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राष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण खेल 2026 तालकटोरा स्टेडियम में शुरू

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में राष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण खेल 2026 का उद्घाटन किया और अंगदान को महादान बताया।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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राष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण खेल 2026 तालकटोरा स्टेडियम में शुरू — GK24 title card

चर्चा में क्यों

1 नवंबर 2026 को उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में राष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण खेल 2026 का उद्घाटन किया, जहां 570 प्रत्यारोपण प्राप्तकर्ताओं और अंगदाताओं ने एक साथ ताड़ासन कर विश्व रिकॉर्ड बनाया।

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने 1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में राष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण खेल 2026 का उद्घाटन किया। इस आयोजन में अंग प्रत्यारोपण करा चुके लोग, जीते-जी अंग देने वाले दानकर्ता और दिवंगत दानकर्ताओं के परिजन एक ही मंच पर आए। इसका मकसद अंगदान की बात को आम लोगों की रोजमर्रा की चर्चा तक पहुंचाना है।

आयोजन किसने कराया

यह आयोजन रीनल केयर फाउंडेशन ने सर गंगा राम अस्पताल और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन काम करने वाले राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (नोट्टो) के साथ मिलकर कराया। सर गंगा राम ट्रस्ट सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. डी. एस. राणा इन खेलों के मुख्य संरक्षक हैं और डॉ. ए. के. भल्ला आयोजन अध्यक्ष हैं। नोट्टो के निदेशक डॉ. अनिल कुमार भी इस मौके पर स्टेडियम में मौजूद रहे।

अंगदान को कहा महादान

उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन में अंगदान को महादान यानी सबसे बड़ा दान बताया और महर्षि दधीचि के त्याग को दूसरों के लिए स्वयं को अर्पित करने की पुरानी भारतीय मिसाल कहा। उन्होंने कहा कि एक दिवंगत अंगदाता आठ लोगों तक की जान बचा सकता है। उन्होंने कहा कि अंगदान के बारे में फैली भ्रांतियां दूर करनी होंगी और हर व्यक्ति को अपनी इच्छा अपने परिजनों को बतानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने 'मन की बात' में इस विषय को बार-बार उठाकर इस मुहिम को देश में गति दी है।

ताड़ासन का विश्व रिकॉर्ड

दिन का सबसे बड़ा आकर्षण वह रिकॉर्ड प्रयास रहा, जिसमें 570 प्रत्यारोपण प्राप्तकर्ताओं और अंगदाताओं ने एक साथ ताड़ासन किया। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, नई दिल्ली ने आयोजकों को इतनी बड़ी संख्या में यह योग मुद्रा करने के लिए प्रमाण पत्र सौंपा। उपराष्ट्रपति ने 'जिंदगी दोबारा' कैलेंडर जारी किया और जर्मनी के ड्रेसडेन में हुए विश्व प्रत्यारोपण खेल 2025 के पदक विजेताओं को सम्मानित भी किया।

कौन-कौन मौजूद रहा

स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव और लोक सभा सांसद बांसुरी स्वराज इस अवसर पर उपस्थित रहे। उपराष्ट्रपति ने सभी के साथ अंगदान की शपथ ली और कबड्डी, टेबल टेनिस तथा बैडमिंटन के प्रदर्शन मैच भी देखे। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन उन मरीजों के लिए उम्मीद बनते हैं जो अब भी प्रत्यारोपण की राह देख रहे हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनराष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण खेल 2026
उद्घाटनउपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन
तिथि1 नवंबर 2026
स्थानतालकटोरा स्टेडियम, नई दिल्ली
आयोजकरीनल केयर फाउंडेशन, सर गंगा राम अस्पताल और नोट्टो
नोडल संस्थाराष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (नोट्टो), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
विश्व रिकॉर्ड570 प्रत्यारोपण प्राप्तकर्ताओं और अंगदाताओं ने एक साथ ताड़ासन किया
प्रमाणनवर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, नई दिल्ली
जारी किया गया'जिंदगी दोबारा' कैलेंडर
सम्मानितविश्व प्रत्यारोपण खेल 2025, ड्रेसडेन (जर्मनी) के पदक विजेता
प्रदर्शन मैचकबड्डी, टेबल टेनिस और बैडमिंटन
नोट्टो निदेशकडॉ. अनिल कुमार

परीक्षा की दृष्टि से

स्थान (तालकटोरा स्टेडियम, नई दिल्ली), उद्घाटन करने वाले (उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन), आयोजक (रीनल केयर फाउंडेशन, सर गंगा राम अस्पताल और नोट्टो), ताड़ासन का रिकॉर्ड आंकड़ा 570, प्रमाणित करने वाली संस्था (वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, नई दिल्ली), जारी कैलेंडर ('जिंदगी दोबारा') और विश्व प्रत्यारोपण खेल 2025 का स्थान (ड्रेसडेन, जर्मनी) याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.राष्ट्रीयआसान

राष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण खेल 2026 का उद्घाटन किस स्थान पर हुआ?

  1. A.जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, नई दिल्ली
  2. B.तालकटोरा स्टेडियम, नई दिल्ली
  3. C.इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम, नई दिल्ली
  4. D.मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम, नई दिल्ली
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. तालकटोरा स्टेडियम, नई दिल्ली

उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने राजधानी के तालकटोरा स्टेडियम में राष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण खेल 2026 की शुरुआत की। इस आयोजन में प्रत्यारोपण करा चुके लोग, जीवित अंगदाता और दिवंगत दानकर्ताओं के परिजन शामिल हुए।

Q2.राष्ट्रीयमध्यम

राष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण खेल में एक साथ ताड़ासन कर विश्व रिकॉर्ड बनाने वाले प्रत्यारोपण प्राप्तकर्ताओं और अंगदाताओं की संख्या कितनी थी?

  1. A.370
  2. B.470
  3. C.570
  4. D.670
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 570

इन खेलों में एक रिकॉर्ड प्रयास हुआ, जिसमें 570 प्रत्यारोपण प्राप्तकर्ताओं और अंगदाताओं ने एक ही समय पर ताड़ासन किया।

Q3.राष्ट्रीयमध्यम

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन कार्यरत कौन-सी संस्था राष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण खेल 2026 की आयोजकों में शामिल थी?

  1. A.भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर)
  2. B.राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (नोट्टो)
  3. C.राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए)
  4. D.केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ)
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (नोट्टो)

ये खेल रीनल केयर फाउंडेशन, सर गंगा राम अस्पताल और नोट्टो ने मिलकर कराए, और नोट्टो स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन काम करता है।

Q4.राष्ट्रीयकठिन

राष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण खेल में सम्मानित विश्व प्रत्यारोपण खेल 2025 के पदक विजेताओं ने किस शहर में भाग लिया था?

  1. A.ड्रेसडेन, जर्मनी
  2. B.पर्थ, ऑस्ट्रेलिया
  3. C.मलागा, स्पेन
  4. D.न्यूकैसल, इंग्लैंड
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. ड्रेसडेन, जर्मनी

तालकटोरा स्टेडियम के कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति ने विश्व प्रत्यारोपण खेल 2025 के पदक विजेताओं को सम्मानित किया, जो जर्मनी के ड्रेसडेन में हुए थे, और उन्होंने जिंदगी दोबारा कैलेंडर भी जारी किया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण खेल 2026 का उद्घाटन कहां हुआ?

नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में, जहां 1 नवंबर 2026 को उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने इसका उद्घाटन किया। आयोजन रीनल केयर फाउंडेशन, सर गंगा राम अस्पताल और नोट्टो ने कराया।

इन खेलों में कौन-सा विश्व रिकॉर्ड बना?

570 प्रत्यारोपण प्राप्तकर्ताओं और अंगदाताओं ने एक साथ ताड़ासन किया। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, नई दिल्ली ने आयोजकों को इतनी बड़ी संख्या में यह योग मुद्रा करने का प्रमाण पत्र दिया।

विश्व प्रत्यारोपण खेल 2025 कहां हुए थे?

जर्मनी के ड्रेसडेन में। उपराष्ट्रपति ने नई दिल्ली के इस कार्यक्रम में उनके पदक विजेताओं को सम्मानित किया।

उपराष्ट्रपति ने अंगदान को महादान क्यों कहा?

उन्होंने इसे सबसे बड़ा दान बताया, क्योंकि एक दिवंगत अंगदाता आठ लोगों तक की जान बचा सकता है। उन्होंने महर्षि दधीचि के त्याग को इसकी पुरानी भारतीय मिसाल बताया।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLSSC CHSL