मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24

प्रूफ रेंज उपयोग की संशोधित एसओपी को मंजूरी मिली

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संशोधित एसओपी को मंजूरी दी, जिससे भारतीय रक्षा उद्योग रक्षा मंत्रालय के प्रूफ रेंज, फील्ड फायरिंग रेंज तथा परीक्षण सुविधाओं का उपयोग कर सकेगा।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
Read in English
प्रूफ रेंज उपयोग की संशोधित एसओपी को मंजूरी मिली — GK24 title card

चर्चा में क्यों

7 अक्टूबर 2026 को रक्षा मंत्री ने संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया को मंजूरी दी, जो भारतीय रक्षा उद्योग के लिए रक्षा मंत्रालय के प्रूफ रेंज, फील्ड फायरिंग रेंज और प्रयोगशाला परीक्षण सुविधाओं का उपयोग सरल बनाती है।

भारत के सरकारी और निजी रक्षा निर्माताओं को 7 अक्टूबर 2026 को सरकार के फायरिंग तथा परीक्षण स्थलों तक आसान पहुंच मिल गई। रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने उस संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को मंजूरी दे दी, जो भारतीय रक्षा उद्योग को रक्षा मंत्रालय के प्रूफ रेंज, फील्ड फायरिंग रेंज तथा परीक्षण सुविधाओं के उपयोग का रास्ता देती है। नया दस्तावेज इन रेंज तथा प्रयोगशाला परीक्षण सुविधाओं के आवंटन और उपयोग का विस्तृत पर सरल रास्ता तय करता है, और उसके साथ लगने वाले प्रारूप भी देता है।

परीक्षण शुल्क माफ

सबसे बड़ा बदलाव पैसे का है। आईडीईएक्स, प्रौद्योगिकी विकास निधि (टीडीएफ), मेक प्रक्रिया तथा मंत्रालय की अन्य विकासात्मक योजनाओं के तहत चलने वाली परियोजनाओं के लिए प्रूफ और परीक्षण शुल्क माफ कर दिए गए हैं। इसका घोषित उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ाना है, क्योंकि किसी हथियार या उप-प्रणाली को प्रमाणित कराने की कोशिश करती नई कंपनी के लिए रेंज का समय लंबे समय से भारी खर्च रहा है।

दस्तावेज में क्या है

शुल्क माफी किसके लिएआईडीईएक्स, टीडीएफ, मेक तथा मंत्रालय की अन्य विकासात्मक परियोजनाएं
सूचीबद्ध सुविधाएंप्रूफ रेंज, फील्ड फायरिंग रेंज और प्रयोगशाला परीक्षण सुविधाएं
किनके पासडीआरडीओ, सरकारी गुणवत्ता आश्वासन एजेंसियां और तीनों सेनाएं
विवाद का रास्तामध्यस्थता की जगह सुलह समझौता खंड
आरक्षित समयप्रति तिमाही तीन दिन का स्लॉट

एसओपी एक ही जगह बताती है कि डीआरडीओ, सरकारी गुणवत्ता आश्वासन एजेंसियों और तीनों सेनाओं के पास कौन-कौन से प्रूफ रेंज, फील्ड फायरिंग रेंज तथा प्रयोगशाला परीक्षण सुविधाएं हैं, और उद्योग इनमें से किनका उपयोग कर सकता है। जहां शुल्क लागू है, वहां उसकी गणना और भुगतान की विधि भी इसी दस्तावेज में शामिल कर दी गई है, जिससे कंपनी को नियम या प्रारूप ढूंढना नहीं पड़ेगा।

मध्यस्थता की जगह सुलह

एक कम चर्चित पर महत्वपूर्ण बदलाव विवाद खंड में है। पुरानी एसओपी असहमति को मध्यस्थता में भेजती थी, संशोधित एसओपी उसकी जगह सरल और उद्योग-अनुकूल सुलह समझौता खंड लाती है। तर्क व्यापार सुगमता का है, क्योंकि रेंज बुकिंग या शुल्क पर अटके घरेलू निर्माता को लंबी कानूनी प्रक्रिया की जगह जल्दी उत्तर मिलना चाहिए।

विकास कार्य के लिए आरक्षित समय

अंत में, संशोधित प्रक्रिया प्रूफ रेंज में विकासात्मक परियोजनाओं की परीक्षण फायरिंग के लिए प्रति तिमाही तीन दिन का समय खाली रखती है। यह आरक्षण आईडीईएक्स, टीडीएफ, मेक तथा मंत्रालय की अन्य योजनाओं के तहत सरकार द्वारा प्रायोजित कार्य पर लागू है, और उन परियोजनाओं पर भी जो कंपनी ने अपनी पहल पर शुरू की हैं, जो किसी ऑर्डर से पहले उत्पाद बनाने वाली कंपनियों के लिए मायने रखता है। मंत्रालय के अनुसार संशोधित एसओपी का उद्देश्य रेंज तथा परीक्षण सुविधाओं तक सरल, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल पहुंच देना है, साथ ही स्वदेशीकरण, नवाचार और रक्षा निर्यात को बढ़ावा देना तथा विकासात्मक परियोजनाओं को परीक्षण सहायता देना है।

महत्वपूर्ण तथ्य

निर्णयरक्षा मंत्रालय के प्रूफ रेंज, फील्ड फायरिंग रेंज तथा परीक्षण सुविधाओं के उपयोग हेतु संशोधित एसओपी
मंजूरीरक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह
तिथि7 अक्टूबर 2026
शुल्क माफीआईडीईएक्स, टीडीएफ, मेक तथा मंत्रालय की अन्य विकासात्मक परियोजनाएं
घोषित लक्ष्यरक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता
सूचीबद्ध सुविधाएंप्रूफ रेंज, फील्ड फायरिंग रेंज और प्रयोगशाला परीक्षण सुविधाएं
किनके पासडीआरडीओ, सरकारी गुणवत्ता आश्वासन एजेंसियां और तीनों सेनाएं
विवाद तंत्रमध्यस्थता की जगह सुलह समझौता खंड
आरक्षित स्लॉटविकासात्मक परियोजनाओं के लिए प्रति तिमाही तीन दिन
व्यापक उद्देश्यस्वदेशीकरण, नवाचार और रक्षा निर्यात

परीक्षा की दृष्टि से

संशोधित एसओपी किसने मंजूर की, शुल्क माफी की चार श्रेणियां (आईडीईएक्स, टीडीएफ, मेक और मंत्रालय की अन्य विकासात्मक परियोजनाएं), सुविधाएं रखने वाले तीन वर्ग (डीआरडीओ, सरकारी गुणवत्ता आश्वासन एजेंसियां, तीनों सेनाएं), मध्यस्थता की जगह सुलह समझौता खंड और प्रति तिमाही तीन दिन का आरक्षित स्लॉट याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.रक्षाआसान

अक्टूबर 2026 में मंजूर संशोधित एसओपी के तहत प्रूफ और परीक्षण शुल्क किन परियोजनाओं के लिए माफ किए गए हैं?

  1. A.केवल विदेशी सहयोग वाली परियोजनाओं के लिए
  2. B.आईडीईएक्स, टीडीएफ, मेक और मंत्रालय की अन्य विकासात्मक परियोजनाओं के लिए
  3. C.केवल आयुध निर्माणियों की परियोजनाओं के लिए
  4. D.केवल एक निश्चित मूल्य से अधिक के निर्यात ऑर्डर के लिए
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. आईडीईएक्स, टीडीएफ, मेक और मंत्रालय की अन्य विकासात्मक परियोजनाओं के लिए

व्याख्या

सही उत्तर आईडीईएक्स, टीडीएफ, मेक और रक्षा मंत्रालय की अन्य विकासात्मक परियोजनाएं है। इन परियोजनाओं के लिए प्रूफ तथा परीक्षण शुल्क माफ करना संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया की सबसे बड़ी वित्तीय राहत है, और इसका घोषित कारण रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। विकल्प A गलत है, क्योंकि विदेशी सहयोग वाले कार्य के लिए कोई छूट घोषित नहीं हुई, यह उपाय सीधे स्वदेशी उद्योग के लिए है। विकल्प C गलत है, क्योंकि राहत संस्थान के प्रकार से नहीं बल्कि विकासात्मक परियोजना के प्रकार से तय होती है, और प्रक्रिया पूरे भारतीय रक्षा उद्योग के लिए लिखी गई है। विकल्प D भी गलत है, क्योंकि छूट के लिए कोई निर्यात मूल्य सीमा तय नहीं की गई, हालांकि दस्तावेज अपने व्यापक उद्देश्यों में रक्षा निर्यात को सहारा देने की बात कहता है। साथ में यह भी याद रखें कि प्रक्रिया में डीआरडीओ, सरकारी गुणवत्ता आश्वासन एजेंसियों तथा तीनों सेनाओं के पास उपलब्ध रेंज और प्रयोगशालाओं की सूची दी गई है।

Q2.रक्षामध्यम

संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया में मध्यस्थता के प्रावधान की जगह क्या रखा गया है?

  1. A.सुलह समझौता खंड
  2. B.अनिवार्य दीवानी न्यायालय संदर्भ
  3. C.रक्षा अनुबंधों के लिए लोकपाल
  4. D.विधि मंत्रालय के अधीन अधिकरण
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सुलह समझौता खंड

व्याख्या

सही उत्तर सुलह समझौता खंड है। पुरानी प्रक्रिया असहमतियों को मध्यस्थता में भेजती थी, और संशोधित प्रक्रिया उसकी जगह सरल तथा उद्योग-अनुकूल सुलह खंड लाती है, जिससे घरेलू निर्माताओं की समस्याएं जल्दी सुलझें, जिसे मंत्रालय व्यापार सुगमता से जोड़ता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि दीवानी न्यायालय में अनिवार्य संदर्भ की कोई व्यवस्था नहीं की गई। विकल्प C गलत है, क्योंकि इस उद्देश्य के लिए कोई लोकपाल नहीं बनाया गया। विकल्प D भी गलत है, क्योंकि ऐसे मामलों के लिए किसी अन्य मंत्रालय के अधीन नया अधिकरण नहीं बना। पूरे पैकेज को भी याद रखें, क्योंकि आईडीईएक्स, प्रौद्योगिकी विकास निधि, मेक मार्ग और मंत्रालय की अन्य विकासात्मक योजनाओं की परियोजनाओं के लिए प्रूफ तथा परीक्षण शुल्क माफ हैं, दस्तावेज में उद्योग के लिए खुली रेंज और प्रयोगशालाओं की सूची है, और शुल्क लागू होने पर उसकी गणना तथा भुगतान की विधि भी उसी प्रक्रिया में जोड़ दी गई है।

Q3.रक्षामध्यम

विकासात्मक परियोजनाओं की परीक्षण फायरिंग के लिए प्रूफ रेंज में कितना समय आरक्षित किया गया है?

  1. A.प्रति माह एक दिन
  2. B.प्रति तिमाही तीन दिन
  3. C.प्रति छमाही पांच दिन
  4. D.प्रति वर्ष दस दिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. प्रति तिमाही तीन दिन

व्याख्या

सही उत्तर प्रति तिमाही तीन दिन है। संशोधित प्रक्रिया प्रूफ रेंज में यह समय सरकार द्वारा प्रायोजित विकासात्मक परियोजनाओं की परीक्षण फायरिंग के लिए खाली रखती है, जिसमें आईडीईएक्स, प्रौद्योगिकी विकास निधि और मेक मार्ग की परियोजनाएं तथा मंत्रालय की अन्य परियोजनाएं शामिल हैं, और उन विकासात्मक परियोजनाओं के लिए भी, जो स्वदेशी रक्षा उद्योग ने अपनी पहल पर शुरू की हैं। यह अंतिम बात महत्वपूर्ण है, क्योंकि किसी ऑर्डर से पहले उत्पाद विकसित करती कंपनी भी रेंज तक पहुंच पा सकेगी। विकल्प A, C और D आरक्षित समय के अन्य ढांचे बताते हैं, जो मंजूर व्यवस्था से मेल नहीं खाते। दस्तावेज का व्यापक उद्देश्य प्रूफ रेंज, फील्ड फायरिंग रेंज तथा परीक्षण सुविधाओं तक सरल, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल पहुंच देना है, साथ ही स्वदेशीकरण, नवाचार तथा रक्षा निर्यात को बढ़ावा देना है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किन परियोजनाओं के लिए प्रूफ और परीक्षण शुल्क माफ किए गए हैं?

आईडीईएक्स, टीडीएफ, मेक तथा रक्षा मंत्रालय की अन्य विकासात्मक परियोजनाओं के लिए शुल्क माफ किए गए हैं। इसका उद्देश्य विकासकर्ताओं के लिए रेंज तथा प्रयोगशाला परीक्षण की लागत घटाकर रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ाना है।

संशोधित एसओपी में मध्यस्थता प्रावधान की जगह क्या आया है?

मध्यस्थता की जगह सरल और उद्योग-अनुकूल सुलह समझौता खंड रखा गया है। इस बदलाव का उद्देश्य व्यापार सुगमता है, जिससे स्वदेशी रक्षा उद्योग की समस्याएं औपचारिक मध्यस्थता के मुकाबले जल्दी हल हों।

विकासात्मक परियोजनाओं के लिए रेंज में कितना समय आरक्षित है?

प्रूफ रेंज में विकासात्मक परियोजनाओं की परीक्षण फायरिंग के लिए प्रति तिमाही तीन दिन का समय अलग रखा गया है। इसमें आईडीईएक्स, टीडीएफ, मेक तथा अन्य मंत्रालय परियोजनाओं के सरकारी कार्य के साथ कंपनी की अपनी पहल पर शुरू परियोजनाएं भी शामिल हैं।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 7 अक्टूबर 2026

  1. फिजी में प्री-कॉप31 बैठक: भूपेंद्र यादव ने भारत का नेतृत्व कियापर्यावरण
  2. एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग: एनएसएएम 2.0 चरण में भारत की रणनीतिविज्ञान और प्रौद्योगिकी
  3. ट्राई का ड्राइव टेस्ट: बालासोर में मोबाइल नेटवर्क की जांचरिपोर्ट और सूचकांक
  4. पहला फ्लीट सपोर्ट शिप एफएसएस-1 विशाखापत्तनम में लॉन्चरक्षा
  5. 153वीं आईपीयू सभा: अरुषा में हरिवंश ने दिया भारत का उत्तरअंतरराष्ट्रीय
  6. पीयूष गोयल ने न्यूयॉर्क में अमेरिकी कंपनियों से बैठकें कींअर्थव्यवस्था
  7. पर्यावरण आर्थिक लेखा रणनीति 2026-2030 जारी, एमओएसपीआई का कदमरिपोर्ट और सूचकांक
  8. वस्त्र मंत्रालय ने स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान पूरा कियासरकारी योजनाएं
आज का क्विज25 प्रश्नपूरा संस्करण पढ़ें →
इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLUPSC सिविल सेवा