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GK क्विजपर्यावरण और पारिस्थितिकी

पर्यावरण और पारिस्थितिकी मिश्रित क्विज: सेट 2

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

पर्यावरण और पारिस्थितिकी मिश्रित क्विज़ (सेट 2) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 14 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: पारिस्थितिकी तंत्र और खाद्य श्रृंखलाएं, जैव विविधता और उसका संरक्षण, राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य और अन्य। इनमें से 18 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

खाद्य श्रृंखला में ऊर्जा स्थानांतरण का दस प्रतिशत नियम किसने दिया था?

  1. A.ए. जी. टैंसले
  2. B.रेमंड लिंडेमान
  3. C.ओडम
  4. D.अर्नस्ट हेकल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. रेमंड लिंडेमान

व्याख्या

सही उत्तर B, रेमंड लिंडेमान है, जिन्होंने यह नियम 1942 में प्रस्तुत किया। इसके अनुसार किसी पोषी स्तर पर उपलब्ध ऊर्जा का लगभग दस प्रतिशत ही अगले स्तर तक पहुंचता है, क्योंकि शेष श्वसन तथा अन्य जैविक क्रियाओं में प्रयुक्त होकर परिवेश में ऊष्मा के रूप में नष्ट हो जाता है। इसी से स्पष्ट होता है कि खाद्य श्रृंखला में प्रायः चार या पांच से अधिक कड़ियां क्यों नहीं होतीं।

विकल्प A, ए. जी. टैंसले ने 1935 में पारिस्थितिकी तंत्र शब्द दिया था। विकल्प C, ओडम ने पारिस्थितिकी की मानक पाठ्यपुस्तकें लिखीं और वे तंत्र की संरचना तथा कार्य के अध्ययन से जुड़े हैं, इस नियम से नहीं। विकल्प D, अर्नस्ट हेकल ने उन्नीसवीं शताब्दी में पारिस्थितिकी शब्द दिया था। तीनों नाम समूह में याद करें: पारिस्थितिकी के लिए हेकल, पारिस्थितिकी तंत्र के लिए टैंसले और दस प्रतिशत नियम के लिए लिंडेमान।

Q2.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 28 May 2023मध्यम

'इनवेसिव स्पीशीज़ स्पेशलिस्ट ग्रुप' (जो ग्लोबल इनवेसिव स्पीशीज़ डेटाबेस विकसित करता है) निम्नलिखित में से किस संगठन से संबंधित है?

  1. A.अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN)
  2. B.संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम
  3. C.संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण एवं विकास विश्व आयोग
  4. D.वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN)

व्याख्या

सही उत्तर है A, अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN)। इनवेसिव स्पीशीज़ स्पेशलिस्ट ग्रुप (ISSG) IUCN के प्रजाति अस्तित्व आयोग (Species Survival Commission) का एक विशेषज्ञ समूह है, और यही ग्लोबल इनवेसिव स्पीशीज़ डेटाबेस चलाता है। ISSG वैज्ञानिकों और नीति विशेषज्ञों का नेटवर्क है, जो उन बाहरी प्रजातियों की जानकारी जुटाता है जो फैलकर स्थानीय वन्यजीवों को नुकसान पहुँचाती हैं; इसी ने 'दुनिया की 100 सबसे खराब आक्रामक विदेशी प्रजातियों' की प्रसिद्ध सूची बनाई। 1948 में स्थापित और स्विट्ज़रलैंड के ग्लैंड में स्थित IUCN संकटग्रस्त प्रजातियों की रेड लिस्ट भी जारी करता है। लैंटाना, जलकुंभी और प्रोसोपिस जूलीफ्लोरा जैसे आक्रामक पौधे भारत के वनों और आर्द्रभूमियों के लिए बड़ा खतरा हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि UNEP पर्यावरण कार्यक्रम और समझौते चलाता है, यह विशेषज्ञ समूह नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि पर्यावरण एवं विकास विश्व आयोग, यानी ब्रंटलैंड आयोग, 1987 की रिपोर्ट 'अवर कॉमन फ्यूचर' के लिए जाना जाता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि WWF एक अलग संरक्षण NGO है। परीक्षा टिप: IUCN यानी रेड लिस्ट, प्रजाति अस्तित्व आयोग और आक्रामक प्रजाति डेटाबेस।

Q3.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 26 Jul 2025, Shift 2आसान

निम्नलिखित का मिलान कीजिए।

राष्ट्रीय उद्यान/वन्यजीव अभयारण्य: a. कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान, b. सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान, c. बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान, d. सरिस्का वन्यजीव अभयारण्य

राज्य: i. पश्चिम बंगाल, ii. उत्तराखंड, iii. राजस्थान, iv. मध्य प्रदेश

  1. A.a - iii, b - i, c - iv, d - ii
  2. B.a - iv, b - i, c - iii, d - ii
  3. C.a - iii, b - iv, c - ii, d - i
  4. D.a - ii, b - i, c - iv, d - iii
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. a - ii, b - i, c - iv, d - iii

व्याख्या

सही उत्तर है D, a - ii, b - i, c - iv, d - iii। उत्तराखंड का कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान भारत का सबसे पुराना राष्ट्रीय उद्यान है; यह 1936 में हेली नेशनल पार्क के नाम से बना और 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर का पहला रिज़र्व बना। पश्चिम बंगाल का सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान गंगा–ब्रह्मपुत्र डेल्टा में है, यहाँ दुनिया का सबसे बड़ा मैंग्रोव वन है और यह रॉयल बंगाल टाइगर के लिए प्रसिद्ध है; यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है। मध्य प्रदेश के उमरिया ज़िले का बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान भारत में बाघों के सबसे अधिक घनत्व वाले क्षेत्रों में है, और रीवा के सफ़ेद बाघ पहले इसी इलाके में मिले थे। राजस्थान के अलवर ज़िले के सरिस्का में 2005 तक सारे बाघ खत्म हो गए थे, और 2008 से रणथंभौर से बाघ लाकर बसाए गए। विकल्प A गलत है, क्योंकि इसमें कॉर्बेट को राजस्थान और सरिस्का को उत्तराखंड में बताया गया है। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें कॉर्बेट को मध्य प्रदेश और बांधवगढ़ को राजस्थान में रखा गया है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें सुंदरबन को मध्य प्रदेश और सरिस्का को पश्चिम बंगाल में रखा गया है। परीक्षा टिप: कॉर्बेट उत्तराखंड, सुंदरबन पश्चिम बंगाल, बांधवगढ़ मध्य प्रदेश, सरिस्का और रणथंभौर राजस्थान।

Q4.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC CGL · 09 Sep 2024, Shift 1आसान

भारत में प्रोजेक्ट टाइगर किस वर्ष शुरू किया गया था?

  1. A.1985
  2. B.1973
  3. C.1972
  4. D.1970
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1973

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1973। प्रोजेक्ट टाइगर 1 अप्रैल 1973 को भारत सरकार ने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान से शुरू किया, ताकि बंगाल टाइगर और उसके आवास को बचाया जा सके। इसकी शुरुआत नौ बाघ अभयारण्यों से हुई, जिनमें कॉर्बेट, कान्हा, बांदीपुर, रणथंभौर, सुंदरबन और मानस शामिल थे, और अब यह नेटवर्क पचास से ज़्यादा हो गया है। हर अभयारण्य में एक कोर क्षेत्र होता है जहाँ मानव गतिविधि नहीं होती और उसके चारों ओर एक बफर क्षेत्र। 2005 से यह परियोजना राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण चलाता है, जो वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत एक सांविधिक निकाय है, और बाघों की गणना हर चार साल में होती है। A, 1985, का बाघ कार्यक्रम से कोई संबंध नहीं। C, 1972, वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम का साल है, जो परियोजना से एक साल पहले आया और अक्सर इससे उलझ जाता है। D, 1970, में भारत ने बाघ के शिकार पर रोक लगाई थी। परीक्षा टिप: 1970 शिकार पर रोक, 1972 वन्यजीव अधिनियम, 1973 प्रोजेक्ट टाइगर, 1992 प्रोजेक्ट एलीफेंट।

Q5.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC CHSL · 24 May 2022, Shift 1आसान

शेषाचलम जीवमंडल रिज़र्व भारत के किस राज्य में स्थित है?

  1. A.तमिलनाडु
  2. B.कर्नाटक
  3. C.केरल
  4. D.आंध्र प्रदेश
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. आंध्र प्रदेश

व्याख्या

सही उत्तर है D, आंध्र प्रदेश। शेषाचलम जीवमंडल रिज़र्व दक्षिणी आंध्र प्रदेश में पूर्वी घाट की शेषाचलम पहाड़ियों में, पुराने चित्तूर और कडपा जिलों में फैला है, और 2010 में भारत के 17वें जीवमंडल रिज़र्व के रूप में अधिसूचित हुआ। भगवान वेंकटेश्वर का तिरुमला मंदिर इन्हीं पहाड़ियों पर है, और रिज़र्व में श्री वेंकटेश्वर राष्ट्रीय उद्यान शामिल है। यह लाल चंदन के लिए प्रसिद्ध है, वह कीमती लाल लकड़ी वाला पेड़ जो दुनिया में लगभग कहीं और नहीं मिलता, और यहाँ स्लेंडर लोरिस, गोल्डन गेको और भारतीय विशाल गिलहरी रहते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि तमिलनाडु के जीवमंडल रिज़र्व मन्नार की खाड़ी और नीलगिरि व अगस्त्यमलाई में उसका हिस्सा हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि कर्नाटक का एकमात्र जीवमंडल रिज़र्व नीलगिरि का उसका भाग है। विकल्प C गलत है क्योंकि केरल नीलगिरि और अगस्त्यमलाई में हिस्सेदार है, पर वहाँ कोई शेषाचलम नहीं। परीक्षा टिप: शेषाचलम = आंध्र प्रदेश, लाल चंदन, तिरुमला पहाड़ियाँ, 2010 में 17वें रिज़र्व के रूप में अधिसूचित।

Q6.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CDS · CDS (I) 2019, 3 Feb 2019आसान

'क्योटो प्रोटोकॉल' एक अंतर्राष्ट्रीय संधि है, जो सदस्य राष्ट्रों को किसमें कमी के लिए प्रतिबद्ध करती है?

  1. A.गरीबी
  2. B.ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन
  3. C.नाभिकीय आयुध
  4. D.कृषि सहायिकी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन

व्याख्या

सही उत्तर है B, ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन। जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन के तहत 11 दिसंबर 1997 को जापान के क्योटो में अपनाया गया क्योटो प्रोटोकॉल उत्सर्जन घटाने के बाध्यकारी लक्ष्य तय करने वाली पहली संधि थी। यह 16 फरवरी 2005 को लागू हुआ और इसने औद्योगिक देशों से 2008 से 2012 के बीच अपने ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को 1990 के स्तर से औसतन लगभग 5 प्रतिशत कम करने को कहा। इसमें कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन और नाइट्रस ऑक्साइड समेत छह गैसें शामिल थीं, और स्वच्छ विकास तंत्र (CDM) जैसे बाजार उपाय बने, जिनसे भारत जैसे देशों की परियोजनाएं कार्बन क्रेडिट कमा सकीं। भारत ने 2002 में इसका अनुसमर्थन किया, पर विकासशील देश होने के कारण उस पर कोई बाध्यकारी लक्ष्य नहीं था। A गलत है, गरीबी घटाना संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों का उद्देश्य है, क्योटो का नहीं। C गलत है, नाभिकीय हथियारों से 1968 की परमाणु अप्रसार संधि जैसी संधियां जुड़ी हैं। D गलत है, कृषि सब्सिडी विश्व व्यापार संगठन के कृषि समझौते के अंतर्गत आती है। परीक्षा टिप: क्योटो 1997, लागू 2005, अमीर देशों पर बाध्यकारी कटौती; पेरिस 2015, सभी देशों के संकल्प।

Q7.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: बिहार · BPSC 68th CCE Pre, 12 Feb 2023आसान

कौन-सी गैस अपने ग्रीनहाउस प्रभाव के कारण ग्लोबल वार्मिंग में योगदान देती है?

  1. A.कार्बन डाइऑक्साइड
  2. B.जलवाष्प
  3. C.सीएफसी
  4. D.उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. उपर्युक्त में से एक से अधिक

व्याख्या

सही उत्तर है D, उपर्युक्त में से एक से अधिक। कार्बन डाइऑक्साइड, जलवाष्प और सीएफसी, तीनों ग्रीनहाउस गैसें हैं, क्योंकि ये पृथ्वी से निकलने वाली गर्मी को रोककर निचले वायुमंडल को गर्म करती हैं। हवा में सबसे ज़्यादा मात्रा वाली ग्रीनहाउस गैस जलवाष्प है, जबकि कोयला, तेल और गैस जलाने से निकलने वाली कार्बन डाइऑक्साइड वह मुख्य गैस है जिसे इंसान लगातार बढ़ा रहा है। पहले फ्रिज और एयरोसोल स्प्रे में इस्तेमाल होने वाली सीएफसी दोहरा नुकसान करती है: यह गर्मी भी रोकती है और ओज़ोन परत को भी नष्ट करती है, इसलिए 1987 के मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल से इसे चरणबद्ध तरीके से हटाया गया। मीथेन और नाइट्रस ऑक्साइड भी अहम ग्रीनहाउस गैसें हैं। विकल्प A अधूरा है, क्योंकि गर्मी रोकने वाली गैसों में कार्बन डाइऑक्साइड केवल एक है। विकल्प B अधूरा है, क्योंकि जलवाष्प भी गर्मी रोकती है, पर यहाँ वह अकेली ऐसी गैस नहीं है। विकल्प C अधूरा है, क्योंकि सीएफसी ग्रीनहाउस गैस है, पर बाकी दोनों भी हैं। परीक्षा टिप: मुख्य ग्रीनहाउस गैसें हैं जलवाष्प, कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन, नाइट्रस ऑक्साइड और सीएफसी।

Q8.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019मध्यम

निम्नलिखित में से कौन से वन अधिनियम ने भारत के वनों को आरक्षित, संरक्षित और ग्रामीण वनों में विभाजित किया?

  1. A.वन अधिनियम 1864
  2. B.वन अधिनियम 1865
  3. C.वन अधिनियम 1866
  4. D.वन अधिनियम 1878
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. वन अधिनियम 1878

व्याख्या

सही उत्तर है D, वन अधिनियम 1878। 1878 के भारतीय वन अधिनियम ने आरक्षित, संरक्षित और ग्रामीण, ये तीन श्रेणियाँ बनाईं। रेलवे और जहाज़ निर्माण के लिए भारी मात्रा में लकड़ी चाहिए थी, इसलिए अंग्रेज़ों की भारतीय वनों में रुचि बढ़ी। 1864 में इंपीरियल वन विभाग बना और डिट्रिच ब्रैंडिस पहले वन महानिरीक्षक बने; इसके बाद 1865 में पहला भारतीय वन अधिनियम आया। वह अधिनियम जल्द ही कमज़ोर माना गया, इसलिए 1878 के अधिनियम ने उसकी जगह ली, जिससे वन भूमि पर राज्य का पक्का नियंत्रण हुआ और खासकर आरक्षित वनों में ग्रामीणों के पारंपरिक अधिकार बहुत घट गए। इसके बाद आए भारतीय वन अधिनियम, 1927 ने यही तीन श्रेणियाँ बनाए रखीं और यह आज भी मुख्य वन कानून है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1864 वन विभाग बनने का वर्ष है, वर्गीकरण वाला कानून नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1865 के अधिनियम ने केवल राज्य नियंत्रण शुरू किया, तीन श्रेणियाँ नहीं बनाईं। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1866 का इस वर्गीकरण से कोई संबंध नहीं है। परीक्षा टिप: 1864 विभाग, 1865 पहला अधिनियम, 1878 तीन श्रेणियाँ, 1927 का अधिनियम आज भी लागू।

Q9.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 10 Jan 2023, Shift 1मध्यम

जीवाश्म ईंधन जलाने से होने वाले प्रदूषण को कम करने का एक तरीका पहचानिए।

  1. A.जलने के तापमान को कम करके
  2. B.दहन प्रक्रिया की दक्षता बढ़ाकर
  3. C.कार्बन अणुओं की संख्या बढ़ाकर
  4. D.गुप्त ऊष्मा घटाकर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. दहन प्रक्रिया की दक्षता बढ़ाकर

व्याख्या

सही उत्तर है B, दहन प्रक्रिया की दक्षता बढ़ाकर। जब कोयला, पेट्रोल या डीजल कम ऑक्सीजन में जलते हैं तो दहन अधूरा होता है और कार्बन मोनोऑक्साइड, कालिख और बिना जले हाइड्रोकार्बन निकलते हैं, जो वाहनों और बिजलीघरों के सबसे खतरनाक प्रदूषक हैं। कुशल और पूर्ण दहन ईंधन के ज्यादा हिस्से को कार्बन डाइऑक्साइड और पानी में बदल देता है और हर लीटर या किलो से ज्यादा ऊर्जा देता है, इसलिए कम ईंधन जलाना पड़ता है। वाहनों के कैटेलिटिक कन्वर्टर, जो कार्बन मोनोऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड को कम हानिकारक गैसों में बदलते हैं, और CNG जैसे स्वच्छ ईंधन इसी सिद्धांत पर काम करते हैं। A गलत है क्योंकि जलने का तापमान घटाने से दहन अधूरा होता है और धुआं व कार्बन मोनोऑक्साइड बढ़ते हैं। C गलत है क्योंकि ज्यादा कार्बन का मतलब है ज्यादा कार्बन डाइऑक्साइड और ज्यादा कालिख। D गलत है क्योंकि गुप्त ऊष्मा किसी पदार्थ की अवस्था बदलने, जैसे बर्फ से पानी बनने, में लगने वाली ऊष्मा है और इसका जलने से होने वाले प्रदूषण से कोई संबंध नहीं। परीक्षा टिप: पूर्ण दहन से CO2 और पानी, अपूर्ण दहन से कार्बन मोनोऑक्साइड और कालिख।

Q10.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: RRB NTPC · 28 Dec 2020, Shift 2 (CBT 1)मध्यम

लाइकेन एक ऐसा जीव है जो किस प्रदूषण की निगरानी करता है?

  1. A.गैस प्रदूषण
  2. B.जल प्रदूषण
  3. C.मृदा प्रदूषण
  4. D.वायु प्रदूषण
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. वायु प्रदूषण

व्याख्या

सही उत्तर है D, वायु प्रदूषण। लाइकेन वायु की गुणवत्ता के जैव-सूचक (bio-indicator) माने जाते हैं क्योंकि वे हवा में मौजूद सल्फर डाइऑक्साइड और दूसरी गैसों के प्रति बहुत संवेदनशील होते हैं। लाइकेन एक कवक (fungus) और एक शैवाल (alga या साइनोबैक्टीरिया) का साझा जीवन है; इसकी जड़ें नहीं होतीं और यह पानी व खनिज सीधे हवा से लेता है, इसलिए प्रदूषक इसमें जल्दी जमा हो जाते हैं। यही कारण है कि साफ हवा वाले पहाड़ी इलाकों में लाइकेन पेड़ों और चट्टानों पर खूब उगते हैं, पर प्रदूषित शहरों के बीच से गायब हो जाते हैं; वैज्ञानिक इनकी मौजूदगी से हवा की सफाई आँकते हैं। A गलत है क्योंकि गैस प्रदूषण कोई अलग श्रेणी नहीं है, ये गैसें वायु प्रदूषण का ही हिस्सा हैं। B गलत है क्योंकि जल प्रदूषण कोलीफॉर्म बैक्टीरिया, BOD और शैवाल प्रस्फुटन से आँका जाता है। C गलत है क्योंकि मृदा प्रदूषण केंचुओं और मिट्टी की जाँच से पता चलता है, लाइकेन से नहीं। परीक्षा टिप: लाइकेन = सल्फर डाइऑक्साइड = वायु प्रदूषण का सूचक।

Q11.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 1 Oct 2023आसान

एन. टी. यू. (NTU) मापने की इकाई है

  1. A.पानी का दाब
  2. B.जल का तापमान
  3. C.जल की अम्लता
  4. D.जल की आविलता (टर्बिडिटी)
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. जल की आविलता (टर्बिडिटी)

व्याख्या

सही उत्तर है D, जल की आविलता (टर्बिडिटी)। NTU का पूरा नाम नेफेलोमेट्रिक टर्बिडिटी यूनिट है। नेफेलोमीटर पानी के नमूने में प्रकाश की किरण डालकर मापता है कि उसमें घुले न होकर तैरते कण, जैसे मिट्टी, गाद, शैवाल और सूक्ष्मजीव, कितना प्रकाश किनारे की ओर बिखेरते हैं; जितना अधिक बिखराव, पानी उतना ही अधिक गंदला या आविल। पीने के पानी के लिए आविलता की जाँच बहुत ज़रूरी है, क्योंकि ये कण कीटाणुओं को क्लोरीन और दूसरे कीटाणुनाशकों से बचा लेते हैं, इसलिए जल आपूर्ति विभाग घरों तक पहुँचने से पहले इसे बहुत कम रखने की कोशिश करते हैं। नदी या झील में अधिक आविलता जलीय पौधों तक पहुँचने वाली धूप भी रोक देती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि पानी का दाब पास्कल या बार जैसी इकाइयों में मापा जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि तापमान डिग्री सेल्सियस या केल्विन में मापा जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अम्लता pH पैमाने पर दिखाई जाती है, जिसमें 7 उदासीन है और 7 से कम मान अम्लीय हैं। परीक्षा टिप: NTU = आविलता (गंदलापन); pH = अम्लता; BOD = जैविक प्रदूषण, मिलीग्राम प्रति लीटर में।

Q12.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 21 May 2023मध्यम

कौन-सा प्रदूषण मनुष्यों में इटाई-इटाई रोग करता है?

  1. A.पारा प्रदूषण
  2. B.कैडमियम प्रदूषण
  3. C.आर्सेनिक प्रदूषण
  4. D.नाइट्रेट प्रदूषण
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कैडमियम प्रदूषण

व्याख्या

सही उत्तर है B, कैडमियम प्रदूषण। इटाई-इटाई रोग लंबे समय तक कैडमियम विषाक्तता से होता है; यह पहली बार लगभग 1912 में जापान के तोयामा क्षेत्र में देखा गया, जहाँ ऊपर की खदानों से निकला कैडमियम जिंत्सू नदी में मिला और गाँव वालों के चावल और पानी में जमा होता गया। कैडमियम गुर्दों को नुकसान पहुँचाता है और हड्डियों को नरम व भुरभुरा बना देता है, इसलिए मरीज़ों को बार-बार फ्रैक्चर और रीढ़ व जोड़ों में तेज़ दर्द होता था; जापानी में इस नाम का अर्थ है ‘दर्द होता है, दर्द होता है’। यह जापान के चार बड़े प्रदूषण रोगों में से एक बना। विकल्प A गलत है, क्योंकि पारा प्रदूषण से मिनामाटा रोग होता है, जो जापान में ही मिथाइल पारे से दूषित खाड़ी की मछलियाँ खाने से फैला। विकल्प C गलत है, क्योंकि भूजल में आर्सेनिक से आर्सेनिकोसिस होता है, जिसमें त्वचा पर घाव और कैंसर होते हैं, जैसा पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में देखा गया। विकल्प D गलत है, क्योंकि पीने के पानी में ज़्यादा नाइट्रेट से शिशुओं में ब्लू बेबी सिंड्रोम, यानी मेथीमोग्लोबिनीमिया, होता है। परीक्षा टिप: कैडमियम–इटाई-इटाई, पारा–मिनामाटा, नाइट्रेट–ब्लू बेबी, फ्लोराइड–फ्लोरोसिस।

Q13.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019आसान

वियना सम्मेलन और मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल का प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित में से कौन सा है?

  1. A.मरुस्थलीकरण का सामना करना
  2. B.धारणीय (टिकाऊ) विकासात्मक लक्ष्यों को प्रतिपादित करना
  3. C.ओज़ोन परत का रक्षण
  4. D.जलवायु परिवर्तन का सामना करना
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. ओज़ोन परत का रक्षण

व्याख्या

सही उत्तर है C, ओज़ोन परत का रक्षण। दोनों संधियाँ समतापमंडल की उस ओज़ोन परत को बचाने के लिए बनीं, जो हानिकारक पराबैंगनी किरणों को रोकती है। ओज़ोन परत के संरक्षण के लिए वियना सम्मेलन 1985 में एक ढाँचागत समझौते के रूप में अपनाया गया। 1987 के मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल ने इसे अमल में लाते हुए क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFC) और हैलोन जैसे ओज़ोन-क्षयकारी पदार्थों को खत्म करने की समय-सीमाएँ तय कीं। 2009 में ये हर देश द्वारा अनुमोदित पहली संयुक्त राष्ट्र संधियाँ बनीं, और प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर का दिन 16 सितंबर विश्व ओज़ोन दिवस के रूप में मनाया जाता है। 2016 के किगाली संशोधन ने इसमें हाइड्रोफ्लोरोकार्बन (HFC) भी जोड़े। विकल्प A गलत है, क्योंकि मरुस्थलीकरण के लिए 1994 का संयुक्त राष्ट्र मरुस्थलीकरण रोकथाम अभिसमय है। विकल्प B गलत है, क्योंकि सतत विकास लक्ष्य 2015 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एजेंडा 2030 के तहत अपनाए। विकल्प D गलत है, क्योंकि जलवायु परिवर्तन 1992 के UNFCCC और उसके क्योटो प्रोटोकॉल व पेरिस समझौते का विषय है। परीक्षा टिप: ओज़ोन के लिए वियना 1985 और मॉन्ट्रियल 1987; किगाली 2016 से HFC जुड़े।

Q14.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CTET · Paper II Maths & Science, 21 Jan 2024आसान

निम्नलिखित में से कौन-सी गैसें अम्ल वर्षा के लिए उत्तरदायी हैं? (a) नाइट्रोजन (b) ऑक्सीजन (c) ओज़ोन (d) सल्फर डाइऑक्साइड (e) नाइट्रिक ऑक्साइड

  1. A.(d) और (e)
  2. B.(a) और (b)
  3. C.(b) और (c)
  4. D.(c) और (d)
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. (d) और (e)

व्याख्या

सही उत्तर है A, (d) और (e)। सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रिक ऑक्साइड ही अम्ल वर्षा के लिए ज़िम्मेदार गैसें हैं। बिजलीघरों, कारखानों और वाहनों में कोयला, पेट्रोल और डीज़ल जलने पर सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रिक ऑक्साइड जैसे नाइट्रोजन के ऑक्साइड निकलते हैं। ये गैसें बादलों की पानी की बूँदों में घुलकर सल्फ्यूरिक अम्ल और नाइट्रिक अम्ल बनाती हैं, जो वर्षा के साथ नीचे आते हैं। अम्ल वर्षा फसलों, मिट्टी, झीलों और जंगलों को नुकसान पहुँचाती है और इमारतों व स्मारकों को गला देती है। NCERT की कक्षा 8 की विज्ञान की किताब बताती है कि अम्ल वर्षा आगरा के ताजमहल के सफेद संगमरमर को गला रही है, जिसे संगमरमर कैंसर कहते हैं, और इसके स्रोतों में आगरा के आसपास के उद्योग तथा मथुरा रिफाइनरी शामिल हैं। B गलत है क्योंकि नाइट्रोजन और ऑक्सीजन हवा की मुख्य और हानिरहित गैसें हैं। C गलत है क्योंकि ऑक्सीजन और ओज़ोन वे अम्ल नहीं बनातीं जो अम्ल वर्षा में गिरते हैं। D गलत है क्योंकि इसमें सल्फर डाइऑक्साइड के साथ ओज़ोन जोड़ी गई है, जो अम्ल वर्षा का कारण नहीं है। परीक्षा टिप: अम्ल वर्षा – सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन के ऑक्साइड; संगमरमर कैंसर – ताजमहल।

Q15.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CTET · Paper II SST, 14 Dec 2024, Shift 1आसान

विश्व पर्यावरण दिवस हर वर्ष निम्नलिखित में से किस दिन मनाया जाता है?

  1. A.5 मई
  2. B.5 जून
  3. C.5 जुलाई
  4. D.5 अगस्त
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 5 जून

व्याख्या

सही उत्तर है B, 5 जून। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1972 में 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस घोषित किया, और 1974 से यह हर साल मनाया जा रहा है। यह तारीख 5 से 16 जून 1972 तक स्टॉकहोम में हुए संयुक्त राष्ट्र मानव पर्यावरण सम्मेलन के पहले दिन की याद दिलाती है, जो पर्यावरण पर दुनिया की पहली बड़ी बैठक थी। इसी सम्मेलन से संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम, यानी UNEP, बना, जो हर साल इस दिन के आयोजन की अगुवाई करता है। हर वर्ष इस दिन की नई थीम और नया मेज़बान देश होता है; भारत ने 2018 में 'प्लास्टिक प्रदूषण को हराएँ' थीम के साथ इसकी मेज़बानी की थी। A गलत है क्योंकि मई की मुख्य पर्यावरण तारीख 22 मई, अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस है। C गलत है क्योंकि जुलाई में 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस आता है, पर्यावरण दिवस नहीं। D गलत है क्योंकि 5 अगस्त का इस दिवस से कोई संबंध नहीं है। परीक्षा टिप: 22 अप्रैल – पृथ्वी दिवस; 22 मई – जैव विविधता दिवस; 5 जून – विश्व पर्यावरण दिवस; 16 सितंबर – विश्व ओज़ोन दिवस।

Q16.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 10 Oct 2021आसान

नीला कार्बन (ब्लू कार्बन) क्या है?

  1. A.महासागरों और तटीय पारिस्थितिक तंत्रों द्वारा ग्रहण किया गया कार्बन
  2. B.वन जैवभार और कृषि मृदाओं में संचित कार्बन
  3. C.पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस में निहित कार्बन
  4. D.वायुमंडल में उपस्थित कार्बन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. महासागरों और तटीय पारिस्थितिक तंत्रों द्वारा ग्रहण किया गया कार्बन

व्याख्या

सही उत्तर है A, महासागरों और तटीय पारिस्थितिक तंत्रों द्वारा ग्रहण किया गया कार्बन। नीला कार्बन वह कार्बन है जो समुद्री और तटीय पारिस्थितिक तंत्र, खासकर मैंग्रोव, लवणीय दलदल और समुद्री घास के मैदान, जमा करते हैं। ये पौधे कार्बन डाइऑक्साइड सोखते हैं, और पानी से भरी मिट्टी में ऑक्सीजन कम होने से मृत पदार्थ धीरे सड़ता है, इसलिए कार्बन सैकड़ों या हजारों साल तक तलछट में बंद रहता है। समान क्षेत्रफल में ये उष्णकटिबंधीय वनों से कई गुना अधिक कार्बन जमा कर सकते हैं, इसीलिए सुंदरबन और भारत की समुद्री घास की रक्षा जलवायु कार्रवाई मानी जाती है। इन आवासों के नष्ट होने पर जमा कार्बन फिर हवा में चला जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि वन जैवभार और खेतों की मिट्टी का कार्बन हरा कार्बन कहलाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि पेट्रोलियम और गैस का कार्बन जीवाश्म कार्बन है, जो जलने पर कार्बन डाइऑक्साइड बनता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि हवा में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड केवल वायुमंडलीय कार्बन है, संचित नहीं। परीक्षा टिप: नीला कार्बन यानी तट और महासागर, हरा कार्बन यानी वन और मिट्टी।

Q17.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 28 June 2019, Shift 3आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा जैव-निम्नीकरणीय (biodegradable) कचरा नहीं है?

  1. A.सब्ज़ियों के छिलके
  2. B.मृत पत्तियाँ
  3. C.पॉलीथीन की थैली
  4. D.सड़ता हुआ फल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. पॉलीथीन की थैली

व्याख्या

सही उत्तर है C, पॉलीथीन की थैली। पॉलीथीन एक कृत्रिम प्लास्टिक है, जिसे जीवाणु और कवक तोड़ नहीं पाते, इसलिए यह जैव-अनिम्नीकरणीय (non-biodegradable) है। प्लास्टिक की थैली मिट्टी या पानी में सैकड़ों वर्षों तक बनी रह सकती है। जैव-निम्नीकरणीय कचरा वह है जिसे अपघटक सरल और हानिरहित पदार्थों में तोड़ दें; यह प्रायः पौधों या जंतुओं से आता है। प्लास्टिक की थैलियाँ नालियाँ जाम करके जलभराव करती हैं, गाय और समुद्री जीव इन्हें निगल लेते हैं, और जलाने पर ये ज़हरीली गैसें छोड़ती हैं; इसलिए इनका उपयोग घटाना, दोबारा इस्तेमाल करना और पुनर्चक्रण करना ज़रूरी है। कचरे को दो डिब्बों में अलग रखना सबसे अच्छा है: गीला (जैव-निम्नीकरणीय) और सूखा (अनिम्नीकरणीय)। A गलत है क्योंकि सब्ज़ियों के छिलके कुछ ही दिनों में सड़कर अच्छी खाद बन जाते हैं। B गलत है क्योंकि मृत पत्तियाँ सड़कर ह्यूमस बनाती हैं, जो मिट्टी को उपजाऊ बनाता है। D गलत है क्योंकि सड़ते फल को तो सूक्ष्मजीव पहले से ही तोड़ रहे हैं। परीक्षा टिप: जिसे सूक्ष्मजीव खा सकें वह जैव-निम्नीकरणीय है; प्लास्टिक, काँच, धातु के डिब्बे और DDT नहीं।

Q18.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CTET · Paper I, 21 Jan 2024, Shift 2आसान

जोहड़ के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है? सही विकल्प चुनिए।

  1. A.यह भूजल को पंप करके आसपास के कुओं में पहुँचाता है।
  2. B.यह नदियों का पानी जमा करता है।
  3. C.यह समुदाय आधारित वर्षा जल संग्रहण प्रणाली है।
  4. D.यह पानी की अशुद्धियाँ छानता है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. यह समुदाय आधारित वर्षा जल संग्रहण प्रणाली है।

व्याख्या

सही उत्तर है C, यह समुदाय आधारित वर्षा जल संग्रहण प्रणाली है। जोहड़ अर्धचंद्राकार मिट्टी का छोटा बाँध है, जिसे गाँव के लोग मिलकर वर्षा का पानी रोकने और जमा करने के लिए बनाते हैं। यह मुख्य रूप से राजस्थान और हरियाणा में बनाया जाता है, जहाँ बारिश कम होती है और साल के कुछ ही महीनों में होती है। मेड़ के पीछे रुका पानी पशुओं और खेती के काम आता है, और इसका बड़ा हिस्सा ज़मीन में रिसकर कुओं को फिर से भरता है और भूजल स्तर ऊपर उठाता है। राजस्थान के अलवर ज़िले में तरुण भारत संघ के साथ मिलकर गाँव वालों ने बहुत-से जोहड़ बनाए, और सूख चुकी अरवरी नदी फिर से बहने लगी। A गलत है क्योंकि जोहड़ भूजल को पंप नहीं करता, बल्कि उसे फिर से भरने में मदद करता है। B गलत है क्योंकि यह ज़मीन पर बहकर आने वाला वर्षा जल जमा करता है, नदियों से लिया गया पानी नहीं। D गलत है क्योंकि जोहड़ पानी जमा करने का ढाँचा है, पानी छानने का यंत्र नहीं। परीक्षा टिप: जोहड़ – राजस्थान और हरियाणा; कुल – पश्चिमी हिमालय; बाँस ड्रिप सिंचाई – मेघालय; ज़िंग – लद्दाख।

Q19.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

निम्नलिखित में से कौन सा पारिस्थितिक पिरामिड सदैव सीधा रहता है?

  1. A.संख्या का पिरामिड
  2. B.जैवभार का पिरामिड
  3. C.ऊर्जा का पिरामिड
  4. D.तीनों सदैव सीधे रहते हैं
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. ऊर्जा का पिरामिड

व्याख्या

सही उत्तर C, ऊर्जा का पिरामिड है। एक पोषी स्तर से अगले स्तर तक हर स्थानांतरण पर ऊर्जा ऊष्मा के रूप में नष्ट होती है, इसलिए ऊपर का कोई स्तर अपने नीचे वाले स्तर से अधिक ऊर्जा कभी नहीं रख सकता। इसी कारण ऊर्जा का पिरामिड बिना किसी अपवाद के हर पारिस्थितिकी तंत्र में सीधा रहता है।

विकल्प A, संख्या का पिरामिड एकल वृक्ष के तंत्र में उल्टा हो जाता है, जहां एक बड़ा वृक्ष हजारों कीटों को और वे कीट अनेक पक्षियों को पालते हैं। विकल्प B, जैवभार का पिरामिड तालाब अथवा समुद्र में उल्टा रहता है, क्योंकि किसी क्षण उपस्थित पादप प्लवक का भार उन मछलियों से बहुत कम होता है जिनका वे पोषण करते हैं, यद्यपि वे तेजी से बढ़ते रहते हैं। इसलिए विकल्प D गलत है। अध्याय का सर्वाधिक पूछा जाने वाला बिंदु यही है।

Q20.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: दिल्ली · Delhi Police Const., 03 Dec 2023, S1आसान

निम्नलिखित में से भारत में स्थापित पहला राष्ट्रीय उद्यान कौन-सा है?

  1. A.गिर राष्ट्रीय उद्यान
  2. B.काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान
  3. C.जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान
  4. D.राजाजी राष्ट्रीय उद्यान
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान

व्याख्या

सही उत्तर है C, जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान। यह भारत का पहला राष्ट्रीय उद्यान है, जिसे 1936 में हेली राष्ट्रीय उद्यान के नाम से आज के उत्तराखंड के नैनीताल क्षेत्र में स्थापित किया गया था। बाद में इसे रामगंगा राष्ट्रीय उद्यान कहा गया और 1950 के दशक में प्रसिद्ध शिकारी से प्रकृतिवादी बने जिम कॉर्बेट के सम्मान में इसका नाम बदला गया, जिन्होंने 'मैन-ईटर्स ऑफ़ कुमाऊँ' लिखी थी। 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर यहीं से शुरू हुआ, और यह उद्यान हिमालय की तलहटी में रामगंगा नदी के किनारे फैला है। विकल्प A गलत है, क्योंकि एशियाई शेरों का अंतिम घर, गुजरात का गिर, 1975 में जाकर राष्ट्रीय उद्यान बना। विकल्प B गलत है, क्योंकि एक सींग वाले गैंडे के लिए प्रसिद्ध असम का काज़ीरंगा 1974 में राष्ट्रीय उद्यान बना। विकल्प D गलत है, क्योंकि उत्तराखंड का राजाजी राष्ट्रीय उद्यान 1983 में तीन अभयारण्यों को मिलाकर बनाया गया। परीक्षा टिप: पहला राष्ट्रीय उद्यान हेली (1936) से रामगंगा और फिर जिम कॉर्बेट कहलाया, और प्रोजेक्ट टाइगर 1973 में यहीं से शुरू हुआ।

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