निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.जब अर्थव्यवस्था अपनी क्षमता से धीमी गति से बढ़ती है, तो बेरोज़गारी दर बढ़ती है।
- B.संरचनात्मक बेरोज़गारी तब होती है जब कुछ विशेष वस्तुओं की माँग में बदलाव या स्वचालन के कारण नौकरियाँ समाप्त हो जाती हैं।
- C.अर्थव्यवस्था में मंदी से चक्रीय बेरोज़गारी होती है।
- D.पूर्ण रोज़गार की स्थिति में मापी गई बेरोज़गारी दर ऋणात्मक होती है।
उत्तर देखें
पूर्ण रोज़गार की स्थिति में मापी गई बेरोज़गारी दर ऋणात्मक नहीं होती; यह एक छोटे धनात्मक स्तर पर रहती है, जिसे बेरोज़गारी की प्राकृतिक दर कहते हैं।
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