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GK क्विजबैंकिंग और वित्तीय जागरूकता

बैंकिंग और वित्तीय जागरूकता क्विज: एनबीएफसी और माइक्रोफाइनेंस संस्थाएं

  • 10 प्रश्न
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इस क्विज के बारे में

बैंकिंग और वित्तीय जागरूकता के अंतर्गत "एनबीएफसी और माइक्रोफाइनेंस संस्थाएं" विषय पर यह क्विज़ 10 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

10 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की किस धारा के अंतर्गत गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी के लिए पंजीकरण अनिवार्य है?

  1. A.धारा 42
  2. B.धारा 45-आईए
  3. C.धारा 22
  4. D.धारा 35ए
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. धारा 45-आईए

व्याख्या

सही उत्तर B, धारा 45-आईए है। यह धारा भारतीय रिज़र्व बैंक (संशोधन) अधिनियम, 1997 से जोड़ी गई और इसके अनुसार एनबीएफसी को कारोबार आरंभ करने से पहले रिज़र्व बैंक से पंजीकरण प्रमाणपत्र लेना तथा निर्धारित न्यूनतम निवल स्वाधिकृत निधि रखनी होती है। विकल्प A, धारा 42, उस नकद आरक्षित अनुपात से संबंधित है जो अनुसूचित बैंक को रिज़र्व बैंक के पास रखना होता है, इसलिए वह बैंकों से जुड़ी है, एनबीएफसी से नहीं। विकल्प C, धारा 22, बैंककारी कंपनियों के लाइसेंस का प्रावधान है, पर वह बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 में है, रिज़र्व बैंक अधिनियम में नहीं। विकल्प D, धारा 35ए, बैंककारी कंपनियों को निर्देश देने की रिज़र्व बैंक की सामान्य शक्ति है। साथ में धारा 45-आईबी याद रखें, जिसके अंतर्गत जमा लेने वाली एनबीएफसी को तरल परिसंपत्तियां रखनी होती हैं।

Q2.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताआसान

निम्नलिखित में से कौन कार्य गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी नहीं कर सकती?

  1. A.ऋण तथा अग्रिम देना
  2. B.मांग जमा स्वीकार करना
  3. C.शेयर और डिबेंचर अर्जित करना
  4. D.किराया-क्रय कारोबार करना
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मांग जमा स्वीकार करना

व्याख्या

सही उत्तर B, मांग जमा स्वीकार करना है। एनबीएफसी मांग जमा स्वीकार नहीं कर सकती, स्वयं पर आहरित चेक जारी नहीं कर सकती, भुगतान एवं निपटान प्रणाली का भाग नहीं होती, और उसके जमाकर्ताओं को निक्षेप बीमा और प्रत्याय गारंटी निगम का कवच प्राप्त नहीं होता। ये चारों बिंदु मिलकर एनबीएफसी और बैंक का अंतर बनाते हैं। विकल्प A विकल्प के रूप में गलत है क्योंकि ऋण देना एनबीएफसी की मूल गतिविधि है और उसकी परिभाषा में ही लिखी है। विकल्प C इसी कारण गलत है, क्योंकि शेयर, डिबेंचर तथा अन्य प्रतिभूतियों का अधिग्रहण उन गतिविधियों में है जो इस कारोबार को परिभाषित करती हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि किराया-क्रय अनुमत गतिविधियों में विशेष रूप से नामित है, पट्टा, बीमा कारोबार और चिट कारोबार के साथ। जमा लेने वाली एनबीएफसी सावधि जमा स्वीकार कर सकती है, और इसी से यह प्रश्न दो बार पढ़ने योग्य बनता है।

Q3.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

रिज़र्व बैंक द्वारा लागू प्रमुख कारोबार मानदंड के अनुसार कोई कंपनी एनबीएफसी तब मानी जाती है जब

  1. A.वित्तीय परिसंपत्तियां कुल परिसंपत्तियों के 50 प्रतिशत से अधिक हों और उनसे आय सकल आय के 50 प्रतिशत से अधिक हो
  2. B.केवल वित्तीय परिसंपत्तियां कुल परिसंपत्तियों के 25 प्रतिशत से अधिक हों
  3. C.केवल वित्तीय परिसंपत्तियों से आय सकल आय के 75 प्रतिशत से अधिक हो
  4. D.वह कंपनी अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत हो और उसके पास कोई भी वित्तीय परिसंपत्ति हो
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. वित्तीय परिसंपत्तियां कुल परिसंपत्तियों के 50 प्रतिशत से अधिक हों और उनसे आय सकल आय के 50 प्रतिशत से अधिक हो

व्याख्या

सही उत्तर A है। रिज़र्व बैंक वह परीक्षण लगाता है जिसे उद्योग पचास-पचास परीक्षण कहता है: दोनों शर्तें पूरी होनी चाहिए, अर्थात वित्तीय परिसंपत्तियां कुल परिसंपत्तियों के आधे से अधिक हों और उन परिसंपत्तियों से आय सकल आय के आधे से अधिक हो। जो कंपनी दोनों में से केवल एक शर्त पूरी करती है, वह एनबीएफसी नहीं है। विकल्प B गलत है क्योंकि पच्चीस प्रतिशत परीक्षण के किसी भी अंग की सीमा नहीं है। विकल्प C दो कारणों से गलत है: आंकड़ा पचास है, पचहत्तर नहीं, और आय वाला अंग अकेला कभी पर्याप्त नहीं होता। विकल्प D गलत है क्योंकि कंपनी अधिनियम के अंतर्गत निगमन प्रत्येक कंपनी की पूर्व शर्त है और वह प्रमुख कारोबार के बारे में कुछ नहीं बताता; जो निर्माता कंपनी अपना धन प्रतिभूतियों में रखती है वह एनबीएफसी नहीं है। इस परीक्षण का उद्देश्य वित्त कंपनी को उस व्यापारिक, निर्माण अथवा सेवा कंपनी से अलग करना है जो निवेश भी रखती है।

Q4.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

1 अक्तूबर 2022 से लागू एनबीएफसी के लिए मापक आधारित विनियमन ढांचा उन्हें कितनी परतों में रखता है?

  1. A.दो
  2. B.तीन
  3. C.चार
  4. D.पांच
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. चार

व्याख्या

सही उत्तर C, चार है। ये परतें हैं—आधार परत, मध्य परत, ऊपरी परत और शीर्ष परत—और कंपनी के ऊपर की परत में जाने के साथ विनियमन कड़ा होता जाता है, जिससे पर्यवेक्षण उस जोखिम के अनुरूप रहे जो कंपनी प्रणाली के लिए उत्पन्न करती है। विकल्प A, दो, जमा लेने वाली तथा जमा न लेने वाली कंपनियों के पुराने विभाजन को दर्शाता है, जो अब भी है पर वह परत आधारित ढांचा नहीं है। विकल्प B, तीन, सामान्य गलत उत्तर है, क्योंकि परीक्षार्थी आधार, मध्य और ऊपरी परत याद रखते हैं और चौथी भूल जाते हैं। विकल्प D, पांच, स्पष्ट रूप से गलत है। उत्तर को पूरा करने वाला विवरण यह है कि शीर्ष परत जानबूझकर रिक्त रखी जाती है और उसमें कोई कंपनी तब ही रखी जाएगी जब रिज़र्व बैंक यह माने कि ऊपरी परत की कोई कंपनी प्रणालीगत जोखिम में पर्याप्त वृद्धि कर रही है।

Q5.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

जमा न लेने वाली एनबीएफसी प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण कब मानी जाती है?

  1. A.परिसंपत्ति 100 करोड़ रुपये और अधिक
  2. B.परिसंपत्ति 250 करोड़ रुपये और अधिक
  3. C.परिसंपत्ति 500 करोड़ रुपये और अधिक
  4. D.परिसंपत्ति 1,000 करोड़ रुपये और अधिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. परिसंपत्ति 500 करोड़ रुपये और अधिक

व्याख्या

सही उत्तर C, पांच सौ करोड़ रुपये और अधिक है। उस आकार की जमा न लेने वाली एनबीएफसी प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है, जिसे एनबीएफसी-एनडी-एसआई लिखा जाता है, और उस पर पूंजी पर्याप्तता, जोखिम-सीमा तथा प्रकटीकरण के वे विवेकपूर्ण मानदंड लागू होते हैं जिनसे छोटी कंपनियां बची रहती हैं। विकल्प A, सौ करोड़, कभी सीमा नहीं रही। विकल्प B, दो सौ पचास करोड़, वास्तविक आंकड़ों के बीच रखा गया कल्पित आंकड़ा है। विकल्प D, एक हज़ार करोड़, सबसे सशक्त भ्रमक है क्योंकि वह इस विषय की वास्तविक सीमा है, पर भिन्न संदर्भ में: मापक आधारित विनियमन के अंतर्गत एक हज़ार करोड़ रुपये से कम परिसंपत्ति वाली जमा न लेने वाली एनबीएफसी सामान्यतः आधार परत में आती है। दोनों आंकड़े अलग रखें—प्रणालीगत महत्व के लिए पांच सौ करोड़ और आधार परत की सीमा के लिए एक हज़ार करोड़।

Q6.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

एनबीएफसी-एमएफआई को पृथक श्रेणी बनाने वाला विनियामक ढांचा किस समिति की रिपोर्ट के बाद आया?

  1. A.नरसिंहम समिति
  2. B.मालेगाम समिति
  3. C.नचिकेत मोर समिति
  4. D.रघुराम राजन समिति
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मालेगाम समिति

व्याख्या

सही उत्तर B, मालेगाम समिति है। 2010 में आंध्र प्रदेश के माइक्रोफाइनेंस संकट के बाद रिज़र्व बैंक ने माइक्रोफाइनेंस संस्थाओं की ऋण प्रथाओं के अध्ययन के लिए वाई. एच. मालेगाम की अध्यक्षता में अपने केंद्रीय निदेशक मंडल की उपसमिति गठित की, और जनवरी 2011 की उसकी रिपोर्ट से एनबीएफसी-एमएफआई को मार्जिन, ब्याज तथा वसूली के अपने नियमों के साथ पृथक श्रेणी के रूप में अलग किया गया। विकल्प A, नरसिंहम समिति, ने 1991 और 1998 में बैंकिंग क्षेत्र सुधार पर रिपोर्ट दी और उसका माइक्रोफाइनेंस से कोई संबंध नहीं है। विकल्प C, 2013 की नचिकेत मोर समिति, ने छोटे कारोबारों तथा निम्न आय परिवारों के लिए समग्र वित्तीय सेवाओं का प्रस्ताव रखा और वह लघु वित्त बैंक तथा भुगतान बैंक की दिशा में ले गई, इसलिए वह सच्चा भ्रमक है। विकल्प D, 2008 की रघुराम राजन समिति, ने वित्तीय क्षेत्र सुधारों पर व्यापक रिपोर्ट दी थी।

Q7.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

रिज़र्व बैंक के माइक्रोफाइनेंस ऋण ढांचे के अनुसार माइक्रोफाइनेंस ऋण उस परिवार को दिया प्रतिभूति-मुक्त ऋण है जिसकी वार्षिक आय अधिकतम कितनी हो?

  1. A.1,00,000 रुपये
  2. B.2,00,000 रुपये
  3. C.3,00,000 रुपये
  4. D.5,00,000 रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 3,00,000 रुपये

व्याख्या

सही उत्तर C, तीन लाख रुपये है। यह ढांचा माइक्रोफाइनेंस ऋण को ऋण की राशि या ऋणदाता के प्रकार से नहीं, बल्कि ऋणी की पारिवारिक आय से परिभाषित करता है, और यही परिभाषा बैंक, लघु वित्त बैंक, एनबीएफसी तथा एनबीएफसी-एमएफआई—सब पर समान रूप से लागू होती है, जो इस ढांचे का प्रमुख सुधार था। विकल्प A, एक लाख, और विकल्प B, दो लाख, पुरानी व्यवस्था की ग्रामीण तथा शहरी सीमाएं थीं, जो दोनों में भेद करती थी और जिनके स्थान पर वर्तमान ढांचे ने एक ही आंकड़ा रखा। विकल्प D, पांच लाख, इस ढांचे में कोई सीमा ही नहीं है। इसके साथ दो और आंकड़े चलते हैं: परिवार की मासिक चुकौती देयता उसकी मासिक पारिवारिक आय के पचास प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती, और एनबीएफसी-एमएफआई को अपनी कुल परिसंपत्तियों का कम से कम पचहत्तर प्रतिशत माइक्रोफाइनेंस ऋण के रूप में रखना होता है।

Q8.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

माइक्रोफाइनेंस ढांचे के अंतर्गत परिवार की मासिक ऋण चुकौती देयता उसकी मासिक पारिवारिक आय के किस अंश तक सीमित है?

  1. A.25 प्रतिशत
  2. B.40 प्रतिशत
  3. C.50 प्रतिशत
  4. D.60 प्रतिशत
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 50 प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर C, पचास प्रतिशत है। यह सीमा परिवार के सभी ऋणों की चुकौती को मिलाकर लगती है, केवल विचाराधीन माइक्रोफाइनेंस ऋण पर नहीं, और ऋणदाता को स्वीकृति से पहले पारिवारिक आय तथा विद्यमान ऋण का आकलन करना होता है, जो अत्यधिक ऋणग्रस्तता के विरुद्ध इस ढांचे का प्रमुख संरक्षण है। विकल्प A, पच्चीस प्रतिशत, बहुत कम है और ढांचे में कहीं प्रयुक्त नहीं होता। विकल्प B, चालीस प्रतिशत, कल्पित आंकड़ा है जो विश्वसनीय लगता है क्योंकि ऋणदाता खुदरा ऋण व्यवहार में प्रायः ऐसा ही अनुपात प्रयोग करते हैं। विकल्प D, साठ प्रतिशत, भी गलत है। ढांचे के तीनों आंकड़े एक समूह के रूप में याद करें: माइक्रोफाइनेंस ऋण की परिभाषा के लिए तीन लाख रुपये वार्षिक पारिवारिक आय, चुकौती सीमा के लिए मासिक आय का पचास प्रतिशत, और एनबीएफसी-एमएफआई के न्यूनतम माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो के लिए कुल परिसंपत्तियों का पचहत्तर प्रतिशत।

Q9.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताआसान

स्वयं सहायता समूह और बैंक सहलग्नता कार्यक्रम 1992 में किस संस्था ने आरंभ किया?

  1. A.सिडबी
  2. B.नाबार्ड
  3. C.भारतीय रिज़र्व बैंक
  4. D.भारतीय स्टेट बैंक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. नाबार्ड

व्याख्या

सही उत्तर B, नाबार्ड है। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक ने यह कार्यक्रम 1992 में प्रयोग के रूप में आरंभ किया, जो मुख्यतः महिलाओं के बचत समूहों को ऋण के लिए सीधे बैंक शाखाओं से जोड़ता है, और सम्मिलित परिवारों की संख्या के आधार पर यह विश्व का सबसे बड़ा माइक्रोफाइनेंस कार्यक्रम बन गया। विकल्प A, सिडबी, यानी भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक, लघु उद्योग को सहारा देता है और माइक्रोफाइनेंस संस्थाओं को पुनर्वित्त देता है, तथा अप्रैल 2015 में मुद्रा उसकी अनुषंगी के रूप में स्थापित हुई, पर सहलग्नता कार्यक्रम उसकी योजना नहीं है। विकल्प C, भारतीय रिज़र्व बैंक, ने इस कार्यक्रम को सहारा दिया और बैंकों को सक्षमकारी अनुदेश जारी किए, पर वह नियामक है, प्रवर्तक नहीं। विकल्प D, भारतीय स्टेट बैंक, सहभागी बैंक है। नाबार्ड की स्थापना स्वयं जुलाई 1982 में 1981 के अधिनियम के अंतर्गत हुई थी।

Q10.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताआसान

मुहम्मद यूनुस, जिन्हें अपनी स्थापित संस्था के साथ 2006 का नोबेल शांति पुरस्कार मिला, किस संस्था से जुड़े हैं?

  1. A.बांग्लादेश का ग्रामीण बैंक
  2. B.इंडोनेशिया का बैंक रक्यात
  3. C.ब्रैक बैंक
  4. D.बंधन बैंक
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बांग्लादेश का ग्रामीण बैंक

व्याख्या

सही उत्तर A, बांग्लादेश का ग्रामीण बैंक है। मुहम्मद यूनुस ने यह बैंक इस विचार पर खड़ा किया कि प्रतिभूति के बिना दिए गए अत्यंत छोटे ऋण, जो मुख्यतः एक-दूसरे की गारंटी देने वाले समूहों में संगठित महिलाओं को दिए जाते हैं, विश्वसनीय रूप से चुकाए जाते हैं, और 2006 का नोबेल शांति पुरस्कार उन्हें तथा उस बैंक को संयुक्त रूप से दिया गया। विकल्प B, इंडोनेशिया का बैंक रक्यात, बड़ा सरकारी बैंक है जिसकी माइक्रोफाइनेंस शाखा प्रसिद्ध है, पर उसका इस पुरस्कार से संबंध नहीं। विकल्प C, ब्रैक, भी बांग्लादेश की संस्था है जो माइक्रोफाइनेंस तथा विकास कार्य करती है, और इसी से वह इस समूह का निकटतम भ्रमक है। विकल्प D, बंधन बैंक, भारतीय है: उसने माइक्रोफाइनेंस संस्था के रूप में आरंभ किया, सार्वत्रिक बैंकिंग लाइसेंस पाया और 2015 में कार्य आरंभ किया, इसलिए वह ग्रामीण बैंक की कथा का भारतीय समानांतर है, यहां उत्तर नहीं।

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