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पंप्ड स्टोरेज: भारत में 345.38 गीगावाट क्षमता चिह्नित

पीआईबी के बैकग्राउंडर के अनुसार भारत में 320 पंप्ड स्टोरेज स्थल चिह्नित हैं, जिनकी कुल क्षमता 345.38 गीगावाट है, जबकि 10 परियोजनाओं में 7.43 गीगावाट परिचालन में है।

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पंप्ड स्टोरेज: भारत में 345.38 गीगावाट क्षमता चिह्नित

चर्चा में क्यों

पत्र सूचना कार्यालय ने 19 अक्टूबर 2026 को पंप्ड स्टोरेज जलविद्युत पर बैकग्राउंडर प्रकाशित किया, जिसमें देश की परिचालन क्षमता, 345.38 गीगावाट की चिह्नित संभावना और इन परियोजनाओं को तेज करने के उपाय एक जगह दिए गए हैं।

पत्र सूचना कार्यालय ने 19 अक्टूबर 2026 को पंप्ड स्टोरेज जलविद्युत पर एक बैकग्राउंडर जारी किया। इसमें बताया गया है कि वॉटर बैटरी कहलाने वाली यह तकनीक भारत की स्वच्छ ऊर्जा योजनाओं में कहां बैठती है। ऐसी परियोजना में, जब बिजली अतिरिक्त होती है तब निचले जलाशय से पानी ऊपरी जलाशय में पहुंचाया जाता है और मांग बढ़ने पर वही पानी टर्बाइनों से गुजारकर बिजली बनाई जाती है। बीच की अवधि में ऊर्जा स्थितिज ऊर्जा के रूप में जमा रहती है।

भंडारण की जरूरत क्यों बढ़ी

जुलाई 2026 तक देश की स्थापित गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित उत्पादन क्षमता 300 गीगावाट के पार पहुंच गई। वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 55.29 गीगावाट ऐसी क्षमता जोड़ी गई और वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट का लक्ष्य रखा गया है। धूप और हवा मांग के हिसाब से नहीं मिलती, इसलिए केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने वित्त वर्ष 2031-32 तक 73.93 गीगावाट भंडारण क्षमता की जरूरत आंकी है। इसमें 26.69 गीगावाट पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं से और 47.24 गीगावाट बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों से आने की उम्मीद है। बैटरियां थोड़े समय की जरूरत और आवृत्ति नियंत्रण में काम आती हैं, जबकि पंप्ड स्टोरेज बड़ी मात्रा में बिजली घंटों तक टाल सकती है।

देश की वर्तमान स्थिति

  • परिचालन में: अगस्त 2026 तक 10 परियोजनाओं में 7.43 गीगावाट, हर परियोजना 25 मेगावाट से बड़ी
  • निर्माणाधीन या कार्यान्वयन चरण में: 11 परियोजनाओं में 15.87 गीगावाट
  • प्राधिकरण की सहमति या मूल्यांकन के बाद: 8 परियोजनाओं में 10.40 गीगावाट

क्षेत्रवार संभावना

देश में 320 स्थल चिह्नित हैं, जिनकी कुल क्षमता 345.38 गीगावाट है। इनमें 62 ऑन-स्ट्रीम योजनाएं 56.67 गीगावाट की और 258 ऑफ-स्ट्रीम योजनाएं 288.71 गीगावाट की हैं। सबसे आगे पश्चिमी क्षेत्र है, जहां 129.72 गीगावाट की संभावना है। प्राधिकरण इसका कारण पश्चिमी घाट से निकलने वाली नदियों की तीव्र ढाल और स्थलाकृति मानता है। अकेले महाराष्ट्र में 67.36 गीगावाट और गुजरात में 33.36 गीगावाट की क्षमता है। इसके बाद दक्षिणी क्षेत्र में 97.76 गीगावाट, पूर्वी क्षेत्र में 53.41 गीगावाट जिसमें ओडिशा का हिस्सा 41.53 गीगावाट है, उत्तरी क्षेत्र में 50.32 गीगावाट और पूर्वोत्तर क्षेत्र में 14.18 गीगावाट की संभावना है।

तीन प्रकार और दुनिया का हिसाब

जलाशय प्राकृतिक जलधाराओं के संबंध में कहां स्थित हैं, इसी आधार पर योजनाओं के तीन प्रकार बनते हैं। ऑन-स्ट्रीम में दोनों जलाशय नदी, जलधारा या नाले पर होते हैं; ऑफ-स्ट्रीम ओपन-लूप में केवल एक जलाशय ऐसा होता है; और ऑफ-स्ट्रीम क्लोज्ड-लूप में कोई भी जलाशय बारहमासी जलधारा पर नहीं होता। नदियों से दूर वाले स्थल ढूंढने पर जोर है, क्योंकि वे जल्दी बनते हैं और जलीय पारिस्थितिकी पर कम असर डालते हैं। अंतरराष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा एजेंसी के अनुसार वर्ष 2025 के अंत में दुनिया की स्थापित पंप्ड हाइड्रो क्षमता 159.8 गीगावाट थी, जिसमें चीन की हिस्सेदारी लगभग 66 गीगावाट, जापान की करीब 22 गीगावाट और अमेरिका की लगभग 19 गीगावाट रही। भारत 7.18 गीगावाट के साथ चौथे स्थान पर था।

सरकार के कदम

विद्युत मंत्रालय ने अप्रैल 2023 में इन परियोजनाओं के विकास के लिए अलग दिशानिर्देश अधिसूचित किए और फरवरी 2025 में टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली के दिशानिर्देश जारी किए। 30 जून 2028 तक निर्माण के लिए आवंटित परियोजना को वाणिज्यिक संचालन से 25 वर्ष तक अंतर-राज्यीय पारेषण शुल्क में पूरी छूट मिलती है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट पर सहमति की अवधि 90 दिन से घटाकर 50 दिन कर दी गई है। प्राधिकरण की रूपरेखा के अनुसार वर्ष 2035-36 तक 100.81 गीगावाट क्षमता चालू होनी है, जिससे संचयी क्षमता 105.56 गीगावाट हो जाएगी।

महत्वपूर्ण तथ्य

विषयपंप्ड स्टोरेज जलविद्युत, पीआईबी बैकग्राउंडर, 19 अक्टूबर 2026
चिह्नित संभावना320 परियोजनाओं में 345.38 गीगावाट
परिचालन क्षमता10 परियोजनाओं में 7.43 गीगावाट (अगस्त 2026)
निर्माणाधीन11 परियोजनाओं में 15.87 गीगावाट
प्राधिकरण का अनुमानवित्त वर्ष 2031-32 तक 73.93 गीगावाट (26.69 पीएसपी, 47.24 बीईएसएस)
अग्रणी क्षेत्रपश्चिमी क्षेत्र, 129.72 गीगावाट
विश्व क्षमता, 2025 के अंत में159.8 गीगावाट; भारत 7.18 गीगावाट के साथ चौथे स्थान पर
प्रकारऑन-स्ट्रीम, ऑफ-स्ट्रीम ओपन-लूप, ऑफ-स्ट्रीम क्लोज्ड-लूप
नीतिविद्युत मंत्रालय के अप्रैल 2023 के दिशानिर्देश, फरवरी 2025 की बोली व्यवस्था

परीक्षा की दृष्टि से

आंकड़े याद रखें: 320 स्थलों पर 345.38 गीगावाट की संभावना, 10 परियोजनाओं में 7.43 गीगावाट परिचालन में, 15.87 गीगावाट निर्माणाधीन, वित्त वर्ष 2031-32 के लिए 73.93 गीगावाट का अनुमान जिसमें 26.69 गीगावाट पंप्ड स्टोरेज और 47.24 गीगावाट बैटरी, पश्चिमी क्षेत्र 129.72 गीगावाट के साथ पहले स्थान पर, और वर्ष 2025 के अंत में भारत 7.18 गीगावाट के साथ चौथे स्थान पर। तीन प्रकार और अप्रैल 2023 के दिशानिर्देश भी देख लें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.पर्यावरणआसान

पीआईबी बैकग्राउंडर के अनुसार भारत में पंप्ड स्टोरेज की कुल कितनी संभावना चिह्नित की गई है?

  1. A.288.71 गीगावाट
  2. B.345.38 गीगावाट
  3. C.105.56 गीगावाट
  4. D.159.8 गीगावाट
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 345.38 गीगावाट

देश में 320 पंप्ड स्टोरेज स्थल चिह्नित किए गए हैं और उनकी क्षमताओं का जोड़ यही बैठता है। ये स्थल देश के सभी पांच क्षेत्रों में फैले हैं और विकास के अलग-अलग चरणों में हैं, जिनमें पहले से चालू परियोजनाएं भी गिनी गई हैं।

Q2.पर्यावरणमध्यम

पंप्ड स्टोरेज की सर्वाधिक चिह्नित संभावना भारत के किस क्षेत्र में है?

  1. A.दक्षिणी क्षेत्र
  2. B.उत्तरी क्षेत्र
  3. C.पश्चिमी क्षेत्र
  4. D.पूर्वी क्षेत्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. पश्चिमी क्षेत्र

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण इसका कारण वहां की स्थलाकृति और पश्चिमी घाट से निकलने वाली नदियों की तीव्र ढाल बताता है, क्योंकि पंप्ड स्टोरेज के लिए दो जलाशयों के बीच ऊंचाई का अंतर जरूरी होता है।

Q3.पर्यावरणमध्यम

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अनुमान के अनुसार वित्त वर्ष 2031-32 तक भारत को कितनी भंडारण क्षमता चाहिए होगी?

  1. A.73.93 गीगावाट
  2. B.26.69 गीगावाट
  3. C.47.24 गीगावाट
  4. D.100.81 गीगावाट
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 73.93 गीगावाट

सौर और पवन क्षमता बढ़ने पर जब उत्पादन मांग से अधिक होगा तब बिजली जमा करनी होगी और जब उत्पादन घटेगा तब वही बिजली लौटानी होगी, इसलिए प्राधिकरण ने वित्त वर्ष 2031-32 तक इतनी भंडारण क्षमता की आवश्यकता आंकी है।

Q4.पर्यावरणकठिन

वर्ष 2025 के अंत में स्थापित पंप्ड स्टोरेज क्षमता के मामले में भारत का स्थान कौन सा था?

  1. A.दूसरा
  2. B.तीसरा
  3. C.चौथा
  4. D.पांचवां
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. चौथा

अंतरराष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा एजेंसी के अनुसार वर्ष 2025 के अंत में दुनिया की स्थापित पंप्ड हाइड्रो क्षमता 159.8 गीगावाट थी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत में पंप्ड स्टोरेज की कितनी संभावना चिह्नित की गई है?

320 परियोजनाओं में कुल 345.38 गीगावाट, जिसमें 62 ऑन-स्ट्रीम योजनाएं 56.67 गीगावाट की और 258 ऑफ-स्ट्रीम योजनाएं 288.71 गीगावाट की हैं। सबसे अधिक 129.72 गीगावाट पश्चिमी क्षेत्र में है।

देश में पंप्ड स्टोरेज की कितनी क्षमता चालू है?

अगस्त 2026 तक 10 परियोजनाओं में 7.43 गीगावाट, और हर परियोजना 25 मेगावाट से बड़ी है। इसके अलावा 11 परियोजनाओं में 15.87 गीगावाट निर्माणाधीन है तथा 8 परियोजनाओं में 10.40 गीगावाट पर सहमति है।

पंप्ड स्टोरेज क्षमता में भारत का स्थान कौन सा है?

चौथा। वर्ष 2025 के अंत में दुनिया की स्थापित क्षमता 159.8 गीगावाट थी, जिसमें चीन लगभग 66 गीगावाट, जापान करीब 22 गीगावाट, अमेरिका लगभग 19 गीगावाट और भारत 7.18 गीगावाट पर रहा।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS