सहसंयोजक बंध वाले अणुओं के गलनांक और क्वथनांक कम होते हैं, क्योंकि:
- A.अंतराअणुक बल मध्यम होते हैं
- B.अंतराअणुक बल प्रबल होते हैं
- C.अंतराअणुक बल अत्यंत प्रबल होते हैं
- D.अंतराअणुक बल दुर्बल होते हैं
सही उत्तर
D. अंतराअणुक बल दुर्बल होते हैं
व्याख्या
सही उत्तर है D, अंतराअणुक बल दुर्बल होते हैं। गलन और क्वथन में केवल अणुओं के बीच के दुर्बल बल तोड़ने होते हैं, अणु के भीतर के प्रबल बंध नहीं, इसलिए कम ऊष्मा से ही काम चल जाता है।
सहसंयोजक बंध इलेक्ट्रॉनों के साझा होने से बनता है और स्वयं प्रबल होता है, परंतु वह केवल अणु के भीतर कार्य करता है। पृथक अणु एक दूसरे से दुर्बल वान डर वाल्स बलों द्वारा बँधे रहते हैं, और ये बल कम ताप पर ही टूट जाते हैं, इसी कारण जल, अमोनिया, कार्बन डाइऑक्साइड तथा अधिकांश कार्बनिक यौगिक सरलता से पिघलते और उबलते हैं। सोडियम क्लोराइड जैसे आयनिक यौगिक इसके विपरीत व्यवहार करते हैं, क्योंकि उनमें प्रबल स्थिरवैद्युत बल पूरे क्रिस्टल में फैला होता है और गलनांक बहुत ऊँचा होता है। हीरा तथा सिलिकॉन कार्बाइड जैसे विशाल सहसंयोजक ठोस अपवाद हैं।
विकल्प A, B और C गलत हैं क्योंकि तीनों अणुओं के बीच मध्यम या प्रबल बल बताते हैं, जिससे गलनांक और क्वथनांक बढ़ते, घटते नहीं।
परीक्षा टिप: अणु के भीतर प्रबल बंध, अणुओं के बीच दुर्बल बल, इसलिए कम गलनांक।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारी बोझ ढोने के लिए चौड़ी पट्टियों वाले बैग पसंद किए जाते हैं। इसका कारण है :
- A.संपर्क क्षेत्रफल बढ़ने से लगाया गया दाब बढ़ जाता है
- B.संपर्क क्षेत्रफल बढ़ने से लगाया गया बल बढ़ जाता है
- C.संपर्क क्षेत्रफल बढ़ने से लगाया गया दाब कम हो जाता है
- D.संपर्क क्षेत्रफल बढ़ने से लगाया गया बल कम हो जाता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. संपर्क क्षेत्रफल बढ़ने से लगाया गया दाब कम हो जाता है
व्याख्या
सही उत्तर है C, संपर्क क्षेत्रफल बढ़ने से लगाया गया दाब कम हो जाता है। दाब एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाला बल है, यानी दाब = बल ÷ क्षेत्रफल, इसलिए समान बल के लिए संपर्क क्षेत्रफल बड़ा होने पर दाब कम हो जाता है। पट्टी पतली हो या चौड़ी, बैग का भार ठीक उतना ही रहता है, पर चौड़ी पट्टी उस भार को कंधे के अधिक हिस्से पर फैला देती है, जिससे कंधे पर दाब कम पड़ता है और पट्टी त्वचा में नहीं गड़ती। इसी विचार से स्कूल बैग की पट्टियाँ, सीट बेल्ट और ट्रैक्टर के टायर चौड़े बनाए जाते हैं। A गलत है क्योंकि यह संबंध को उलटा बताता है, क्षेत्रफल बढ़ने पर दाब घटता है। B और D गलत हैं क्योंकि बल तो बोझ का भार ही है और पट्टी की चौड़ाई उसे बदल नहीं सकती; बदलता केवल दाब है। परीक्षा टिप: दाब = बल ÷ क्षेत्रफल, इसलिए चौड़ी पट्टी दाब घटाती है और तेज़ धार या पतली नोक दाब बढ़ाती है।
दाब के विषय में निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प गलत है?
- A.समान बल के लिए क्षेत्रफल जितना छोटा होगा, सतह पर दाब उतना अधिक होगा
- B.द्रव पात्र की दीवारों पर दाब डालते हैं
- C.वायु हम पर वायुमंडलीय दाब डालती है
- D.हम वायुमंडलीय दाब महसूस नहीं करते क्योंकि उसकी मात्रा नगण्य होती है
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. हम वायुमंडलीय दाब महसूस नहीं करते क्योंकि उसकी मात्रा नगण्य होती है
व्याख्या
सही उत्तर है D, यानी यह कथन कि वायुमंडलीय दाब नगण्य होता है। समुद्र तल पर वायुमंडलीय दाब लगभग 1.013 गुणा 10 की घात 5 पास्कल होता है, जो हमारे शरीर के प्रत्येक वर्ग सेंटीमीटर पर करीब एक किलोग्राम भार के बराबर दबाव डालता है, इसलिए यह बहुत अधिक है, नगण्य नहीं। हम इसे महसूस नहीं करते क्योंकि शरीर के भीतर रक्त तथा अन्य तरलों का दाब उतने ही बल से बाहर की ओर धकेलता है और दोनों संतुलित हो जाते हैं। A सही कथन है क्योंकि दाब बल और क्षेत्रफल का अनुपात है, इसलिए छोटे क्षेत्रफल पर वही बल अधिक दाब देता है, इसी कारण चाकू की धार तेज़ और कील की नोक पतली बनाई जाती है। B सही है क्योंकि द्रव हर दिशा में दाब डालता है, तली पर भी और दीवारों पर भी, और गहराई बढ़ने पर यह दाब बढ़ता है। C सही है क्योंकि हमारे ऊपर की वायु के स्तंभ का भार हम पर दाब डालता है। परीक्षा टिप: दाब = बल ÷ क्षेत्रफल; समुद्र तल पर वायुमंडलीय दाब लगभग 1.013 गुणा 10 की घात 5 पास्कल।
सल्फर डाइऑक्साइड जल में घुलने पर बनाती है-
- A.सल्फर ट्राइऑक्साइड
- B.सल्फ्यूरस अम्ल
- C.सल्फ्यूरिक अम्ल
- D.सल्फर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सल्फ्यूरस अम्ल
व्याख्या
सही उत्तर है B, सल्फ्यूरस अम्ल। सल्फर डाइऑक्साइड जल में घुलकर सल्फ्यूरस अम्ल बनाती है, जो H2SO3 सूत्र वाला दुर्बल अम्ल है; अभिक्रिया है SO2 + H2O से H2SO3। सल्फर डाइऑक्साइड एक अधातु का ऑक्साइड है और ऐसे ऑक्साइड प्रकृति में अम्लीय होते हैं, इसी कारण इसका विलयन नीले लिटमस को लाल कर देता है। कोयला और डीज़ल जलने पर निकलने वाली यही गैस वायु में वर्षा-जल में घुलती है और फिर धीरे-धीरे आगे ऑक्सीकृत हो जाती है, इसलिए सल्फर डाइऑक्साइड अम्लीय वर्षा के मुख्य कारणों में एक है। A गलत है क्योंकि सल्फर ट्राइऑक्साइड उत्प्रेरक की उपस्थिति में सल्फर डाइऑक्साइड के ऑक्सीजन से ऑक्सीकरण पर बनती है, जल में घुलने से नहीं। C गलत है क्योंकि सल्फ्यूरिक अम्ल तब बनता है जब सल्फर ट्राइऑक्साइड, न कि डाइऑक्साइड, जल से मिलती है। D गलत है क्योंकि सल्फर स्वयं तत्व है और उसके ऑक्साइड को जल में घोलकर उसे वापस नहीं पाया जा सकता। परीक्षा टिप: SO2 + जल = H2SO3; SO3 + जल = H2SO4।
एक चुंबक को दो टुकड़ों में तोड़ा जाता है। यदि इन दोनों टुकड़ों को एक-दूसरे के पास लाया जाए, तो वे
- A.एक-दूसरे को आकर्षित करेंगे।
- B.एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करेंगे।
- C.आकर्षित या प्रतिकर्षित कर सकते हैं।
- D.न आकर्षित करेंगे और न प्रतिकर्षित।
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. आकर्षित या प्रतिकर्षित कर सकते हैं।
व्याख्या
सही उत्तर है C, आकर्षित या प्रतिकर्षित कर सकते हैं। किसी चुंबक को काटकर अलग-अलग केवल उत्तरी ध्रुव या केवल दक्षिणी ध्रुव नहीं निकाला जा सकता। छड़ चुंबक टूटते ही प्रत्येक टुकड़ा अपने आप में पूरा चुंबक बन जाता है, जिसके एक सिरे पर उत्तरी और दूसरे सिरे पर दक्षिणी ध्रुव होता है, क्योंकि चुंबकत्व पदार्थ के भीतर के सूक्ष्म चुंबकीय क्षेत्रकों से आता है। इसलिए पास लाने पर क्या होगा, यह केवल इस बात पर निर्भर करता है कि कौन-से सिरे आमने-सामने हैं। यदि एक का उत्तरी ध्रुव दूसरे के दक्षिणी ध्रुव के सामने हो तो आकर्षण होगा, और यदि समान ध्रुव सामने हों तो प्रतिकर्षण। A गलत है क्योंकि आकर्षण दो संभावित परिणामों में से एक ही है। B इसी कारण गलत है, प्रतिकर्षण केवल समान ध्रुवों के सामने आने पर होता है। D गलत है क्योंकि दोनों टुकड़े अब भी चुंबक हैं और उनके बीच बल अवश्य लगेगा। परीक्षा टिप: चुंबकीय ध्रुव सदा जोड़े में होते हैं, इसलिए चुंबक का हर टुकड़ा छोटा पूरा चुंबक होता है।
जब आप अपने मोबाइल फोन की रिंगटोन की प्रबलता बढ़ाते हैं, तो रिंगटोन की आवृत्ति
- A.बढ़ जाती है
- B.घट जाती है
- C.समान रहती है
- D.निर्धारित नहीं की जा सकती
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. समान रहती है
व्याख्या
सही उत्तर है C, समान रहती है। प्रबलता और आवृत्ति ध्वनि के दो अलग-अलग गुण हैं। प्रबलता कंपन के आयाम पर निर्भर करती है, यानी कंपन करने वाला भाग अपनी सामान्य स्थिति से कितनी दूर तक जाता है, जबकि आवृत्ति एक सेकंड में होने वाले कंपनों की संख्या है और इसे हर्ट्ज़ में मापा जाता है। आवाज़ तेज़ करने पर स्पीकर हवा को अधिक ज़ोर से धकेलता है, इसलिए आयाम और प्रबलता बढ़ जाती है, लेकिन धुन के स्वर वही रहते हैं, इसलिए आवृत्ति नहीं बदलती। इसी कारण रिंगटोन तेज़ सुनाई देती है, पर उसका तारत्व ऊँचा नहीं होता। A और B गलत हैं क्योंकि आवृत्ति बदलने से तारत्व बदल जाता और तेज़ रिंगटोन कर्कश या भारी सुनाई देती, जो होता नहीं है। D गलत है क्योंकि यह संबंध निश्चित और जाना-पहचाना है, इसलिए निर्णय किया जा सकता है। परीक्षा टिप: आयाम से प्रबलता, आवृत्ति से तारत्व, और हवा में ध्वनि की चाल केवल माध्यम पर निर्भर।