भारत में 'शहरी सहकारी बैंकों' के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. उनका पर्यवेक्षण और विनियमन राज्य सरकारों द्वारा स्थापित स्थानीय बोर्डों द्वारा किया जाता है।
2. वे इक्विटी शेयर और अधिमानी शेयर जारी कर सकते हैं।
3. उन्हें 1966 में एक संशोधन के माध्यम से बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 के दायरे में लाया गया।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर है B, केवल 2 और 3। शहरी सहकारी बैंकों का विनियमन RBI करता है, स्थानीय बोर्ड नहीं, और ये इक्विटी तथा अधिमानी शेयरों से पूँजी जुटा सकते हैं।
कथन 1 गलत है: शहरी सहकारी बैंक राज्य या बहु-राज्य सहकारी समिति अधिनियमों के तहत पंजीकृत होते हैं, पर उनके बैंकिंग कार्यों का विनियमन और पर्यवेक्षण भारतीय रिज़र्व बैंक करता है; राज्य सरकारों के कोई स्थानीय बोर्ड यह काम नहीं करते। कथन 2 सही है: बैंककारी विनियमन (संशोधन) अधिनियम, 2020 के बाद सहकारी बैंक RBI की अनुमति से इक्विटी शेयर, अधिमानी शेयर और अन्य प्रतिभूतियाँ जारी करके पूँजी जुटा सकते हैं। कथन 3 सही है: सहकारी बैंकों को 1 मार्च 1966 से एक संशोधन के द्वारा बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 के दायरे में लाया गया।
A गलत है, क्योंकि कथन 1 असत्य है।
C गलत है, क्योंकि इसमें असत्य कथन 1 है और सत्य कथन 2 छूट गया है।
D गलत है, क्योंकि कथन 1 सही नहीं है।
परीक्षा टिप: सहकारी बैंक 1966 में BR अधिनियम के दायरे में आए; 2020 के संशोधन ने उन पर RBI का नियंत्रण मज़बूत किया।