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GK24
सामान्य विज्ञानमध्यम

समजातीय श्रेणी के दो क्रमागत सदस्यों में कितना अंतर होता है?

  1. A.CH2 और 14 द्रव्यमान इकाई
  2. B.CH3 और 15 द्रव्यमान इकाई
  3. C.C2H4 और 28 द्रव्यमान इकाई
  4. D.CH4 और 16 द्रव्यमान इकाई

सही उत्तर

A. CH2 और 14 द्रव्यमान इकाई

व्याख्या

सही उत्तर A, एक CH2 इकाई और चौदह द्रव्यमान इकाई है। मेथेन से एथेन जाने पर, या एथेनॉल से प्रोपेनॉल जाने पर, बारह द्रव्यमान का एक कार्बन और एक-एक द्रव्यमान के दो हाइड्रोजन जुड़ते हैं, जो कुल चौदह होते हैं, और यही निश्चित पग समजातीय श्रेणी को परिभाषित करता है। विकल्प B गलत है क्योंकि CH3 एक समूह है, क्रमागत सदस्यों का अंतर नहीं; ऐसे विषम खंड से भिन्न होकर कोई अणु उसी श्रेणी का स्थायी सदस्य नहीं रह सकता। विकल्प C गलत है क्योंकि C2H4 का अंतर एक साथ दो सदस्यों की छलांग होगी, जिसमें बीच का एक समजात छूट जाएगा। विकल्प D गलत है क्योंकि CH4 तो मेथेन का पूरा अणु है, श्रेणी का पग नहीं। ऐसी श्रेणी के सदस्यों में एक ही क्रियात्मक समूह होता है और क्वथनांक तथा घनत्व क्रमशः बदलते हैं।

पूरा लेख पढ़ें: कार्बन और उसके यौगिक: बंधन, अपररूप और परीक्षा प्रश्न

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Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 25 May 2019, Shift 3आसान

रसोई गैस (एलपीजी) मुख्यतः किससे बनी होती है?

  1. A.एथीन
  2. B.एथाइन
  3. C.प्रोपीन
  4. D.प्रोपेन और ब्यूटेन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. प्रोपेन और ब्यूटेन

व्याख्या

सही उत्तर D, प्रोपेन और ब्यूटेन है। द्रवित पेट्रोलियम गैस इन्हीं दो संतृप्त हाइड्रोकार्बनों का मिश्रण है, जो सामान्य दाब पर गैस रहते हैं पर हल्के दाब पर द्रव बन जाते हैं, जिससे बहुत सारा ईंधन छोटे सिलेंडर में आ जाता है; रिसाव पकड़ने के लिए इसमें तेज गंध वाला यौगिक मिलाया जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि एथीन असंतृप्त गैस है, जो पॉलिथीन बनाने और फल पकाने में काम आती है, रसोई ईंधन के रूप में नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि एथाइन यानी एसिटिलीन को ऑक्सीजन के साथ वेल्डिंग टॉर्च में जलाया जाता है और वह घरेलू सिलेंडर में नहीं आती। विकल्प C गलत है क्योंकि प्रोपीन प्लास्टिक उद्योग का कच्चा माल है, मुख्यतः पॉलिप्रोपिलीन के लिए। यह भी याद रखें कि वाहनों में प्रयुक्त सीएनजी मुख्यतः मेथेन है।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 22 Oct 2018, Shift 2मध्यम

C6H14 के कितने समावयवी होते हैं?

  1. A.3
  2. B.6
  3. C.4
  4. D.5
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सही उत्तर: D. 5

व्याख्या

सही उत्तर D, पांच है। हेक्सेन यानी C6H14 को छह कार्बन की सीधी शृंखला के रूप में, पांच कार्बन की शृंखला पर अलग-अलग स्थानों पर मेथिल शाखा के साथ दो रूपों में, तथा चार कार्बन की शृंखला पर शाखाओं के साथ दो रूपों में लिखा जा सकता है, जिससे एक ही अणुसूत्र की पांच भिन्न संरचनाएं बनती हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि तीन समावयवी पेंटेन यानी C5H12 के होते हैं, और छोटे सदस्य को याद रखने वाले अभ्यर्थी प्रायः यही चुन बैठते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि आरंभिक ऐल्केनों में छह किसी की संख्या नहीं है; अगला सदस्य हेप्टेन नौ समावयवी देता है। विकल्प C गलत है क्योंकि चार भी इस भाग के किसी ऐल्केन से मेल नहीं खाता। याद रखने योग्य क्रम सरल है: ब्यूटेन दो, पेंटेन तीन, हेक्सेन पांच, हेप्टेन नौ।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CPO · 10 Nov 2022, Shift 2मध्यम

जिन यौगिकों में ठीक दो कार्बन-कार्बन द्विबंध होते हैं, उन्हें क्या कहा जाता है?

  1. A.टरपीन
  2. B.डाइईन
  3. C.ट्राइऐल्काइन
  4. D.डाइऐल्काइन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. डाइईन

व्याख्या

सही उत्तर B, डाइईन है। उपसर्ग डाइ का अर्थ दो है और अंत में आने वाला ईन कार्बन-कार्बन द्विबंध बताता है, इसलिए डाइईन वह हाइड्रोकार्बन है जिसमें ठीक दो द्विबंध हों; कृत्रिम रबर का कच्चा माल ब्यूटा-1,3-डाइईन इसका मानक उदाहरण है। विकल्प A गलत है क्योंकि टरपीन प्राकृतिक यौगिकों का वह वर्ग है जो आइसोप्रीन इकाइयों से बनता है और पौधों के तेलों में मिलता है; उनमें कई द्विबंध हो सकते हैं पर नाम से संख्या तय नहीं होती। विकल्प C गलत है क्योंकि आइन अंत त्रिबंध बताता है, इसलिए ऐसा नाम तीन त्रिबंध का संकेत देगा, द्विबंध का नहीं। विकल्प D भी इसी कारण गलत है, क्योंकि उसका अर्थ दो त्रिबंध होगा। उपसर्ग से संख्या और अंत से बंध का प्रकार पढ़ लेना इस पूरे वर्ग के प्रश्न हल कर देता है।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 1 Sept 2022, Shift 3आसान

हाइड्रोकार्बनों की ऐल्काइन श्रेणी का पहला सदस्य कौन-सा है?

  1. A.प्रोपाइन
  2. B.एथाइन
  3. C.मेथाइन
  4. D.ब्यूटाइन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. एथाइन

व्याख्या

सही उत्तर B, एथाइन है। ऐल्काइन में कार्बन-कार्बन त्रिबंध होता है, जिसके लिए कम से कम दो कार्बन परमाणु चाहिए, इसलिए श्रेणी एथाइन यानी C2H2 से आरंभ होती है, जिसे एसिटिलीन भी कहते हैं और जो ऑक्सीजन के साथ वेल्डिंग में जलाई जाती है। विकल्प A गलत है क्योंकि तीन कार्बन वाला प्रोपाइन इस श्रेणी का दूसरा सदस्य है, पहला नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि मेथाइन नाम का कोई ऐल्काइन हो ही नहीं सकता: मेथेन में एक ही कार्बन परमाणु है और त्रिबंध बनाने के लिए दूसरा कार्बन है ही नहीं, और यही इस विकल्प का जाल है। विकल्प D गलत है क्योंकि चार कार्बन वाला ब्यूटाइन तीसरा सदस्य है। श्रेणी का सामान्य सूत्र CnH2n-2 है और n बराबर दो रखने पर C2H2 मिलता है, जो एथाइन को पहला सदस्य सिद्ध करता है।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 13 Jun, 2025, Shift 1आसान

गैस चूल्हे की ज्वाला नीली किस कारण जलती है?

  1. A.ईंधन का पूर्ण दहन
  2. B.वायु में हाइड्रोजन की उपस्थिति
  3. C.खतरनाक दहन
  4. D.अपर्याप्त ऑक्सीजन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. ईंधन का पूर्ण दहन

व्याख्या

सही उत्तर A, ईंधन का पूर्ण दहन है। जब बर्नर तक पर्याप्त वायु पहुंचती है तो ईंधन का हर कार्बन परमाणु पूरी तरह ऑक्सीकृत होकर कार्बन डाइऑक्साइड बनता है और ज्वाला नीली तथा अधिक गर्म रहती है, जिससे उतनी ही गैस से अधिकतम ऊष्मा मिलती है। विकल्प B गलत है क्योंकि साधारण वायु में नाइट्रोजन और ऑक्सीजन होते हैं तथा हाइड्रोजन केवल नाममात्र, और ज्वाला के रंग का वायुमंडलीय हाइड्रोजन से कोई संबंध नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि खतरनाक दहन कोई रासायनिक पद ही नहीं है; बर्नर में खतरा अपूर्ण दहन से होता है, जिससे विषैली कार्बन मोनोऑक्साइड बनती है। विकल्प D गलत है क्योंकि ऑक्सीजन की कमी से उल्टा परिणाम मिलता है, यानी पीली कज्जली ज्वाला जिसमें बिना जले कार्बन कण चमकते हैं, और उपाय यह है कि बर्नर के वायु छिद्र साफ किए जाएं।