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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 4

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 4) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 20 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: मात्रक और मापन, कार्बन और उसके यौगिक, प्रकाश: परावर्तन और अपवर्तन और अन्य। इनमें से 19 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानमध्यम

कैंडेला किस भौतिक राशि का एसआई मात्रक है?

  1. A.ज्योति तीव्रता
  2. B.विद्युत धारा
  3. C.पदार्थ की मात्रा
  4. D.दाब
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. ज्योति तीव्रता

व्याख्या

सही उत्तर A, ज्योति तीव्रता है, अर्थात किसी दिशा में प्रकाश स्रोत की चमक। कैंडेला नाम मोमबत्ती से आया है, जो कभी प्रकाश का मोटा मानक मानी जाती थी, और यह एसआई पद्धति के सात मूल मात्रकों में से एक है।

विकल्प B, विद्युत धारा ऐम्पियर में मापी जाती है, जो फ्रांसीसी वैज्ञानिक आंद्रे मैरी ऐम्पियर के नाम पर है। विकल्प C, पदार्थ की मात्रा मोल में मापी जाती है, जो परमाणुओं और अणुओं को गिनने का रसायनज्ञ का मात्रक है। विकल्प D, दाब पास्कल में मापा जाता है, जो एक न्यूटन प्रति वर्ग मीटर के बराबर व्युत्पन्न मात्रक है। कैंडेला के साथ दो और मात्रक याद रखें: ज्योति फ्लक्स के लिए ल्यूमेन तथा प्रदीप्ति के लिए लक्स, अर्थात किसी सतह पर पड़ने वाला प्रकाश।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 28 June 2019, Shift 3आसान

हीरे में प्रत्येक कार्बन परमाणु कितने कार्बन परमाणुओं से जुड़ा होता है?

  1. A.दो
  2. B.पाँच
  3. C.तीन
  4. D.चार
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. चार

व्याख्या

सही उत्तर है D, चार। हीरे में हर कार्बन परमाणु चार दूसरे कार्बन परमाणुओं से मज़बूत सहसंयोजक (covalent) बंधों द्वारा जुड़ा होता है। ये बंध चतुष्फलक (tetrahedron) के कोनों की ओर होते हैं और पूरे क्रिस्टल में एक कठोर त्रिविमीय जाल बना देते हैं। इसी जाल के कारण हीरा सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ है और काटने व ड्रिलिंग के औज़ारों में इस्तेमाल होता है। चारों संयोजी इलेक्ट्रॉन बंध बनाने में लग जाते हैं और कोई मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं बचता, इसलिए हीरा बिजली का चालन नहीं करता। कार्बन के दूसरे रूप ग्रेफाइट में हर परमाणु केवल तीन कार्बन से जुड़कर षट्कोणीय परतें बनाता है; बचा हुआ इलेक्ट्रॉन उसे विद्युत चालक बनाता है। A गलत है क्योंकि दो बंधों से ठोस त्रिविमीय जाल नहीं बनता। B गलत है क्योंकि कार्बन की संयोजकता चार है, वह पाँच बंध नहीं बनाता। C गलत है क्योंकि तीन बंध ग्रेफाइट की पहचान है, हीरे की नहीं। परीक्षा टिप: हीरा = 4 बंध, कठोर, कुचालक; ग्रेफाइट = 3 बंध, नरम, सुचालक।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 19 Sep 2022, Shift 3आसान

आवर्धन का मात्रक क्या है?

  1. A.डायोप्टर
  2. B.न्यूटन
  3. C.cm
  4. D.इसका कोई मात्रक नहीं है
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. इसका कोई मात्रक नहीं है

व्याख्या

सही उत्तर है D, इसका कोई मात्रक नहीं है। आवर्धन दो लंबाइयों का अनुपात है, इसलिए मात्रक कट जाते हैं और यह एक शुद्ध संख्या रह जाता है। दर्पण या लेंस के लिए आवर्धन m प्रतिबिंब की ऊँचाई और वस्तु की ऊँचाई का अनुपात (h′/h) है। लेंस के लिए यह v/u, यानी प्रतिबिंब दूरी और वस्तु दूरी का अनुपात भी है, और दर्पण के लिए −v/u। मान 2 का अर्थ है कि प्रतिबिंब वस्तु से दोगुना बड़ा है; 1 से कम मान का अर्थ है कि वह छोटा है। सामान्य चिह्न परिपाटी में ऋणात्मक m वास्तविक और उल्टा प्रतिबिंब बताता है, और धनात्मक m आभासी और सीधा प्रतिबिंब। A गलत है क्योंकि डायोप्टर लेंस की क्षमता का मात्रक है, P = 1/f, जहाँ f मीटर में होता है। B गलत है क्योंकि न्यूटन बल का SI मात्रक है। C गलत है क्योंकि सेंटीमीटर फोकस दूरी और प्रतिबिंब दूरी जैसी लंबाइयाँ मापता है, उनका अनुपात नहीं। परीक्षा टिप: आवर्धन = कोई मात्रक नहीं; लेंस की क्षमता = डायोप्टर; फोकस दूरी = मीटर या सेंटीमीटर।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 24 Jul 2022मध्यम

निःश्वसन के दौरान फेफड़ों से वायु तब निकलेगी, जब फेफड़ों के भीतर का दबाव

  1. A.वायुमंडलीय दबाव के बराबर हो
  2. B.वायुमंडलीय दबाव से कम हो
  3. C.वायुमंडलीय दबाव से अधिक हो
  4. D.डायाफ्राम का संकुचन हो
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. वायुमंडलीय दबाव से अधिक हो

व्याख्या

सही उत्तर है C, वायुमंडलीय दबाव से अधिक हो। हवा हमेशा अधिक दबाव वाली जगह से कम दबाव वाली जगह की ओर बहती है, इसलिए वह फेफड़ों से तभी बाहर निकलती है, जब भीतर का दबाव बाहर की हवा के दबाव से अधिक हो जाए। निःश्वसन के समय डायाफ्राम शिथिल होकर ऊपर की ओर गुंबद जैसा हो जाता है, और पसलियों की पेशियाँ ढीली पड़ने से पसलियाँ नीचे व अंदर आती हैं। इससे वक्ष गुहा का आयतन घटता है, फेफड़ों में दबाव बढ़ता है और हवा बाहर धकेल दी जाती है। अंतःश्वसन में इसका उल्टा होता है: डायाफ्राम सिकुड़कर चपटा होता है, वक्ष गुहा बड़ी होती है, फेफड़ों का दबाव वायुमंडलीय दबाव से कम हो जाता है और हवा अंदर आती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि दबाव बराबर होने पर हवा नहीं चलती; ऐसा दो साँसों के बीच पल भर के लिए होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि फेफड़ों में कम दबाव होने पर हवा अंदर आती है, जो अंतःश्वसन है। विकल्प D गलत है, क्योंकि डायाफ्राम के संकुचन से अंतःश्वसन होता है, निःश्वसन नहीं। परीक्षा टिप: अंतःश्वसन में डायाफ्राम सिकुड़ता है और दबाव घटता है; निःश्वसन में डायाफ्राम शिथिल होता है और दबाव बढ़ता है।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · CBT-1, 25 Nov 2024, Shift 1आसान

इलेक्ट्रिक प्रेस (इस्त्री), इलेक्ट्रिक टोस्टर, इलेक्ट्रिक ओवन, इलेक्ट्रिक केतली और इलेक्ट्रिक हीटर जैसे उपकरण विद्युत धारा के किस प्रभाव पर आधारित हैं?

  1. A.रासायनिक प्रभाव
  2. B.चुंबकीय प्रभाव
  3. C.शारीरिक (फिजियोलॉजिकल) प्रभाव
  4. D.तापीय (ऊष्मीय) प्रभाव
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. तापीय (ऊष्मीय) प्रभाव

व्याख्या

सही उत्तर है D, तापीय (ऊष्मीय) प्रभाव। इस्त्री, टोस्टर, ओवन, केतली और हीटर में अधिक प्रतिरोध वाली कुंडली से धारा बहने पर विद्युत ऊर्जा ऊष्मा में बदल जाती है। इसे जूल का तापन नियम समझाता है: उत्पन्न ऊष्मा H = I²Rt, यानी ऊष्मा धारा के वर्ग, प्रतिरोध और समय के अनुपात में बढ़ती है। हीटर की कुंडली नाइक्रोम (निकेल और क्रोमियम की मिश्रधातु) से बनती है, क्योंकि इसका प्रतिरोध अधिक होता है और लाल गर्म होने पर भी यह न पिघलती है, न आसानी से ऑक्सीकृत होती है। बिजली का फ्यूज़ और फिलामेंट वाला बल्ब भी इसी प्रभाव पर काम करते हैं। A गलत है क्योंकि धारा का रासायनिक प्रभाव विद्युत लेपन और बैटरी चार्ज करने में काम आता है। B गलत है क्योंकि चुंबकीय प्रभाव से बिजली की घंटी, पंखे, मोटर और विद्युत चुंबक चलते हैं। C गलत है क्योंकि शारीरिक प्रभाव वह झटका या मांसपेशियों की ऐंठन है जो धारा जीवित शरीर में पैदा करती है। परीक्षा टिप: H = I²Rt; हीटर कुंडली = नाइक्रोम, बल्ब फिलामेंट = टंगस्टन, फ्यूज़ तार = कम गलनांक वाली टिन-सीसा मिश्रधातु।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · Paper II Maths & Science, 21 Jan 2024मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा/से पादप रोग जीवाणु से होता/होते है/हैं? (a) गेहूँ का किट्ट (रस्ट) (b) नींबू का कैंकर (c) भिंडी का पीत शिरा मोज़ेक

  1. A.केवल (c)
  2. B.(a) और (b)
  3. C.केवल (b)
  4. D.(b) और (c)
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. केवल (b)

व्याख्या

सही उत्तर है C, केवल (b)। इन तीनों में से केवल नींबू का कैंकर जीवाणु से होता है; गेहूँ का किट्ट कवक से और भिंडी का पीत शिरा मोज़ेक विषाणु से होता है। नींबू के कैंकर में नींबू, संतरा और दूसरे खट्टे फलों वाले पौधों की पत्तियों, टहनियों और फलों पर उभरे हुए, खुरदरे भूरे धब्बे बन जाते हैं, और यह रोग हवा से फैलता है। गेहूँ के किट्ट में पत्तियों और तनों पर जंग जैसे लाल-भूरे चूर्णी धब्बे बनते हैं, इसीलिए इसका यह नाम पड़ा। पीत शिरा मोज़ेक में भिंडी की पत्तियों की शिराएँ पीली पड़ जाती हैं, और कीट इस विषाणु को एक पौधे से दूसरे तक ले जाते हैं। NCERT की कक्षा 8 की विज्ञान की किताब जीवाणु, कवक और विषाणु से होने वाले पादप रोगों के उदाहरण के रूप में ठीक यही तीन रोग देती है। A गलत है क्योंकि पीत शिरा मोज़ेक विषाणु जनित रोग है। B गलत है क्योंकि इसमें गेहूँ का किट्ट जुड़ा है, जो कवक से होता है। D गलत है क्योंकि इसमें विषाणु से होने वाला पीत शिरा मोज़ेक जुड़ा है। परीक्षा टिप: नींबू का कैंकर – जीवाणु; गेहूँ का किट्ट – कवक; भिंडी का पीत शिरा मोज़ेक – विषाणु।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CPO · 11 Nov 2022, Shift 2आसान

रासायनिक तत्व और उसके प्रतीक का निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म गलत है?

  1. A.फॉस्फोरस – P
  2. B.पोटैशियम – Po
  3. C.लोहा – Fe
  4. D.आयोडीन – I
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पोटैशियम – Po

व्याख्या

सही उत्तर है B, पोटैशियम – Po। पोटैशियम का प्रतीक K है, जो उसके लैटिन नाम कैलियम से आया है; Po पोलोनियम का प्रतीक है, वह रेडियोधर्मी तत्व जिसे मैरी क्यूरी ने 1898 में खोजा और पोलैंड के नाम पर रखा। पोटैशियम का परमाणु क्रमांक 19 है, यह समूह 1 की क्षार धातु है और इतना नरम है कि चाकू से कट जाता है। कई आम तत्वों के प्रतीक अंग्रेज़ी नहीं, लैटिन नामों से बने हैं और परीक्षक इन्हें खूब पूछते हैं: सोडियम Na (नैट्रियम), लोहा Fe (फेरम), ताँबा Cu (क्यूप्रम), चाँदी Ag (अर्जेंटम), सोना Au (ऑरम), टिन Sn (स्टैनम), सीसा Pb (प्लंबम), पारा Hg (हाइड्रार्जिरम) और टंगस्टन W (वुल्फ्राम)। A सही युग्म है क्योंकि फॉस्फोरस P है, परमाणु क्रमांक 15। C सही युग्म है क्योंकि लोहा फेरम से Fe है, परमाणु क्रमांक 26। D सही युग्म है क्योंकि आयोडीन I है, परमाणु क्रमांक 53, एक हैलोजन। परीक्षा टिप: K पोटैशियम है और Po पोलोनियम; जब प्रतीक अंग्रेज़ी नाम के पहले दो अक्षर जैसा दिखे, तो जाँचें कि तत्व का लैटिन नाम तो नहीं।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS (II) 2024, 1 Sep 2024आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा हॉर्मोन पौधों में वृद्धि क्रिया को रोकता है?

  1. A.ऑक्सिन
  2. B.साइटोकाइनिन
  3. C.एब्सिसिक अम्ल
  4. D.जिबरेलिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एब्सिसिक अम्ल

व्याख्या

सही उत्तर है C, एब्सिसिक अम्ल। यह पादप हॉर्मोनों में मुख्य वृद्धि रोधक है और वृद्धि बढ़ाने वाले हॉर्मोनों के उलट काम करता है। एब्सिसिक अम्ल (ABA) को तनाव हॉर्मोन कहते हैं, क्योंकि यह सूखे, ठंड और लवणता में पौधे को बचाता है: पानी बचाने के लिए रंध्र बंद कराता है, बीजों और कलियों को सुप्त रखता है ताकि वे खराब मौसम में न फूटें, और पत्तियों व फलों को पुराना होकर गिरने में मदद करता है। इसलिए जब पूछा जाए कि कौन-सा हॉर्मोन वृद्धि धीमी या बंद करता है, तो उत्तर ABA है; बुढ़ापे और फल पकने से जुड़ा दूसरा हॉर्मोन एथिलीन है। A गलत है, ऑक्सिन कोशिकाओं को लंबा करके वृद्धि बढ़ाते हैं और तने को प्रकाश की ओर मोड़ते हैं। B गलत है, साइटोकाइनिन कोशिका विभाजन बढ़ाते हैं और पत्तियों के बुढ़ापे को टालते हैं। D गलत है, जिबरेलिन तने की लंबाई बढ़ाते हैं, बीज की सुप्तावस्था तोड़ते हैं और अंगूर का आकार बढ़ाने के लिए छिड़के जाते हैं। परीक्षा टिप: वृद्धि बढ़ाने वाले ऑक्सिन, जिबरेलिन और साइटोकाइनिन; रोकने वाला एब्सिसिक अम्ल, यानी तनाव हॉर्मोन।

Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 8 Aug 2021आसान

आलू-चिप्स के पैकेटों को निम्नलिखित में से किस गैस से सामान्यतया प्रक्षालित किया जाता है ताकि विकृत-गंध पनप न सके?

  1. A.कार्बन डाइऑक्साइड
  2. B.हाइड्रोजन
  3. C.नाइट्रोजन
  4. D.ऑक्सीजन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. नाइट्रोजन

व्याख्या

सही उत्तर है C, नाइट्रोजन। नाइट्रोजन क्रिया न करने वाली गैस है, इसलिए यह पैकेट से ऑक्सीजन बाहर कर देती है और चिप्स का तेल ऑक्सीकृत नहीं हो पाता। विकृतगंधिता (रैंसिडिटी) भोजन में मौजूद वसा और तेल का ऑक्सीकरण है, जिससे उनकी गंध और स्वाद बिगड़ जाते हैं। चिप्स तेल में तले जाते हैं, इसलिए हवा के संपर्क में आते ही जल्दी खराब होते हैं। पैकेट में नाइट्रोजन भरने से ऑक्सीजन बाहर रहती है और यह गद्दी का काम भी करती है, जिससे ढुलाई में चिप्स टूटते नहीं। विकृतगंधिता रोकने के दूसरे तरीके हैं प्रतिऑक्सीकारक (एंटीऑक्सीडेंट) मिलाना, भोजन को वायुरोधी डिब्बों में रखना और फ्रिज में रखना। विकल्प A गलत है, क्योंकि कार्बन डाइऑक्साइड कोल्ड ड्रिंक और कुछ दूसरे खाद्यों में इस्तेमाल होती है, पर चिप्स के लिए मानक गैस नाइट्रोजन है, जो सस्ती और बहुत कम क्रियाशील है। विकल्प B गलत है, क्योंकि हाइड्रोजन अत्यंत ज्वलनशील है और खाद्य पैकेट में असुरक्षित है। विकल्प D गलत है, क्योंकि ऑक्सीजन ही वह गैस है जो विकृतगंधिता पैदा करती है। परीक्षा टिप: विकृतगंधिता वसा का ऑक्सीकरण है; नाइट्रोजन भरना और प्रतिऑक्सीकारक इसे रोकते हैं।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 24 Jul 2022मध्यम

निम्नलिखित रोगों के समूह में से किसमें जिनेटिक रोग समाविष्ट हैं?

  1. A.सिकल सेल अनीमिया, AIDS, डाउन सिन्ड्रोम
  2. B.AIDS, हेपैटाइटिस B, कैन्सर
  3. C.हीमोफिलिया, हेपैटाइटिस B, कलर ब्लाइंडनेस
  4. D.सिकल सेल अनीमिया, हीमोफिलिया, डाउन सिन्ड्रोम
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सिकल सेल अनीमिया, हीमोफिलिया, डाउन सिन्ड्रोम

व्याख्या

सही उत्तर है D, सिकल सेल अनीमिया, हीमोफिलिया, डाउन सिन्ड्रोम। ये तीनों आनुवंशिक रोग हैं, जो जीन या गुणसूत्रों में बदलाव से होते हैं और जन्म से मिलते हैं, किसी रोगाणु से नहीं। सिकल सेल अनीमिया एक अलिंगसूत्री अप्रभावी रोग है, जिसमें हीमोग्लोबिन के जीन में एक छोटे से बदलाव से लाल रक्त कोशिकाएँ हँसिए जैसी हो जाती हैं। हीमोफिलिया X गुणसूत्र से जुड़ा लिंग-सहलग्न अप्रभावी रोग है, जिसमें खून ठीक से नहीं जमता; यह ज़्यादातर पुरुषों को होता है, और महारानी विक्टोरिया के वंशजों में फैलने के कारण इसे शाही रोग कहा जाता है। डाउन सिन्ड्रोम गुणसूत्र 21 की एक अतिरिक्त प्रति से होने वाला गुणसूत्रीय विकार है, जिसे ट्राइसोमी 21 भी कहते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि AIDS एचआईवी विषाणु से होता है और जीन से विरासत में नहीं मिलता। विकल्प B गलत है, क्योंकि AIDS और हेपैटाइटिस B विषाणु संक्रमण हैं, और अधिकतर कैंसर जीवन के दौरान हुए उत्परिवर्तन से होते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि हेपैटाइटिस B विषाणु संक्रमण है, भले ही हीमोफिलिया और वर्णांधता आनुवंशिक हैं। परीक्षा टिप: आनुवंशिक रोगों में सिकल सेल अनीमिया, हीमोफिलिया, वर्णांधता, थैलेसीमिया और डाउन सिन्ड्रोम आते हैं।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 17 Dec 2024, Shift 2मध्यम

धोने के सोडे (washing soda) का आणविक सूत्र क्या है?

  1. A.NaHCO₃
  2. B.Na₂CO₃·10H₂O
  3. C.Na₂CO₃
  4. D.NaCl
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. Na₂CO₃·10H₂O

व्याख्या

सही उत्तर है B, Na₂CO₃·10H₂O। धोने का सोडा सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट है: सोडियम कार्बोनेट की हर इकाई के साथ क्रिस्टलन जल के दस अणु जुड़े होते हैं। इसे साधारण नमक से कई चरणों में बनाया जाता है: बेकिंग सोडा को गर्म करने पर निर्जल सोडियम कार्बोनेट (सोडा ऐश) मिलता है, जिसे पानी में दोबारा क्रिस्टलित करने पर धोने के सोडे के क्रिस्टल बनते हैं। यह क्षारीय लवण है और सफ़ाई, काँच, साबुन और कागज़ उद्योग तथा पानी की स्थायी कठोरता दूर करने में काम आता है। पेपर सेटर इन मिलते-जुलते यौगिकों को विकल्पों में साथ-साथ रखते हैं, इसलिए इन्हें एक साथ याद करें। A गलत है क्योंकि NaHCO₃ बेकिंग सोडा (सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट) है, जो खाना पकाने और एंटासिड में काम आता है। C गलत है क्योंकि बिना पानी वाला Na₂CO₃ सोडा ऐश है, धोने के सोडे के क्रिस्टल नहीं। D गलत है क्योंकि NaCl साधारण नमक है, जिससे ये सब बनाए जाते हैं। परीक्षा टिप: NaCl → NaHCO₃ (बेकिंग सोडा) → Na₂CO₃ (सोडा ऐश) → Na₂CO₃·10H₂O (धोने का सोडा)।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · Paper I, 7 Jul 2024मध्यम

पर्वतारोहियों की नाक से ऊँचाई पर खून बहने लगता है, क्योंकि:

  1. A.रक्त वाहिकाओं में दाब बाहरी दाब से अधिक हो जाता है।
  2. B.रक्त वाहिकाओं में दाब बाहरी दाब से कम हो जाता है।
  3. C.रक्त वाहिकाओं में दाब बाहरी दाब के बराबर हो जाता है।
  4. D.अधिक ऊँचाई पर रक्त गाढ़ा हो जाता है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. रक्त वाहिकाओं में दाब बाहरी दाब से अधिक हो जाता है।

व्याख्या

सही उत्तर है A, रक्त वाहिकाओं में दाब बाहरी दाब से अधिक हो जाता है। बहुत ऊँचाई पर हवा विरल होती है, इसलिए शरीर पर पड़ने वाला वायुमंडलीय दाब समुद्र तल की तुलना में काफी कम हो जाता है। पर रक्त वाहिकाओं के अंदर खून का दाब लगभग पहले जितना ही रहता है। नाक की रक्त वाहिकाएँ बहुत महीन होती हैं और सतह के पास रहती हैं, इसलिए जब उनके अंदर का दाब बाहर के दाब से अधिक हो जाता है, तो उनमें से कुछ फट जाती हैं और नाक से खून आने लगता है। पहाड़ों की ठंडी और सूखी हवा से नाक की भीतरी परत भी आसानी से फटती है। वायु दाब कम होने से ही पहाड़ों पर पानी 100 °C से कम पर उबलता है और खाना देर से पकता है। B गलत है क्योंकि वाहिकाओं के अंदर का दाब बाहर से कम नहीं, अधिक हो जाता है। C गलत है क्योंकि दाब बराबर होने पर वाहिकाओं को फाड़ने वाला कोई धक्का नहीं बनता। D गलत है क्योंकि ऊँचाई पर खून इतना गाढ़ा नहीं होता कि नाक से खून बहे। परीक्षा टिप: अधिक ऊँचाई – कम वायु दाब – रक्त वाहिकाओं का दाब अपेक्षाकृत अधिक – नाक से खून।

Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · Paper I, 20 Aug 2023आसान

काँसा (ब्रॉन्ज़) किन्हें पिघलाकर बनाई जाने वाली मिश्रधातु है?

  1. A.टिन और ताँबा
  2. B.ताँबा और जस्ता
  3. C.एल्युमिनियम और जस्ता
  4. D.जस्ता और टिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. टिन और ताँबा

व्याख्या

सही उत्तर है A, टिन और ताँबा। काँसा ताँबे और टिन को साथ पिघलाकर बनाया जाता है, जिसमें मुख्य धातु ताँबा होता है। यह शुद्ध ताँबे से कठोर होता है और आसानी से नहीं गलता, इसलिए हज़ारों वर्षों से इससे मूर्तियाँ, घंटियाँ, पदक और बर्तन बनाए जाते रहे हैं। हड़प्पा के लोगों ने काँसे की प्रसिद्ध 'नर्तकी' की मूर्ति ढाली थी, और दक्षिण भारत के चोल शासक नटराज जैसी काँसे की मूर्तियों के लिए जाने जाते हैं। मिश्रधातु किसी धातु का दूसरी धातुओं या किसी अधातु के साथ मिश्रण है, जो कठोरता, मज़बूती और जंग से बचाव जैसे गुण बढ़ाने के लिए बनाया जाता है। B गलत है क्योंकि ताँबा और जस्ता मिलकर पीतल बनाते हैं, काँसा नहीं। C गलत है क्योंकि एल्युमिनियम और जस्ता से काँसा नहीं बनता; ड्यूरेलुमिन जैसी एल्युमिनियम की मिश्रधातुएँ विमानों में काम आती हैं। D गलत है क्योंकि ताँबे के बिना जस्ता और टिन से काँसा नहीं बनता। परीक्षा टिप: काँसा – ताँबा + टिन; पीतल – ताँबा + जस्ता; स्टील – लोहा + कार्बन; स्टेनलेस स्टील में क्रोमियम और निकल भी।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 10 Oct 2021कठिन

प्रेशर कुकर में जिस तापमान पर भोजन पकता है, वह मुख्य रूप से निम्नलिखित में से किस पर निर्भर करता है?

1. ढक्कन के छेद का क्षेत्रफल

2. लौ का तापमान

3. ढक्कन का भार

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. केवल 1 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है C, केवल 1 और 3। पकाने का तापमान कुकर के अंदर के दाब से तय होता है, और यह दाब वेंट पर रखे भार और उसके नीचे के छेद के क्षेत्रफल से तय होता है। दाब बढ़ने पर पानी का क्वथनांक बढ़ता है। खुले बर्तन में पानी 100°C पर उबलता है, लेकिन जब भाप बंद रहती है, तो दाब तब तक बढ़ता है जब तक वह भार, यानी सीटी, को वेंट से उठा न दे। दाब बल को क्षेत्रफल से भाग देने पर मिलता है, इसलिए भारी वजन या छोटा छेद हो तो भाप निकलने से पहले दाब अधिक होता है, और पानी लगभग 120°C पर उबलता है, इसी से खाना जल्दी पकता है। कथन 2 गलत है, क्योंकि तेज लौ केवल पानी को जल्दी उबालती और सीटी जल्दी बजाती है; भाप निकलने के बाद तापमान उस दाब के क्वथनांक पर ही रहता है, और अतिरिक्त ऊष्मा बस अधिक भाप बनाती है। कथन 1 और 3 ऊपर बताए कारण से सही हैं। इसलिए कथन 2 वाले विकल्प A, B और D गलत हैं। परीक्षा टिप: अधिक दाब तो अधिक क्वथनांक; लौ गति बदलती है, तापमान नहीं।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · Paper II Maths & Science, 20 Aug 2023मध्यम

माचिस की डिब्बी की रगड़ने वाली सतह पर निम्नलिखित में से कौन-से पदार्थ होते हैं?

  1. A.काँच का चूर्ण और लाल फॉस्फोरस
  2. B.श्वेत फॉस्फोरस और काँच का चूर्ण
  3. C.लाल फॉस्फोरस और मैग्नीशियम
  4. D.पोटैशियम और श्वेत फॉस्फोरस
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. काँच का चूर्ण और लाल फॉस्फोरस

व्याख्या

सही उत्तर है A, काँच का चूर्ण और लाल फॉस्फोरस। सेफ्टी माचिस की डिब्बी की खुरदरी पट्टी पर काँच का चूर्ण और थोड़ा-सा लाल फॉस्फोरस लगा होता है, जबकि तीली के सिरे पर ऐन्टिमनी ट्राइसल्फाइड और पोटैशियम क्लोरेट होते हैं। तीली रगड़ने पर घर्षण से कुछ लाल फॉस्फोरस श्वेत फॉस्फोरस में बदल जाता है। यह तुरंत तीली के सिरे के पोटैशियम क्लोरेट से क्रिया करके इतनी ऊष्मा बनाता है कि ऐन्टिमनी ट्राइसल्फाइड जलने लगता है। फॉस्फोरस को डिब्बी पर और बाकी रसायनों को तीली पर रखना ही माचिस को सुरक्षित बनाता है। NCERT की कक्षा 8 की विज्ञान की किताब बताती है कि पहले की माचिसों में श्वेत फॉस्फोरस होता था, जो बनाने वाले मज़दूरों और इस्तेमाल करने वालों दोनों के लिए खतरनाक साबित हुआ। B गलत है क्योंकि सेफ्टी माचिस की रगड़ने वाली सतह पर श्वेत फॉस्फोरस नहीं होता। C गलत है क्योंकि मैग्नीशियम इस पट्टी का हिस्सा नहीं है। D गलत है क्योंकि पट्टी पर न पोटैशियम होता है, न श्वेत फॉस्फोरस। परीक्षा टिप: डिब्बी की पट्टी – लाल फॉस्फोरस और काँच का चूर्ण; तीली का सिरा – ऐन्टिमनी ट्राइसल्फाइड और पोटैशियम क्लोरेट।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 18 Feb 2018आसान

मनुष्य की श्रव्यता की सीमा क्या है?

  1. A.20 हर्ट्ज – 20000 हर्ट्ज
  2. B.80 हर्ट्ज – 100 हर्ट्ज
  3. C.2 लाख हर्ट्ज – 4 लाख हर्ट्ज
  4. D.0 हर्ट्ज – 20 हर्ट्ज
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 20 हर्ट्ज – 20000 हर्ट्ज

व्याख्या

सही उत्तर है A, 20 हर्ट्ज – 20000 हर्ट्ज। स्वस्थ मानव कान लगभग 20 हर्ट्ज से 20,000 हर्ट्ज (20 किलोहर्ट्ज) आवृत्ति वाली ध्वनि तरंगें सुन सकता है; इसे श्रव्य परास कहते हैं। 20 हर्ट्ज से कम आवृत्ति की ध्वनि अवश्रव्य (इन्फ्रासोनिक) कहलाती है, जिसका उपयोग हाथी और व्हेल दूर तक संदेश भेजने में करते हैं। 20 किलोहर्ट्ज से अधिक की ध्वनि पराश्रव्य (अल्ट्रासोनिक) कहलाती है; चमगादड़, कुत्ते और डॉल्फ़िन इसे सुन सकते हैं, और अल्ट्रासाउंड का उपयोग मेडिकल जाँच, नाज़ुक पुर्ज़ों की सफ़ाई और सोनार में होता है। पाँच साल से छोटे बच्चे और कुछ जानवर लगभग 25 किलोहर्ट्ज तक सुन लेते हैं, और उम्र बढ़ने के साथ ऊपरी सीमा घटती जाती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि 80 से 100 हर्ट्ज श्रव्य परास का बहुत छोटा हिस्सा भर है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 2 लाख से 4 लाख हर्ट्ज, यानी 200 से 400 किलोहर्ट्ज, पूरी तरह पराश्रव्य क्षेत्र में है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 0 से 20 हर्ट्ज अवश्रव्य क्षेत्र है, जिसे मनुष्य नहीं सुन सकता। परीक्षा टिप: 20 हर्ट्ज से नीचे अवश्रव्य, 20 हर्ट्ज से 20 किलोहर्ट्ज तक श्रव्य, 20 किलोहर्ट्ज से ऊपर पराश्रव्य।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: दिल्ली · DSSSB Asst. Supdt., 14 Jul 2024, S3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन ग्लाइकोप्रोटीन और ग्लाइकोलिपिड के निर्माण का मुख्य स्थल है?

  1. A.लवक
  2. B.लाइसोसोम
  3. C.माइटोकॉन्ड्रिया
  4. D.गॉल्जी उपकरण
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. गॉल्जी उपकरण

व्याख्या

सही उत्तर है D, गॉल्जी उपकरण। गॉल्जी उपकरण वह मुख्य स्थान है जहाँ ग्लाइकोप्रोटीन और ग्लाइकोलिपिड बनते हैं। यह चपटी, तश्तरी जैसी थैलियों (सिस्टर्नी) का ढेर होता है, जिसका पहला वर्णन 1898 में कैमिलो गॉल्जी ने किया था। अंतर्द्रव्यी जालिका पर बने प्रोटीन गॉल्जी तक पहुँचते हैं, जहाँ उनमें शर्करा जोड़ी जाती है, और फिर उन्हें पुटिकाओं में भरकर कोशिका के अंदर या बाहर भेजा जाता है। इसीलिए गॉल्जी को कोशिका का पैकेजिंग और प्रेषण केंद्र कहा जाता है, और यह लाइसोसोम बनाने में भी मदद करता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि लवक, जैसे हरितलवक, पादप कोशिकाओं में प्रकाश संश्लेषण करते हैं या भोजन और वर्णक जमा करते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि लाइसोसोम पाचक एंज़ाइमों की छोटी थैलियाँ हैं और इन्हें कोशिका की आत्मघाती थैली कहते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि माइटोकॉन्ड्रिया ATP के रूप में ऊर्जा बनाते हैं और कोशिका का पावरहाउस कहलाते हैं। परीक्षा टिप: गॉल्जी यानी पैकेजिंग और शर्करा जोड़ना; माइटोकॉन्ड्रिया यानी ATP; लाइसोसोम यानी आत्मघाती थैली।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 9 Oct 2018, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प लाल रक्त कणिकाओं (RBC) के बारे में सही नहीं है?

  1. A.आकार - 7.5 μm
  2. B.कार्य - ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का परिवहन
  3. C.RBC की गिनती हीमोसाइटोमीटर नामक उपकरण से की जा सकती है
  4. D.आकृति - अमीबा जैसी या गोल
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. आकृति - अमीबा जैसी या गोल

व्याख्या

सही उत्तर है D, आकृति - अमीबा जैसी या गोल। लाल रक्त कणिका उभयावतल (biconcave) तश्तरी जैसी होती है, बीच में पतली और किनारों पर मोटी; यह अमीबा जैसी कोशिका नहीं है। इस आकृति से ऑक्सीजन लेने के लिए सतह अधिक मिलती है और कोशिका पतली केशिकाओं में मुड़कर निकल जाती है। मनुष्य की परिपक्व RBC में केंद्रक नहीं होता, इसकी चौड़ाई लगभग 7.5 माइक्रोमीटर, आयु लगभग 120 दिन होती है और यह लाल अस्थि मज्जा में बनती है। इसका लाल रंग हीमोग्लोबिन से आता है, जो फेफड़ों से ऊतकों तक ऑक्सीजन और वापसी में कुछ कार्बन डाइऑक्साइड ढोता है। A विकल्प के रूप में गलत है क्योंकि 7.5 μm वास्तव में RBC का आकार है। B गलत है क्योंकि ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड ढोना RBC का ही काम है। C गलत है क्योंकि हीमोसाइटोमीटर सचमुच वह गिनती कक्ष है जिससे सूक्ष्मदर्शी में रक्त कोशिकाएँ गिनी जाती हैं। परीक्षा टिप: RBC = उभयावतल, बिना केंद्रक, 120 दिन; WBC = अमीबा जैसी, केंद्रक सहित; अमीबा जैसी आकृति श्वेत कणिकाओं की है, लाल की नहीं।

Q19.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · CBT-1, 31 Aug 2018, Shift 1आसान

मस्तिष्क का कौन-सा भाग श्वसन (साँस लेने की क्रिया) को नियंत्रित करता है?

  1. A.अग्रमस्तिष्क
  2. B.अनुमस्तिष्क (सेरिबेलम)
  3. C.मध्यमस्तिष्क
  4. D.मेडुला
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. मेडुला

व्याख्या

सही उत्तर है D, मेडुला। मेडुला ऑब्लॉन्गेटा मस्तिष्क का श्वसन केंद्र है, इसी कारण सोते समय भी हमारी साँस अपने आप चलती रहती है। यह पश्चमस्तिष्क का सबसे निचला भाग है और मस्तिष्क को मेरुरज्जु से जोड़ता है। साँस लेना, दिल की धड़कन, रक्तचाप, निगलना, खाँसना, छींकना और उल्टी जैसी अनैच्छिक क्रियाएँ इसी के नियंत्रण में होती हैं। यह रक्त में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा भाँपकर साँस की गति घटाता-बढ़ाता है, इसलिए खोपड़ी के निचले हिस्से पर लगी चोट जानलेवा हो सकती है। A गलत है क्योंकि अग्रमस्तिष्क (प्रमस्तिष्क या सेरेब्रम) सोचने, याद रखने, बोलने और ऐच्छिक क्रियाओं का काम करता है। B गलत है क्योंकि अनुमस्तिष्क शरीर का संतुलन बनाए रखता है और ऐच्छिक गतियों को सटीक बनाता है। C गलत है क्योंकि मध्यमस्तिष्क मुख्य रूप से देखने और सुनने से जुड़ी प्रतिवर्ती क्रियाएँ सँभालता है। परीक्षा टिप: मेडुला = साँस और धड़कन, अनुमस्तिष्क = संतुलन, प्रमस्तिष्क = सोच और स्मृति, हाइपोथैलेमस = शरीर का तापमान, भूख और प्यास।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 02 Aug 2023, Shift 2मध्यम

विटामिन B3 की कमी से होने वाला वह कौन-सा पोषण संबंधी रोग है, जिसके लक्षण त्वचा, पाचन तंत्र और तंत्रिका तंत्र में दिखाई देते हैं?

  1. A.एनीमिया
  2. B.पेलाग्रा
  3. C.बेरीबेरी
  4. D.स्कर्वी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पेलाग्रा

व्याख्या

सही उत्तर है B, पेलाग्रा। पेलाग्रा विटामिन B3, यानी नियासिन या निकोटिनिक अम्ल, की कमी से होता है और इसे तीन D से याद रखा जाता है: डर्मेटाइटिस, धूप में खुली त्वचा पर खुरदुरे काले चकत्ते, डायरिया यानी पाचन तंत्र से दस्त, और डिमेंशिया यानी तंत्रिका तंत्र से भ्रम; इलाज न हो तो चौथा D, डेथ यानी मृत्यु, आता है। यह वहाँ आम था जहाँ मक्का मुख्य भोजन था, क्योंकि मक्के का नियासिन बँधा होता है और आसानी से पचता नहीं, और मक्के में ट्रिप्टोफैन भी कम होता है, जिस अमीनो अम्ल से शरीर नियासिन बनाता है। नियासिन मांस, मछली, मूँगफली, साबुत अनाज और दालों में मिलता है। विकल्प A गलत है क्योंकि एनीमिया लोहे, विटामिन B12 या फोलिक अम्ल की कमी से होता है, B3 से नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि बेरीबेरी विटामिन B1, थायमिन, की कमी का रोग है, जो नसों और हृदय पर असर डालता है। विकल्प D गलत है क्योंकि स्कर्वी, जिसमें मसूड़ों से खून आता है, विटामिन C, एस्कॉर्बिक अम्ल, की कमी से होता है। परीक्षा टिप: B1 = बेरीबेरी, B2 = काइलोसिस, B3 = पेलाग्रा, B12 = पर्निशियस एनीमिया, C = स्कर्वी, D = रिकेट्स।

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