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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 38

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 38) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 19 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: ऊष्मा और ऊष्मागतिकी, ज्ञानेंद्रियां: आंख, कान, नाक, जीभ और त्वचा, परमाणु संरचना और आवर्त सारणी और अन्य। इनमें से 19 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · BPSC AE Paper 3 (General Studies) 2019 Oमध्यम

वह तापमान जिस पर सेल्सियस और फारेनहाइट पैमाने समान मान दिखाते हैं, वह है

  1. A.0°
  2. B.-25°
  3. C.-37°
  4. D.-40°
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. -40°

व्याख्या

सही उत्तर है D, -40°। केवल -40 पर ही दोनों पैमाने एक जैसा पाठ देते हैं, अर्थात -40 °C और -40 °F बिल्कुल एक ही तापमान हैं। दोनों पैमानों को जोड़ने वाला सूत्र है F = (9/5)C + 32। इसमें F की जगह C रखने पर C = (9/5)C + 32 मिलता है, जिससे -(4/5)C = 32 और C = -40 निकलता है। सेल्सियस पैमाने पर पानी 0° पर जमता है और 100° पर उबलता है, जबकि फारेनहाइट पैमाने पर वही दो बिंदु 32° और 212° हैं, इसलिए 100 सेल्सियस भाग 180 फारेनहाइट भागों के बराबर होते हैं। दोनों पैमाने भिन्न दर से बढ़ते हैं, इसीलिए वे ठीक एक ही बिंदु पर मिल सकते हैं और वह बिंदु हिमांक से काफी नीचे पड़ता है। A गलत है क्योंकि 0 °C बराबर 32 °F होता है। B गलत है क्योंकि -25 °C बराबर -13 °F होता है। C गलत है क्योंकि -37 °C लगभग -34.6 °F के बराबर आता है। परीक्षा टिप: एक ही मिलान बिंदु -40 °C = -40 °F और हिमांक जोड़ी 0 °C = 32 °F याद रखें।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 23 Sep 2018, Shift 1आसान

कान में कंपन मध्य कर्ण की तीन हड्डियों, अर्थात _________ द्वारा प्रवर्धित होते हैं।

  1. A.हथौड़ी, निहाई और रकाब
  2. B.हथौड़ी, कॉक्लिया और रकाब
  3. C.हथौड़ी, निहाई और कर्णपाली
  4. D.श्रवण अस्थि, निहाई और रकाब
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. हथौड़ी, निहाई और रकाब

व्याख्या

सही उत्तर है A, हथौड़ी, निहाई और रकाब। मध्य कर्ण में तीन अत्यंत छोटी हड्डियां होती हैं, जो मानव शरीर की सबसे छोटी अस्थियां हैं और जिन्हें मैलियस, इन्कस तथा स्टेपीज कहते हैं, हिंदी में हथौड़ी, निहाई और रकाब। कर्णपाली द्वारा एकत्र की गई ध्वनि तरंगें कर्ण नलिका से होकर कर्णपटह को कंपित करती हैं। ये तीनों अस्थियां उस कंपन को एक श्रृंखला में आगे बढ़ाती हैं और लगभग बीस गुना प्रवर्धित करके कॉक्लिया की अंडाकार खिड़की तक पहुंचाती हैं, जहां भीतर भरा तरल उसे तंत्रिका संकेतों में बदल देता है। स्टेपीज शरीर की सबसे छोटी हड्डी है, लगभग 3 mm लंबी। विकल्प B गलत है, क्योंकि कॉक्लिया अंतःकर्ण का तरल भरा सर्पिल भाग है, मध्य कर्ण की हड्डी नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि कर्णपाली कान का बाहरी भाग है। विकल्प D गलत है, क्योंकि श्रवण अस्थि नाम की कोई अलग हड्डी नहीं होती। परीक्षा टिप: मैलियस, इन्कस और स्टेपीज ही हथौड़ी, निहाई तथा रकाब हैं, और स्टेपीज मानव शरीर की सबसे छोटी अस्थि है।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 31 Oct 2018, Shift 2मध्यम

d-ब्लॉक के तत्व कहाँ पाए जाते हैं?

  1. A.केवल 18वें समूह में
  2. B.केवल समूह 8 के तत्व
  3. C.9वें समूह के तत्व
  4. D.दूसरे और 13वें समूह के बीच (समूह 3 से 12)
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. दूसरे और 13वें समूह के बीच (समूह 3 से 12)

व्याख्या

सही उत्तर है D, दूसरे और 13वें समूह के बीच, अर्थात समूह 3 से 12। d-ब्लॉक आवर्त सारणी के बीच में स्थित है और बाईं ओर के s-ब्लॉक तथा दाईं ओर के p-ब्लॉक को जोड़ता है। इसके तत्वों को संक्रमण तत्व कहा जाता है, क्योंकि परमाणु में प्रवेश करने वाला अंतिम इलेक्ट्रॉन उपांत्य कोश के d-कक्षक में जाता है। इस ब्लॉक में दस ऊर्ध्वाधर स्तंभ हैं, इसलिए चौथे आवर्त से आगे हर दीर्घ आवर्त में ऐसे दस तत्व होते हैं, जिनकी शुरुआत स्कैंडियम से होती है। परिवर्तनशील संयोजकता, रंगीन यौगिक, संकुल बनाने की क्षमता और अच्छा उत्प्रेरक गुण - इन्हीं गुणों पर प्रश्न पूछे जाते हैं। A गलत है क्योंकि समूह 18 उत्कृष्ट गैसों का है, जो p-ब्लॉक में आती हैं। B गलत है क्योंकि समूह 8 इस ब्लॉक का केवल एक स्तंभ है, जिसमें लोहा, रूथेनियम और ऑस्मियम हैं। C भी इसी कारण गलत है, क्योंकि कोबाल्ट, रोडियम और इरिडियम वाला समूह 9 एक ही स्तंभ है, पूरा ब्लॉक नहीं। परीक्षा टिप: s-ब्लॉक समूह 1-2, d-ब्लॉक समूह 3-12, p-ब्लॉक समूह 13-18।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 23 Sep 2018, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा पुष्प एकलिंगी है?

  1. A.पपीता
  2. B.सूरजमुखी
  3. C.गुड़हल
  4. D.सरसों
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. पपीता

व्याख्या

सही उत्तर है A, पपीता। एकलिंगी पुष्प में केवल एक ही प्रकार के जननांग होते हैं, या तो पुंकेसर या स्त्रीकेसर, जबकि द्विलिंगी पुष्प में दोनों होते हैं। पपीता द्विप्रजायी पौधा है: नर और मादा पुष्प अलग-अलग पौधों पर लगते हैं, इसलिए फल बनने के लिए पराग को नर पेड़ से मादा पेड़ तक पहुंचना पड़ता है। यही कारण है कि पपीते के बाग में कुछ नर पेड़ जानबूझकर रखे जाते हैं। मक्का, खीरा, तरबूज और नारियल भी एकलिंगी पुष्पों के उदाहरण हैं, जिनमें दोनों प्रकार के पुष्प एक ही पौधे पर होते हैं और ऐसे पौधे को उभयलिंगाश्रयी कहते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि सूरजमुखी के पुष्पक्रम के चक्रिका पुष्पक द्विलिंगी होते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि गुड़हल का पुष्प सामान्य द्विलिंगी पुष्प है, जिसमें पुंकेसर और स्त्रीकेसर दोनों रहते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि सरसों के पुष्प भी द्विलिंगी होते हैं। परीक्षा टिप: एकलिंगी में पपीता, मक्का, खीरा और तरबूज आते हैं; गुड़हल, सरसों, गुलाब तथा मटर द्विलिंगी हैं।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 02 Feb 2026, Shift 3आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा आयनिक यौगिकों का गुण नहीं है?

  1. A.इनके गलनांक और क्वथनांक सामान्यतः उच्च होते हैं।
  2. B.ये सामान्यतः कमरे के ताप पर ठोस होते हैं।
  3. C.ये जलीय या पिघली अवस्था में विद्युत का चालन कर सकते हैं।
  4. D.ये केरोसिन और पेट्रोल जैसे विलायकों में घुलनशील होते हैं।
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. ये केरोसिन और पेट्रोल जैसे विलायकों में घुलनशील होते हैं।

व्याख्या

सही उत्तर है D। आयनिक यौगिक जल में अच्छी तरह घुलते हैं, परंतु केरोसिन, पेट्रोल या अन्य अध्रुवीय कार्बनिक विलायकों में नहीं, इसलिए यह कथन उनका गुण नहीं है। कारण यह है कि आयनिक यौगिक धनावेशित और ऋणावेशित आयनों से बने होते हैं, जो प्रबल स्थिरवैद्युत बल से बँधे रहते हैं, और केवल जल जैसा ध्रुवीय विलायक इन आयनों को घेरकर अलग कर सकता है। केरोसिन तथा पेट्रोल अध्रुवीय हैं और ऐसा नहीं कर सकते। A सही गुण है, क्योंकि आयनों के बीच के प्रबल बल को तोड़ने के लिए बहुत ऊष्मा चाहिए, जिससे सोडियम क्लोराइड का गलनांक लगभग 801 डिग्री सेल्सियस होता है। B सही है, क्योंकि आयनों की दृढ़ जालक संरचना इन यौगिकों को कठोर और भंगुर ठोस बनाती है। C सही है, क्योंकि ठोस के पिघलने या जल में घुलने पर आयन स्वतंत्र हो जाते हैं और धारा का चालन करते हैं। परीक्षा टिप: आयनिक यौगिक जल में घुलनशील होते हैं और केवल पिघली या विलयन अवस्था में चालन करते हैं।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · Dec 2018 Paper 2आसान

जूतों के तलवों पर खाँचे (ट्रेड) क्यों बनाए जाते हैं?

  1. A.जूतों को अधिक सुरक्षा देने के लिए
  2. B.घर्षण घटाने के लिए
  3. C.घर्षण बढ़ाने के लिए
  4. D.जूतों की आयु बढ़ाने के लिए
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. घर्षण बढ़ाने के लिए

व्याख्या

सही उत्तर है C, घर्षण बढ़ाने के लिए। तलवे पर बने खाँचे जमीन को पकड़ते हैं, जिससे चलते या दौड़ते समय पैर फिसलता नहीं है। घर्षण वह बल है जो संपर्क में आई दो सतहों के बीच लगता है और उनकी गति का विरोध करता है। सतह जितनी खुरदरी होती है, घर्षण उतना ही बढ़ता है; इसी कारण जूते का तलवा, टायर की सतह और साइकिल के हैंडल की पकड़ जान-बूझकर खुरदरी बनाई जाती है। गीले फर्श पर चिकने तलवे का घर्षण बहुत कम होता है, इसीलिए वहाँ लोग फिसल जाते हैं। यही रगड़ धीरे-धीरे खाँचों को घिसा देती है, इसलिए पुराना जूता या टायर पकड़ खो देता है और बदलना पड़ता है। A गलत है क्योंकि तलवा अपनी मोटाई और सामग्री से पैर की रक्षा करता है, अपने खाँचों से नहीं। B गलत है क्योंकि घर्षण कम होने पर चलना खतरनाक हो जाएगा; घर्षण घटाने के लिए तेल और बॉल बेयरिंग काम आते हैं। D गलत है क्योंकि खाँचे जूते की आयु नहीं बढ़ाते। परीक्षा टिप: खुरदरी सतह – अधिक घर्षण; खाँचे, ग्रूव और स्टड सभी पकड़ बनाने के लिए होते हैं।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 6 Sep 2020मध्यम

कॉपर सल्फेट, सोडियम कार्बोनेट और जिप्सम में क्रिस्टलन जल के अणुओं की संख्या क्रमशः कितनी होती है?

  1. A.क्रमशः 5, 10 और 2
  2. B.क्रमशः 10, 2 और 5
  3. C.क्रमशः 5, 2 और 10
  4. D.क्रमशः 2, 5 और 10
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. क्रमशः 5, 10 और 2

व्याख्या

सही उत्तर है A, क्रमशः 5, 10 और 2। कॉपर सल्फेट में जल के पाँच अणु, सोडियम कार्बोनेट में दस और जिप्सम में दो होते हैं, इसलिए पूछा गया क्रम 5, 10 और 2 है। क्रिस्टलन जल किसी लवण के एक सूत्र मात्रक के साथ जुड़े जल अणुओं की निश्चित संख्या है और इसे सूत्र में एक बिंदु के बाद लिखा जाता है। कॉपर सल्फेट CuSO4.5H2O है, यही नीला थोथा है जो गर्म करने पर सफ़ेद हो जाता है और जल डालने पर फिर नीला हो जाता है। सोडियम कार्बोनेट Na2CO3.10H2O है, जिसे रोज़ के काम में धोने का सोडा कहा जाता है, और जिप्सम CaSO4.2H2O है, जिसे आंशिक रूप से गर्म करने पर प्लास्टर ऑफ़ पेरिस बनता है। B गलत है क्योंकि इसमें कॉपर सल्फेट और सोडियम कार्बोनेट के अंक आपस में बदल गए हैं। C गलत है क्योंकि यह सोडियम कार्बोनेट को दो और जिप्सम को दस देता है। D गलत है क्योंकि इसमें कॉपर सल्फेट के पास केवल दो जल अणु बचते हैं। परीक्षा टिप: तीनों एक साथ याद रखें, नीला थोथा 5, धोने का सोडा 10 और जिप्सम 2।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · 26 Sept 2021मध्यम

बकरी का वैज्ञानिक नाम क्या है?

  1. A.कैप्रा एगेग्रस हिरकस (Capra Aegagrus Hircus)
  2. B.बॉस इंडिकस (Bos Indicus)
  3. C.सस स्क्रोफा (Sus Scrofa)
  4. D.ओविस एरीज़ (Ovis Aries)
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. कैप्रा एगेग्रस हिरकस (Capra Aegagrus Hircus)

व्याख्या

सही उत्तर है A, कैप्रा एगेग्रस हिरकस। पालतू बकरी को जंगली बकरी की उपजाति माना जाता है, इसलिए उसके नाम में तीन भाग आते हैं — वंश Capra, जाति aegagrus और उपजाति hircus। संक्षेप में इसे Capra hircus भी लिखा जाता है। द्विनाम पद्धति कार्ल लीनियस ने दी थी, जिसमें वंश का नाम बड़े अक्षर से शुरू होता है, जाति का नाम छोटे अक्षर से, और पूरा नाम इटैलिक में छापा या हाथ से लिखते समय रेखांकित किया जाता है। बकरी उन पहले पशुओं में है जिन्हें मनुष्य ने पालतू बनाया — पश्चिमी एशिया में लगभग दस हज़ार वर्ष पहले, और आज भारत में दुनिया की सबसे बड़ी बकरी आबादी में से एक है। विकल्प B गलत है, क्योंकि Bos indicus कूबड़ वाला भारतीय गोवंश यानी ज़ेबू है। विकल्प C गलत है, क्योंकि Sus scrofa जंगली सूअर है, जो पालतू सूअर का पूर्वज है। विकल्प D गलत है, क्योंकि Ovis aries पालतू भेड़ है, जिसे ऐसे प्रश्नों में बकरी के साथ सबसे अधिक भ्रमित किया जाता है। परीक्षा टिप: बकरी Capra hircus, भेड़ Ovis aries, गाय Bos indicus, भैंस Bubalus bubalis।

Q9.सामान्य विज्ञानआसान

एथेनोइक अम्ल में कौन-सा क्रियात्मक समूह उपस्थित होता है?

  1. A.हाइड्रॉक्सिल, -OH
  2. B.ऐल्डिहाइड, -CHO
  3. C.कार्बोक्सिल, -COOH
  4. D.कीटोन, -CO-
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. कार्बोक्सिल, -COOH

व्याख्या

सही उत्तर C, कार्बोक्सिल समूह है। एथेनोइक अम्ल, जिसे एसिटिक अम्ल कहा जाता है और तनु रूप में सिरका के नाम से जाना जाता है, का सूत्र CH3COOH है, और अंत में लगा -COOH समूह ही उसे अम्लीय बनाता है, क्योंकि वह जल में हाइड्रोजन आयन देता है और नीले लिटमस को लाल कर देता है। विकल्प A गलत है क्योंकि हाइड्रॉक्सिल समूह ऐल्कोहॉल की पहचान है, जैसे एथेनॉल यानी C2H5OH, जो लिटमस के प्रति उदासीन रहता है। विकल्प B गलत है क्योंकि ऐल्डिहाइड समूह -CHO पर समाप्त होता है, जैसे एथेनल में, और ऐल्डिहाइड आसानी से ऑक्सीकृत होकर संगत अम्ल बनता है पर स्वयं अम्लीय नहीं होता। विकल्प D गलत है क्योंकि कीटोन समूह दो कार्बन परमाणुओं के बीच रहता है, जैसे प्रोपेनोन में, और वह भी अम्लीय नहीं है।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · 29 Feb 2020, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन पौधों को प्रभावित करने वाला जीवाणु जनित रोग है?

  1. A.क्राउन गॉल
  2. B.मोज़ेक
  3. C.कंडुआ (स्मट)
  4. D.ब्लिस्टर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. क्राउन गॉल

व्याख्या

सही उत्तर है A, क्राउन गॉल। क्राउन गॉल रोग एग्रोबैक्टीरियम ट्यूमिफेशिएंस नामक जीवाणु से होता है, जो तने के आधार यानी क्राउन के पास किसी घाव से भीतर पहुँचता है और वहाँ गाँठ जैसी खुरदरी सूजन बना देता है। यह जीवाणु अपने Ti प्लाज्मिड का एक टुकड़ा पौधे की कोशिकाओं में डालकर उन्हें लगातार विभाजित होने पर मजबूर करता है, और इसी प्राकृतिक गुण के कारण प्रयोगशालाओं में इसे पौधों में नए जीन पहुँचाने वाले वाहक के रूप में उपयोग किया जाता है। अंगूर, सेब, गुलाब, अखरोट और गुठलीदार फलों में यह रोग सबसे अधिक होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मोज़ेक रोग, जैसे तंबाकू मोज़ेक, विषाणु से होते हैं और पत्तियों पर हल्के-गहरे धब्बे बनाते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि गेहूँ, बाजरा और गन्ने का कंडुआ कवक जनित रोग है, जो बालियों को काले चूर्ण जैसे बीजाणुओं से भर देता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सरसों जैसी फसलों का सफेद ब्लिस्टर या सफेद रस्ट भी कवक जनित है और पत्तियों व तनों पर सफेद फफोले बनाता है। परीक्षा टिप: जीवाणु — क्राउन गॉल, सिट्रस कैंकर, धान का जीवाणु झुलसा; विषाणु — मोज़ेक; कवक — कंडुआ, रस्ट।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 16 Feb 2015आसान

आयोडीन परीक्षण किसकी उपस्थिति जांचने के लिए प्रयोग किया जाता है?

  1. A.कोलेस्ट्रॉल
  2. B.वसा
  3. C.प्रोटीन
  4. D.कार्बोहाइड्रेट
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. कार्बोहाइड्रेट

व्याख्या

सही उत्तर D, कार्बोहाइड्रेट है। आयोडीन का तनु विलयन स्टार्च के साथ गहरा नीला काला रंग देता है, और स्टार्च बहुशर्करा अर्थात कार्बोहाइड्रेट है। यह रंग इसलिए आता है कि आयोडीन के अणु स्टार्च की कुंडलित एमाइलोज शृंखलाओं में समा जाते हैं, और यह परीक्षण विद्यालय की प्रयोगशाला तथा खाद्य जांच में चावल, आलू और रोटी पर किया जाता है।

विकल्प A गलत है क्योंकि कोलेस्ट्रॉल की जांच लीबरमान बुर्चार्ड या साल्कोवस्की अभिक्रिया से होती है, आयोडीन से नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि वसा की पहचान कागज पर पारभासी धब्बे की जांच या सूडान तीन अभिरंजन से होती है। विकल्प C गलत है क्योंकि प्रोटीन की जांच ब्यूरेट परीक्षण से होती है, जो बैंगनी रंग देता है, या निनहाइड्रिन परीक्षण से। यह भी याद रखें कि गर्म करने पर यह नीला काला रंग गायब हो जाता है और ठंडा होने पर लौट आता है।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 21 April 2024मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा भाग नाभिकीय रिएक्टर का नहीं होता?

  1. A.टरबाइन
  2. B.ऊष्मा विनिमयक
  3. C.CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था
  4. D.अभिक्रिया कक्ष
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था

व्याख्या

सही उत्तर है C, CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था। नाभिकीय रिएक्टर भारी परमाणुओं का विखंडन करता है; इसमें कोई ईंधन जलता नहीं, इसलिए कार्बन डाइऑक्साइड निकलती ही नहीं और उसे घटाने की कोई व्यवस्था लगाने की जरूरत भी नहीं पड़ती। विखंडन से मिली ऊष्मा रिएक्टर के क्रोड में बनती है, शीतलक उसे बाहर लाता है, ऊष्मा विनिमयक या भाप जनित्र में वह पानी को दी जाती है और बनी भाप जनित्र से जुड़ी टरबाइन घुमाती है। कैडमियम या बोरॉन की नियंत्रक छड़ें अतिरिक्त न्यूट्रॉन सोख लेती हैं और भारी जल जैसा मंदक उन्हें धीमा करता है, जिससे विखंडन एक समान चलता रहे। विकल्प A सही भाग है, क्योंकि टरबाइन ही भाप की ऊर्जा को बिजली में बदलती है। विकल्प B सही भाग है, क्योंकि ऊष्मा विनिमयक रेडियोधर्मी शीतलक की ऊष्मा साफ पानी वाले चक्र तक पहुँचाता है। विकल्प D सही भाग है, क्योंकि अभिक्रिया कक्ष यानी ईंधन छड़ों वाला क्रोड ही वह जगह है जहाँ विखंडन होता है। परीक्षा टिप: नाभिकीय संयंत्र कार्बन डाइऑक्साइड नहीं छोड़ता, उसकी समस्या खर्चा हुआ रेडियोधर्मी ईंधन है।

Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · 7 Feb 2021मध्यम

किन कोशिकांगों का अपना डीएनए और अपने राइबोसोम होते हैं?

  1. A.गॉल्जीकाय और अंतर्द्रव्यी जालिका
  2. B.माइटोकॉन्ड्रिया और लवक
  3. C.लाइसोसोम और गॉल्जीकाय
  4. D.रिक्तिका और लवक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. माइटोकॉन्ड्रिया और लवक

व्याख्या

सही उत्तर B, माइटोकॉन्ड्रिया और लवक है। दोनों में अपना छोटा वृत्ताकार डीएनए और अपने 70S राइबोसोम होते हैं, इसलिए वे अपने कुछ प्रोटीन स्वयं बनाते हैं और कोशिका से स्वतंत्र रूप से विभाजित होते हैं; इसी अर्ध स्वायत्त स्वभाव के कारण माना जाता है कि ये कभी स्वतंत्र जीवाणु थे। विकल्प A गलत है क्योंकि गॉल्जीकाय और अंतर्द्रव्यी जालिका झिल्लीदार तंत्र हैं जो पदार्थों का रूपांतरण और परिवहन करते हैं और उनमें अपना आनुवंशिक पदार्थ नहीं होता; खुरदरी जालिका पर केवल राइबोसोम चिपके रहते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि लाइसोसोम पाचक एंजाइमों की थैली मात्र है। विकल्प D गलत है क्योंकि रिक्तिका टोनोप्लास्ट से घिरी भंडारण थैली है और उसमें डीएनए नहीं होता, यद्यपि इसी विकल्प का दूसरा भाग, लवक, सही है। इस जोड़ी को कोशिका के दो अर्ध स्वायत्त ऊर्जा कोशिकांगों के रूप में याद रखें, क्योंकि प्रश्न प्रायः इसी रूप में पूछा जाता है।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · 14 March 2020, Shift 1आसान

क्लास A अग्निशामक की भूमिका क्या है?

  1. A.लकड़ी और कागज़ जैसे साधारण दहनशील पदार्थों की आग पर प्रयोग
  2. B.ज्वलनशील द्रवों की आग पर प्रयोग
  3. C.विद्युत प्रवाहित आग पर प्रयोग
  4. D.अदहनशील धातुओं पर प्रयोग
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. लकड़ी और कागज़ जैसे साधारण दहनशील पदार्थों की आग पर प्रयोग

व्याख्या

सही उत्तर है A, लकड़ी और कागज़ जैसे साधारण दहनशील पदार्थों की आग पर प्रयोग। आग को इस आधार पर वर्गों में बाँटा जाता है कि जल क्या रहा है, और क्लास A में साधारण ठोस ईंधन आते हैं — लकड़ी, कागज़, कपड़ा, पुआल, रबर और कई प्लास्टिक। ऐसी आग में दहकते अंगारे बचे रहते हैं, इसलिए उसे मुख्य रूप से ठंडा करके बुझाया जाता है और साधारण पानी या जल आधारित अग्निशामक इसके लिए सबसे सस्ता तथा सबसे प्रभावी उपाय है। विकल्प B गलत है, क्योंकि पेट्रोल, केरोसिन, तेल, पेंट और विलायक जैसे जलते द्रव क्लास B में आते हैं, जहाँ पानी आग फैला देगा और फोम या सूखा चूर्ण प्रयोग किया जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि विद्युत प्रवाहित उपकरणों की आग अलग वर्ग है — अमेरिकी पद्धति में क्लास C और भारतीय तथा यूरोपीय पद्धति में क्लास E — और उसमें कार्बन डाइऑक्साइड जैसा अचालक पदार्थ चाहिए, पानी कभी नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि मैग्नीशियम, सोडियम और पोटैशियम जैसी जलती धातुएँ क्लास D बनाती हैं और उनके लिए विशेष सूखा चूर्ण चाहिए, क्योंकि पानी उनसे तीव्र क्रिया करता है। परीक्षा टिप: A — ठोस, B — द्रव, C — गैस, D — धातु, F या K — खाना पकाने का तेल।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 14 Oct 2020, Shift 3आसान

चूँकि डॉक्टरी थर्मामीटर केवल मानव शरीर का तापमान मापने के लिए बना होता है, इसलिए यह 35°C से ______ तक का परिसर दर्शाता है।

  1. A.42°C
  2. B.44°C
  3. C.48°C
  4. D.46°C
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 42°C

व्याख्या

सही उत्तर है A, 42 डिग्री सेल्सियस। डॉक्टरी थर्मामीटर पर 35 से 42 डिग्री सेल्सियस तक का अंकन होता है, जो फ़ारेनहाइट पैमाने पर 94 से 108 डिग्री बैठता है। यह परिसर छोटा रखा जाता है क्योंकि मानव शरीर का तापमान सामान्य मान लगभग 37 डिग्री सेल्सियस यानी 98.6 डिग्री फ़ारेनहाइट से बहुत दूर नहीं जाता, और छोटा परिसर होने से अंक इतनी दूर-दूर बन पाते हैं कि दसवें हिस्से का अंतर भी पढ़ा जा सके। पारे वाले थर्मामीटर में बल्ब के ठीक ऊपर एक सँकरा मोड़ होता है, जो पारे को लौटने से रोकता है, इसलिए थर्मामीटर निकालने के बाद भी पाठ्यांक पढ़ा जा सकता है। B, C और D गलत हैं क्योंकि 44, 46 और 48 डिग्री सेल्सियस जीवित शरीर की पहुँच से बहुत बाहर हैं, इसलिए ऐसे अंकन बेकार होते; इतने ऊँचे तापमान के लिए लगभग शून्य से 10 डिग्री नीचे से 110 डिग्री सेल्सियस तक का प्रयोगशाला थर्मामीटर काम आता है। परीक्षा टिप: डॉक्टरी थर्मामीटर 35 से 42 डिग्री सेल्सियस, शरीर का सामान्य तापमान 37 डिग्री सेल्सियस।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · RSMSSB Lab Assistant 2016 Official Paperमध्यम

मान लीजिए किसी नेत्रिका की फोकस दूरी 2.5 सेमी है। 100 आवर्धन वाली दूरदर्शी के लिए अभिदृश्यक लेंस की फोकस दूरी कितनी होनी चाहिए?

  1. A.250 सेमी
  2. B.40 सेमी
  3. C.2.5 × 10⁻² सेमी
  4. D.100 सेमी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 250 सेमी

व्याख्या

सही उत्तर है A, 250 सेमी। सामान्य समायोजन में रखी खगोलीय दूरदर्शी का आवर्धन अभिदृश्यक लेंस की फोकस दूरी को नेत्रिका की फोकस दूरी से भाग देने पर मिलता है। यहाँ आवर्धन 100 है और नेत्रिका की फोकस दूरी 2.5 सेमी है, इसलिए अभिदृश्यक की फोकस दूरी 100 गुणा 2.5 यानी 250 सेमी होनी चाहिए। इसी कारण खगोलीय दूरदर्शी लंबी नली वाली होती हैं, क्योंकि बड़ी फोकस दूरी वाला अभिदृश्यक और छोटी फोकस दूरी वाली नेत्रिका मिलकर ऊँचा आवर्धन देते हैं, और सामान्य समायोजन में नली की लंबाई लगभग दोनों फोकस दूरियों के योग के बराबर होती है। B गलत है क्योंकि 40 सेमी का अभिदृश्यक केवल 16 का आवर्धन देगा। C गलत है क्योंकि नेत्रिका से भी छोटी फोकस दूरी प्रतिबिंब को बड़ा करने के बजाय छोटा कर देगी। D गलत है क्योंकि 100 सेमी से आवर्धन केवल 40 मिलेगा। परीक्षा टिप: दूरदर्शी में आवर्धन अभिदृश्यक बँटा नेत्रिका होता है, इसलिए अभिदृश्यक ही लंबा लेंस होता है।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 4 Oct 2018, Shift 1आसान

वह प्रक्रिया क्या कहलाती है जिसके द्वारा गैस सीधे ठोस में परिवर्तित हो जाती है?

  1. A.निक्षेपण
  2. B.ऊर्ध्वपातन
  3. C.वाष्पीकरण
  4. D.हिमीकरण
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. निक्षेपण

व्याख्या

सही उत्तर है A, निक्षेपण। निक्षेपण वह परिवर्तन है जिसमें कोई पदार्थ गैस अवस्था से सीधे ठोस अवस्था में बदल जाता है और बीच में द्रव अवस्था से नहीं गुजरता। यह ऊर्ध्वपातन की ठीक उलटी प्रक्रिया है। जाड़े की सुबह ठंडी खिड़की के शीशे पर जमने वाला पाला इसी का उदाहरण है, जिसमें हवा की जलवाष्प सीधे बर्फ के क्रिस्टल बन जाती है। आयोडीन की वाष्प और कार्बन डाइऑक्साइड को तेज़ी से ठंडा करने पर भी ऐसा ही होता है। ऐसे परिवर्तन में कणों की ऊर्जा घटती है, वे बहुत पास आ जाते हैं और एक निश्चित व्यवस्था में बैठ जाते हैं, इसलिए पदार्थ का आकार और आयतन निश्चित हो जाता है। B गलत है क्योंकि ऊर्ध्वपातन में ठोस सीधे गैस बनता है, जैसे कपूर और नैफ्थलीन की गोलियाँ। C गलत है क्योंकि वाष्पीकरण में द्रव गैस में बदलता है। D गलत है क्योंकि हिमीकरण में द्रव ठोस बनता है, जैसे जल शून्य डिग्री सेल्सियस पर बर्फ बनता है। परीक्षा टिप: जोड़ी याद रखें, ऊर्ध्वपातन ठोस से गैस और निक्षेपण गैस से ठोस।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 16 Oct 2018, Shift 1मध्यम

एक विलयन में 320 ग्राम जल में 41 ग्राम साधारण नमक घुला है। विलयन की सांद्रता द्रव्यमान प्रतिशत में ज्ञात कीजिए।

  1. A.12.36%
  2. B.9.35%
  3. C.10.36%
  4. D.11.36%
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 11.36%

व्याख्या

सही उत्तर है D, 11.36%। विलयन का द्रव्यमान प्रतिशत निकालने के लिए विलेय के द्रव्यमान को पूरे विलयन के द्रव्यमान से भाग देकर 100 से गुणा किया जाता है। यहाँ विलेय 41 ग्राम साधारण नमक है और विलायक 320 ग्राम जल, इसलिए विलयन का द्रव्यमान 41 और 320 जोड़कर 361 ग्राम हुआ। अतः सांद्रता 41 भाग 361 गुणा 100 यानी 11.36 प्रतिशत आती है। आम भूल यह है कि विद्यार्थी केवल विलायक के द्रव्यमान से भाग दे देते हैं; 41 भाग 320 गुणा 100 से 12.81 प्रतिशत आता है, जो किसी विकल्प में नहीं है। A गलत है क्योंकि 12.36 प्रतिशत के लिए इसी विलयन में लगभग 45 ग्राम नमक चाहिए। B गलत है क्योंकि 9.35 प्रतिशत के लिए लगभग 34 ग्राम नमक चाहिए। C गलत है क्योंकि 10.36 प्रतिशत के लिए लगभग 37 ग्राम नमक चाहिए। परीक्षा टिप: द्रव्यमान प्रतिशत में सदैव विलेय भाग विलेय और विलायक का योग लें, कभी केवल विलायक से भाग न दें।

Q19.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 21 Jan 2019, Shift 1मध्यम

ज्वलनशील द्रव किस श्रेणी की आग के अंतर्गत आते हैं?

  1. A.श्रेणी D
  2. B.श्रेणी B
  3. C.श्रेणी C
  4. D.श्रेणी A
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. श्रेणी B

व्याख्या

सही उत्तर है B, श्रेणी B। आग को इस आधार पर श्रेणियों में बाँटा जाता है कि जल क्या रहा है, और पेट्रोल, डीज़ल, केरोसिन, तेल, पेंट या थिनर जैसे ज्वलनशील द्रवों से लगी आग श्रेणी B की आग होती है। ऐसी आग को फोम, कार्बन डाइऑक्साइड या सूखे रासायनिक चूर्ण से ढककर बुझाया जाता है, जिससे ऑक्सीजन की आपूर्ति कट जाती है। जलते तेल पर पानी कभी नहीं डालना चाहिए, क्योंकि तेल पानी पर तैरकर आग को और फैला देता है। A गलत है क्योंकि श्रेणी D की आग मैग्नीशियम, सोडियम और पोटैशियम जैसी जलने वाली धातुओं से जुड़ी होती है, जिनके लिए विशेष सूखे चूर्ण चाहिए। C गलत है क्योंकि प्रचलित वर्गीकरण में श्रेणी C विद्युत उपकरणों में लगी आग को और भारतीय मानक में ज्वलनशील गैसों को दर्शाती है। D गलत है क्योंकि श्रेणी A की आग लकड़ी, कागज़ और कपड़े जैसे ठोस पदार्थों की साधारण आग है, जिसमें पानी सबसे सस्ता और सबसे अच्छा साधन है। परीक्षा टिप: A ठोस के लिए, B द्रव के लिए, C विद्युत या गैस के लिए और D धातु के लिए।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · 25th March 2022आसान

टेफ्लॉन का उपयोग बेयरिंग बनाने में किया जाता है, क्योंकि इसका

  1. A.घर्षण गुणांक कम होता है
  2. B.ऊष्मा अपवहन बेहतर होता है
  3. C.कम स्थान लगता है
  4. D.उपरोक्त सभी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. घर्षण गुणांक कम होता है

व्याख्या

सही उत्तर है A, घर्षण गुणांक कम होता है। टेफ्लॉन पॉलिटेट्राफ्लोरोएथिलीन का व्यापारिक नाम है, और इसकी सतह ठोस पदार्थों में सबसे अधिक चिकनी सतहों में से एक है, जिसका घर्षण गुणांक लगभग 0.04 होता है। बेयरिंग का काम है कि शाफ्ट कम से कम रगड़ के साथ घूमे, इसलिए यही चिकनाई टेफ्लॉन को चुनने का कारण है; इसी गुण से ऐसे कई बेयरिंग तेल या ग्रीस के बिना भी चल जाते हैं। यह बहुलक 1938 में रॉय प्लंकेट को संयोग से मिला था, लगभग हर रसायन के प्रति निष्क्रिय रहता है और करीब 260 डिग्री सेल्सियस तक टिकता है, इसीलिए इसे नॉन-स्टिक बर्तनों पर चढ़ाया जाता है और पाइप के चूड़ों पर सीलिंग टेप के रूप में लपेटा जाता है। B गलत है क्योंकि टेफ्लॉन ऊष्मा का कुचालक है, इसलिए इसे ऊष्मा बाहर निकालने के लिए नहीं चुना जाता। C गलत है क्योंकि स्थान की बचत बेयरिंग के डिज़ाइन पर निर्भर करती है, पदार्थ पर नहीं। D गलत है क्योंकि केवल पहला कारण ही सही है। परीक्षा टिप: टेफ्लॉन यानी PTFE, सबसे कम घर्षण वाला नॉन-स्टिक बहुलक।

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