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GK क्विजकला और संस्कृति

कला और संस्कृति क्विज: भारतीय चित्रकला और शैलियां

  • 12 प्रश्न
  • 12 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

कला और संस्कृति के अंतर्गत "भारतीय चित्रकला और शैलियां" विषय पर यह क्विज़ 12 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं, जिनमें 6 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे गए हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

12 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.कला और संस्कृतिपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC General Studies 2013 Official Papeआसान

'मधुबनी' चित्रकला किस राज्य से संबंधित है?

  1. A.उत्तर प्रदेश
  2. B.बिहार
  3. C.केरल
  4. D.तमिलनाडु
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बिहार

व्याख्या

सही उत्तर B, बिहार है। मधुबनी चित्रकला, जिसे मिथिला चित्रकला भी कहा जाता है, उत्तरी बिहार के मधुबनी और दरभंगा जिलों के मिथिला क्षेत्र की परंपरा है। परंपरागत रूप से इसे स्त्रियाँ विवाह और त्योहारों पर घर की पुती दीवारों तथा आँगन पर प्राकृतिक रंगों और कपड़े में लिपटी बाँस की कलम से बनाती थीं, और अब यह कागज तथा कपड़े पर भी बनती है। इसकी शैलियाँ भरनी, कचनी, गोदना और तांत्रिक हैं, तथा सीता देवी, गंगा देवी और महासुंदरी देवी इसकी प्रसिद्ध चित्रकार हैं। इसे भौगोलिक संकेतक अर्थात जीआई टैग भी प्राप्त है।

विकल्प A, उत्तर प्रदेश, इसका क्षेत्र नहीं है, क्योंकि मिथिला संस्कृति नेपाल सीमा की ओर फैलती है, दोआब की ओर नहीं। विकल्प C, केरल, मंदिर भित्ति चित्रों और कथकली के लिए जाना जाता है। विकल्प D, तमिलनाडु, स्वर्ण पत्र वाली तंजौर चित्रकला के लिए प्रसिद्ध है, इसलिए यह इस प्रश्न का सामान्य भ्रामक विकल्प है।

Q2.कला और संस्कृतिपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Official UPSC Civil Services Exam 2018 Pमध्यम

सुप्रसिद्ध चित्र बणी ठणी किस शैली से संबंधित है?

  1. A.बूँदी शैली
  2. B.जयपुर शैली
  3. C.कांगड़ा शैली
  4. D.किशनगढ़ शैली
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. किशनगढ़ शैली

व्याख्या

सही उत्तर D, किशनगढ़ शैली है। बणी ठणी को अठारहवीं शताब्दी में राजस्थान के किशनगढ़ में निहालचंद ने राजा सावंत सिंह के संरक्षण में बनाया, जो नागरी दास के नाम से भक्ति काव्य रचते थे। इस आकृति का मुख लंबा, गर्दन लंबी, भौंह तीव्र धनुषाकार और आँख खिंची हुई है, और यही शैलीबद्ध नायिका रूप इस शैली की पहचान बन गया। इस चित्र को प्रायः भारत की मोनालिसा कहा जाता है, और किशनगढ़ के चित्रों में नायक नायिका अक्सर कमल भरे सरोवरों के किनारे दिखाए जाते हैं।

विकल्प A, बूँदी शैली, घनी नीली हरी वनस्पति, जल और पशु जीवन से पहचानी जाती है, इस नायिका रूप से नहीं। विकल्प B, जयपुर या आम्बेर शैली, प्रबल मुगल प्रभाव में बड़े व्यक्तिचित्र बनाती थी। विकल्प C, कांगड़ा शैली, पर्वतीय पहाड़ी शैली है, कोमल और भावप्रधान, जो गीत गोविंद श्रृंखला के लिए प्रसिद्ध है और राजस्थान से भौगोलिक रूप से दूर है।

Q3.कला और संस्कृतिपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · UPSC Civil Services (Prelims) General Stमध्यम

बोधिसत्व पद्मपाणि का चित्र किस स्थल के सर्वाधिक प्रसिद्ध और बार बार प्रकाशित चित्रों में से एक है?

  1. A.अजंता
  2. B.बादामी
  3. C.बाघ
  4. D.एलोरा
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अजंता

व्याख्या

सही उत्तर A, अजंता है। नीला कमल धारण किए बोधिसत्व पद्मपाणि महाराष्ट्र के अजंता की गुफा संख्या एक के अंतराल की बाईं दीवार पर चित्रित हैं, और उनके सामने बोधिसत्व वज्रपाणि हैं। यह आकृति पाँचवीं शताब्दी के वाकाटक काल की है, और इसकी झुकी पलकें तथा शिथिल देह भारतीय भित्ति चित्रकला का श्रेष्ठतम उदाहरण मानी जाती हैं। अजंता के चित्र मिट्टी, गोबर और धान की भूसी की सतह पर टेम्पेरा विधि से बने हैं, और ये गुफाएँ वाघोरा नदी के ऊपर स्थित हैं।

विकल्प B, कर्नाटक का बादामी, अपनी गुफा तीन में चालुक्य राजकीय चित्रों के लिए जाना जाता है। विकल्प C, मध्य प्रदेश का बाघ, शैली में अजंता के अत्यंत निकट बौद्ध भित्ति चित्रों का स्थल है, इसलिए यही सबसे प्रबल भ्रामक विकल्प है, परंतु यह चित्र वहाँ नहीं है। विकल्प D, एलोरा, मुख्यतः शैलकृत मूर्तिकला और स्थापत्य का स्थल है, जहाँ चित्रकारी मुख्यतः कैलाश मंदिर में बची है।

Q4.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 29th November 2021, Shift 1आसान

वारली चित्रकला ______ की वारली जनजाति के लोगों द्वारा रची गई जनजातीय कला शैली है।

  1. A.बिहार
  2. B.केरल
  3. C.महाराष्ट्र
  4. D.असम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. महाराष्ट्र

व्याख्या

सही उत्तर C, महाराष्ट्र है। वारली उत्तरी महाराष्ट्र के पालघर और ठाणे जिलों की, गुजरात सीमा से लगी एक जनजातीय समुदाय है। उनकी चित्रकला गेरू और गोबर से पुती दीवार पर चावल के लेप की सफेदी से बनाई जाती है, और यह कुछ ही ज्यामितीय इकाइयों से बनती है: सूर्य और चंद्रमा के लिए वृत्त, पर्वतों तथा वृक्षों के लिए त्रिभुज, और चौक कहे जाने वाले पवित्र घेरे के लिए वर्ग। सबसे आम विषय तारपा नृत्य है, जिसमें वादक के चारों ओर नर्तकों का सर्पिल घेरा बनता है। जीव्या सोमा माशे वह चित्रकार थे जिन्होंने वारली कला को विश्व तक पहुँचाया।

विकल्प A, बिहार, मधुबनी का घर है। विकल्प B, केरल, अपने मंदिर भित्ति चित्रों के लिए जाना जाता है। विकल्प D, असम, में सत्रों की पांडुलिपि चित्रकला है, वारली कला नहीं।

Q5.कला और संस्कृतिपूछा गया: दिल्ली · 2 Dec 2020, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन चित्रकला में निपुणता के लिए नहीं जाना जाता है?

  1. A.तैयब मेहता
  2. B.जामिनी रॉय
  3. C.हबीब तनवीर
  4. D.सतीश गुजराल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. हबीब तनवीर

व्याख्या

सही उत्तर C, हबीब तनवीर है। वे आधुनिक भारतीय रंगमंच के नाटककार, निर्देशक और अभिनेता थे, जो चरणदास चोर के लिए और अपनी नया थिएटर मंडली में छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों के साथ काम करने के लिए प्रसिद्ध हैं। वे नाट्य क्षेत्र के हैं, चित्रकला के नहीं, इसलिए वही इस सूची में भिन्न नाम हैं।

विकल्प A, तैयब मेहता, प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट्स ग्रुप की पीढ़ी के चित्रकार थे, जो अपने विकर्ण संयोजन तथा फॉलिंग फिगर और महिषासुर श्रृंखलाओं के लिए जाने जाते हैं। विकल्प B, जामिनी रॉय, बंगाल के चित्रकार थे जिन्होंने अकादमिक यथार्थवाद छोड़कर कालीघाट तथा बंगाल की लोककला की प्रखर सपाट रेखा अपनाई। विकल्प D, सतीश गुजराल, चित्रकार, मूर्तिकार और भित्तिकार थे, जिन्होंने नई दिल्ली में बेल्जियम दूतावास भवन का अभिकल्पन भी किया, अतः चित्रकला उनका एक क्षेत्र है। इस प्रकार के प्रश्नों में चित्रकारों की सूची में रंगमंच, संगीत या मूर्तिकला का एक नाम मिला दिया जाता है।

Q6.कला और संस्कृतिपूछा गया: CTET · CTET Feb 2015 Paper 2 Social Studiesमध्यम

औपनिवेशिक काल में भारत में ब्रिटिश कला के आगमन के साथ निम्नलिखित में से क्या आया?

  1. A.भित्ति कला
  2. B.तैल चित्रकला
  3. C.परिप्रेक्ष्य
  4. D.लघुचित्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. तैल चित्रकला

व्याख्या

सही उत्तर B, तैल चित्रकला है। कैनवास पर तैल रंग से चित्रण भारत में यूरोपीय चित्रकारों और औपनिवेशिक कला विद्यालयों के आने से पहले अज्ञात था। भारतीय चित्रकार दीवार, ताड़पत्र, कागज और कपड़े पर टेम्पेरा तथा जलरंग में काम करते थे। केरल के राजा रवि वर्मा इस नए माध्यम के सबसे प्रसिद्ध भारतीय उस्ताद हैं, जिन्होंने शकुंतला और दमयंती जैसे पौराणिक विषयों के लिए तैल रंग तथा अकादमिक छायांकन का प्रयोग किया।

विकल्प A, भित्ति कला, भारत में अत्यंत प्राचीन है, अजंता और बाघ से लेकर केरल के मंदिरों की दीवारों तक। विकल्प D, लघुचित्र, भी पूर्णतः भारतीय हैं, पाल ताड़पत्र पांडुलिपियों से लेकर मुगल, राजस्थानी और पहाड़ी शैलियों तक। विकल्प C, परिप्रेक्ष्य, आकर्षक भ्रामक विकल्प है: व्यवस्थित रेखीय परिप्रेक्ष्य यूरोपीय कला के साथ ही आया, परंतु प्रश्न चित्रकला के किस रूप के आगमन की बात करता है, और इस कथन का मानक उत्तर तैल माध्यम ही है।

Q7.कला और संस्कृतिमध्यम

पक्षियों और पशुओं के चित्रण के लिए नादिर उल असर की उपाधि पाने वाले चित्रकार उस्ताद मंसूर किस मुगल शासक के दरबार में थे?

  1. A.हुमायूँ
  2. B.अकबर
  3. C.जहाँगीर
  4. D.औरंगजेब
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. जहाँगीर

व्याख्या

सही उत्तर C, जहाँगीर है। जहाँगीर प्रकृति का सूक्ष्म पर्यवेक्षक था और अपने चित्रकारों से असामान्य पक्षियों, पशुओं तथा फूलों का अंकन कराता था, जिससे भीड़ भरे पांडुलिपि पृष्ठ की जगह एकल अध्ययन ने ले ली। उस्ताद मंसूर उसके सर्वश्रेष्ठ प्रकृति चित्रकार थे और उन्हें नादिर उल असर अर्थात युग का आश्चर्य कहा गया; उनके साइबेरियाई सारस और टर्की मुर्ग मानक उदाहरण हैं। नादिर उज जमाँ की उपाधि पाए अबुल हसन और फारस भेजे गए बिशनदास भी उसी के दरबार में थे।

विकल्प A, हुमायूँ, मीर सैयद अली और अब्दुस समद को लाया और शैली का केवल आरंभ किया। विकल्प B, अकबर, ने चित्रशाला व्यवस्थित की तथा हम्जानामा, रज्मनामा और अकबरनामा बनवाए, परंतु उसकी रुचि कथात्मक ग्रंथों में थी और बसावन तथा दसवंत उसके चित्रकार थे। विकल्प D, औरंगजेब, ने संरक्षण हटा लिया, जिससे चित्रकार राजपूत और पहाड़ी दरबारों में बिखर गए।

Q8.कला और संस्कृतिमध्यम

पहाड़ी चित्रकला की कौन सी शैली राजा संसार चंद के संरक्षण में फली और प्रसिद्ध गीत गोविंद श्रृंखला के लिए जानी जाती है?

  1. A.बसोहली
  2. B.कांगड़ा
  3. C.बूँदी
  4. D.गोलकुंडा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कांगड़ा

व्याख्या

सही उत्तर B, कांगड़ा है। कांगड़ा चित्रकला पहाड़ी शैलियों में सर्वाधिक भावप्रधान है और अठारहवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में वर्तमान हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के राजा संसार चंद के समय अपने शिखर पर पहुँची। इसके चित्रकारों ने जयदेव के गीत गोविंद, बिहारी सतसई और नल दमयंती का चित्रण किया, जिसमें कोमल शीतल रंग, गोल मुखाकृतियाँ और वर्षा से भरे भूदृश्य हैं। यह शैली पंडित सेऊ के पुत्रों मानकू तथा नैनसुख के गुलेर कार्य से विकसित हुई।

विकल्प A, बसोहली, सबसे प्राचीन पहाड़ी शैली है, रंग में प्रखर और तप्त, जिसमें पन्ने दिखाने के लिए भृंग पंख जड़े जाते थे, और इसकी प्रसिद्ध श्रृंखला देवीदास की रसमंजरी है। विकल्प C, बूँदी, राजस्थानी शैली है, पहाड़ी नहीं। विकल्प D, गोलकुंडा, कुतुबशाही दरबार की दक्कनी शैली है, जो दक्षिण में बहुत दूर है और पर्वतीय रियासतों से असंबंधित है।

Q9.कला और संस्कृतिआसान

1905 में बना प्रसिद्ध चित्र भारत माता किसने बनाया था?

  1. A.राजा रवि वर्मा
  2. B.नंदलाल बोस
  3. C.अवनींद्रनाथ टैगोर
  4. D.अमृता शेरगिल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अवनींद्रनाथ टैगोर

व्याख्या

सही उत्तर C, अवनींद्रनाथ टैगोर है। उन्होंने 1905 में बंगाल विभाजन के विरुद्ध चले स्वदेशी आंदोलन के समय भारत माता बनाई, जिसमें भगवा वस्त्र पहने चतुर्भुजी आकृति धान की बालें, श्वेत वस्त्र, पुस्तक और माला धारण करती है, अर्थात अन्न, वस्त्र, विद्या और दीक्षा के उपहार। वे बंगाल स्कूल के संस्थापक थे, जापानी प्रभाव वाली वॉश तकनीक में काम करते थे और कलकत्ता कला विद्यालय के ई. बी. हैवेल ने उन्हें प्रोत्साहित किया।

विकल्प A, राजा रवि वर्मा, अकादमिक ढंग से तैल रंग में काम करते थे और 1906 में उनका निधन हुआ; उनके विषय शकुंतला, दमयंती और मंदिर के देवता थे। विकल्प B, नंदलाल बोस, अवनींद्रनाथ के सबसे प्रभावी शिष्य थे, जिन्होंने हरिपुरा कांग्रेस के पोस्टर बनाए और भारत के संविधान के पृष्ठ सजाए, परंतु यह कृति उनकी नहीं है। विकल्प D, अमृता शेरगिल, अगली पीढ़ी की हैं और उन्होंने आधुनिक यूरोपीय शैली में भारतीय ग्राम जीवन चित्रित किया।

Q10.कला और संस्कृतिमध्यम

चित्रित पांडुलिपि हम्जानामा किस शासक के काल में तैयार हुई?

  1. A.बाबर
  2. B.अकबर
  3. C.शाहजहाँ
  4. D.शेरशाह सूरी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अकबर

व्याख्या

सही उत्तर B, अकबर है। अमीर हम्जा के साहसिक कारनामों की कथा हम्जानामा अकबर की शाही चित्रशाला की पहली बड़ी परियोजना थी, जिसमें लगभग पंद्रह वर्ष लगे और जिसके बड़े पन्ने मीर सैयद अली तथा अब्दुस समद के निर्देशन में एक दल ने कपड़े पर चित्रित किए। उसी काल में रज्मनामा अर्थात फारसी महाभारत, तूतीनामा और अकबरनामा भी बने, और चित्रशाला ने जानबूझकर फारसी संयोजन को भारतीय रंग तथा निरीक्षण से मिलाया।

विकल्प A, बाबर, ने भारत में केवल चार वर्ष शासन किया, स्मृति ग्रंथ बाबरनामा छोड़ा और यहाँ कोई चित्रशाला नहीं बनाई। विकल्प C, शाहजहाँ, पादशाहनामा तथा औपचारिक और रत्न जैसे दरबारी दृश्यों से जुड़ा है। विकल्प D, शेरशाह सूरी, सूर वंश का प्रशासक था, जिसे रुपिया, ग्रैंड ट्रंक रोड और डाक व्यवस्था के लिए याद किया जाता है, चित्रकला के लिए नहीं।

Q11.कला और संस्कृतिआसान

बाँस की कलम और वानस्पतिक रंगों से कपड़े पर चित्रण तथा छपाई की कला कलमकारी मुख्यतः किस राज्य से जुड़ी है?

  1. A.ओडिशा
  2. B.आंध्र प्रदेश
  3. C.पंजाब
  4. D.गुजरात
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. आंध्र प्रदेश

व्याख्या

सही उत्तर B, आंध्र प्रदेश है। कलमकारी शब्द कलम अर्थात लेखनी और कारी अर्थात कार्य से बना है। इसके दो केंद्र हैं: श्रीकालहस्ति, जहाँ आकृति बाँस की कलम से हाथ से बनाई जाती है और विषय मंदिर की पौराणिक कथाएँ होते हैं, तथा मछलीपट्टनम, जहाँ लकड़ी के खुदे ठप्पों से दोहराए जाने वाले पुष्प और फारसी प्रभाव के नमूने छापे जाते हैं। कपड़े को हरड़ और भैंस के दूध से संसाधित किया जाता है, और रंग वनस्पतियों तथा लौह लवणों से लिए जाते हैं।

विकल्प A, ओडिशा, पट्टचित्र का घर है, जो कपड़े और इमली की लेई की सतह पर जगन्नाथ विषयों के साथ बनता है, अतः यही सबसे प्रबल भ्रामक विकल्प है। विकल्प C, पंजाब, फुलकारी कढ़ाई के लिए जाना जाता है, चित्रित वस्त्र के लिए नहीं। विकल्प D, गुजरात, में रोगन कला, माता नी पछेड़ी और पिथौरा भित्ति चित्रकला है, परंतु कलमकारी उसकी परंपरा नहीं है।

Q12.कला और संस्कृतिकठिन

1947 में बॉम्बे में बने प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट्स ग्रुप के संस्थापक सदस्य निम्नलिखित में से कौन थे?

  1. A.नंदलाल बोस
  2. B.जीव्या सोमा माशे
  3. C.एफ. एन. सूजा
  4. D.निहालचंद
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एफ. एन. सूजा

व्याख्या

सही उत्तर C, एफ. एन. सूजा है। फ्रांसिस न्यूटन सूजा ने 1947 में बॉम्बे में एस. एच. रज़ा, एम. एफ. हुसैन, के. एच. आरा, एस. के. बाकरे और एच. ए. गाडे के साथ मिलकर प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट्स ग्रुप की स्थापना की। इस समूह ने अकादमिक यथार्थवाद और बंगाल स्कूल के पुनरुत्थानवादी भाव, दोनों से नाता तोड़ा, और विषय भारतीय रखते हुए आधुनिक यूरोपीय आंदोलनों की ओर देखा, इसीलिए इसे आधुनिक भारतीय कला का आरंभ बिंदु माना जाता है।

विकल्प A, नंदलाल बोस, पूर्ववर्ती बंगाल स्कूल के थे और शांतिनिकेतन में पढ़ाते थे। विकल्प B, जीव्या सोमा माशे, महाराष्ट्र के वारली जनजातीय चित्रकार थे, जिन्होंने इस शैली को गाँवों के बाहर पहचान दिलाई। विकल्प D, निहालचंद, अठारहवीं शताब्दी के किशनगढ़ लघुचित्रकार थे जिन्होंने बणी ठणी बनाई, और वे इस समूह से दो शताब्दी पहले के हैं।

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