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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 30

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 30) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 16 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: रासायनिक बंधन और अभिक्रियाएं, मानव नेत्र, लेंस और प्रकाश का विक्षेपण, अम्ल, क्षार और लवण और अन्य। इनमें से 18 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 9 Aug 2018, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा उभयधर्मी ऑक्साइड है?

  1. A.एल्युमिनियम ऑक्साइड
  2. B.आयरन (II) ऑक्साइड
  3. C.मैग्नीशियम ऑक्साइड
  4. D.कार्बन डाइऑक्साइड
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. एल्युमिनियम ऑक्साइड

व्याख्या

सही उत्तर A, एल्युमिनियम ऑक्साइड है। उभयधर्मी ऑक्साइड अम्ल और क्षार दोनों से क्रिया करके लवण तथा जल देता है। एल्युमिनियम ऑक्साइड हाइड्रोक्लोरिक अम्ल में घुलकर एल्युमिनियम क्लोराइड देता है और सोडियम हाइड्रॉक्साइड में घुलकर सोडियम एल्युमिनेट, अर्थात एक स्थिति में वह क्षार जैसा और दूसरी में अम्ल जैसा व्यवहार करता है। जिंक ऑक्साइड भी ऐसा ही करता है। विकल्प B गलत है क्योंकि आयरन ऑक्साइड क्षारीय ऑक्साइड है, जो अम्लों से क्रिया करता है पर क्षारों से नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि मैग्नीशियम ऑक्साइड प्रबल क्षारीय है; जल में घुलने पर वह क्षारीय विलयन देता है और केवल अम्लों से क्रिया करता है। विकल्प D गलत है क्योंकि कार्बन डाइऑक्साइड अधातु का विशिष्ट अम्लीय ऑक्साइड है, जो जल से कार्बोनिक अम्ल बनाता है और चूने के पानी जैसे क्षारों से क्रिया करता है। सबसे अधिक पूछे जाने वाले उभयधर्मी ऑक्साइड एल्युमिनियम और जस्ते के हैं।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 23 Apr 2017आसान

मानव आँख में रंगों की दृष्टि किन प्रकाशग्राही कोशिकाओं का कार्य है?

  1. A.रॉड्स (शलाका कोशिकाएँ)
  2. B.कोन्स (शंकु कोशिकाएँ)
  3. C.अंध बिंदु
  4. D.फोविया
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कोन्स (शंकु कोशिकाएँ)

व्याख्या

सही उत्तर है B, कोन्स (शंकु कोशिकाएँ)। रेटिना की शंकु कोशिकाएँ तेज़ प्रकाश में रंगों की पहचान कराती हैं। मानव रेटिना में दो तरह की प्रकाशग्राही कोशिकाएँ होती हैं। शंकु कोशिकाएँ लगभग साठ से सत्तर लाख होती हैं और रेटिना के मध्य भाग में घनी रूप से बैठी रहती हैं। ये तीन प्रकार की होती हैं, जो लाल, हरे और नीले प्रकाश के प्रति संवेदनशील हैं; मस्तिष्क इन्हीं संकेतों को मिलाकर हर रंग बनाता है। इन्हें काम करने के लिए अच्छा प्रकाश चाहिए, इसीलिए शाम ढलते ही रंग फीके लगने लगते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि शलाका कोशिकाएँ संख्या में बहुत अधिक हैं, पर वे मंद प्रकाश में काम करती हैं और केवल काले-सफेद रंग दिखाती हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि अंध बिंदु वह जगह है जहाँ से दृक तंत्रिका आँख से बाहर निकलती है और वहाँ कोई प्रकाशग्राही कोशिका नहीं होती। विकल्प D गलत है, क्योंकि फोविया रेटिना का एक छोटा गड्ढा है, कोशिका का प्रकार नहीं, यद्यपि वहाँ शंकु कोशिकाएँ सबसे अधिक होती हैं। परीक्षा टिप: रात और धूसर रंग के लिए रॉड्स, रंग और दिन के प्रकाश के लिए कोन्स; वर्णांधता शंकु कोशिकाओं का दोष है।

Q3.सामान्य विज्ञानआसान

बेकिंग सोडा का रासायनिक सूत्र क्या है?

  1. A.Na2CO3
  2. B.NaHCO3
  3. C.NaOH
  4. D.CaOCl2
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. NaHCO3

व्याख्या

सही उत्तर B, NaHCO3 है। बेकिंग सोडा सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट है, एक मृदु और संक्षारक न होने वाला क्षार, जिसका उपयोग प्रतिअम्ल के रूप में, टार्टरिक अम्ल जैसे खाद्य अम्ल के साथ बेकिंग पाउडर में, तथा सोडा अम्ल अग्निशामक में होता है, जहाँ यह कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ता है। विकल्प A गलत है क्योंकि Na2CO3 सोडियम कार्बोनेट है और उसका डेकाहाइड्रेट धोने का सोडा कहलाता है, जो सफाई और कठोर जल को मृदु करने में काम आता है। विकल्प C गलत है क्योंकि NaOH सोडियम हाइड्रॉक्साइड अर्थात कास्टिक सोडा है, जो क्लोर-क्षार प्रक्रम से मिलने वाला प्रबल क्षार है। विकल्प D गलत है क्योंकि CaOCl2 विरंजक चूर्ण है, जो शुष्क बुझे चूने पर क्लोरीन प्रवाहित करके बनता है। विद्यार्थियों को सबसे अधिक भ्रम सोडियम कार्बोनेट और सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट में होता है, इसलिए याद रखिए कि जिसके नाम में हाइड्रोजन है वही रसोई का बेकिंग सोडा है।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 21 April 2024मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा भाग नाभिकीय रिएक्टर का नहीं होता?

  1. A.टरबाइन
  2. B.ऊष्मा विनिमयक
  3. C.CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था
  4. D.अभिक्रिया कक्ष
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था

व्याख्या

सही उत्तर है C, CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था। नाभिकीय रिएक्टर भारी परमाणुओं का विखंडन करता है; इसमें कोई ईंधन जलता नहीं, इसलिए कार्बन डाइऑक्साइड निकलती ही नहीं और उसे घटाने की कोई व्यवस्था लगाने की जरूरत भी नहीं पड़ती। विखंडन से मिली ऊष्मा रिएक्टर के क्रोड में बनती है, शीतलक उसे बाहर लाता है, ऊष्मा विनिमयक या भाप जनित्र में वह पानी को दी जाती है और बनी भाप जनित्र से जुड़ी टरबाइन घुमाती है। कैडमियम या बोरॉन की नियंत्रक छड़ें अतिरिक्त न्यूट्रॉन सोख लेती हैं और भारी जल जैसा मंदक उन्हें धीमा करता है, जिससे विखंडन एक समान चलता रहे। विकल्प A सही भाग है, क्योंकि टरबाइन ही भाप की ऊर्जा को बिजली में बदलती है। विकल्प B सही भाग है, क्योंकि ऊष्मा विनिमयक रेडियोधर्मी शीतलक की ऊष्मा साफ पानी वाले चक्र तक पहुँचाता है। विकल्प D सही भाग है, क्योंकि अभिक्रिया कक्ष यानी ईंधन छड़ों वाला क्रोड ही वह जगह है जहाँ विखंडन होता है। परीक्षा टिप: नाभिकीय संयंत्र कार्बन डाइऑक्साइड नहीं छोड़ता, उसकी समस्या खर्चा हुआ रेडियोधर्मी ईंधन है।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · 28 Feb 2020, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन जंतु ऊतक का वर्ग नहीं है?

  1. A.उपकला (एपिथीलियल)
  2. B.पेशीय (मस्कुलर)
  3. C.संयोजी (कनेक्टिव)
  4. D.एरिओलर
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. एरिओलर

व्याख्या

सही उत्तर है D, एरिओलर। जंतु ऊतकों को चार वर्गों में बाँटा जाता है — उपकला, पेशीय, संयोजी और तंत्रिका ऊतक — और एरिओलर इनमें नहीं आता, क्योंकि वह स्वयं संयोजी ऊतक का एक प्रकार है। एरिओलर ऊतक ढीला भरावदार ऊतक है, जो त्वचा और पेशियों के बीच, रक्त वाहिकाओं तथा तंत्रिकाओं के आसपास और अस्थि मज्जा के भीतर मिलता है; यह रिक्त स्थान भरता है, अंगों को सहारा देता है और क्षतिग्रस्त भागों की मरम्मत में मदद करता है। चूँकि यह संयोजी वर्ग के भीतर ही आता है, इसे चार मुख्य वर्गों के साथ रखना वही भूल है जिसे प्रश्न पकड़वाना चाहता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि उपकला ऊतक चार वर्गों में से एक है और शरीर की सभी सतहों तथा गुहाओं को ढकता एवं आस्तरित करता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि पेशीय ऊतक भी इन चार में है और इसके तीन प्रकार होते हैं — रेखित, अरेखित और हृदयी। विकल्प C गलत है, क्योंकि संयोजी ऊतक एक मुख्य वर्ग है, जिसमें अस्थि, उपास्थि, रक्त, कंडरा, स्नायु, वसा और एरिओलर ऊतक शामिल हैं। परीक्षा टिप: चार जंतु ऊतक — उपकला, पेशीय, संयोजी, तंत्रिका; रक्त, अस्थि और एरिओलर सभी संयोजी।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · 14 March 2020, Shift 1आसान

क्लास A अग्निशामक की भूमिका क्या है?

  1. A.लकड़ी और कागज़ जैसे साधारण दहनशील पदार्थों की आग पर प्रयोग
  2. B.ज्वलनशील द्रवों की आग पर प्रयोग
  3. C.विद्युत प्रवाहित आग पर प्रयोग
  4. D.अदहनशील धातुओं पर प्रयोग
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. लकड़ी और कागज़ जैसे साधारण दहनशील पदार्थों की आग पर प्रयोग

व्याख्या

सही उत्तर है A, लकड़ी और कागज़ जैसे साधारण दहनशील पदार्थों की आग पर प्रयोग। आग को इस आधार पर वर्गों में बाँटा जाता है कि जल क्या रहा है, और क्लास A में साधारण ठोस ईंधन आते हैं — लकड़ी, कागज़, कपड़ा, पुआल, रबर और कई प्लास्टिक। ऐसी आग में दहकते अंगारे बचे रहते हैं, इसलिए उसे मुख्य रूप से ठंडा करके बुझाया जाता है और साधारण पानी या जल आधारित अग्निशामक इसके लिए सबसे सस्ता तथा सबसे प्रभावी उपाय है। विकल्प B गलत है, क्योंकि पेट्रोल, केरोसिन, तेल, पेंट और विलायक जैसे जलते द्रव क्लास B में आते हैं, जहाँ पानी आग फैला देगा और फोम या सूखा चूर्ण प्रयोग किया जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि विद्युत प्रवाहित उपकरणों की आग अलग वर्ग है — अमेरिकी पद्धति में क्लास C और भारतीय तथा यूरोपीय पद्धति में क्लास E — और उसमें कार्बन डाइऑक्साइड जैसा अचालक पदार्थ चाहिए, पानी कभी नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि मैग्नीशियम, सोडियम और पोटैशियम जैसी जलती धातुएँ क्लास D बनाती हैं और उनके लिए विशेष सूखा चूर्ण चाहिए, क्योंकि पानी उनसे तीव्र क्रिया करता है। परीक्षा टिप: A — ठोस, B — द्रव, C — गैस, D — धातु, F या K — खाना पकाने का तेल।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · 14 March 2020, Shift 2मध्यम

अग्निशामक यंत्र में 'कार्बन डाइऑक्साइड' भराव को किस रंग की पट्टी से दर्शाया जाता है?

  1. A.लाल
  2. B.नीला
  3. C.सफेद
  4. D.काला
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. काला

व्याख्या

सही उत्तर है D, काला। अग्निशामक यंत्रों के रंग संकेत में काली पट्टी या लेबल कार्बन डाइऑक्साइड वाले यंत्र को दर्शाता है। सिलेंडर का शरीर सिग्नल लाल रंग का होता है और लेबल के पास लगी रंगीन पट्टी एक नज़र में बता देती है कि भीतर कौन-सा पदार्थ है, जिससे आपात स्थिति में सही सिलेंडर तुरंत उठाया जा सके। कार्बन डाइऑक्साइड वाला यंत्र आग को घेरकर बुझाता है: यह गैस हवा से भारी होती है, इसलिए ईंधन के पास से ऑक्सीजन हटा देती है, और हॉर्न से बाहर फैलते समय सतह को ठंडा भी कर देती है। चूँकि यह विद्युत की चालक नहीं है और कोई अवशेष नहीं छोड़ती, इसलिए विद्युत प्रवाहित उपकरणों, स्विचबोर्ड, प्रयोगशालाओं और कंप्यूटर कक्षों के लिए यही उपयुक्त है। विकल्प A गलत है, क्योंकि लाल पट्टी साधारण जल वाले यंत्र की पहचान है, जो लकड़ी और कागज़ की आग में काम आता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि नीला रंग सूखे चूर्ण का है, जो द्रव और गैस की आग में प्रयुक्त होता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि फोम वाले यंत्र का रंग क्रीम होता है, सफेद नहीं। परीक्षा टिप: लाल — जल, क्रीम — फोम, नीला — सूखा चूर्ण, काला — कार्बन डाइऑक्साइड, पीला — वेट केमिकल।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 22 Sep 2018, Shift 1आसान

दो हड्डियां एक-दूसरे से जिस अन्य प्रकार के संयोजी ऊतक द्वारा जुड़ी होती हैं, उसे ___________ कहते हैं।

  1. A.कंडरा
  2. B.उपास्थि
  3. C.आधात्री
  4. D.स्नायु
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. स्नायु

व्याख्या

सही उत्तर है D, स्नायु। स्नायु यानी लिगामेंट वह संयोजी ऊतक है जो संधि पर एक हड्डी को दूसरी हड्डी से जोड़ता है। यह बहुत लचीला और मजबूत होता है तथा हड्डियों को अपनी जगह बनाए रखता है, जिससे संधि हिल-डुल सके और हड्डियां खिसक न जाएं। स्नायु में आधात्री बहुत कम होती है और संधि मुड़ने पर यह खिंच जाता है, इसी खिंचाव को मोच कहते हैं। A गलत है क्योंकि कंडरा यानी टेंडन मांसपेशी को हड्डी से जोड़ता है, यह रेशेदार और मजबूत होता है पर कम खिंचता है, ताकि मांसपेशी का खिंचाव सीधे हड्डी तक पहुंचे। B गलत है क्योंकि उपास्थि चिकना और लचीला ऊतक है जो हड्डियों के सिरों पर गद्दी बनाता है तथा नाक और कान को आकार देता है। C गलत है क्योंकि आधात्री वह पदार्थ है जिसमें संयोजी ऊतक की कोशिकाएं धंसी रहती हैं, यह स्वयं कोई रचना नहीं। परीक्षा टिप: स्नायु हड्डी से हड्डी, कंडरा मांसपेशी से हड्डी।

Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 11 Oct 2018, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से किसका उत्पादन पुनर्जनन और मुकुलन द्वारा किया जा सकता है?

  1. A.प्लेनेरिया
  2. B.हाइड्रा
  3. C.अमीबा
  4. D.यीस्ट
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. हाइड्रा

व्याख्या

सही उत्तर है B, हाइड्रा। दिए गए विकल्पों में हाइड्रा ही ऐसा जीव है जो मुकुलन और पुनर्जनन, दोनों से प्रजनन करता है।

मुकुलन में जनक हाइड्रा की देहभित्ति पर एक उभार बनता है, उसमें मुँह और स्पर्शक विकसित होते हैं और फिर वह टूटकर एक छोटा स्वतंत्र हाइड्रा बन जाता है। पुनर्जनन में शरीर से कटा हुआ टुकड़ा अपने शेष भाग फिर से बना लेता है और पूरा जीव बन जाता है, क्योंकि हाइड्रा में ऐसी अविभेदित कोशिकाएँ बड़ी संख्या में रहती हैं जो किसी भी ऊतक में बदल सकती हैं। ये दोनों अलैंगिक प्रजनन के रूप हैं, इसलिए संतान जनक की नकल होती है।

विकल्प A गलत है क्योंकि प्लेनेरिया केवल पुनर्जनन का उदाहरण है, उसमें मुकुलन नहीं होता। विकल्प C गलत है क्योंकि अमीबा द्विविभाजन से दो भागों में बँटता है। विकल्प D गलत है क्योंकि यीस्ट केवल मुकुलन करता है और वह जंतु नहीं, कवक है।

परीक्षा टिप: हाइड्रा में मुकुलन और पुनर्जनन, प्लेनेरिया में पुनर्जनन, अमीबा में द्विविभाजन, प्लाज्मोडियम में बहुविभाजन।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 20 April 2022, Shift 2आसान

बैसिल कैलमेट-गुएरिन (बीसीजी) ______ का टीका है।

  1. A.टाइफाइड
  2. B.क्षय रोग (टीबी)
  3. C.गलसुआ
  4. D.प्लेग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. क्षय रोग (टीबी)

व्याख्या

सही उत्तर है B, क्षय रोग (टीबी)। बीसीजी टीके का नाम फ्रांसीसी वैज्ञानिकों अल्बर्ट कैलमेट और कैमिली गुएरिन के नाम पर है, जिन्होंने माइकोबैक्टीरियम बोविस के दुर्बल किए गए प्रभेद से इसे तैयार किया था। भारत में इसे सार्वभौम टीकाकरण कार्यक्रम के तहत जन्म के तुरंत बाद एक खुराक में दिया जाता है और यह शिशुओं को मुख्यतः रोग के गंभीर रूपों, जैसे क्षय मेनिन्जाइटिस और मिलियरी टीबी, से बचाता है। क्षय रोग माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस जीवाणु से होता है, जिसकी पहचान 1882 में रॉबर्ट कॉख ने की थी, और यह रोगी के खाँसने से निकली बूँदों द्वारा फैलता है। विकल्प A गलत है क्योंकि साल्मोनेला टाइफी से होने वाले टाइफाइड के लिए अलग संयुग्मी टीका है। विकल्प C गलत है क्योंकि गलसुआ विषाणुजनित रोग है, जिसके लिए खसरा और रूबेला के साथ एमएमआर टीका लगाया जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि यर्सीनिया पेस्टिस से होने वाले प्लेग के लिए दूसरा टीका होता है। परीक्षा टिप: जन्म पर बीसीजी टीबी के लिए और विश्व क्षय रोग दिवस 24 मार्च को।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 6 Dec 2018, Shift 2आसान

मानव शरीर में निषेचन की प्रक्रिया कहाँ होती है?

  1. A.गर्भाशय
  2. B.फैलोपियन ट्यूब
  3. C.अंडाशय
  4. D.योनि
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. फैलोपियन ट्यूब

व्याख्या

सही उत्तर है B, फैलोपियन ट्यूब। मनुष्य में शुक्राणु और अंडाणु का मिलन फैलोपियन ट्यूब यानी अंडवाहिनी के भीतर होता है।

अंडाशय महीने में एक अंडाणु छोड़ता है और फैलोपियन ट्यूब का कीप जैसा मुँह उसे ग्रहण कर लेता है। शुक्राणु योनि से गर्भाशय ग्रीवा और गर्भाशय से गुजरकर इसी नली तक तैरते हैं, और निषेचन प्रायः नली के चौड़े ऊपरी भाग में होता है। निषेचित अंडाणु अब युग्मनज कहलाता है और नली की भित्ति उसे आगे बढ़ाती है, इस बीच वह विभाजित होता रहता है। कुछ दिनों में यह कोशिकाओं के गोले के रूप में गर्भाशय पहुँचता है, उसकी मोटी भित्ति में धँस जाता है और प्लेसेंटा की सहायता से वहीं विकसित होता है।

विकल्प A गलत है क्योंकि गर्भाशय में निषेचन के बाद भ्रूण रोपित होकर विकसित होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि अंडाशय केवल अंडाणु बनाता और छोड़ता है। विकल्प D गलत है क्योंकि योनि वह मार्ग है जिससे शुक्राणु प्रवेश करते हैं।

परीक्षा टिप: अंडाणु अंडाशय में बनता है, निषेचन फैलोपियन ट्यूब में होता है, विकास गर्भाशय में होता है।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · 20 Sep 2020मध्यम

निम्नलिखित में से कौन सी प्रक्रिया ठोस अशुद्धियों के शोधन के लिए उपयोगी नहीं है?

  1. A.आसवन
  2. B.ऊर्ध्वपातन
  3. C.क्रिस्टलीकरण
  4. D.उपरोक्त सभी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. आसवन

व्याख्या

सही उत्तर है A, आसवन। आसवन किसी द्रव को उबालकर और वाष्प को संघनित करके उसे विलयन या दूसरे द्रव से अलग करता है, इसलिए यह तभी काम आता है जब घटकों के क्वथनांक अलग हों, जैसे खारे पानी से शुद्ध पानी लेना या एसीटोन को पानी से अलग करना। ठोस अशुद्धियों वाले ठोस को शुद्ध करने की यह विधि नहीं है। विकल्प B उपयोगी है, क्योंकि ऊर्ध्वपातन उस ठोस को शुद्ध करता है जो गर्म करने पर सीधे वाष्प बन जाता है, जैसे कपूर, नेफ्थलीन, आयोडीन या अमोनियम क्लोराइड, और अवाष्पशील अशुद्धि पीछे रह जाती है। विकल्प C उपयोगी है, क्योंकि क्रिस्टलीकरण में ठोस को गर्म विलायक में घोलकर ठंडा करने पर शुद्ध क्रिस्टल बनते हैं; फिटकरी, कॉपर सल्फेट और चीनी इसी तरह शुद्ध होते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि तीन में से दो विधियाँ ठोस को शुद्ध करती हैं। परीक्षा टिप: ठोस के लिए ऊर्ध्वपातन और क्रिस्टलीकरण, द्रव के लिए आसवन।

Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · 16 Sept 2018मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा पहला पुनर्योगज (रीकॉम्बिनेंट) टीका है?

  1. A.पोलियो
  2. B.एड्स
  3. C.हेपेटाइटिस बी
  4. D.चेचक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. हेपेटाइटिस बी

व्याख्या

सही उत्तर है C, हेपेटाइटिस बी। हेपेटाइटिस बी का टीका पुनर्योगज डीएनए तकनीक से बनने वाला पहला टीका था। वैज्ञानिकों ने हेपेटाइटिस बी विषाणु के सतही प्रोटीन का जीन काटकर यीस्ट कोशिकाओं में डाल दिया; यीस्ट ने वह प्रोटीन बड़ी मात्रा में बनाया और शुद्ध किए गए इसी प्रोटीन को टीके के रूप में लगाया जाता है। चूँकि इसमें पूरा विषाणु नहीं, केवल एक प्रोटीन होता है, इसलिए टीके से रोग होने का खतरा नहीं रहता – यही पुनर्योगज टीकों की सबसे बड़ी खूबी है। यह टीका 1980 के दशक के मध्य में स्वीकृत हुआ और भारत में शिशुओं को लगने वाले पेंटावेलेंट टीके का हिस्सा है। A गलत है क्योंकि पोलियो का टीका या तो साल्क का मृत विषाणु टीका है या सेबिन का जीवित दुर्बलीकृत टीका। B गलत है क्योंकि एड्स का कोई टीका अब तक स्वीकृत नहीं हुआ है। D गलत है क्योंकि चेचक के टीके में जीवित वैक्सीनिया विषाणु प्रयुक्त होता था और 1980 में इस रोग के उन्मूलन की घोषणा हो चुकी है। परीक्षा टिप: हेपेटाइटिस बी – पहला पुनर्योगज टीका, यीस्ट में तैयार।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · 16 Dec, 2018मध्यम

किसी तैरती वस्तु के स्थायी संतुलन में होने के लिए उसका प्लव केंद्र (मेटासेंटर) होना चाहिए -

  1. A.गुरुत्व केंद्र के नीचे
  2. B.उत्प्लावन केंद्र के नीचे
  3. C.उत्प्लावन केंद्र के ऊपर
  4. D.गुरुत्व केंद्र के ऊपर
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. गुरुत्व केंद्र के ऊपर

व्याख्या

सही उत्तर है D, गुरुत्व केंद्र के ऊपर। तैरती वस्तु थोड़ा झुकती है तो उत्प्लावन केंद्र हटकर नए विस्थापित जल के केंद्र पर आ जाता है, और उससे खींची गई ऊर्ध्व रेखा वस्तु की मूल अक्ष को जिस बिंदु पर काटती है उसे प्लव केंद्र कहते हैं। यदि यह बिंदु गुरुत्व केंद्र के ऊपर हो, तो भार और उत्प्लावन बल मिलकर ऐसा बल युग्म बनाते हैं जो वस्तु को पुरानी स्थिति में लौटा देता है, अर्थात संतुलन स्थायी होता है; दोनों बिंदुओं की दूरी प्लव केंद्रीय ऊंचाई कहलाती है और यह अधिक होने पर वस्तु जल्दी-जल्दी हिलती है। विकल्प A ठीक उलटी स्थिति है: प्लव केंद्र गुरुत्व केंद्र से नीचे हो तो वही बल युग्म वस्तु को और झुका देता है, जो अस्थायी संतुलन है, और दोनों बिंदु एक ही जगह हों तो संतुलन उदासीन होता है। विकल्प B और C गलत हैं, क्योंकि उत्प्लावन केंद्र के सापेक्ष प्लव केंद्र की स्थिति से कुछ तय नहीं होता; स्थायित्व केवल गुरुत्व केंद्र के सापेक्ष स्थिति से तय होता है। परीक्षा टिप: प्लव केंद्र गुरुत्व केंद्र के ऊपर तो स्थायी, नीचे तो वस्तु पलट जाती है।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · 3 March 2019मध्यम

कौन-सा औषधीय पौधा 'विंटर चेरी' के नाम से जाना जाता है?

  1. A.अश्वगंधा
  2. B.गुलाब
  3. C.लिली
  4. D.चाँदनी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अश्वगंधा

व्याख्या

सही उत्तर है A, अश्वगंधा। अश्वगंधा का वानस्पतिक नाम विथानिया सोम्नीफेरा है और अंग्रेजी में इसे 'विंटर चेरी' कहा जाता है, क्योंकि इसके पतले आवरण के भीतर छोटा लाल फल लगता है। इसे 'इंडियन जिनसेंग' भी कहते हैं। इसका उपयोगी भाग जड़ है, जिसे आयुर्वेद में कमजोरी, तनाव और नींद न आने की स्थिति में बलवर्धक के रूप में दिया जाता है; ताजी जड़ से घोड़े जैसी गंध आने के कारण ही इसका नाम अश्वगंधा पड़ा। यह सूखे इलाकों का कड़ा पौधा है, इसलिए राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात इसके मुख्य उत्पादक राज्य हैं; राजस्थान के नागौर की 'नागौरी' किस्म तथा मध्य प्रदेश के मंदसौर-नीमच क्षेत्र की खेती सबसे प्रसिद्ध है। B गलत है क्योंकि गुलाब सजावटी और इत्र वाली फसल है। C गलत है क्योंकि लिली कंद से उगने वाला बागवानी पुष्प है। D गलत है क्योंकि चाँदनी सफेद फूलों वाला सजावटी झाड़ीदार पौधा है। परीक्षा टिप: अश्वगंधा – विथानिया सोम्नीफेरा, विंटर चेरी, जड़ का उपयोग।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 30 Aug 2019, Shift 2मध्यम

कौन-सा विशेष प्रकार का डायोड प्रवर्धन (amplification) और दोलन (oscillation) दोनों करने में सक्षम है?

  1. A.प्वाइंट कॉन्टैक्ट डायोड
  2. B.जेनर डायोड
  3. C.जंक्शन डायोड
  4. D.टनल डायोड
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. टनल डायोड

व्याख्या

सही उत्तर है D, टनल डायोड। टनल डायोड, जिसे 1957 में इसे बनाने वाले लियो एसाकी के नाम पर एसाकी डायोड भी कहा जाता है, दोनों ओर से बहुत अधिक अपमिश्रित (हेवीली डोप्ड) होता है, इसलिए इसकी अवक्षय परत बहुत पतली रहती है और इलेक्ट्रॉन क्वांटम टनलिंग द्वारा उसे पार कर जाते हैं। इसके अग्र अभिलक्षण के एक भाग में वोल्टता बढ़ने पर धारा घटने लगती है, जिससे ऋणात्मक प्रतिरोध का क्षेत्र बनता है, और इसी गुण के कारण यह डायोड संकेत का प्रवर्धन भी कर सकता है और परिपथ में दोलन भी बनाए रख सकता है। यह अत्यंत तेजी से स्विच करता है और माइक्रोवेव दोलित्रों तथा उच्च आवृत्ति परिपथों में प्रयोग होता है। A गलत है क्योंकि प्वाइंट कॉन्टैक्ट डायोड उच्च आवृत्ति संकेतों की संसूचन और दिष्टकरण के लिए काम आता है। B गलत है क्योंकि जेनर डायोड उत्क्रम भंजन में कार्य करता है और वोल्टता नियंत्रण के लिए प्रयोग होता है। C गलत है क्योंकि साधारण जंक्शन डायोड केवल दिष्टकारी है, जो धारा को एक ही दिशा में जाने देता है। परीक्षा टिप: टनल डायोड में ऋणात्मक प्रतिरोध होता है, इसलिए वह प्रवर्धन और दोलन दोनों कर सकता है; जेनर डायोड वोल्टता नियंत्रण के लिए।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · 26 Sept 2021मध्यम

बकरी का वैज्ञानिक नाम क्या है?

  1. A.कैप्रा एगेग्रस हिरकस (Capra Aegagrus Hircus)
  2. B.बॉस इंडिकस (Bos Indicus)
  3. C.सस स्क्रोफा (Sus Scrofa)
  4. D.ओविस एरीज़ (Ovis Aries)
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. कैप्रा एगेग्रस हिरकस (Capra Aegagrus Hircus)

व्याख्या

सही उत्तर है A, कैप्रा एगेग्रस हिरकस। पालतू बकरी को जंगली बकरी की उपजाति माना जाता है, इसलिए उसके नाम में तीन भाग आते हैं — वंश Capra, जाति aegagrus और उपजाति hircus। संक्षेप में इसे Capra hircus भी लिखा जाता है। द्विनाम पद्धति कार्ल लीनियस ने दी थी, जिसमें वंश का नाम बड़े अक्षर से शुरू होता है, जाति का नाम छोटे अक्षर से, और पूरा नाम इटैलिक में छापा या हाथ से लिखते समय रेखांकित किया जाता है। बकरी उन पहले पशुओं में है जिन्हें मनुष्य ने पालतू बनाया — पश्चिमी एशिया में लगभग दस हज़ार वर्ष पहले, और आज भारत में दुनिया की सबसे बड़ी बकरी आबादी में से एक है। विकल्प B गलत है, क्योंकि Bos indicus कूबड़ वाला भारतीय गोवंश यानी ज़ेबू है। विकल्प C गलत है, क्योंकि Sus scrofa जंगली सूअर है, जो पालतू सूअर का पूर्वज है। विकल्प D गलत है, क्योंकि Ovis aries पालतू भेड़ है, जिसे ऐसे प्रश्नों में बकरी के साथ सबसे अधिक भ्रमित किया जाता है। परीक्षा टिप: बकरी Capra hircus, भेड़ Ovis aries, गाय Bos indicus, भैंस Bubalus bubalis।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · 29 Feb 2020, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन पौधों को प्रभावित करने वाला जीवाणु जनित रोग है?

  1. A.क्राउन गॉल
  2. B.मोज़ेक
  3. C.कंडुआ (स्मट)
  4. D.ब्लिस्टर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. क्राउन गॉल

व्याख्या

सही उत्तर है A, क्राउन गॉल। क्राउन गॉल रोग एग्रोबैक्टीरियम ट्यूमिफेशिएंस नामक जीवाणु से होता है, जो तने के आधार यानी क्राउन के पास किसी घाव से भीतर पहुँचता है और वहाँ गाँठ जैसी खुरदरी सूजन बना देता है। यह जीवाणु अपने Ti प्लाज्मिड का एक टुकड़ा पौधे की कोशिकाओं में डालकर उन्हें लगातार विभाजित होने पर मजबूर करता है, और इसी प्राकृतिक गुण के कारण प्रयोगशालाओं में इसे पौधों में नए जीन पहुँचाने वाले वाहक के रूप में उपयोग किया जाता है। अंगूर, सेब, गुलाब, अखरोट और गुठलीदार फलों में यह रोग सबसे अधिक होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मोज़ेक रोग, जैसे तंबाकू मोज़ेक, विषाणु से होते हैं और पत्तियों पर हल्के-गहरे धब्बे बनाते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि गेहूँ, बाजरा और गन्ने का कंडुआ कवक जनित रोग है, जो बालियों को काले चूर्ण जैसे बीजाणुओं से भर देता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सरसों जैसी फसलों का सफेद ब्लिस्टर या सफेद रस्ट भी कवक जनित है और पत्तियों व तनों पर सफेद फफोले बनाता है। परीक्षा टिप: जीवाणु — क्राउन गॉल, सिट्रस कैंकर, धान का जीवाणु झुलसा; विषाणु — मोज़ेक; कवक — कंडुआ, रस्ट।

Q19.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 21 Aug 2018, Shift 3आसान

वनस्पति तेल के हाइड्रोजनीकरण में निम्नलिखित में से किसे उत्प्रेरक के रूप में प्रयोग किया जाता है?

  1. A.Pb
  2. B.Ni
  3. C.H2
  4. D.He
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. Ni

व्याख्या

सही उत्तर B, Ni अर्थात निकल है। वनस्पति तेलों में असंतृप्त वसा अम्ल होते हैं जिनमें कार्बन-कार्बन द्विबंध रहते हैं, और जब लगभग 60 डिग्री सेल्सियस पर बारीक विभाजित निकल की उपस्थिति में तेल में हाइड्रोजन प्रवाहित की जाती है तो द्विबंध हाइड्रोजन जोड़कर संतृप्त हो जाते हैं और द्रव तेल अर्ध-ठोस वनस्पति घी में बदल जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि सीसा हाइड्रोजनीकरण का उत्प्रेरक नहीं है; कुछ अभिक्रियाओं में तो उसे उत्प्रेरक विष के रूप में प्रयोग किया जाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि हाइड्रोजन वह अभिकारक है जो द्विबंध पर जुड़ता है, उत्प्रेरक नहीं, जबकि प्रश्न उस पदार्थ का है जो स्वयं व्यय हुए बिना अभिक्रिया तेज करे। विकल्प D गलत है क्योंकि हीलियम उत्कृष्ट गैस है, रासायनिक रूप से निष्क्रिय, और किसी ऐसी अभिक्रिया में भाग नहीं लेती। औद्योगिक उत्प्रेरक याद रखें: हाइड्रोजनीकरण में निकल, हैबर प्रक्रम में लोहा और संपर्क प्रक्रम में वैनेडियम पेंटॉक्साइड।

Q20.सामान्य विज्ञानआसान

चींटी के डंक में कौन सा अम्ल होता है?

  1. A.फॉर्मिक अम्ल
  2. B.सिट्रिक अम्ल
  3. C.लैक्टिक अम्ल
  4. D.टार्टरिक अम्ल
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. फॉर्मिक अम्ल

व्याख्या

सही उत्तर A, फॉर्मिक अम्ल है। चींटी का डंक और बिच्छू बूटी के रोम फॉर्मिक अम्ल छोड़ते हैं, जिसे मेथेनोइक अम्ल भी कहते हैं, और इसी से त्वचा में जलन होती है; बेकिंग सोडा जैसे मृदु क्षार या डॉक पौधे की पत्ती रगड़ने से अम्ल उदासीन होकर राहत मिलती है। विकल्प B गलत है क्योंकि सिट्रिक अम्ल नींबू, संतरे और अन्य खट्टे फलों में होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि लैक्टिक अम्ल दही और खट्टे दूध में बनता है, तथा कठिन व्यायाम के समय माँसपेशियों में भी। विकल्प D गलत है क्योंकि टार्टरिक अम्ल इमली और अंगूर में मिलता है और बेकिंग पाउडर में बेकिंग सोडा के साथ प्रयुक्त होता है। यह प्रश्न इसलिए भी प्रिय है कि इसके साथ उदासीनीकरण का विचार जुड़ा है: अम्लीय चींटी के डंक का उपचार क्षार से होता है, जबकि क्षारीय ततैया के डंक पर सिरके जैसा मृदु अम्ल लगाया जाता है।

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