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GK क्विजबैंकिंग और वित्तीय जागरूकता

बैंकिंग और वित्तीय जागरूकता क्विज: लीड बैंक योजना और सेवा क्षेत्र दृष्टिकोण

  • 12 प्रश्न
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इस क्विज के बारे में

बैंकिंग और वित्तीय जागरूकता के अंतर्गत "लीड बैंक योजना और सेवा क्षेत्र दृष्टिकोण" विषय पर यह क्विज़ 12 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

12 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताआसान

भारतीय रिज़र्व बैंक ने लीड बैंक योजना किस वर्ष लागू की?

  1. A.1965
  2. B.1969
  3. C.1975
  4. D.1980
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1969

व्याख्या

सही उत्तर B, 1969 है। रिज़र्व बैंक ने लीड बैंक योजना दिसंबर 1969 में लागू की, उसी वर्ष जुलाई में चौदह बड़े व्यावसायिक बैंकों के राष्ट्रीयकरण के कुछ महीने बाद, इसलिए यह वर्ष राष्ट्रीयकरण के वर्ष से जोड़कर याद रखना आसान है। योजना ने महानगरीय क्षेत्रों को छोड़कर देश के प्रत्येक जिले में बैंकिंग विकास के समन्वय का उत्तरदायित्व एक बैंक को दिया। विकल्प A गलत है क्योंकि 1965 तो राष्ट्रीय साख परिषद के अस्तित्व से भी पहले है; परिषद 1968 में बनी। विकल्प C गलत है क्योंकि 1975 में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक स्थापित हुए, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक अध्यादेश के अंतर्गत। विकल्प D गलत है क्योंकि 1980 बैंक राष्ट्रीयकरण के दूसरे दौर का वर्ष है, जब छह और बैंक अधिगृहीत हुए। प्रश्नपत्र इन चार वर्षों को एक ही प्रश्न में बार-बार जोड़ते हैं, इसलिए हर वर्ष को उसकी घटना से बांधकर रखें।

Q2.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

बैंकिंग विकास का वह 'क्षेत्र दृष्टिकोण', जिससे लीड बैंक योजना बनी, किस अध्ययन दल ने सुझाया था?

  1. A.गाडगिल अध्ययन दल
  2. B.नरसिंहम समिति
  3. C.तंडन समिति
  4. D.चक्रवर्ती समिति
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. गाडगिल अध्ययन दल

व्याख्या

सही उत्तर A, गाडगिल अध्ययन दल है। सामाजिक उद्देश्यों के कार्यान्वयन के संगठनात्मक ढांचे पर राष्ट्रीय साख परिषद के अध्ययन दल, जिसके अध्यक्ष प्रोफ़ेसर डी. आर. गाडगिल थे, ने 1969 में बताया कि देश के बड़े हिस्सों में बैंकिंग सुविधा ही नहीं है और सुझाया कि साख का नियोजन क्षेत्रवार हो, जिसमें जिला इकाई बने। विकल्प B गलत है क्योंकि 1991 और 1998 की नरसिंहम समिति के प्रतिवेदन बैंकिंग क्षेत्र सुधार, पूंजी पर्याप्तता तथा विवेकपूर्ण मानदंडों से संबंधित थे। विकल्प C गलत है क्योंकि 1974 की तंडन समिति ने कार्यशील पूंजी वित्त और भंडार के मानदंड तय किए। विकल्प D गलत है क्योंकि 1985 की चक्रवर्ती समिति ने मौद्रिक प्रणाली के कार्यकरण की समीक्षा की। इस अध्याय में दो नाम अलग रखने होंगे: क्षेत्र दृष्टिकोण के लिए गाडगिल और बैंकों को जिले आवंटित करने के लिए नरीमन।

Q3.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

वह बैंकर समिति, जिसने प्रत्येक जिला एक विशेष बैंक को आवंटित करने की सिफ़ारिश की और वही बैंक 'लीड बैंक' बना, किसकी अध्यक्षता में थी?

  1. A.एफ. के. एफ. नरीमन
  2. B.आर. वी. गुप्ता
  3. C.ए. घोष
  4. D.एम. नरसिंहम
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. एफ. के. एफ. नरीमन

व्याख्या

सही उत्तर A, एफ. के. एफ. नरीमन है। गाडगिल अध्ययन दल द्वारा क्षेत्र दृष्टिकोण सुझाने के बाद रिज़र्व बैंक ने एफ. के. एफ. नरीमन की अध्यक्षता में बैंकरों की समिति बनाई, जिसने क्षेत्र दृष्टिकोण से सहमति जताई और वह व्यवस्था जोड़ी जिससे योजना का नाम पड़ा: प्रत्येक जिला एक बैंक को आवंटित हो, जो अग्रणी बनकर वहां के सभी बैंकों तथा विकास अभिकरणों के कार्य का समन्वय करे। रिज़र्व बैंक ने दोनों प्रतिवेदन स्वीकार किए और दिसंबर 1969 में योजना शुरू की। विकल्प B गलत है क्योंकि 1998 की आर. वी. गुप्ता समिति कृषि साख वितरण और फसल ऋण प्रक्रिया के सरलीकरण से संबंधित थी। विकल्प C गलत है क्योंकि ए. घोष समिति ने बैंकों में धोखाधड़ी तथा अनियमितताओं पर विचार किया। विकल्प D गलत है क्योंकि एम. नरसिंहम ने 1990 के दशक की बैंकिंग सुधार समितियों की अध्यक्षता की। इस योजना के लिए गाडगिल और नरीमन मानक जोड़ी है।

Q4.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

लीड बैंक योजना के अंतर्गत जिला परामर्शदात्री समिति की अध्यक्षता कौन करता है?

  1. A.जिलाधिकारी अथवा जिला मजिस्ट्रेट
  2. B.लीड जिला प्रबंधक
  3. C.रिज़र्व बैंक का क्षेत्रीय निदेशक
  4. D.एसएलबीसी संयोजक बैंक का प्रमुख
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. जिलाधिकारी अथवा जिला मजिस्ट्रेट

व्याख्या

सही उत्तर A, जिलाधिकारी अथवा जिला मजिस्ट्रेट है। जिला परामर्शदात्री समिति जिले का कार्यकारी समन्वय मंच है, जो वहां कार्यरत सभी बैंकों, जिला प्रशासन तथा विकास अभिकरणों को एक साथ लाती है, और इसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी करते हैं जिससे प्रशासन और बैंक एक ही प्राधिकार के नीचे बैठें। विकल्प B गलत है पर यही आम जाल है: लीड जिला प्रबंधक समिति का संयोजक होता है, जो बैठक बुलाता है, कार्यसूची बांटता है और अभिलेख रखता है, अध्यक्ष नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि रिज़र्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक राज्य स्तरीय बैठकों में उपस्थित रहते हैं और योजना की निगरानी करते हैं, पर जिला मंच की अध्यक्षता नहीं करते। विकल्प D गलत है क्योंकि संयोजक बैंक का प्रमुख राज्य स्तरीय बैंकर समिति की अध्यक्षता करता है। प्रतिरूप याद रखें: जिलाधिकारी दोनों जिला मंचों की अध्यक्षता करते हैं, लीड जिला प्रबंधक जिला परामर्शदात्री समिति का संयोजन और प्रखंड समिति की अध्यक्षता करता है।

Q5.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

प्रखंड स्तरीय बैंकर समिति की अध्यक्षता कौन करता है?

  1. A.लीड जिला प्रबंधक
  2. B.प्रखंड विकास अधिकारी
  3. C.सबसे बड़ी शाखा का शाखा प्रबंधक
  4. D.जिलाधिकारी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. लीड जिला प्रबंधक

व्याख्या

सही उत्तर A, लीड जिला प्रबंधक है। प्रखंड स्तरीय बैंकर समिति लीड बैंक योजना का सबसे निचला मंच है और इसलिए है कि प्रखंड की शाखाएं, प्रखंड प्रशासन तथा क्षेत्र स्तरीय विकास अभिकरण साख प्रवाह के व्यावहारिक प्रश्न मिलकर सुलझा सकें। इसकी अध्यक्षता लीड जिला प्रबंधक करता है, जो जिले के लिए लीड बैंक का अधिकारी है, और यहीं शाखा स्तरीय योजनाओं से प्रखंड साख योजना जोड़ी जाती है। विकल्प B गलत है क्योंकि प्रखंड विकास अधिकारी तथा अन्य प्रखंड अधिकारी सदस्य के रूप में उपस्थित होते हैं, अध्यक्षता नहीं करते। विकल्प C गलत है क्योंकि कोई शाखा प्रबंधक इस मंच की अध्यक्षता नहीं करता; प्रखंड के सभी बैंकों के शाखा प्रबंधक इसके सदस्य होते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि जिलाधिकारी जिला परामर्शदात्री समिति तथा जिला स्तरीय समीक्षा समिति की अध्यक्षता करते हैं, जो जिला स्तर पर हैं, प्रखंड स्तर पर नहीं।

Q6.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

राज्य स्तरीय बैंकर समिति, जो किसी राज्य का शीर्ष अंतर-संस्थागत बैंकिंग मंच है, किस वर्ष गठित हुई?

  1. A.1977
  2. B.1969
  3. C.1989
  4. D.2004
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 1977

व्याख्या

सही उत्तर A, 1977 है। राज्य स्तरीय बैंकर समिति 1977 में राज्य के शीर्ष मंच के रूप में गठित हुई, जहां सभी व्यावसायिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, सहकारी बैंक, राज्य सरकार और रिज़र्व बैंक साख प्रवाह की समीक्षा तथा राज्य की वार्षिक साख योजना पर सहमति के लिए मिलते हैं। प्रत्येक राज्य के लिए एक बैंक संयोजक बैंक नामित होता है, उसका प्रमुख बैठकों की अध्यक्षता करता है, और समिति तिमाही बैठक करती है। विकल्प B गलत है क्योंकि 1969 में लीड बैंक योजना स्वयं आरंभ हुई; राज्य मंच आठ वर्ष बाद आया। विकल्प C गलत है क्योंकि 1989 में शाखा स्तर पर सेवा क्षेत्र दृष्टिकोण लागू हुआ। विकल्प D गलत है क्योंकि 2004 में सेवा क्षेत्र दृष्टिकोण के प्रतिबंधात्मक प्रावधान हटाए गए। संघ राज्य क्षेत्र के लिए समकक्ष निकाय संघ राज्य क्षेत्र स्तरीय बैंकर समिति है।

Q7.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

भारतीय रिज़र्व बैंक ने सेवा क्षेत्र दृष्टिकोण किस तिथि से लागू किया?

  1. A.अप्रैल 1989
  2. B.अप्रैल 1969
  3. C.जनवरी 1980
  4. D.अप्रैल 1999
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अप्रैल 1989

व्याख्या

सही उत्तर A, अप्रैल 1989 है। सेवा क्षेत्र दृष्टिकोण अप्रैल 1989 से प्रभावी हुआ और लीड बैंक योजना के तर्क को अलग-अलग शाखा तक ले गया। प्रत्येक ग्रामीण तथा अर्ध-शहरी शाखा को गांवों का सेवा क्षेत्र आवंटित हुआ और वह उनकी साख आवश्यकताओं का सर्वेक्षण करने तथा उनके लिए सेवा क्षेत्र साख योजना बनाने की उत्तरदायी बनी, जबकि शहरी और महानगरीय शाखाएं इस योजना से बाहर रहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि अप्रैल 1969 लीड बैंक योजना के वर्ष के निकट है, पर वह योजना दिसंबर 1969 में आरंभ हुई और जिला स्तर पर काम करती थी, शाखा स्तर पर नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि जनवरी 1980 बैंक राष्ट्रीयकरण के दूसरे दौर के निकट है, जो भिन्न घटना है। विकल्प D गलत है क्योंकि 1999 तक यह दृष्टिकोण एक दशक पुराना हो चुका था और उधारकर्ताओं को एक शाखा से बांधने के लिए आलोचना में था।

Q8.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताकठिन

सेवा क्षेत्र दृष्टिकोण के अंतर्गत प्रत्येक ग्रामीण तथा अर्ध-शहरी शाखा को सामान्यतः लगभग कितने गांव आवंटित किए जाते थे?

  1. A.5 से 10
  2. B.15 से 25
  3. C.30 से 40
  4. D.50 से 60
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 15 से 25

व्याख्या

सही उत्तर B, 15 से 25 है। किसी शाखा का सेवा क्षेत्र लगभग पंद्रह से पच्चीस गांवों से बनाया जाता था, जो निकटता और सन्निहितता की दोहरी कसौटी पर चुने जाते थे जिससे एक शाखा का कर्मचारी वर्ग उस समूह की सेवा और सर्वेक्षण वास्तव में कर सके। इसके बाद शाखा गांव सर्वेक्षण करती, साख आवश्यकताओं का अनुमान लगाती और उनके लिए सेवा क्षेत्र साख योजना बनाती, जो प्रखंड तथा जिला योजनाओं में जुड़ती। विकल्प A गलत है क्योंकि इतना छोटा समूह बहुत से गांवों को अनावंटित छोड़ देता और सार्वभौमिक कवरेज का उद्देश्य ही विफल हो जाता। विकल्प C और विकल्प D गलत हैं क्योंकि तीस से साठ गांवों के समूह का सर्वेक्षण और सेवा एक ग्रामीण शाखा के लिए असंभव होता, और रिज़र्व बैंक के अनुदेशों में इतनी बड़ी संख्या कभी तय नहीं हुई। पंद्रह से पच्चीस का आंकड़ा, निकटता-सन्निहितता की कसौटी और शहरी शाखाओं का अपवर्जन, इस दृष्टिकोण पर पूछे जाने वाले तीन बिंदु हैं।

Q9.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताकठिन

2004 में रिज़र्व बैंक ने सेवा क्षेत्र दृष्टिकोण के प्रतिबंधात्मक प्रावधान हटा दिए, जो केवल किसके लिए बने रहे?

  1. A.सरकार प्रायोजित योजनाएं
  2. B.निर्यात साख
  3. C.स्वर्ण ऋण
  4. D.आवास ऋण
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. सरकार प्रायोजित योजनाएं

व्याख्या

सही उत्तर A, सरकार प्रायोजित योजनाएं है। हर गांव को एक शाखा से बांधकर सेवा क्षेत्र दृष्टिकोण ने उधारकर्ता का विकल्प छीन लिया था: जिस किसान की सेवा उसकी सेवा क्षेत्र शाखा ठीक से न करे, वह अपना खाता अन्यत्र नहीं ले जा सकता था, और शाखाओं के बीच प्रतिस्पर्धा समाप्त हो गई। अतः दिसंबर 2004 में रिज़र्व बैंक ने प्रतिबंधात्मक प्रावधान हटा दिए और उधारकर्ताओं को अपनी पसंद की किसी भी शाखा में जाने की छूट दी, जबकि सरकार प्रायोजित योजनाओं के लिए प्रतिबंध बना रखा, जहां गांव को किसी विशेष शाखा से जोड़ना आवश्यक है जिससे सब्सिडी और लाभार्थी सूचियां मिलाई जा सकें। विकल्प B गलत है क्योंकि निर्यात साख रिज़र्व बैंक के पृथक दिशानिर्देशों से संचालित होती है और सेवा क्षेत्र प्रतिबंध का हिस्सा कभी नहीं थी। विकल्प C गलत है क्योंकि स्वर्ण ऋण सामान्य प्रतिभूत अग्रिम है, जिसमें क्षेत्र प्रतिबंध नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि आवास ऋण मुख्यतः शहरी उत्पाद है और शहरी शाखाएं सदैव इस दृष्टिकोण से बाहर थीं। शाखाओं के सर्वेक्षण तथा नियोजन के कर्तव्य 2004 के बाद भी बने रहे।

Q10.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताकठिन

लीड बैंक योजना की समीक्षा के लिए रिज़र्व बैंक द्वारा नियुक्त उच्च स्तरीय समिति, जिसने 2009 में प्रतिवेदन दिया, किसकी अध्यक्षता में थी?

  1. A.उषा थोरात
  2. B.सी. रंगराजन
  3. C.रघुराम राजन
  4. D.दीपक मोहंती
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. उषा थोरात

व्याख्या

सही उत्तर A, उषा थोरात है। रिज़र्व बैंक ने चार दशक बाद लीड बैंक योजना की समीक्षा के लिए अपनी उप गवर्नर उषा थोरात की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति गठित की, और समिति ने 2009 में प्रतिवेदन दिया। उसने पाया कि मंच औपचारिक बैठकें बन गए हैं, और सुझाया कि वे वित्तीय समावेशन पर ध्यान दें, साख योजनाएं राज्य सरकार की अपनी योजनाओं को ध्यान में रखकर बनें, योजना महानगरीय क्षेत्रों तक बढ़ाई जाए, और बैंक बिना बैंकिंग वाले गांवों तक सेवा पहुंचाने के लिए रोडमैप बनाएं। विकल्प B गलत है क्योंकि सी. रंगराजन ने वित्तीय समावेशन तथा गरीबी मापन पर समितियों की अध्यक्षता की और वे रिज़र्व बैंक के गवर्नर रहे। विकल्प C गलत है क्योंकि रघुराम राजन ने 2008 की वित्तीय क्षेत्र सुधार समिति की अध्यक्षता की और बाद में गवर्नर बने। विकल्प D गलत है क्योंकि दीपक मोहंती ने वित्तीय समावेशन के मध्यम अवधि पथ पर समिति की अध्यक्षता की। नाम मिलते-जुलते हैं, इसलिए प्रत्येक को उसके विषय से जोड़ें।

Q11.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

संभाव्यतायुक्त साख योजना, जो किसी जिले की वार्षिक साख योजना का आधार बनती है, कौन तैयार करता है?

  1. A.नाबार्ड
  2. B.भारतीय रिज़र्व बैंक
  3. C.सिडबी
  4. D.जिले का लीड बैंक
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. नाबार्ड

व्याख्या

सही उत्तर A, नाबार्ड है। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक प्रत्येक जिले के लिए संभाव्यतायुक्त साख योजना बनाता है, जो क्षेत्रवार अनुमान लगाती है कि जिला कितनी साख पचा सकता है, और इसमें मिट्टी, सिंचाई, फसल प्रतिरूप, पशुधन, आधारभूत संरचना तथा गैर-कृषि गतिविधि का ध्यान रखा जाता है। बैंक उसी अनुमान पर अपनी शाखा योजनाएं बनाते हैं, प्रखंड स्तरीय बैंकर समिति उन्हें जोड़कर प्रखंड योजना बनाती है, और जिला परामर्शदात्री समिति वार्षिक साख योजना स्वीकृत करती है। विकल्प B गलत है क्योंकि रिज़र्व बैंक नीति बनाता और योजना की निगरानी करता है, पर जिलों की संभाव्यता का अनुमान नहीं बनाता। विकल्प C गलत है क्योंकि सिडबी लघु उद्योग को पुनर्वित्त देता है और जिला साख योजनाएं नहीं बनाता। विकल्प D गलत है क्योंकि लीड बैंक योजना का समन्वय और समेकन करता है, पर वह नाबार्ड के संभाव्यता अनुमान पर काम करता है, उसे बनाता नहीं। नाबार्ड, शाखा, प्रखंड, जिला, राज्य की यही कड़ी याद रखनी है।

Q12.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताआसान

किसी जिले के लीड बैंक के विषय में कौन सा कथन सही है?

  1. A.उस जिले में केवल वही ऋण दे सकता है
  2. B.वह जिले के सभी बैंकों के साख नियोजन का समन्वय करता है
  3. C.वह सदैव रिज़र्व बैंक का क्षेत्रीय कार्यालय होता है
  4. D.वह जिला सहकारी बैंक का स्थान ले लेता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. वह जिले के सभी बैंकों के साख नियोजन का समन्वय करता है

व्याख्या

सही उत्तर B, वह जिले के सभी बैंकों के साख नियोजन का समन्वय करता है है। लीड बैंक समन्वयक है, एकाधिकारी नहीं। वह जिला साख योजना बनाता है, अपने लीड जिला प्रबंधक के माध्यम से जिला मंचों की बैठक बुलाता है, बैंकों तथा सरकारी विभागों को एक मेज़ पर लाता है, बिना बैंकिंग रह गए प्रखंडों और गांवों पर दृष्टि रखता है और प्रगति की सूचना राज्य सरकार तथा रिज़र्व बैंक को देता है। विकल्प A गलत है क्योंकि हर बैंक जिले में शाखा खोलने और ऋण देने के लिए स्वतंत्र रहता है; योजना में कुछ भी लीड बैंक के लिए व्यापार आरक्षित नहीं करता। विकल्प C गलत है क्योंकि लीड बैंक एक व्यावसायिक बैंक होता है, सामान्यतः सार्वजनिक क्षेत्र का और कुछ जिलों में निजी बैंक, जबकि रिज़र्व बैंक का क्षेत्रीय कार्यालय योजना की निगरानी बाहर से करता है। विकल्प D गलत है क्योंकि जिला केंद्रीय सहकारी बैंक साथ-साथ काम करता रहता है और स्वयं जिला मंचों का सदस्य होता है।

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