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GK क्विजबैंकिंग और वित्तीय जागरूकता

बैंकिंग और वित्तीय जागरूकता क्विज: बैंकिंग शब्दावली और संक्षिप्ताक्षर

  • 12 प्रश्न
  • 12 मिनट
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इस क्विज के बारे में

बैंकिंग और वित्तीय जागरूकता के अंतर्गत "बैंकिंग शब्दावली और संक्षिप्ताक्षर" विषय पर यह क्विज़ 12 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं, जिनमें 4 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे गए हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

12 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: बिहार · BPSC AE Paper 3 (General Studies) 2019आसान

बैंकिंग में आरटीजीएस का पूरा रूप क्या है?

  1. A.रैपिड ट्रांसफर ग्रॉस स्कीम
  2. B.रैपिड ट्रांसफर ग्रॉस सेटलमेंट
  3. C.रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट
  4. D.रियल टाइम ग्रॉस स्कीम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट

व्याख्या

सही उत्तर C, रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट है। आरटीजीएस वह प्रणाली है जिसमें धन भेजने का निर्देश अलग से और तत्काल निपटाया जाता है, उसे रोककर दूसरों से समायोजित नहीं किया जाता। रियल टाइम का अर्थ है कि निर्देश मिलते ही उस पर कार्रवाई होती है, और ग्रॉस का अर्थ है कि हर निर्देश अपने आप में निपटता है। यह बड़ी राशि भेजने के लिए है, जिसमें न्यूनतम दो लाख रुपये की सीमा है और भारतीय रिजर्व बैंक ने कोई ऊपरी सीमा तय नहीं की है, तथा यह सभी दिन चौबीसों घंटे उपलब्ध रहती है।

विकल्प A, B और D शब्दों को इस प्रकार मिलाते हैं कि वे जाने-पहचाने लगें। A और D में आया स्कीम शब्द ही संकेत है कि उत्तर गलत है, क्योंकि आरटीजीएस रिजर्व बैंक द्वारा चलाई जाने वाली निपटान प्रणाली है, कोई योजना नहीं। विकल्प B में अंतिम शब्द सही है पर रियल टाइम की जगह रैपिड ट्रांसफर रख दिया गया है। याद रखने योग्य अंतर यह है कि एनईएफटी आधे-आधे घंटे के बैच में निपटता है और आरटीजीएस एक-एक निर्देश के रूप में।

Q2.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: दिल्ली · 1 Oct 2021, Shift 1मध्यम

निम्न में से कौन भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा प्रयुक्त मौद्रिक नीति का उपकरण है? I. एसएलआर II. एमएसएस III. कॉरिडोर

  1. A.I और II
  2. B.II और III
  3. C.I, II और III
  4. D.I और III
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. I, II और III

व्याख्या

सही उत्तर C, I, II और III है। तीनों ही भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति के उपकरण हैं। एसएलआर अर्थात सांविधिक तरलता अनुपात जमा का वह भाग है जिसे बैंक को अपने पास नकद, सोने या स्वीकृत प्रतिभूतियों में रखना होता है, और इसे घटाने-बढ़ाने से यह तय होता है कि बैंक कितना ऋण दे सकता है। एमएसएस अर्थात बाजार स्थिरीकरण योजना के अंतर्गत रिजर्व बैंक विशेष खजाना बिल और प्रतिभूतियाँ जारी करके टिकाऊ अतिरिक्त तरलता खींच लेता है। कॉरिडोर नीति रेपो दर के चारों ओर स्थायी सुविधाओं की दरों से बना वह दायरा है जिसके भीतर एक रात की माँग मुद्रा दर के रहने की अपेक्षा की जाती है।

विकल्प A, B और D में से हर एक तीनों में से किसी एक को छोड़ देता है। ये यह परखते हैं कि अभ्यर्थी कॉरिडोर को केवल विवरण मानता है या वास्तविक उपकरण, और यह भी कि बाजार स्थिरीकरण योजना याद है या नहीं, क्योंकि उसका प्रयोग तभी होता है जब तरलता लंबे समय तक अधिक बनी रहे।

Q3.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: दिल्ली · 1 Aug 2021, Shift 3मध्यम

मुद्रा आपूर्ति नियंत्रित करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा प्रयुक्त गुणात्मक उपकरण कौन सा है?

  1. A.बैंक दर
  2. B.नैतिक दबाव
  3. C.खुले बाजार की क्रियाएँ
  4. D.नकद आरक्षित अनुपात
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. नैतिक दबाव

व्याख्या

सही उत्तर B, नैतिक दबाव है। रिजर्व बैंक के उपकरण दो भागों में बँटे हैं, मात्रात्मक उपकरण जो व्यवस्था में कुल साख की मात्रा बदलते हैं, और गुणात्मक या चयनात्मक उपकरण जो यह बदलते हैं कि वह साख किस दिशा में जाए। नैतिक दबाव वही गुणात्मक उपकरण है जिसके द्वारा रिजर्व बैंक पत्र, बैठक और परामर्श के माध्यम से बैंकों को समझाता है, जैसे किसी सट्टेबाजी वाले क्षेत्र को कम ऋण देने के लिए, और इसके लिए कोई बाध्यकारी आदेश जारी नहीं करता। अन्य गुणात्मक उपकरण मार्जिन आवश्यकता, चयनात्मक साख नियंत्रण, साख की राशनिंग और प्रत्यक्ष कार्रवाई हैं।

विकल्प A, बैंक दर वह दर है जिस पर रिजर्व बैंक बिना गिरवी के बैंकों को उधार देता है, और इसके बदलने से सबके लिए साख की लागत बदल जाती है, अतः यह मात्रात्मक है। विकल्प C, खुले बाजार की क्रियाएँ सरकारी प्रतिभूतियाँ खरीदकर या बेचकर धन घटाती-बढ़ाती हैं, यह भी मात्रात्मक है। विकल्प D, नकद आरक्षित अनुपात भी मात्रात्मक उपाय है।

Q4.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: RRB ग्रुप D · 4 Dec 2018, Shift 2कठिन

बैंकों का आंतरिक नियंत्रण सुधारने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों को 30 अप्रैल 2018 तक क्या करने को कहा था?

  1. A.स्विफ्ट को अपने कोर बैंकिंग सॉल्यूशन (सीबीएस) से जोड़ना
  2. B.आरटीजीएस को अपने कोर बैंकिंग सॉल्यूशन (सीबीएस) से जोड़ना
  3. C.एनईएफटी को अपने कोर बैंकिंग सॉल्यूशन (सीबीएस) से जोड़ना
  4. D.एमआईसीआर को अपने कोर बैंकिंग सॉल्यूशन (सीबीएस) से जोड़ना
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. स्विफ्ट को अपने कोर बैंकिंग सॉल्यूशन (सीबीएस) से जोड़ना

व्याख्या

सही उत्तर A, स्विफ्ट को कोर बैंकिंग सॉल्यूशन से जोड़ना है। स्विफ्ट वह अंतरराष्ट्रीय संदेश प्रणाली है जिससे बैंक सीमा पार भुगतान और गारंटी के निर्देश भेजते हैं। जब इसे कोर बैंकिंग सॉल्यूशन से अलग रखा जाता है, तो संदेश बाहर चला जाता है और बैंक की बहियों में कोई प्रविष्टि नहीं दिखती। इसी खाई का उपयोग 2018 में सामने आई एक बड़ी धोखाधड़ी में हुआ था। इसीलिए रिजर्व बैंक ने बैंकों को निर्देश दिया कि 30 अप्रैल 2018 तक स्विफ्ट टर्मिनल को कोर बैंकिंग सॉल्यूशन से जोड़ दिया जाए, जिससे हर बाहर जाने वाला संदेश खातों में निशान छोड़े।

विकल्प B, C और D क्रमशः आरटीजीएस, एनईएफटी और एमआईसीआर बताते हैं। आरटीजीएस और एनईएफटी रिजर्व बैंक की घरेलू भुगतान प्रणालियाँ हैं जो पहले से बैंक की प्रणाली से चलती हैं, और एमआईसीआर तो केवल चेक पर छपा एक कोड है। इनमें से कोई भी सीमा पार निर्देश नहीं ले जाता, इसलिए निर्देश का विषय भी नहीं था।

Q5.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

भारत में इलेक्ट्रॉनिक धन अंतरण में प्रयुक्त आईएफएससी कोड में कितने अक्षर होते हैं?

  1. A.9
  2. B.11
  3. C.13
  4. D.16
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 11

व्याख्या

सही उत्तर B, 11 है। इंडियन फाइनेंशियल सिस्टम कोड ग्यारह अक्षरों और अंकों वाला कोड है, जो भारतीय रिजर्व बैंक की इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणालियों में भाग लेने वाली किसी एक बैंक शाखा की पहचान करता है। पहले चार अक्षर बैंक का नाम बताते हैं, पाँचवाँ अक्षर सदा अंक शून्य होता है और भविष्य के उपयोग के लिए सुरक्षित रखा गया है, तथा अंतिम छह अक्षर शाखा की पहचान कराते हैं। सही आईएफएससी के बिना एनईएफटी, आरटीजीएस या आईएमपीएस का निर्देश सही शाखा तक नहीं पहुँच सकता।

विकल्प A, नौ चेक के नीचे छपे एमआईसीआर कोड की लंबाई है, जिसमें तीन-तीन अंक नगर, बैंक और शाखा बताते हैं। विकल्प C, तेरह भारतीय बैंकिंग व्यवस्था में किसी कोड से मेल नहीं खाता। विकल्प D, सोलह डेबिट या क्रेडिट कार्ड पर छपे अंकों की सामान्य संख्या है। ग्यारह अक्षरों के आईएफएससी और नौ अंकों के एमआईसीआर में भ्रम ही इस प्रश्न की सबसे आम भूल है।

Q6.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

भारत में आरटीजीएस से भेजी जा सकने वाली न्यूनतम राशि कितनी है?

  1. A.10,000 रुपये
  2. B.50,000 रुपये
  3. C.1 लाख रुपये
  4. D.2 लाख रुपये
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 2 लाख रुपये

व्याख्या

सही उत्तर D, 2 लाख रुपये है। आरटीजीएस बड़ी राशि के भुगतान के लिए बनाया गया था, इसलिए भारतीय रिजर्व बैंक ने एक लेनदेन के लिए दो लाख रुपये की न्यूनतम सीमा तय की और कोई अधिकतम सीमा नहीं रखी। इससे कम राशि के लिए एनईएफटी, आईएमपीएस या यूपीआई का उपयोग अपेक्षित है। यह प्रणाली हर निर्देश को अलग से और वास्तविक समय में निपटाती है तथा वर्ष के सभी दिन चौबीसों घंटे उपलब्ध रहती है।

विकल्प A, B और C क्रमशः दस हजार, पचास हजार और एक लाख रुपये बताते हैं। इनमें से कोई भी आरटीजीएस की सीमा नहीं है, ये वे गोल आँकड़े हैं जो अभ्यर्थी कार्ड या वॉलेट की सीमाओं से आधा-अधूरा याद रख लेते हैं। याद रखने योग्य जोड़ा यह है कि आरटीजीएस में न्यूनतम दो लाख और अधिकतम कोई नहीं, जबकि एनईएफटी में रिजर्व बैंक ने न न्यूनतम तय किया है न अधिकतम।

Q7.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताआसान

बैंकिंग में कासा का पूरा रूप क्या है?

  1. A.चालू खाता और बचत खाता
  2. B.पूँजीगत परिसंपत्ति और प्रतिभूति खाता
  3. C.नकद और बचत आवंटन
  4. D.साख खाता और निपटान समझौता
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. चालू खाता और बचत खाता

व्याख्या

सही उत्तर A, चालू खाता और बचत खाता है। कासा बैंक के ग्राहकों के चालू खातों और बचत खातों में पड़ी कुल राशि है। ये बैंक के लिए सबसे सस्ती जमा हैं, क्योंकि चालू खाते पर कोई ब्याज नहीं मिलता और बचत खाते पर बहुत कम ब्याज मिलता है, जबकि सावधि जमा पर अधिक देना पड़ता है। कुल जमा में इनके अंश को कासा अनुपात कहते हैं, और ऊँचा अनुपात बताता है कि बैंक अपना ऋण सस्ते धन से चला रहा है, जिससे उसका शुद्ध ब्याज मार्जिन बढ़ता है।

विकल्प B, C और D बैंकिंग जैसे लगने वाले शब्दों से गढ़े गए नकली पूरे रूप हैं। इन्हें इसीलिए रखा जाता है कि जिस अभ्यर्थी ने केवल शब्द सुना है और पूरा रूप कभी पढ़ा नहीं, उसे चारों विकल्प एक जैसे लगें। पूरे रूप के साथ अनुपात भी याद रखें, क्योंकि प्रश्नपत्र प्रायः यह पूछते हैं कि ऊँचा कासा अनुपात क्या दर्शाता है।

Q8.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

किसी ऋण खाते को अनर्जक परिसंपत्ति तब माना जाता है जब ब्याज या किस्त कितने दिन से अधिक बकाया रहे?

  1. A.30 दिन
  2. B.60 दिन
  3. C.90 दिन
  4. D.180 दिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 90 दिन

व्याख्या

सही उत्तर C, 90 दिन है। भारतीय रिजर्व बैंक के परिसंपत्ति वर्गीकरण नियमों के अनुसार किसी सावधि ऋण को अनर्जक परिसंपत्ति तब माना जाता है जब उस पर ब्याज या मूलधन की किस्त नब्बे दिन से अधिक बकाया रह जाए। एक बार एनपीए घोषित होने पर बैंक उस ब्याज को आय मानना बंद कर देता है और खाते के विरुद्ध प्रावधान रखना पड़ता है। इसके बाद एनपीए को और आगे बाँटा जाता है, बारह महीने तक अवमानक, उसके बाद संदिग्ध, और जहाँ वसूली की आशा ही न हो वहाँ हानि परिसंपत्ति।

विकल्प A, तीस दिन और विकल्प B, साठ दिन ऐसे खाते बताते हैं जो केवल बकाया हैं और विशेष उल्लेख श्रेणियों में देखे जाते हैं, वे अभी एनपीए नहीं हैं। विकल्प D, एक सौ अस्सी दिन भारत का पुराना मानक था, जिसे अंतरराष्ट्रीय व्यवहार के अनुरूप बदलकर नब्बे दिन किया गया। कृषि ऋणों के लिए फसल मौसम पर आधारित अलग नियम है।

Q9.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताआसान

नाबार्ड का पूरा रूप क्या है?

  1. A.राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बोर्ड
  2. B.राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक
  3. C.राष्ट्रीय कृषि और क्षेत्रीय विकास ब्यूरो
  4. D.राष्ट्रीय कृषि सुधार और विकास बैंक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक

व्याख्या

सही उत्तर B, राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक है। नाबार्ड की स्थापना 1982 में बी शिवरामन की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिश पर हुई और इसका मुख्यालय मुंबई में है। यह ग्रामीण साख की शीर्ष संस्था है, जो सहकारी बैंकों तथा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों द्वारा दिए गए ऋणों का पुनर्वित्त करती है, उनका पर्यवेक्षण करती है, और ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि के माध्यम से गाँवों की अवसंरचना के लिए धन देती है। इसी ने स्वयं सहायता समूह और बैंक जोड़ कार्यक्रम को आगे बढ़ाया, जिसने ग्रामीण महिलाओं तक छोटा ऋण पहुँचाया।

विकल्प A में बैंक की जगह बोर्ड है, विकल्प C में ब्यूरो है, और विकल्प D में सुधार शब्द जोड़ दिया गया है। तीनों इतने निकट हैं कि बिना पढ़े अभ्यर्थी को सही लग सकते हैं। पकड़ने योग्य शब्द बैंक है, क्योंकि नाबार्ड केवल सलाह नहीं देता, वह ऋण और पुनर्वित्त देता है।

Q10.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

भारत में बैंक जमा का डीआईसीजीसी द्वारा अधिकतम कितनी राशि तक बीमा किया जाता है?

  1. A.1 लाख रुपये
  2. B.2 लाख रुपये
  3. C.5 लाख रुपये
  4. D.10 लाख रुपये
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 5 लाख रुपये

व्याख्या

सही उत्तर C, 5 लाख रुपये है। निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम भारतीय रिजर्व बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी संस्था है और यह बैंकों में रखी जमा राशि का बीमा करती है। यह सुरक्षा 2020 में एक लाख रुपये से बढ़ाकर पाँच लाख रुपये कर दी गई और यह प्रत्येक बैंक में प्रत्येक जमाकर्ता के लिए मूलधन तथा ब्याज को मिलाकर लागू होती है। सभी वाणिज्यिक बैंक, भारत में विदेशी बैंकों की शाखाएँ, स्थानीय क्षेत्र बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और सहकारी बैंक इसमें आते हैं, तथा प्रीमियम जमाकर्ता नहीं बल्कि बैंक चुकाता है।

विकल्प A, एक लाख रुपये पुरानी सीमा थी और यही उत्तर पुरानी पुस्तक पढ़ने वाला अभ्यर्थी देता है। विकल्प B और D, दो लाख तथा दस लाख रुपये इस योजना की सीमाएँ हैं ही नहीं। दो लाख रुपये तो आरटीजीएस की न्यूनतम राशि है, इसीलिए वह यहाँ भ्रम के लिए रखा गया है।

Q11.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

सरफेसी अधिनियम, जो बैंकों को न्यायालय गए बिना गिरवी संपत्ति पर कब्जा लेकर वसूली की अनुमति देता है, किस वर्ष बना?

  1. A.1993
  2. B.1999
  3. C.2002
  4. D.2016
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 2002

व्याख्या

सही उत्तर C, 2002 है। वित्तीय आस्तियों का प्रतिभूतिकरण और पुनर्गठन तथा प्रतिभूति हित प्रवर्तन अधिनियम 2002 में पारित हुआ। यह गिरवी रखने वाले लेनदार को यह अधिकार देता है कि वह उधार लेने वाले को साठ दिन का नोटिस देकर बंधक संपत्ति पर कब्जा ले और उसे बेचकर बकाया वसूल करे, इसके लिए दीवानी न्यायालय में वाद दायर करने की आवश्यकता नहीं। इसी अधिनियम ने परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियों के लिए कानूनी आधार भी बनाया, जो बैंकों से डूबे ऋण खरीदती हैं। कृषि भूमि को इस अधिनियम की पहुँच से बाहर रखा गया है।

विकल्प A, 1993 बैंकों और वित्तीय संस्थाओं को देय ऋण वसूली अधिनियम का वर्ष है, जिसने ऋण वसूली अधिकरण बनाए। विकल्प B, 1999 ऐसे किसी वसूली कानून से नहीं जुड़ा। विकल्प D, 2016 दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता का वर्ष है, जो पूरी कंपनी के समाधान से जुड़ी है।

Q12.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

भारत में चेक के नीचे छपे एमआईसीआर कोड में कितने अंक होते हैं?

  1. A.6
  2. B.9
  3. C.11
  4. D.15
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 9

व्याख्या

सही उत्तर B, 9 है। एमआईसीआर का अर्थ है मैग्नेटिक इंक कैरेक्टर रिकग्निशन, वह तकनीक जिसमें अक्षर चुंबकीय स्याही से छापे जाते हैं ताकि मशीन उन्हें तब भी पढ़ ले जब कागज पर मुहर लगी हो या हस्ताक्षर हो गए हों। भारतीय चेक पर एमआईसीआर कोड तीन-तीन अंकों के तीन खंडों में नौ अंकों का होता है, पहले तीन अंक नगर बताते हैं और वे उसके डाक सूचकांक के पहले तीन अंकों से मिलते हैं, अगले तीन बैंक और अंतिम तीन शाखा बताते हैं। इससे चेक का निपटान तेज होता है और भूल कम होती है।

विकल्प A, छह केवल आईएफएससी के शाखा वाले भाग से मेल खाता है। विकल्प C, ग्यारह इलेक्ट्रॉनिक अंतरण में प्रयुक्त पूरे आईएफएससी की लंबाई है। विकल्प D, पंद्रह भारतीय बैंकिंग में किसी कोड की लंबाई नहीं है। याद रखने योग्य जोड़ा है, एमआईसीआर नौ अंक और आईएफएससी ग्यारह अक्षर।

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