केंद्रीय पर्यावरण मंत्री के अनुसार भारत की विनियमित अपशिष्ट श्रेणियों में कितने कचरे का प्रसंस्करण हुआ है?
- A.299.60 लाख मीट्रिक टन
- B.399.60 लाख मीट्रिक टन
- C.499.60 लाख मीट्रिक टन
- D.599.60 लाख मीट्रिक टन
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 499.60 लाख मीट्रिक टन है। अपने-अपने नियमों वाली अपशिष्ट श्रेणियों में अब तक इतने कचरे का प्रसंस्करण हुआ है, और मंत्री ने इसे इस बात के प्रमाण के रूप में रखा कि नीतिगत इरादे मापी जा सकने वाली कार्रवाई में बदल रहे हैं। बाकी तीनों विकल्प जान-बूझकर दोनों दिशाओं में सौ लाख टन के अंतर पर रखे गए हैं, क्योंकि जिस परीक्षार्थी को केवल दशमलव का हिस्सा याद हो, उसके पास चुनने का कोई आधार नहीं बचेगा। विकल्प A और विकल्प B वास्तविक संख्या से कम हैं, जबकि विकल्प D उसे बढ़ा देता है। इस तरह के आंकड़े दोहराने का सुरक्षित तरीका यह है कि पहले शुरुआती अंक पक्का करें और दशमलव बाद में, तथा इसे उसी भाषण के दो पंजीकरण आंकड़ों, अर्थात उत्पादकों और रीसाइकलरों की संख्या के साथ जोड़कर याद रखें।
पूरा लेख पढ़ें: सीआईआई सम्मेलन में सर्कुलर इकोनॉमी पर भूपेंद्र यादव का आह्वान
अभ्यास प्रश्न
विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (ईपीआर) ढांचे में कितने रीसाइकलर पंजीकृत हैं?
- A.4,880
- B.8,604
- C.48,800
- D.86,043
उत्तर देखें
ईपीआर ढांचे में पंजीकृत रीसाइकलरों की संख्या इतनी है, जबकि पंजीकृत उत्पादक इससे कहीं अधिक हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संसाधनों के विनाशकारी उपभोग के बजाय सोच-समझकर उपयोग की अपील करने वाली किस पहल का मंत्री ने उल्लेख किया?
- A.स्वच्छ भारत मिशन
- B.लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट (LiFE)
- C.मिशन अमृत सरोवर
- D.राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम
उत्तर देखें
मंत्री ने इसका उल्लेख ठीक यह बात कहने के लिए किया कि केवल नियमों से सर्कुलर इकोनॉमी नहीं बनती, क्योंकि मांग का पक्ष इस पर टिका है कि व्यक्ति उपभोग कैसे करता है, और LiFE संसाधनों के विनाशकारी उपभोग के स्थान पर सोच-समझकर तथा सचेत उपयोग की अपील करती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सीएक्यूएम ने पंजाब और हरियाणा सरकारों के साथ अलग-अलग समीक्षा बैठकें किस शहर में कीं?
- A.नई दिल्ली
- B.चंडीगढ़
- C.लुधियाना
- D.पानीपत
उत्तर देखें
सही उत्तर चंडीगढ़ है, जो दोनों राज्यों की साझा राजधानी है, इसलिए आयोग उसी दिन दोनों सरकारों से अलग-अलग मिल सका।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सीएक्यूएम का कौन सा निर्देश ईंट भट्ठों में पराली से बने बायोमास पैलेट और ब्रिकेट का उपयोग अनिवार्य करता है?
- A.निर्देश संख्या 76
- B.निर्देश संख्या 88
- C.निर्देश संख्या 92
- D.निर्देश संख्या 99
उत्तर देखें
पंजाब तथा हरियाणा दोनों के साथ इसके अनुपालन की समीक्षा हुई, क्योंकि ईंट भट्ठों को पराली से बने पैलेट और ब्रिकेट पर लाने से अवशेष की स्थायी मांग बनती है और खेत में आग लगाने का कारण ही खत्म हो जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पंजाब और हरियाणा के साथ प्रदूषण नियंत्रण की समीक्षा करने वाले वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के अध्यक्ष कौन हैं?
- A.राजेश वर्मा
- B.भूपेंद्र यादव
- C.तन्मय कुमार
- D.अटल डुल्लू
उत्तर देखें
उन्होंने चंडीगढ़ में पंजाब और हरियाणा सरकारों के साथ हुई दो अलग-अलग समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता की, जिनमें जमीनी प्रवर्तन, जिला स्तर की तैयारी और फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों के उपयोग की पड़ताल हुई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →