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डीआरआई ने पूर्वी क्षेत्र में 7.8 किलो तस्करी का सोना जब्त किया

राजस्व आसूचना निदेशालय ने पूर्वी क्षेत्र में लगभग 7.8 किलोग्राम विदेशी मूल का सोना जब्त किया, जिसकी कीमत 11.50 करोड़ रुपये से अधिक है; छह लोग गिरफ्तार हुए।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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डीआरआई ने पूर्वी क्षेत्र में 7.8 किलो तस्करी का सोना जब्त किया

चर्चा में क्यों

वित्त मंत्रालय ने 11 अक्टूबर 2026 को बताया कि डीआरआई ने पूर्वी क्षेत्र में बांग्लादेश से जुड़े तस्करी मार्गों पर 7.8 किलोग्राम से अधिक विदेशी मूल का सोना जब्त किया, जिसकी कीमत 11.50 करोड़ रुपये से अधिक है, और छह लोगों को गिरफ्तार किया।

वित्त मंत्रालय के अधीन काम करने वाले राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने बांग्लादेश से पूर्वी भारत तक फैले सोने की तस्करी के गिरोह पर प्रहार किया है। 8 और 9 अक्टूबर 2026 को खुफिया सूचना के आधार पर चलाए गए अभियानों में एजेंसी ने लगभग 7.8 किलोग्राम विदेशी मूल का सोना जब्त किया, जिसकी कीमत 11.50 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है, और छह लोगों को गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई से सामने आया कि सीमावर्ती इलाकों से कोलकाता तक तस्करी का सोना पहुंचाने में सड़क और रेल, दोनों मार्गों का उपयोग हो रहा है।

सड़क मार्ग पर कार्रवाई

डीआरआई अधिकारियों ने डंकुनी टोल प्लाजा पर एक चार पहिया वाहन रोका। यह वाहन बांग्लादेश सीमा के निकट स्थित बानपुर से चलकर कोलकाता की ओर जा रहा था और इसमें चार लोग सवार थे। वाहन तथा सवारियों की तलाशी में 50 सोने की छड़ें मिलीं, जिनका वजन लगभग 6.8 किलोग्राम और कीमत करीब 10 करोड़ रुपये थी। कुछ छड़ों पर विदेशी निशान भी मिले। चारों में से कोई भी सोने पर वैध कब्जे का दस्तावेज नहीं दिखा सका और बयान में उन्होंने बांग्लादेश के रास्ते भारत में विदेशी सोना लाने की बात मानी। बानपुर सीमा क्षेत्र में सक्रिय गिरोह का सरगना भी इन्हीं चार लोगों में शामिल था।

रेल मार्ग पर कार्रवाई

उसी दिन पश्चिम बंगाल में डीआरआई टीमों ने मालदा टाउन रेलवे स्टेशन और न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों से उतरते यात्रियों की जांच की। उनके पास से लगभग 1 किलोग्राम विदेशी मूल का सोना मिला, जिसकी कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपये थी, और वैध खरीद का प्रमाण न दे पाने पर दो यात्री गिरफ्तार किए गए। यह सोना कुछ चूड़ियों और कुछ छड़ों के रूप में था तथा जांच में पता चला कि यह त्रिपुरा में भारत-बांग्लादेश सीमा पार से लाए गए सोने से बना था।

एक नजर में जब्ती

स्थानसोनाकीमत
डंकुनी टोल प्लाजा50 छड़ें, लगभग 6.8 किलोग्रामकरीब 10 करोड़ रुपये
मालदा टाउन और न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशनलगभग 1 किलोग्राम, चूड़ियां व छड़ेंकरीब 1.5 करोड़ रुपये

दोनों अभियान मिलकर यह संकेत देते हैं कि बांग्लादेश से सटी सीमा पट्टी तथा पूर्वोत्तर को कोलकाता जैसे बड़े बाजारों से जोड़ने वाले सड़क और रेल मार्ग तस्करी के सोने की आवाजाही के लिए लगातार इस्तेमाल हो रहे हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

एजेंसीराजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई)
मंत्रालयवित्त मंत्रालय
जब्त सोनालगभग 7.8 किलोग्राम विदेशी मूल का सोना
कीमत11.50 करोड़ रुपये से अधिक
अभियान की तिथि8 और 9 अक्टूबर 2026
सड़क मार्ग की जब्तीडंकुनी टोल प्लाजा पर 50 छड़ें, लगभग 6.8 किलोग्राम, करीब 10 करोड़ रुपये
रेल मार्ग की जब्तीमालदा टाउन व न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन पर लगभग 1 किलोग्राम, करीब 1.5 करोड़ रुपये
गिरफ्तारियांछह लोग, जिनमें बानपुर क्षेत्र के गिरोह का सरगना शामिल
सोने का स्रोतभारत-बांग्लादेश सीमा पार से तस्करी, त्रिपुरा के रास्ते भी

परीक्षा की दृष्टि से

ध्यान रखें: मात्रा लगभग 7.8 किलोग्राम, कीमत 11.50 करोड़ रुपये से अधिक, एजेंसी डीआरआई (वित्त मंत्रालय के अधीन), अभियान की तिथि 8-9 अक्टूबर 2026, स्थान डंकुनी टोल प्लाजा, बानपुर, मालदा टाउन व न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन, गिरफ्तार छह लोग तथा भारत-बांग्लादेश सीमा पर त्रिपुरा का संबंध।

अभ्यास प्रश्न

Q1.राष्ट्रीयआसान

डीआरआई ने अक्टूबर 2026 में पूर्वी क्षेत्र के अभियानों में कितना विदेशी मूल का सोना जब्त किया?

  1. A.लगभग 2.5 किलोग्राम
  2. B.लगभग 7.8 किलोग्राम
  3. C.लगभग 15 किलोग्राम
  4. D.लगभग 22 किलोग्राम
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. लगभग 7.8 किलोग्राम

व्याख्या

सही उत्तर लगभग 7.8 किलोग्राम है। राजस्व आसूचना निदेशालय ने 8 और 9 अक्टूबर 2026 को पूर्वी क्षेत्र में खुफिया सूचना के आधार पर चलाए गए अभियानों में इतना विदेशी मूल का सोना जब्त किया, जिसकी कीमत 11.50 करोड़ रुपये से अधिक थी, और छह लोगों को गिरफ्तार किया गया। यह कुल मात्रा दो कार्रवाइयों से बनी है, डंकुनी टोल प्लाजा पर रोके गए वाहन से मिली लगभग 6.8 किलोग्राम की 50 छड़ें और पश्चिम बंगाल के दो स्टेशनों पर यात्रियों से मिला करीब 1 किलोग्राम सोना। विकल्प A, C और D गलत हैं, क्योंकि इन अभियानों में ऐसी कोई मात्रा नहीं बताई गई; ये वे गोल आंकड़े हैं जो परीक्षा में असली आंकड़े के साथ रखे जाते हैं। दोनों आंकड़े साथ याद रखें, लगभग 7.8 किलोग्राम सोना और 11.50 करोड़ रुपये से अधिक कीमत।

Q2.राष्ट्रीयमध्यम

50 सोने की छड़ें ले जा रहे वाहन को डीआरआई ने किस टोल प्लाजा पर रोका?

  1. A.पालसिट टोल प्लाजा
  2. B.बारासात टोल प्लाजा
  3. C.डंकुनी टोल प्लाजा
  4. D.खड़गपुर टोल प्लाजा
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. डंकुनी टोल प्लाजा

व्याख्या

सही उत्तर डंकुनी टोल प्लाजा है। चार लोगों को लेकर जा रहा एक चार पहिया वाहन वहीं रोका गया, जो बांग्लादेश सीमा के पास बानपुर से कोलकाता की ओर बढ़ रहा था। तलाशी में लगभग 6.8 किलोग्राम वजन की 50 सोने की छड़ें मिलीं, जिनकी कीमत करीब 10 करोड़ रुपये थी और कुछ पर विदेशी निशान भी थे, तथा सवारियों में से कोई वैध कब्जे का दस्तावेज नहीं दिखा सका। बानपुर सीमा क्षेत्र में सक्रिय गिरोह का सरगना भी गिरफ्तार चार लोगों में शामिल था। विकल्प A, B और D पश्चिम बंगाल के अन्य स्थानों के नाम हैं और वहां यह कार्रवाई नहीं हुई, इसलिए वे गलत हैं। परीक्षा के लिए स्थानों का क्रम याद रखें, सीमा के पास बानपुर से शुरुआत, डंकुनी टोल प्लाजा पर पकड़ और कोलकाता गंतव्य।

Q3.राष्ट्रीयमध्यम

पश्चिम बंगाल में ट्रेन यात्रियों से जब्त सोना किस राज्य में सीमा पार से हुई तस्करी से जुड़ा पाया गया?

  1. A.त्रिपुरा
  2. B.असम
  3. C.मिजोरम
  4. D.मेघालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. त्रिपुरा

व्याख्या

सही उत्तर त्रिपुरा है। डीआरआई टीमों ने मालदा टाउन रेलवे स्टेशन और न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों से उतरते यात्रियों को रोककर लगभग 1 किलोग्राम विदेशी मूल का सोना जब्त किया, जिसकी कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपये थी और जो चूड़ियों तथा छड़ों के रूप में था। जांच में सामने आया कि यह सोना त्रिपुरा में भारत-बांग्लादेश सीमा पार से तस्करी कर लाए गए सोने से बनाया गया था, और वैध खरीद का प्रमाण न देने पर दो यात्री गिरफ्तार कर लिए गए। विकल्प B, C और D पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों के नाम हैं, जो भारत की पूर्वी सीमा पर स्थित हैं, लेकिन इस मामले में सोने का संबंध त्रिपुरा की सीमा पट्टी से जुड़ा। अभियानों का बड़ा संकेत यह था कि पूर्वोत्तर को कोलकाता जैसे बाजारों से जोड़ने वाले मार्ग तस्करी में उपयोग हो रहे हैं।

Q4.राष्ट्रीयआसान

राजस्व आसूचना निदेशालय किस मंत्रालय के अधीन कार्य करता है?

  1. A.गृह मंत्रालय
  2. B.वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
  3. C.वित्त मंत्रालय
  4. D.कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. वित्त मंत्रालय

व्याख्या

सही उत्तर वित्त मंत्रालय है। पूर्वी क्षेत्र में सोने की जब्ती की यह विज्ञप्ति इसी मंत्रालय ने जारी की, जिसके अधीन राजस्व आसूचना निदेशालय तस्करी और सीमा शुल्क से जुड़ी व्यापारिक धोखाधड़ी के विरुद्ध खुफिया कार्रवाई करने वाली शीर्ष एजेंसी के रूप में काम करता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि गृह मंत्रालय आंतरिक सुरक्षा तथा सीमा की रखवाली करने वाले केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को देखता है, राजस्व खुफिया को नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय व्यापार नीति और निर्यात संवर्धन का कार्य करता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय कंपनी कानून लागू करता है। याद रखें कि इस मामले में लगभग 7.8 किलोग्राम सोना जब्त हुआ और छह लोग गिरफ्तार किए गए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीआरआई ने पूर्वी क्षेत्र के अभियानों में कितना सोना जब्त किया?

लगभग 7.8 किलोग्राम विदेशी मूल का सोना, जिसकी कीमत 11.50 करोड़ रुपये से अधिक है। यह कार्रवाई 8 और 9 अक्टूबर 2026 को हुई और छह लोग गिरफ्तार किए गए।

सोने की छड़ें ले जा रहा वाहन कहां रोका गया?

डंकुनी टोल प्लाजा पर। वह बांग्लादेश सीमा के पास बानपुर से कोलकाता की ओर जा रहा था और उससे लगभग 6.8 किलोग्राम वजन की 50 सोने की छड़ें मिलीं, कीमत करीब 10 करोड़ रुपये।

यात्रियों से सोना किन रेलवे स्टेशनों पर जब्त हुआ?

पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन रेलवे स्टेशन और न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन पर, जहां दो यात्रियों से लगभग 1 किलोग्राम सोना मिला, जिसकी कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपये थी।

डीआरआई किस मंत्रालय के अधीन कार्य करता है?

राजस्व आसूचना निदेशालय वित्त मंत्रालय के अधीन कार्य करता है और तस्करी के विरुद्ध खुफिया जानकारी पर आधारित कार्रवाई करने वाली प्रमुख केंद्रीय एजेंसी है।

स्रोत

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