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GK क्विजबैंकिंग और वित्तीय जागरूकता

बैंकिंग और वित्तीय जागरूकता मिश्रित क्विज: सेट 31

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
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इस क्विज के बारे में

बैंकिंग और वित्तीय जागरूकता मिश्रित क्विज़ (सेट 31) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 7 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: मनी लॉन्ड्रिंग निवारण: पीएमएलए और एफआईयू-इंडिया, बैंक धोखाधड़ी, साइबर सुरक्षा और ग्राहक देयता, लीड बैंक योजना और सेवा क्षेत्र दृष्टिकोण और अन्य। इनमें से 1 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम के अंतर्गत किसी व्यक्ति को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के लिए अनुसूचित अपराध की राशि कम से कम कितनी होनी चाहिए?

  1. A.एक करोड़ रुपये
  2. B.दस करोड़ रुपये
  3. C.सौ करोड़ रुपये
  4. D.एक हजार करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. सौ करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर C, सौ करोड़ रुपये है। भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम 2018 वहां लागू होता है जहां सौ करोड़ रुपये या अधिक मूल्य के किसी अनुसूचित अपराध में गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ हो और व्यक्ति अभियोजन से बचने के लिए भारत छोड़ चुका हो, या उसका सामना करने के लिए लौटने से इनकार करे। धन शोधन निवारण अधिनियम के अंतर्गत नामित विशेष न्यायालय तब उस व्यक्ति को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर सकता है, जिसके बाद केंद्र सरकार अपराध की आय तथा अपराधी की अन्य संपत्ति, जिसमें बेनामी संपत्ति भी है, का अधिहरण कर सकती है और उस व्यक्ति को दीवानी दावे चलाने से रोका जा सकता है। विकल्प A गलत है क्योंकि एक करोड़ रुपये सांविधिक सीमा से बहुत नीचे है। विकल्प B गलत है क्योंकि दस करोड़ रुपये भी उससे नीचे है। विकल्प D गलत है क्योंकि एक हजार करोड़ रुपये की सीमा लगभग हर उस मामले को बाहर कर देगी जिसके लिए यह अधिनियम बना था।

Q2.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताआसान

तृतीय पक्ष उल्लंघन की स्थिति में शून्य देयता पाने के लिए ग्राहक को अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेनदेन की सूचना कितने कार्य दिवसों के भीतर देनी होगी?

  1. A.एक कार्य दिवस
  2. B.तीन कार्य दिवस
  3. C.सात कार्य दिवस
  4. D.पंद्रह कार्य दिवस
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. तीन कार्य दिवस

व्याख्या

सही उत्तर B, तीन कार्य दिवस है। रिज़र्व बैंक के 6 जुलाई 2017 के परिपत्र के अनुसार जहाँ दोष न बैंक का हो न ग्राहक का, बल्कि व्यवस्था में कहीं और हो, वहाँ ग्राहक की देयता शून्य है यदि अनधिकृत लेनदेन की सूचना बैंक का संदेश मिलने के तीन कार्य दिवसों के भीतर दे दी जाए। जिस दिन वह संदेश मिला वह दिन गिनती से बाहर रहता है और कार्य दिवस गृह शाखा की समय-सारणी से गिने जाते हैं।

विकल्प A, एक कार्य दिवस, नियम से कड़ा है और इससे अनेक सच्चे पीड़ित असुरक्षित रह जाएँगे। विकल्प C, सात कार्य दिवस, सीमित देयता अवधि का बाहरी छोर है, जहाँ ग्राहक एक सीमित राशि उठाता है, इसलिए यह सबसे आकर्षक गलत उत्तर है। विकल्प D, पंद्रह कार्य दिवस, इस ढाँचे में कहीं नहीं है; सात कार्य दिवसों के बाद दी गई सूचना बैंक की बोर्ड अनुमोदित नीति से निपटाई जाती है। जोड़ी याद रखें: शून्य देयता के लिए तीन दिन, सीमित देयता के लिए चार से सात दिन।

Q3.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

संभाव्यतायुक्त साख योजना, जो किसी जिले की वार्षिक साख योजना का आधार बनती है, कौन तैयार करता है?

  1. A.नाबार्ड
  2. B.भारतीय रिज़र्व बैंक
  3. C.सिडबी
  4. D.जिले का लीड बैंक
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. नाबार्ड

व्याख्या

सही उत्तर A, नाबार्ड है। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक प्रत्येक जिले के लिए संभाव्यतायुक्त साख योजना बनाता है, जो क्षेत्रवार अनुमान लगाती है कि जिला कितनी साख पचा सकता है, और इसमें मिट्टी, सिंचाई, फसल प्रतिरूप, पशुधन, आधारभूत संरचना तथा गैर-कृषि गतिविधि का ध्यान रखा जाता है। बैंक उसी अनुमान पर अपनी शाखा योजनाएं बनाते हैं, प्रखंड स्तरीय बैंकर समिति उन्हें जोड़कर प्रखंड योजना बनाती है, और जिला परामर्शदात्री समिति वार्षिक साख योजना स्वीकृत करती है। विकल्प B गलत है क्योंकि रिज़र्व बैंक नीति बनाता और योजना की निगरानी करता है, पर जिलों की संभाव्यता का अनुमान नहीं बनाता। विकल्प C गलत है क्योंकि सिडबी लघु उद्योग को पुनर्वित्त देता है और जिला साख योजनाएं नहीं बनाता। विकल्प D गलत है क्योंकि लीड बैंक योजना का समन्वय और समेकन करता है, पर वह नाबार्ड के संभाव्यता अनुमान पर काम करता है, उसे बनाता नहीं। नाबार्ड, शाखा, प्रखंड, जिला, राज्य की यही कड़ी याद रखनी है।

Q4.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताआसान

भारतीय रिज़र्व बैंक ने घरेलू प्रणालीगत महत्व के बैंकों से जुड़ा ढाँचा किस वर्ष जारी किया?

  1. A.2011
  2. B.2014
  3. C.2017
  4. D.2021
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 2014

व्याख्या

सही उत्तर B, 2014 है। भारतीय रिज़र्व बैंक ने डी-एसआईबी ढाँचा 22 जुलाई 2014 को जारी किया, जिसमें बताया गया कि नमूने के लिए बैंक कैसे चुने जाएँगे, आकार, अंतर-संबद्धता, प्रतिस्थापनीयता और जटिलता से प्रणालीगत महत्व अंक कैसे निकाला जाएगा, और हर बकेट पर कितनी अतिरिक्त कॉमन इक्विटी टियर 1 पूँजी लगेगी। इस ढाँचे के तहत पहले नाम अगले वर्ष घोषित हुए।

विकल्प A, 2011, वह वर्ष है जब वित्तीय स्थिरता बोर्ड ने प्रणालीगत महत्व के बैंकों की वैश्विक सूची निकालना शुरू किया; यह विश्व स्तर पर होने वाला अलग काम है, इसलिए यह जाना-पहचाना भ्रम है। विकल्प C, 2017, वह वर्ष है जब बैंकों के लिए पहले वाला त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई ढाँचा जारी हुआ था, डी-एसआईबी ढाँचा नहीं। विकल्प D, 2021, संशोधित पीसीए ढाँचे का वर्ष है। इन तीन तारीखों को मिला देने पर आसान अंक चला जाता है, इसलिए याद रखें: डी-एसआईबी के लिए 2014 और संशोधित पीसीए के लिए 2021।

Q5.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

रिज़र्व बैंक की 2025 की घरेलू प्रणालीगत महत्व के बैंकों की सूची के अनुसार बकेट 4 में कौन बैंक है?

  1. A.एचडीएफसी बैंक
  2. B.आईसीआईसीआई बैंक
  3. C.भारतीय स्टेट बैंक
  4. D.पंजाब नेशनल बैंक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. भारतीय स्टेट बैंक

व्याख्या

सही उत्तर C, भारतीय स्टेट बैंक है। 2025 की सूची में भारतीय स्टेट बैंक बकेट 4 में है और उसे अपनी जोखिम भारित आस्तियों का 0.80 प्रतिशत अतिरिक्त कॉमन इक्विटी टियर 1 रखना है, जो सामान्य न्यूनतम और पूँजी संरक्षण बफर के ऊपर है। बकेट 2 से ऊपर यह अकेला बैंक है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था की तुलना में उसके आकार को दर्शाता है।

विकल्प A, एचडीएफसी बैंक, डी-एसआईबी है पर बकेट 2 में है और उसका अधिभार 0.40 प्रतिशत है। विकल्प B, आईसीआईसीआई बैंक, बकेट 1 में है और उसका अधिभार सबसे कम 0.20 प्रतिशत है। विकल्प D, पंजाब नेशनल बैंक, बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक है पर उसे डी-एसआईबी नहीं माना गया है, इसलिए उस पर कोई अधिभार नहीं है। बकेट 3 और 5 खाली हैं, और यह भी अक्सर पूछा जाने वाला विवरण है।

Q6.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

वह बैंकर समिति, जिसने प्रत्येक जिला एक विशेष बैंक को आवंटित करने की सिफ़ारिश की और वही बैंक 'लीड बैंक' बना, किसकी अध्यक्षता में थी?

  1. A.एफ. के. एफ. नरीमन
  2. B.आर. वी. गुप्ता
  3. C.ए. घोष
  4. D.एम. नरसिंहम
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. एफ. के. एफ. नरीमन

व्याख्या

सही उत्तर A, एफ. के. एफ. नरीमन है। गाडगिल अध्ययन दल द्वारा क्षेत्र दृष्टिकोण सुझाने के बाद रिज़र्व बैंक ने एफ. के. एफ. नरीमन की अध्यक्षता में बैंकरों की समिति बनाई, जिसने क्षेत्र दृष्टिकोण से सहमति जताई और वह व्यवस्था जोड़ी जिससे योजना का नाम पड़ा: प्रत्येक जिला एक बैंक को आवंटित हो, जो अग्रणी बनकर वहां के सभी बैंकों तथा विकास अभिकरणों के कार्य का समन्वय करे। रिज़र्व बैंक ने दोनों प्रतिवेदन स्वीकार किए और दिसंबर 1969 में योजना शुरू की। विकल्प B गलत है क्योंकि 1998 की आर. वी. गुप्ता समिति कृषि साख वितरण और फसल ऋण प्रक्रिया के सरलीकरण से संबंधित थी। विकल्प C गलत है क्योंकि ए. घोष समिति ने बैंकों में धोखाधड़ी तथा अनियमितताओं पर विचार किया। विकल्प D गलत है क्योंकि एम. नरसिंहम ने 1990 के दशक की बैंकिंग सुधार समितियों की अध्यक्षता की। इस योजना के लिए गाडगिल और नरीमन मानक जोड़ी है।

Q7.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

ग्राहक की सूचना के कितने कार्य दिवसों के भीतर बैंक को विवादित राशि का छाया प्रत्यावर्तन करना होता है?

  1. A.तीन कार्य दिवस
  2. B.सात कार्य दिवस
  3. C.दस कार्य दिवस
  4. D.तीस कार्य दिवस
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. दस कार्य दिवस

व्याख्या

सही उत्तर C, दस कार्य दिवस है। छाया प्रत्यावर्तन विवादित राशि का ग्राहक के खाते में अस्थायी जमा है। परिपत्र बैंक से अपेक्षा करता है कि वह यह ग्राहक की सूचना के दस कार्य दिवसों के भीतर करे, और स्पष्ट कहता है कि बैंक अपने किसी बीमा दावे के निपटान की प्रतीक्षा नहीं कर सकता। विचार यही है कि जाँच चलने के दौरान ग्राहक की जेब खाली न रहे।

विकल्प A, तीन कार्य दिवस, शून्य देयता के लिए सूचना की अवधि है, बैंक की समय सीमा नहीं। विकल्प B, सात कार्य दिवस, ग्राहक की सीमित देयता अवधि का अंत है। विकल्प D, तीस कार्य दिवस, उस तीस दिन की अवधि के निकट है जिसके बाद अनिपटी शिकायत रिज़र्व बैंक के लोकपाल तक ले जाई जा सकती है, पर यह छाया प्रत्यावर्तन की सीमा नहीं है। तीन समय सीमाएँ अलग रखें: ग्राहक के लिए तीन और सात दिन, छाया प्रत्यावर्तन के लिए दस कार्य दिवस और अंतिम निपटान के लिए नब्बे दिन।

Q8.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताआसान

सिबिल स्कोर तीन अंकों की संख्या है, जो किस परिसर में होती है?

  1. A.0 से 100
  2. B.100 से 900
  3. C.300 से 900
  4. D.300 से 850
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 300 से 900

व्याख्या

सही उत्तर C, 300 से 900 है। ट्रांसयूनियन सिबिल व्यक्तिगत उधारकर्ताओं के लिए अपना स्कोर 300 से 900 की मापनी पर निकालती है, जिसमें 300 न्यूनतम और 900 अधिकतम है, और कोई स्कोर बनने से पहले कुछ माह का क्रेडिट इतिहास आवश्यक होता है; जिसने कभी उधार नहीं लिया, उसके लिए न्यूनतम स्कोर के बजाय इतिहास न होने का संकेतक दिखाया जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 0 से 100 प्रतिशत मापनी है और भारत में क्रेडिट स्कोर के लिए प्रयुक्त नहीं होती। विकल्प B गलत है, क्योंकि मापनी का निचला सिरा 100 नहीं है, यद्यपि 900 की ऊपरी सीमा सही होने से यह विकल्प आकर्षक लगता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 300 से 850 संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रयुक्त फिको स्कोर का परिसर है। भारत में ऋणदाता सामान्यतः 750 के आसपास या उससे अधिक स्कोर को संतोषजनक मानते हैं।

Q9.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताआसान

किसी जिले के लीड बैंक के विषय में कौन सा कथन सही है?

  1. A.उस जिले में केवल वही ऋण दे सकता है
  2. B.वह जिले के सभी बैंकों के साख नियोजन का समन्वय करता है
  3. C.वह सदैव रिज़र्व बैंक का क्षेत्रीय कार्यालय होता है
  4. D.वह जिला सहकारी बैंक का स्थान ले लेता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. वह जिले के सभी बैंकों के साख नियोजन का समन्वय करता है

व्याख्या

सही उत्तर B, वह जिले के सभी बैंकों के साख नियोजन का समन्वय करता है है। लीड बैंक समन्वयक है, एकाधिकारी नहीं। वह जिला साख योजना बनाता है, अपने लीड जिला प्रबंधक के माध्यम से जिला मंचों की बैठक बुलाता है, बैंकों तथा सरकारी विभागों को एक मेज़ पर लाता है, बिना बैंकिंग रह गए प्रखंडों और गांवों पर दृष्टि रखता है और प्रगति की सूचना राज्य सरकार तथा रिज़र्व बैंक को देता है। विकल्प A गलत है क्योंकि हर बैंक जिले में शाखा खोलने और ऋण देने के लिए स्वतंत्र रहता है; योजना में कुछ भी लीड बैंक के लिए व्यापार आरक्षित नहीं करता। विकल्प C गलत है क्योंकि लीड बैंक एक व्यावसायिक बैंक होता है, सामान्यतः सार्वजनिक क्षेत्र का और कुछ जिलों में निजी बैंक, जबकि रिज़र्व बैंक का क्षेत्रीय कार्यालय योजना की निगरानी बाहर से करता है। विकल्प D गलत है क्योंकि जिला केंद्रीय सहकारी बैंक साथ-साथ काम करता रहता है और स्वयं जिला मंचों का सदस्य होता है।

Q10.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताआसान

धन शोधन निवारण अधिनियम के अपराधों का अन्वेषण और अभियोजन कौन-सी एजेंसी करती है?

  1. A.वित्तीय आसूचना इकाई भारत
  2. B.प्रवर्तन निदेशालय
  3. C.केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो
  4. D.भारतीय रिजर्व बैंक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. प्रवर्तन निदेशालय

व्याख्या

सही उत्तर B, प्रवर्तन निदेशालय है। यह निदेशालय वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अधीन काम करता है, इसकी शुरुआत एक मई 1956 को बने प्रवर्तन प्रकोष्ठ से मानी जाती है, और यह अधिनियम के अंतर्गत मामले दर्ज करता है, संपत्ति की अनंतिम कुर्की करता है, गिरफ्तारी करता है और विशेष न्यायालय में अभियोजन शिकायत दाखिल करता है। यह विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम और भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम भी लागू करता है। विकल्प A गलत है क्योंकि वित्तीय आसूचना इकाई केवल बैंकों की रिपोर्ट प्राप्त कर, संसाधित कर, विश्लेषण कर उन्हें वितरित करती है; उसे गिरफ्तारी या अभियोजन की शक्ति नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो मूल या अनुसूचित अपराध, जैसे भ्रष्टाचार या छल, का अन्वेषण करता है और उसके बाद का धन शोधन मामला प्रवर्तन निदेशालय उठाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि रिजर्व बैंक बैंकों के अनुपालन की निगरानी करता है और उन पर जुर्माना लगा सकता है, पर शोधन का अभियोजन नहीं करता।

Q11.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

निम्नलिखित में से कौन अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई ढाँचे के दायरे में नहीं आता?

  1. A.सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक
  2. B.निजी क्षेत्र के बैंक
  3. C.क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
  4. D.भारत में शाखाओं से काम करने वाले विदेशी बैंक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक

व्याख्या

सही उत्तर C, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक है। संशोधित ढाँचा सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों पर लागू है, पर तीन श्रेणियाँ स्पष्ट रूप से बाहर रखी गई हैं: लघु वित्त बैंक, भुगतान बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को वाणिज्यिक बैंक प्रायोजित करते हैं और उनका पर्यवेक्षण अलग व्यवस्था से होता है, इसलिए वे इस ढाँचे से बाहर रहते हैं।

विकल्प A, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, पूरी तरह दायरे में हैं और उनमें से कई अतीत में पीसीए में रखे गए हैं। विकल्प B, निजी क्षेत्र के बैंक, भी दायरे में हैं और किसी निजी बैंक को सार्वजनिक बैंक की तरह ही पीसीए में रखा जा सकता है। विकल्प D, भारत में शाखाओं से काम करने वाले विदेशी बैंक, भी शामिल हैं; उनके लिए ढाँचा जोखिम सीमा 1 पर मूल संस्था से पूँजी लाने की बात विशेष रूप से कहता है। प्रश्न तीन छूटों की सूची की परख कर रहा है।

Q12.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

भारतीय रिज़र्व बैंक के अकाउंट एग्रीगेटर ढांचे में वह संस्था, जो ग्राहक का वित्तीय डेटा रखती है और सहमति पर उसे साझा करती है, क्या कहलाती है?

  1. A.वित्तीय सूचना उपयोगकर्ता (एफआईयू)
  2. B.वित्तीय सूचना प्रदाता (एफआईपी)
  3. C.सहमति प्रबंधक
  4. D.ऋण सेवा प्रदाता (एलएसपी)
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. वित्तीय सूचना प्रदाता (एफआईपी)

व्याख्या

सही उत्तर B, वित्तीय सूचना प्रदाता है। एफआईपी वह संस्था है जिसके पास ग्राहक का डेटा पहले से है — बैंक, गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी, बीमाकर्ता, म्यूचुअल फंड या पेंशन निधि — और जो वैध सहमति अभिलेख प्रस्तुत होने पर उसे जारी करती है। विकल्प A गलत है क्योंकि वित्तीय सूचना उपयोगकर्ता प्राप्त करने वाले सिरे की संस्था है, जिसे सेवा देने के लिए डेटा चाहिए, जैसे ऋण परखने वाला ऋणदाता। विकल्प C गलत है क्योंकि सहमति प्रबंधक स्वयं अकाउंट एग्रीगेटर है, वह डेटा-अंधा माध्यम जो अपने से गुजरने वाले डेटा को न रख सकता, न उपयोग कर सकता, न बेच सकता है। विकल्प D गलत है क्योंकि ऋण सेवा प्रदाता वह अभिकर्ता है जो 2022 के डिजिटल ऋण दिशानिर्देशों के अंतर्गत विनियमित ऋणदाता के लिए ऋण जुटाता या सेवित करता है; वह ऋण श्रृंखला का अंग है, अकाउंट एग्रीगेटर ढांचे का नहीं।

Q13.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

बैंक को अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन की शिकायत निपटाकर ग्राहक की देयता अधिकतम कितने समय में तय करनी होती है?

  1. A.शिकायत से 30 दिन
  2. B.शिकायत से 60 दिन
  3. C.शिकायत से 90 दिन
  4. D.शिकायत से 180 दिन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. शिकायत से 90 दिन

व्याख्या

सही उत्तर C, शिकायत से 90 दिन है। परिपत्र हर बैंक से अपेक्षा करता है कि उसके पास बोर्ड अनुमोदित नीति हो जिसमें अपनी निपटान अवधि तय हो, और उस अवधि की अधिकतम सीमा शिकायत प्राप्ति से नब्बे दिन रखता है। बैंक नब्बे दिन में यह काम पूरा न कर सके, तब भी उसे ग्राहक को परिपत्र के अनुसार प्रतिकर देना होता है, इसलिए देरी बैंक के पक्ष में नहीं जाती।

विकल्प A, 30 दिन, वह अवधि है जिसके बाद बैंक द्वारा न निपटाई गई शिकायत रिज़र्व बैंक के लोकपाल तक ले जाई जा सकती है; यह अलग समय सीमा है और भ्रम का आम स्रोत है। विकल्प B, 60 दिन, इस ढाँचे में नहीं आता। विकल्प D, 180 दिन, नियम से बहुत अधिक है। जोड़ना उपयोगी है: अस्थायी जमा के लिए दस कार्य दिवस, अंतिम निर्णय के लिए नब्बे दिन, और लोकपाल तक जाने से पहले बैंक की निष्क्रियता के तीस दिन।

Q14.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: SSC CGL · 20 Aug 2021, Shift 3मध्यम

'इकोरैप रिपोर्ट' मई 2020 में निम्नलिखित में से किस बैंक द्वारा प्रकाशित की गई थी?

  1. A.आरबीआई
  2. B.एसबीआई
  3. C.एचडीएफसी बैंक
  4. D.आईसीआईसीआई बैंक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. एसबीआई

व्याख्या

सही उत्तर है B, एसबीआई। इकोरैप भारतीय स्टेट बैंक की शोध रिपोर्ट है, जिसे उसका आर्थिक अनुसंधान विभाग प्रकाशित करता है।

इकोरैप एसबीआई के समूह मुख्य आर्थिक सलाहकार की टीम तैयार करती है और इसमें वृद्धि दर, मुद्रास्फीति, बैंक ऋण, सरकारी वित्त तथा परिवारों की आर्थिक स्थिति पर टिप्पणी रहती है। समाचार पत्रों में इसका खूब उल्लेख होता है, क्योंकि यह अक्सर सरकारी आँकड़े आने से पहले ही सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि या राजकोषीय स्थिति का अनुमान दे देती है। मई 2020 के अंक में कोविड-19 लॉकडाउन से आय और आर्थिक गतिविधियों को हुए नुकसान का अध्ययन किया गया था। एसबीआई देश का सबसे बड़ा वाणिज्यिक बैंक है और इसका मुख्यालय मुंबई में है।

A गलत है: रिज़र्व बैंक अपनी मौद्रिक नीति रिपोर्ट, वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट और वार्षिक रिपोर्ट निकालता है, इकोरैप नहीं। C गलत है: एचडीएफसी बैंक इस नाम की कोई रिपोर्ट नहीं निकालता। D गलत है: आईसीआईसीआई बैंक भी ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं निकालता।

परीक्षा टिप: इकोरैप एसबीआई रिसर्च की है, जबकि रिज़र्व बैंक की प्रसिद्ध रिपोर्टें वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट और मौद्रिक नीति रिपोर्ट हैं।

Q15.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

संशोधित त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई ढाँचे में आस्ति गुणवत्ता मापने के लिए कौन सूचक प्रयोग होता है?

  1. A.सकल अनर्जक आस्ति अनुपात
  2. B.शुद्ध अनर्जक आस्ति अनुपात
  3. C.स्लिपेज अनुपात
  4. D.प्रावधान कवरेज अनुपात
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. शुद्ध अनर्जक आस्ति अनुपात

व्याख्या

सही उत्तर B, शुद्ध अनर्जक आस्ति अनुपात है। संशोधित ढाँचे में तीन सूचक हैं: पूँजी के लिए जोखिम भारित आस्तियों पर पूँजी अनुपात या कॉमन इक्विटी टियर 1 अनुपात, आस्ति गुणवत्ता के लिए शुद्ध अनर्जक आस्ति अनुपात, और उत्तोलन के लिए टियर 1 लीवरेज अनुपात। शुद्ध आँकड़ा इसलिए लिया जाता है कि वह प्रावधान के बाद बचे असुरक्षित फँसे ऋण दिखाता है, और वही राशि पूँजी को खा सकती है।

विकल्प A, सकल अनर्जक आस्ति अनुपात, समाचारों में बहुत छपता और उद्धृत होता है, इसलिए यह सबसे लुभावना गलत उत्तर है, पर ढाँचा शुद्ध अनुपात लेता है। विकल्प C, स्लिपेज अनुपात, वर्ष के दौरान फँसे ऋणों में नई बढ़त नापता है और विश्लेषण का माप है, पीसीए ट्रिगर नहीं। विकल्प D, प्रावधान कवरेज अनुपात, बताता है कि फँसे ऋणों के लिए कितना प्रावधान हुआ है; यहाँ यह पर्यवेक्षी अपेक्षा है, सीमा वाला मानक नहीं।

Q16.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताकठिन

1974 की टंडन समिति ने निम्नलिखित में से किसके मानदंड तय किए थे?

  1. A.उद्योग को कार्यशील पूंजी वित्त
  2. B.प्राथमिकता क्षेत्र ऋण के लक्ष्य
  3. C.बैंकों की पूंजी पर्याप्तता
  4. D.बैंकों में ग्राहक सेवा
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. उद्योग को कार्यशील पूंजी वित्त

व्याख्या

सही उत्तर A, उद्योग को कार्यशील पूंजी वित्त है। पी. एल. टंडन की अध्यक्षता वाले अध्ययन समूह ने 1974 में कार्यशील पूंजी के लिए बैंक ऋण के मानदंडों पर रिपोर्ट दी, प्रत्येक उद्योग के लिए माल सूची और प्राप्य राशियों के स्वीकार्य स्तर तय किए तथा उधार देने की वे विधियां बताईं जो यह सीमित करती थीं कि बैंक ऋणी की कार्यशील पूंजी के अंतर का कितना भाग वित्तपोषित करेगा; इसके बाद 1979 की चोर समिति ने उससे बनी नकद ऋण प्रणाली की समीक्षा की। विकल्प B, प्राथमिकता क्षेत्र ऋण, बैंक राष्ट्रीयकरण के बाद रिजर्व बैंक द्वारा तय लक्ष्यों से चलता है, इस समिति से नहीं। विकल्प C, पूंजी पर्याप्तता, नरसिंहम रिपोर्टों और बेसल मानदंडों से आई। विकल्प D, ग्राहक सेवा, 1991 की गोइपोरिया समिति और 2011 की दामोदरन समिति का विषय है। टंडन और चोर को कार्यशील पूंजी की जोड़ी के रूप में याद रखें।

Q17.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेनदेन के विवाद में ग्राहक की देयता सिद्ध करने का भार किस पर होता है?

  1. A.ग्राहक पर
  2. B.बैंक पर
  3. C.पुलिस पर
  4. D.भुगतान प्रणाली संचालक पर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बैंक पर

व्याख्या

सही उत्तर B, बैंक पर है। परिपत्र सिद्ध करने का भार सीधे बैंक पर रखता है: यदि बैंक कहता है कि ग्राहक दायी है, तो उसे यह सिद्ध करना होगा, न कि ग्राहक से निर्दोषिता सिद्ध कराई जाएगी। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि लॉग, उपकरण के अभिलेख और लेनदेन का सुराग बैंक के पास होते हैं और ग्राहक के पास लगभग कुछ नहीं, इसलिए भार ग्राहक पर रखने से यह संरक्षण निरर्थक हो जाएगा।

विकल्प A वह उत्तर है जो सहज लगता है पर गलत है, और बैंक कभी-कभी ऐसा ही व्यवहार करते हैं, इसीलिए यह प्रश्न बनता है। विकल्प C गलत है क्योंकि पुलिस आपराधिक अपराध की जाँच करती है; बैंक और उसके ग्राहक के बीच देयता दीवानी मामला है, जो रिज़र्व बैंक के नियमों से तय होता है। विकल्प D गलत है क्योंकि कार्ड नेटवर्क या खुदरा भुगतान संस्था जैसा भुगतान प्रणाली संचालक इस प्रयोजन से ग्राहक के खाता संबंध का पक्षकार नहीं है।

Q18.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

पीसीए ढाँचे में लाभांश बाँटने पर रोक किस चरण पर अनिवार्य कार्रवाई है?

  1. A.जोखिम सीमा 1
  2. B.जोखिम सीमा 2
  3. C.जोखिम सीमा 3
  4. D.बैंक पर अधिस्थगन लगने के बाद ही
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. जोखिम सीमा 1

व्याख्या

सही उत्तर A, जोखिम सीमा 1 है। बैंक जैसे ही जोखिम सीमा 1 पार करता है, अनिवार्य कार्रवाइयों का पहला समूह लगता है: लाभांश बाँटने या लाभ भेजने पर रोक, और साथ ही यह अपेक्षा कि प्रवर्तक, मालिक या विदेशी बैंक की मूल संस्था पूँजी डालें। तर्क सीधा है: जो पैसा पूँजी मज़बूत कर सकता है, वह बैंक से बाहर न जाए।

विकल्प B, जोखिम सीमा 2, में सीमा 1 की सभी कार्रवाइयाँ और उनके ऊपर देश या विदेश में शाखा खोलने पर रोक है, इसलिए लाभांश रोक वहाँ शामिल तो है पर शुरू वहाँ से नहीं हुई। विकल्प C, जोखिम सीमा 3, में ऊपर की सब कार्रवाइयाँ और बोर्ड से स्वीकृत प्रौद्योगिकी उन्नयन के अलावा पूँजीगत व्यय की सीमा जुड़ती है। विकल्प D गलत है क्योंकि बैंककारी विनियमन अधिनियम के तहत अधिस्थगन बहुत बाद का और दुर्लभ कदम है, जो पुनर्गठन या समामेलन के समय आता है, और पीसीए की पाबंदियाँ उससे बहुत पहले लग जाती हैं।

Q19.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

यदि ग्राहक ने कॉल करने वाले को अपना एक बार का पासवर्ड साझा कर दिया और पैसा चला गया, तो नुकसान कैसे बँटेगा?

  1. A.पूरा नुकसान बैंक उठाएगा
  2. B.पूरा नुकसान ग्राहक उठाएगा, सूचना से पहले और बाद में भी
  3. C.सूचना देने तक का नुकसान ग्राहक, उसके बाद का नुकसान बैंक उठाएगा
  4. D.हर स्थिति में नुकसान बराबर बँटेगा
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. सूचना देने तक का नुकसान ग्राहक, उसके बाद का नुकसान बैंक उठाएगा

व्याख्या

सही उत्तर C, सूचना देने तक का नुकसान ग्राहक और उसके बाद का नुकसान बैंक उठाएगा है। पिन, पासवर्ड या एक बार का पासवर्ड साझा करना ग्राहक की लापरवाही मानी जाती है, और उस स्थिति में परिपत्र धोखाधड़ी की सूचना देने के समय तक का पूरा नुकसान ग्राहक पर डालता है। सूचना देने के क्षण से हर आगे का रुपया बैंक की ज़िम्मेदारी है, क्योंकि तब खाता और उपकरण रोकना बैंक का काम है।

विकल्प A गलत है क्योंकि जो ग्राहक गोपनीय जानकारी सौंप देता है वह पूरा नुकसान बैंक पर नहीं डाल सकता। विकल्प B वह कठोर पाठ है जो बहुत अभ्यर्थी चुनते हैं, पर वह नियम का दूसरा आधा भाग छोड़ देता है और इस प्रश्न का मुख्य जाल है। विकल्प D गलत है क्योंकि ढाँचा कहीं स्वतः बराबर बँटवारा नहीं कहता; देयता इस पर निर्भर है कि दोष किसका था और सूचना कितनी जल्दी आई। व्यावहारिक सीख यही है कि गलती अपनी हो तब भी तुरंत सूचना दें।

Q20.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

किसी बैंक को पीसीए से बाहर करने पर विचार तब होता है जब वह लगातार कितने तिमाही वित्तीय परिणामों में कोई सीमा उल्लंघन न दिखाए?

  1. A.दो
  2. B.तीन
  3. C.चार
  4. D.छह
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. चार

व्याख्या

सही उत्तर C, चार है। पीसीए की पाबंदियाँ हटाने पर विचार तब होता है जब लगातार चार तिमाही वित्तीय परिणामों में किसी भी मानक पर कोई जोखिम सीमा न टूटी हो, और उन चार में से एक लेखा परीक्षित वार्षिक वित्तीय परिणाम होना चाहिए। लेखा परीक्षित परिणाम पर ज़ोर इसलिए है कि सुधार केवल अनंतिम आँकड़ों से नहीं, लेखा परीक्षक से भी पुष्ट हो जाए।

विकल्प A, दो, और विकल्प B, तीन, इतनी छोटी अवधि है कि पर्यवेक्षक को भरोसा न हो कि सुधार असली है या किसी एक अच्छी तिमाही का नतीजा। विकल्प D, छह, अपेक्षा को बढ़ाकर बताता है। यह भी ध्यान रखें कि चार साफ़ तिमाहियाँ आवश्यक हैं पर अपने आप में पर्याप्त नहीं: रिज़र्व बैंक इसके अतिरिक्त पर्यवेक्षी संतोष देखता है, जिसमें यह आकलन शामिल है कि बैंक की लाभप्रदता टिकाऊ है या नहीं।

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