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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 35

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 35) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 11 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: धातु और अधातु, ज्ञानेंद्रियां: आंख, कान, नाक, जीभ और त्वचा, कार्बन और उसके यौगिक और अन्य। इनमें से 11 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानआसान

कमरे के ताप पर कौन-सी धातु द्रव अवस्था में होती है?

  1. A.सोडियम
  2. B.पारा
  3. C.सीसा
  4. D.टंगस्टन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पारा

व्याख्या

सही उत्तर B, पारा है। पारा एकमात्र धातु है जो साधारण कमरे के ताप पर द्रव रहती है, इसीलिए उसका उपयोग लंबे समय तक थर्मामीटर और बैरोमीटर में होता रहा; वही धातु अमलगम भी बनाती है, अर्थात ऐसी मिश्रधातुएँ जिनमें पारा एक घटक होता है। विकल्प A, सोडियम ठोस है, यद्यपि बहुत मृदु है जिसे चाकू से काटा जा सकता है और जिसे केरोसीन में रखना पड़ता है क्योंकि वह वायु तथा जल से तीव्र अभिक्रिया करता है। विकल्प C, सीसा मृदु और घना ठोस है जिसका गलनांक कम है, परंतु वह कमरे के ताप पर द्रव नहीं होता। विकल्प D, टंगस्टन का गलनांक धातुओं में सबसे अधिक है, इसीलिए वह तापदीप्त बल्ब के तंतु में प्रयुक्त होता है। अधातुओं में ब्रोमीन कमरे के ताप पर द्रव रहती है, तथा गैलियम और सीजियम हाथ की गर्मी से पिघलने वाली धातुएँ हैं।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 23 Sep 2018, Shift 1आसान

कान में कंपन मध्य कर्ण की तीन हड्डियों, अर्थात _________ द्वारा प्रवर्धित होते हैं।

  1. A.हथौड़ी, निहाई और रकाब
  2. B.हथौड़ी, कॉक्लिया और रकाब
  3. C.हथौड़ी, निहाई और कर्णपाली
  4. D.श्रवण अस्थि, निहाई और रकाब
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. हथौड़ी, निहाई और रकाब

व्याख्या

सही उत्तर है A, हथौड़ी, निहाई और रकाब। मध्य कर्ण में तीन अत्यंत छोटी हड्डियां होती हैं, जो मानव शरीर की सबसे छोटी अस्थियां हैं और जिन्हें मैलियस, इन्कस तथा स्टेपीज कहते हैं, हिंदी में हथौड़ी, निहाई और रकाब। कर्णपाली द्वारा एकत्र की गई ध्वनि तरंगें कर्ण नलिका से होकर कर्णपटह को कंपित करती हैं। ये तीनों अस्थियां उस कंपन को एक श्रृंखला में आगे बढ़ाती हैं और लगभग बीस गुना प्रवर्धित करके कॉक्लिया की अंडाकार खिड़की तक पहुंचाती हैं, जहां भीतर भरा तरल उसे तंत्रिका संकेतों में बदल देता है। स्टेपीज शरीर की सबसे छोटी हड्डी है, लगभग 3 mm लंबी। विकल्प B गलत है, क्योंकि कॉक्लिया अंतःकर्ण का तरल भरा सर्पिल भाग है, मध्य कर्ण की हड्डी नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि कर्णपाली कान का बाहरी भाग है। विकल्प D गलत है, क्योंकि श्रवण अस्थि नाम की कोई अलग हड्डी नहीं होती। परीक्षा टिप: मैलियस, इन्कस और स्टेपीज ही हथौड़ी, निहाई तथा रकाब हैं, और स्टेपीज मानव शरीर की सबसे छोटी अस्थि है।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 1 Sept 2022, Shift 3आसान

हाइड्रोकार्बनों की ऐल्काइन श्रेणी का पहला सदस्य कौन-सा है?

  1. A.प्रोपाइन
  2. B.एथाइन
  3. C.मेथाइन
  4. D.ब्यूटाइन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. एथाइन

व्याख्या

सही उत्तर B, एथाइन है। ऐल्काइन में कार्बन-कार्बन त्रिबंध होता है, जिसके लिए कम से कम दो कार्बन परमाणु चाहिए, इसलिए श्रेणी एथाइन यानी C2H2 से आरंभ होती है, जिसे एसिटिलीन भी कहते हैं और जो ऑक्सीजन के साथ वेल्डिंग में जलाई जाती है। विकल्प A गलत है क्योंकि तीन कार्बन वाला प्रोपाइन इस श्रेणी का दूसरा सदस्य है, पहला नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि मेथाइन नाम का कोई ऐल्काइन हो ही नहीं सकता: मेथेन में एक ही कार्बन परमाणु है और त्रिबंध बनाने के लिए दूसरा कार्बन है ही नहीं, और यही इस विकल्प का जाल है। विकल्प D गलत है क्योंकि चार कार्बन वाला ब्यूटाइन तीसरा सदस्य है। श्रेणी का सामान्य सूत्र CnH2n-2 है और n बराबर दो रखने पर C2H2 मिलता है, जो एथाइन को पहला सदस्य सिद्ध करता है।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 23 Sep 2018, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा पुष्प एकलिंगी है?

  1. A.पपीता
  2. B.सूरजमुखी
  3. C.गुड़हल
  4. D.सरसों
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. पपीता

व्याख्या

सही उत्तर है A, पपीता। एकलिंगी पुष्प में केवल एक ही प्रकार के जननांग होते हैं, या तो पुंकेसर या स्त्रीकेसर, जबकि द्विलिंगी पुष्प में दोनों होते हैं। पपीता द्विप्रजायी पौधा है: नर और मादा पुष्प अलग-अलग पौधों पर लगते हैं, इसलिए फल बनने के लिए पराग को नर पेड़ से मादा पेड़ तक पहुंचना पड़ता है। यही कारण है कि पपीते के बाग में कुछ नर पेड़ जानबूझकर रखे जाते हैं। मक्का, खीरा, तरबूज और नारियल भी एकलिंगी पुष्पों के उदाहरण हैं, जिनमें दोनों प्रकार के पुष्प एक ही पौधे पर होते हैं और ऐसे पौधे को उभयलिंगाश्रयी कहते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि सूरजमुखी के पुष्पक्रम के चक्रिका पुष्पक द्विलिंगी होते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि गुड़हल का पुष्प सामान्य द्विलिंगी पुष्प है, जिसमें पुंकेसर और स्त्रीकेसर दोनों रहते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि सरसों के पुष्प भी द्विलिंगी होते हैं। परीक्षा टिप: एकलिंगी में पपीता, मक्का, खीरा और तरबूज आते हैं; गुड़हल, सरसों, गुलाब तथा मटर द्विलिंगी हैं।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 13 Aug 2018, Shift 1मध्यम

प्रकाश संश्लेषण के दौरान कौन-से उत्पाद बनते हैं?

  1. A.ग्लूकोज, जल और ऑक्सीजन
  2. B.ग्लूकोज और ऑक्सीजन
  3. C.स्टार्च और ऑक्सीजन
  4. D.स्टार्च, जल और ऑक्सीजन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. ग्लूकोज, जल और ऑक्सीजन

व्याख्या

सही उत्तर है A, ग्लूकोज, जल और ऑक्सीजन। हरे पौधे पर्णहरित द्वारा पकड़ी गई सूर्य की ऊर्जा से कार्बन डाइऑक्साइड और जल को जोड़ते हैं। संतुलित समीकरण के अनुसार छह अणु कार्बन डाइऑक्साइड और बारह अणु जल मिलकर एक अणु ग्लूकोज, छह अणु ऑक्सीजन और छह अणु जल बनाते हैं। इसलिए जल समीकरण के दोनों ओर आता है, बारह अणु कच्चे माल के रूप में लिए जाते हैं और छह अणु उत्पाद के रूप में फिर मुक्त होते हैं। जो ऑक्सीजन निकलती है वह जल के विघटन से आती है, कार्बन डाइऑक्साइड से नहीं, और यह भारी ऑक्सीजन के प्रयोग से सिद्ध किया जा चुका है। B गलत है क्योंकि इसमें अभिक्रिया में बना जल छोड़ दिया गया है। C गलत है क्योंकि स्टार्च सीधे नहीं बनता, पहले स्थायी उत्पाद ग्लूकोज बनता है और बाद में पौधा ग्लूकोज की इकाइयाँ जोड़कर स्टार्च के रूप में संचय करता है। D भी इसी कारण गलत है क्योंकि इसमें ग्लूकोज की जगह स्टार्च लिखा है। परीक्षा टिप: पहले ग्लूकोज, स्टार्च केवल संचय, और ऑक्सीजन जल से।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · Dec 2018 Paper 2आसान

जूतों के तलवों पर खाँचे (ट्रेड) क्यों बनाए जाते हैं?

  1. A.जूतों को अधिक सुरक्षा देने के लिए
  2. B.घर्षण घटाने के लिए
  3. C.घर्षण बढ़ाने के लिए
  4. D.जूतों की आयु बढ़ाने के लिए
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. घर्षण बढ़ाने के लिए

व्याख्या

सही उत्तर है C, घर्षण बढ़ाने के लिए। तलवे पर बने खाँचे जमीन को पकड़ते हैं, जिससे चलते या दौड़ते समय पैर फिसलता नहीं है। घर्षण वह बल है जो संपर्क में आई दो सतहों के बीच लगता है और उनकी गति का विरोध करता है। सतह जितनी खुरदरी होती है, घर्षण उतना ही बढ़ता है; इसी कारण जूते का तलवा, टायर की सतह और साइकिल के हैंडल की पकड़ जान-बूझकर खुरदरी बनाई जाती है। गीले फर्श पर चिकने तलवे का घर्षण बहुत कम होता है, इसीलिए वहाँ लोग फिसल जाते हैं। यही रगड़ धीरे-धीरे खाँचों को घिसा देती है, इसलिए पुराना जूता या टायर पकड़ खो देता है और बदलना पड़ता है। A गलत है क्योंकि तलवा अपनी मोटाई और सामग्री से पैर की रक्षा करता है, अपने खाँचों से नहीं। B गलत है क्योंकि घर्षण कम होने पर चलना खतरनाक हो जाएगा; घर्षण घटाने के लिए तेल और बॉल बेयरिंग काम आते हैं। D गलत है क्योंकि खाँचे जूते की आयु नहीं बढ़ाते। परीक्षा टिप: खुरदरी सतह – अधिक घर्षण; खाँचे, ग्रूव और स्टड सभी पकड़ बनाने के लिए होते हैं।

Q7.सामान्य विज्ञानमध्यम

सोने को घोलने वाला अम्लराज सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और सांद्र नाइट्रिक अम्ल का किस अनुपात में मिश्रण है?

  1. A.1:1
  2. B.1:3
  3. C.3:1
  4. D.2:3
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 3:1

व्याख्या

सही उत्तर C, 3:1 है। अम्लराज तीन भाग सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और एक भाग सांद्र नाइट्रिक अम्ल का मिश्रण है, और इसका नाम राजकीय जल के अर्थ में है, क्योंकि यह मिश्रण सोना तथा प्लैटिनम जैसी उत्कृष्ट धातुओं पर भी प्रभाव करता है, जिन्हें कोई भी अम्ल अकेले नहीं घोल सकता। विकल्प B, 1:3 वही दो अम्ल उल्टे क्रम में हैं और यह सबसे आम गलत उत्तर है, इसलिए ध्यान रखें कि अधिक भाग हाइड्रोक्लोरिक अम्ल का होता है। विकल्प A और विकल्प D इस प्रकार के किसी मानक प्रयोगशाला अभिकर्मक से मेल नहीं खाते। रसायन एक पंक्ति में समझें: नाइट्रिक अम्ल सोने का ऑक्सीकरण करता है और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से मिला क्लोराइड बने आयनों को विलयन में रखता है, अर्थात प्रत्येक अम्ल वह करता है जो दूसरा नहीं कर सकता।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · 26 Sept 2021मध्यम

बकरी का वैज्ञानिक नाम क्या है?

  1. A.कैप्रा एगेग्रस हिरकस (Capra Aegagrus Hircus)
  2. B.बॉस इंडिकस (Bos Indicus)
  3. C.सस स्क्रोफा (Sus Scrofa)
  4. D.ओविस एरीज़ (Ovis Aries)
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. कैप्रा एगेग्रस हिरकस (Capra Aegagrus Hircus)

व्याख्या

सही उत्तर है A, कैप्रा एगेग्रस हिरकस। पालतू बकरी को जंगली बकरी की उपजाति माना जाता है, इसलिए उसके नाम में तीन भाग आते हैं — वंश Capra, जाति aegagrus और उपजाति hircus। संक्षेप में इसे Capra hircus भी लिखा जाता है। द्विनाम पद्धति कार्ल लीनियस ने दी थी, जिसमें वंश का नाम बड़े अक्षर से शुरू होता है, जाति का नाम छोटे अक्षर से, और पूरा नाम इटैलिक में छापा या हाथ से लिखते समय रेखांकित किया जाता है। बकरी उन पहले पशुओं में है जिन्हें मनुष्य ने पालतू बनाया — पश्चिमी एशिया में लगभग दस हज़ार वर्ष पहले, और आज भारत में दुनिया की सबसे बड़ी बकरी आबादी में से एक है। विकल्प B गलत है, क्योंकि Bos indicus कूबड़ वाला भारतीय गोवंश यानी ज़ेबू है। विकल्प C गलत है, क्योंकि Sus scrofa जंगली सूअर है, जो पालतू सूअर का पूर्वज है। विकल्प D गलत है, क्योंकि Ovis aries पालतू भेड़ है, जिसे ऐसे प्रश्नों में बकरी के साथ सबसे अधिक भ्रमित किया जाता है। परीक्षा टिप: बकरी Capra hircus, भेड़ Ovis aries, गाय Bos indicus, भैंस Bubalus bubalis।

Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 13 Jun, 2025, Shift 1आसान

गैस चूल्हे की ज्वाला नीली किस कारण जलती है?

  1. A.ईंधन का पूर्ण दहन
  2. B.वायु में हाइड्रोजन की उपस्थिति
  3. C.खतरनाक दहन
  4. D.अपर्याप्त ऑक्सीजन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. ईंधन का पूर्ण दहन

व्याख्या

सही उत्तर A, ईंधन का पूर्ण दहन है। जब बर्नर तक पर्याप्त वायु पहुंचती है तो ईंधन का हर कार्बन परमाणु पूरी तरह ऑक्सीकृत होकर कार्बन डाइऑक्साइड बनता है और ज्वाला नीली तथा अधिक गर्म रहती है, जिससे उतनी ही गैस से अधिकतम ऊष्मा मिलती है। विकल्प B गलत है क्योंकि साधारण वायु में नाइट्रोजन और ऑक्सीजन होते हैं तथा हाइड्रोजन केवल नाममात्र, और ज्वाला के रंग का वायुमंडलीय हाइड्रोजन से कोई संबंध नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि खतरनाक दहन कोई रासायनिक पद ही नहीं है; बर्नर में खतरा अपूर्ण दहन से होता है, जिससे विषैली कार्बन मोनोऑक्साइड बनती है। विकल्प D गलत है क्योंकि ऑक्सीजन की कमी से उल्टा परिणाम मिलता है, यानी पीली कज्जली ज्वाला जिसमें बिना जले कार्बन कण चमकते हैं, और उपाय यह है कि बर्नर के वायु छिद्र साफ किए जाएं।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · 29 Feb 2020, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन पौधों को प्रभावित करने वाला जीवाणु जनित रोग है?

  1. A.क्राउन गॉल
  2. B.मोज़ेक
  3. C.कंडुआ (स्मट)
  4. D.ब्लिस्टर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. क्राउन गॉल

व्याख्या

सही उत्तर है A, क्राउन गॉल। क्राउन गॉल रोग एग्रोबैक्टीरियम ट्यूमिफेशिएंस नामक जीवाणु से होता है, जो तने के आधार यानी क्राउन के पास किसी घाव से भीतर पहुँचता है और वहाँ गाँठ जैसी खुरदरी सूजन बना देता है। यह जीवाणु अपने Ti प्लाज्मिड का एक टुकड़ा पौधे की कोशिकाओं में डालकर उन्हें लगातार विभाजित होने पर मजबूर करता है, और इसी प्राकृतिक गुण के कारण प्रयोगशालाओं में इसे पौधों में नए जीन पहुँचाने वाले वाहक के रूप में उपयोग किया जाता है। अंगूर, सेब, गुलाब, अखरोट और गुठलीदार फलों में यह रोग सबसे अधिक होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मोज़ेक रोग, जैसे तंबाकू मोज़ेक, विषाणु से होते हैं और पत्तियों पर हल्के-गहरे धब्बे बनाते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि गेहूँ, बाजरा और गन्ने का कंडुआ कवक जनित रोग है, जो बालियों को काले चूर्ण जैसे बीजाणुओं से भर देता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सरसों जैसी फसलों का सफेद ब्लिस्टर या सफेद रस्ट भी कवक जनित है और पत्तियों व तनों पर सफेद फफोले बनाता है। परीक्षा टिप: जीवाणु — क्राउन गॉल, सिट्रस कैंकर, धान का जीवाणु झुलसा; विषाणु — मोज़ेक; कवक — कंडुआ, रस्ट।

Q11.सामान्य विज्ञानमध्यम

विद्युत की सर्वोत्तम चालक धातु कौन-सी है?

  1. A.ताँबा
  2. B.एल्युमिनियम
  3. C.चाँदी
  4. D.सोना
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चाँदी

व्याख्या

सही उत्तर C, चाँदी है। चाँदी की विद्युत चालकता सभी धातुओं में सर्वाधिक है और ताप चालकता भी सर्वाधिक है, परंतु वह महँगी है और धूमिल हो जाती है, इसलिए उसका उपयोग केवल विशेष संपर्कों और उपकरणों में होता है। विकल्प A, ताँबा इसके बाद आता है और वास्तव में घरेलू तथा औद्योगिक वायरिंग में यही प्रयुक्त होता है, क्योंकि उसमें उच्च चालकता, उचित लागत और अच्छी तन्यता तीनों हैं; जो विद्यार्थी गुण के स्थान पर दैनिक उपयोग से उत्तर देते हैं वे इसे चुन लेते हैं। विकल्प B, एल्युमिनियम हल्का और सस्ता चालक है जो ऊपरी संचरण लाइनों में प्रयुक्त होता है, जहाँ भार अधिक महत्वपूर्ण है। विकल्प D, सोना अच्छा चालन करता है और संक्षारित नहीं होता, इसलिए वह सूक्ष्म इलेक्ट्रॉनिक संपर्कों पर चढ़ाया जाता है, परंतु वह चाँदी और ताँबे से नीचे है। क्रम याद रखें: चाँदी, ताँबा, सोना, एल्युमिनियम।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 21 April 2024मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा भाग नाभिकीय रिएक्टर का नहीं होता?

  1. A.टरबाइन
  2. B.ऊष्मा विनिमयक
  3. C.CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था
  4. D.अभिक्रिया कक्ष
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था

व्याख्या

सही उत्तर है C, CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था। नाभिकीय रिएक्टर भारी परमाणुओं का विखंडन करता है; इसमें कोई ईंधन जलता नहीं, इसलिए कार्बन डाइऑक्साइड निकलती ही नहीं और उसे घटाने की कोई व्यवस्था लगाने की जरूरत भी नहीं पड़ती। विखंडन से मिली ऊष्मा रिएक्टर के क्रोड में बनती है, शीतलक उसे बाहर लाता है, ऊष्मा विनिमयक या भाप जनित्र में वह पानी को दी जाती है और बनी भाप जनित्र से जुड़ी टरबाइन घुमाती है। कैडमियम या बोरॉन की नियंत्रक छड़ें अतिरिक्त न्यूट्रॉन सोख लेती हैं और भारी जल जैसा मंदक उन्हें धीमा करता है, जिससे विखंडन एक समान चलता रहे। विकल्प A सही भाग है, क्योंकि टरबाइन ही भाप की ऊर्जा को बिजली में बदलती है। विकल्प B सही भाग है, क्योंकि ऊष्मा विनिमयक रेडियोधर्मी शीतलक की ऊष्मा साफ पानी वाले चक्र तक पहुँचाता है। विकल्प D सही भाग है, क्योंकि अभिक्रिया कक्ष यानी ईंधन छड़ों वाला क्रोड ही वह जगह है जहाँ विखंडन होता है। परीक्षा टिप: नाभिकीय संयंत्र कार्बन डाइऑक्साइड नहीं छोड़ता, उसकी समस्या खर्चा हुआ रेडियोधर्मी ईंधन है।

Q13.सामान्य विज्ञानआसान

कार्बन परमाणुओं का आपस में जुड़कर लंबी शृंखलाएं और वलय बनाने का गुण क्या कहलाता है?

  1. A.चतुःसंयोजकता
  2. B.शृंखलन
  3. C.समावयवता
  4. D.अपररूपता
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. शृंखलन

व्याख्या

सही उत्तर B, शृंखलन है। शृंखलन एक ही तत्व के परमाणुओं का आपस में जुड़ना है, और कार्बन यह गुण किसी भी अन्य तत्व से अधिक दिखाता है क्योंकि कार्बन-कार्बन बंध छोटा और असाधारण रूप से मजबूत होता है, इसीलिए अनेक कार्बन परमाणुओं की शृंखला भी स्थायी रहती है। विकल्प A गलत है क्योंकि चतुःसंयोजकता अलग गुण है, यानी चार बंध उपलब्ध होना, जिससे कार्बन चार अन्य परमाणु थाम पाता है; दोनों गुण मिलकर कार्बन यौगिकों की विशाल संख्या समझाते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि समावयवता एक ही अणुसूत्र की भिन्न संरचनाओं का होना है, जैसे ब्यूटेन के दो रूप, और वह शृंखलन का परिणाम है, उसका नाम नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि अपररूपता किसी तत्व का भिन्न भौतिक रूपों में मिलना है, जैसे हीरा, ग्रेफाइट और फुलरीन।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · 14 March 2020, Shift 2मध्यम

अग्निशामक यंत्र में 'कार्बन डाइऑक्साइड' भराव को किस रंग की पट्टी से दर्शाया जाता है?

  1. A.लाल
  2. B.नीला
  3. C.सफेद
  4. D.काला
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. काला

व्याख्या

सही उत्तर है D, काला। अग्निशामक यंत्रों के रंग संकेत में काली पट्टी या लेबल कार्बन डाइऑक्साइड वाले यंत्र को दर्शाता है। सिलेंडर का शरीर सिग्नल लाल रंग का होता है और लेबल के पास लगी रंगीन पट्टी एक नज़र में बता देती है कि भीतर कौन-सा पदार्थ है, जिससे आपात स्थिति में सही सिलेंडर तुरंत उठाया जा सके। कार्बन डाइऑक्साइड वाला यंत्र आग को घेरकर बुझाता है: यह गैस हवा से भारी होती है, इसलिए ईंधन के पास से ऑक्सीजन हटा देती है, और हॉर्न से बाहर फैलते समय सतह को ठंडा भी कर देती है। चूँकि यह विद्युत की चालक नहीं है और कोई अवशेष नहीं छोड़ती, इसलिए विद्युत प्रवाहित उपकरणों, स्विचबोर्ड, प्रयोगशालाओं और कंप्यूटर कक्षों के लिए यही उपयुक्त है। विकल्प A गलत है, क्योंकि लाल पट्टी साधारण जल वाले यंत्र की पहचान है, जो लकड़ी और कागज़ की आग में काम आता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि नीला रंग सूखे चूर्ण का है, जो द्रव और गैस की आग में प्रयुक्त होता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि फोम वाले यंत्र का रंग क्रीम होता है, सफेद नहीं। परीक्षा टिप: लाल — जल, क्रीम — फोम, नीला — सूखा चूर्ण, काला — कार्बन डाइऑक्साइड, पीला — वेट केमिकल।

Q15.सामान्य विज्ञानमध्यम

गैलेना किस धातु का अयस्क है?

  1. A.सीसा
  2. B.पारा
  3. C.एल्युमिनियम
  4. D.लोहा
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सीसा

व्याख्या

सही उत्तर A, सीसा है। गैलेना लेड सल्फाइड है, वह मुख्य अयस्क जिससे सीसा प्राप्त होता है; सल्फाइड होने के कारण उसे फेन प्लवन विधि से सांद्रित किया जाता है और फिर अपचयन से पहले वायु में भर्जित करके ऑक्साइड बनाया जाता है। विकल्प B, पारा सिनेबार से प्राप्त होता है, जो मर्करी सल्फाइड है, और ये दोनों सल्फाइड सुमेलन प्रश्नों में प्रायः साथ रखे जाते हैं। विकल्प C, एल्युमिनियम बॉक्साइट से मिलता है, जो जलयोजित ऑक्साइड है, और एल्युमिनियम की अत्यधिक सक्रियता के कारण उसके ऑक्साइड का अपचयन विद्युत अपघटन से किया जाता है, कार्बन से नहीं। विकल्प D, लोहा हेमेटाइट और मैग्नेटाइट से मिलता है, जो दोनों ऑक्साइड हैं, और मैग्नेटाइट का पृथक्करण चुंबकीय विधि से होता है। अयस्क और धातु की जोड़ियाँ याद रखें: सीसे के लिए गैलेना, पारे के लिए सिनेबार, एल्युमिनियम के लिए बॉक्साइट।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · BPSC Assistant 2014 Official Paperआसान

सूर्यास्त के समय सूर्य लाल दिखाई देता है, क्योंकि

  1. A.सूर्य में केवल लाल रंग होता है
  2. B.लाल रंग का प्रकीर्णन अन्य रंगों की तुलना में अधिक होता है
  3. C.लाल रंग का प्रकीर्णन अन्य रंगों की तुलना में कम होता है
  4. D.हमारी आंखें लाल रंग के प्रति अधिक संवेदनशील होती हैं
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. लाल रंग का प्रकीर्णन अन्य रंगों की तुलना में कम होता है

व्याख्या

सही उत्तर है C, लाल रंग का प्रकीर्णन अन्य रंगों की तुलना में कम होता है। सूर्यास्त के समय सूर्य क्षितिज के पास होता है, इसलिए उसका प्रकाश हम तक पहुंचने से पहले वायुमंडल की कहीं अधिक मोटी परत से होकर गुजरता है। वायु के अणु छोटी तरंगदैर्घ्य वाले नीले और बैंगनी प्रकाश का प्रकीर्णन लंबी तरंगदैर्घ्य वाले लाल प्रकाश की तुलना में बहुत अधिक करते हैं; इसे रैले प्रकीर्णन कहते हैं, जिसमें प्रकीर्णन तरंगदैर्घ्य की चौथी घात के व्युत्क्रमानुपाती होता है। इस लंबे तिरछे मार्ग पर लगभग सारा नीला प्रकाश बिखर कर किरणपुंज से बाहर निकल जाता है और मुख्यतः लाल तथा नारंगी प्रकाश ही आंख तक पहुंचता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि सूर्य का प्रकाश श्वेत होता है और उसमें सातों रंग रहते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि सबसे अधिक प्रकीर्णन नीले रंग का होता है, इसीलिए दोपहर का आकाश नीला दिखता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह प्रभाव वायुमंडल का है, आंख की संवेदनशीलता का नहीं। परीक्षा टिप: रैले प्रकीर्णन से दोपहर में आकाश नीला और सूर्योदय तथा सूर्यास्त पर सूर्य लाल दिखता है।

Q17.सामान्य विज्ञानमध्यम

ग्रेफाइट विद्युत का चालन करता है जबकि हीरा नहीं, इसका कारण क्या है?

  1. A.ग्रेफाइट में धातु की अशुद्धियां होती हैं
  2. B.ग्रेफाइट में हर कार्बन परमाणु का एक इलेक्ट्रॉन मुक्त रहता है
  3. C.ग्रेफाइट किसी अन्य तत्व से बना है
  4. D.हीरे का गलनांक कम होता है
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ग्रेफाइट में हर कार्बन परमाणु का एक इलेक्ट्रॉन मुक्त रहता है

व्याख्या

सही उत्तर B है। ग्रेफाइट में हर कार्बन परमाणु परत के भीतर केवल तीन अन्य परमाणुओं से बंधा होता है, इसलिए हर परमाणु का चौथा संयोजी इलेक्ट्रॉन परत में मुक्त रूप से चल सकता है और चलते इलेक्ट्रॉन ही विद्युत धारा बनाते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि शुद्ध ग्रेफाइट स्वयं चालन करता है; अशुद्धियां कारण नहीं हैं और उच्च शुद्धता वाला कृत्रिम ग्रेफाइट भी उतना ही चालक है। विकल्प C गलत है क्योंकि हीरा और ग्रेफाइट दोनों केवल कार्बन से बने हैं, और इसी कारण उन्हें अपररूप कहा जाता है; अंतर केवल परमाणुओं की व्यवस्था का है। विकल्प D गलत है क्योंकि दृढ़ त्रिविमीय जालक के कारण हीरे का गलनांक वास्तव में बहुत ऊंचा होता है, और गलनांक से चालकता तय होती भी नहीं। हीरे में हर परमाणु चार अन्य से बंधा होने से कोई इलेक्ट्रॉन मुक्त नहीं बचता।

Q18.सामान्य विज्ञानआसान

यशदीकरण में लोहे या इस्पात पर किस धातु की परत चढ़ाई जाती है?

  1. A.टिन
  2. B.जिंक
  3. C.क्रोमियम
  4. D.निकल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जिंक

व्याख्या

सही उत्तर B, जिंक है। यशदीकरण में लोहे या इस्पात पर जिंक की परत चढ़ाई जाती है, सामान्यतः उसे पिघली धातु में डुबोकर, और यह परत लोहे की रक्षा दो प्रकार से करती है: वह वायु और आर्द्रता को रोकती है, तथा जिंक लोहे से अधिक सक्रिय होने के कारण उस स्थान पर भी स्वयं संक्षारित होता है जहाँ परत खुरच गई हो। विकल्प A, टिन का उपयोग खाद्य डिब्बों की टिनप्लेट में इस्पात पर परत चढ़ाने के लिए होता है, जिसे कलई करना कहते हैं, और वह केवल परत के अक्षत रहने तक रक्षा करता है। विकल्प C, क्रोमियम चमक तथा संक्षारण प्रतिरोध के लिए विद्युत लेपन द्वारा चढ़ाया जाता है और निकल के साथ स्टेनलेस स्टील में मिलाया भी जाता है। विकल्प D, निकल भी लेपन तथा मिश्रधातु की धातु है। याद रखें कि जंग लगने के लिए ऑक्सीजन और आर्द्रता दोनों आवश्यक हैं।

Q19.सामान्य विज्ञानमध्यम

समजातीय श्रेणी के दो क्रमागत सदस्यों में कितना अंतर होता है?

  1. A.CH2 और 14 द्रव्यमान इकाई
  2. B.CH3 और 15 द्रव्यमान इकाई
  3. C.C2H4 और 28 द्रव्यमान इकाई
  4. D.CH4 और 16 द्रव्यमान इकाई
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. CH2 और 14 द्रव्यमान इकाई

व्याख्या

सही उत्तर A, एक CH2 इकाई और चौदह द्रव्यमान इकाई है। मेथेन से एथेन जाने पर, या एथेनॉल से प्रोपेनॉल जाने पर, बारह द्रव्यमान का एक कार्बन और एक-एक द्रव्यमान के दो हाइड्रोजन जुड़ते हैं, जो कुल चौदह होते हैं, और यही निश्चित पग समजातीय श्रेणी को परिभाषित करता है। विकल्प B गलत है क्योंकि CH3 एक समूह है, क्रमागत सदस्यों का अंतर नहीं; ऐसे विषम खंड से भिन्न होकर कोई अणु उसी श्रेणी का स्थायी सदस्य नहीं रह सकता। विकल्प C गलत है क्योंकि C2H4 का अंतर एक साथ दो सदस्यों की छलांग होगी, जिसमें बीच का एक समजात छूट जाएगा। विकल्प D गलत है क्योंकि CH4 तो मेथेन का पूरा अणु है, श्रेणी का पग नहीं। ऐसी श्रेणी के सदस्यों में एक ही क्रियात्मक समूह होता है और क्वथनांक तथा घनत्व क्रमशः बदलते हैं।

Q20.सामान्य विज्ञानकठिन

निम्नलिखित में से कौन उभयधर्मी ऑक्साइड है?

  1. A.सोडियम ऑक्साइड
  2. B.एल्युमिनियम ऑक्साइड
  3. C.कार्बन डाइऑक्साइड
  4. D.सल्फर डाइऑक्साइड
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सही उत्तर: B. एल्युमिनियम ऑक्साइड

व्याख्या

सही उत्तर B, एल्युमिनियम ऑक्साइड है। उभयधर्मी ऑक्साइड अम्ल और क्षार दोनों से अभिक्रिया करके लवण बनाता है, और एल्युमिनियम ऑक्साइड ठीक यही करता है, हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के प्रति क्षारक की तरह और सोडियम हाइड्रॉक्साइड के प्रति अम्ल की तरह व्यवहार करता है; जिंक ऑक्साइड दूसरा उभयधर्मी ऑक्साइड है जो परीक्षाओं में पूछा जाता है। विकल्प A, सोडियम ऑक्साइड सामान्य धातु ऑक्साइड है और इसलिए क्षारकीय है, जो जल में घुलकर सोडियम हाइड्रॉक्साइड देता है। विकल्प C, कार्बन डाइऑक्साइड अधातु ऑक्साइड है और इसलिए अम्लीय है, जो जल में घुलकर कार्बोनिक अम्ल देता है, इसीलिए वह आर्द्र नीले लिटमस को लाल कर देता है। विकल्प D, सल्फर डाइऑक्साइड भी अम्लीय है और जल में सल्फ्यूरस अम्ल देता है। नियम और उसके दो अपवाद याद रखें।

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