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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 36

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 36) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 20 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: मात्रक और मापन, ज्ञानेंद्रियां: आंख, कान, नाक, जीभ और त्वचा, गति, बल और गति के नियम और अन्य। इनमें से 19 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: मध्य प्रदेश · 6 April 2016, Shift 2कठिन

दिया गया मात्रक AT/m चुंबकीय परिपथ के किस पद को परिभाषित करता है?

  1. A.चुंबकीय फ्लक्स घनत्व (B)
  2. B.चुंबकीय क्षेत्र तीव्रता (H)
  3. C.चुंबकीय फ्लक्स
  4. D.चुंबकीय वाहक बल (MMF)
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. चुंबकीय क्षेत्र तीव्रता (H)

व्याख्या

सही उत्तर है B, चुंबकीय क्षेत्र तीव्रता (H)। ऐम्पियर-टर्न प्रति मीटर, जिसे AT/m लिखा जाता है, चुंबकीय क्षेत्र तीव्रता का मात्रक है, क्योंकि H का अर्थ है चुंबकीय पथ की प्रति इकाई लंबाई पर लगने वाला चुंबकीय वाहक बल। किसी कुंडली में चुंबकीय वाहक बल धारा और फेरों की संख्या के गुणनफल के बराबर होता है और उसे ऐम्पियर-टर्न में मापा जाता है; इसे चुंबकीय परिपथ की लंबाई से भाग देने पर H मिलता है, इसी कारण मात्रक के हर में मीटर आता है। H को चुंबकन बल भी कहा जाता है, और वायु में इसका संबंध फ्लक्स घनत्व से इस प्रकार है कि B बराबर पारगम्यता गुणा H। A गलत है क्योंकि चुंबकीय फ्लक्स घनत्व B को टेस्ला यानी वेबर प्रति वर्ग मीटर में मापा जाता है। C गलत है क्योंकि चुंबकीय फ्लक्स का मात्रक वेबर है। D गलत है क्योंकि चुंबकीय वाहक बल स्वयं ऐम्पियर-टर्न में मापा जाता है, उसमें लंबाई का भाग नहीं दिया जाता। परीक्षा टिप: ऐम्पियर-टर्न चुंबकीय वाहक बल, ऐम्पियर-टर्न प्रति मीटर क्षेत्र तीव्रता, वेबर फ्लक्स और टेस्ला फ्लक्स घनत्व।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 23 Sep 2018, Shift 1आसान

कान में कंपन मध्य कर्ण की तीन हड्डियों, अर्थात _________ द्वारा प्रवर्धित होते हैं।

  1. A.हथौड़ी, निहाई और रकाब
  2. B.हथौड़ी, कॉक्लिया और रकाब
  3. C.हथौड़ी, निहाई और कर्णपाली
  4. D.श्रवण अस्थि, निहाई और रकाब
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. हथौड़ी, निहाई और रकाब

व्याख्या

सही उत्तर है A, हथौड़ी, निहाई और रकाब। मध्य कर्ण में तीन अत्यंत छोटी हड्डियां होती हैं, जो मानव शरीर की सबसे छोटी अस्थियां हैं और जिन्हें मैलियस, इन्कस तथा स्टेपीज कहते हैं, हिंदी में हथौड़ी, निहाई और रकाब। कर्णपाली द्वारा एकत्र की गई ध्वनि तरंगें कर्ण नलिका से होकर कर्णपटह को कंपित करती हैं। ये तीनों अस्थियां उस कंपन को एक श्रृंखला में आगे बढ़ाती हैं और लगभग बीस गुना प्रवर्धित करके कॉक्लिया की अंडाकार खिड़की तक पहुंचाती हैं, जहां भीतर भरा तरल उसे तंत्रिका संकेतों में बदल देता है। स्टेपीज शरीर की सबसे छोटी हड्डी है, लगभग 3 mm लंबी। विकल्प B गलत है, क्योंकि कॉक्लिया अंतःकर्ण का तरल भरा सर्पिल भाग है, मध्य कर्ण की हड्डी नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि कर्णपाली कान का बाहरी भाग है। विकल्प D गलत है, क्योंकि श्रवण अस्थि नाम की कोई अलग हड्डी नहीं होती। परीक्षा टिप: मैलियस, इन्कस और स्टेपीज ही हथौड़ी, निहाई तथा रकाब हैं, और स्टेपीज मानव शरीर की सबसे छोटी अस्थि है।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 10 Aug 2018, Shift 2आसान

गति का पहला समीकरण _________ के बीच संबंध बताता है।

  1. A.स्थिति और समय
  2. B.स्थिति और वेग
  3. C.वेग और समय
  4. D.वेग और त्वरण
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. वेग और समय

व्याख्या

सही उत्तर है C, वेग और समय। गति का पहला समीकरण v = u + at लिखा जाता है, इसलिए यह बताता है कि किसी वस्तु का वेग समय के साथ कैसे बदलता है। इसमें u प्रारंभिक वेग है, v समय t के बाद का वेग है और a एकसमान त्वरण है। गति के तीनों समीकरण केवल सरल रेखा में एकसमान त्वरण वाली गति पर लागू होते हैं। A गलत है क्योंकि स्थिति और समय का संबंध दूसरा समीकरण s = ut + ½at² बताता है। B गलत है क्योंकि स्थिति और वेग का संबंध तीसरा समीकरण v² = u² + 2as बताता है, जिसमें समय का पद नहीं होता। D गलत है क्योंकि त्वरण तीनों समीकरणों में आता है, पर कोई भी समीकरण केवल वेग और त्वरण को नहीं जोड़ता; उसमें समय या विस्थापन आना ही पड़ता है। परीक्षा टिप: तीनों समीकरणों को इसी क्रम में वेग-समय, स्थिति-समय और वेग-स्थिति के रूप में याद रखें।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 23 Sep 2018, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा पुष्प एकलिंगी है?

  1. A.पपीता
  2. B.सूरजमुखी
  3. C.गुड़हल
  4. D.सरसों
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. पपीता

व्याख्या

सही उत्तर है A, पपीता। एकलिंगी पुष्प में केवल एक ही प्रकार के जननांग होते हैं, या तो पुंकेसर या स्त्रीकेसर, जबकि द्विलिंगी पुष्प में दोनों होते हैं। पपीता द्विप्रजायी पौधा है: नर और मादा पुष्प अलग-अलग पौधों पर लगते हैं, इसलिए फल बनने के लिए पराग को नर पेड़ से मादा पेड़ तक पहुंचना पड़ता है। यही कारण है कि पपीते के बाग में कुछ नर पेड़ जानबूझकर रखे जाते हैं। मक्का, खीरा, तरबूज और नारियल भी एकलिंगी पुष्पों के उदाहरण हैं, जिनमें दोनों प्रकार के पुष्प एक ही पौधे पर होते हैं और ऐसे पौधे को उभयलिंगाश्रयी कहते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि सूरजमुखी के पुष्पक्रम के चक्रिका पुष्पक द्विलिंगी होते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि गुड़हल का पुष्प सामान्य द्विलिंगी पुष्प है, जिसमें पुंकेसर और स्त्रीकेसर दोनों रहते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि सरसों के पुष्प भी द्विलिंगी होते हैं। परीक्षा टिप: एकलिंगी में पपीता, मक्का, खीरा और तरबूज आते हैं; गुड़हल, सरसों, गुलाब तथा मटर द्विलिंगी हैं।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · 13th September 2025मध्यम

मुक्त रूप से गिरती हुई वस्तु की स्थितिज ऊर्जा लगातार घटती जाती है।

  1. A.ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत भंग नहीं होता
  2. B.ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत भंग होता है
  3. C.गुरुत्वाकर्षण बल भंग होता है
  4. D.गुरुत्वाकर्षण बल भंग नहीं होता
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत भंग नहीं होता

व्याख्या

सही उत्तर है A, ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत भंग नहीं होता। वस्तु जैसे-जैसे गिरती है उसकी ऊँचाई घटती जाती है, इसलिए स्थितिज ऊर्जा mgh कम होती जाती है, परंतु ठीक उतनी ही ऊर्जा गतिज ऊर्जा ½mv² के रूप में प्रकट हो जाती है, क्योंकि वस्तु की चाल बढ़ती है। गिरने के हर बिंदु पर इन दोनों का जोड़ वही रहता है, इसलिए कुल यांत्रिक ऊर्जा संरक्षित रहती है और ऊर्जा केवल रूप बदलती है। छोड़ने के क्षण पूरी ऊर्जा स्थितिज होती है और ज़मीन से टकराने से ठीक पहले लगभग पूरी ऊर्जा गतिज हो जाती है। जब वायु प्रतिरोध काम करता है तो थोड़ी ऊर्जा ऊष्मा और ध्वनि के रूप में निकल जाती है, फिर भी पूरा हिसाब बराबर रहता है। B गलत है क्योंकि ऊर्जा नष्ट नहीं होती, केवल रूपांतरित होती है। C और D गलत हैं क्योंकि गुरुत्वाकर्षण एक बल है, कोई नियम नहीं जिसका पालन या उल्लंघन हो, और ये कथन यह नहीं बताते कि घटी हुई स्थितिज ऊर्जा कहाँ गई। परीक्षा टिप: मुक्त पतन में mgh और ½mv² का जोड़ स्थिर रहता है।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · Dec 2018 Paper 2आसान

जूतों के तलवों पर खाँचे (ट्रेड) क्यों बनाए जाते हैं?

  1. A.जूतों को अधिक सुरक्षा देने के लिए
  2. B.घर्षण घटाने के लिए
  3. C.घर्षण बढ़ाने के लिए
  4. D.जूतों की आयु बढ़ाने के लिए
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. घर्षण बढ़ाने के लिए

व्याख्या

सही उत्तर है C, घर्षण बढ़ाने के लिए। तलवे पर बने खाँचे जमीन को पकड़ते हैं, जिससे चलते या दौड़ते समय पैर फिसलता नहीं है। घर्षण वह बल है जो संपर्क में आई दो सतहों के बीच लगता है और उनकी गति का विरोध करता है। सतह जितनी खुरदरी होती है, घर्षण उतना ही बढ़ता है; इसी कारण जूते का तलवा, टायर की सतह और साइकिल के हैंडल की पकड़ जान-बूझकर खुरदरी बनाई जाती है। गीले फर्श पर चिकने तलवे का घर्षण बहुत कम होता है, इसीलिए वहाँ लोग फिसल जाते हैं। यही रगड़ धीरे-धीरे खाँचों को घिसा देती है, इसलिए पुराना जूता या टायर पकड़ खो देता है और बदलना पड़ता है। A गलत है क्योंकि तलवा अपनी मोटाई और सामग्री से पैर की रक्षा करता है, अपने खाँचों से नहीं। B गलत है क्योंकि घर्षण कम होने पर चलना खतरनाक हो जाएगा; घर्षण घटाने के लिए तेल और बॉल बेयरिंग काम आते हैं। D गलत है क्योंकि खाँचे जूते की आयु नहीं बढ़ाते। परीक्षा टिप: खुरदरी सतह – अधिक घर्षण; खाँचे, ग्रूव और स्टड सभी पकड़ बनाने के लिए होते हैं।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 17 Sep 2018, Shift 1आसान

किसी वस्तु पर लगने वाले गुरुत्वाकर्षण बल को ________ भी कहा जाता है।

  1. A.आवेग
  2. B.द्रव्यमान
  3. C.त्वरण
  4. D.भार
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. भार

व्याख्या

सही उत्तर है D, भार। किसी वस्तु का भार वह बल है जिससे पृथ्वी उसे अपनी ओर खींचती है, इसलिए वस्तु पर लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल ही उसका भार है। इसे W = mg से निकाला जाता है, जहाँ m द्रव्यमान है और g गुरुत्वीय त्वरण, जो पृथ्वी की सतह पर लगभग 9.8 मीटर प्रति सेकंड वर्ग होता है। भार एक बल है, अतः यह सदिश राशि है और इसका SI मात्रक न्यूटन है। g स्थान के साथ बदलता है, इसलिए वही वस्तु भूमध्य रेखा पर ध्रुवों की तुलना में कुछ कम भारी होती है और चंद्रमा पर लगभग छठा भाग, जबकि उसका द्रव्यमान वही रहता है। A गलत है क्योंकि आवेग बल और उसके लगने के समय का गुणनफल है तथा वह वस्तु का संवेग बदलता है। B गलत है क्योंकि द्रव्यमान वस्तु में पदार्थ की मात्रा है, एक अदिश राशि, जिसका मात्रक किलोग्राम है और जो स्थान बदलने पर नहीं बदलता। C गलत है क्योंकि त्वरण वेग परिवर्तन की दर है। परीक्षा टिप: किलोग्राम में द्रव्यमान कभी नहीं बदलता, न्यूटन में भार g के साथ बदलता है।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · 26 Sept 2021मध्यम

बकरी का वैज्ञानिक नाम क्या है?

  1. A.कैप्रा एगेग्रस हिरकस (Capra Aegagrus Hircus)
  2. B.बॉस इंडिकस (Bos Indicus)
  3. C.सस स्क्रोफा (Sus Scrofa)
  4. D.ओविस एरीज़ (Ovis Aries)
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. कैप्रा एगेग्रस हिरकस (Capra Aegagrus Hircus)

व्याख्या

सही उत्तर है A, कैप्रा एगेग्रस हिरकस। पालतू बकरी को जंगली बकरी की उपजाति माना जाता है, इसलिए उसके नाम में तीन भाग आते हैं — वंश Capra, जाति aegagrus और उपजाति hircus। संक्षेप में इसे Capra hircus भी लिखा जाता है। द्विनाम पद्धति कार्ल लीनियस ने दी थी, जिसमें वंश का नाम बड़े अक्षर से शुरू होता है, जाति का नाम छोटे अक्षर से, और पूरा नाम इटैलिक में छापा या हाथ से लिखते समय रेखांकित किया जाता है। बकरी उन पहले पशुओं में है जिन्हें मनुष्य ने पालतू बनाया — पश्चिमी एशिया में लगभग दस हज़ार वर्ष पहले, और आज भारत में दुनिया की सबसे बड़ी बकरी आबादी में से एक है। विकल्प B गलत है, क्योंकि Bos indicus कूबड़ वाला भारतीय गोवंश यानी ज़ेबू है। विकल्प C गलत है, क्योंकि Sus scrofa जंगली सूअर है, जो पालतू सूअर का पूर्वज है। विकल्प D गलत है, क्योंकि Ovis aries पालतू भेड़ है, जिसे ऐसे प्रश्नों में बकरी के साथ सबसे अधिक भ्रमित किया जाता है। परीक्षा टिप: बकरी Capra hircus, भेड़ Ovis aries, गाय Bos indicus, भैंस Bubalus bubalis।

Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 26 May 2022, Shift 2मध्यम

कमरे के तापमान और वायुमंडलीय दाब पर पदार्थों तथा उनकी विशिष्ट ऊष्मा धारिता (J kg-1K-1) के संदर्भ में असंगत जोड़ी पहचानें।

  1. A.एल्युमिनियम - 900.0
  2. B.जल - 1200
  3. C.कार्बन - 506.5
  4. D.टंगस्टन - 134.4
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जल - 1200

व्याख्या

सही उत्तर है B, जल - 1200। जल की विशिष्ट ऊष्मा धारिता लगभग 4186 जूल प्रति किलोग्राम प्रति केल्विन है, 1200 नहीं, इसलिए यही जोड़ी गलत है। विशिष्ट ऊष्मा धारिता वह ऊष्मा है जो किसी पदार्थ के एक किलोग्राम का तापमान एक केल्विन बढ़ाने के लिए चाहिए, और सामान्य द्रवों में जल का मान सबसे ऊँचा है। इसी कारण जल को गाड़ियों के रेडिएटर और उद्योगों में शीतलक के रूप में काम में लिया जाता है, समुद्र धीरे गरम और धीरे ठंडा होता है, और तटीय स्थानों की जलवायु भीतरी शहरों से सम रहती है। A सही जोड़ी है क्योंकि एल्युमिनियम को लगभग 900 जूल प्रति किलोग्राम प्रति केल्विन चाहिए। C सही जोड़ी है क्योंकि ग्रेफाइट रूप में कार्बन का मान 506.5 के आसपास है। D सही जोड़ी है क्योंकि भारी धातु टंगस्टन को केवल लगभग 134.4 चाहिए, इसलिए धातुएँ जल्दी गरम हो जाती हैं। परीक्षा टिप: जल का मान लगभग 4186 जूल प्रति किलोग्राम प्रति केल्विन याद रखें, जो एक कैलोरी प्रति ग्राम प्रति डिग्री सेल्सियस के बराबर है।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · 29 Feb 2020, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन पौधों को प्रभावित करने वाला जीवाणु जनित रोग है?

  1. A.क्राउन गॉल
  2. B.मोज़ेक
  3. C.कंडुआ (स्मट)
  4. D.ब्लिस्टर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. क्राउन गॉल

व्याख्या

सही उत्तर है A, क्राउन गॉल। क्राउन गॉल रोग एग्रोबैक्टीरियम ट्यूमिफेशिएंस नामक जीवाणु से होता है, जो तने के आधार यानी क्राउन के पास किसी घाव से भीतर पहुँचता है और वहाँ गाँठ जैसी खुरदरी सूजन बना देता है। यह जीवाणु अपने Ti प्लाज्मिड का एक टुकड़ा पौधे की कोशिकाओं में डालकर उन्हें लगातार विभाजित होने पर मजबूर करता है, और इसी प्राकृतिक गुण के कारण प्रयोगशालाओं में इसे पौधों में नए जीन पहुँचाने वाले वाहक के रूप में उपयोग किया जाता है। अंगूर, सेब, गुलाब, अखरोट और गुठलीदार फलों में यह रोग सबसे अधिक होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मोज़ेक रोग, जैसे तंबाकू मोज़ेक, विषाणु से होते हैं और पत्तियों पर हल्के-गहरे धब्बे बनाते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि गेहूँ, बाजरा और गन्ने का कंडुआ कवक जनित रोग है, जो बालियों को काले चूर्ण जैसे बीजाणुओं से भर देता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सरसों जैसी फसलों का सफेद ब्लिस्टर या सफेद रस्ट भी कवक जनित है और पत्तियों व तनों पर सफेद फफोले बनाता है। परीक्षा टिप: जीवाणु — क्राउन गॉल, सिट्रस कैंकर, धान का जीवाणु झुलसा; विषाणु — मोज़ेक; कवक — कंडुआ, रस्ट।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 17 Sept 2022, Shift 3मध्यम

18 सेमी फोकस दूरी वाले अवतल दर्पण के सामने 12 सेमी की दूरी पर एक वस्तु रखी गई है। दर्पण द्वारा उत्पन्न आवर्धन ________ होगा।

  1. A.-0.6
  2. B.+3
  3. C.-3
  4. D.+0.6
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. +3

व्याख्या

सही उत्तर है B, +3। वस्तु अवतल दर्पण के ध्रुव और फोकस के बीच रखी है, इसलिए प्रतिबिंब आभासी, सीधा और बड़ा बनता है तथा आवर्धन धनात्मक होता है। चिह्न परिपाटी के अनुसार u = -12 सेमी और f = -18 सेमी। दर्पण सूत्र 1/v + 1/u = 1/f से 1/v = 1/f - 1/u = -1/18 + 1/12 = 1/36 मिलता है, अतः v = +36 सेमी, अर्थात प्रतिबिंब दर्पण के पीछे 36 सेमी पर बनता है। आवर्धन m = -v/u = -36 भाग -12, यानी +3, इसलिए प्रतिबिंब वस्तु से तीन गुना बड़ा है। इसी गुण के कारण अवतल दर्पण दाढ़ी बनाने के दर्पण और दंत चिकित्सक के दर्पण के रूप में काम आता है। A गलत है क्योंकि ऋणात्मक आवर्धन वास्तविक और उल्टे प्रतिबिंब का संकेत देता है, जो अवतल दर्पण तब बनाता है जब वस्तु फोकस से परे हो। C भी इसी कारण गलत है। D गलत है क्योंकि इस स्थिति में प्रतिबिंब वस्तु से छोटा कभी नहीं बनता। परीक्षा टिप: अवतल दर्पण में वस्तु फोकस के भीतर हो तो प्रतिबिंब आभासी, सीधा और बड़ा बनता है।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 21 April 2024मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा भाग नाभिकीय रिएक्टर का नहीं होता?

  1. A.टरबाइन
  2. B.ऊष्मा विनिमयक
  3. C.CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था
  4. D.अभिक्रिया कक्ष
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था

व्याख्या

सही उत्तर है C, CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था। नाभिकीय रिएक्टर भारी परमाणुओं का विखंडन करता है; इसमें कोई ईंधन जलता नहीं, इसलिए कार्बन डाइऑक्साइड निकलती ही नहीं और उसे घटाने की कोई व्यवस्था लगाने की जरूरत भी नहीं पड़ती। विखंडन से मिली ऊष्मा रिएक्टर के क्रोड में बनती है, शीतलक उसे बाहर लाता है, ऊष्मा विनिमयक या भाप जनित्र में वह पानी को दी जाती है और बनी भाप जनित्र से जुड़ी टरबाइन घुमाती है। कैडमियम या बोरॉन की नियंत्रक छड़ें अतिरिक्त न्यूट्रॉन सोख लेती हैं और भारी जल जैसा मंदक उन्हें धीमा करता है, जिससे विखंडन एक समान चलता रहे। विकल्प A सही भाग है, क्योंकि टरबाइन ही भाप की ऊर्जा को बिजली में बदलती है। विकल्प B सही भाग है, क्योंकि ऊष्मा विनिमयक रेडियोधर्मी शीतलक की ऊष्मा साफ पानी वाले चक्र तक पहुँचाता है। विकल्प D सही भाग है, क्योंकि अभिक्रिया कक्ष यानी ईंधन छड़ों वाला क्रोड ही वह जगह है जहाँ विखंडन होता है। परीक्षा टिप: नाभिकीय संयंत्र कार्बन डाइऑक्साइड नहीं छोड़ता, उसकी समस्या खर्चा हुआ रेडियोधर्मी ईंधन है।

Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 10 Aug 2018, Shift 2आसान

रिक्त स्थान को सबसे उपयुक्त विकल्प से भरें। ध्वनि का तारत्व उसकी _____ पर निर्भर करता है।

  1. A.आवृत्ति
  2. B.तरंगदैर्ध्य
  3. C.आयाम
  4. D.गुणता (टिम्बर)
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. आवृत्ति

व्याख्या

सही उत्तर है A, आवृत्ति। तारत्व यह बताता है कि कोई ध्वनि कान को कितनी तीक्ष्ण या कितनी मंद लगती है, और यह आवृत्ति से तय होता है, अर्थात प्रति सेकंड होने वाले कंपनों की संख्या से, जिसे हर्ट्ज़ में मापा जाता है। आवृत्ति अधिक होने पर ध्वनि अधिक तीक्ष्ण लगती है, इसलिए सीटी या स्त्री की आवाज़ का तारत्व ढोल या पुरुष की आवाज़ से ऊँचा होता है; मनुष्य का कान लगभग 20 से 20000 हर्ट्ज़ तक सुन पाता है। B गलत है क्योंकि तरंगदैर्ध्य माध्यम बदलने के साथ बदल जाती है, जबकि सुनने वाले को तारत्व वही लगता है, इसलिए तारत्व आवृत्ति से तय होता है, तरंगदैर्ध्य से नहीं। C गलत है क्योंकि आयाम प्रबलता तय करता है, इसी कारण ढोल को ज़ोर से पीटने पर आवाज़ तेज़ होती है, तीक्ष्ण नहीं। D गलत है क्योंकि गुणता या टिम्बर के कारण हम एक ही स्वर और एक ही प्रबलता पर बजती बाँसुरी और वायलिन में अंतर कर पाते हैं। परीक्षा टिप: आवृत्ति से तारत्व, आयाम से प्रबलता और तरंग के रूप से गुणता।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · 14 March 2020, Shift 1आसान

क्लास A अग्निशामक की भूमिका क्या है?

  1. A.लकड़ी और कागज़ जैसे साधारण दहनशील पदार्थों की आग पर प्रयोग
  2. B.ज्वलनशील द्रवों की आग पर प्रयोग
  3. C.विद्युत प्रवाहित आग पर प्रयोग
  4. D.अदहनशील धातुओं पर प्रयोग
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. लकड़ी और कागज़ जैसे साधारण दहनशील पदार्थों की आग पर प्रयोग

व्याख्या

सही उत्तर है A, लकड़ी और कागज़ जैसे साधारण दहनशील पदार्थों की आग पर प्रयोग। आग को इस आधार पर वर्गों में बाँटा जाता है कि जल क्या रहा है, और क्लास A में साधारण ठोस ईंधन आते हैं — लकड़ी, कागज़, कपड़ा, पुआल, रबर और कई प्लास्टिक। ऐसी आग में दहकते अंगारे बचे रहते हैं, इसलिए उसे मुख्य रूप से ठंडा करके बुझाया जाता है और साधारण पानी या जल आधारित अग्निशामक इसके लिए सबसे सस्ता तथा सबसे प्रभावी उपाय है। विकल्प B गलत है, क्योंकि पेट्रोल, केरोसिन, तेल, पेंट और विलायक जैसे जलते द्रव क्लास B में आते हैं, जहाँ पानी आग फैला देगा और फोम या सूखा चूर्ण प्रयोग किया जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि विद्युत प्रवाहित उपकरणों की आग अलग वर्ग है — अमेरिकी पद्धति में क्लास C और भारतीय तथा यूरोपीय पद्धति में क्लास E — और उसमें कार्बन डाइऑक्साइड जैसा अचालक पदार्थ चाहिए, पानी कभी नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि मैग्नीशियम, सोडियम और पोटैशियम जैसी जलती धातुएँ क्लास D बनाती हैं और उनके लिए विशेष सूखा चूर्ण चाहिए, क्योंकि पानी उनसे तीव्र क्रिया करता है। परीक्षा टिप: A — ठोस, B — द्रव, C — गैस, D — धातु, F या K — खाना पकाने का तेल।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 25 Sep 2018, Shift 1मध्यम

यदि 418 ओम प्रतिरोध वाली कुंडली में 1 मिनट तक 0.3 A की धारा प्रवाहित की जाए, तो उत्पन्न ऊष्मा ऊर्जा ज्ञात कीजिए।

  1. A.360 कैलोरी
  2. B.540 कैलोरी
  3. C.54 कैलोरी
  4. D.36 कैलोरी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 540 कैलोरी

व्याख्या

सही उत्तर है B, 540 कैलोरी। धारा से उत्पन्न ऊष्मा जूल के तापन नियम से निकलती है, जिसके अनुसार ऊष्मा धारा के वर्ग, प्रतिरोध और समय के गुणनफल के बराबर होती है। यहाँ धारा 0.3 A, प्रतिरोध 418 ओम और समय 1 मिनट यानी 60 सेकंड है, अतः ऊष्मा 0.09 गुणा 418 गुणा 60 = 2257.2 जूल हुई। एक कैलोरी 4.18 जूल के बराबर होती है, इसलिए 2257.2 भाग 4.18 से 540 कैलोरी मिलती है। जूल का नियम कहता है कि उत्पन्न ऊष्मा धारा के वर्ग, प्रतिरोध तथा समय के समानुपाती होती है, इसी से धारा दोगुनी करने पर ऊष्मा चार गुनी हो जाती है। इसी नियम पर विद्युत इस्तरी, हीटर, गीजर, बल्ब का तंतु और परिपथ की रक्षा करने वाला फ्यूज काम करते हैं। A गलत है क्योंकि 360 कैलोरी के लिए उसी प्रतिरोध और समय पर लगभग 0.245 A धारा चाहिए। C गलत है क्योंकि वह सही मान का दसवाँ भाग है। D गलत है क्योंकि 36 कैलोरी के लिए केवल लगभग 0.077 A धारा चाहिए। परीक्षा टिप: पहले धारा के वर्ग, प्रतिरोध और समय से जूल निकालें, फिर 4.18 से भाग देकर कैलोरी बनाएँ।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · RSMSSB Lab Assistant 2016 Official Paperमध्यम

मान लीजिए किसी नेत्रिका की फोकस दूरी 2.5 सेमी है। 100 आवर्धन वाली दूरदर्शी के लिए अभिदृश्यक लेंस की फोकस दूरी कितनी होनी चाहिए?

  1. A.250 सेमी
  2. B.40 सेमी
  3. C.2.5 × 10⁻² सेमी
  4. D.100 सेमी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 250 सेमी

व्याख्या

सही उत्तर है A, 250 सेमी। सामान्य समायोजन में रखी खगोलीय दूरदर्शी का आवर्धन अभिदृश्यक लेंस की फोकस दूरी को नेत्रिका की फोकस दूरी से भाग देने पर मिलता है। यहाँ आवर्धन 100 है और नेत्रिका की फोकस दूरी 2.5 सेमी है, इसलिए अभिदृश्यक की फोकस दूरी 100 गुणा 2.5 यानी 250 सेमी होनी चाहिए। इसी कारण खगोलीय दूरदर्शी लंबी नली वाली होती हैं, क्योंकि बड़ी फोकस दूरी वाला अभिदृश्यक और छोटी फोकस दूरी वाली नेत्रिका मिलकर ऊँचा आवर्धन देते हैं, और सामान्य समायोजन में नली की लंबाई लगभग दोनों फोकस दूरियों के योग के बराबर होती है। B गलत है क्योंकि 40 सेमी का अभिदृश्यक केवल 16 का आवर्धन देगा। C गलत है क्योंकि नेत्रिका से भी छोटी फोकस दूरी प्रतिबिंब को बड़ा करने के बजाय छोटा कर देगी। D गलत है क्योंकि 100 सेमी से आवर्धन केवल 40 मिलेगा। परीक्षा टिप: दूरदर्शी में आवर्धन अभिदृश्यक बँटा नेत्रिका होता है, इसलिए अभिदृश्यक ही लंबा लेंस होता है।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 25 Sep 2018, Shift 1मध्यम

परमाणु क्रमांक 56 वाला तत्व किस ब्लॉक से संबंधित है?

  1. A.p
  2. B.f
  3. C.d
  4. D.s
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. s

व्याख्या

सही उत्तर है D, s। परमाणु क्रमांक 56 वाला तत्व बेरियम है और इसका बाहरतम इलेक्ट्रॉन 6s कक्षक में जाता है, इसलिए यह s-ब्लॉक में आता है। बेरियम का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास जेनॉन के बाद 6s2 होता है, जो इसे आवर्त सारणी के समूह 2 में कैल्शियम और स्ट्रॉन्शियम जैसी अन्य क्षारीय मृदा धातुओं के साथ रखता है। किसी तत्व का ब्लॉक उस उप-कोश से तय होता है जिसमें अंतिम इलेक्ट्रॉन प्रवेश करता है: समूह 1 और 2 तथा हीलियम s-ब्लॉक बनाते हैं, समूह 13 से 18 p-ब्लॉक, समूह 3 से 12 d-ब्लॉक, और लैंथेनॉइड तथा ऐक्टिनॉइड f-ब्लॉक बनाते हैं। A गलत है क्योंकि p-ब्लॉक के तत्वों का अंतिम इलेक्ट्रॉन p उप-कोश में जाता है। B गलत है क्योंकि f-ब्लॉक के तत्व आंतरिक संक्रमण धातुएँ हैं। C गलत है क्योंकि d-ब्लॉक के तत्व समूह 3 से 12 की संक्रमण धातुएँ हैं। परीक्षा टिप: परमाणु क्रमांक 56 यानी बेरियम, समूह 2, s-ब्लॉक।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 22 Sept 2022, Shift 2आसान

2NaOH (aq) + H2SO4 (aq) → Na2SO4 (aq) + 2H2O (l)। दी गई अभिक्रिया किसका उदाहरण है?

  1. A.अवक्षेपण अभिक्रिया
  2. B.वियोजन अभिक्रिया
  3. C.उदासीनीकरण अभिक्रिया
  4. D.रेडॉक्स अभिक्रिया
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. उदासीनीकरण अभिक्रिया

व्याख्या

सही उत्तर है C, उदासीनीकरण अभिक्रिया। दी गई अभिक्रिया में क्षारक सोडियम हाइड्रॉक्साइड सल्फ्यूरिक अम्ल से क्रिया करके सोडियम सल्फेट और जल बनाता है, और जिस अभिक्रिया में अम्ल तथा क्षारक एक-दूसरे का प्रभाव समाप्त करके लवण और जल देते हैं, उसे उदासीनीकरण कहते हैं। इसका सामान्य रूप है अम्ल और क्षारक से लवण तथा जल, और इसमें ऊष्मा निकलती है, अतः यह ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है। यहाँ सोडियम हाइड्रॉक्साइड के दो अणु चाहिए क्योंकि सल्फ्यूरिक अम्ल द्विक्षारकीय है और दो हाइड्रोजन आयन देता है। पेट की अम्लता में ली जाने वाली अम्लतानाशक दवा, अम्लीय मिट्टी में डाला जाने वाला चूना और मधुमक्खी के डंक पर लगाया जाने वाला खाने का सोडा इसके रोज़मर्रा के उदाहरण हैं। A गलत है क्योंकि अवक्षेपण अभिक्रिया में अविलेय ठोस बनता है, जबकि यहाँ दोनों उत्पाद विलयन में ही रहते हैं। B गलत है क्योंकि वियोजन में एक यौगिक टूटकर दो या अधिक सरल पदार्थ देता है। D गलत है क्योंकि रेडॉक्स अभिक्रिया में ऑक्सीकरण संख्या बदलती है, यहाँ वह नहीं बदलती। परीक्षा टिप: अम्ल और क्षारक से लवण तथा जल बने तो वह सदैव उदासीनीकरण है।

Q19.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 16 Oct 2018, Shift 3आसान

अम्ल में जल मिलाने पर प्रति इकाई आयतन में आयनों की सांद्रता घट जाती है; इस प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?

  1. A.सांद्रण
  2. B.अम्लीकरण
  3. C.उदासीनीकरण
  4. D.तनुकरण
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. तनुकरण

व्याख्या

सही उत्तर है D, तनुकरण। अम्ल में जल मिलाने पर हाइड्रोजन आयनों की वही संख्या अधिक आयतन में फैल जाती है, इसलिए प्रति इकाई आयतन में हाइड्रोजन आयनों की संख्या घट जाती है; इस प्रक्रिया को तनुकरण कहते हैं। इसी कारण तनु अम्ल का प्रभाव सांद्र अम्ल से कम होता है, भले अम्ल वही पदार्थ रहता है। प्रबल अम्ल का तनुकरण ऊष्माक्षेपी होता है, इसलिए अम्ल को सदैव जल में धीरे-धीरे हिलाते हुए डाला जाता है, जल को अम्ल में नहीं, अन्यथा निकली ऊष्मा से मिश्रण उछल सकता है। क्षारकों के साथ भी यही बात लागू होती है, जहाँ तनुकरण से प्रति इकाई आयतन हाइड्रॉक्साइड आयनों की संख्या घटती है। A गलत है क्योंकि सांद्रण का अर्थ दिए गए आयतन में अम्ल की मात्रा बढ़ाना है, जो इसके ठीक उलट है। B गलत है क्योंकि अम्लीकरण का अर्थ किसी पदार्थ को अम्लीय बनाना है, पहले से मौजूद अम्ल को पतला करना नहीं। C गलत है क्योंकि उदासीनीकरण में अम्ल और क्षारक मिलकर लवण तथा जल बनाते हैं। परीक्षा टिप: अम्ल को जल में डालें, जल को अम्ल में कभी नहीं।

Q20.सामान्य विज्ञानमध्यम

कौन-सी अधातु विद्युत की सुचालक है?

  1. A.सल्फर
  2. B.ग्रेफाइट
  3. C.फॉस्फोरस
  4. D.आयोडीन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ग्रेफाइट

व्याख्या

सही उत्तर B, ग्रेफाइट है। ग्रेफाइट कार्बन का अपररूप है जिसमें प्रत्येक परमाणु तीन अन्य परमाणुओं से बंधित रहता है, जिससे प्रत्येक परमाणु का एक इलेक्ट्रॉन परतों के बीच मुक्त रूप से चलने योग्य बचता है, इसलिए अधातु होते हुए भी वह विद्युत का चालन करता है; इसी कारण ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड तथा शुष्क सेलों में प्रयुक्त होता है। विकल्प A, सल्फर भंगुर और अचालक ठोस है, जो अधात्विक व्यवहार का मानक उदाहरण है। विकल्प C, फॉस्फोरस चालन नहीं करता और उसका श्वेत रूप जल में रखा जाता है क्योंकि वह वायु में जल उठता है। विकल्प D, आयोडीन वह अधातु है जो चमकदार है, अर्थात वह किसी दूसरे नियम का अपवाद है और यहाँ प्रिय भ्रामक विकल्प है। हीरे पर भी ध्यान दें, जो कार्बन का दूसरा अपररूप है: वह सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ है और ताप का उत्कृष्ट चालन करता है, परंतु विद्युत का चालन नहीं करता।

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