता से भाग दिया जाता है। विकल्प A, पॉइज, गलत है क्योंकि वह उसी राशि का सीजीएस मात्रक है और एक पास्कल सेकंड दस पॉइज के बराबर होता है। विकल्प C, स्टोक, गलत है क्योंकि वह गतिक श्यानता का सीजीएस मात्रक है, जो श्यानता गुणांक को घनत्व से भाग देकर मिलती है और एसआई में वर्ग मीटर प्रति सेकंड में मापी जाती है। विकल्प D, न्यूटन प्रति मीटर, गलत है क्योंकि वह पृष्ठ तनाव का मात्रक है, अर्थात् प्रति इकाई लंबाई बल, और इस अध्याय में पृष्ठ तनाव तथा श्यानता के मात्रक आपस में बदलकर जाल बिछाना परीक्षकों का पसंदीदा तरीका है।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 17 Aug 2021, Shift 3आसान

निम्नलिखित में से किसने पहली बार यह निष्कर्ष निकाला कि निर्वात में सभी वस्तुएँ समान त्वरण g से गिरती हैं और एक ही समय में जमीन पर पहुँचती हैं?

  1. A.अल्बर्ट आइंस्टीन
  2. B.गैलीलियो गैलिली
  3. C.थॉमस अल्वा एडिसन
  4. D.आइजैक न्यूटन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. गैलीलियो गैलिली

व्याख्या

सही उत्तर है B, गैलीलियो गैलिली। गैलीलियो ने पहली बार यह तर्क दिया कि वायु प्रतिरोध हटा देने पर हर वस्तु अपने द्रव्यमान से निरपेक्ष, समान त्वरण से गिरती है। उसने नत तलों पर गेंदें लुढ़काकर और समय मापकर यह निष्कर्ष निकाला, और लोकप्रिय विवरणों में यह विचार पीसा की झुकी मीनार के उसके प्रयोग से जुड़ा है। इससे अरस्तू की पुरानी मान्यता गलत सिद्ध हुई कि भारी वस्तुएँ तेज गिरती हैं। उसने जिस त्वरण की बात की वही g है, जो पृथ्वी के निकट लगभग 9.8 मीटर प्रति सेकंड वर्ग है। A गलत है क्योंकि आइंस्टीन ने बहुत बाद में व्यापक सापेक्षता के तुल्यता सिद्धांत में इसी पर आगे काम किया। C गलत है क्योंकि एडिसन विद्युत बल्ब और फोनोग्राफ के आविष्कारक थे, गिरती वस्तुओं पर उनका कोई कार्य नहीं है। D गलत है क्योंकि न्यूटन, जिनका जन्म गैलीलियो की मृत्यु के वर्ष हुआ, ने बाद में गुरुत्वाकर्षण नियम से इसका कारण समझाया। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें - गैलीलियो ने बताया कि सब वस्तुएँ एक साथ गिरती हैं, न्यूटन ने कारण बताया।

Q7.सामान्य विज्ञानकठिन

एक अवतल लेंस की फोकस दूरी 50 सेंटीमीटर है। उसकी क्षमता है

  1. A.धन 2 डाइऑप्टर
  2. B.ऋण 2 डाइऑप्टर
  3. C.धन 0.5 डाइऑप्टर
  4. D.ऋण 0.5 डाइऑप्टर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ऋण 2 डाइऑप्टर

व्याख्या

सही उत्तर B, ऋण 2 डाइऑप्टर है। इसमें दो चरण हैं। पहले फोकस दूरी को मीटर में बदलना होगा: 50 सेंटीमीटर का अर्थ 0.5 मीटर है। दूसरे, क्षमता मीटर में फोकस दूरी का व्युत्क्रम होती है, जिससे परिमाण में दो डाइऑप्टर प्राप्त होता है। अंत में चिह्न परिपाटी लगाई जाती है: अवतल या अपसारी लेंस की फोकस दूरी सदा ऋणात्मक होती है और इसलिए क्षमता भी ऋणात्मक, अतः उत्तर ऋण 2 डाइऑप्टर है। विकल्प A का परिमाण सही है पर चिह्न गलत है और वह उसी फोकस दूरी के उत्तल लेंस को बताता है। विकल्प C सेंटीमीटर को मीटर में न बदलकर 2 से भाग देने की भूल से आता है, और विकल्प D वही भूल सही चिह्न के साथ दोहराता है। जो विद्यार्थी मात्रक परिवर्तन और चिह्न परिपाटी अलग अलग ध्यान रखते हैं, वे यह अंक नहीं खोते।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 1 Sept 2019, Shift 1 (Electrical)मध्यम

विद्युत लेपन शुरू करने से पहले कौन-सी क्रिया अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए?

  1. A.बफिंग
  2. B.सोल्डरिंग
  3. C.सफाई
  4. D.पॉलिशिंग
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. सफाई

व्याख्या

सही उत्तर है C, सफाई। विद्युत लेपन में जिस वस्तु पर परत चढ़ानी होती है उसे कैथोड बनाया जाता है, लेपन की धातु एनोड का काम करती है, और दोनों को उसी धातु के लवण वाले विद्युत-अपघट्य में डुबोया जाता है। धारा बहने पर धातु के आयन कैथोड की ओर जाकर उस पर जम जाते हैं। यह परत तभी मजबूती से चिपकती है जब सतह रासायनिक रूप से साफ हो, इसलिए पहले चिकनाई, तेल, जंग और ऑक्साइड को डीग्रीसिंग तथा अम्ल में पिकलिंग द्वारा हटाया जाता है; यदि कोई पतली परत रह जाए तो लेपन उखड़ जाता है, फूल जाता है या जगह-जगह से अधूरा रह जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि बफिंग से पहले से साफ सतह पर केवल चमक आती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि सोल्डरिंग भराव मिश्रधातु से दो धातुओं को जोड़ने की क्रिया है, लेपन की तैयारी से उसका कोई संबंध नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि पॉलिशिंग सतह को यांत्रिक रूप से चिकना करती है, पर चिपकने में बाधा डालने वाली तेल और ऑक्साइड की परत नहीं हटाती। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें, पहले सफाई फिर लेपन, और वस्तु सदैव कैथोड होती है।

Q9.सामान्य विज्ञानआसान

द्रव की छोटी बूंद का गोलाकार होना किस कारण से होता है?

  1. A.श्यानता
  2. B.पृष्ठ तनाव
  3. C.केशिकत्व
  4. D.उत्प्लावन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पृष्ठ तनाव

व्याख्या

सही उत्तर B, पृष्ठ तनाव है। संसक्ति बल द्रव की सतह के अणुओं को भीतर की ओर खींचते हैं, इसलिए सतह खिंची झिल्ली जैसा व्यवहार करती है और दिए गए आयतन को घेरने वाला न्यूनतम क्षेत्रफल ले लेती है; निश्चित आयतन के लिए न्यूनतम पृष्ठ क्षेत्रफल वाली आकृति गोला है, इसीलिए मुक्त बूंद और साबुन का बुलबुला दोनों गोल होते हैं। विकल्प A, श्यानता, गलत है क्योंकि वह बहाव के प्रतिरोध को नियंत्रित करती है और गिरने की चाल तय करती है, आकृति नहीं। विकल्प C, केशिकत्व, गलत है क्योंकि वह पृष्ठ तनाव तथा आसंजन का परिणाम है और संकरी नली में द्रव के चढ़ने या गिरने का वर्णन करती है। विकल्प D, उत्प्लावन, गलत है क्योंकि वह चारों ओर के तरल का ऊपर की ओर बल है और तैरना समझाता है, आकृति नहीं; गिरती बड़ी बूंदें वायु के प्रतिरोध से चपटी हो जाती हैं।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · 29th Jan 2023आसान

एक सरल लोलक 64 सेकंड में 40 दोलन पूरे करता है। लोलक का आवर्तकाल क्या है?

  1. A.0.6 सेकंड
  2. B.6 सेकंड
  3. C.1.6 सेकंड
  4. D.16 सेकंड
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1.6 सेकंड

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1.6 सेकंड। आवर्तकाल वह समय है जो एक पूरा दोलन करने में लगता है, इसलिए यह कुल समय में दोलनों की संख्या का भाग देकर निकलता है, अर्थात 64 में 40 का भाग देने पर 1.6 सेकंड। आवृत्ति इसकी उलटी राशि है, यानी एक सेकंड में होने वाले दोलनों की संख्या, जो यहाँ 40 बटा 64 अर्थात 0.625 हर्ट्ज़ है। आवर्तकाल और आवृत्ति सदा एक-दूसरे के व्युत्क्रम होते हैं। सरल लोलक का आवर्तकाल केवल धागे की लंबाई और गुरुत्वीय त्वरण पर निर्भर करता है, सूत्र T बराबर 2 पाई गुणा L बटा g का वर्गमूल। यह गोलक के द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता और छोटे दोलनों के लिए दोलन के विस्तार पर भी नहीं। लगभग एक मीटर लंबे लोलक का आवर्तकाल करीब दो सेकंड होता है। A गलत है क्योंकि 0.6 सेकंड होने पर 64 सेकंड में सौ से अधिक दोलन हो जाते। B और D गलत हैं क्योंकि एक मिनट से कुछ अधिक समय में 40 दोलनों के लिए 6 और 16 सेकंड बहुत अधिक हैं। परीक्षा टिप: आवर्तकाल बराबर कुल समय बटा दोलनों की संख्या।

Q11.सामान्य विज्ञानआसान

श्वेत प्रकाश कांच के प्रिज्म से गुजरने पर सबसे अधिक विचलन किस रंग का होता है?

  1. A.लाल
  2. B.पीला
  3. C.हरा
  4. D.बैंगनी
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. बैंगनी

व्याख्या

सही उत्तर D, बैंगनी है। किसी पारदर्शी माध्यम का अपवर्तनांक प्रत्येक रंग के लिए समान नहीं होता; तरंगदैर्घ्य घटने के साथ वह बढ़ता है। दृश्य रंगों में बैंगनी की तरंगदैर्घ्य सबसे कम है, इसलिए कांच उसके लिए सर्वाधिक अपवर्तनांक रखता है, वह प्रिज्म के दोनों पृष्ठों पर सबसे अधिक मुड़ता है और सबसे अधिक विचलन के साथ बाहर निकलता है। इसी कारण पर्दे पर स्पेक्ट्रम के निचले सिरे पर बैंगनी रहता है। विकल्प A इसका विपरीत स्थिति है: लाल की तरंगदैर्घ्य सबसे अधिक, कांच में अपवर्तनांक सबसे कम और इसलिए विचलन सबसे कम होता है। विकल्प B और C, पीला तथा हरा, तरंगदैर्घ्य में लाल और बैंगनी के बीच आते हैं, इसलिए उनका विचलन भी मध्यम रहता है, लाल से अधिक पर बैंगनी से कम। बैंगनी से लाल तक का क्रम याद रखने पर इस प्रकार के सभी प्रश्न हल हो जाते हैं।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 16 Feb 2025मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सी मानव शरीर में सबसे छोटी मांसपेशी है?

  1. A.बाइसेप
  2. B.सार्टोरियस
  3. C.स्टेपीडियस
  4. D.ट्राइसेप
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. स्टेपीडियस

व्याख्या

सही उत्तर है C, स्टेपीडियस। लगभग 1 मिलीमीटर लंबी स्टेपीडियस मानव शरीर की सबसे छोटी कंकाल पेशी है। यह मध्य कर्ण में होती है और स्टेपीज से जुड़ी रहती है, जो स्वयं शरीर की सबसे छोटी हड्डी है। जब बहुत तेज़ आवाज़ कान तक पहुँचती है, तो स्टेपीडियस सिकुड़कर स्टेपीज के कंपन को कम कर देती है और नाज़ुक आंतरिक कर्ण की रक्षा करती है; इसे ध्वनिक प्रतिवर्त कहते हैं। इसे चेहरे की तंत्रिका (फेशियल नर्व) नियंत्रित करती है, इसलिए उस तंत्रिका को चोट लगने पर सामान्य आवाज़ें भी बहुत तेज़ और चुभने वाली लग सकती हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि बाइसेप्स ऊपरी बाँह के आगे की बड़ी पेशी है, जो कोहनी को मोड़ती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि जाँघ पर तिरछी फैली सार्टोरियस शरीर की सबसे लंबी पेशी है, सबसे छोटी नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि ऊपरी बाँह के पीछे की ट्राइसेप्स कोहनी को सीधा करती है और एक बड़ी पेशी है। परीक्षा टिप: सबसे छोटी पेशी स्टेपीडियस, सबसे छोटी हड्डी स्टेपीज, सबसे लंबी पेशी सार्टोरियस, सबसे बड़ी पेशी ग्लूटियस मैक्सिमस।

Q13.सामान्य विज्ञानकठिन

तापमान बढ़ाने पर द्रव की श्यानता और गैस की श्यानता किस प्रकार व्यवहार करती हैं?

  1. A.दोनों बढ़ती हैं
  2. B.दोनों घटती हैं
  3. C.द्रव की श्यानता घटती है और गैस की बढ़ती है
  4. D.द्रव की श्यानता बढ़ती है और गैस की घटती है
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. द्रव की श्यानता घटती है और गैस की बढ़ती है

व्याख्या

सही उत्तर C है। द्रव में श्यानता मुख्यतः अणुओं के बीच संसक्ति से आती है; गर्म करने पर वह संसक्ति दुर्बल पड़ जाती है, इसलिए परतें एक-दूसरे पर सरलता से सरकती हैं और श्यानता घट जाती है, इसीलिए इंजन गर्म होने पर उसका तेल पतला हो जाता है और गर्म करने पर शहद स्वतंत्र रूप से बहता है। गैस में श्यानता परतों के बीच आते-जाते अणुओं द्वारा संवेग के स्थानांतरण से आती है; गर्म करने पर वे अणु अधिक तेज चलते हैं, इसलिए अधिक संवेग पार जाता है और श्यानता बढ़ जाती है। विकल्प A और विकल्प B गलत हैं क्योंकि वे दोनों अवस्थाओं को समान मान लेते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि वह दोनों परिणाम उलट देता है। यह विरोध इस अध्याय का सर्वाधिक पूछा जाने वाला एकल तथ्य है और इसे जोड़ी बनाकर याद करना चाहिए।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CPO · 24 November 2020, Shift 2आसान

नाभिकीय अभिक्रियाओं में उत्पन्न होने वाले तथा रेडियोऐक्टिव नाभिकों से निकलने वाले उस उच्च आवृत्ति विकिरण का नाम बताइए, जिसका उपयोग चिकित्सा में कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए किया जाता है।

  1. A.गामा किरणें
  2. B.पराबैंगनी तरंगें
  3. C.प्रकाश तरंगें
  4. D.एक्स-किरणें
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. गामा किरणें

व्याख्या

सही उत्तर है A, गामा किरणें। गामा किरणें सबसे अधिक आवृत्ति और सबसे कम तरंगदैर्ध्य वाली विद्युत चुंबकीय तरंगें हैं, जो रेडियोऐक्टिव परमाणु के नाभिक से तथा नाभिकीय अभिक्रियाओं में निकलती हैं, और इनकी ऊर्जा विकिरण चिकित्सा में कैंसर कोशिकाओं को नष्ट कर देती है। गामा नाइफ तथा भारतीय अस्पतालों की टेलीथेरेपी मशीनों में कोबाल्ट-60 स्रोत के रूप में काम आता है; गामा किरणों से शल्य उपकरण रोगाणुरहित किए जाते हैं और प्याज तथा आलू का परिरक्षण किया जाता है। इन पर न आवेश होता है न द्रव्यमान, इसलिए चुंबकीय क्षेत्र इन्हें मोड़ नहीं पाता और इन्हें रोकने के लिए मोटा सीसा या कंक्रीट चाहिए। B गलत है क्योंकि पराबैंगनी तरंगें सूर्य तथा लैंप से आती हैं और बहुत कमजोर होती हैं। C गलत है क्योंकि दृश्य प्रकाश वह संकीर्ण पट्टी है जो आंखें देख पाती हैं। D गलत है क्योंकि एक्स-किरणें नाभिक से नहीं, धातु लक्ष्य से टकराते इलेक्ट्रॉनों से बनती हैं। परीक्षा टिप: बढ़ती आवृत्ति का क्रम - रेडियो, सूक्ष्मतरंग, अवरक्त, दृश्य, पराबैंगनी, एक्स, गामा।

Q15.सामान्य विज्ञानआसान

रेटिना की कौन सी कोशिकाएं रंग दृष्टि के लिए उत्तरदायी होती हैं?

  1. A.शलाका कोशिकाएं
  2. B.शंकु कोशिकाएं
  3. C.गॉब्लेट कोशिकाएं
  4. D.मास्ट कोशिकाएं
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. शंकु कोशिकाएं

व्याख्या

सही उत्तर B, शंकु कोशिकाएं है। रेटिना पर दो प्रकार की प्रकाशग्राही कोशिकाएं होती हैं। शंकु कोशिकाओं को कार्य करने के लिए पर्याप्त तेज प्रकाश चाहिए और वे भिन्न तरंगदैर्घ्य के प्रति चयनात्मक रूप से अनुक्रिया करती हैं, इसलिए वे हमें रंग का बोध कराती हैं; शंकु कोशिकाएं दोषपूर्ण होने पर व्यक्ति वर्णांध होता है। विकल्प A गलत है क्योंकि शलाका कोशिकाएं अत्यंत मंद प्रकाश के प्रति संवेदी होती हैं पर तरंगदैर्घ्य में भेद नहीं कर सकतीं, इसीलिए शाम के समय जब केवल शलाकाएं कार्य करती हैं तो रंग फीके पड़ जाते हैं और संसार धूसर लगता है। विकल्प C गलत है क्योंकि गॉब्लेट कोशिकाएं आंत और श्वसन मार्ग की परत की श्लेष्मा स्रावी कोशिकाएं हैं और रेटिना में नहीं पाई जातीं। विकल्प D गलत है क्योंकि मास्ट कोशिकाएं प्रतिरक्षा तंत्र का भाग हैं और एलर्जी में हिस्टामिन छोड़ती हैं।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · BPSC AE Paper 3 (General Studies) 2019 Oआसान

एलपीजी (द्रवित पेट्रोलियम गैस) किसका मिश्रण है?

  1. A.मेथेन और प्रोपेन
  2. B.ईथेन और प्रोपेन
  3. C.ब्यूटेन और प्रोपेन
  4. D.प्रोपेन और हेक्सेन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. ब्यूटेन और प्रोपेन

व्याख्या

सही उत्तर है C, ब्यूटेन और प्रोपेन। घरेलू सिलेंडर में मिलने वाली एलपीजी मुख्य रूप से ब्यूटेन और प्रोपेन का मिश्रण है, ये दोनों गैसें मध्यम दबाव पर ही द्रव बन जाती हैं। दोनों संतृप्त हाइड्रोकार्बन हैं और कच्चे तेल के परिशोधन या प्राकृतिक गैस के संसाधन से प्राप्त होती हैं। दबाव देने पर द्रव बन जाने के कारण ही एक सिलेंडर में उसकी आयतन की गैस से कई गुना अधिक ईंधन भरा जा सकता है। इन गैसों की अपनी कोई गंध नहीं होती, इसलिए इनमें एथिल मर्केप्टन नामक तीव्र गंध वाला यौगिक मिलाया जाता है जिससे रिसाव तुरंत पकड़ में आ जाए। एलपीजी साफ नीली लौ के साथ जलती है और लगभग कोई अवशेष नहीं छोड़ती, इसी कारण यह लकड़ी या कोयले से बहुत अच्छा घरेलू ईंधन है। A गलत है क्योंकि मेथेन सीएनजी और बायोगैस का मुख्य घटक है, एलपीजी का नहीं। B गलत है क्योंकि ईथेन अधिक से अधिक एक गौण घटक रहता है। D गलत है क्योंकि हेक्सेन कमरे के ताप पर द्रव है और विलायक के रूप में काम आता है। परीक्षा टिप: एलपीजी में ब्यूटेन और प्रोपेन, सीएनजी में मुख्यतः मेथेन।

Q17.सामान्य विज्ञानमध्यम

जल से भरे गिलास में तैरती बर्फ का टुकड़ा पूरी तरह पिघल जाता है। गिलास में जल का तल क्या होगा?

  1. A.बढ़ जाएगा
  2. B.घट जाएगा
  3. C.अपरिवर्तित रहेगा
  4. D.पहले बढ़ेगा, फिर घटेगा
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अपरिवर्तित रहेगा

व्याख्या

सही उत्तर C, अपरिवर्तित रहेगा है। जब तक बर्फ तैरती है, वह प्लवन के नियम के अनुसार उतना जल विस्थापित करती है जिसका भार बर्फ के भार के बराबर है। पिघलने पर वह ठीक उसी भार का जल बन जाती है, और उस भार का जल ठीक उतना ही आयतन घेरता है जितना तैरती बर्फ विस्थापित कर रही थी, इसलिए तल न बढ़ता है न घटता है। विकल्प A गलत है क्योंकि पिघला जल उसी स्थान को भरता है जो बर्फ के डूबे भाग ने घेरा था और उससे अधिक कुछ नहीं जोड़ता। विकल्प B गलत है क्योंकि गिलास से कोई जल बाहर नहीं जाता। विकल्प D गलत है क्योंकि पिघलने की पूरी प्रक्रिया में संतुलन बना रहता है, इसलिए बीच में कोई परिवर्तन नहीं होता। यदि बर्फ में पत्थर या कॉर्क जड़ा हो तो उत्तर बदल जाएगा, और परीक्षक उसी रूप से उन परीक्षार्थियों को पकड़ते हैं जिन्होंने परिणाम बिना तर्क याद किया है।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · 12 Aug 2018, LDC Paper 1आसान

ताप-दृढ़ (थर्मोसेटिंग) बहुलक का उदाहरण कौन है?

  1. A.पॉलिथीन
  2. B.पीवीसी
  3. C.बैकेलाइट
  4. D.नियोप्रीन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. बैकेलाइट

व्याख्या

सही उत्तर है C, बैकेलाइट। बैकेलाइट ताप-दृढ़ बहुलक है, जो फीनॉल और फॉर्मेल्डिहाइड के संघनन से बनता है, और ताप पर एक बार जम जाने के बाद इसकी शृंखलाएँ तिर्यक बंधों से जुड़ जाती हैं, इसलिए इसे पिघलाकर फिर से ढाला नहीं जा सकता। यही कठोरता तथा ताप और विद्युत का कुचालक होना इसका कारण है कि बैकेलाइट का उपयोग स्विच, प्लग, बर्तनों के हैंडल और रेडियो के खोल में होता है; इसे लियो बेकलैंड ने बनाया था और यह पहला पूर्णतः संश्लेषित प्लास्टिक था। मेलामिन तथा यूरिया-फॉर्मेल्डिहाइड रेजिन भी इसी तरह व्यवहार करते हैं। A गलत है क्योंकि पॉलिथीन तापसुघट्य है, जो गरम करने पर मुलायम हो जाता है और उसका पुनर्चक्रण हो सकता है। B गलत है क्योंकि पीवीसी भी तापसुघट्य है, जिससे पाइप, तार के आवरण और बरसाती बनते हैं। D गलत है क्योंकि नियोप्रीन संश्लेषित रबर अर्थात प्रत्यास्थ बहुलक है, जो तेल और पेट्रोल सहने के लिए उपयोगी है। परीक्षा टिप: ताप-दृढ़ यानी बैकेलाइट, मेलामिन और यूरिया-फॉर्मेल्डिहाइड; तापसुघट्य यानी पॉलिथीन, पीवीसी और पॉलिस्टाइरीन।

Q19.सामान्य विज्ञानमध्यम

दूर दृष्टि दोष या हाइपरमेट्रोपिया को ठीक करने के लिए प्रयोग किया जाता है

  1. A.अवतल लेंस
  2. B.उत्तल लेंस
  3. C.बेलनाकार लेंस
  4. D.समतल दर्पण
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. उत्तल लेंस

व्याख्या

सही उत्तर B, उत्तल लेंस है। हाइपरमेट्रोपिया में नेत्र लेंस दुर्बल हो जाता है अथवा नेत्रगोलक छोटा रह जाता है, इसलिए निकट की वस्तु की किरणें पर्याप्त अभिसरित नहीं होतीं और प्रतिबिंब रेटिना के पीछे बनता है। उचित धनात्मक क्षमता का उत्तल या अभिसारी लेंस नेत्र में प्रवेश से पहले किरणों को कुछ पास ले आता है, जिससे नेत्र लेंस प्रतिबिंब ठीक रेटिना पर बना सके और निकट बिंदु लगभग 25 सेंटीमीटर पर लौट आए। विकल्प A गलत है क्योंकि अवतल लेंस प्रकाश को और अपसरित करता है और वह विपरीत दोष मायोपिया का संशोधन है। विकल्प C गलत है क्योंकि बेलनाकार लेंस अबिंदुकता ठीक करता है, जिसमें कॉर्निया पूर्णतः गोलीय नहीं रहता। विकल्प D गलत है क्योंकि समतल दर्पण केवल प्रकाश का परावर्तन करता है, उसे अभिसरित या अपसरित नहीं करता, इसलिए वह नेत्र के भीतर प्रतिबिंब की स्थिति नहीं बदल सकता।

Q20.सामान्य विज्ञानमध्यम

स्वच्छ आकाश का नीला रंग किससे समझाया जाता है?

  1. A.प्रकाश का विक्षेपण
  2. B.पूर्ण आंतरिक परावर्तन
  3. C.प्रकाश का प्रकीर्णन
  4. D.प्रकाश का व्यतिकरण
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. प्रकाश का प्रकीर्णन

व्याख्या

सही उत्तर C, प्रकाश का प्रकीर्णन है। वायुमंडल के अणु दृश्य प्रकाश की तरंगदैर्घ्य से बहुत छोटे होते हैं, और ऐसे कण छोटी तरंगदैर्घ्य को बड़ी तरंगदैर्घ्य से कहीं अधिक प्रकीर्णित करते हैं। सूर्य का नीला प्रकाश बार बार इधर उधर बिखरता है और आकाश की हर दिशा से आंखों तक पहुंचता है, इसी से आकाश नीला दिखता है; यही क्रियाविधि डूबते सूर्य को लाल दिखाती है। विकल्प A गलत है क्योंकि विक्षेपण के लिए ऐसे माध्यम में अपवर्तन आवश्यक है जो रंगों को अलग कर दे, जैसे प्रिज्म अथवा इंद्रधनुष बनाती वर्षा की बूंद। विकल्प B गलत है क्योंकि पूर्ण आंतरिक परावर्तन मरीचिका, प्रकाशिक तंतु और हीरे की चमक समझाता है, आकाश का रंग नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि व्यतिकरण साबुन के बुलबुले और तेल की पतली परत के रंग समझाता है, जो पतली झिल्लियों से उत्पन्न होते हैं, खुले वायुमंडल से नहीं।

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