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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 13

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 13) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 20 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: मात्रक और मापन, तरल: उत्प्लावन, श्यानता और पृष्ठ तनाव, गति, बल और गति के नियम और अन्य। इनमें से 18 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · RPSC 2nd Grade Science - 2015 Official Pमध्यम

किसी पदार्थ का तापमान 27°C बढ़ जाता है। केल्विन पैमाने पर यह वृद्धि होगी -

  1. A.2.46 K
  2. B.7 K
  3. C.27 K
  4. D.300 K
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 27 K

व्याख्या

सही उत्तर है C, 27 K। 27°C की वृद्धि 27 K की ही वृद्धि होती है, क्योंकि एक डिग्री सेल्सियस और एक केल्विन का आकार बिल्कुल बराबर होता है। दोनों पैमानों में अंतर केवल शुरुआत का है: बर्फ का गलनांक 0°C है, पर वही बिंदु 273.15 K होता है। इसलिए T(K) = t(°C) + 273.15 सूत्र किसी पाठ्यांक को बदलने पर लगता है, ताप के अंतर पर नहीं। जब दो तापमान घटाए जाते हैं तो 273.15 कट जाता है, इसी कारण वृद्धि, कमी या अंतराल दोनों पैमानों पर एक ही संख्या रहती है। विकल्प D, 300 K, इस प्रश्न का जाल है: 27 + 273 उस वस्तु का केल्विन पाठ्यांक है जो 27°C पर है, 27 डिग्री की वृद्धि का माप नहीं। विकल्प A और B किसी गणना से नहीं निकलते; इनके लिए सेल्सियस से छोटे विभाजन वाला पैमाना चाहिए, और केल्विन ऐसा मात्रक नहीं है। परीक्षा टिप: पाठ्यांक में 273.15 जोड़ें, पर अंतराल सीधे वैसा ही लिखें।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 15 June 2022, Shift 1आसान

यह कथन कि किसी द्रव में पूर्ण या आंशिक रूप से डूबी वस्तु पर लगने वाला ऊपर की ओर उत्प्लावन बल उस वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर होता है, किससे संबंधित है?

  1. A.आर्किमिडीज का सिद्धांत
  2. B.बर्नूली का सिद्धांत
  3. C.बीयर लैम्बर्ट नियम
  4. D.पास्कल का नियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. आर्किमिडीज का सिद्धांत

व्याख्या

सही उत्तर है A, आर्किमिडीज का सिद्धांत। इसके अनुसार द्रव में पूरी या आंशिक रूप से डूबी वस्तु पर लगने वाला उत्प्लावन बल उतना ही होता है जितना उस वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव का भार। यही कारण है कि कुएँ के भीतर पानी से भरी बाल्टी हल्की लगती है और लोहे का बना विशाल जहाज भी तैरता रहता है, क्योंकि उसका खोखला आकार इतना पानी हटाता है कि वह उसके अपने भार को संभाल ले। इसी सिद्धांत से प्लवन का नियम निकलता है और हाइड्रोमीटर से द्रव का घनत्व तथा धातु की शुद्धता मापी जाती है। B गलत है क्योंकि बर्नूली का सिद्धांत बहते द्रव की चाल और दाब के संबंध को बताता है और वायुयान के पंख पर उठाव समझाता है। C गलत है क्योंकि बीयर-लैम्बर्ट नियम यह बताता है कि विलयन से गुजरते समय प्रकाश कितना अवशोषित होता है। D गलत है क्योंकि पास्कल का नियम कहता है कि बंद द्रव पर लगाया गया दाब हर दिशा में समान रूप से फैलता है, जिस पर हाइड्रोलिक ब्रेक और लिफ्ट काम करते हैं। परीक्षा टिप: उत्प्लावन के लिए आर्किमिडीज, हाइड्रोलिक प्रेस के लिए पास्कल, पंख के उठाव के लिए बर्नूली।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 30 Aug 2018, Shift 1कठिन

5 N बल लगाने पर m1 kg द्रव्यमान का एक लकड़ी का गुटका 10 m/s² से त्वरित होता है। उतना ही बल लगाने पर m2 kg द्रव्यमान का दूसरा गुटका 20 m/s² से त्वरित होता है। यदि दोनों गुटकों को एक साथ बाँधकर उन पर वही बल लगाया जाए, तो त्वरण लगभग कितना होगा?

  1. A.6.67 m/s²
  2. B.1.67 m/s²
  3. C.5.67 m/s²
  4. D.4.67 m/s²
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 6.67 m/s²

व्याख्या

सही उत्तर है A, 6.67 m/s²। पहले F = ma से दोनों द्रव्यमान निकालें, उन्हें जोड़ें और फिर उसी बल को कुल द्रव्यमान से भाग दें। पहले गुटके से m1 = 5 ÷ 10 = 0.5 kg और दूसरे से m2 = 5 ÷ 20 = 0.25 kg मिलता है। बाँधने पर दोनों एक ही पिंड की तरह चलते हैं, जिसका द्रव्यमान 0.5 + 0.25 = 0.75 kg है, और वही 5 N बल अब 5 ÷ 0.75 यानी लगभग 6.67 m/s² का त्वरण देता है। बँधे हुए गुटकों का त्वरण हमेशा दोनों अलग-अलग त्वरणों से कम होता है, क्योंकि उतने ही बल को अधिक द्रव्यमान खिसकाना पड़ता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1.67 m/s² इस हल के किसी चरण से मेल नहीं खाता। विकल्प C गलत है, क्योंकि 5.67 m/s² के लिए कुल द्रव्यमान लगभग 0.88 kg चाहिए। विकल्प D गलत है, क्योंकि 4.67 m/s² के लिए कुल द्रव्यमान लगभग 1.07 kg चाहिए। परीक्षा टिप: एक ही बल पर बँधे गुटकों में व्युत्क्रम जुड़ते हैं, यानी 1/a = 1/a1 + 1/a2।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 28 June 2019, Shift 3आसान

हीरे में प्रत्येक कार्बन परमाणु कितने कार्बन परमाणुओं से जुड़ा होता है?

  1. A.दो
  2. B.पाँच
  3. C.तीन
  4. D.चार
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. चार

व्याख्या

सही उत्तर है D, चार। हीरे में हर कार्बन परमाणु चार दूसरे कार्बन परमाणुओं से मज़बूत सहसंयोजक (covalent) बंधों द्वारा जुड़ा होता है। ये बंध चतुष्फलक (tetrahedron) के कोनों की ओर होते हैं और पूरे क्रिस्टल में एक कठोर त्रिविमीय जाल बना देते हैं। इसी जाल के कारण हीरा सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ है और काटने व ड्रिलिंग के औज़ारों में इस्तेमाल होता है। चारों संयोजी इलेक्ट्रॉन बंध बनाने में लग जाते हैं और कोई मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं बचता, इसलिए हीरा बिजली का चालन नहीं करता। कार्बन के दूसरे रूप ग्रेफाइट में हर परमाणु केवल तीन कार्बन से जुड़कर षट्कोणीय परतें बनाता है; बचा हुआ इलेक्ट्रॉन उसे विद्युत चालक बनाता है। A गलत है क्योंकि दो बंधों से ठोस त्रिविमीय जाल नहीं बनता। B गलत है क्योंकि कार्बन की संयोजकता चार है, वह पाँच बंध नहीं बनाता। C गलत है क्योंकि तीन बंध ग्रेफाइट की पहचान है, हीरे की नहीं। परीक्षा टिप: हीरा = 4 बंध, कठोर, कुचालक; ग्रेफाइट = 3 बंध, नरम, सुचालक।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 13 Aug 2018, Shift 1मध्यम

एक गेंद को 10 m की ऊँचाई से गिराया जाता है। वह ज़मीन से टकराकर 2.5 m की ऊँचाई तक उछलती है। टक्कर के दौरान गतिज ऊर्जा में प्रतिशत हानि कितनी है?

  1. A.100%
  2. B.25%
  3. C.50%
  4. D.75%
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 75%

व्याख्या

सही उत्तर है D, 75%। गेंद 10 मीटर से गिरती है पर वापस केवल 2.5 मीटर तक ही उछलती है, यानी वह अपनी ऊर्जा का एक चौथाई भाग ही रख पाती है। ज़मीन से टकराने से ठीक पहले गेंद की गतिज ऊर्जा उतनी ही होती है जितनी ऊपर उसकी स्थितिज ऊर्जा थी, अर्थात mgh जिसमें h = 10 मीटर है। उछलने के ठीक बाद गतिज ऊर्जा केवल इतनी बचती है कि गेंद 2.5 मीटर तक जा सके, यानी mg का 2.5 गुना। दोनों का अनुपात 2.5 बटा 10 यानी एक चौथाई है, इसलिए 25 प्रतिशत गतिज ऊर्जा बची और 75 प्रतिशत टक्कर में ऊष्मा और ध्वनि के रूप में नष्ट हो गई। द्रव्यमान दोनों ओर कट जाता है, इसलिए उत्तर केवल ऊँचाइयों से तय होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि गेंद उछलती है, अतः पूरी ऊर्जा नष्ट नहीं हुई। विकल्प B गलत है, क्योंकि 25 प्रतिशत बची हुई ऊर्जा है, हानि नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि आधी ऊर्जा जाने पर गेंद 5 मीटर तक उछलती। परीक्षा टिप: उछाल में हानि = (1 − h2/h1) × 100 प्रतिशत।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 04 Feb 2025, Shift 2आसान

कपड़ा उद्योग में कपड़े को सफेद करने (या रंग हटाने) के लिए किस रसायन का उपयोग किया जाता है?

  1. A.सोडियम कार्बोनेट
  2. B.सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट
  3. C.कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड
  4. D.कैल्शियम क्लोराइड
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड

व्याख्या

सही उत्तर है C, कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड। कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड (CaOCl2) ही ब्लीचिंग पाउडर है, और इससे निकलने वाली क्लोरीन कपड़ा उद्योग में सूती और लिनन कपड़ों का रंग हटाती है। इसे सूखे बुझे चूने, यानी Ca(OH)2, पर क्लोरीन गैस प्रवाहित करके बनाया जाता है। पानी या तनु अम्ल के साथ क्रिया करने पर यह क्लोरीन छोड़ता है, और यह क्लोरीन रंग वाले पदार्थों का ऑक्सीकरण करके उन्हें रंगहीन बना देती है। ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग कागज मिलों में लकड़ी की लुगदी को सफेद करने और पीने के पानी को कीटाणुरहित करने में भी होता है, इसलिए इसमें क्लोरीन की गंध आती है। A गलत है क्योंकि सोडियम कार्बोनेट धोने का सोडा है, जो पानी की स्थायी कठोरता दूर करने और कांच बनाने में काम आता है। B गलत है क्योंकि सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट खाने का सोडा है, जो खाना पकाने और एंटासिड में काम आता है। D गलत है क्योंकि कैल्शियम क्लोराइड नमी सोखने वाला शुष्कन कारक है, विरंजक नहीं। परीक्षा टिप: ब्लीचिंग पाउडर CaOCl2, धोने का सोडा Na2CO3·10H2O, खाने का सोडा NaHCO3।

Q7.सामान्य विज्ञानआसान

दाब का एसआई मात्रक क्या है?

  1. A.न्यूटन
  2. B.पास्कल
  3. C.जूल
  4. D.वाट
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पास्कल

व्याख्या

सही उत्तर B, पास्कल है। दाब प्रति इकाई क्षेत्रफल प्रणोद है, इसलिए उसका मात्रक एक न्यूटन प्रति वर्ग मीटर है और इसी मात्रक का नाम ब्लेज पास्कल के सम्मान में पास्कल रखा गया है। समुद्र तल पर वायुमंडलीय दाब लगभग एक लाख एक हजार पास्कल होता है, और व्यावसायिक मात्रक बार एक लाख पास्कल के बराबर है।

विकल्प A, न्यूटन, स्वयं बल का एसआई मात्रक है, क्षेत्रफल पर फैले बल का नहीं, और वह दाब की परिभाषा में अंश है। विकल्प C, जूल, कार्य और ऊर्जा का मात्रक है और न्यूटन मीटर के बराबर है, अर्थात बल गुणा दूरी, न कि बल बटा क्षेत्रफल। विकल्प D, वाट, शक्ति का मात्रक है और एक जूल प्रति सेकंड के बराबर है। चारों को एक साथ याद करें, क्योंकि प्रश्नपत्र बार-बार पूछते हैं कि कौन सा मात्रक किस राशि का है और पास्कल, न्यूटन, जूल तथा वाट एक ही विकल्प सूची में आते हैं।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS (I) 2024, 21 Apr 2024आसान

मानव शरीर की किन कोशिकाओं में केंद्रक नहीं होता?

  1. A.पेशी कोशिकाएं
  2. B.भक्षक (फैगोसाइटिक) कोशिकाएं
  3. C.लाल रक्त कोशिकाएं
  4. D.पक्ष्माभी (सिलियेटेड) कोशिकाएं
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. लाल रक्त कोशिकाएं

व्याख्या

सही उत्तर है C, लाल रक्त कोशिकाएं। परिपक्व लाल रक्त कोशिकाएं यानी एरिथ्रोसाइट रक्त में आने से पहले अपना केंद्रक खो देती हैं। केंद्रक और माइटोकॉन्ड्रिया न होने से हीमोग्लोबिन के लिए ज्यादा जगह बचती है, जो ऑक्सीजन ढोने वाला लौह युक्त प्रोटीन है, और कोशिका को लचीला उभयावतल आकार मिलता है, जिससे वह पतली केशिकाओं से निकल पाती है। केंद्रक न होने से ये कोशिकाएं विभाजन या अपनी मरम्मत नहीं कर पातीं; ये लगभग 120 दिन जीवित रहती हैं, लाल अस्थि मज्जा में बनती हैं और मुख्यतः प्लीहा में नष्ट होती हैं, जिसे लाल रक्त कोशिकाओं का कब्रिस्तान कहते हैं। प्लेटलेट्स में भी केंद्रक नहीं होता, पर वे पूरी कोशिका नहीं, कोशिका के टुकड़े हैं। A गलत है, पेशी कोशिकाओं में केंद्रक होता है; कंकाल पेशी तंतुओं में तो कई केंद्रक होते हैं। B गलत है, न्यूट्रोफिल और मैक्रोफेज जैसी भक्षक कोशिकाओं में केंद्रक होता है। D गलत है, श्वासनली और अंडवाहिनी की पक्ष्माभी कोशिकाओं में सामान्य केंद्रक होता है। परीक्षा टिप: मानव लाल रक्त कोशिका, केंद्रक नहीं, 120 दिन जीवन, अस्थि मज्जा में जन्म, प्लीहा में अंत।

Q9.सामान्य विज्ञानआसान

ऊष्मा का एसआई मात्रक क्या है?

  1. A.कैलोरी
  2. B.जूल
  3. C.केल्विन
  4. D.वाट
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जूल

व्याख्या

सही उत्तर B, जूल है। ऊष्मा गतिशील ऊर्जा का एक रूप है, इसलिए इसे कार्य और ऊर्जा के समान मात्रक जूल में मापा जाता है, जो एक न्यूटन मीटर के बराबर होता है।

विकल्प A कैलोरी ऊष्मा का पुराना और परिचित मात्रक है, जिसे एक ग्राम जल का ताप एक डिग्री सेल्सियस बढ़ाने वाली ऊष्मा के रूप में परिभाषित किया गया है; यह लगभग 4.2 जूल के बराबर है, पर एसआई मात्रक नहीं है। विकल्प C केल्विन ताप का एसआई मात्रक है, ऊष्मा का नहीं, और ऊष्मा तथा ताप का यही अंतर इस प्रश्न में परखा जाता है। विकल्प D वाट शक्ति का मात्रक है, अर्थात कार्य करने या ऊर्जा देने की दर, एक जूल प्रति सेकंड; इसलिए वाट में दी गई हीटर की क्षमता बताती है कि वह कितनी तेजी से ऊष्मा देता है, कुल कितनी नहीं।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 24 Jul 2022मध्यम

निःश्वसन के दौरान फेफड़ों से वायु तब निकलेगी, जब फेफड़ों के भीतर का दबाव

  1. A.वायुमंडलीय दबाव के बराबर हो
  2. B.वायुमंडलीय दबाव से कम हो
  3. C.वायुमंडलीय दबाव से अधिक हो
  4. D.डायाफ्राम का संकुचन हो
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. वायुमंडलीय दबाव से अधिक हो

व्याख्या

सही उत्तर है C, वायुमंडलीय दबाव से अधिक हो। हवा हमेशा अधिक दबाव वाली जगह से कम दबाव वाली जगह की ओर बहती है, इसलिए वह फेफड़ों से तभी बाहर निकलती है, जब भीतर का दबाव बाहर की हवा के दबाव से अधिक हो जाए। निःश्वसन के समय डायाफ्राम शिथिल होकर ऊपर की ओर गुंबद जैसा हो जाता है, और पसलियों की पेशियाँ ढीली पड़ने से पसलियाँ नीचे व अंदर आती हैं। इससे वक्ष गुहा का आयतन घटता है, फेफड़ों में दबाव बढ़ता है और हवा बाहर धकेल दी जाती है। अंतःश्वसन में इसका उल्टा होता है: डायाफ्राम सिकुड़कर चपटा होता है, वक्ष गुहा बड़ी होती है, फेफड़ों का दबाव वायुमंडलीय दबाव से कम हो जाता है और हवा अंदर आती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि दबाव बराबर होने पर हवा नहीं चलती; ऐसा दो साँसों के बीच पल भर के लिए होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि फेफड़ों में कम दबाव होने पर हवा अंदर आती है, जो अंतःश्वसन है। विकल्प D गलत है, क्योंकि डायाफ्राम के संकुचन से अंतःश्वसन होता है, निःश्वसन नहीं। परीक्षा टिप: अंतःश्वसन में डायाफ्राम सिकुड़ता है और दबाव घटता है; निःश्वसन में डायाफ्राम शिथिल होता है और दबाव बढ़ता है।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · 6th Jan 2022आसान

जब आप अपने मोबाइल फोन की रिंगटोन की प्रबलता बढ़ाते हैं, तो रिंगटोन की आवृत्ति

  1. A.बढ़ जाती है
  2. B.घट जाती है
  3. C.समान रहती है
  4. D.निर्धारित नहीं की जा सकती
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. समान रहती है

व्याख्या

सही उत्तर है C, समान रहती है। प्रबलता और आवृत्ति ध्वनि के दो अलग-अलग गुण हैं। प्रबलता कंपन के आयाम पर निर्भर करती है, यानी कंपन करने वाला भाग अपनी सामान्य स्थिति से कितनी दूर तक जाता है, जबकि आवृत्ति एक सेकंड में होने वाले कंपनों की संख्या है और इसे हर्ट्ज़ में मापा जाता है। आवाज़ तेज़ करने पर स्पीकर हवा को अधिक ज़ोर से धकेलता है, इसलिए आयाम और प्रबलता बढ़ जाती है, लेकिन धुन के स्वर वही रहते हैं, इसलिए आवृत्ति नहीं बदलती। इसी कारण रिंगटोन तेज़ सुनाई देती है, पर उसका तारत्व ऊँचा नहीं होता। A और B गलत हैं क्योंकि आवृत्ति बदलने से तारत्व बदल जाता और तेज़ रिंगटोन कर्कश या भारी सुनाई देती, जो होता नहीं है। D गलत है क्योंकि यह संबंध निश्चित और जाना-पहचाना है, इसलिए निर्णय किया जा सकता है। परीक्षा टिप: आयाम से प्रबलता, आवृत्ति से तारत्व, और हवा में ध्वनि की चाल केवल माध्यम पर निर्भर।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA (II) 2024, 1 Sep 2024मध्यम

मानव गुर्दे के नेफ्रॉन का कौन-सा भाग उत्सर्जन के लिए रक्त के निस्यंदन (filtration) का काम करता है?

  1. A.संग्रह नलिका (Collecting duct)
  2. B.वृक्क शिरा (Renal vein)
  3. C.मूत्रवाहिनी (Ureter)
  4. D.बोमन संपुट (Bowman's capsule)
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. बोमन संपुट (Bowman's capsule)

व्याख्या

सही उत्तर है D, बोमन संपुट (Bowman's capsule)। मनुष्य के हर गुर्दे में लगभग दस लाख नेफ्रॉन होते हैं और हर नेफ्रॉन की शुरुआत प्याले जैसे बोमन संपुट से होती है, जिसके भीतर केशिकाओं का गुच्छा, ग्लोमेरुलस, होता है। रक्त दबाव के साथ ग्लोमेरुलस में आता है और पानी, लवण, ग्लूकोज़, यूरिया जैसे छोटे अणु उसकी दीवार से छनकर संपुट में चले जाते हैं; इसे अति-निस्यंदन (ultrafiltration) कहते हैं, जो मूत्र बनने का पहला चरण है। प्रोटीन और रक्त कोशिकाएँ बड़ी होने से रक्त में ही रह जाती हैं। इसके बाद निस्यंद नलिका में बहता है, जहाँ ग्लूकोज़ और अधिकांश पानी वापस अवशोषित हो जाता है। A, संग्रह नलिका, केवल कई नेफ्रॉनों का मूत्र इकट्ठा कर गुर्दे की श्रोणि तक पहुँचाती है। B, वृक्क शिरा, छना हुआ रक्त गुर्दे से बाहर ले जाती है और नेफ्रॉन का भाग नहीं है। C, मूत्रवाहिनी, गुर्दे से मूत्राशय तक मूत्र ले जाने वाली नली है। परीक्षा टिप: बोमन संपुट + ग्लोमेरुलस = मैल्पीघी काय, नेफ्रॉन का छन्ना।

Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · 29 Nov 2020आसान

विभवांतर क्या है?

  1. A.दो बिंदुओं के बीच धारिता का अंतर।
  2. B.यह किसी विद्युत परिपथ के दो बिंदुओं के बीच विभव का अंतर है।
  3. C.दो बिंदुओं के बीच धारा का अंतर।
  4. D.दो बिंदुओं के बीच प्रतिरोध का अंतर।
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. यह किसी विद्युत परिपथ के दो बिंदुओं के बीच विभव का अंतर है।

व्याख्या

सही उत्तर है B। किसी परिपथ के दो बिंदुओं के बीच विभवांतर उनके विद्युत विभव का अंतर है, और यह एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक एकांक धन आवेश ले जाने में किए गए कार्य के बराबर होता है। सूत्र रूप में V = W/Q, इसलिए इसका मात्रक वोल्ट है और एक वोल्ट का अर्थ है प्रति कूलॉम आवेश पर एक जूल कार्य। विभवांतर ही वह धक्का है जो धारा चलाता है, इसे दो बिंदुओं के समांतर क्रम में जोड़े गए वोल्टमीटर से मापा जाता है, और ओम के नियम के अनुसार V = IR। विकल्प A गलत है, क्योंकि धारिता वह आवेश है जो संधारित्र प्रति वोल्ट संचित करता है और इसका मात्रक फैरड है; यह उपकरण का गुण है, दो बिंदुओं का अंतर नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि धारा आवेश प्रवाह की दर है, इसे श्रेणीक्रम में लगे अमीटर से एम्पियर में मापा जाता है और श्रेणी परिपथ में यह हर जगह समान रहती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि प्रतिरोध धारा का विरोध करता है और ओम में मापा जाता है। परीक्षा टिप: V = W/Q, वोल्टमीटर समांतर, अमीटर श्रेणी में।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · CBT-1, 31 Aug 2018, Shift 1आसान

मस्तिष्क का कौन-सा भाग श्वसन (साँस लेने की क्रिया) को नियंत्रित करता है?

  1. A.अग्रमस्तिष्क
  2. B.अनुमस्तिष्क (सेरिबेलम)
  3. C.मध्यमस्तिष्क
  4. D.मेडुला
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. मेडुला

व्याख्या

सही उत्तर है D, मेडुला। मेडुला ऑब्लॉन्गेटा मस्तिष्क का श्वसन केंद्र है, इसी कारण सोते समय भी हमारी साँस अपने आप चलती रहती है। यह पश्चमस्तिष्क का सबसे निचला भाग है और मस्तिष्क को मेरुरज्जु से जोड़ता है। साँस लेना, दिल की धड़कन, रक्तचाप, निगलना, खाँसना, छींकना और उल्टी जैसी अनैच्छिक क्रियाएँ इसी के नियंत्रण में होती हैं। यह रक्त में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा भाँपकर साँस की गति घटाता-बढ़ाता है, इसलिए खोपड़ी के निचले हिस्से पर लगी चोट जानलेवा हो सकती है। A गलत है क्योंकि अग्रमस्तिष्क (प्रमस्तिष्क या सेरेब्रम) सोचने, याद रखने, बोलने और ऐच्छिक क्रियाओं का काम करता है। B गलत है क्योंकि अनुमस्तिष्क शरीर का संतुलन बनाए रखता है और ऐच्छिक गतियों को सटीक बनाता है। C गलत है क्योंकि मध्यमस्तिष्क मुख्य रूप से देखने और सुनने से जुड़ी प्रतिवर्ती क्रियाएँ सँभालता है। परीक्षा टिप: मेडुला = साँस और धड़कन, अनुमस्तिष्क = संतुलन, प्रमस्तिष्क = सोच और स्मृति, हाइपोथैलेमस = शरीर का तापमान, भूख और प्यास।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 10 March 2018, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से किसकी इलेक्ट्रॉन बंधुता सबसे कम है?

  1. A.फ्लोरीन
  2. B.क्लोरीन
  3. C.ब्रोमीन
  4. D.आर्गन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. आर्गन

व्याख्या

सही उत्तर है D, आर्गन। आर्गन एक उत्कृष्ट गैस है, जिसके बाहरी कोश में पहले से आठ इलेक्ट्रॉन हैं, इसलिए उसमें एक और इलेक्ट्रॉन के लिए आसानी से जगह नहीं है। इलेक्ट्रॉन जोड़ने का अर्थ होगा नया कोश शुरू करना, जिसके लिए ऊर्जा निकलने के बजाय देनी पड़ती है। इसीलिए इसकी इलेक्ट्रॉन बंधुता व्यावहारिक रूप से शून्य है, यानी चारों में सबसे कम। इलेक्ट्रॉन बंधुता वह ऊर्जा परिवर्तन है जो उदासीन गैसीय परमाणु के एक इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने पर होता है; यह आवर्त में बाएँ से दाएँ बढ़ती है और वर्ग में नीचे जाते हुए घटती है। बाकी तीनों हैलोजन हैं, जिन्हें स्थिर अष्टक के लिए केवल एक इलेक्ट्रॉन चाहिए, इसलिए वे इलेक्ट्रॉन लेते समय बहुत ऊर्जा छोड़ते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि फ्लोरीन की बंधुता बहुत अधिक है, यद्यपि छोटे आकार और सघन इलेक्ट्रॉनों के कारण वह क्लोरीन से थोड़ी कम रहती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि क्लोरीन की इलेक्ट्रॉन बंधुता सभी तत्वों में सबसे अधिक है। विकल्प C गलत है, क्योंकि ब्रोमीन की बंधुता क्लोरीन से कम होकर भी आर्गन से कहीं अधिक है। परीक्षा टिप: क्रम है Cl > F > Br > I, और उत्कृष्ट गैसें सबसे नीचे।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 2 Feb 2025आसान

निम्नलिखित में से किसमें परिवर्तन के कारण मोतियाबिन्द में आँखों का प्राकृतिक लेंस धुँधला हो जाता है?

  1. A.प्रोटीन
  2. B.कार्बोहाइड्रेट
  3. C.वसा
  4. D.अश्रु ग्रन्थि
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. प्रोटीन

व्याख्या

सही उत्तर है A, प्रोटीन। आँख का लेंस मुख्य रूप से पानी और क्रिस्टलिन नाम के विशेष प्रोटीनों से बना होता है, जो इतने व्यवस्थित क्रम में जमे रहते हैं कि लेंस पारदर्शी रहता है और प्रकाश सीधे रेटिना तक पहुँचता है। उम्र बढ़ने के साथ, और मधुमेह, पराबैंगनी प्रकाश, धूम्रपान या चोट से और जल्दी, ये प्रोटीन टूटकर आपस में गुच्छे बना लेते हैं। ये गुच्छे प्रकाश को बिखेर देते हैं, जिससे लेंस धुँधला हो जाता है और दिखना धुँधला, मंद और चौंधयुक्त हो जाता है। लेंस का यही धुँधलापन मोतियाबिन्द है, और यह भारत में अंधेपन के प्रमुख कारणों में से एक है। इसका इलाज एक छोटे ऑपरेशन से होता है, जिसमें धुँधला लेंस हटाकर कृत्रिम इंट्राऑक्युलर लेंस लगाया जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि लेंस कार्बोहाइड्रेट में बदलाव से धुँधला नहीं होता, हालाँकि मधुमेह में रक्त शर्करा अधिक होने से प्रोटीन की क्षति तेज़ होती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि वसा लेंस की पारदर्शी संरचना नहीं बनाती। विकल्प D गलत है, क्योंकि अश्रु ग्रन्थि आँख को नम रखती है और उसका लेंस से कोई संबंध नहीं है। परीक्षा टिप: मोतियाबिन्द = प्रोटीन के गुच्छों से धुँधला लेंस; ग्लूकोमा = आँख के भीतर बढ़ा दबाव।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 22 Oct 2018, Shift 2मध्यम

सहसंयोजक बंध वाले अणुओं के गलनांक और क्वथनांक कम होते हैं, क्योंकि:

  1. A.अंतराअणुक बल मध्यम होते हैं
  2. B.अंतराअणुक बल प्रबल होते हैं
  3. C.अंतराअणुक बल अत्यंत प्रबल होते हैं
  4. D.अंतराअणुक बल दुर्बल होते हैं
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. अंतराअणुक बल दुर्बल होते हैं

व्याख्या

सही उत्तर है D, अंतराअणुक बल दुर्बल होते हैं। गलन और क्वथन में केवल अणुओं के बीच के दुर्बल बल तोड़ने होते हैं, अणु के भीतर के प्रबल बंध नहीं, इसलिए कम ऊष्मा से ही काम चल जाता है।

सहसंयोजक बंध इलेक्ट्रॉनों के साझा होने से बनता है और स्वयं प्रबल होता है, परंतु वह केवल अणु के भीतर कार्य करता है। पृथक अणु एक दूसरे से दुर्बल वान डर वाल्स बलों द्वारा बँधे रहते हैं, और ये बल कम ताप पर ही टूट जाते हैं, इसी कारण जल, अमोनिया, कार्बन डाइऑक्साइड तथा अधिकांश कार्बनिक यौगिक सरलता से पिघलते और उबलते हैं। सोडियम क्लोराइड जैसे आयनिक यौगिक इसके विपरीत व्यवहार करते हैं, क्योंकि उनमें प्रबल स्थिरवैद्युत बल पूरे क्रिस्टल में फैला होता है और गलनांक बहुत ऊँचा होता है। हीरा तथा सिलिकॉन कार्बाइड जैसे विशाल सहसंयोजक ठोस अपवाद हैं।

विकल्प A, B और C गलत हैं क्योंकि तीनों अणुओं के बीच मध्यम या प्रबल बल बताते हैं, जिससे गलनांक और क्वथनांक बढ़ते, घटते नहीं।

परीक्षा टिप: अणु के भीतर प्रबल बंध, अणुओं के बीच दुर्बल बल, इसलिए कम गलनांक।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · 29th Dec 2021आसान

सल्फर डाइऑक्साइड जल में घुलने पर बनाती है-

  1. A.सल्फर ट्राइऑक्साइड
  2. B.सल्फ्यूरस अम्ल
  3. C.सल्फ्यूरिक अम्ल
  4. D.सल्फर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सल्फ्यूरस अम्ल

व्याख्या

सही उत्तर है B, सल्फ्यूरस अम्ल। सल्फर डाइऑक्साइड जल में घुलकर सल्फ्यूरस अम्ल बनाती है, जो H2SO3 सूत्र वाला दुर्बल अम्ल है; अभिक्रिया है SO2 + H2O से H2SO3। सल्फर डाइऑक्साइड एक अधातु का ऑक्साइड है और ऐसे ऑक्साइड प्रकृति में अम्लीय होते हैं, इसी कारण इसका विलयन नीले लिटमस को लाल कर देता है। कोयला और डीज़ल जलने पर निकलने वाली यही गैस वायु में वर्षा-जल में घुलती है और फिर धीरे-धीरे आगे ऑक्सीकृत हो जाती है, इसलिए सल्फर डाइऑक्साइड अम्लीय वर्षा के मुख्य कारणों में एक है। A गलत है क्योंकि सल्फर ट्राइऑक्साइड उत्प्रेरक की उपस्थिति में सल्फर डाइऑक्साइड के ऑक्सीजन से ऑक्सीकरण पर बनती है, जल में घुलने से नहीं। C गलत है क्योंकि सल्फ्यूरिक अम्ल तब बनता है जब सल्फर ट्राइऑक्साइड, न कि डाइऑक्साइड, जल से मिलती है। D गलत है क्योंकि सल्फर स्वयं तत्व है और उसके ऑक्साइड को जल में घोलकर उसे वापस नहीं पाया जा सकता। परीक्षा टिप: SO2 + जल = H2SO3; SO3 + जल = H2SO4।

Q19.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 21 Aug 2018, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सी धातु उच्च तापमान पर भी ऑक्सीजन से अभिक्रिया नहीं करती है?

  1. A.जस्ता
  2. B.एल्युमिनियम
  3. C.चाँदी
  4. D.सीसा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चाँदी

व्याख्या

सही उत्तर है C, चाँदी। चाँदी एक उत्कृष्ट (नोबल) धातु है और तेज़ गर्म करने पर भी ऑक्सीजन से संयोग नहीं करती। धातुएँ ऑक्सीजन से अपनी सक्रियता श्रेणी में स्थान के अनुसार अभिक्रिया करती हैं। पोटैशियम और सोडियम जैसी अत्यधिक सक्रिय धातुएँ सामान्य तापमान पर ही हवा में जलने लगती हैं, एल्युमिनियम और जस्ता गर्म करने पर ऑक्साइड की परत बनाते हैं और सीसा गर्म करने पर धीरे-धीरे लेड ऑक्साइड में बदलता है। चाँदी, सोना और प्लैटिनम श्रेणी में सबसे नीचे आते हैं, इसलिए हवा में इनकी चमक बनी रहती है। चाँदी के बर्तनों पर जो काली परत जमती है वह सिल्वर सल्फाइड होती है, जो हवा की सल्फर गैसों से बनती है, ऑक्साइड नहीं। विकल्प A गलत है, क्योंकि जस्ता नीली-सफ़ेद लौ के साथ जलकर ज़िंक ऑक्साइड देता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि एल्युमिनियम पर ऑक्साइड की पतली मज़बूत परत बन जाती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सीसा गर्म होने पर लिथार्ज यानी लेड ऑक्साइड बनाता है। परीक्षा टिप: सोना, चाँदी और प्लैटिनम उत्कृष्ट धातुएँ हैं, जिन पर ऑक्सीकरण का असर नहीं होता।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 10 Jan 2023, Shift 1मध्यम

मॉस और मार्केंशिया निम्नलिखित में से किसके अंतर्गत आते हैं?

  1. A.शैवाल
  2. B.अनावृतबीजी
  3. C.टेरिडोफाइटा
  4. D.ब्रायोफाइटा
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. ब्रायोफाइटा

व्याख्या

सही उत्तर है D, ब्रायोफाइटा। मॉस यानी फ्यूनेरिया और लिवरवर्ट मार्केंशिया ब्रायोफाइटा वर्ग के पौधे हैं, जिन्हें पादप जगत के उभयचर कहा जाता है, क्योंकि ये जमीन पर रहते हैं पर प्रजनन के लिए जल की आवश्यकता होती है। ब्रायोफाइटा में सच्ची जड़, तना या पत्ती नहीं होती और संवहन ऊतक भी नहीं होता, इसलिए ये छोटे रह जाते हैं और नम, छायादार स्थानों पर उगते हैं; ये धागे जैसे मूलाभासों से मिट्टी पर टिके रहते हैं और इनके पुंयुग्मक जल की परत में तैरकर स्त्रीयुग्मक तक पहुँचते हैं। मॉस मिट्टी को बाँधकर कटाव रोकते हैं और स्फैग्नम मॉस से पीट मिलती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि शैवाल सरल, मुख्यतः जलीय थैलोफाइटा हैं, जैसे स्पाइरोगायरा और कारा। विकल्प B गलत है, क्योंकि अनावृतबीजी नग्न बीज वाले बीजधारी पौधे हैं, जैसे चीड़, साइकस और देवदार। विकल्प C गलत है, क्योंकि फर्न और सिलैजिनेला जैसे टेरिडोफाइटा में संवहन ऊतक होता है पर बीज नहीं बनते। परीक्षा टिप: थैलोफाइटा यानी शैवाल, ब्रायोफाइटा यानी मॉस और लिवरवर्ट, टेरिडोफाइटा यानी फर्न, तथा बीजधारी पौधे अनावृतबीजी और आवृतबीजी।

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