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GK क्विजकला और संस्कृति

कला और संस्कृति मिश्रित क्विज: सेट 8

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

कला और संस्कृति मिश्रित क्विज़ (सेट 8) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 16 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: भारत के शास्त्रीय नृत्य, भारत के किले और महल, वाद्य यंत्र और कलाकार और अन्य। ये सभी प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CHSL · 26 May 2022, Shift 3आसान

उन्नीसवीं शताब्दी में कथक का स्वर्ण युग __________ के अंतिम नवाब वाजिद अली शाह के संरक्षण में आया।

  1. A.हैदराबाद
  2. B.रामपुर
  3. C.अवध
  4. D.जौनपुर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अवध

व्याख्या

सही उत्तर है C, अवध। उत्तर भारत का शास्त्रीय नृत्य कथक उन्नीसवीं शताब्दी में अवध के अंतिम नवाब वाजिद अली शाह के संरक्षण में अपने स्वर्ण युग में पहुँचा, जिन्होंने लखनऊ से शासन किया और 1856 में अंग्रेजों ने उनका राज्य हड़प लिया। वे स्वयं नर्तक और रचनाकार थे, अख्तरपिया उपनाम से लिखते थे, रहस नामक नृत्य नाटिका रची और ठाकुर प्रसाद तथा बिंदादीन और कालका प्रसाद भाइयों को संरक्षण दिया, जिनके परिवार ने लखनऊ घराना खड़ा किया; इस घराने में लालित्य, भाव और ठुमरी पर जोर है। कथक के अन्य घराने जयपुर, बनारस और रायगढ़ हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि हैदराबाद पर आसफ जाही वंश के निजाम शासन करते थे। विकल्प B गलत है, क्योंकि रामपुर अलग रुहेला राज्य था, जो संगीत के रामपुर-सहसवान घराने के लिए जाना जाता है, कथक के लिए नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि जौनपुर पंद्रहवीं शताब्दी की शर्की सल्तनत था। परीक्षा टिप: वाजिद अली शाह के साथ अवध, कथक का लखनऊ घराना और ठुमरी याद रखें।

Q2.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CHSL · 16 March, 2023, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन सा किला हैदराबाद में कुतुब शाही वंश की प्रमुख राजधानी था?

  1. A.चिकतन किला
  2. B.राजगढ़ किला
  3. C.लाल किला
  4. D.गोलकुंडा किला
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. गोलकुंडा किला

व्याख्या

सही उत्तर है D, गोलकुंडा किला। हैदराबाद का गोलकुंडा कुतुब शाही वंश की राजधानी था, जिसने 1518 से गोलकुंडा सल्तनत पर शासन किया, जब कुली कुतुब शाह ने बहमनी राज्य से अलग होकर स्वतंत्र राज्य बनाया। यह किला ग्रेनाइट की पहाड़ी पर बना है और अपनी ध्वनि व्यवस्था के लिए प्रसिद्ध है, क्योंकि फतह दरवाजे पर ताली बजाने की आवाज ऊपर बने मंडप तक सुनाई देती है। यह हीरों के व्यापार का भी केंद्र रहा, जिनमें कोहिनूर भी शामिल था। 1591 में मुहम्मद कुली कुतुब शाह ने हैदराबाद नगर बसाया और चारमीनार बनवाकर राजधानी वहां ले गए; औरंगजेब ने 1687 में गोलकुंडा जीत लिया। विकल्प A गलत है, क्योंकि चिकतन किला लद्दाख में है। विकल्प B गलत है, क्योंकि महाराष्ट्र का राजगढ़ शिवाजी की आरंभिक राजधानी का किला था। विकल्प C गलत है, क्योंकि लाल किला दिल्ली में शाहजहां ने बनवाया था। परीक्षा टिप: कुतुब शाही - गोलकुंडा और फिर हैदराबाद; चारमीनार 1591 में मुहम्मद कुली कुतुब शाह ने बनवाया।

Q3.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CGL · 19 April 2022, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन सा वाद्ययंत्र 'मंगल वाद्य' के नाम से भी जाना जाता है?

  1. A.शहनाई
  2. B.संतूर
  3. C.तबला
  4. D.डमरू
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. शहनाई

व्याख्या

सही उत्तर है A, शहनाई। शहनाई को मंगल वाद्य कहा जाता है क्योंकि इसे विवाह, मंदिर के अनुष्ठानों और शोभायात्राओं जैसे शुभ अवसरों पर बजाया जाता है। यह दोहरी रीड वाला सुषिर यानी फूँक से बजने वाला वाद्य है, जिसका ढाँचा लकड़ी का और सिरे पर धातु का प्याला लगा होता है। उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ ने, जिन्होंने 15 अगस्त 1947 को लाल किले की प्राचीर से शहनाई बजाई थी और जिन्हें 2001 में भारत रत्न मिला, इसे मंच का शास्त्रीय वाद्य बना दिया। विकल्प B गलत है क्योंकि संतूर कश्मीर का समलंब आकार का तंतु वाद्य है, जिसे हल्की छड़ियों से बजाया जाता है और पंडित शिवकुमार शर्मा ने इसे प्रसिद्धि दिलाई। विकल्प C गलत है क्योंकि तबला हिंदुस्तानी संगीत में ताल देने वाला अवनद्ध वाद्य है। विकल्प D गलत है क्योंकि डमरू भगवान शिव से जुड़ा छोटा दो मुँह वाला ढोलक है। परीक्षा टिप: शहनाई-बिस्मिल्ला खाँ, संतूर-शिवकुमार शर्मा, सरोद-अमजद अली खाँ।

Q4.कला और संस्कृतिपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 16 Dec 2024, Shift 3आसान

साँची का महान स्तूप किस धर्म का एक महत्वपूर्ण स्थल है?

  1. A.बौद्ध धर्म
  2. B.हिंदू धर्म
  3. C.जैन धर्म
  4. D.इस्लाम
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बौद्ध धर्म

व्याख्या

सही उत्तर है A, बौद्ध धर्म। मध्य प्रदेश के रायसेन ज़िले में स्थित साँची का महान स्तूप भारत के सबसे पुराने बौद्ध स्मारकों में से है। इसे सबसे पहले मौर्य सम्राट अशोक ने तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में बुद्ध के अवशेषों पर ईंटों के टीले के रूप में बनवाया था, बाद में इस पर पत्थर का आवरण चढ़ाकर इसे बड़ा किया गया। लगभग पहली शताब्दी ईसा पूर्व में इसमें चार नक्काशीदार तोरण (द्वार) जोड़े गए, जिन पर जातक कथाएँ और बुद्ध के जीवन के दृश्य हैं; इनमें बुद्ध को बोधि वृक्ष, चक्र या पदचिह्न जैसे प्रतीकों से ही दिखाया गया है। 1989 में 'साँची के बौद्ध स्मारक' यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल बने। B गलत है क्योंकि यह स्तूप हिंदू मंदिर नहीं है; प्रसिद्ध हिंदू मंदिर स्थल खजुराहो और कोणार्क हैं। C गलत है क्योंकि प्रसिद्ध जैन स्थलों में दिलवाड़ा और श्रवणबेलगोला आते हैं। D गलत है क्योंकि प्रसिद्ध इस्लामी स्मारकों में कुतुब मीनार और जामा मस्जिद आते हैं। परीक्षा टिप: साँची स्तूप = अशोक = बौद्ध धर्म = मध्य प्रदेश = यूनेस्को 1989।

Q5.कला और संस्कृतिपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC General Studies 2013 Official Papeआसान

'मधुबनी' चित्रकला किस राज्य से संबंधित है?

  1. A.उत्तर प्रदेश
  2. B.बिहार
  3. C.केरल
  4. D.तमिलनाडु
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बिहार

व्याख्या

सही उत्तर B, बिहार है। मधुबनी चित्रकला, जिसे मिथिला चित्रकला भी कहा जाता है, उत्तरी बिहार के मधुबनी और दरभंगा जिलों के मिथिला क्षेत्र की परंपरा है। परंपरागत रूप से इसे स्त्रियाँ विवाह और त्योहारों पर घर की पुती दीवारों तथा आँगन पर प्राकृतिक रंगों और कपड़े में लिपटी बाँस की कलम से बनाती थीं, और अब यह कागज तथा कपड़े पर भी बनती है। इसकी शैलियाँ भरनी, कचनी, गोदना और तांत्रिक हैं, तथा सीता देवी, गंगा देवी और महासुंदरी देवी इसकी प्रसिद्ध चित्रकार हैं। इसे भौगोलिक संकेतक अर्थात जीआई टैग भी प्राप्त है।

विकल्प A, उत्तर प्रदेश, इसका क्षेत्र नहीं है, क्योंकि मिथिला संस्कृति नेपाल सीमा की ओर फैलती है, दोआब की ओर नहीं। विकल्प C, केरल, मंदिर भित्ति चित्रों और कथकली के लिए जाना जाता है। विकल्प D, तमिलनाडु, स्वर्ण पत्र वाली तंजौर चित्रकला के लिए प्रसिद्ध है, इसलिए यह इस प्रश्न का सामान्य भ्रामक विकल्प है।

Q6.कला और संस्कृतिपूछा गया: RRB ALP · CBT-1, 17 Aug 2018, Shift 3आसान

नवंबर में "संगाई महोत्सव" भारत के किस राज्य में मनाया जाता है?

  1. A.गुजरात
  2. B.असम
  3. C.मणिपुर
  4. D.तमिलनाडु
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. मणिपुर

व्याख्या

सही उत्तर है C, मणिपुर। मणिपुर संगाई महोत्सव हर साल 21 से 30 नवंबर तक राज्य की संस्कृति और पर्यटन को दिखाने के लिए मनाया जाता है। इसका नाम संगाई हिरण (भौंह-सींग वाला हिरण) पर रखा गया है, जो मणिपुर का राज्य पशु है और जंगल में केवल लोकटक झील पर स्थित केइबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान में पाया जाता है। यह दुनिया का एकमात्र तैरता राष्ट्रीय उद्यान है, जो फुमदी नाम की तैरती वनस्पति की परतों पर टिका है। महोत्सव में मणिपुरी शास्त्रीय नृत्य, थांग-ता युद्ध कला, पोलो, स्थानीय व्यंजन और हथकरघा व हस्तशिल्प के स्टॉल होते हैं। A गलत है क्योंकि गुजरात नवरात्रि के गरबा और रण उत्सव के लिए जाना जाता है। B गलत है क्योंकि असम बिहू के लिए प्रसिद्ध है। D गलत है क्योंकि तमिलनाडु पोंगल और जल्लीकट्टू के लिए जाना जाता है। परीक्षा टिप: संगाई = मणिपुर (21 से 30 नवंबर), हॉर्नबिल = नागालैंड (1 से 10 दिसंबर), कंबाला = कर्नाटक, बिहू = असम; लोकटक झील की फुमदी पर तैरता केइबुल लामजाओ उद्यान है।

Q7.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 15 Feb 2019, Shift 1आसान

मंदिर स्थापत्य के संदर्भ में मंदिर का सर्वाधिक महत्वपूर्ण भाग कौन है?

  1. A.गोपुरम
  2. B.मंडपम
  3. C.प्रदक्षिणा पथ
  4. D.गर्भगृह
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. गर्भगृह

व्याख्या

सही उत्तर D, गर्भगृह है। गर्भगृह वह छोटा, वर्गाकार और खिड़की रहित कक्ष है जिसमें मुख्य देवता की प्रतिमा स्थापित होती है। मंदिर का प्रत्येक दूसरा अंग इसी के चारों ओर जोड़ा जाता है — शिखर इसके ऊपर उठता है, मंडप इसके सामने बनता है और परिक्रमा पथ इसके चारों ओर घूमता है। कोई देवालय केवल गर्भगृह से भी बन सकता है, इसीलिए शिल्प ग्रंथ इसे मंदिर का केंद्र कहते हैं।

विकल्प A, गोपुरम, दक्षिण भारतीय मंदिर की परकोटा दीवार का प्रवेश द्वार है; वह अक्सर सबसे ऊँचा होता है, पर द्वार ही है। विकल्प B, मंडपम, भक्तों के एकत्र होने का स्तंभयुक्त हाल है और बड़े मंदिरों में कई मंडप होते हैं। विकल्प C, प्रदक्षिणा पथ, केवल परिक्रमा के लिए छोड़ा गया मार्ग है। ये तीनों महत्वपूर्ण हैं, किंतु इनमें देवता की प्रतिष्ठा नहीं होती।

Q8.कला और संस्कृतिपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 16 Feb 2025मध्यम

छिंदवाड़ा जिले के पातालकोट क्षेत्र में कौन-सी जनजाति का बाहुल्य है?

  1. A.भील
  2. B.भारिया
  3. C.खैरवार
  4. D.उरांव
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भारिया

व्याख्या

सही उत्तर है B, भारिया। पातालकोट छिंदवाड़ा ज़िले के तामिया क्षेत्र में घोड़े की नाल के आकार की एक गहरी घाटी है, और इसके ज़्यादातर गाँवों में भारिया जनजाति रहती है। घाटी का तल आसपास के सतपुड़ा पठार से एक हज़ार फ़ीट से भी अधिक नीचे है, इसलिए भारिया लंबे समय तक बाहरी दुनिया से लगभग कटे रहे और भोजन व जड़ी-बूटी की दवाओं के लिए जंगल पर निर्भर रहे। पातालकोट के भारिया, बैगा और सहरिया के साथ, मध्य प्रदेश के तीन विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूहों (PVTG) में शामिल हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि राज्य की सबसे बड़ी जनजाति भील मुख्य रूप से झाबुआ, अलीराजपुर और धार जैसे पश्चिमी ज़िलों में रहती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि खैरवार एक अलग जनजाति है और पातालकोट का मुख्य समुदाय नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि उरांव मुख्य रूप से झारखंड के छोटा नागपुर क्षेत्र की जनजाति है। परीक्षा टिप: पातालकोट, छिंदवाड़ा, भारिया जनजाति, जो बैगा और सहरिया के साथ मध्य प्रदेश के तीन PVTG में एक है।

Q9.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CGL · 08 Dec 2022, Shift 4मध्यम

कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद और मीनार ______ शताब्दी के अंतिम दशक में बनाई गई थी।

  1. A.ग्यारहवीं
  2. B.तेरहवीं
  3. C.चौदहवीं
  4. D.बारहवीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. बारहवीं

व्याख्या

सही उत्तर है D, बारहवीं। तराइन के दूसरे युद्ध के तुरंत बाद कुतुबुद्दीन ऐबक ने 1192 में कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद का निर्माण शुरू किया और इसका पहला चरण लगभग 1198 तक पूरा हुआ, जो बारहवीं शताब्दी का अंतिम दशक है। उन्होंने 1199 में इसके पास कुतुब मीनार की नींव रखी, जिसे इल्तुतमिश ने पूरा किया। इसे दिल्ली में नए सल्तनत काल की पहली मस्जिद माना जाता है, जो उसी स्थान के पुराने मंदिरों के पत्थरों से बनी थी, इसीलिए इसके स्तंभों पर प्राचीन भारतीय अलंकरण दिखाई देते हैं। इल्तुतमिश और बाद में अलाउद्दीन खिलजी ने इसके प्रांगण का विस्तार किया, और इसी परिसर में चौथी शताब्दी का चंद्र का लौह स्तंभ खड़ा है। विकल्प A, B और C गलत हैं क्योंकि ग्यारहवीं शताब्दी में सल्तनत दिल्ली तक पहुँची ही नहीं थी, जबकि तेरहवीं और चौदहवीं शताब्दी में मूल मस्जिद नहीं, बल्कि बाद के विस्तार हुए। परीक्षा टिप: तराइन 1192, कुव्वत-उल-इस्लाम 1192-98 और कुतुब मीनार का आरंभ 1199।

Q10.कला और संस्कृतिपूछा गया: बिहार · BPSC 65th CCE Pre, 2019मध्यम

प्राचीन भारत की निम्नलिखित लिपियों में से कौन-सी दाएँ से बाएँ लिखी जाती थी?

  1. A.ब्राह्मी
  2. B.शारदा
  3. C.खरोष्ठी
  4. D.नंदिनागरी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. खरोष्ठी

व्याख्या

सही उत्तर है C, खरोष्ठी। खरोष्ठी दाएँ से बाएँ लिखी जाती थी, ठीक उस अरामाइक लिपि की तरह जिससे यह निकली। यह उत्तर-पश्चिम के गांधार क्षेत्र की लिपि थी, जो आज पाकिस्तान और अफ़गानिस्तान में है, और लगभग तीसरी सदी ईसा पूर्व से तीसरी सदी ईस्वी तक मुख्य रूप से प्राकृत लिखने में प्रयोग हुई। इसीलिए अशोक के दो बड़े शिलालेख, शाहबाज़गढ़ी और मानसेहरा, खरोष्ठी में हैं, जबकि उनके लगभग सभी दूसरे अभिलेख ब्राह्मी में हैं। यह रेशम मार्ग से मध्य एशिया तक फैली और फिर लुप्त हो गई। विकल्प A गलत है, क्योंकि ब्राह्मी बाएँ से दाएँ लिखी जाती है और देवनागरी समेत ज़्यादातर भारतीय लिपियों की जननी है। विकल्प B गलत है, क्योंकि कश्मीर की पुरानी लिपि शारदा ब्राह्मी से निकली और बाएँ से दाएँ लिखी जाती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि संस्कृत पांडुलिपियों में प्रयुक्त नागरी का दक्षिणी रूप नंदिनागरी भी बाएँ से दाएँ चलती है। परीक्षा टिप: खरोष्ठी अपवाद है, दाएँ से बाएँ और उत्तर-पश्चिम में; ब्राह्मी बाएँ से दाएँ और लगभग हर जगह।

Q11.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CHSL · 04 Aug, 2023, Shift 1मध्यम

टुसू परब निम्नलिखित में से किस भारतीय राज्य का फसल कटाई का त्योहार है?

  1. A.गुजरात
  2. B.सिक्किम
  3. C.कर्नाटक
  4. D.झारखंड
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. झारखंड

व्याख्या

सही उत्तर है D, झारखंड। टुसू परब झारखंड का फसल कटाई का त्योहार है, जो जनवरी के मध्य में मकर संक्रांति पर मनाया जाता है, जब जाड़े की धान की फसल घर आ जाती है। कुरमी, संथाल और अन्य समुदायों की कुँवारी लड़कियाँ बाँस और कागज से सजा हुआ ढाँचा बनाती हैं, जिसे चौड़ल कहते हैं; टुसू की प्रतिमा को टुसू गीत गाते हुए जुलूस में ले जाया जाता है और अंत में नदी या तालाब में विसर्जित किया जाता है। स्वर्णरेखा और दामोदर के किनारे मेले लगते हैं, और यही त्योहार पड़ोसी पुरुलिया क्षेत्र में भी मनाया जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि गुजरात इसी मौसम को पतंग के त्योहार उत्तरायण के रूप में मनाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि सिक्किम में लेपचा और भूटिया दिसंबर में नामसूंग और लोसूंग मनाते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि कर्नाटक फसल को सुग्गी हब्बा और एल्लु बेल्ला वाली मकर संक्रांति के रूप में मनाता है। परीक्षा टिप: टुसू और सरहुल झारखंड के, बिहू असम का और वांगला मेघालय का त्योहार है।

Q12.कला और संस्कृतिपूछा गया: CTET · Paper I, 21 Jan 2024, Shift 2आसान

'पोचमपल्ली' अपनी सुंदर डिज़ाइन वाली चटकीले रंगों की साड़ियों और एक खास बुनाई के लिए प्रसिद्ध है, जिसे पोचमपल्ली ही कहा जाता है। यह किसका हिस्सा है?

  1. A.महाराष्ट्र
  2. B.तेलंगाना
  3. C.तमिलनाडु
  4. D.कर्नाटक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. तेलंगाना

व्याख्या

सही उत्तर है B, तेलंगाना। पोचमपल्ली तेलंगाना के यादाद्रि भुवनगिरि ज़िले का बुनकरों का कस्बा है, जो हैदराबाद से ज़्यादा दूर नहीं है। यह इकत साड़ियों के लिए प्रसिद्ध है, जिनमें बुनाई से पहले धागों को बाँधकर रंगा जाता है, ताकि कपड़ा बुनते समय ही डिज़ाइन उभर आए। इससे चटकीले, ज्यामितीय डिज़ाइन बनते हैं जिनके किनारे हल्के धुंधले दिखते हैं। पोचमपल्ली इकत को भौगोलिक संकेत (GI) टैग मिला है, जो इस क्षेत्र के बुनकरों के लिए इस नाम की रक्षा करता है। इस कस्बे को भूदान पोचमपल्ली भी कहते हैं, क्योंकि विनोबा भावे ने 1951 में यहीं से भूदान आंदोलन शुरू किया था। A गलत है क्योंकि महाराष्ट्र पैठणी साड़ियों के लिए जाना जाता है, पोचमपल्ली के लिए नहीं। C गलत है क्योंकि तमिलनाडु कांजीवरम रेशमी साड़ियों के लिए प्रसिद्ध है। D गलत है क्योंकि कर्नाटक मैसूर सिल्क और इलकल साड़ियों के लिए जाना जाता है। परीक्षा टिप: पोचमपल्ली इकत – तेलंगाना; पैठणी – महाराष्ट्र; कांजीवरम – तमिलनाडु; पटोला – गुजरात; चंदेरी – मध्य प्रदेश।

Q13.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CHSL · 08 Jul, 2024, Shift 1मध्यम

ओडिशा राज्य ने 10 जुलाई 2023 को किस दक्षिण-पूर्वी द्रविड़ भाषा को भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की स्वीकृति दी?

  1. A.कुई
  2. B.माल्टो
  3. C.तुलु
  4. D.कोडगु
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. कुई

व्याख्या

सही उत्तर है A, कुई। कुई ओडिशा की कोंध (कंधा) जनजाति की भाषा है और द्रविड़ परिवार की दक्षिण-मध्य या दक्षिण-पूर्वी शाखा में तेलुगु तथा गोंडी के साथ रखी जाती है। यह मुख्य रूप से कंधमाल, रायगड़ा, कालाहांडी, कोरापुट और बौध जिलों में बोली जाती है, ओड़िया लिपि में लिखी जाती है, और इसमें मौखिक गीतों तथा लोककथाओं का बड़ा भंडार है। ओडिशा मंत्रिमंडल ने जुलाई 2023 में कुई को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की सिफारिश का प्रस्ताव मंजूर किया; इस अनुसूची में 1950 में चौदह भाषाएँ थीं और अब बाईस हैं, जिनमें ओड़िया भी है। विकल्प B गलत है, क्योंकि माल्टो झारखंड और पश्चिम बंगाल की राजमहल पहाड़ियों की उत्तरी द्रविड़ भाषा है। विकल्प C गलत है, क्योंकि तुलु तटीय कर्नाटक और केरल के कासरगोड की भाषा है और कर्नाटक उसके लिए अलग माँग रखता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि कोडगु कर्नाटक के कोडगु जिले में बोली जाती है। परीक्षा टिप: ब्राहुई, कुरुख और माल्टो उत्तरी द्रविड़ हैं; कुई और गोंडी तेलुगु के साथ आती हैं।

Q14.कला और संस्कृतिपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 28 May 2023मध्यम

'आत्मा केवल पशु और वनस्पति जीवन की ही विशेषता नहीं है, बल्कि चट्टानों, बहते जल और ऐसी कई अन्य प्राकृतिक वस्तुओं की भी है जिन्हें अन्य धार्मिक संप्रदाय सजीव नहीं मानते।'

उपर्युक्त कथन प्राचीन भारत के निम्नलिखित में से किस धार्मिक संप्रदाय की एक मूल मान्यता को दर्शाता है?

  1. A.बौद्ध धर्म
  2. B.जैन धर्म
  3. C.शैव धर्म
  4. D.वैष्णव धर्म
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जैन धर्म

व्याख्या

सही उत्तर है B, जैन धर्म। जैन धर्म मानता है कि आत्मा (जीव) केवल मनुष्यों, पशुओं और पौधों में ही नहीं, बल्कि पृथ्वी, जल, अग्नि और वायु में भी है। जैन दर्शन जीवों को उनकी इंद्रियों की संख्या से बाँटता है। सबसे निचले वर्ग, एकेंद्रिय जीवों, में पृथ्वीकाय, जलकाय, अग्निकाय, वायुकाय और वनस्पति आते हैं, इसलिए पत्थर और बहते पानी में भी आत्मा है। इसी कारण जैन मुनि अहिंसा का बहुत कड़ाई से पालन करते हैं, रास्ता बुहारते हैं और पानी छानते हैं ताकि कम से कम जीवों को हानि हो। महावीर ने सिखाया कि हर जीव कर्म से बँधा है और सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चरित्र, यानी त्रिरत्न, से ही मुक्त होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि बौद्ध धर्म अनात्म के सिद्धांत से स्थायी आत्मा को ही नहीं मानता। विकल्प C गलत है, क्योंकि शैव धर्म शिव की भक्ति पर केंद्रित है और चट्टानों में आत्मा नहीं मानता। विकल्प D गलत है, क्योंकि वैष्णव धर्म विष्णु और उनके अवतारों की भक्ति पर केंद्रित है। परीक्षा टिप: पत्थर और पानी में आत्मा, सबसे कड़ी अहिंसा यानी जैन; अनात्म यानी बौद्ध।

Q15.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CGL · 08 Dec 2022, Shift 4मध्यम

बीदर के शिल्पकार ______ की जड़ाई के काम के लिए बहुत प्रसिद्ध थे।

  1. A.सोना और कांसा
  2. B.कांसा और चांदी
  3. C.सोना और तांबा
  4. D.तांबा और चांदी
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. तांबा और चांदी

व्याख्या

सही उत्तर है D, तांबा और चांदी। बीदर के शिल्पकार तांबे और चांदी की जड़ाई के काम के लिए प्रसिद्ध थे, और इस शिल्प को नगर के नाम पर बिदरी कहा गया।

बीदर वर्तमान कर्नाटक में है और बहमनी शासकों तथा बाद में बरीदशाही वंश की राजधानी रहा। बिदरी शिल्प में कारीगर जस्ते और तांबे की मिश्र धातु से वस्तु ढालता है, काली की गई सतह पर डिजाइन उकेरता है और खांचों में शुद्ध चांदी का तार या पत्तर दबाता है, जिससे गहरे रंग की पृष्ठभूमि पर चमकदार नमूना उभर आता है। फूल, लता और ज्यामितीय आकृतियां इसके सामान्य डिजाइन हैं। बिदरीवेयर को भौगोलिक संकेत टैग मिला हुआ है।

A गलत है: सोना और कांसा बिदरी काम की धातुएं नहीं हैं। B गलत है: इस शिल्प में कांसे की जड़ाई नहीं होती। C गलत है: इसमें सोने का कोई काम नहीं है, हालांकि तांबा प्रयोग होता है।

परीक्षा टिप: बिदरी - कर्नाटक का बीदर, जस्ता-तांबा धातु पर चांदी की जड़ाई, जीआई टैग प्राप्त।

Q16.कला और संस्कृतिपूछा गया: RRB NTPC · 28 Dec 2020, Shift 1आसान

पट्टचित्र शैली की चित्रकला निम्नलिखित में से किस राज्य की सबसे प्राचीन और लोकप्रिय कला शैलियों में से एक है?

  1. A.आंध्र प्रदेश
  2. B.राजस्थान
  3. C.ओडिशा
  4. D.बिहार
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. ओडिशा

व्याख्या

सही उत्तर है C, ओडिशा। पट्टचित्र ओडिशा की प्राचीन कपड़े पर बनने वाली चित्रकला है और इसका नाम ही इसका अर्थ बता देता है — पट्ट यानी कपड़ा और चित्र यानी तस्वीर। चित्रकार कहे जाने वाले कलाकार कपड़े पर खड़िया और इमली की लेई चढ़ाते हैं, फिर प्राकृतिक रंगों और बारीक कूँची से देवी-देवताओं तथा कथाओं के दृश्य उकेरते हैं और चारों ओर सजी हुई किनारी बनाते हैं। अधिकांश चित्रों में पुरी के जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा, कृष्ण लीला या महाकाव्यों के प्रसंग दिखाए जाते हैं। पुरी के पास बसा रघुराजपुर गाँव इस कला के लिए प्रसिद्ध है और ओडिशा पट्टचित्र को जीआई टैग भी मिला है। A गलत है क्योंकि आंध्र प्रदेश कलमकारी के लिए जाना जाता है। B गलत है क्योंकि राजस्थान फड़ चित्रकला तथा किशनगढ़, मेवाड़ और बूँदी की लघु चित्र शैलियों के लिए प्रसिद्ध है। D गलत है क्योंकि बिहार की पहचान मधुबनी या मिथिला चित्रकला है। परीक्षा टिप: पट्टचित्र ओडिशा, मधुबनी बिहार, कलमकारी आंध्र प्रदेश और वारली महाराष्ट्र की शैली है।

Q17.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC MTS · 14 Oct 2021, Shift 1मध्यम

अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) की स्थापना किसने की थी?

  1. A.श्री चैतन्य
  2. B.भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद
  3. C.श्री रामकृष्ण
  4. D.श्रील भक्तिसिद्धांत सरस्वती
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद

व्याख्या

सही उत्तर है B, भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद। उन्होंने 1966 में न्यूयॉर्क में इस्कॉन की स्थापना की थी।

उनका जन्म 1896 में कलकत्ता में अभय चरण दे के रूप में हुआ था। उनहत्तर वर्ष की आयु में वे थोड़े से रुपयों और पुस्तकों के एक बक्से के साथ अमेरिका गए और मैनहटन के एक पार्क में हरे कृष्ण महामंत्र का कीर्तन शुरू किया। इस्कॉन बंगाल की गौड़ीय वैष्णव भक्ति परंपरा का अनुसरण करता है और इसे अक्सर हरे कृष्ण आंदोलन कहा जाता है। प्रभुपाद ने 'भगवद्गीता यथारूप' और भागवत पुराण के बड़े हिस्से का अनुवाद किया। आज यह संस्था दुनिया भर में मंदिर और भोजन वितरण कार्यक्रम चलाती है।

विकल्प A श्री चैतन्य सोलहवीं सदी के बंगाल के संत थे, जिनकी शिक्षाओं को इस्कॉन मानता है, पर उन्होंने ऐसी कोई संस्था नहीं बनाई। विकल्प C श्री रामकृष्ण से प्रेरित होकर स्वामी विवेकानंद ने 1897 में रामकृष्ण मिशन बनाया। विकल्प D प्रभुपाद के गुरु थे।

परीक्षा टिप: इस्कॉन - 1966, न्यूयॉर्क, भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद, चैतन्य की गौड़ीय वैष्णव परंपरा।

Q18.कला और संस्कृतिपूछा गया: मध्य प्रदेश · 3 July 2022मध्यम

अमृतलाल वेगड़ किससे संबंधित हैं?

  1. A.मूर्तिकला
  2. B.चित्रकला
  3. C.गायन
  4. D.संगीत
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. चित्रकला

व्याख्या

सही उत्तर है B, चित्रकला। अमृतलाल वेगड़ का जन्म 1928 में मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुआ था। वे चित्रकार और कोलाज कलाकार थे, जिन्होंने शांतिनिकेतन के कला भवन में नंदलाल बोस से कला की शिक्षा पाई और बाद में जबलपुर में कला पढ़ाई। वे रंगीन कागज़ के टुकड़ों से बने कोलाज के लिए और नर्मदा पर लिखे अपने हिंदी यात्रा-लेखन में बनाए रेखाचित्रों तथा चित्रों के लिए याद किए जाते हैं; नर्मदा के किनारे उन्होंने हज़ारों किलोमीटर पैदल यात्रा की थी। इसी कारण मध्य प्रदेश की परीक्षाएँ उन्हें दृश्य कला से जोड़कर पूछती हैं, प्रदर्शन कला से नहीं। विकल्प A गलत है, क्योंकि उन्होंने पत्थर या धातु में काम नहीं किया, बल्कि कागज़ और रंग से समतल सतह पर किया। विकल्प C गलत है, क्योंकि वे गायक नहीं थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि संगीत से उनका कोई संबंध नहीं था। परीक्षा टिप: वेगड़, जबलपुर, चित्रकला और कोलाज, नर्मदा पर हिंदी यात्रा-लेखन।

Q19.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC MTS · 14 Oct 2021, Shift 3मध्यम

'थोलू बोम्मलट्टा', एक छाया कठपुतली नाट्य परंपरा, किस राज्य की है?

  1. A.आंध्र प्रदेश
  2. B.कर्नाटक
  3. C.केरल
  4. D.महाराष्ट्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. आंध्र प्रदेश

व्याख्या

सही उत्तर है A, आंध्र प्रदेश। थोलू बोम्मलाटा आंध्र प्रदेश की चमड़े की छाया कठपुतली परंपरा है।

इसके नाम का अर्थ है चमड़े की गुड़ियों का नृत्य। कठपुतलियाँ बकरी या हिरण के चमड़े से काटी जाती हैं और दोनों ओर रंगी जाती हैं, जिससे दीपक की रोशनी में कपड़े के परदे पर उनके रंग चमकते हैं। इन्हें परदे के पीछे से चलाया जाता है, जबकि गायक, हारमोनियम और ढोल कथा को आगे बढ़ाते हैं। नाटक रामायण और महाभारत से लिए जाते हैं और कई बार रातभर चलते हैं। भारत में छाया कठपुतली की चार प्रसिद्ध शैलियाँ हैं - आंध्र की थोलू बोम्मलाटा, कर्नाटक की तोगलु गोम्बेयाट्टा, ओडिशा की रावणछाया और केरल की थोलपावकूथु।

विकल्प B गलत है क्योंकि कर्नाटक की शैली तोगलु गोम्बेयाट्टा है। विकल्प C गलत है, केरल में थोलपावकूथु भगवती मंदिरों में होती है। विकल्प D गलत है क्योंकि महाराष्ट्र की परंपरा कलसूत्री बाहुल्य है, जो धागों से चलती है।

परीक्षा टिप: चमड़े की छाया कठपुतली - आंध्र प्रदेश; धागे की कठपुतली - राजस्थान की कठपुतली।

Q20.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CGL · 14 Jul 2023, Shift 3कठिन

निम्नलिखित में से किस कलाकार ने 1975 में 'मीना गुर्जरी' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार जीता था?

  1. A.सोनल मानसिंह
  2. B.सितारा देवी
  3. C.शोवना नारायण
  4. D.मल्लिका साराभाई
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. मल्लिका साराभाई

व्याख्या

सही उत्तर है D, मल्लिका साराभाई। उन्हें 1975 में गुजराती फिल्म 'मीना गुर्जरी' में अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला था, जो सिनेमा, रंगमंच और नृत्य तीनों में फैले उनके करियर की शुरुआत थी। अपनी माँ मृणालिनी साराभाई से भरतनाट्यम और कुचिपुड़ी सीखने वाली मल्लिका को पीटर ब्रुक के 'द महाभारत' में द्रौपदी की भूमिका के लिए भी जाना जाता है, और वे अहमदाबाद की दर्पण अकादमी चलाती हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि सोनल मानसिंह ओडिसी और भरतनाट्यम की प्रसिद्ध नृत्यांगना हैं, जिन्हें पद्म विभूषण मिला है, वे फिल्म अभिनेत्री नहीं हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि सितारा देवी कथक नृत्यांगना थीं, जिन्हें रवींद्रनाथ टैगोर ने नृत्य सम्राज्ञी कहा था और उनका फिल्मी काम 1940 के दशक का है। विकल्प C गलत है क्योंकि शोवना नारायण कथक नृत्यांगना हैं और भारतीय लेखा परीक्षा एवं लेखा सेवा की अधिकारी भी रही हैं। परीक्षा टिप: मल्लिका साराभाई को दर्पण अकादमी और माँ मृणालिनी साराभाई से जोड़कर याद रखें।

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