सीबीएन ने मध्य प्रदेश में 4,209.80 किलो पोस्ता भूसा जब्त किया
केंद्रीय स्वापक ब्यूरो ने मध्य प्रदेश में दो अभियानों में 4,209.80 किलोग्राम पोस्ता भूसा, दो ट्रक और 100 गेहूं की बोरियां जब्त कीं; तीन गिरफ्तार।

चर्चा में क्यों
वित्त मंत्रालय ने 11 अक्टूबर 2026 को बताया कि केंद्रीय स्वापक ब्यूरो की मध्य प्रदेश इकाई ने दो अभियानों में 4,209.80 किलोग्राम पोस्ता भूसा, दो ट्रक तथा आड़ के तौर पर रखी 100 गेहूं की बोरियां जब्त कीं और एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत तीन लोगों को गिरफ्तार किया।
वित्त मंत्रालय के अधीन काम करने वाले केंद्रीय स्वापक ब्यूरो (सीबीएन) ने मध्य प्रदेश में पोस्ता भूसे की बड़ी खेप पकड़ी है। ब्यूरो की राज्य इकाई ने 11 अक्टूबर 2026 तक के सप्ताह में दो अलग-अलग अभियान चलाए और उनमें कुल 4,209.80 किलोग्राम पोस्ता भूसा, दो ट्रक तथा 100 गेहूं की बोरियां जब्त हुईं। गेहूं की बोरियां मादक पदार्थ के ऊपर इसलिए लादी गई थीं कि खेप अनाज की लगे। दोनों मामलों में तीन लोगों को स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया।
नीमच का मामला
पहली कार्रवाई 5 अक्टूबर 2026 को हुई। पुख्ता सूचना के आधार पर सीबीएन की नीमच इकाई के अधिकारियों ने उदयपुर-चित्तौड़गढ़ राजमार्ग पर हरियाणा नंबर का एक कंटेनर ट्रक रोका। अलग-अलग रंग की 39 प्लास्टिक बोरियों के नीचे से 929.08 किलोग्राम पोस्ता भूसा बरामद हुआ, जो तीन रूपों में था: चीरा लगा भूसा, बिना चीरा वाला पोस्ता भूसा (यूपीएस) और पीसकर बनाया गया चूर्ण। ट्रक और खेप, दोनों जब्त किए गए तथा एक व्यक्ति गिरफ्तार हुआ।
मंदसौर का मामला
चार दिन बाद, 9 अक्टूबर 2026 को मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में गांधीसागर-भानपुरा मार्ग पर राजस्थान नंबर का एक टाटा ट्रक रोका गया। वाहन को गरोठ स्थित सीबीएन कार्यालय ले जाया गया, जहां विस्तृत तलाशी में गेहूं की बोरियों के नीचे से 3,280.72 किलोग्राम पोस्ता भूसा निकला। ट्रक में सवार दोनों लोग गिरफ्तार किए गए और भूसा, वाहन तथा आड़ के तौर पर रखा गेहूं जब्त कर लिया गया।
दोनों जब्तियां एक नजर में
| तिथि | स्थान | वाहन | पोस्ता भूसा |
| 5 अक्टूबर 2026 | उदयपुर-चित्तौड़गढ़ राजमार्ग (सीबीएन नीमच) | कंटेनर ट्रक, हरियाणा नंबर | 929.08 किलोग्राम |
| 9 अक्टूबर 2026 | गांधीसागर-भानपुरा मार्ग, मंदसौर | टाटा ट्रक, राजस्थान नंबर | 3,280.72 किलोग्राम |
जांच एजेंसी अब दोनों खेपों के सिरे पीछे की ओर जोड़ रही है, ताकि यह तय हो सके कि भूसा कहां से आया, किसे भेजा जाना था और तस्करी की कड़ी में कौन लोग अब तक पकड़ से बाहर हैं। ब्यूरो का कहना है कि वह खुफिया सूचना पर आधारित इस तरह की कार्रवाइयों के साथ-साथ जागरूकता का काम भी जारी रखेगा, जिसका आधार नशा मुक्त भारत का लक्ष्य तथा दवाओं के सुरक्षित उपयोग और उनके दुरुपयोग की रोकथाम का संदेश है।
महत्वपूर्ण तथ्य
| एजेंसी | केंद्रीय स्वापक ब्यूरो (सीबीएन), मध्य प्रदेश इकाई |
|---|---|
| मंत्रालय | वित्त मंत्रालय |
| कुल जब्त पोस्ता भूसा | दो अभियानों में 4,209.80 किलोग्राम |
| पहला मामला | उदयपुर-चित्तौड़गढ़ राजमार्ग पर 929.08 किलोग्राम, 5 अक्टूबर 2026 |
| दूसरा मामला | गांधीसागर-भानपुरा मार्ग, मंदसौर में 3,280.72 किलोग्राम, 9 अक्टूबर 2026 |
| जब्त वाहन | दो, एक कंटेनर ट्रक (हरियाणा) और एक टाटा ट्रक (राजस्थान) |
| आड़ का सामान | 100 गेहूं की बोरियां |
| भूसे के रूप | चीरा लगा भूसा, बिना चीरा वाला पोस्ता भूसा (यूपीएस) और चूर्ण |
| लागू कानून | स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 |
| गिरफ्तारियां | तीन लोग |
परीक्षा की दृष्टि से
ध्यान रखें: एजेंसी केंद्रीय स्वापक ब्यूरो (वित्त मंत्रालय के अधीन), इकाई मध्य प्रदेश, कुल मात्रा 4,209.80 किलोग्राम पोस्ता भूसा, दोनों मामलों का बंटवारा (5 अक्टूबर 2026 को नीमच में 929.08 किलोग्राम तथा 9 अक्टूबर 2026 को मंदसौर में 3,280.72 किलोग्राम), लागू कानून एनडीपीएस अधिनियम 1985, आड़ का सामान 100 गेहूं की बोरियां, भूसे के तीन रूप और तीन गिरफ्तारियां।
अभ्यास प्रश्न
केंद्रीय स्वापक ब्यूरो ने मध्य प्रदेश के दो अभियानों में कितना पोस्ता भूसा जब्त किया?
- A.1,209.80 किलोग्राम
- B.2,750.50 किलोग्राम
- C.4,209.80 किलोग्राम
- D.6,480.25 किलोग्राम
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 4,209.80 किलोग्राम है। केंद्रीय स्वापक ब्यूरो की मध्य प्रदेश इकाई ने 11 अक्टूबर 2026 तक के सप्ताह में दो अभियान चलाए और उनमें बरामद मात्राएं जोड़ने पर यही आंकड़ा बनता है। पहले मामले में उदयपुर-चित्तौड़गढ़ राजमार्ग पर एक कंटेनर ट्रक से 929.08 किलोग्राम पोस्ता भूसा मिला और दूसरे मामले में मंदसौर जिले में एक टाटा ट्रक से 3,280.72 किलोग्राम भूसा निकला, जो मिलकर कुल मात्रा बनाते हैं। भूसे के साथ एजेंसी ने दो ट्रक तथा मादक पदार्थ के ऊपर आड़ के तौर पर लादी गई 100 गेहूं की बोरियां भी जब्त कीं और एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत तीन लोगों को गिरफ्तार किया। बाकी तीनों विकल्पों के आंकड़े न किसी एक बरामदगी से मेल खाते हैं और न दोनों के जोड़ से, इसलिए वे गलत हैं।
मंदसौर के मामले में खेप छिपाने के लिए पोस्ता भूसे के ऊपर क्या लादा गया था?
- A.गेहूं की बोरियां
- B.फलों की पेटियां
- C.कपास की गांठें
- D.सीमेंट की बोरियां
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर गेहूं की बोरियां है। राजस्थान नंबर का टाटा ट्रक 9 अक्टूबर 2026 को गांधीसागर-भानपुरा मार्ग पर रोका गया और विस्तृत तलाशी के लिए गरोठ स्थित सीबीएन कार्यालय ले जाया गया, जहां अधिकारियों को 100 गेहूं की बोरियों के नीचे 3,280.72 किलोग्राम पोस्ता भूसा मिला। ये बोरियां आड़ के सामान के रूप में ढोई जा रही थीं और इन्हें भी भूसे तथा वाहन के साथ जब्त कर लिया गया। विकल्प B, C और D में बताई गई फलों की पेटियां, कपास की गांठें और सीमेंट की बोरियां इस मामले में कहीं सामने नहीं आईं। यह भी याद रखने योग्य है कि 5 अक्टूबर 2026 को नीमच वाली कार्रवाई में छिपाने का तरीका अलग था, जहां 929.08 किलोग्राम भूसा अलग-अलग रंग की 39 प्लास्टिक बोरियों के नीचे रखा गया था।
पोस्ता भूसे के इन मामलों में तीन लोगों की गिरफ्तारी किस अधिनियम के तहत हुई?
- A.सीमा शुल्क अधिनियम, 1962
- B.स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985
- C.आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955
- D.धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 है, जिसे आमतौर पर एनडीपीएस अधिनियम कहा जाता है। पोस्ता भूसा इसी कानून के दायरे में आने वाला मादक पदार्थ है, इसलिए नीमच और मंदसौर, दोनों मामले इसके प्रावधानों के तहत दर्ज किए गए और तीनों गिरफ्तारियां इसी कानून के अंतर्गत हुईं। विकल्प A का सीमा शुल्क अधिनियम सीमा पार से आए तस्करी के सामान पर लागू होता है और सोने की जब्ती जैसे मामलों में इस्तेमाल होता है, देश के भीतर ले जाए जा रहे मादक पदार्थ पर नहीं। विकल्प C का आवश्यक वस्तु अधिनियम जमाखोरी तथा आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति से जुड़ा है। विकल्प D का धन शोधन निवारण अधिनियम अपराध से अर्जित आय के विरुद्ध लगाया जाता है और यहां लागू नहीं किया गया। इन अभियानों में कुल 4,209.80 किलोग्राम पोस्ता भूसा जब्त हुआ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सीबीएन ने मध्य प्रदेश में कितना पोस्ता भूसा जब्त किया?
दो अभियानों में कुल 4,209.80 किलोग्राम: 5 अक्टूबर 2026 को कंटेनर ट्रक से 929.08 किलोग्राम और 9 अक्टूबर 2026 को टाटा ट्रक से 3,280.72 किलोग्राम। तीन लोग गिरफ्तार किए गए।
गिरफ्तारियां किस कानून के तहत हुईं?
स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के तहत। पोस्ता भूसे के साथ दो ट्रक और आड़ के तौर पर रखी 100 गेहूं की बोरियां भी जब्त की गईं।
यह कार्रवाई किस एजेंसी ने की?
केंद्रीय स्वापक ब्यूरो की मध्य प्रदेश इकाई ने, जो वित्त मंत्रालय के अधीन काम करती है। दूसरे ट्रक की तलाशी मंदसौर जिले के गरोठ स्थित सीबीएन कार्यालय में ली गई।
स्रोत
- https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2322060 (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
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