भारत में क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां किसके पास पंजीकृत होती हैं और किसके द्वारा नियमित होती हैं?
- A.भारतीय रिज़र्व बैंक
- B.भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड
- C.इरडाई
- D.सीधे वित्त मंत्रालय
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड है। क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां जनता को दी जाने वाली प्रतिभूतियों की रेटिंग करती हैं, इसलिए वे प्रतिभूति बाजार के अंतर्गत आती हैं और सेबी (क्रेडिट रेटिंग एजेंसीज) विनियम, 1999 के अधीन कार्य करती हैं, जो सेबी अधिनियम, 1992 के अंतर्गत बने हैं; सेबी में पंजीकरण के बिना कोई एजेंसी किसी सार्वजनिक ऋण निर्गम की रेटिंग नहीं कर सकती। विकल्प A गलत है, क्योंकि रिज़र्व बैंक इस अध्याय के दूसरे समूह, अर्थात क्रेडिट सूचना कंपनियों को, क्रेडिट सूचना कंपनी (विनियमन) अधिनियम, 2005 के अंतर्गत नियमित करता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इरडाई बीमा कंपनियों का नियमन करता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि वित्त मंत्रालय नीति बनाता और विधेयक लाता है, परंतु बाजार मध्यस्थों का पंजीकरण स्वयं नहीं करता; यह कार्य सांविधिक नियामक का है।