मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24

संचार साथी पोर्टल पर 30 करोड़ से अधिक विजिट दर्ज

दूरसंचार विभाग ने बताया कि संचार साथी पोर्टल पर 30 करोड़ से अधिक विजिट हुईं, 60.96 लाख हैंडसेट ब्लॉक हुए और 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी रुकी।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
Read in English
संचार साथी पोर्टल पर 30 करोड़ से अधिक विजिट दर्ज — GK24 title card

चर्चा में क्यों

5 अक्टूबर 2026 को संचार मंत्रालय ने बताया कि संचार साथी पोर्टल पर 30 करोड़ से अधिक विजिट हुईं, 60.96 लाख हैंडसेट ब्लॉक किए गए और 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की संभावित ठगी रोकी गई।

संचार मंत्रालय ने 5 अक्टूबर 2026 को बताया कि संचार साथी पोर्टल पर मई 2023 में शुरू होने के बाद से 30 करोड़ से अधिक बार विजिट हुई है। यह पोर्टल दूरसंचार विभाग चलाता है और हर मोबाइल उपभोक्ता को दूरसंचार धोखाधड़ी से बचने के साधन देता है। मंत्रालय ने पोर्टल का उपयोग करने वाले नागरिकों को साइबर योद्धा कहा, क्योंकि एक शिकायत से कई दूसरे लोग भी बच जाते हैं।

पोर्टल पर उपलब्ध सेवाएं

  • चक्षु, जिसके जरिये फर्जी केवाईसी चेतावनी या झूठे नौकरी और ऋण प्रस्ताव जैसे संदिग्ध कॉल, एसएमएस और व्हाट्सऐप संदेशों की शिकायत की जा सकती है
  • अपने नाम पर चल रहे मोबाइल कनेक्शनों की जांच
  • खोए या चोरी हुए हैंडसेट को देश के सभी नेटवर्क पर ब्लॉक करना, उसकी ट्रेसिंग और मिलने पर अनब्लॉक करना
  • खरीद से पहले आईएमईआई नंबर से हैंडसेट की असलियत जांचना
  • भारतीय नंबर के भेष में आने वाली अंतरराष्ट्रीय कॉल की शिकायत
  • ट्रस्टेड कॉन्टैक्ट डिटेल्स, जिससे बैंकों के असली ग्राहक सेवा नंबर और वेबसाइट जांची जा सकें

अब तक के आंकड़े

डैशबोर्ड के अनुसार खोए या चोरी हुए 60.96 लाख हैंडसेट ब्लॉक किए गए, जिनमें 37.85 लाख की ट्रेसिंग हुई और 14 लाख से अधिक बरामद हुए। अपने नाम पर जारी कनेक्शनों से जुड़े 4 करोड़ से अधिक अनुरोध निपटाए गए हैं। चक्षु पर संदिग्ध संचार की 12.80 लाख सूचनाएं मिलीं, जिन पर 59.82 लाख मामलों में कार्रवाई हुई और 50 लाख से अधिक मोबाइल कनेक्शन काटे गए।

शिकायतें कहां पहुंचती हैं

नागरिकों की शिकायतें वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक (एफआरआई) को सूचना देती हैं, जो किसी मोबाइल नंबर के वित्तीय ठगी से जुड़े होने का जोखिम आंकता है। यह सूचना डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (डीआईपी) के जरिये बैंकों, भुगतान सेवा प्रदाताओं, दूरसंचार कंपनियों और पुलिस तक पहुंचती है, जिससे खाते से पैसा निकलने के पहले संदिग्ध लेनदेन रोका जा सके। मंत्रालय के अनुसार इस संकेतक से 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की संभावित साइबर ठगी रोकी गई है और यह प्लेटफॉर्म अब 1,600 से अधिक हितधारकों को जोड़ता है।

पहुंच और सलाह

संचार साथी मोबाइल ऐप अंग्रेजी, हिंदी और 21 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है और इसके डाउनलोड 2.8 करोड़ पार कर गए हैं। विभाग ने हर उपभोक्ता से कहा है कि वह अपने नाम के कनेक्शन जांचे और संदिग्ध संदेशों की शिकायत करे। जिनका पैसा जा चुका है, वे साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।

महत्वपूर्ण तथ्य

पोर्टलसंचार साथी, दूरसंचार विभाग का
मंत्रालयसंचार मंत्रालय
शुरुआतमई 2023
विजिट30 करोड़ से अधिक
ब्लॉक हैंडसेट60.96 लाख
ट्रेस और बरामद37.85 लाख ट्रेस, 14 लाख से अधिक बरामद
चक्षु पर सूचनाएं12.80 लाख, 59.82 लाख मामलों में कार्रवाई
काटे गए कनेक्शन50 लाख से अधिक
रुकी संभावित ठगीवित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक से 5,000 करोड़ रुपये से अधिक
डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म1,600 से अधिक हितधारक जुड़े
ऐप की भाषाएंअंग्रेजी, हिंदी और 21 क्षेत्रीय भाषाएं
साइबर अपराध हेल्पलाइन1930

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें कि संचार साथी दूरसंचार विभाग का पोर्टल है और मई 2023 में शुरू हुआ; डैशबोर्ड के आंकड़े 60.96 लाख हैंडसेट ब्लॉक, 37.85 लाख ट्रेस और 14 लाख बरामद; शिकायत का माध्यम चक्षु; वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक और डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म; 5,000 करोड़ रुपये की रुकी ठगी; तथा साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930।

अभ्यास प्रश्न

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक से कितनी से अधिक संभावित साइबर ठगी रोकी गई है?

  1. A.1,000 करोड़ रुपये
  2. B.2,500 करोड़ रुपये
  3. C.5,000 करोड़ रुपये
  4. D.10,000 करोड़ रुपये
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 5,000 करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 5,000 करोड़ रुपये है। वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक आंशिक रूप से संचार साथी पर नागरिकों की शिकायतों से बनता है और यह बताता है कि कोई मोबाइल नंबर वित्तीय ठगी से जुड़ा होने का कितना जोखिम रखता है। मंत्रालय के अनुसार इसी से 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की संभावित ठगी रुकी है। यह सूचना डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म के जरिये बैंकों, भुगतान सेवा प्रदाताओं, दूरसंचार कंपनियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों तक पहुंचती है, जो इसे अपनी लेनदेन निगरानी में जोड़ लेती हैं, ताकि खाते से पैसा निकलने के पहले संदिग्ध भुगतान रोका जा सके। विकल्प ए, बी और डी के आंकड़े वक्तव्य में नहीं हैं। दोनों नामों में अंतर याद रखें: संकेतक जोखिम का संदेश है, जबकि प्लेटफॉर्म वह माध्यम है जो उसे 1,600 से अधिक जुड़े हितधारकों तक ले जाता है।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

संचार साथी पोर्टल पर संदिग्ध संचार और स्पैम की शिकायत किस सुविधा से की जाती है?

  1. A.चक्षु
  2. B.ट्रस्टेड कॉन्टैक्ट डिटेल्स
  3. C.डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म
  4. D.कीप योरसेल्फ अवेयर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. चक्षु

व्याख्या

सही उत्तर चक्षु है। यह संचार साथी की वह सुविधा है जिससे नागरिक संदिग्ध कॉल, एसएमएस या व्हाट्सऐप संदेश की शिकायत कर सकता है, जिनमें फर्जी केवाईसी और बिल भुगतान चेतावनी, सरकारी, पुलिस या बैंक अधिकारी बनकर किया गया संपर्क तथा झूठे निवेश, नौकरी या ऋण प्रस्ताव शामिल हैं। चक्षु पर 12.80 लाख सूचनाएं मिलीं, जिनसे 59.82 लाख मामलों में कार्रवाई हुई और 50 लाख से अधिक मोबाइल कनेक्शन काटे गए। विकल्प बी यानी ट्रस्टेड कॉन्टैक्ट डिटेल्स अलग सेवा है, जिससे बैंकों और वित्तीय संस्थाओं के असली ग्राहक सेवा नंबर, ईमेल और वेबसाइट जांचे जाते हैं। विकल्प सी यानी डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म नागरिकों की सेवा नहीं, बल्कि वह सुरक्षित माध्यम है जो ठगी से जुड़ी सूचना बैंकों और पुलिस तक ले जाता है। विकल्प डी जागरूकता सामग्री का खंड है।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

संचार साथी के जरिये कितने खोए या चोरी हुए मोबाइल हैंडसेट ब्लॉक किए गए हैं?

  1. A.37.85 लाख
  2. B.48.50 लाख
  3. C.60.96 लाख
  4. D.72.40 लाख
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 60.96 लाख

व्याख्या

सही उत्तर 60.96 लाख है। संचार साथी के डैशबोर्ड के अनुसार सभी दूरसंचार कंपनियों के नेटवर्क पर 60.96 लाख खोए या चोरी हुए हैंडसेट ब्लॉक किए गए, इनमें 37.85 लाख की ट्रेसिंग हुई और 14 लाख से अधिक वास्तव में बरामद होकर मालिकों तक लौटे। विकल्प ए यानी 37.85 लाख ब्लॉक किए गए नहीं, बल्कि ट्रेस किए गए हैंडसेट की संख्या है, इसलिए यही सबसे तीखा भ्रम है; ब्लॉक, ट्रेस और बरामद, तीनों चरण इसी क्रम में याद करें। विकल्प बी और डी गढ़े गए आंकड़े हैं। प्रक्रिया यह है कि शिकायत के बाद ब्लॉक हुआ हैंडसेट देश में कहीं भी उपयोग नहीं हो सकता और उसे चलाने की कोशिश होते ही ट्रेसिंग सूचना बनती है, जो पुलिस को दी जाती है; बरामदगी विभाग, दूरसंचार कंपनियों और राज्य पुलिस के तालमेल से होती है।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

अंग्रेजी और हिंदी के अलावा संचार साथी मोबाइल ऐप कितनी क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है?

  1. A.12
  2. B.18
  3. C.21
  4. D.25
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 21

व्याख्या

सही उत्तर 21 है। संचार साथी मोबाइल ऐप अंग्रेजी, हिंदी और 21 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है, ताकि देश के किसी भी कोने का उपभोक्ता यही सेवाएं अपनी भाषा में पा सके, और इसके कुल डाउनलोड 2.8 करोड़ पार कर चुके हैं। विकल्प ए, बी और डी देखने में संभव लगते हैं पर गलत हैं, और अभ्यर्थी प्रायः इस संख्या को संविधान की आठवीं अनुसूची में दर्ज भाषाओं की संख्या से भ्रमित कर देते हैं, जो पूरी तरह अलग विषय है। यह बहुभाषी ऐप पोर्टल के साथ काम करता है, जहां सार्वजनिक डैशबोर्ड और दूरसंचार सुरक्षा तथा ठगी से बचाव की जागरूकता सामग्री रहती है। ऐप की भाषाओं को डाउनलोड के आंकड़े के साथ याद रखें और इन्हें पोर्टल के आंकड़ों, जैसे मई 2023 से दर्ज 30 करोड़ विजिट, से अलग रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संचार साथी पोर्टल कौन चलाता है?

संचार मंत्रालय के अधीन दूरसंचार विभाग। यह पोर्टल मई 2023 में शुरू हुआ था और अब इस पर 30 करोड़ से अधिक विजिट हो चुकी हैं।

संचार साथी पर चक्षु किस काम आता है?

संदिग्ध संचार और स्पैम की शिकायत के लिए, जैसे फर्जी केवाईसी या बिल भुगतान चेतावनी, सरकारी, पुलिस या बैंक अधिकारी बनकर की गई कॉल, तथा झूठे निवेश, नौकरी या ऋण प्रस्ताव। इस पर अब तक 12.80 लाख सूचनाएं मिली हैं।

वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक से कितनी ठगी रुकी है?

5,000 करोड़ रुपये से अधिक की संभावित साइबर ठगी। यह संकेतक मोबाइल नंबरों का जोखिम आंकता है और सूचना डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म से साझा करता है।

साइबर अपराध का शिकार व्यक्ति किस नंबर पर शिकायत करे?

साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर। शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी दर्ज की जा सकती है।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 5 अक्टूबर 2026

  1. यूसीआईएल ने जादूगोड़ा में मनाया हीरक जयंती वर्षविज्ञान और प्रौद्योगिकी
  2. टीडीबी ने प्रोजेक्ट वीरएआई को 130 करोड़ रुपये दिएविज्ञान और प्रौद्योगिकी
  3. भारत और स्विट्जरलैंड ने गतिशीलता तथा अवसंरचना समझौते किएअंतरराष्ट्रीय
  4. अवसंरचना से घटा यात्रा समय, 549 रेलगाड़ियों की गति बढ़ीराष्ट्रीय
  5. कोल इंडिया का उठाव पहली छमाही में 384.2 मिलियन टन पहुंचाअर्थव्यवस्था
  6. गडकरी ने राजमार्ग अवसंरचना पर चिंतन शिविर 2026 का उद्घाटन कियाशिखर सम्मेलन
  7. डीएसटी का स्वच्छता ही सेवा 2026, 110 सफाई मित्र सम्मानितसरकारी योजनाएं
  8. कूनो में चीता केजेपी21 ने 5 शावकों को जन्म दिया, आबादी 60 पहुंचीपर्यावरण
आज का क्विज25 प्रश्नपूरा संस्करण पढ़ें →
इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLSSC CHSL