मंदसौर के मामले में खेप छिपाने के लिए पोस्ता भूसे के ऊपर क्या लादा गया था?
- A.गेहूं की बोरियां
- B.फलों की पेटियां
- C.कपास की गांठें
- D.सीमेंट की बोरियां
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर गेहूं की बोरियां है। राजस्थान नंबर का टाटा ट्रक 9 अक्टूबर 2026 को गांधीसागर-भानपुरा मार्ग पर रोका गया और विस्तृत तलाशी के लिए गरोठ स्थित सीबीएन कार्यालय ले जाया गया, जहां अधिकारियों को 100 गेहूं की बोरियों के नीचे 3,280.72 किलोग्राम पोस्ता भूसा मिला। ये बोरियां आड़ के सामान के रूप में ढोई जा रही थीं और इन्हें भी भूसे तथा वाहन के साथ जब्त कर लिया गया। विकल्प B, C और D में बताई गई फलों की पेटियां, कपास की गांठें और सीमेंट की बोरियां इस मामले में कहीं सामने नहीं आईं। यह भी याद रखने योग्य है कि 5 अक्टूबर 2026 को नीमच वाली कार्रवाई में छिपाने का तरीका अलग था, जहां 929.08 किलोग्राम भूसा अलग-अलग रंग की 39 प्लास्टिक बोरियों के नीचे रखा गया था।
पूरा लेख पढ़ें: सीबीएन ने मध्य प्रदेश में 4,209.80 किलो पोस्ता भूसा जब्त किया
अभ्यास प्रश्न
केंद्रीय स्वापक ब्यूरो ने मध्य प्रदेश के दो अभियानों में कितना पोस्ता भूसा जब्त किया?
- A.1,209.80 किलोग्राम
- B.2,750.50 किलोग्राम
- C.4,209.80 किलोग्राम
- D.6,480.25 किलोग्राम
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 4,209.80 किलोग्राम है। केंद्रीय स्वापक ब्यूरो की मध्य प्रदेश इकाई ने 11 अक्टूबर 2026 तक के सप्ताह में दो अभियान चलाए और उनमें बरामद मात्राएं जोड़ने पर यही आंकड़ा बनता है। पहले मामले में उदयपुर-चित्तौड़गढ़ राजमार्ग पर एक कंटेनर ट्रक से 929.08 किलोग्राम पोस्ता भूसा मिला और दूसरे मामले में मंदसौर जिले में एक टाटा ट्रक से 3,280.72 किलोग्राम भूसा निकला, जो मिलकर कुल मात्रा बनाते हैं। भूसे के साथ एजेंसी ने दो ट्रक तथा मादक पदार्थ के ऊपर आड़ के तौर पर लादी गई 100 गेहूं की बोरियां भी जब्त कीं और एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत तीन लोगों को गिरफ्तार किया। बाकी तीनों विकल्पों के आंकड़े न किसी एक बरामदगी से मेल खाते हैं और न दोनों के जोड़ से, इसलिए वे गलत हैं।
पोस्ता भूसे के इन मामलों में तीन लोगों की गिरफ्तारी किस अधिनियम के तहत हुई?
- A.सीमा शुल्क अधिनियम, 1962
- B.स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985
- C.आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955
- D.धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 है, जिसे आमतौर पर एनडीपीएस अधिनियम कहा जाता है। पोस्ता भूसा इसी कानून के दायरे में आने वाला मादक पदार्थ है, इसलिए नीमच और मंदसौर, दोनों मामले इसके प्रावधानों के तहत दर्ज किए गए और तीनों गिरफ्तारियां इसी कानून के अंतर्गत हुईं। विकल्प A का सीमा शुल्क अधिनियम सीमा पार से आए तस्करी के सामान पर लागू होता है और सोने की जब्ती जैसे मामलों में इस्तेमाल होता है, देश के भीतर ले जाए जा रहे मादक पदार्थ पर नहीं। विकल्प C का आवश्यक वस्तु अधिनियम जमाखोरी तथा आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति से जुड़ा है। विकल्प D का धन शोधन निवारण अधिनियम अपराध से अर्जित आय के विरुद्ध लगाया जाता है और यहां लागू नहीं किया गया। इन अभियानों में कुल 4,209.80 किलोग्राम पोस्ता भूसा जब्त हुआ।
भारत 2030 में किस बड़े बहु-खेल आयोजन की मेजबानी की तैयारी कर रहा है?
- A.एशियाई खेल
- B.राष्ट्रमंडल खेल
- C.ग्रीष्मकालीन ओलंपिक
- D.शीतकालीन ओलंपिक
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर राष्ट्रमंडल खेल है। चेन्नई के समारोह में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की तैयारी कर रहा है और इसके साथ-साथ देश 2036 के ओलंपिक की मेजबानी का सपना भी लेकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह बात खेल को करियर के रूप में खड़ा करने के संदर्भ में कही, जहां युवा खिलाड़ियों को नई सुविधाएं तथा बेहतर प्रशिक्षण और सहयोग मिल रहा है, जिससे विश्व खेल जगत में भारत का कद बढ़ रहा है। विकल्प C यानी ग्रीष्मकालीन ओलंपिक 2036 से जुड़ा है, 2030 से नहीं, और इसी अदला-बदली में प्रश्न का जाल है। विकल्प D यानी शीतकालीन ओलंपिक का कोई उल्लेख नहीं हुआ। विकल्प A यानी एशियाई खेल एक महाद्वीपीय आयोजन है और इसके लिए भारत की मेजबानी का कोई वर्ष यहां नहीं बताया गया। ओलंपिक की मेजबानी उन संकल्पों में भी शामिल थी जो 2047 तक विकसित भारत और चंद्रमा पर एक भारतीय के साथ दोहराए गए।
नवीनतम क्यूएस रैंकिंग में भारत के कितने विश्वविद्यालय शामिल हैं, जबकि 2015 में यह संख्या 14 थी?
- A.28
- B.36
- C.44
- D.52
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 52 है। प्रधानमंत्री ने बताया कि 2015 की क्यूएस रैंकिंग में भारत के केवल 14 विश्वविद्यालयों को जगह मिली थी, जबकि नवीनतम रैंकिंग में भारतीय संस्थानों की संख्या 52 हो गई है। उन्होंने इस छलांग को इस बात का प्रमाण बताया कि नई शिक्षा नीति से पढ़ाई की गुणवत्ता सुधर रही है और देश के संस्थानों की वैश्विक पहचान बढ़ रही है, जिससे विद्यार्थियों के पास अधिक संस्थान, अधिक विकल्प और अधिक अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। विकल्प A, B और C यानी 28, 36 और 44 देखने में संभव लगने वाले बीच के आंकड़े हैं, लेकिन नवीनतम रैंकिंग के लिए इनमें से कोई संख्या नहीं बताई गई। अभ्यर्थियों को इसे पहले और बाद की जोड़ी के रूप में याद रखना चाहिए, क्योंकि रिपोर्ट और रैंकिंग पर प्रश्न आमतौर पर ऐसी ही तुलना पर बनते हैं।
देश में विश्वविद्यालयों की संख्या 2014 के करीब 750 से बढ़कर आज कितने से अधिक हो गई है?
- A.900
- B.1,100
- C.1,300
- D.1,600
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व्याख्या
सही उत्तर 1,300 से अधिक है। स्वर्ण जयंती समारोह में प्रधानमंत्री ने बताया कि देश में विश्वविद्यालयों की संख्या 2014 में करीब 750 थी और अब यह 1,300 के पार पहुंच गई है, यानी लगभग एक दशक में यह संख्या करीब दोगुनी हुई है। इसके साथ उन्होंने महाविद्यालयों का आंकड़ा भी रखा, जो करीब 38,000 से बढ़कर 52,000 से ज्यादा हो गया है, और कहा कि इन्हीं वर्षों में देश को अनेक नए आईआईटी, आईआईएम, आईआईआईटी तथा एआईआईएमएस मिले। विकल्प A और B यानी 900 और 1,100 आज की संख्या को कम बताते हैं और इनसे वृद्धि की गति असल आंकड़े से धीमी लगती है। विकल्प D यानी 1,600 बढ़ा-चढ़ा आंकड़ा है और समारोह में ऐसी कोई संख्या नहीं कही गई। परीक्षा के लिए इसे पहले और बाद की जोड़ी के रूप में याद रखना सबसे सुरक्षित है।